Tempsens Instruments IPO Allotment: 184 गुना सब्सक्राइब, लेटेस्ट GMP के साथ जानिए अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Tempsens Instruments IPO Allotment: इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सेक्टर की Tempsens Instruments के IPO के लिए आज, 25 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है। ₹650 करोड़ के इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इश्यू कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII की रही। इस कैटेगरी में IPO 314.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB ने 302.88 गुना बोली लगाई। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी भी 60.69 गुना सब्सक्राइब हुई।

Tempsens Instruments IPO की लिस्टिंग

कंपनी ने IPO के लिए ₹285 से ₹300 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। IPO 20 अगस्त को खुला था। 24 अगस्त को इसकी बोली बंद हो गई। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

GMP से लिस्टिंग पर कितना फायदा दिख रहा है?

Tempsens Instruments के शेयर को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। InvestorGain के मुताबिक, 25 अगस्त को इसका GMP करीब ₹317 था।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है। ऐसे में ₹317 का GMP जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹617 बनती है। यानी ₹300 के IPO Price के मुकाबले करीब 105.67% प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, यह रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।

Tempsens Instruments IPO अलॉट स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने भी इस IPO में पैसा लगाया है, तो अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए KFin Technologies और NSE की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

KFin Technologies से कैसे चेक करें?

KFin Technologies इस IPO की Registrar है।

  • स्टेप 1: KFin Technologies की IPO Status वेबसाइट खोलें।
  • स्टेप 2: IPO की लिस्ट में Tempsens Instruments चुनें।
  • स्टेप 3: PAN, Application Number या DP ID/Client ID में से कोई विकल्प चुनें।
  • स्टेप 4: मांगी गई जानकारी भरें।
  • स्टेप 5: Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।

NSE से कैसे चेक करें?

NSE की वेबसाइट पर भी IPO से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।

  • NSE के IPO Bid Details सेक्शन में जाएं।
  • Equity और SME IPO Bid Details का विकल्प चुनें।
  • Tempsens Instruments को चुनें।
  • अपनी एप्लिकेशन डिटेल्स डालें।
  • सबमिट करें और डिटेल देखें।

TCS Share Price: पोर्शे के साथ बड़ी डील के बाद भी क्यों गिरा TCS का शेयर? सिटी और HSBC ने जताई ये बड़ी चिंता

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

4% टूटा Federal Bank का शेयर, इस स्मॉल फाइनेंस बैंक में हिस्सेदारी की खरीदारी पर निगेटिव रिस्पांस

Federal Bank Share Price: फेडरल बैंक और जन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank) के बीच एक सौदे को लेकर बातचीत चल रही है और यह एडवांस स्टेज में पहुंच चुका है। इसका आज शेयरों पर निगेटिव असर दिखा और शेयर 4% से अधिक टूट गए। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक फेडरल बैंक इसमें कंट्रोलिंग स्टेक लेना चाहता है और जन स्मॉल फाइनेंस बैंक अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचना चाहता है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रमोटर्स की हिस्सेदारी हासिल करने के बाद फेडरल बैंक बाकी शेयरहोल्डर्स से शेयरों की खरीदारी के लिए ओपन ऑफर ला सकता है।

अभी फेडरल बैंक के शेयरों की बात करें तो बीएसई पर फिलहाल यह 2.77% की गिरावट के साथ ₹348 पर है जबकि इंट्रा-डे में यह 4.50% फिसलकर ₹341.80 तक आ गया था। वहीं जन स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर फिलहाल 2.09% की गिरावट के साथ ₹569.70 पर हैं तो इंट्रा-डे में यह 3.59% गिरकर ₹560.95 तक आ गया था।

कैसी है Federal Bank की सेहत

फेडरल बैंक के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। ब्याज से शुद्ध कमाई यानी NII की हेल्दी ग्रोथ और प्रोविजनिंग में गिरावट के दम पर इसकी कमाई जून 2026 तिमाही के दमदार रही। इसकी एसेट क्वालिटी में अच्छा सुधार दिखा लेकिन मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक इसका शुद्ध तिमाही में उम्मीद से थोड़ी हल्की रही।

जून 2026 तिमाही के फेडरल बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 36.6% बढ़कर ₹1177 करोड़ पर पहुंच गया जोकि ब्लूमबर्ग के पोल में ₹1186 करोड़ के लगाए गए अनुमान से थोड़ा कम रहा। इस दौरान बैंक की ब्याज से शुद्ध कमाई 26.1 बढ़कर ₹2,946 करोड़ पर पहुंच गई जोकि ₹2851 करोड़ के अनुमान से काफी अधिक रही।

बैंक का प्रोविजन सालाना आधार पर ₹400 करोड़ से गिरकर ₹316 करोड़ पर आ गया तो टैक्स पर खर्च ₹294.4 करोड़ से बढ़कर ₹402.7 करोड़ पर पहुंच गया। बैंक के एसेट क्वालिटी की बात करें तो इसमें सुधार दिखा और तिमाही आधार पर ग्रॉस एनपीए 1.62% से 1.52% तो नेट एनपीए 0.20% से 0.18% पर आ गया।

एक साल में कैसी रही सेहत

फेडरल बैंक के शेयरों ने निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले साल बीएसई पर 4 सितंबर 2025 को यह ₹188.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से शेयरों ने शानदार रिकवरी की और 11 महीने में यह 93.66% उछलकर इस महीने की शुरुआत में 4 अगस्त 2026 को ₹364.95 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IT Stock: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इन भारतीय IT कंपनियों की बढ़ाई रेटिंग, क्या आप करेंगे इनमें निवेश

IT Stock:  UBS ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय IT कंपनियों के लिए ग्रोथ के नए मौके बना रहा है, लेकिन AI से होने वाली कमाई अभी इतनी कम है कि यह तय नहीं किया जा सकता कि क्या यह पारंपरिक IT सर्विस पर पड़ने वाले कीमतों में गिरावट के दबाव (deflationary pressure) की भरपाई कर पाएगी या नहीं। ब्रोकरेज कंपनी अभी भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रही है और बड़ी Tier-1 कंपनियों के मुकाबले Tier-2 कंपनियों को ज़्यादा पसंद कर रही है।

यह ताज़ा आकलन उन ब्रोकरेज रिपोर्टों की कड़ी में एक और रिपोर्ट है जो भारत के IT सर्विस सेक्टर पर AI के असर को समझने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने भी इस सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी थी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया था कि भले ही AI नई कमाई के मौके बना रहा है, लेकिन इससे पारंपरिक सर्विस की कीमतों में गिरावट का जोखिम भी पैदा हो रहा है।

बड़ी IT कंपनियों में, UBS ने टेक महिंद्रा की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’  कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,460 से काफी बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया। इसके उलट, HCLTech के शेयर में हालिया तेज़ी के बाद उसने इसकी ‘Buy’ रेटिंग को बदलकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया, हालांकि इसका टारगेट प्राइस ₹1,390 से बढ़ाकर ₹1,415 कर दिया। UBS ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की रेटिंग भी ‘Buy’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दी, जिसकी मुख्य वजह वैल्यूएशन थी, जबकि इसका टारगेट प्राइस ₹5,995 से बढ़ाकर ₹6,250 कर दिया।

इसने कोफोर्ज (Coforge) की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,505 से काफी बढ़ाकर ₹2,400 कर दिया। Mphasis की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी गई और इसका टारगेट ₹2,440 से बढ़ाकर ₹2,980 कर दिया गया।

Tier-1 कंपनियों में, UBS का सबसे बड़ा रेटिंग बदलाव टेक महिंद्रा के लिए था। ब्रोकरेज ने शेयर की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट ₹1,460 से बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया।

UBS ने इन्फोसिस पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,425 से बढ़ाकर ₹1,445 कर दिया। TCS पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹2,545 से थोड़ा बढ़ाकर ₹2,565 कर दिया गया, जबकि विप्रो पर भी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹200 तय किया गया। LTM लिमिटेड (LTIMindtree) की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ बनी रही, हालांकि UBS ने इसका टारगेट प्राइस ₹4,080 से काफी बढ़ाकर ₹4,995 कर दिया।

AI के मौके बनाम पुराने बिज़नेस में गिरावट

UBS का कहना है कि इन्वेस्टर्स अब IT सर्विस सेक्टर को लेकर मंदी वाले कुछ बुनियादी तर्कों पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि भारतीय IT सेक्टर पर तेज़ी का रुख अपनाने के लिए अभी भी पर्याप्त सबूत नहीं हैं। पूरे सेक्टर की कमाई में AI से होने वाली कमाई का हिस्सा अभी भी बहुत कम है।

इससे एक अहम सवाल अनसुलझा रह जाता है। क्या AI से मिलने वाले मौके इतने बड़े होंगे कि वे पुरानी सर्विस (लेगेसी सर्विस) में होने वाली गिरावट की भरपाई कर सकें? ब्रोकरेज उन कंपनियों को प्राथमिकता देती है जो उनके फ्रेमवर्क पर अच्छा स्कोर करती हैं और काम को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं।

भारतीय IT सेक्टर को लेकर ब्रोकरेज अभी भी चुनिंदा रुख अपना रही हैं

UBS का यह आकलन CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ द्वारा भारतीय IT सेक्टर पर सावधानी भरा या चुनिंदा रुख अपनाने के कुछ दिनों बाद आया है। इन सभी ने AI के असर और मौजूदा कंपनियों व नई कंपनियों की संभावनाओं पर बार-बार चर्चा की है।

CLSA ने TCS, इंफोसिस और टेक महिंद्रा की रेटिंग को ‘होल्ड’ (बनाए रखें) और विप्रो व एमफेसिस की रेटिंग को ‘अंडरपरफॉर्म’ (कमज़ोर प्रदर्शन) कर दिया है, जबकि कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसी मिड-टियर कंपनियों को प्राथमिकता दी है। उनका कहना है कि बड़ी IT कंपनियों को पुरानी मैनेज्ड सर्विस में AI के कारण गिरावट और मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि AI का वॉल्यूम अंततः FY30 तक इस गिरावट के असर की भरपाई कर सकता है। इसके बाद कोटक ने कहा कि IT शेयरों में हालिया निचले स्तर से 15-35 प्रतिशत की तेज़ी के बाद इस सेक्टर का रिस्क-रिवॉर्ड (जोखिम-लाभ) आकर्षक से बदलकर संतुलित हो गया है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Vodafone Idea Share : 1 महीने में 13% भाग चुके वोडा-आइडिया को मिली तेजी की एक और वजह, क्या अब भी स्टॉक में की जा सकती है खरीदारी?

Vodafone Idea Share Price : वोडाफोन (Vodafone Idea) आज के सत्र में बजिंग स्टॉक है। इस स्टॉक में आज हमें 5% तक की तेजी देखने को मिल रही है। इस स्टॉक की खास बात यह है कि यह बड़े मूव्स के लिए ही जाना जाता है। पिछले 1 महीने में इसमें तकरीबन 13% की तेजी देखने को मिली है। वहीं, 1 साल का चार्ट पर नजर डालें तो नजर आएगा कि इसमें इस अवधि में भी बड़े मूव्स देखने को मिले। स्टॉक के टर्निंग पॉइंट की बात करें तो जब यह शेयर 11 रुपए का अपना एफपीओ का भाव पार कर गया तो फिर इसने पलट कर नहीं देखा। अभी यह स्टॉक 15 रुपए के आसपास के काफी अच्छे लेवल्स पर है।

स्टॉक में क्यों आ रही तेजी?

वास्तव में Vodafone Idea में बहुत कुछ पॉजिटिव चल रहा है। इसी के चलते हमें इसमें काफी अच्छा प्राइस एक्शन देखने को मिल रहा है। एक तो मीडिया रिपोर्ट्स यह बता रही है कि SBI की तरफ से कंपनी को बहुत जल्द ही फंडिंग मिल जाएगी। Vodafone Idea के लिए दो चीजें काफी अहम थीं। फंड मिलने से कंपनी को विस्तार पर होने वाले खर्च की चिंता से मुक्ति मिल जाएगी। कंपनी अब जैसे-जैसे फंड रेज करती जाएंगी इसकी बैलेंस शीट काफी सुधरती जाएगी और केपेक्स की पोजीशन भी काफी अच्छी हो जाएगी।

ब्रोकरेज हाउसेज की तरफ से भी बहुत सारी ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं जिसमें बताया गया है कि फंडिंग के मोर्चे पर हुई यह प्रोग्रेस है स्टॉक के लिए बहुत की पॉजिटिव है। इसके अलावा कंपनी को प्रमोटर्स की तरफ से भी सपोर्ट दिया गया है। साथ ही एजीआर का रिलीफ भी मिल गया। कैपेक्स में कमी की वजह से कंपनी दूसरी कंपनियों की तुलना में बहुत पीछे छूट गई थी। लेकिन अब आप देखें तो स्थिति लगातार सुधरती जा रही है। मैनेजमेंट भी कंपनी को लेकर कॉन्फिडेंट दिख रहा है। कंपनी को अब जिस तरह से फंडिंग मिल रही है उससे कैपेक्स में बढ़त होती दिखेगी।

इसके अलावा कपंनी के सब्सक्राइबर एडिशन और ARPU के ट्रेंड में भी सुधार देखने को मिला है। सब्सक्राइबर्स और ARPU में लगातार सुधार जारी है। वोडा-आइडिया के सब्सक्राइबर ट्रेंड पर नजर डालें तो इसने फरवरी में 22,000 से ज्यादा, मार्च में 1.02 लाख से ज्यादा, अप्रैल में 53000 से ज्यादा, मई में 1.21 से ज्यादा और जून में 1.63 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर एडिशन किया।

एक बात ध्यान रखने की है की भारतीय Airtel के केस में ARPU में लगातार बढ़त देखने को मिली है और जब कोई बड़ा प्लेयर ये अपनी कीमतें बढ़ाता है तो दूसरे प्लेयर्स को भी इसका फायदा होता है। ऐसे में Vodafone Idea के पास भी अपने प्लान्स की कीमतें बढ़ाने का मौका होगा। ऐसे में आगे कंपनी ARPU में लगातार बढ़त की गुंजाइश रहेगी।

इन बातों को ध्यान में रखते हुए ब्रोकरेज हाउस भी इस स्टॉक को लेकर बुलिश है। सिटी की तरफ से इस स्टॉक पर 17 रुपए का टारगेट प्राइस दिया गया है। हालांकि यह स्टॉक अब 5.50 फीसदी के गेन के साथ इन स्तरों के आसपास आ चुका है।

स्टॉक पर एक्सपर्ट की राय

Prudent Corporate के प्रदीप होतचंदानी का कहना है कि डेली चार्ट्स पर इस स्टॉक ने फ्रेश ब्रेकआउट कंफर्म किया है। अब इसका अगला मेजर टारगेट 17 रुपए के आसपास का है। इसी लेवल के आसपास इसक 500 हफ्ते का एवरेज भी है। यही इसका अगला टारगेट और रेजिस्टेंस भी है। अगर यह शेयर 17 रुपए को मजबूती के साथ क्रॉस कर लेता है तो फिर इसमें एक बड़ा ब्रेकआउट देखने को मिलेगा। लॉन्ग टर्म्स में इसमें और बड़े टारगेट आ सकते हैं। लेकिन अभी के लिए 17 रुपए का इनिशियल टारगेट लेकर चल सकते हैं। इसमें पिछले कुछ दिनों से कंसोलिडेशन का फेज था जहां से हमने ब्रेकआउट देखा है। अभी स्टॉक के लिए 14.20 रुपए के आसपास सपोर्ट दिख रहा है। इसी लेवल को स्टॉप लॉस रख के लॉन्ग पोजीशन होल्ड कर सकते हैं और फ्रेश खरीदारी भी कर सकते हैं।

 

निफ्टी और बैंक निफ्टी में सपोर्ट के पास गिरावट में खरीदारी की रणनीति करेगी काम, यह रियल्टी शेयर कर सकता है कमाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

3400 किस वाली कार की रील हुई वायरल, 55 लाख व्यूज के बाद पुलिस ने काटा 5500 रुपये का चालान

3400 किस वाली कार की रील हुई वायरल, 55 लाख व्यूज के बाद पुलिस ने काटा 5500 रुपये का चालान

kiss car

सोशल मीडिया पर वायरल होने और ज्यादा से ज्यादा व्यूज पाने का जुनून एक युवक को भारी पड़ गया। ग्वालियर में एक युवक ने अपनी कार को ही ‘किसिंग कार’ बना दिया। कार की पूरी बॉडी पर उसकी महिला मित्र ने लिपस्टिक से करीब 3400 होठों के निशान बनाए। इसके बाद युवक ने कार का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल हुआ तो मामला पुलिस तक पहुंच गया और यातायात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार को जब्त कर 5500 रुपये का चालान काट दिया। ALSO READ: कूड़े में फेंकी गई थीं एक्सपायरी चॉकलेट-टॉफियां, उठाने के लिए टूट पड़े लोग; वीडियो वायरल

 

3400 किस वाली कार का वीडियो हुआ वायरल

यातायात पुलिस के मुताबिक, करीब दो दिन पहले एमपी 07 सीसी 9452 नंबर वाली कार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में कार सड़क पर तेज रफ्तार से दौड़ती दिखाई दे रही थी। खास बात यह थी कि कार की पूरी बॉडी पर लाल रंग की लिपस्टिक से बने सैकड़ों होठों के निशान नजर आ रहे थे।

 

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार की पहचान शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने कार को थाटीपुर इलाके से बरामद कर लिया और उसे यातायात थाने ले आई।
 

पुलिस ने काटा 5500 रुपये का चालान

कार मालिक को थाने बुलाकर पुलिस ने वायरल वीडियो के बारे में पूछताछ की। युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पुलिस से माफी मांगी और आगे ऐसी गलती नहीं दोहराने की बात कही।

 

इसके बाद मोटर व्हीकल एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार का 5500 रुपये का चालान किया गया। पुलिस के सामने कार की बॉडी पर लगे लिपस्टिक के निशानों को पानी से साफ भी कराया गया।

 

यातायात थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी ने बताया कि वायरल वीडियो में कार तेज रफ्तार में चलती दिखाई दे रही थी। वीडियो के आधार पर वाहन की पहचान कर कार्रवाई की गई। ALSO READ: मौत के बाद खुला भिखारी महिला का राज! 30 से ज्यादा बोरियों में मिले नोट-सिक्के, निकले 8.40 लाख रुपये

 

साढ़े तीन घंटे में बनाए गए थे 3400 निशान

पूछताछ में कार मालिक आदित्य सिकरवार ने बताया कि वह इंस्टाग्राम के लिए रील बनाता है और कार के इस अनोखे वीडियो को वायरल करने की उम्मीद थी। उसके मुताबिक, वीडियो को एक दिन में करीब 55 लाख व्यूज भी मिल गए।

 

आदित्य ने पुलिस को बताया कि कार पर लिपस्टिक के निशान उसने खुद नहीं बनाए थे। कार खड़ी होने के दौरान उसकी एक महिला मित्र ने पूरी बॉडी पर किस किए थे। करीब 3400 निशान बनाने में लगभग साढ़े तीन घंटे लगे।

 

इसके बाद कार का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया। उसका मकसद एक अलग तरह की रील तैयार करके सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना था।

 

वायरल रील के चक्कर में नियम न तोड़ें

इस मामले के सामने आने के बाद यातायात पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए सड़क पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने या यातायात नियमों की अनदेखी नहीं करने की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता के लिए सड़क पर लापरवाही करना न केवल कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है, बल्कि सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।

निफ्टी और बैंक निफ्टी में सपोर्ट के पास गिरावट में खरीदारी की रणनीति करेगी काम, यह रियल्टी शेयर कर सकता है कमाल

बाजार में कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 11.10 बजे के आसपास सेंसेक्स 147.21 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 77,221.90 पर और निफ्टी 72.95 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 24,146.10 पर कारोबार कर रहा था। मेटल ,IT और डिफेंस शेयर बाजार पर दबाव बना रहे हैं। ऑटो रियल्टी और सीमेंट में भी कमजोरी है। हालांकि कैपिटल मार्केट शेयरों में खरीदारी आई है। फर्टिलाइजर शेयरों में जोरदार एक्शन देखने को मिल रहा है। FACT,मद्रास फर्टिलाइजर और RCF में 5 से 13 फीसदी तक की दमदार तेजी देखने को मिली है। NFL और चंबल जैसे दूसरे फर्टिलाइजर शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिल रही है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत को फर्टिलाइजर सप्लाई बढ़ाने के भरोसे के बाद इन शेयरों का जोश बढ़ा है।

10 फीसदी डिस्काउंट में OFS आने के चलते हिंदुस्तान कॉपर में 7 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है। मार्केट रेगुलेटर सेबी से फ्रॉड और गड़बड़ी के आरोपों के मामले में क्लीन चिट मिलने से मैक्स फाइनेंशियल में भी तेजी है। यह शेयर एक फीसदी से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। साथ ही LIC,न्यू इंडिया इंश्योरेंस और SBI LIFE में भी हल्की बढ़त है।

बाजार पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि अगर हम निफ्टी की बात करें तो पिछले कुछ दिनों से यहां पर थोड़ा सा साइडवेज टू नेगेटिव मोमेंटम रहा है। अच्छी बात ये है कि पिछले दो-तीन दिनों में निफ्टी ने 24100 पर एक सपोर्ट लिया और यहां से थोड़ी रिकवरी दिखाने की कोशिश की है। निफ्टी के लिए 24100 का लेवल अब मेक और ब्रेक लेवल बन गया है। अगर यह लेवल तो दिक्कतें बढ़ सकती है। हाल में इसमें थोड़ी रिकवरी आई है लेकिन अगर हम इंट्राडे मूवमेंट की बात करें तो मार्केट थोड़ा सा ड्रैग डाउन कर रहा है। ऊपर की तरह 24350 पर स्थित 200 डेमा निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस है। उसके ऊपर निकलने पर ही नई तेजी आएगी।

इस समय बाजार 24100-24300 की एकदम टाइट रेंज में है। निफ्टी समय काफी अच्छे सपोर्ट के पास है। इसको ध्यान में रखते हुए अभी भी गिरावट पर खरीदारी की सलाह होगी। निफ्टी में कोई डिप मिलने पर 24100 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की जा सकती है। अगर निचले लेवल से 100-1010 पॉइंट की इंट्राडे बढ़त मिले तो वहां पर मुनाफा बांधना चाहिए।

Market Trend : बाजार में कमजोरी कायम, शॉर्ट टर्म में अच्छे रिटर्न के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

बैंक निफ्टी व्यू

इसी तरह बैंक निफ्टी भी अपने अहम मूविंग एवरेजेज के आसपास ही है। यहां पर भी मोमेंटम थोड़ा सा कमजोर है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का लेवल मेक ऑर ब्रेक लेवल है। जब तक 57,000 का स्तर कायम है बैंक निफ्टी में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह होगी। लेकिन ओवरऑल नजरिए से देखें तो मार्केट में मोमेंटम गायब है।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए अमित सेठ ने कहा कि इस समय रियलस्टेट सेक्टर काफी अच्छा लग रहा है। यहां पर एक-डेढ़ महीने पहले एक स्ट्रांग अप ट्रेंड देखने को मिला था। उसके बाद यह सेक्टर थोड़ा सा पुलबक मोड में चला गया था। चार्ट्स देख कर लग रहा है कि इस सेक्टर के अधिकांश स्टॉक्स में पुलबैक पूरा हो चुका और यह सेक्टर फिर से तेजी के लिए तैयार है। इस सेक्टर में गोदरेज प्रॉपर्टीज काफी अच्छा लग रहा है। इस स्टॉक ने पुलबैक में लगभग 50 डेमा के आसपास एक अच्छा सपोर्ट बेस बनाया और कल के सत्र में इसने एक बार फिर 10 और 20 डेमा क्रॉस कर लिया। यह स्टॉक अच्छा-खासा रिवर्सल दिखा रहा है। इंट्राडे में कोई भी गिरावट आती है तो भी गोदरेज प्रॉपर्टीज में 2040 रुपए के आसपास, 2020 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 2080 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

गुरुग्राम में बारिश का ऐसा कहर कि करोड़ों के फ्लैट और लग्जरी कारें भी बेकार! स्कूल चलेंगी ऑनलाइन, ऑफिसों में WFH

Gurugram Rain: देश के सबसे महंगे और आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले गुरुग्राम की चमक तेज बारिश के सामने फीकी पड़ गई है। हरियाणा के इस प्रमुख शहर में भारी जलभराव ने आम लोगों से लेकर करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी और लग्जरी कारों तक सबको एक ही कतार में ला खड़ा कर दिया है। हालत यह रही कि महंगे इलाकों में रहने वाले लोगों को भी पानी से भरी सड़कों पर निकलने में भारी परेशानी हुई।

बारिश के कारण गुरुग्राम की कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए। ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई जगह स्कूल बसें तथा एंबुलेंस तक जलभराव में फंस गईं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने आज यानी 25 अगस्त को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में क्लासेस ऑनलाइन कराने का निर्देश दिया है। वहीं कॉरपोरेट और निजी कंपनियों को कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा देने की सलाह दी गई है।

75 MM बारिश ने बिगाड़े हालात

जिला प्रशासन ने बताया कि सोमवार को गुरुग्राम में 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजीव चौक, इफ्को चौक, रेलवे रोड, सेक्टर-5, पुरानी दिल्ली रोड, महरौली रोड और बसई रोड समेत प्रमुख इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। नाहरपुर अंडरपास में भी पानी भर गया। कई सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। लोग पानी से भरी सड़कों से गुजरते दिखाई दिए। पुराने गुरुग्राम के सदर बाजार, गुरुद्वारा रोड और पुरानी दिल्ली रोड समेत कई इलाकों में जलभराव के कारण घंटों तक भारी जाम लगा रहा।

ट्रैफिक जाम से हाहाकार

ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिरहौल बॉर्डर, राजीव चौक, नरसिंहपुर और कुछ अन्य जगहों पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। उन्होंने कहा कि स्थिति संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ‘साइबर हब’ के पास गेटवे टावर मेट्रो स्टेशन के सामने एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया, जिससे प्रमुख मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ।

शीतला माता रोड पर बुरा हाल

शीतला माता रोड भी सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रहा। इस सड़क पर मानसून में अक्सर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बारिश के दौरान नगर निगम के अधिकारी मौके पर सक्रिय रहे। नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया और अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त यश जालुका ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों के साथ जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया।

स्कूल बसों में फंसे बच्चे, 5-6 घंटे की देरी

बारिश का सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों पर देखने को मिला। कई स्कूल बसें पानी में फंस गईं और बच्चों को घर पहुंचने में सामान्य से 5 से 6 घंटे ज्यादा समय लगा। जलभराव के कारण कई परिवारों को अपने बच्चों के घर लौटने को लेकर घंटों चिंता में रहना पड़ा। यही वजह है कि प्रशासन ने 25 अगस्त को स्कूलों को ऑनलाइन करने का फैसला लिया।

करोड़ों की प्रॉपर्टी भी नहीं बचा पाई

गुरुग्राम की पहचान देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों में होती है। गोल्फ कोर्स रोड जैसे इलाकों में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी मौजूद है। लेकिन सोमवार 24 अगस्त को हुई बारिश ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया- क्या करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी भी खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और जलभराव से बचा सकती है?

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस स्थिति को लेकर कई पोस्ट किए। कुछ लोगों ने यह तक कहा कि शहर में करोड़ों रुपये के फ्लैट और महंगी कारें होने के बावजूद अगर सड़कें पानी में डूब जाएं तो इन संपत्तियों की असली उपयोगिता कितनी रह जाती है।

एक सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया कि उसने कार खरीदने के बजाय अपना पैसा शेयर बाजार में निवेश किया था। लेकिन बारिश के दौरान उसे एक बाइक सवार ने मदद करके सुरक्षित जगह तक पहुंचाया। इस घटना ने गुरुग्राम के जलभराव और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहस को और तेज कर दिया।

तीसरी बार बारिश ने रोका गुरुग्राम

इस मानसून में यह पहली बार नहीं है जब गुरुग्राम की रफ्तार थमी हो। इससे पहले 9 जुलाई को भी लगातार बारिश के बाद निजी संस्थानों और कॉरपोरेट ऑफिसों के लिए WFH की सलाह दी गई थी। अगस्त के पहले सप्ताह में भी लगातार बारिश के बाद दो दिन के लिए WFH एडवाइजरी जारी की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में गुरुग्राम में करीब 97 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। कई निचले इलाकों में पानी भर गया था।

₹1,400 करोड़ खर्च के बावजूद उठे सवाल

बारिश के बाद गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुग्राम पर करीब ₹1,400 करोड़ खर्च किए जाने के बावजूद शहर बारिश के दौरान जलभराव से जूझ रहा है। सुरजेवाला ने स्कूल बसों के फंसने, सड़कों पर पानी भरने और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर में आज भी भारी बारिश हो रही है।

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Viral Video: कानपुर में कचरे के ढेर पर फेंकी गई एक्सपायर्ड चॉकलेट्स के लिए मची भयंकर लूट, क्या इसे बच्चों को खिलाएंगे?

Kanpur expired chocolate dump: सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के कानपुर का एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कानपुर के पनकी में कचरे के ढेर पर फेंकी गई एक्सपायर्ड टॉफियों और चॉकलेट्स को उठाने के लिए लोगों में होड़ मची हुई है। एक फैक्ट्री द्वारा कचरे में फेंकी गई इन मिठाइयों और चॉकलेट्स को इकट्ठा करने के लिए पुरुषों और महिलाएं टूट पड़े हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही फूड सेफ्टी, वेस्ट मैनेजमेंट और गरीबी को लेकर बहस छिड़ गई है कि कोई एक्सपायर्ड चॉकलेट के लिए कैसे क्रेजी हो सकता है और क्या लोग इसे घर ले जाकर अपने बच्चों को खिलाएंगे?

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @Delhiite नाम के यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे अजीब होड़ बताया है। यूजर का कहना है कि एक्सपायर्ड चॉकलेट लूटने के लिए टूट पड़े लोगों में बुनियादी कॉमन सेंस पूरी तरह से गायब नजर आया।

वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर लोगों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने जहां एक्सपायर्ड चीजों को उठाने वालों की आलोचना की और इसके हेल्थ पर पड़ने वाले खराब असर की बात कही, तो दूसरे कुछ लोगों का मानना था कि इस घटना को गरीबी और महंगाई के नजरिए से भी देखा जाना चाहिए।

महंगाई और गरीबी पर छिड़ी तीखी बहस

कचरे के ढेर पर मची इस लूट को लेकर कई यूजर्स ने देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक तंगी पर चिंता जताई। एक यूजर ने कमेंट करते हुए तंज कसा कि भाई महंगाई इतनी बढ़ गई है कि अब कचरा भी बजट शॉपिंग डेस्टिनेशन बन गया है। वहीं दूसरे यूजर ने सहानुभूति जताते हुए लिखा कि यह सामान्य समझ की कमी से ज्यादा गरीबी और असमर्थता को दर्शाता है। इसी गरीबी ने लोगों को कचरे से खाना उठाने पर मजबूर किया होगा। एक दूसरे व्यक्ति ने लिखा कि सोचिए उस स्तर तक पहुंचने के लिए कितनी तंगी रही होगी कि लोग इस जोखिम को उठाने के लिए तैयार हो गए।

कुछ यूजर्स ने लोगों के पहनावे को लेकर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा कि जिस तरह से लोगों ने कपड़े पहने हैं, उससे लगता है कि वे सभी स्कूल और कॉलेज गए होंगे। समझ नहीं आता कि उन्हें क्या सिखाया गया है कि वे एक्सपायर्ड सामान उठा रहे हैं। दूसरे यूजर ने लिखा कि लोग फ्री की टॉफियों के लिए इंफेक्शन का खतरा मोल ले रहे हैं, ऐसा लगता है जैसे कॉमन सेंस गायब हो चुका है।

कंपनी और FSSAI पर उठे सवाल, नियमों के उल्लंघन का आरोप

इस पूरी घटना के बाद कंपनियों द्वारा खराब और एक्सपायर्ड सामान को नष्ट करने के तरीके पर भी सवाल उठे हैं। सोशल मीडिया पर एफएसएसएआई और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए एक यूजर ने लिखा कि उस फैक्ट्री मालिक को जल्द से जल्द पकड़ा जाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए क्योंकि एक्सपायर्ड सामान को नष्ट करने की एक तय प्रक्रिया होती है। एक दूसरे यूजर ने कहा कि एक्सपायर्ड आइटम को निपटाने का यह मानक तरीका नहीं है और इसके लिए दोषी ब्रांड के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यह लेख यूजर-जनरेटेड कंटेंट और सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। ओरिजिनल पोस्ट में किए गए दावों की मनीकंट्रोल द्वारा स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।)

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Stock Market Holiday: क्या रक्षाबंधन पर 28 अगस्त को बंद रहेगा शेयर बाजार? जानिए NSE और BSE का आधिकारिक अपडेट

Raksha Bandhan Holiday 2026: रक्षाबंधन का त्योहार इस हफ्ते शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। ऐसे में शेयर बाजार के निवेशकों और ट्रेडर्स के मन में यह सवाल है कि क्या 28 अगस्त को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में कारोबार होगा या छुट्टी रहेगी।

अगर आप भी 28 अगस्त को ट्रेडिंग का प्लान बना रहे हैं, तो NSE और BSE की आधिकारिक हॉलीडे लिस्ट का यह अपडेट जरूर जान लें।

क्या 28 अगस्त, रक्षाबंधन को खुला रहेगा शेयर बाजार?

BSE और NSE के आधिकारिक हॉलीडे कैलेंडर के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर शेयर बाजार में कोई छुट्टी नहीं है। बाजार सामान्य रूप से अपने तय समय पर खुला रहेगा और ट्रेडिंग चालू रहेगी।

किन सेगमेंट्स में होगा कारोबार: इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, NDS-RST और ट्राई पार्टी रेपो समेत सभी सेगमेंट्स में सामान्य दिनों की तरह ट्रेडिंग होगी।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन कमोडिटी मार्केट में भी मॉर्निंग और इवनिंग दोनों सेशंस में कामकाज चालू रहेगा।

साल 2026 के बचे हुए महीनों में कब-कब बंद रहेगा शेयर बाजार?

स्टॉक एक्सचेंज कैलेंडर के अनुसार, साल 2026 के बाकी बचे महीनों में भारतीय शेयर बाजार में कुल 6 ट्रेडिंग हॉलीडे शेड्यूल हैं:

सितंबर: 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर अगला ट्रेडिंग हॉलीडे रहेगा।

अक्टूबर: 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती और 20 अक्टूबर को दशहरा पर बाजार बंद रहेगा।

नवंबर: 10 नवंबर को दिवाली-बलिप्रतिपदा और 24 नवंबर को प्रकाश गुरुपर्व श्री गुरु नानक देव जी के अवसर पर छुट्टी रहेगी।

दिसंबर: 25 दिसंबर को क्रिसमस के उपलक्ष्य में बाजार में कारोबार स्थगित रहेगा।

28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन शेयर बाजार पूरी तरह चालू रहेगा। निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए शुक्रवार का दिन सामान्य कारोबारी दिन रहेगा। ट्रेडर अपनी ट्रेडिंग और इनवेस्टमेंट प्लानिंग बिना किसी रुकावट के बना सकते हैं।