Waaree Energies Share Price: सोलर पीवी मॉड्यूल मेकर का शेयर 6% तक लुढ़का, Q1 नतीजों के बाद भारी सेलिंग; अब क्या करें?

सोलर पीवी मॉड्यूल बनाने वाली वारी एनर्जीज लिमिटेड के शेयरों में 30 जुलाई को शुरुआती कारोबार में 6 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। BSE पर शेयर 2,563 रुपये के लो तक गया। कंपनी ने एक दिन पहले मार्केट बंद होने के बाद अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय में सालाना आधार पर 79.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 7,932 करोड़ रुपये रही। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 1,440 करोड़ रुपये रहा। यह जून 2025 तिमाही के मुकाबले 44 प्रतिशत ज्यादा EBITDA मार्जिन 4 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 18.2 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 22.5 प्रतिशत था।

जून 2026 तिमाही में Waaree Energies को 16,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। कंपनी की ऑर्डर बुक 61,500 करोड़ रुपये की थी। कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने ऑपरेटिंग EBITDA गाइडेंस को 7,000 करोड़ से 7,700 करोड़ रुपये के बीच ही बरकरार रखा।

वारी एनर्जीज अक्टूबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका 4321.44 करोड़ रुपये का IPO 79.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी में सितंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के ​पास 64.22 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 महीनों में 21 प्रतिशत नीचे आया है।

Waaree Energies पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने Waaree Energies पर अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट 3,750 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव से 37 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि एडजस्टेड EBITDA अनुमान से कम रहा। इसकी वजह मार्जिन पर बना दबाव था, जिसने कंपनी के अच्छे कामकाज के असर को भी कम कर दिया। नोमुरा ने कहा कि कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक से कामकाज में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद दिखती है। वारी एनर्जीज के शेयर को 19 एनालिस्ट्स को कवर करते हैं। इनमें से 14 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। एक ने ‘होल्ड’ और 4 ने ‘सेल’ की सलाह दी है।

 

Market Insight : आज बाजार में थोड़ी वोलैटिलिटी संभव, IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत सेक्टर

Market Insight : क्रूड की उछाल से बाजार का मूड बिगड़ा है। IT और फार्मा शेयरों के दम पर निफ्टी 24250 के करीब फ्लैट कारोबार कर रहा है। लेकिन बैंक निफ्टी में 350 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी आज नरमी है। वहीं वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में हल्की बढ़त आई है। आईटी शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। IT के साथ ऑटो सेक्टर में भी अच्छी रफ्तार है। निफ्टी का ऑटो इंडेक्स करीब एक फीसदी चढ़ा है। साथ ही FMCG और फार्मा में भी हल्की खरीदारी आई है। लेकिन लेकिन रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स एक फीसदी फिसले हैं। साथ ही केमिकल और डिफेंस पर भी दबाव नजर आ रहा है।

ब्रेकआउट या वापस रेंज में?

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि इस बाजार ने 2 हफ्ते में रेंज के दोनों छोर टेस्ट किए हैं। पहले 24,300 का फेक ब्रेकआउट हुआ,जो फेल हुआ। उसके बाद 23,800 का फेक ब्रेकडाउन भी फेल हुआ। हमने 23,650-23,700 से लॉन्ग का नजरिया लिया हुआ है। 24,300-24,350 रुकावट की जगह है,चाहें तो थोड़ा मुनाफा बांधें। इस रेंज में नई लॉन्ग पोजिशंस का रिस्क-रिवॉर्ड ठीक नहीं है। बैंक निफ्टी अभी भी निफ्टी के मुकाबले थोड़ा कमजोर है। कल बैंक निफ्टी की रैली वापस 200 DMA के करीब आकर रुकी। HDFC बैंक कल की रैली के बावजूद काफी कमजोर है। आज सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी भी है, तो थोड़ी वोलैटिलिटी संभव है

US फेड के फैसला का बाजार पर असर

US फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 3.5-3.75% पर बरकरार रखा है। लगातार 5वीं बार दरें बरकरार रखी गई हैं। फेड के फैसले का बाजार पर असर की बात करें तो 10 साल की बॉन्ड यील्ड वापस 4.7% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड 5.21% पर पहुंच गई। यह 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। कल डाओ जोंस 1100 अंकों से ज्यादा टूटा। S&P 500 में 1.5% और नैस्डेक में 1.7% की गिरावट आई।

कच्चे तेल में तेजी जारी

बुधवार को ब्रेंट क्रूड $90 के ऊपर बंद हुआ। ट्रंप ने कहा है कि IRGC के अचानक हमले के बाद US ईरान पर हमले और तेज करेगा। US में कमर्शियल क्रूड भंडार जून के बाद सबसे ज्यादा घटा है। US का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व 1983 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।

अब कहां रखें नजर?

2-व्हीलर सेक्टर IT के बाद सबसे मजबूत है। TVS मोटर और बजाज ऑटो दोनों में नतीजों के बाद री-रेटिंग हुई है। आयशर मोटर्स भी बुलेट तेजी से दौड़ रहा है। आज शायद आयशर मोटर्स हीरो ऑफ द डे भी हो सकता है। हालांकि शेयर काफी चल चुका है और मार्जिन पर थोड़ा दबाव है। फिर भी आय ग्रोथ और वॉल्यूम ग्रोथ शानदार है। 2-व्हीलर के अलावा कल FMCG में अच्छा बाउंस मिला। आज देखेंगे कि एशियन पेंट्स कैसे रिएक्ट करता है। इसके नतीजे कल आए थे लेकिन बड़ा रिएक्शन आज मिलेगा।

इनके अलावा EMS स्पेस काफी मजबूत है। Kaynes में कल एक बड़े ब्रेकआउट का संकेत मिला है। इनके अलावा फार्मा सेक्टर अभी भी काफी मजबूत है। दिक्कत सिर्फ पावर इक्विपमेंट स्पेस में हो रही है। इन शेयरों का वैल्यूएशन काफी ऊंचा था और करेक्शन का ट्रिगर मिल गया है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,100-24,150 पर और बड़ा सपोर्ट 23,950-24,050 पर है। खरीदारी का जोन 24,000-24,100 है। इसके लिए SL 23,950 पर होना चाहिए। वहीं, सबसे बड़ा रजिस्टेंस 24,300-24,350 पर है। 24,300 रिजेक्ट हो तो बिकवाली करें,SL 24,350 पर रखें। 24,350 के पार गया तो आसानी से 24,500 को टेस्ट करेगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,500-56,700 पर है। सबसे अहम रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर है। बैंक निफ्टी अभी भी सही ट्रेडिंग मूव्स नहीं दे रहा है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 30 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: गुरुवार के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कुछ के प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया है। इसके अलावा एक सरकारी कंपनी में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव भी हुआ है। आइए जानते हैं 30 जुलाई को किन 16 शेयरों पर बाजार की सबसे ज्यादा नजर रहेगी।

Eicher Motors

दोपहिया और कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी आयशर मोटर्स का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 21.4% बढ़कर 1,462 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.5% बढ़कर 6,632 करोड़ रुपये हो गया। मुनाफा और रेवेन्यू दोनों ही CNBC-TV18 के अनुमान से बेहतर रहे।

Dabur

एफएमसीजी कंपनी डाबर का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.3% बढ़कर 586 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 10.6% बढ़कर 3,764.3 करोड़ रुपये और EBITDA 11% बढ़कर 741.2 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 19.6% से बढ़कर 19.7% रहा। मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, जबकि बाकी आंकड़े अनुमान के मुताबिक रहे।

MOIL

सरकारी मैंगनीज माइनिंग कंपनी MOIL का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 70.1% बढ़कर 87.6 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 51.5 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 6.6% बढ़कर 370.9 करोड़ रुपये और EBITDA 72.3% बढ़कर 135.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 22.6% से बढ़कर 36.6% हो गया।

Bajaj Housing Finance

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये रहा। NII 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये और कुल आय 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 0.30% से घटकर 0.29% और नेट NPA 0.13% से घटकर 0.12% रहा।

Vedanta Oil & Gas

ऑयल एंड गैस कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस ने जून तिमाही में 945 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये और EBITDA 7.7% घटकर 814 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 34.1% से घटकर 32.5% पर आ गया।

Vedanta Iron & Steel

स्टील कंपनी वेदांता आयरन एंड स्टील ने जून तिमाही में 121 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछली तिमाही में कंपनी को 1,939 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 5.2% घटकर 3,662 करोड़ रुपये और EBITDA 8.1% घटकर 508 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 14.3% से घटकर 14% रह गया।

Vedanta Power

बिजली कंपनी वेदांता पावर को जून तिमाही में 423 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने 139 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। 487 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल लॉस का असर नतीजों पर दिखा, जबकि रेवेन्यू 31% बढ़कर 2,607 करोड़ रुपये रहा।

Waaree Energies

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 14.1% बढ़कर 850 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 79.2% बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये और EBITDA 44.4% बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 22.5% से घटकर 18.2% पर आ गया।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी कोचीन शिपयार्ड के डायरेक्टर (फाइनेंस) जोस वी. जे. अगले सात महीने तक CMD का अतिरिक्त प्रभार संभालते रहेंगे। उनकी नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से बढ़ाई गई है। इस विस्तार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है।

Star Health

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी स्टार हेल्थ का जून तिमाही का मुनाफा 438 करोड़ रुपये से बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की आय भी बढ़कर 4,917 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,336 करोड़ रुपये थी।

MTAR Tech

इंजीनियरिंग कंपनी MTAR Tech का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 10.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 50.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 157 करोड़ रुपये से बढ़कर 360 करोड़ रुपये और EBITDA 28 करोड़ रुपये से बढ़कर 85 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 18.1% से बढ़कर 23.5% हो गया।

Balkrishna Industries

टायर कंपनी बालकृष्ण इंडस्ट्रीज का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 287 करोड़ रुपये से बढ़कर 432 करोड़ रुपये हो गया। आय बढ़कर 3,445 करोड़ रुपये और EBITDA 724 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 21.01% हो गया। कंपनी ने 4 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

TBO Tek

ट्रैवल टेक कंपनी TBO Tek का जून तिमाही का प्रॉफिट 32.4% बढ़कर 83.3 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 81.1% बढ़कर 925.7 करोड़ रुपये और EBITDA 86.6% बढ़कर 138 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 14.4% से बढ़कर 14.9% रहा।

TeamLease

स्टाफिंग और एचआर सर्विसेज कंपनी TeamLease का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 31.4% बढ़कर 34.9 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 5.8% बढ़कर 3,034.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 2.7% बढ़कर 31.5 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1% पर स्थिर बना रहा।

Triveni Engineering

इंजीनियरिंग और शुगर सेक्टर की कंपनी त्रिवेणी इंजीनियरिंग का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.65 करोड़ रुपये हो गया। कंसोलिडेटेड आय 1,950 करोड़ रुपये और EBITDA 52.9 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1.96% से बढ़कर 2.71% हो गया।

Redington

आईटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रेडिंग्टन का जून तिमाही का मुनाफा 76.6% बढ़कर 486 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 34.6% बढ़कर 34,922 करोड़ रुपये और EBITDA 76.8% बढ़कर 708 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 1.5% से बढ़कर 2% रहा।

कल ये कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी

गुरुवार को कई बड़ी कंपनियां जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करेंगी। इनमें आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज, अजंता फार्मा, अपोलो पाइप्स, AWL एग्री बिजनेस, बजाज फाइनेंस, बेस्ट एग्रोलाइफ, एक्साइड इंडस्ट्रीज, ICRA और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Waaree Energies Q1 Results: सोलर कंपनी को ₹850 करोड़ का मुनाफा, अमेरिका में मिली बड़ी राहत

Waaree Energies Q1 Results: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 850 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 745 करोड़ रुपये था। वहीं, मार्च तिमाही में कंपनी ने 773 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस तरह मुनाफा सालाना आधार पर 14.09% और तिमाही आधार पर 9.96% बढ़ा।

रेवेन्यू में 79% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में वारी एनर्जीज का ऑपरेशन से रेवेन्यू 7,932 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 4,426 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में भी कंपनी का रेवेन्यू 4,426 करोड़ रुपये रहा था। इस तरह रेवेन्यू में सालाना और तिमाही, दोनों आधार पर करीब 79% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही में यह 997 करोड़ रुपये था। यानी तिमाही आधार पर इसमें 44.4% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 18.2% रह गया। मार्च तिमाही में यह 22.5% था।

अमेरिका से मिला बड़ा फायदा

वारी एनर्जीज ने बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद उसे बड़ा फायदा मिला है। कोर्ट ने एक्सपोर्टर्स पर लगाए गए रेसिप्रोकल ड्यूटी को गैरकानूनी करार दिया था।

इसके बाद अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने रिफंड क्लेम स्वीकार किए। इसी के आधार पर वारी एनर्जीज ने 349.18 करोड़ रुपये को अन्य ऑपरेटिंग रेवेन्यू के तौर पर दर्ज किया। इसके अलावा, कंपनी ने 25.13 करोड़ रुपये को एसेट्स और इन्वेंट्री की लागत में कमी के रूप में भी दर्ज किया।

वारी एनर्जीज के शेयरों का हाल

वारी एनर्जीज का शेयर बुधवार को 1.59% की बढ़त के साथ 2,738 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने से स्टॉक लगभग फ्लैट है। वहीं, 1 साल में इसने 14.06% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 78.71 हजार करोड़ रुपये है।

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: डिमर्जर के बाद पहली तिमाही में ₹945 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू और मार्जिन में गिरावट

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: डिमर्जर के बाद पहली तिमाही में ₹945 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू और मार्जिन में गिरावट

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: वेदांता ऑयल एंड गैस ने डिमर्जर और अलग लिस्टिंग के बाद पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। जून तिमाही में कंपनी ने 945 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और EBITDA में आई गिरावट

जून तिमाही में वेदांता ऑयल एंड गैस का ऑपरेशन से रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये रह गया। पिछली तिमाही के मुकाबले EBITDA भी 7.7% गिरकर 814 करोड़ रुपये रहा।

वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 32.5% रह गया। मार्च तिमाही में यह 34.1% था।

कितना रहा तेल और गैस उत्पादन?

जून तिमाही में कंपनी का औसत ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 77.7 हजार बैरल ऑयल इक्विवेलेंट प्रतिदिन (kboepd) रहा। वहीं, वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 51.1 हजार kboepd रहा।

पूरी तिमाही में कुल ग्रॉस प्रोडक्शन 7.1 मिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट (boe) रहा। जबकि वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 4.7 मिलियन boe दर्ज किया गया।

राजस्थान में गैस की नई खोज

वेदांता ऑयल एंड गैस ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन में RJ-ON-90/1 ब्लॉक के Kaam BCP-1ST कुएं में नई गैस खोज की भी घोषणा की है।

कंपनी ने कहा कि इस खोज का तकनीकी और व्यावसायिक मूल्यांकन अभी जारी है।

CEO ने क्या कहा?

अंतरिम CEO और पूर्णकालिक निदेशक जिम जॉनी गैस्ट ने कहा कि जून तिमाही कंपनी के लिए अहम रही। इसी दौरान कंपनी के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट हुए।

उन्होंने कहा कि मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन, नई खोज और पूंजी के बेहतर इस्तेमाल की रणनीति से आगे भी ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं। कंपनी अब एक्सप्लोरेशन ड्रिलिंग, ऑयल रिकवरी प्रोजेक्ट और नए डेवलपमेंट प्रोग्राम पर फोकस करेगी।

नतीजों से पहले बुधवार को वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर 3.3% की बढ़त के साथ 35.31 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 6.45% चढ़ा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Insight : FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें,फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर रहे फोकस

Market Insight : आज शेयर बाजार के लिए अगस्त सीरीज की शुरुआत शानदार रही। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। मजबूत खरीदारी के दम पर बाजार पूरे दिन हरे निशान में कारोबार करता रहा। सेंसेक्स,निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 889 प्वाइंट चढ़कर 77,655 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 265 प्वाइंट चढ़कर 24,250 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। IT,मेटल और FMCG शेयरों में भी खरीदारी रही। फार्मा और निफ्टी बैंक इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए। बैंक निफ्टी 450 प्वाइंट चढ़कर 57,206 पर बंद हुआ। मिडकैप 511 प्वाइंट चढ़कर 62,862 पर बंद हुआ। आज निफ्टी के 50 में से 38 शेयरों में खरीदारी रही। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में खरीदारी आई। जबकि, बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में तेजी दिखी।

मार्केट आउटलुक

इस बीच मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए कोटक महिंद्रा एएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा कि निवेशक अब AI निवेश से IT की ओर जा रहे हैं। टोकन वैल्युएशन की उम्मीद में AI की तेजी आई। आगे IT सेक्टर में कुछ विनर्स होंगे और कुछ लूजर्स होंगे। AI की मदद से प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों को फायदा संभव है। तेजी से सस्ते IT प्रोडक्ट बनाने वाले को फायदा होगा।

सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही होगा फायदा

पहली तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि अभी तक ज्यादातर कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे हैं। लार्जकैप से बेहतर मिड-स्मॉलकैप के नतीजे रहे हैं। सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही फायदा होगा। वेस्ट एशिया संकट के बीच बड़ी दिक्कतें नहीं आईं है। यह हमारे लिए काफी अच्छा संकेत है।

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FMCG के लिए समय बदला

FMCG के लिए समय बदल गया है। लिस्टेड FMCG कंपनियां प्रोडक्ट इनोवेशन में पिछड़ गई हैं। FMCG कंपनियों के लिए 3-6 महीने चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। पहले FMCG कंपनियों में ग्रोथ अच्छी रहती थी FMCG कंपनियां से नया प्रोडक्ट नहीं ला रही है। FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें।

फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रणनीति

मौजूदा जियोपॉलिटिकल माहौल में सभी देशों को डिफेंस खर्च बढ़ाना ही होगा। लोकल और ग्लोबल मार्केट तक डिफेंस प्रोडक्ट का पहुंचना और मजबूत सप्लाई चेन जरूरी है। दुनिया में डिफेंस का खर्च बढ़ता ही रहेगा। फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रहेगा। घरेलू के साथ एक्सपोर्ट वाली डिफेंस कंपनियां बेहतर नजर आ रही हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी को ₹715 करोड़ का मुनाफा, शेयरों पर रहेगी नजर

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की दिग्गज कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 583 करोड़ रुपये था। बेहतर कारोबार और लोन पर कम प्रावधान का फायदा नतीजों में दिखा।

NII और रेवेन्यू दोनों बढ़े

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 887 करोड़ रुपये थी।

वहीं, नेट टोटल इनकम 16% बढ़कर 1,175 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल यह 1,009 करोड़ रुपये थी। इस हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का रेवेन्यू भी 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 2,613 करोड़ रुपये था।

AUM 24% बढ़ा

30 जून 2026 तक बजाज हाउसिंग फाइनेंस का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 24% बढ़कर 1,49,624 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 1,20,420 करोड़ रुपये था।

तिमाही के दौरान फर्म की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर हुई। ऑपरेटिंग खर्च और नेट टोटल इनकम का अनुपात घटकर 19.6% रह गया। पिछले साल यह 21.2% था। वहीं, लोन लॉस और प्रावधान घटकर 16 करोड़ रुपये रह गए। एक साल पहले यह 38 करोड़ रुपये थे।

एसेट क्वालिटी मजबूत रही

बजाज हाउसिंग फाइनेंस की ग्रॉस एनपीए (GNPA) 30 जून 2026 तक 0.29% रही। पिछले साल यह 0.30% थी। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) घटकर 0.12% रह गया। एक साल पहले यह 0.13% था। स्टेज-3 एसेट्स पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 59% रहा।

जून तिमाही के आखिर में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Tier-II पूंजी सहित) 21.59% रहा। यह मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस क्या करती है?

बजाज हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस की सब्सिडियरी है। यह हाउसिंग लोन देने वाली नॉन-डिपॉजिट टेकिंग हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। इसे 2015 में नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) से रजिस्ट्रेशन मिला था।

इसने 2017 में कारोबार शुरू किया। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सितंबर 2024 से NSE और BSE पर लिस्टेड हैं। कंपनी का रेगुलेशन RBI, SEBI और IRDAI करते हैं, जबकि NHB इसकी निगरानी करता है।

बजाज हाउसिंग के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ 87.89 रुपये पर बंद हुआ। हालंकि, पिछले 1 साल में स्टॉक 24.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 72.94 हजार करोड़ रुपये है।

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Tata Punch EV Facelift ने Bharat NCAP में मचाया धमाल, हांसिल की 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग

Tata Punch EV Facelift: 2026 टाटा पंच EV फेसलिफ्ट को हाल ही में हुए भारत NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। इस इलेक्ट्रिक SUV को एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन के लिए 32 में से 31.09 और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (बच्चों की सुरक्षा) के लिए 49 में से 45 स्कोर मिला है। इस स्कोर के साथ यह भारत के क्रैश टेस्ट प्रोग्राम के तहत टेस्ट किए गए सबसे अच्छी रेटिंग वाले मॉडल्स में शामिल हो गई है।

भारत NCAP स्कोर और क्रैश टेस्ट परफॉर्मेंस

Punch EV फेसलिफ्ट ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन असेसमेंट में 32 में से 31.09 और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (बच्चों की सुरक्षा) में 49 में से 45 स्कोर हासिल किया, जिस वजह से इसे दोनों कैटेगरी में फाइव-स्टार रेटिंग मिली। भारत NCAP टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, फ्रंटल ऑफसेट क्रैश टेस्ट में ड्राइवर और आगे बैठे पैसेंजर की सुरक्षा अच्छी रही, जबकि साइड इम्पैक्ट असेसमेंट में भी परफॉर्मेंस शानदार रही।

बता दें कि बच्चों की सुरक्षा जांचने के लिए कार में चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम (CRS) का इस्तेमाल किया गया। इस टेस्ट में भी Punch EV ने अच्छा प्रदर्शन किया और CRS की फिटिंग व डायनामिक परफॉर्मेंस के मामले में बेहतर स्कोर हासिल किया। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि Bharat NCAP के ये स्कोर सिर्फ उसी वेरिएंट के लिए मान्य हैं, जिसका क्रैश टेस्ट किया गया है। इसलिए बाजार में मौजूद Punch EV के हर वेरिएंट को यही सेफ्टी रेटिंग मिलेगी, ऐसा मानना सही नहीं होगा।

Tata Punch EV: सेफ्टी फीचर्स

Punch EV, Tata Motors के Acti.ev आर्किटेक्चर पर बनी है और इसमें कई तरह के एक्टिव और पैसिव सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। वेरिएंट के आधार पर, इसमें छह एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), EBD के साथ ABS, ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट, सभी पैसेंजर्स के लिए 3-पॉइंट सीट बेल्ट, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), 360-डिग्री कैमरा और ड्राइवर की मदद करने वाले दूसरे फीचर्स मिलते हैं।

हालांकि, Bharat NCAP की सेफ्टी रेटिंग सिर्फ कार में दिए गए फीचर्स की लिस्ट देखकर तय नहीं की जाती। इस टेस्ट में कार की बॉडी स्ट्रक्चर की मजबूती, फ्रंट और साइड इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट में उसका प्रदर्शन, यात्रियों को सुरक्षित रखने वाले सिस्टम और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े फीचर्स को भी ध्यान में रखा जाता है।

खरीदारों को क्या जानना चाहिए

आज के समय में कार खरीदते वक्त क्रैश टेस्ट रेटिंग एक अहम फैक्टर बन गई है, खासकर कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में, जहां ग्राहक सुरक्षा को काफी महत्व देते हैं। नई Bharat NCAP रिपोर्ट से पता चलता है कि टेस्ट किए गए Tata Punch EV फेसलिफ्ट ने नियंत्रित क्रैश परिस्थितियों में एडल्ट और चाइल्ड पैसेंजर्स की सुरक्षा के मामले में अच्छा प्रदर्शन किया है।

हालांकि, सिर्फ 5-स्टार रेटिंग को हर स्थिति में सुरक्षा की गारंटी नहीं माना जाना जा सकता है। क्रैश के नतीजे गाड़ी की रफ्तार, टक्कर किस जगह लगी, सड़क की हालत और इस बात पर निर्भर कर सकते हैं कि गाड़ी में बैठे लोगों ने सीटबेल्ट पहनी है या नहीं।

वहीं, इलेक्ट्रिक SUV खरीदने वाले ग्राहकों के लिए Bharat NCAP की यह रिपोर्ट एक भरोसेमंद सुरक्षा मानक के रूप में मददगार हो सकती है। हालांकि, कार खरीदने से पहले ग्राहकों को कीमत, फीचर्स, मेंटेनेंस खर्च, रनिंग कॉस्ट और आफ्टर-सेल्स सर्विस जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए।

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V-Guard Q1 Results: सभी सेगमेंट में जबरदस्त उछाल से 9% दौड़ा शेयर, मुनाफा 76% बढ़ा

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल बनाने वाली कंपनी V-Guard Industries ने FY27 की शुरुआत जबरदस्त तरीके से की है। कंपनी के सभी बिजनेस पोर्टफोलियो में अच्छी ग्रोथ देखी गई। गर्मियों में अच्छी मांग और मजबूत कामकाज की वजह से कंपनी को वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़ी सप्लाई की दिक्कतों से निपटने में मदद मिली। अच्छे नतीजों से निवेशक खुश हुए और बुधवार,29 जुलाई को कंपनी के शेयर में लगभग 9% की तेज़ी आई।

कंपनी ने जून तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 76% की बढ़ोतरी के साथ ₹130 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि रेवेन्यू 23.5% बढ़कर ₹1,811 करोड़ हो गया। EBITDA 56% बढ़कर ₹192 करोड़ हो गया और EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 8.4% से बढ़कर 10.6% हो गया, जो बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज और लागत के अच्छे मैनेजमेंट को दिखाता है।

यह मज़बूती सिर्फ़ एक प्रोडक्ट कैटेगरी तक सीमित नहीं थी। तिमाही के दौरान हर बिज़नेस सेगमेंट में रेवेन्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ हुई, जो कंपनी के अलग-अलग तरह के पोर्टफोलियो और हर तरफ मांग में सुधार को दिखाता है।

इलेक्ट्रिकल्स सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट रहा, जिसमें रेवेन्यू 27.7% बढ़ा, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स में 22.8% की ग्रोथ हुई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी 19.2% की अच्छी बढ़ोतरी हुई और Sunflame ने बिज़नेस में शामिल होने के बाद सकारात्मक योगदान देना जारी रखा। ज़्यादातर बिज़नेस में सेगमेंट की मुनाफ़ा कमाने की क्षमता में सुधार हुआ। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स डिवीज़न ने पिछले साल इसी अवधि में नुकसान दर्ज करने के बाद पॉज़िटिव मार्जिन हासिल किया।

इलाके के हिसाब से देखें तो दक्षिणी बाज़ार कंपनी के रेवेन्यू में सबसे बड़ा योगदान देने वाले बने रहे, जहाँ से कुल बिक्री का आधे से ज़्यादा हिस्सा आया।

हालांकि, कंपनी के पारंपरिक मजबूत गढ़ के बाहर भी ग्रोथ में तेज़ी आई; दक्षिण से बाहर के बिज़नेस में सालाना आधार पर 12% की बढ़ोतरी हुई, जो देश भर में अपनी पहुँच बढ़ाने की V-Guard की लगातार कोशिशों को दिखाता है।

मैनेजिंग डायरेक्टर मिथुन के. चिट्टिलाप्पिली ने कहा कि वेस्ट एशिया में संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने तिमाही में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने इस प्रदर्शन का श्रेय बिज़नेस की मज़बूती, पहले से किए गए ऑपरेशनल उपायों और गर्मियों के महीनों में अच्छी मौसमी मांग को दिया।

उन्होंने कहा, “बिज़नेस ने तिमाही के लिए ज़बरदस्त प्रदर्शन किया और सभी सेगमेंट में डबल-डिजिट ग्रोथ हुई। वेस्ट एशिया युद्ध की चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने मज़बूत नतीजे दिए और अच्छे मार्जिन बनाए रखे। यह बिज़नेस की मज़बूती, पहले से किए गए उपायों और गर्मियों के मौसम में मिली मदद की वजह से संभव हुआ।” उन्होंने कहा कि कंपनी जियो-पॉलिटिकल घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखेगी और सप्लाई व मुनाफ़े को सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी कदम उठाएगी। साथ ही, उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाली तिमाहियों में भी ग्रोथ की मौजूदा रफ़्तार बनी रहेगी।

निवेशकों ने कंपनी के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों का स्वागत किया। इस घोषणा के बाद, मंगलवार के सेशन में V-Guard Industries के शेयर लगभग 9% बढ़कर ₹316.80 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए, हालांकि बाद में वे दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आकर 301.95 रुपये पर बंद हुआ।

Thangamayil Jewellery Share Price: Q1 मुनाफे में जबरदस्त उछाल के बाद भी शेयर में लगा 10% का लोअर सर्किट, आखिर क्या है इसकी वजह

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Thangamayil Jewellery Share Price: Q1 मुनाफे में जबरदस्त उछाल के बाद भी शेयर में लगा 10% का लोअरसर्किट, आखिर क्या है इसकी वजह

Thangamayil Jewellery Share Price: ज्वैलरी रिटेलर थंगामयिल ज्वैलरी  (Thangamayil Jewellery) के शेयरों में 29 जुलाई को भारी गिरावट देखने को मिली। जून तिमाही में दमदार मुनाफे के बाद भी शेयर में आज 10 फीसदी का लोअरसर्किट लग गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निवेशकों ने कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के बजाय मौजूदा तिमाही के लिए कंपनी के सतर्क नजरिए पर ज्यादा ध्यान दिया, जिससे सेंटीमेंट पर असर पड़ा।

जून तिमाही के दौरान कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी दोनों में जबरदस्त ग्रोथ दिखाया है। हालांकि, मैनेजमेंट ने मांग में लगातार कमजोरी की ओर इशारा किया। इसके पीछे उन्होंने वेस्ट एशिया में युद्ध की अनिश्चितता, सोने पर ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी, रुपये की गिरती कीमतों को टहराया है। साथ ही सोने की कीमतें कम होने की उम्मीद में ग्राहकों द्वारा खरीदारी टालने का हवाला भी दिया है।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

थंगामयिल ज्वैलरी  ने जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए ₹85 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹45.7 करोड़ से 86% ज्यादा है। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 71.2% बढ़कर ₹2,666.4 करोड़ हो गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की जून तिमाही में यह ₹1,558 करोड़ था।

ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी मजबूत रही। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 66.2% बढ़कर ₹144.6 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹87 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन थोड़ा घटकर 5.4% रह गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 5.6% था।

अच्छे फाइनेंशियल नतीजे दिखाने के बावजूद, कंपनी ने निकट भविष्य में मांग को लेकर सतर्क रुख दिखाया।

30 जून, 2026 को खत्म हुई तिमाही के दौरान सेम-स्टोर सेल्स (SSS) ग्रोथ 44.4% रही, जबकि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर यह ग्रोथ 72.3% थी। थंगामयिल ज्वैलरी  ने कहा कि सोने की बिक्री की मात्रा (वॉल्यूम) अपेक्षाकृत कम रही, भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें पिछली तिमाही (जब कीमतें काफी ऊंची थीं) की तुलना में कम थीं। कंपनी के अनुसार, मांग पर मुख्य रूप से 13 मई, 2026 से सोने पर आयात शुल्क (import duty) 6% से बढ़कर 15% होने और भारतीय रुपये की कीमत में काफी गिरावट का असर पड़ा। इन घटनाक्रमों के कारण कई ग्राहकों ने गहनों की खरीदारी टाल दी, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि भविष्य में अमेरिकी डॉलर के हिसाब से अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतें कम हो सकती हैं।

कंपनी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध से पैदा हुई अनिश्चितता का ग्राहकों की धारणा पर बुरा असर पड़ा। कंपनी ने बताया कि जिन इलाकों में वह काम करती है, वहां से आने वाले पैसे (remittances) में कमी के कारण विदेशों में रहने वाले भारतीयों (expatriates) द्वारा सोने की खरीदारी में सुस्ती आई, जिससे तिमाही-दर-तिमाही आधार पर बिक्री और कम हुई।

मैनेजमेंट ने संकेत दिया कि मौजूदा तिमाही में भी यह कमजोरी बनी हुई है। थंगामयिल ज्वैलरी  ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के पहले 28 दिनों में बिक्री में कोई खास सुधार नहीं दिखा। बिक्री में लगातार सुस्ती की वजह युद्ध को लेकर बनी अनिश्चितता और ग्राहकों की यह उम्मीद रही कि अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आएगी, जिसके चलते उन्होंने खरीदारी को और टाल दिया।

कंपनी को उम्मीद है कि जियोपॉलिटिकल हालात स्थिर होने और सोने की कीमतों को लेकर नजरिया बेहतर होने पर यह टली हुई मांग वापस आएगी। उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मांग में सुधार होगा।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

हालांकि बुधवार के कारोबार में स्टॉक 10% के लोअर सर्किट पर पहुंच गया। थंगामयिल ज्वैलरी  के शेयरों में पिछले 1 महीने में 10%, 3 महीनों में 62% और पिछले 6 महीनों में 85% की बढ़त हुई है। एक साल के आधार पर, स्टॉक ने मल्टीबैगर रिटर्न दिया है और इसमें 249% की उछाल आई है, जबकि पिछले पांच वर्षों में इसने 1,370% का रिटर्न दिया है।

स्टॉक ने पिछले कारोबारी सत्र में 28 जुलाई को ₹7,429 का अपना 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि इसका 52-हफ्ते का निचला स्तर ₹1,774.35 पिछले साल जुलाई में दर्ज किया गया था।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।