Tata Motors July 2026 Sales: जुलाई 2026 में Tata Motors की PV बिक्री 59% बढ़ी, कंपनी ने की 63,760 यूनिट की सेल

Tata Motors July 2026 Sales: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने जुलाई 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कुल बिक्री सालाना आधार पर 59% बढ़कर 63,760 यूनिट हो गई है। बता दें कि ये नतीजे टाटा की पैसेंजर गाड़ियों की लगातार बनी हुई मांग को दिखाते हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक गाड़ियां एक बार फिर ग्रोथ को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

भारत की बात करें तो, जुलाई 2026 में घरेलू पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री 62,611 यूनिट रही, जो पिछले साल इसी महीने की 39,521 यूनिट से 58% ज्यादा है। यह आंकड़ा जून 2026 की 62,076 घरेलू यूनिट से भी थोड़ा ज्यादा है, जिससे पता चलता है कि टाटा मोटर्स पूरे महीने अपनी रफ्तार बनाए रखने में कामयाब रही।

वहीं, टाटा मोटर्स के अंतरराष्ट्रीय कारोबार (एक्सपोर्ट) में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। जुलाई 2026 में कंपनी ने 1,149 यूनिट्स बेचीं, जबकि एक साल पहले इसी महीने यह आंकड़ा 654 यूनिट्स था। जून 2026 की 1,007 यूनिट्स बिक्री के मुकाबले भी यह बेहतर प्रदर्शन रहा, जिससे पता चलता है कि विदेशी बाजारों में भी टाटा मोटर्स की पकड़ धीरे-धीरे मजबूत हो रही है।

एक महीने में बिकीं 15,217 इलेक्ट्रिक कारें

जुलाई महीने की सबसे खास बातों में से एक टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) की परफॉर्मेंस रही। घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में EV की बिक्री 15,217 यूनिट तक पहुंच गई, जो जुलाई 2025 में हुई 7,124 यूनिट की बिक्री के मुकाबले 114% ज्यादा है। यह जून में भेजी गई 14,800 EV से भी ज्यादा थी, जो कंपनी के EV बिजनेस के लिए एक और महीने की बढ़त को दिखाता है।

बता दें कि टाटा मोटर्स के लिए यह एक अहम संकेत है, क्योंकि इससे पता चलता है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग न सिर्फ बनी हुई है, बल्कि ऐसी रफ्तार से बढ़ रही है जो कंपनी की पैसेंजर गाड़ियों से जुड़ी बड़ी स्ट्रैटेजी को सपोर्ट करती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई के ये आंकड़े जून की मजबूत परफॉर्मेंस के बाद आए हैं, जब टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने 63,083 यूनिट बेची थीं, जो पिछले साल के मुकाबले 69% ज्यादा थीं। उस महीने, कंपनी ने बताया था कि लोकल सप्लाई की दिक्कतों की वजह से Sierra SUV के प्रोडक्शन और डिलीवरी पर असर पड़ रहा था, जबकि इसकी बुकिंग की मांग मजबूत बनी हुई थी।

कंपनी ने कहा था कि दूसरी तिमाही से पार्ट्स की उपलब्धता सुधारने और डिलीवरी की रफ्तार बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि आने वाले समय में ग्राहकों तक गाड़ियों की पहुंच और बेहतर हो सके।

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NEET UG 2026 Counselling Mistakes: 7 अगस्त तक शुरू हो सकती है काउंसलिंग, इसमें आपकी छोटी सी गलती से हाथ से निकल जाएगी एमबीबीएस की सीट

NEET UG 2026 Counselling Mistakes: नीट यूजी 2026 का री-एग्जाम हो चुका है। इसके नतीजे भी घोषित हो चुके हैं। इस उतार-चढ़ाव भरी प्रक्रिया में सफल परीक्षार्थियों को मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया के अंतिम चरण का इंतजार है। नीट यूजी परीक्षा पास करना इस प्रक्रिया का आधा हिस्सा है। असल चुनौती मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया का काउंसलिंग राउंड होती है। अक्सर देखने को मिलता है कि परीक्षा पास करने के बावजूद कई मेधावी छात्र मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने से चूक जाते हैं। नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए सतर्कता और सही स्ट्रैटेजी की जरूरत होती है। फीस न भरने या किसी ऑप्शन को ठीक से न समझने की छोटी सी लापरवाही आपको नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर कर सकती है। इसलिए नीट यूजी 2026 काउंसलिंग 07 अगस्त के आस-पास शुरू होने से पहले आइए इसमें अमूमन होने वाली आम गलतियों को जान लें और उससे बचने का तरीका भी समझ लें।

चॉइस फिलिंग में जल्दबाजी और ओवर-कॉन्फिडेंस

ये नीट यूजी काउंसलिंग में सबसे बड़ी गलती होती है। कई छात्र सिर्फ चुनिंदा टॉप कॉलेजों का नाम भरकर छोड़ देते हैं। अगर आपके मार्क्स के हिसाब से उन कॉलेजों की कट-ऑफ हाई चली गई तो आप राउंड से बाहर हो जाएंगे। अपनी रैंक का सही आकलन करें और सुरक्षित बैकअप के तौर पर कॉलेजों की लिस्ट तैयार रखें।

लॉक करने से पहले चॉइस का रिव्यू न करना

चॉइस फिल करने के बाद उसे ध्यान से री-चेक करें। कई बार छात्र सीट की प्रेफरेंस सही क्रम में नहीं लगाते हैं। चॉइस लॉक करने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता। अगर आपने किसी कम पसंद वाले कॉलेज को ऊपर रख दिया तो हो सकता है कि आपको वही अलॉट कर दिया जाए। इसलिए यह स्टेप बहुत सावधानी से पूरा करें।

फर्जी या गलत डॉक्यूमेंट्स जमा करना

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान फर्जी सर्टिफिकेट, गलत कैटेगरी सर्टिफिकेट या डुप्लिकेट डाक्यूमेंट्स देना किसी अपराध से कम नहीं है। ऐसा करने पर न केवल आपका अलॉटमेंट कैंसिल हो जाएगा, बल्कि एंटी-रैगिंग और मेडिकल काउंसिल के सख्त नियमों के तहत 3 से 5 साल तक के लिए बैन भी किया जा सकता है।

फ्री एग्जिट रूल्स को न समझना

नीट यूजी काउंसलिंग के हर राउंड के अपने नियम होते हैं। उदाहरण के लिए, राउंड-1 में आमतौर पर ‘फ्री एग्जिट’ मिलता है, लेकिन राउंड-2 या मॉप-अप (स्ट्रे वैकेंसी) राउंड में अगर सीट अलॉट हो जाती है और आप रिपोर्ट नहीं करते हैं तो सिक्योरिटी मनी जब्त हो सकती है। इसके आगे के राउंड्स से बाहर भी किया जा सकता है।

डेडलाइन और फीस पेमेंट में देरी

नीट यूजी काउंसलिंग पोर्टल पर हर स्टेप की सख्त डेडलाइन होती है। मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट या फिर कॉलेज में रिपोर्टिंग का समय- इनमें से किसी भी काम में कुछ घंटों की देरी भी एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन रद्द करवा सकती है।

स्टेट और ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में तालमेल न रखना

15% ऑल इंडिया कोटा और 85% स्टेट कोटा की काउंसलिंग की डेट्स अक्सर आस-पास होती हैं। अगर आप दोनों जगह ट्राई कर रहे हैं तो सभी नियमों को बहुत ध्यान से पढ़ लें। किसी एक जगह सीट फाइनल होने के बाद दूसरी जगह की गाइडलाइंस का पालन न करना आपको कानूनी और तकनीकी उलझन में फंसा सकता है।

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इस हफ्ते बीते चार महीनों में सबसे ज्यादा चढ़ा बाजार, जानिए अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल

भारतीय शेयर बाजारों के लिए यह हफ्ता बीते करीब चार महीनों में सबसे अच्छा रहा। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी आई। इसमें उम्मीद से बेहतर जून तिमाही के कंपनियों के नतीजों, रुपये में मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी का हाथ रहा।

सेंसेक्स-निफ्टी में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी

इस हफ्ते सेंसेक्स 2.67 फीसदी यानी 2,034 अंक चढ़कर 78,094 पर बंद हुआ। Nifty 50 भी 2.59 फीसदी यानी 616 अंक की मजबूती के साथ 24,383 पर बंद हुआ। निफ्टी आईटी इस हफ्ते सबसे ज्यादा चढ़ने वाला सूचकांक रहा। इसमें 6.75 फीसदी उछाल आया। निफ्टी ऑटो में भी 5.61 फीसदी मजबूती आई।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी अच्छी तेजी

खास बात यह है कि इस हफ्ते छोटी-बड़ी हर तरह की कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। Nifty Smallcap 100 Index 2.6 फीसदी चढ़ा। Redington, Kaynes Technology India, Firstsource Solutions, Brigade Enterprises, Affle 3I, IIFL Finance, KFin Technologies और IFCI के शेयरों में 24 फीसदी तक तेजी दिखी।

इन मिडकैप शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी

Nifty Midcap Index में भी इस हफ्ते 2 फीसदी तेजी आई। Coforge, Lauras Labs, Swiggy, Container Corporation of India और Ashok Leyland के शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी आई। गिरने वाले शेयरों में Suzlon Energy, Phoenix Mills, Billionbrains Garage Ventures, Bank of India और LICHF प्रमुख रहे।

विदेशी निवेशकों की अच्छी खरीदारी 

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने दो हफ्ते के बाद भारतीय बाजार में इस हफ्ते निवेश किया। उन्होंने 5,946 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 5,387 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को अच्छा सपोर्ट दिया। रुपये में बीते पांच हफ्तों से जारी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया। यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 118 पैसे की मजबूती के साथ 95.39 के लेवल पर बंद हुआ।

निफ्टी अगले हफ्ते 24,500-24,60 लेवल टेस्ट कर सकता है

सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि अगले हफ्ते निफ्टी के लिए 24,100-23,800 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। रेसिस्टेंस 24,500-24,700 के लेवल पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,000-54,500 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। इसे 58,500-6000 के लेवल पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। अगले हफ्ते निफ्टी के 24,500-24,600 का लेवल टेस्ट करने की उम्मीद है।

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इस हफ्ते आए इन दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे

इस हफ्ते मारुति सुजुकी, ह्युंडई, एशियन पेंट्स, स्विगी, आईटीसी और सन फार्मा सहित कई दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे आए। मारुति का प्रॉफिट 11 फीसदी गिरा। आईटीसी का प्रॉफिट 27 फीसदी गिरा। लेकिन, सन फॉर्मा का प्रॉफिट 27 फीसदी बढ़ा। एशियन पेंट्स का प्रॉफिट तो 40 फीसदी तक बढ़ गया।

Income Tax Return: 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल करने का मौका चूक गए? जानिए अब आपके लिए क्या हैं विकल्प

अगस्त का महीना शुरू हो गया है। रुपये-पैसे से जुड़े कई नियम आज से बदल गए हैं। आज से आईटीआर-1 और आईटीआर-2 फॉर्म से रिटर्न भरने पर पेनाल्टी चुकानी होगी। साथ ही आईटीआर-3 और आईटीआर-4 फॉर्म से रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त को खत्म हो जाएगी। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर तक फाइल किया जा सकता है

ITR-1 और ITR-2 फॉर्म से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी। अगर किसी वजह से आप डेडलाइन तक रिटर्न फाइल करने से चूक गए हैं तो आप इस साल 31 दिसंबर तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं। इसके लिए आपको पेनाल्टी चुकानी होगी। साथ ही टैक्स अमाउंट पर इंटरेस्ट देना होगा। ऐसे टैक्सपेयर्स का रिफंड आने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है।

बिलेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए पेनाल्टी चुकानी होगी

ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी सालाना इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें बिलेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए 5000 रुपये पेनाल्टी चुकानी होगी। ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी सालाना इनकम 5 लाख रुपये तक है उन्हें 1000 रुपये पेनाल्टी चुकानी होगी। इसके अलावा टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234ए के तहत बकाया टैक्स पर इंटरेस्ट चुकाना होगा।

ये टैक्सपेयर्स बगैर पेनाल्टी 31 अगस्त तक फाइल कर सकते हैं रिटर्न

ऐसे टैक्सपेयर्स जिनके लिए आईटीआर-3 या आईटीआर-4 का इस्तेमाल करना जरूरी है और जिन्हें टैक्स ऑडिट की जरूरत नहीं है, उनके लिए रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। इस कैटेगरी में सेल्फ-एंप्लॉयड प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर्स, छोटे कारोबारी जैसे टैक्सपेयर्स आते हैं। इसके अलावा ऐसे टैक्सपेयर्स भी इस कैटेगरी में आते हैं, जिन्होंने सेक्शन 44 एडी और 44एडीए के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम को सेलेक्ट किया है।

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इस महीने आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी की भी होगी बैठक

इस महीने आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक होगी। 3 अगस्त को यह बैठक शुरू होगी, जिसके नतीजे 5 अगस्त को आएंगे। अगर इस मीटिंग में आरबीआई इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का ऐलान करता है तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन महंगे हो जाएंगे। साथ ही जिन लोगों ने पहले से लोन लिए हैं, उनकी EMI बढ़ जाएगी। हालांकि, अगस्त की बैठक में आरबीआईआ के रेपो रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। रेपो रेट बढ़ने से बैंक लोन का इंटरेस्ट रेट बढ़ा देते हैं।

Market Outlook : बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 3 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए है। फाइनेंशियल,ऑटो और कुछ दिग्गज शेयरों में तेजी की वजह से निफ्टी 24,350 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 2444 शेयरों में बढ़त हुई,1607 शेयरों में गिरावट आई और 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर बजाज फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,जियो फाइनेंशियल,M&M और अदाणी पोर्ट्स सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। जबकि TCS,एटरनल,मैक्स हेल्थकेयर, इंफोसिस और विप्रो सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस काफी हद तक पॉजिटिव रही। निफ्टी मीडिया सबसे अधिक बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2% की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो (1.6%),निफ्टी ऑयल एंड गैस (1%),निफ्टी एनर्जी (1%),निफ्टी फार्मा (0.7%),निफ्टी इंफ्रा (0.7%)और निफ्टी PSU बैंक (0.5%) रहे। दूसरी ओर,निफ्टी IT में 1.5% की गिरावट आई,जिससे यह सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर बन गया,जबकि निफ्टी FMCG में 1% की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 में 0.4% की बढ़त हुई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि आज भी बाजार में तेजी का रुख बना रहा,हालांकि ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली। हाई बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं के बीच निवेशक सतर्क नजर आए रहे। बाजार की यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी यह मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियों के नतीजों के दौर कैसा रहता है। हालांकि,अभी तक अनुमान से बेहतक नतीजे आ रहे हैं। इसके साथ साथ ही ग्लोबल रिस्क फैक्टर भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और मज़बूत ग्लोबल सेंटीमेंट के कारण बाजार का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। आगे बाजार की दिशा तय करने में पहली तिमाही के नतीजे और पश्चिम एशिया एशिया की स्थितियां अहम भूमिका निभाएंगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड, टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24450-24500 जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह शॉर्ट टर्म में 24650 और उसके बाद 24800 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24150-24100 जोन में है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि आज निफ्टी दिन भर ज्यादातर हरे निशान में ही रहा। इसने ऑवरली टाइमफ़्रेम पर अहम मूविंग एवरेज से ऊपर अपनी मजबूती बनाए रखी,जिससे शॉर्ट टर्म के लिए पॉज़िटिव ट्रेंड की पुष्टि होती है। हालांकि,मोमेंटम की कमी दिख रही है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट में अनिश्चित हालात के कारण ट्रेडर्स सतर्क हैं।

इसके बावजूद,कुल मिलाकर ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है,क्योंकि इंडेक्स डेली चार्ट पर 50 EMA से ऊपर बना हुआ है। नीचे की तरफ़,शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,500 पर दिख रहा है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में लगातार तीसरे सेशन में भी तेजी कायम रही और यह 66 अंक ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर अपर और लोअर शैडो (shadow)वाली एक स्मॉल पॉजिटिव कैंडल बनी। टेक्निकल नज़रिए से मार्केट की यह चाल ऊपरी स्तरों पर ‘हाई वेव’ या ‘डोजि’जैसे कैंडल पैटर्न के बनने का संकेत देती है,जो रेजिस्टेंस वाले स्तरों पर मार्केट में थोड़ी अस्थिरता (volatility) का संकेत है।

निफ्टी अभी 24350-24400 के अहम रेजिस्टेंस जोन (8 जुलाई का पिछला ओपनिंग डाउन गैप,17 जुलाई का पिछला स्विंग हाई और 200-डे EMA) के आसपास है। इसलिए,किसी बड़े ब्रेकआउट से पहले रेजिस्टेंस के आसपास कंसोलिडेशन या थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

निफ्टी का मेन ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर यह 24400 के ऊपर टिकता है,तो जल्द ही इसमें 24600-24700 के स्तर देखने को मिल सकते है। वहीं, नीचे की तरफ सपोर्ट 24200 पर है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला और सेशन के पहले हिस्से में इसमें गिरावट जारी रही,जिससे यह 56,769 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि,निचले स्तरों से अच्छी-खासी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते इंडेक्स अपने ज्यादातर नुकसान की भरपाई करने में कामयाब रहा। आखिर में यह 0.10% की गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ।

पिछले चार ट्रेडिंग सेशन के दौरान बैंक निफ्टी 57,330–56,672 की रेंज में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि इंडेक्स सीमित दायरे में बना हुआ है। बैंक निफ्टी अपने 20-डे और 50-डे EMA के बीच ऊपर-नीचे हो रहा है,जो किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड का अभाव दिखाता है। RSI भी सपाट हो गया है,जिससे पता चलता है कि तेजी या मंदी का कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है। वहीं,ADX भी सपाट बना हुआ है,जो कमजोर ट्रेंड और कम उतार-चढ़ाव (volatility) का संकेत है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है,तो इसमें में 58000 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58400 तक की बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं,नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 के जोन में है।

 

Trading Strategy : निचले स्तरों से तेजड़ियों ने की जोरदार वापसी, जानिए अब सोमवार के लिए क्या हो ट्रेंडिंग रणनीति

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Divi’s Lab Share Price: ये क्या! Q1 नतीजों से पहले मैक्वेरी ने बढ़ाया स्टॉक का 36% टारगेट, दिया ₹10,000 के ऊपर का लक्ष्य

Divi’s Laboratories Share Price: दवा बनाने वाली कंपनी Divi’s Laboratories के शेयर में आज 31 जुलाई को तेजी देखने को मिली। कंपनी के जून तिमाही के नतीजे शनिवार 1 अगस्त को जारी होगें बावजूद उसके शेयर 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। इसकी वजह ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी के स्टॉक के टारगेट प्राइस को बढ़ाना माना जा रहा है।

ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने स्टॉक पर ‘आउटपरफॉर्म’रेटिंग की राय को बरकरार रखते हुए इसके लिए टारगेट प्राइस को 36% बढ़ाकर 7500 रुपये से बढ़ाकर 10,200 रुपये कर दिया है। मैक्वेरी द्वारा दिया गया यह नया टारगेट प्राइस Divi’s Laboratories के गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹7,835 से लगभग 30.2% की बढ़त दिखाता है।बता दें कि बाजार में Divi’s Laboratories के लिए यह पहला और एकमात्र टारगेट है जो ₹10,000 प्रति शेयर से अधिक है।

टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी के लिए क्या है ब्रोकरेज का तर्क

मैक्वेरी का मानना ​​है कि बढ़ती मांग के कारण पेप्टाइड CDMO मार्केट में मध्यम अवधि में अच्छी ग्रोथ की संभावना है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि GLP-1 और अन्य पेप्टाइड थेरेपी के बढ़ते इस्तेमाल, एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API) की अधिक जरूरत और फेज 3 पेप्टाइड एसेट्स की बढ़ती पाइपलाइन के कारण यह मार्केट 2025 में लगभग $4 बिलियन से बढ़कर 2030 तक $20 बिलियन-$25 बिलियन का हो जाएगा।

ब्रोकरेज ने कहा कि Divi’s की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता उसे इस मौके का फायदा उठाने और पेप्टाइड CDMO मैन्युफैक्चरिंग में लीडर बनने के अपने लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी।

मैक्वेरी ने अपनी कमाई के अनुमानों को भी बढ़ाया और उन्हें जून 2028 के EBITDA अनुमानों तक आगे बढ़ाया, जिससे टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी हुई।

ब्रोकरेज के अनुसार, Divi’s ने बिल्डिंग ब्लॉक्स, रिएजेंट्स और रेजिन को शामिल करते हुए एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड पेप्टाइड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बनाया है, जो इसे अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में लागत और गुणवत्ता के मामले में फायदा देता है। कंपनी के पास अभी 20,000-लीटर की सॉलिड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस क्षमता है और वह इंडस्ट्री में सबसे आगे रहने वाले 18,600-लीटर के लिक्विड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस (LPPS) रिएक्टर के साथ इसे और बढ़ाने की योजना बना रही है।

मैक्वेरी का अनुमान है कि मौजूदा सॉलिड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस क्षमता ही $550 मिलियन से अधिक के रेवेन्यू पोटेंशियल को सपोर्ट कर सकती है, साथ ही लिक्विड-फेज पेप्टाइड सिंथेसिस से अतिरिक्त बढ़त भी मिल सकती है।

ब्लूमबर्ग के एनालिस्ट्स की सलाह के अनुसार, Divi’s Laboratories पर नजर रखने वाले 33 में से 16 एनालिस्ट्स ने इस स्टॉक के लिए ‘Buy’ रेटिंग दी है, जबकि 7 ने ‘Hold’ और 10 ने ‘Sell’ रेटिंग दी है।

शुक्रवार को Divi’s Laboratories के शेयर 2.7% बढ़कर ₹8,046.5 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 27% की बढ़त हुई है। कंपनी शनिवार, 1 अगस्त को जून तिमाही के नतीजे जारी करेगी।

Netweb Technologies India Share Price: 2 दिन की गिरावट पर लगा ब्रेक, 10% चढ़ा शेयर, ब्रोकरेज हुआ बुलिश

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Bajaj Finserv Share Price: बजाज ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 18% बढ़ा, NII रही 20% ज्यादा; शेयर में 6% तक तेजी

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज फिनसर्व के शेयरों में 31 जुलाई को अच्छी तेजी है। कंपनी ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इसके बाद शेयर में पिछली क्लोजिंग से 6 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर भाव 2025.45 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 3.22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसका शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 6,296.67 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 5329.17 करोड़ रुपये था।

कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 3,132.35 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 2,789.05 करोड़ रुपये था। कुल इनकम एक साल पहले से 19 प्रतिशत बढ़कर 42,036.90 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 35300.02 करोड़ रुपये थी। खर्च 33,109.82 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 28,097 करोड़ रुपये के थे।

जून 2026 तिमाही में बजाज फिनसर्व की शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 14,528 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 12,083 करोड़ रुपये थी। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 33,027 करोड़ रुपये पर पहुंच गए। बजाज फिनसर्व एक नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। यह बजाज ग्रुप के फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस के लिए होल्डिंग कंपनी है। यह बजाज फाइनेंस की पेरेंट कंपनी भी है।

कंपनी री-इंश्योरेंस बिजनेस में करेगी एंट्री

बजाज फिनसर्व के बोर्ड ने एक नई बनी सब्सिडियरी के जरिए री-इंश्योरेंस बिजनेस में उतरने की योजना को भी मंजूरी दी है। कामकाज शुरू करने से पहले इस प्रस्ताव के लिए इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) और अन्य संबंधित अथॉरिटीज से मंजूरी लेनी होगी। री-इंश्योरेंस को आसान शब्दों में “बीमा कंपनियों का बीमा” कहा जाता है। यह आम जनता के लिए नहीं होता। इसमें एक मुख्य बीमा कंपनी अपने द्वारा उठाए गए जोखिम का कुछ हिस्सा दूसरी री-इंश्योरेंस कंपनी को ट्रांसफर कर देती है। यह कदम बड़े नुकसान से बचने या आपदाओं के समय आर्थिक रूप से सुरक्षित रहने के लिए उठाया जाता है।

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Bajaj Finserv का शेयर एक महीने में 13 प्रतिशत मजबूत

बजाज फिनसर्व के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर की कीमत एक महीने में 13 प्रतिशत चढ़ी है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 58.71 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 2,194.65 रुपये और एडजस्टेड लो 1,598.15 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Mantra : कोटक AMC की शिबानी कुरियन से जानें, शेयर बाजार के इस रोलर कोस्टर राइड में कहां बनेगा पैसा

Market Mantra : शेयर बाजार इस समय जोरदार रोलर कोस्टर राइड में हैं। ग्लोबल अनिश्चितता,तिमाही नतीजों और बाजार के वैल्यूएशन निवेश की रणनीति पर बड़ा असर डाल रहे हैं। ऐसे में दिग्गज फंड मैनेजर क्या नजरिया लेकर चल रहे हैं, अब आगे बाजार की दिशा क्या होगी? इन सब बातों को लेकर निवेशक कंफ्यूज है। ऐसे में निवेश को लेकर क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं? इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं कोटक महिंद्रा AMC की सीनियर फंड मैनेजर और इक्विटी रिसर्च हेड शिबानी कुरियन।

Q1 नतीजे बाजार के लिए करेंगे बड़े ट्रिगर का काम 

बाजार पर बात करते हुए शिबानी कुरियन ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट के चलते बाजार में काफी उतार-चढ़ाव है। शॉर्ट टर्म में बाजार का रुख वेस्ट एशिया की स्थिति पर निर्भर करेगी। Q1 अर्निंग्स सीजन से बाजार की रिकवरी को सपोर्ट मिलेगा। अब तक Q1 नतीजे ज्यादातर अनुमान से बेहतर रहे। Q1 नतीजे बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर का काम करेंगे।

लार्जकैप प्राइवेट बैंकों के नतीजों से मिली निराशा

उन्होंने आगे कहा कि मिडकैप कंपनियों के नतीजे सुस्त रहे हैं। OMCs को छोड़कर सभी सेक्टर्स के मजबूत नतीजे आए हैं। स्मॉलकैप कंपनियों के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। NBFCs, ऑटो और कैपिटल गुड्स में अनुमान से बेहतर नतीजे देखने को मिले हैं। लार्जकैप प्राइवेट बैंकों के नतीजों से निराशा मिली है। पिछले 2 साल के मुकाबले अर्निंग्स सीजन में सुधार की उम्मीद दिख रही है।

IT सेक्टर का आउटलुक अभी भी सुस्त

आईटी सेक्टर पर अपनी राय साझा करते हुए शिबानी कुरियन ने कहा कि IT सेक्टर का आउटलुक अभी भी सुस्त है। डिस्क्रिशनरी खर्च में कम सुधार देखने को मिला है। ज्यादातर IT कंपनियों ने ग्रोथ गाइडेंस घटाई है। AI और कंपिटीशन के चलते प्राइसिंग में दबाव देखने को मिल रहा है। IT कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ और आउटलुक कमजोर है। AI से वॉल्यूम ग्रोथ को सपोर्ट मिला है। मिडकैप IT में वैल्यूशन बेहतर दिख रहे हैं। उनके फोकस फंड में 25-30 शेयर हैं। कैपिटल गुड्स, हेल्थकेयर सेक्टर पर ओवरवेट हैं। फाइनेंशियल पर भी ओवरवेट हैं। लेकिन इंश्योरेंस स्पेस पर अंडरवेट हैं।

 

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दतिया उपचुनाव के नतीजों से तय होगा नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक भविष्य?

दतिया विधानसभा उपचुनाव की वोटिंग के बाद सियासी गलियारों में नतीजों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। 2023 के मुकाबले 9 प्रतिशत कम मतदान के बाद चुनाव नतीजों को लेकर संशय और बढ़ गया है। अगर वोटिंग के परसेंट को देखे तो  पिछले 4 चुनाव में उपचुनाव में सबसे कम है, यानि नरोत्तम मिश्रा के 2008 में दतिया आने के बाद उपचुनाव में सबसे कम मतदान होने को लेकर भी अब भाजपा के अंदरखाने कई सवाल उठ रहे है। पूरे उपचुनाव के दौरान जिस तरह से  नरोत्तम मिश्रा समर्थकों पर पार्टी के लिए काम नहीं करने और वोटिंग के दिन जिस तरह से  नरोत्तम मिश्रा समर्थक नेताओं के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की, उससे एक बात पूरी तरह साफ है कि उपचुनाव के नतीजे  का असर पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी से कही अधिक नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थकों पर पड़ेगा।  

 

दरअसल दतिया उपचुनाव के नतीजे सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं होंगे, बल्कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। उपचुनाव के नतीजों से नरोत्तम  मिश्रा की  संगठनात्मक ताकत, जनाधार और पार्टी में उनकी भविष्य की भूमिका का भी फैसला करेंगे। 2023 में दतिया विधानसभा सीट हारने के बाद इस बार भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया और आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद जिस तरह से  पहले नरोत्तम  मिश्रा समर्थकों ने दतिया में  बवाल काटा और फिर नरोत्तम मिश्रा मंच पर रोए, उससे उपचुनाव में उनकी भूमिका पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। नरोत्तम मिश्रा पूरे उपचुनाव के दौरान दावा करते रहे है कि वह पूरी तरह पार्टी के साथ है लेकिन कई  अहम मौकों जैसे बसई में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा से  उनका गैरहाजिर रहने के भी कई अलग मायने निकाले जारहे है। 

 

दतिया में भाजपा अगर जीतती है?- यदि भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी दतिया उपचुनाव जीतते हैं तो सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यह जाएगा कि टिकट न मिलने के बावजूद नरोत्तम मिश्रा ने संगठन को एकजुट रखा। टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों के विरोध और नाराजगी के बावजूद नरोत्तम  मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के साथ खड़े होकर प्रचार किया था। इससे नरोत्तम मिश्रा की भविष्य की राजनीति विशेषकर संगठन में नई भूमिका को लेकर सियासी दरवाजे खुल जाएंगे। भविष्य में उन्हें प्रदेश संगठन, चुनाव प्रबंधन या राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके साथ ही 2028 के विधानसभा चुनाव या 2029 के लोकसभा चुनाव में उनको नई सीट से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। 

 

दतिया में अगर भाजपा हारती है?- यदि भाजपा यह उपचुनाव हार जाती है तो इसका पूरा ठीकरा नरोत्तम मिश्रा पर फूटना पूरी तरह तय है। चुनाव के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने जिस तरह से टिकट कटने को लेकर पार्टी नेतृ्व्य पर इशारों ही इशारों में सवाल उठाए वह भी उनके खिलाफ जा सकती है।  भाजपा की हार के बाद सवाल सिर्फ उम्मीदवार पर नहीं, बल्कि पूरे स्थानीय नेतृत्व पर उठेंगे। भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह जिसको नरोत्तम मिश्रा का समर्थक माना जाता है, उस पर कार्रवाई पूरी तरह से तय है।  उपचुनाव में भाजपा की हार नरोत्तम मिश्रा की सियासी करियर पर एक ग्रहण का काम करेगी और उनकी पार्टी में पूछ-पऱख कम होगी और उनके सियासी पुर्नवास की राह कठिन हो जाएगी।दतिया उपचुनाव का परिणाम नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक करियर का अंतिम फैसला नहीं होगा, लेकिन यह उनके अगले चरण की दिशा जरूर तय कर सकता है।

 

दरअसल दतिया उपचुनाव भाजपा नेतृत्व के लिए भी एक लिटमस टेस्ट है। यदि नया उम्मीदवार जीतता है तो पार्टी इसे संगठन की जीत बताएगी। वहीं यदि भाजपा हार होती है तो टिकट चयन और स्थानीय रणनीति पर सवाल उठने के साथ दतिया में नए सिरे पार्टी संगठन की जमावट देखने को मिलेगी।

 

 

Stocks to Watch: आज 24 जुलाई को Tata Steel, Vedanta, Swiggy, Bajaj Finance, Astra Microwave समेत इन शेयरों पर नजर, बड़ी हलचल की उम्मीद

शुक्रवार, 31 जुलाई को कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें टाटा स्टील, वेदांता, स्विगी, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व, एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स, अबर्न कंपनी, नवीन फ्लोरीन, आरती इंडस्ट्रीज, मझगांव डॉक, रेलटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे नाम प्रमुख हैं। कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। वहीं कुछ कंपनियां आज नतीजे जारी करने वाली हैं। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट या अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा।

इसके अलावा 65 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 31 जुलाई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। साथ ही 2 लिस्टिंग भी होने वाली हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व, अर्बन कंपनी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, GAIL (इंडिया), ITC, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज, ABB इंडिया, आधार हाउसिंग फाइनेंस, श्री सीमेंट, आदित्य बिड़ला कैपिटल, डिक्सन टेक्नोलोजिज (इंडिया), नारायण हृदयालय, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स, क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, बजाज होल्डिंग्स एंड इनवेस्टमेंट और शैडोफैक्स टेक्नोलॉजिज

1 अगस्त को ये कंपनियां जारी करेंगी तिमाही रिजल्ट

डिविस लैबोरेटरीज, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, मुथूट फाइनेंस, गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स, लेटेंट व्यू एनालिटिक्स, आदित्य बिड़ला लाइफस्टाइल ब्रांड्स, क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, ईपैक प्रीफैब टेक्नोलोजिज और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक

आज इन प्रमुख शेयरों पर रहेगी खास नजर

Tata Steel: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 11.6% बढ़कर 2,318.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14.3% बढ़कर 60,794.3 करोड़ रुपये हो गया।

Vedanta: जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध मुनाफा (कंपनी के मालिकों के लिए) 5473 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे से 72 प्रतिशत ज्यादा है। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 53.6 प्रतिशत बढ़कर 24205 करोड़ रुपये हो गया।

महिंद्रा एंड महिंद्रा: Q1 में शुद्ध लाभ एक साल पहले से 34 प्रतिशत बढ़कर 5,455 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर 58,188 करोड़ रुपये हो गया।

Swiggy: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर घटकर 791 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले घाटा 1,197 करोड़ रुपये का था। रेवेन्यू 37.3% बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये हो गया।

Bajaj Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 27 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5985.75 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 23165.45 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय में सालाना आधार पर 24 प्रतिशत का इजाफा देखा गया और यह 11,495 करोड़ रुपये हो गई।

Torrent Pharmaceuticals: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 3.3% बढ़कर 566 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 54.8% बढ़कर 4,921 करोड़ रुपये रहा।

RailTel Corporation of India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 0.5% घटकर 65.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 20.1% बढ़कर 893.3 करोड़ रुपये हो गया।

Mazagon Dock Shipbuilders: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 21.5% बढ़कर 549.4 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 12.1% की बढ़ोतरी के साथ 2,942.7 करोड़ रुपये हो गया।

LIC Housing Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 9.9% बढ़कर 1,499 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय 0.6% की बढ़ोतरी के साथ 2,087.2 करोड़ रुपये रही।

Data Patterns India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 13.5% घटकर 22.1 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 16.8% बढ़कर 116 करोड़ रुपये हो गया।

AWL Agri Business: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 48.2% बढ़कर 350.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 20,048.1 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने पंकज गोयल को 31 जुलाई से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त किया है।

Thermax: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 83.4% घटकर 25.2 करोड़ रुपये पर आ गया। रेवेन्यू 6.7% की बढ़ोतरी के साथ 2,302.7 करोड़ रुपये हो गया।

Aarti Industries: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 260.5% बढ़कर 155 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 42.4% बढ़कर 2,387 करोड़ रुपये हो गया।

Indegene: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 0.2% घटकर 116.2 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 39.7% बढ़कर 1,063.1 करोड़ रुपये हो गया।

Astra Microwave Products: कंपनी को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स से 2,205.23 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर ‘उत्तम रडार प्रोग्राम’ के लिए 122 एडवांस्ड एयरबोर्न एक्टिव ऐरे यूनिट्स (AAAUs) और 121 इंटरफेस फ्रेम के लिए है।

Navin Fluorine International: कंपनी ने डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) के साथ सोडियम बोरोहाइड्राइड के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए एक समझौता किया है। इसका मकसद एक अहम डिफेंस मैटीरियल के लिए स्वदेशी प्रोसेस डेवलपमेंट को तेज करना है।

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बल्क और ब्लॉक डील्स

IIFL Finance: FIH मॉरीशस इनवेस्टमेंट्स ने IIFL फाइनेंस में 63.39 लाख शेयर 374.02 करोड़ रुपये में बेचे। अमेरिकन फंड इंश्योरेंस सीरीज ग्लोबल स्मॉल कैपिटलाइजेशन फंड ने 9.8 करोड़ रुपये में 1.66 लाख शेयर खरीदे। स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड ने 364.2 करोड़ रुपये में 61.73 लाख शेयर खरीदे।

Sapphire Foods India: फिडेलिटी फंड्स इंडिया फोकस फंड ने अतिरिक्त 20.22 लाख शेयर 39.58 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। सिंगापुर सरकार ने 18.95 लाख शेयर 37.1 करोड़ रुपये में बेचे हैं।

Xtranet Technologies: मित्तल ग्रोथ पार्टनर्स LLP ने 9.4 लाख शेयर 12.69 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Bai-Kakaji Polymers: अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड ने 6.08 लाख शेयर 12.18 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। टाइगर स्ट्रैटेजीज फंड-I ने 2.16 करोड़ रुपये में 1.08 लाख शेयर बेचे हैं। संजय पोपटलाल जैन ने 6.84 करोड़ रुपये में 3.42 लाख शेयर बेचे हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

क्यूब हाईवेज ट्रस्ट

सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स

आज ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

कोल इंडिया

आयशर मोटर्स

REC

भारती हेक्साकॉम

एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज

कल्याणी स्टील्स

मफतलाल इंडस्ट्रीज

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक

अनंत राज

कोरोमंडल एग्रो प्रोडक्ट्स एंड ऑयल्स

सिटी यूनियन बैंक

ASK ऑटोमोटिव

बेजल प्रोजेक्ट्स

बाटा इंडिया

ADC इंडिया कम्युनिकेशंस

ऑलडिजी टेक

बाटलीबोई

सेलो वर्ल्ड

सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स

बंगाल टी एंड फैब्रिक्स

अमल

बॉम्बे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी

कैंपस एक्टिववियर

कार्बोरंडम यूनिवर्सल

सिएट

DCM श्रीराम

EIH

ममता मशीनरी

नेक्सोम कैपिटल मार्केट्स

इंटरनेशनल ट्रैवल हाउस

एक्सप्लेओ सॉल्यूशंस

केल्टेक एनर्जीज

किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स

KPT इंडस्ट्रीज

फाइन ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज

कैरा कैन कंपनी

केसी इंडस्ट्रीज

गैलेक्सी सर्फेक्टेंट्स

गंधार ऑयल रिफाइनरी (इंडिया)

एंड्योरेंस टेक्नोलोजिज

GE पावर इंडिया

हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन

फाइव-स्टार बिजनेस फाइनेंस

ग्रीनपैनल इंडस्ट्रीज

इगाराशी मोटर्स इंडिया

रेडटेप

वरुण बेवरेजेज

V-गार्ड इंडस्ट्रीज

RK स्वामी

PNB हाउसिंग फाइनेंस

इंडिजीन

प्लेटिनमवन बिजनेस सर्विसेज

इंडियन मेटल्स एंड फेरो अलॉयज

प्रिवी स्पेशलिटी केमिकल्स

प्रदीप मेटल्स

प्रिसिजन वायर्स इंडिया

सिंगर इंडिया

सिरका पेंट्स इंडिया

रामा फॉस्फेट्स

सैकसॉफ्ट

शिलचर टेक्नोलोजिज

टिम्केन इंडिया

स्मृति ऑर्गेनिक्स

स्पाइस आइलैंड्स इंडस्ट्रीज

स्ट्राइड्स फार्मा साइंस

WPIL

स्टॉक स्प्लिट के लिए ये शेयर करेंगे एक्स-स्प्लिट ट्रेड

नर्मदा एग्रोबेस

Asian Market Today: चिप शेयरों में जोरदार खरीदारी से एशियाई बाजारों में रौनक,कोस्पी 13% ऊपर, निक्केई 5% चढ़ा

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