Lumino Industries IPO: 27 अगस्त से खुलेगा ₹700 करोड़ का आईपीओ, GMP दे रहा 58% मुनाफे का संकेत

Lumino Industries IPO: कोलकाता की कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर बनाने वाली कंपनी Lumino Industries का IPO 27 अगस्त को खुलेगा। कंपनी इस इश्यू से करीब ₹700 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। IPO का प्राइस बैंड ₹78 से ₹82 प्रति शेयर तय किया गया है।

इसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। वहीं करीब 2.44 करोड़ शेयरों का OFS होगा। IPO 31 अगस्त को बंद होगा।

Lumino Industries IPO की पूरी डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO खुलने की तारीख27 अगस्त 2026
IPO बंद होने की तारीख31 अगस्त 2026
फेस वैल्यू
₹5 प्रति इक्विटी शेयर

IPO प्राइस बैंड₹78 से ₹82 प्रति शेयर
इश्यू साइजकरीब ₹700 करोड़
फ्रेश इश्यूकरीब ₹500 करोड़
ऑफर फॉर सेल (OFS)करीब 2,43,90,242 इक्विटी शेयर

Lumino Industries IPO का GMP

ग्रे मार्केट में Lumino Industries के IPO को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इनवेस्टरगेन के मुताबिक, Lumino Industries का लेटेस्ट GMP ₹48 है।

यह अपर प्राइस बैंड से 58.54% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं होता और लगातार बदलता भी रहता है।

प्रमोटर बेचेंगे ₹200 करोड़ के शेयर

IPO में ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। इसके अलावा प्रमोटर देवेंद्र गोयल और उनके बेटे जय गोयल ₹200 करोड़ तक के शेयर OFS के जरिए बेचेंगे।

कंपनी ने पहले ₹1,000 करोड़ का IPO लाने की योजना बनाई थी। तब ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹400 करोड़ का OFS प्रस्तावित था। बाद में इश्यू का आकार घटाकर करीब ₹700 करोड़ कर दिया गया।

IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल

Lumino Industries फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में लगाएगी। कंपनी करीब ₹337 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान के लिए करेगी।

जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,856.7 करोड़ का कर्ज था। इसके अलावा ₹15 करोड़ मशीनरी और उपकरण खरीदने, सिविल वर्क और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विकास पर खर्च किए जाएंगे।

कंपनी का कारोबार क्या है?

Lumino Industries कंडक्टर, पावर केबल और दूसरे स्पेशलाइज्ड इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी के ग्राहक बड़े EPC प्लेयर हैं।

इनमें Kalpataru Projects International, Jackson और R S Infraprojects जैसे नाम शामिल हैं। कंपनी अमेरिका, माली, बुर्किना फासो, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या, घाना, रवांडा और इथियोपिया जैसे देशों में भी अपने प्रोडक्ट बेचती है।

कारोबार का हाल कैसा है?

वित्त वर्ष 2025-26 में Lumino Industries का मुनाफा ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹124.6 करोड़ था। यानी मुनाफे में 28.4% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ा।

FY26 में रेवेन्यू ₹2,041 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹1,918 करोड़ था। यानी इसमें 6.4% की बढ़ोतरी हुई। FY26 में कंपनी की कुल बिक्री में घरेलू कारोबार की हिस्सेदारी 98% रही। वहीं वित्त वर्ष के अंत में कंपनी की ऑर्डर बुक ₹3,149.8 करोड़ थी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Technicals : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जाने कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति, निफ्टी-बैंक निफ्टी में किन लेवल्स पर रहे नजर

Market Technicals : आज बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। बाजार की चाल सुस्त रही। निफ्टी 0.13% की गिरावट के साथ 24,219.05 पर और सेंसेक्स 0.22% की गिरावट के साथ 77,369.11 पर बंद हुआ। सेक्टर नजरिए से देखें तो मेटल और रियल्टी सेक्टर में बढ़त रही,जबकि डिफेंस,बैंक,सीमेंट और ऑटो सेक्टर में गिरावट देखी गई। निफ्टी 50 में सबसे ज़्यादा बढ़त जेएसडब्ल्यूस्टील, हिंडाल्को और टाटास्टील में रही। वहीं,एसबीआईलाइफ,बजाज फाइनेंस और अदानीपोर्ट्स में गिरावट रही।

पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से मेटल शेयरों में तेजा देखने को मिल रही है। सप्लाई में दिक्कत,घटते स्टॉक और मज़बूत मांग के कारण स्टील,कॉपर,एल्युमीनियम और जिंक की ग्लोबल कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भी इस सेक्टर को सहारा मिला है। आज निफ्टी मेटल्स में 1.59% की तेजी आई।

आज हिंदुस्तान जिंक सुर्खियों में रहा क्योंकि सरकार अगले दो हफ्तो में इसमें ऑफर फ़ॉर सेल लाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्र सरकार 1.5-2% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4,000-5,000 करोड़ रुपये जुटाने की सोच रही है,जो ऑफर के फ़ाइनल साइज़ और कीमत पर निर्भर करेगा। आज हिंदुस्तान जिंक 2.2% बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, पिछले 3 ट्रेडिंग सेशन में इसमें लगभग 7% की तेजी आई है।

सोने की कीमतों में तेजी से मुथूट फाइनेंस और मन्नापुरम जैसी गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को भी फायदा हुआ है। इनके शेयरों में 5.72% और 2.21% से ज्यादा की तेजी आई है। सोने की कीमतों में बढ़ोतरी से गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को फायदा हो सकता है। इससे गिरवी रखी गई संपत्ति (कोलेटरल) की वैल्यू बढ़ती है,लेंडर की सिक्योरिटी मजबूत होती है और लोन ग्रोथ को भी बढ़ावा मिल सकता है।

एंजेल वन के चीफ मैनेजर-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च,ओशो कृष्ण का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों की वजह से भारतीय इक्विटी मार्केट में बढ़त के साथ शुरुआत हुई और बेंचमार्क इंडेक्स ने एक्सपायरी वाले हफ्ते की शुरुआत जोश के साथ की। हालांकि,बाद में फॉलोअप खरीदारी न होने से शुरुआती तेजी कमज़ोर पड़ गई और इंडेक्स नीचे आ गया,जिससे बुलिश गैप का दोबारा टेस्ट हुआ। इसके बाद, CAS सेशन के बाद निफ्टी ने नुकसान की कुछ भरपाई की और 24200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जिससे सेशन का अंत 0.14% की मामूली गिरावट के साथ हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो पोजीशन अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। 20-DEMA एक बड़ी रुकावट के तौर पर सामने आ रहा है और लगातार रिजेक्शन का कारण बन रहा है। हालांकि,हाल ही में मंदी के कमजोर पड़ने के संकेतों ने रिवर्सल की उम्मीद जगाई है, लेकिन तेजी या गिरावट की रफ्तार (मोमेंटम)अभी भी धीमी है। बाजार की नजर किसी ऐसे अहम संकेत पर है जिससे खरीदारी में तेजी आए। अगर गिरावट आती है तो 24150-24100 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 24050-24000 का जोन एक मजबूत सपोर्ट जोन बना रहेगा।

ऊपर की तरफ,24300 के आसपास स्थित 20-DEMA का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस स्तर के ऊपर बढ़त कायम रहती है तो टेक्निकल सेटअप मजबूत होगा और आने वाले समय में 24500 के स्तर तक की रिकवरी का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल,सतर्कता बरतना ही समझदारी होगी। ट्रेडरों को सलाह है कि जब तक बाजार रुझान साफ न हो जाए,तब तक आक्रामक रुख न अपनाएं। अगस्त माह की एक्सपायरी के दौरान वोलैटुलिटी बढ़ने की भी आशंका है। इसलिए,ट्रेडरों के अनुशासित तरीके से रिस्क मैनेज करते हुए सीमित निवेश करना चाहिए और बाजार के अहम संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में हेड -टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी की गैप-अप ओपनिंग टिक नहीं पाई क्योंकि इंडेक्स पर जबरदस्त बिकवाली का दबाव बना और दिन चढ़ने के साथ यह नीचे गिरकर 0.14% की गिरावट के साथ 24219 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने लोअर विक के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। चार्ट पर यह लोअर विक मुख्य रूप से इसलिए बना क्योंकि इंडेक्स ने दूसरे हाफ के आखिर में अपने शुरुआती नुकसान का कुछ हिस्सा रिकवर कर लिया था। इंडेक्स को अपने 20-डे EMA के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह नीचे बंद हुआ। ADX इंडिकेटर पर DI-लगातार DI+ से ऊपर बना हुआ है,जो बुल्स पर बेयर्स के लगातार बने दबदबे को दिखाता है।

मिडकैप इंडेक्स ने एक पतली बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी विक्स थीं। इससे पता चलता है कि इंट्राडे में कोई साफ दिशा नहीं थी। स्मॉलकैप इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी,जो ऊपरी लेवल पर प्रॉफ़िट बुकिंग को दिखाती है। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद, स्मॉलकैप इंडेक्स मिडकैप और लार्जकैप के मुकाबले बेहतर स्थिति में है,जैसा कि इसके संबंधित रेश्यो चार्ट में बढ़ती रेश्यो लाइन से पता चलता है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24070-24050 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23900 और फिर 23750 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24370 के जोन में है।

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बैंक निफ्टी आउटलुक

 सुदीप शाह का कहना है कि  बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। दिन के दौरान इसमें तेज गिरावट आई,लेकिन बाद में,खासकर दूसरे हाफ के आखिर में इसमें कुछ रिकवरी हुई और इंडेक्स ने नुकसान की कुछ भरपाई की। आखिरकार,यह 0.41% गिरकर 57526 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिख रही है। अगस्त की शुरुआत से ही बैंक निफ्टी 1246 अंकों की रेंज में ही घूम रहा है जो बाजार में अनिश्चितता और साइडवेज रहने के संकेत है। गिरता हुआ ADX भी इस बात की पुष्टि करता है कि बाजार में कोई मजबूत दिशा वाला ट्रेंड नहीं है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 जोन में है। अगर यह इस जोन के नीचे बना रहता है,तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56600 और फिर 56200 तक टूट सकता है। ऊपर की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 जोन में है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप के स्टॉक में 42% कमाई का मौका! मोतीलाल ओसवाल ने ₹1500 का टारगेट दिया

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप की FMCG कंपनी Tata Consumer Products के शेयर को लेकर ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal काफी पॉजिटिव है। ब्रोकरेज ने शेयर पर Buy रेटिंग दी है। साथ ही इसका टारगेट प्राइस ₹1,500 रखा है। अभी शेयर करीब ₹1,057.90 पर है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 42% की तेजी की गुंजाइश है।

₹1,500 तक क्यों जा सकता है शेयर?

टाटा कंज्यूमर अब सिर्फ चाय और नमक की कंपनी नहीं रही। कंपनी लगातार नए कारोबार में उतर रही है। Tata Sampann, Tata Soulfull, Organic India और Capital Foods जैसे ब्रांड तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे कंपनी का ग्रोथ पोर्टफोलियो मजबूत हो रहा है।

कंपनी नए प्रोडक्ट भी तेजी से लॉन्च कर रही है। FY25 में 41 नए प्रोडक्ट आए थे। FY26 में यह संख्या बढ़कर 80 हो गई। इनमें 55% प्रोडक्ट हेल्थ और वेलनेस से जुड़े थे। यानी कंपनी अब इस सेगमेंट पर खास जोर दे रही है।

ऑनलाइन बिक्री बनी बड़ा सहारा

Tata Consumer के लिए ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं। FY22 में भारत के कारोबार में इन चैनलों की हिस्सेदारी 19% थी। FY26 में यह बढ़कर 41% हो गई। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स से मिलकर कंपनी को 19% रेवेन्यू मिल रहा है।

कंपनी की पहुंच भी बढ़ी है। FY26 में कंपनी 45 लाख आउटलेट तक पहुंच चुकी थी। इसका फायदा नए प्रोडक्ट को तेजी से बाजार में उतारने में मिल सकता है।

कमाई बढ़ने का अनुमान

Motilal Oswal को उम्मीद है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का रेवेन्यू करीब 10% CAGR से बढ़ेगा। EBITDA में 16% और मुनाफे में 21% CAGR का अनुमान है। इसी उम्मीद के आधार पर ब्रोकरेज ने ₹1,500 का टारगेट दिया है।

टाटा कंज्यूमर के इंटरनेशनल कारोबार पर कॉफी की महंगी कीमतों का असर पड़ा था। अब इसमें राहत मिल रही है। FY27 की पहली तिमाही में Arabica की कीमत 6% और Robusta की कीमत 9% तिमाही आधार पर घटी। इससे खासकर अमेरिकी कारोबार के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

टाटा कंज्यूमर के शेयर

टाटा कंज्यूमर का शेयर सोमवार को 0.85% की बढ़त के साथ 1,057.90 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में यह 10.20% टूटा है। वहीं, 1 साल में 2.19% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.05 लाख करोड़ रुपये है।

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Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 25 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 24 अगस्त को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के आसपास रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 171.72 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 77,369.11 पर और निफ्टी 32.95 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 24,219.05 पर बंद हुआ। आज लगभग 1970 शेयरों में बढ़त हुई, 2278 शेयरों में गिरावट आई और 199 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,बजाज फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में हिंडाल्को,JSW स्टील,डॉ. रेड्डीज़ लैब्स,टाटा स्टील और HCL टेक्नोलॉजीज शामिल रहे।

IT,एनर्जी,मेटल और रियल्टी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक में 1% की गिरावट आई,जबकि प्राइवेट बैंक,मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.3-0.5% की गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.13% की बढ़त हुई,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.26% की गिरावट आई।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग दिखी। निफ्टी 33 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 171 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर की बात करें तो मेटल इंडेक्स में 1.50 फीसदी से ज्यादा की तेजी रही,जबकि PSU बैंक और डिफेंस इंडेक्स में लगभग 1 फीसदी की गिरावट आई।

टेक्निकल तौर पर,पॉज़िटिव शुरुआत के बाद मार्केट को ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव झेलना पड़ रहा है। डेली चार्ट पर बेयरिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर रिवर्सल पैटर्न मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने के संकेत दे रहे हैं।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि 24,250 का लेवल निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम करेगा। जब तक इंडेक्स इस लेवल के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक कमजोरी का ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। नीचे की तरफ,निफ्टी 24,000-23,950 तक गिर सकता है। दूसरी ओर 24,250 के ऊपर जाने पर मार्केट में रिकवरी आ सकती है और यह 24,350-24,400 तक जा सकता है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे का कहना है कि अच्छी शुरुआत के बाद इंडेक्स नीचे गिर गया क्योंकि ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन घटाते दिखे। इंट्राडे में निफ्टी 24,200 के सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया था,लेकिन क्लोजिंग के समय उसने इसे फिर से हासिल कर लिया।

मंगलवार को बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है क्योंकि ट्रेडर्स ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान की संभावित प्रतिक्रिया के आधार पर अपनी पोजीशन में बदलाव करेंगे। यह अहम घटना NSE की मंथली F&O एक्सपायरी के साथ ही होगी जो एक अहम इवेंट है। इसलिए,मंगलवार को बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।

निचले स्तर पर नफ्टी के लिए 24,200/24,000 पर सपोर्ट है। ऊपरी स्तर पर,24,350 एक अहम रेजिस्टेंस लेवल का काम कर सकता है,जिसके ऊपर जाने पर निफ्टी में अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल सकती है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी आज डेली चार्ट पर बेयरिश कैंडलस्टिक के साथ बंद हुआ है। यह ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली के दबाव को दिखाता है। इंडेक्स अभी भी कंसोलिडेशन फेज में है,जो मार्केट में दुविधा और किसी साफ दिशा के बारे में पक्के भरोसे की कमी को दिखाता है। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57,300 पर है (जो सोमवार के निचले स्तर के आसपास है),जबकि रेजिस्टेंस 58,000 के आसपास दिख रहा है,जो गिरती हुई ट्रेंडलाइन के साथ मेल खाता है।

जब तक कोई साफ ब्रेकआउट या ‘ब्रेकडाउन नहीं होता,तब तक इंडेक्स के एक दायरे में ही रहने की संभावना है। इसलिए,57,300–58,000 की रेंज में सख्त स्टॉप-लॉस के साथ ही ट्रेड करने की सलाह होगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

8th Pay Commission: कम फिटमेंट फैक्टर पर भी सैलरी में आएगा बड़ा उछाल! समझिए 2.1 के फॉर्मूले का पूरा गणित

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सबसे ज्यादा ध्यान ‘फिटमेंट फैक्टर’ पर टिका हुआ है। कर्मचारी यूनियंस ने 2.7 से लेकर 4 तक के फिटमेंट फैक्टर की डिमांड की है।

7वें वेतन आयोग में जहां 2.57 का फिटमेंट फैक्टर मिला था। लेकिन अगर 8वें वेतन आयोग में इसे घटाकर 2.1 भी कर दिया जाए, तो भी आपकी टेक-होम सैलरी और बेसिक पे में 7वें वेतन आयोग से भी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने सोशल मीडिया पर एक कैलकुलेशन शेयर कर समझाया है कि आखिर कैसे कम फिटमेंट फैक्टर भी जेब में ज्यादा पैसा ला सकता है। आइए समझते हैं इसका पूरा गणित।

7th CPC vs 8th CPC: क्यों सिर्फ ‘नंबर’ देखना है धोखा?

7वें वेतन आयोग के समय फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जबकि 8वें में इसके 2.1 रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। पहली नजर में 2.1 कम लगता है, लेकिन असल फायदा इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी बेस सैलरी कितनी है:

7वें वेतन आयोग में क्या हुआ था?

पुराना न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 था। इस पर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लगा, जिससे नया बेसिक पे ₹18,000 हो गया। लेकिन उस समय कर्मचारी पहले से ही 125% डीए (DA) ले रहे थे (यानी ₹7,000 का 125% = ₹8,750)।

इस तरह पुरानी सैलरी + DA मिलाकर पहले ही ₹15,750 बन रहा था। ऐसे में नया बेसिक ₹18,000 होने से असल अतिरिक्त फायदा सिर्फ ₹2,250 (लगभग 32%) का ही हुआ था।

8वें वेतन आयोग में 2.1 फिटमेंट फैक्टर पर क्या होगा?

फिलहाल न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है। अगर इस पर 2.1 का फिटमेंट फैक्टर लगता है, तो नया न्यूनतम बेसिक पे सीधे करीब ₹38,000 हो जाएगा। अगर मौजूदा 58% डीए को देखा जाए, तो ₹18,000 पर 58% DA मिलाकर कुल रकम ₹28,440 होती है। अब ₹38,000 के नए बेसिक से इसकी तुलना करें, तो कर्मचारियों को लगभग ₹9,560 का सीधा अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जो मौजूदा बेसिक का करीब 53% फायदा है।

7वें और 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित

7वें और 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित

टेक-होम सैलरी में होगा बड़ा इजाफा

वैसे ₹38,000 सिर्फ न्यूनतम बेसिक पे का एक अनुमानित उदाहरण है। कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी इससे कहीं ज्यादा होगी, क्योंकि इसमें नया महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) और अन्य भत्ते भी जोड़े जाएंगे।

कब तक लागू होंगी सिफारिशें?

नवंबर 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया गया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से सिफारिशें मई 2027 के आसपास सामने आने की उम्मीद है। तब तक कर्मचारियों को सरकार के आधिकारिक ऐलान का इंतजार करना होगा।

Delhi Rains: दिल्ली-NCR में भारी बारिश से हवाई सेवा प्रभावित! 250 से ज्यादा उड़ानें लेट, 15 फ्लाइट डायवर्ट

Delhi Rains: दिल्ली-NCR में सोमवार (24 अगस्त) को हुई मूसलाधार बारिश का असर सड़क ट्रैफिक के साथ-साथ हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर 250 से ज्यादा उड़ानें देरी से चल रही हैं। जबकि मौसम खराब होने के कारण 15 उड़ानों को दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। डायवर्ट की गई उड़ानों में तीन इंटरनेशनल फ्लाइट भी शामिल हैं। इनमें से 12 उड़ानों को जयपुर, 2 को चंडीगढ़ और 1 उड़ान को लखनऊ भेजा गया। हालांकि, मौसम में सुधार के साथ दिन आगे बढ़ने पर उड़ान संचालन के सामान्य होने की उम्मीद जताई गई है।

भारी बारिश से दिल्ली में जलभराव और ट्रैफिक जाम

दिल्ली में सोमवार को हुई तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सड़कों पर पानी भरने से कई जगहों पर यातायात की रफ्तार धीमी रही और लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। जबकि कुछ अन्य इलाकों के लिए मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया।

एयरलाइंस ने यात्रियों को किया अलर्ट

मौसम की स्थिति को देखते हुए कई एयरलाइंस ने यात्रियों को अपनी उड़ान का स्टेटस चेक करने की सलाह दी है। एयरलाइंस ने यह भी चेतावनी दी कि खराब मौसम का असर कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर भी पड़ सकता है। एयर इंडिया (Air India) ने यात्रियों को बताया कि दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानों का संचालन प्रतिकूल मौसम से प्रभावित हो सकता है। इंडिगो (IndiGo) ने कहा कि दिल्ली के ऊपर खराब मौसम के कारण उड़ानों के शेड्यूल पर असर पड़ा है। एयरलाइन ने यात्रियों से धैर्य रखने और उड़ान की स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपील की।

स्पाइसजेट (SpiceJet) ने भी यात्रियों को आगाह करते हुए कहा कि दिल्ली में खराब मौसम के कारण सभी आने-जाने वाली उड़ानें और उनसे जुड़ी कनेक्टिंग उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों से एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जांचने को कहा गया। वहीं, अकासा एयर (Akasa Air) ने कहा कि दिल्ली में गंभीर मौसम की स्थिति के कारण उसके नेटवर्क की कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं और यात्रियों को हुई असुविधा के लिए उसने खेद जताया।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों को एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का ताजा स्टेटस जरूर चेक करने, अतिरिक्त यात्रा समय लेकर चलने और कनेक्टिंग फ्लाइट वाले यात्रियों को एयरलाइन के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, शाहदरा, मध्य दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के कुछ स्थानों पर बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ भारी बारिश हुई। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शहर के कुछ हिस्सों में ट्रैफिक जाम और जलभराव की शिकायत की।

‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी

दिल्ली में भारी बारिश के बाद मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ तेज से मध्यम बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच दिल्ली में सबसे अधिक 28 मिलीमीटर (मिमी) बारिश छतरपुर में दर्ज की गई। इसके बाद लोधी रोड में 24.6 मिमी और पीतमपुरा में 18.5 मिमी बारिश हुई।

इस दौरान रिज में पांच मिमी, मयूर विहार में 1.5 मिमी, सफदरजंग में एक मिमी और आयानगर में 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलीं। न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन, बुराड़ी, सीआर पार्क और अलकनंदा के आसपास जलभराव की सूचना मिली। यात्रियों ने भी सोशल मीडिया पर ट्रैफिक जाम और जलभराव वाले मार्गों की जानकारी शेयर की।

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दिल्ली में सोमवार को शहर के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 1.4 डिग्री अधिक है। रिज में सबसे कम न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

LT Foods Share Price: 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचा शेयर, जानिए क्या है वजह

LT Foods  Share Price: LT Foods के शेयरों में 24 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान एक साल की ऊंचाई ₹487 पर पहुंच गए। सोमवार को ट्रेडिंग के पहले हिस्से में 32 मिलियन से ज़्यादा शेयरों का लेन-देन हुआ। यह पिछले 10 दिनों के औसत वॉल्यूम से 86 गुना ज़्यादा है।

LT Foods के शेयर की कीमत इंट्रा-डे ट्रेडिंग में 13% बढ़कर ₹482.85 के 52-हफ़्ते के नए हाई पर पहुंच गए। इस स्टॉक ने 19 सितंबर, 2025 को बने अपने पिछले ₹479.80 के हाई को पार कर लिया। NSE और BSE पर कुल मिलाकर 13.14 मिलियन इक्विटी शेयरों का लेन-देन हुआ, जिससे काउंटर पर औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 10 गुना से ज़्यादा बढ़ गया। शेयर आज 7.34 फीसदी की बढत के साथ 459 रुपये पर बंद हुआ।

इस साल स्टॉक में यह दूसरी सबसे बड़ी एक-दिन की बढ़त थी, इससे पहले फरवरी में एक सेशन में इसमें 14% की तेज़ी आई थी। कंपनी के शेयरों में इस साल अब तक 25% से ज़्यादा और पिछले 12 महीनों में 13% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

LT Foods के शेयरों में यह तेजी चावल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आई आम बढ़त के बाद देखी गई। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान KRBL और AWL Agri Business जैसी कंपनियों के शेयरों में क्रमशः 6.39% और 1.63% की बढ़त हुई।

शेयरहोल्डिंग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रमोटरों के पास कंपनी के 51% से ज़्यादा शेयर थे, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 29.95% शेयर थे। घरेलू संस्थागत निवेशकों के पास 10.84% ​​और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास 8.21% शेयर थे।

जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए LT Foods का रेवेन्यू 11.56% बढ़कर ₹1,172.08 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹1,050.56 करोड़ था। नेट प्रॉफ़िट 89.67% बढ़कर ₹70.16 करोड़ हो गया, जो पहले ₹36.99 करोड़ था। इस महीने की शुरुआत में रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, इसी अवधि में कुल आय 10.77% बढ़कर ₹1,176.11 करोड़ हो गई, जो पहले ₹1,061.73 करोड़ थी।

गुरुग्राम स्थित FMCG कंपनी मुख्य रूप से चावल का कारोबार करती है और अपने उत्पादों को US, UK और वेस्ट एशिया सहित 85 देशों में एक्सपोर्ट करती है। कंपनी अपना मुख्य चावल ब्रांड ‘दावत’ (Daawat) बनाती है और उसने पहले बताया था कि उसके FY25 के रेवेन्यू का 9% हिस्सा वेस्ट एशिया में एक्सपोर्ट से आया था।

वेस्ट एशियन मार्केट में कंपनी की मौजूदगी ने इस साल की शुरुआत में उसके शेयरों पर खास असर डाला था, जब उस क्षेत्र में चावल के एक्सपोर्ट पर मौजूदा जियोपॉलिटिकल तनाव का कुछ समय के लिए असर पड़ा था।

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FIIs की बिकवाली से इन शेयरों में बड़ा मौका! Nippon MF के शैलेश राज भान ने बताया किन सेक्टर्स में आएगी बंपर तेजी

Nippon India Mutual Fund: शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच दिग्गज म्यूचुअल फंड हाउस निप्पॉन इंडिया ने भारतीय बाजारों को लेकर एक बेहद पॉजिटिव रिपोर्ट दी है। निप्पॉन इंडिया MF के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर शैलेश राज भान का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में बेहतर कॉरपोरेट अर्निंग्स और वाजिब वैल्यूएशन बाजार की चाल को रफ्तार देंगे।

शैलेश राज भान के मुताबिक, अगर कोई बड़ा वैश्विक संकट नहीं आता है, तो अगले 3 सालों में भारतीय कंपनियों की कमाई सालाना 12 से 15 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। आइए जानते हैं उन्होंने किन सेक्टर्स पर दांव लगाने की सलाह दी है और कहां कमाई का मौका दिख रहा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बड़े शेयरों में बना मौका

शैलेश राज भान ने बताया कि पिछले कुछ समय में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स(FIIs) की ओर से हुई भारी बिकवाली ने लार्जकैप शेयरों के वैल्यूएशन को काफी आकर्षक बना दिया है। FIIs की बिकवाली मुख्य रूप से लार्जकैप और फाइनेंशियल स्टॉक्स में केंद्रित थी। इसके चलते कई मजबूत और क्वालिटी कंपनियों के शेयर अब वाजिब और सही दामों पर उपलब्ध हैं।

जब वैल्यूएशन आपके पक्ष में हो और कंपनियों की कमाई बढ़ रही हो, तो अगले 3 से 4 सालों में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

प्राइवेट बैंक बने हुए है सबसे पसंदीदा सेक्टर

शैलेश राज भान ने दिग्गज निजी क्षेत्र के बैंकों को निवेश के लिए सबसे आकर्षक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि कई क्वालिटी प्राइवेट बैंक इस समय ऐसे वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रहे हैं, जो बीते कुछ सालों में दुर्लभ ही देखने को मिला है। कुछ बड़े प्राइवेट बैंकों के वैल्यूएशन तो अब पीएसयू बैंकों के आसपास आ पहुंचे हैं, जिससे इनमें री-रेटिंग की बड़ी गुंजाइश है।

कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में वापसी के संकेत

लंबे समय तक सुस्ती झेलने के बाद अब कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में भी वैल्यूएशन के लिहाज से खरीदारी के मौके दिख रहे हैं। ग्रामीण मांग में सुधार, टैक्स में राहत और कंपनियों की पहलों के चलते कंज्यूमबल्स, ड्यूरेबल्स, होटल्स और सर्विस सेक्टर में वॉल्यूम ग्रोथ लौट रही है।

बाजार आईटी सेक्टर के ग्रोथ आउटलुक को लेकर जरूरत से ज्यादा निगेटिव हो गया है। जो आईटी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाकर नए बिजनेस मॉडल में ढलेंगी, उन्हें आने वाले समय में बड़ा फायदा होगा।

कैपिटल गुड्स पर सतर्क रहें, पावर यूटिलिटीज पसंद

औद्योगिक और पावर सेक्टर पर लंबी अवधि के लिए सकारात्मक रहने के बावजूद, फंड मैनेजर ने कैपिटल गुड्स और ट्रांसमिशन कंपनियों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। इन कंपनियों के शेयरों की कीमतें पहले ही बहुत बढ़ चुकी हैं। इसके बजाय, बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उन्होंने वाजिब वैल्यूएशन वाली पावर यूटिलिटी कंपनियों पर दांव लगाने की सलाह दी है।

पोर्टफोलियो में गोल्ड और सिल्वर का रोल अहम

सोना और चांदी कीमती धातुओं पर बात करते हुए शैलेश राज भान ने कहा कि भले ही हाल के दिनों में इनकी तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी हो, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितता और बाजार की उठापटक से बचने के लिए पोर्टफोलियो में सोना और चांदी होना बेहद जरूरी है।

अगर आप अगले 3 से 5 साल के नजरिए से भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो केवल तेजी में भागने के बजाय उन सेक्टर्स पर ध्यान दें जहां वैल्यूएशन वाजिब हैं और कंपनियों की कमाई में टिकाऊ सुधार दिख रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sugar Stock: शुगर शेयरों में आज फिर तेजी, 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचा Dwarikesh, Bajaj Hind

Sugar Stock: चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार द्वारा स्टॉक रखने की सीमा सख्त किए जाने के बाद सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में चीनी कंपनियों के शेयरों में तेजी आई और कई शेयरों ने अपने 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर को छुआ।

बजाज हिंदुस्तान शुगर के शेयरों में 12 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई और उन्होंने अपने 52-हफ़्ते का उच्चतम स्तर छुआ।

अवध शुगर एंड एनर्जी, डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज, धामपुर शुगर मिल्स, द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज, मगध शुगर एंड एनर्जी, मवाना शुगर्स, पोन्नी शुगर्स (इरोड), उगर शुगर वर्क्स और उत्तम शुगर मिल्स के शेयरों ने भी इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान अपने-अपने 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर को छुआ।श्री रेणुका शुगर्स, ईआईडी पैरी इंडिया, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज और बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयरों में भी तेजी देखी गई और इनमें 3 से 8 फीसदी तक की बढ़त हुई।

सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अनुमान से कम उत्पादन के बावजूद देश में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी स्टॉक उपलब्ध है।

शुक्रवार को, सरकार द्वारा 1 मिलियन टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति देने के बाद चीनी शेयरों में 5 प्रतिशत तक की गिरावट आई थी, जिससे त्योहारों के समय मांग के बीच घरेलू बाजार में तंगी का संकेत मिला था।

चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को देखते हुए, सरकार ने चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के लिए कीमतें स्थिर रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा है कि वह स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है।

इस साल 1 अगस्त से 30 नवंबर तक देश भर में चीनी डीलरों पर 400 टन की स्टॉक सीमा लगाई गई है। इसके अलावा, थोक उपभोक्ताओं को 1 सितंबर से 15 दिनों की खपत से अधिक चीनी स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।

राज्यों और चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से पेराई (क्रशिंग) शुरू करने की सलाह दी गई है। इससे अक्टूबर में चीनी का उत्पादन सामान्य 3-4 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक होने की उम्मीद है, जिससे त्योहारों के मौसम में उपलब्धता और बेहतर होगी।

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