Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट कंपनी का मुनाफा 44% गिरा, डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान

Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने जून तिमाही के कमजोर नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 44.3% घटकर ₹189.39 करोड़ रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹356.31 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 18.9% घटकर ₹1,205.5 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹1,486.2 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी कमजोर

जून तिमाही में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर भी दबाव दिखा। EBITDA 46.3% घटकर ₹181.44 करोड़ रह गया। पिछले साल यह ₹337.6 करोड़ था।

वहीं, EBITDA मार्जिन 22.7% से घटकर 15.1% पर आ गया। इससे साफ है कि कंपनी की प्रॉफिटबिलिटी पर दबाव बढ़ा है।

एक्साइज ड्यूटी खर्च आठ गुना बढ़ा

गॉडफ्रे फिलिप्स भारत में Philip Morris International के लाइसेंस के तहत Marlboro सिगरेट बनाती और बेचती है। जून तिमाही में एक्साइज ड्यूटी से जुड़े खर्च करीब आठ गुना बढ़कर ₹3,600 करोड़ हो गए।

हालांकि, कंपनी के सिगरेट, तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों के कारोबार का रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹3,780 करोड़ पहुंच गया। यही कंपनी का सबसे बड़ा कारोबार है और कुल रेवेन्यू में इसकी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है।

सरकार ने 1 फरवरी से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू की थी। सिगरेट की लंबाई के हिसाब से प्रति 1,000 सिगरेट पर ₹2,050 से ₹8,500 तक एक्साइज ड्यूटी लगाई गई। इस टैक्स बढ़ोतरी के बाद देश के करीब 10 करोड़ धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए सिगरेट महंगी हो गई।

डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट तय

गॉडफ्रे फिलिप्स के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के फाइनल डिविडेंड के लिए 11 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।

इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें फाइनल डिविडेंड का लाभ मिलेगा।

गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर

कमजोर नतीजों से पहले सोमवार को गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया का शेयर 4.03% की बढ़त के साथ ₹2,215.40 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर में ₹85.80 की तेजी दर्ज की गई।

गॉडफ्रे फिलिप्स का बिजनेस

गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनी है। कंपनी Four Square, Red & White, Cavanders और Stellar जैसे सिगरेट ब्रांड बेचती है। इसके अलावा, यह पान मसाला, कन्फेक्शनरी और रिटेल कारोबार में भी मौजूद है। भारत के तंबाकू उद्योग की प्रमुख कंपनियों में इसका नाम शामिल है।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Coal India Q1 Results: महारत्न कंपनी कोल इंडिया ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस सरकारी कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.69% बढ़कर ₹8,852 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹8,797 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7.8% बढ़कर ₹46,254.80 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹42,919.20 करोड़ था। हालांकि, EBITDA 4.1% घटकर ₹12,069 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹12,588 करोड़ था। इसी वजह से EBITDA मार्जिन 29.3% से घटकर 26.1% पर आ गया।

खर्च बढ़ने से मार्जिन पर दबाव

जून तिमाही में कोल इंडिया का कुल खर्च 11.9% बढ़कर ₹36,816.23 करोड़ हो गया। हालांकि, बिक्री बढ़ने से रेवेन्यू में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। कंपनी का प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) ₹11,719 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹11,776 करोड़ था।

अगर मार्च तिमाही से तुलना करें तो कंपनी का मुनाफा 18.9% घटा है। वहीं, रेवेन्यू में 0.5% की हल्की गिरावट आई। हालांकि, तिमाही आधार पर EBITDA मार्जिन 25.9% से बढ़कर 26.1% हो गया।

₹5.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

कोल इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹5.50 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

कंपनी ने 31 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है। जिन निवेशकों के नाम इस दिन कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा। इसका भुगतान 25 अगस्त 2026 तक कर दिया जाएगा।

सहायक कंपनियों का मिला-जुला प्रदर्शन

जून तिमाही में कंपनी की सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। CMPDI ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी का रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹481.4 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 62% बढ़कर ₹145.5 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट 54% बढ़कर ₹116.3 करोड़ हो गया।

दूसरी ओर, BCCL का प्रदर्शन कमजोर रहा। कम बिक्री और बढ़ती लागत की वजह से कंपनी का रेवेन्यू 4% घटकर ₹3,587 करोड़ रह गया। पिछले साल कंपनी को ₹177 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस बार उसे ₹68 करोड़ का घाटा हुआ।

कोल इंडिया के शेयर

कोल इंडिया का शेयर नतीजों से पहले सोमवार को 0.09% की बढ़त के साथ ₹427 पर बंद हुआ।

लंबी अवधि में शेयर ने अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में 12.26%, तीन साल में 86.64% और 2026 में अब तक 7.14% का रिटर्न मिला है। हालांकि, हाल के महीनों में शेयर पर दबाव दिखा है। पिछले तीन महीने में 5.52%, एक महीने में 1.81% और एक हफ्ते में 0.44% की गिरावट आई है।

Tata Power Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹1401 करोड़ मुनाफा, शेयरों में दिख सकती है हलचल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Power Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹1401 करोड़ मुनाफा, शेयरों में दिख सकती है हलचल

Tata Power Q1 Results: टाटा पावर ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 11% बढ़कर ₹1,401 करोड़ रहा। CNBC-TV18 के पोल में इसका अनुमान ₹1,185 करोड़ था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 5.6% बढ़कर ₹19,051 करोड़ पहुंच गया। यह भी अनुमान ₹18,657 करोड़ से ज्यादा रहा।

कंपनी का EBITDA ₹4,013 करोड़ रहा। यह भी अनुमान से बेहतर है। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल के 23% से घटकर 21.07% रह गया।

रिन्यूएबल एनर्जी सबसे बड़ा सहारा

टाटा पावर ने कहा कि इस तिमाही में उसकी ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और जनरेशन कारोबार रहे। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल नई क्षमता में 86% हिस्सेदारी क्लीन एनर्जी की रही। इसी दौरान देश में बिजली की मांग भी सालाना आधार पर 8.5% बढ़ी।

कंपनी ने इस तिमाही में ₹5,375 करोड़ का पूंजीगत निवेश (Capex) किया। यह अब तक का उसका सबसे बड़ा तिमाही निवेश है।

रूफटॉप सोलर में शानदार प्रदर्शन

रूफटॉप सोलर कारोबार ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी ने तिमाही के दौरान 371 MWp रूफटॉप सोलर इंस्टॉल किए। यह पिछले साल से 37% ज्यादा है। वहीं, सार्वजनिक और बस ईवी चार्जिंग नेटवर्क बढ़कर 7,200 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट तक पहुंच गया।

सोलर मैन्युफैक्चरिंग कारोबार भी दमदार रहा। कंपनी ने रिकॉर्ड 1,001 MW सोलर मॉड्यूल और 862 MW सोलर सेल का उत्पादन किया।

इस कारोबार का रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹2,462 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 113% उछलकर ₹626 करोड़ रहा। वहीं, PAT 287% बढ़कर ₹371 करोड़ हो गया। कंपनी ने बताया कि लागत कम होने और बिक्री के बेहतर मिश्रण से मुनाफे में तेज बढ़ोतरी हुई।

दूसरे कारोबारों से भी मिला सहारा

जनरेशन और कोल कारोबार को मुंबई प्लांट के बेहतर प्रदर्शन, मुंद्रा पावर से अतिरिक्त आय और हल्दिया प्लांट में बेहतर मार्जिन का फायदा मिला। इस क्लस्टर का मुनाफा 27% बढ़ा।

ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार में भी बेहतर रिटर्न और नई परियोजनाओं से आय बढ़ी। हालांकि, राजस्थान और गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्शन पर कुछ असर पड़ा। इसके बावजूद रूफटॉप सोलर और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार ने इसकी भरपाई कर दी।

टाटा पावर का शेयर नतीजों से पहले सोमवार को 1.23% चढ़कर ₹379 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 8.99% का रिटर्न दिया है।

HUDCO Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 35% बढ़ा, डिविडेंड का भी ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Japanese Habits: जापानियों की ये 9 अनोखी आदतें बदल देंगी आपकी जिंदगी! एंग्जायटी होगी दूर, बढ़ेगा फोकस

Japanese Habits: हो सकता है कि आपने पहले इसके बारे में न सुना हो, लेकिन कुछ ऐसी आदतें हैं, जो असल में आपके दिमाग को नए सिरे से ढालने (रीवायर करने) में मदद कर सकती हैं। यहां कुछ जापानी आदतें बताई गई हैं जो आपके काम आ सकती हैं।

ज़िंदगी में खुश और सफल रहने के लिए, आपको अपनी रोज़मर्रा की दिनचर्या में कुछ आदतें शामिल करनी होंगी। भले ही शुरुआत में ये आदतें मामूली लगें, लेकिन असल में ये आपको उन चीज़ों पर ध्यान देने में मदद करती हैं जिन पर आप शायद ध्यान न देते, और धीरे-धीरे आपके अवचेतन मन (subconscious mind) को नए सिरे से ढालती हैं।

जापानी लोग कुछ ऐसी आदतें अपनाते हैं जो भले ही अजीब लगें, लेकिन वे असल में काम करती हैं और आपके दिमाग को फ़ायदा पहुंचाती हैं। ये आसान आदतें हैं जिन्हें आप रोज़ अपना सकते हैं। इनमें से कई आदतें मुश्किल भरी दुनिया में मन को शांति और सकारात्मकता देती हैं।

अपनी बॉडी से करें बात

अपने शरीर से बात करने से मन और शरीर का कनेक्शन सक्रिय होता है। पूरे यकीन के साथ अपने पेट, छाती और गले से बात करें, जैसे कि वे आपकी बात सुन सकते हों। उनमें ऐसा तनाव जमा होता है, जिसे आपका मन पूरी तरह से समझ या सुलझा नहीं पाया होता है।

अलविदा कहने से पहले आभार जताएं

ज़िंदगी आगे बढ़ने का नाम है, लेकिन आभार के साथ। इसलिए, किसी भी चीज को पीछे छोड़ने से पहले, उसे धन्यवाद कहें। इससे चीज़ों को एक मुकाम मिलता है और वे पूरी तरह से खत्म हो जाती हैं, बजाय इसके कि वे सालों तक अधूरी या बिना किसी नतीजे के लटकी रहें।

तेजपत्ते (bay leaf) को जलाएं

कई लोग अपनी भावनाएं और इच्छाएं लिखना पसंद करते हैं, लेकिन जापानी लोग इसे थोड़ा अलग तरीके से करते हैं। वे तेजपत्ते पर अपनी इच्छा लिखते हैं और फिर उसे जला देते हैं। इस रस्म से यह ज़्यादा असली लगता है और सीधे अवचेतन मन (subconscious mind) तक पहुंचता है।

नकारात्मकता को धो डालें

अगर आपने किसी ऐसे व्यक्ति के साथ समय बिताया है, जिसने आपकी ऊर्जा सोख ली है, तो ठंडे पानी से अपने हाथ धो लें। यह क्रिया शरीर के लिए एक ‘रीसेट’ की तरह काम करती है और संकेत देती है कि अब उस चीज को छोड़ देने का समय आ गया है। इससे आप तेजी से उबर पाते हैं।

अपने दिमाग को एक सवाल दें

बिस्तर के पास एक गिलास पानी रखें और अपने दिमाग से कोई भी सवाल पूछें। इससे आपके सोते समय भी अवचेतन मन काम करता रहता है और उसे रात भर सुलझाने के लिए कुछ मिल जाता है।

अपने भविष्य के स्वरूप से ज़ोर से पूछकर अपने दिमाग में स्पष्टता लाएं

“आज तुम्हें क्या करने की जरूरत है?” इससे दिमाग को उस नज़रिए से फ़ैसले लेने में मदद मिलती है, और आपको इसका पता भी नहीं चलता।

अपने बचपन से माफ़ी मांगें

शरीर में अभी भी मौजूद शर्म या पछतावे को दूर करने के लिए, आईने के सामने खड़े हों और जो आप पहले थे, उससे ज़ोर से “सॉरी” कहें। इससे अतीत में हुई घटनाओं को स्वीकार करने और उन्हें सही परिप्रेक्ष्य में देखने में मदद मिलती है।

पीछे की ओर चलें

किसी मुश्किल पल का सामना करने के बाद अपने दिमाग को रीवायर (rewire) करने के लिए, एक मिनट तक पीछे की ओर चलें। जब आप अपने चलने का तरीका बदलते हैं, तो आप उस कहानी को भी बदल देते हैं जो आपका दिमाग आपको सुना रहा होता है।

अपना नाम धीरे से बोलें

कोई बड़ा फ़ैसला लेने से पहले अपना नाम धीरे से बोलना एक असरदार तरीका माना जाता है। अपना नाम सुनकर दिमाग सतर्क हो जाता है और आपको ‘ऑटोपायलट’ मोड से बाहर ले आता है।

Stocks Of The Day : नतीजों के बाद लॉरेस लैब्स लाइफ हाई पर, कॉनकॉल के बाद KFIN टेक को भी लगे पंख

Stock Of The Day : नतीजों के बाद लॉरेस लैब्स के शेयर आज अपने लाइफ हाई पर जाते दिखें हैं। नतीजों और कॉनकॉल के बाद KFIN टेक का शेयर भी जोर से दौड़ा है। फार्मा सेक्टर में आज सबसे ज्यादा फोकस लॉरेस लैब्स पर है। जिसमें जोरदार तेजी आई है। लॉरेस लैब्स की बात करें तो 1 महीने में इस शेयर ने 11 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, इस साल अब तक इसने 50 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी फार्मा इंडेक्स ने 1 महीने में 1 फीसदी और इस साल अब तक 15 फीसदी रिटर्न दिया है।

लॉरेस लैब्स में तेजी क्यों?

कंपनी ने लगातार शानदार नतीजे पेश किए हैं। अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू और EBITDA ग्रोथ देखने को मिली है। कंपनी के CDMO और फॉर्मूलेशन बिजनेस ने दम दिखाया है। सिंथेसिस (SYNTHESIS) बिजनेस में 69% की तगड़ी ग्रोथ देखने को मिली है।

लॉरेस लैब्स: कमेंट्री

कंपनी की मैनेजमेंट कमेंट्री में कहा गया है कि कैपेक्स बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए किया गया। यह पहले 1500 करोड़ रुपए था। विशाखापत्तनम का बड़ा पेप्टाइड प्लांट ट्रैक पर है।

लॉरेस लैब्स: वैल्युएशन

यह स्टॉक FY27 के EPS के 65 गुना वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। FY26-28 में 24% CAGR अर्निंग संभव है।

लॉरेस लैब्स:शेयर प्राइस हिस्ट्री

3 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 121.90 रुपए यानी 7.61% फीसदी की बढ़त के साथ 1725 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 1,734.50 रुपए और दिन का लो 1,617.10 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,734.50 रुपए और 52 वीक लो 810.05 रुपए है। 1 हफ्ते में इस शेयर ने 10.49 फीसदी और 1 महीने में 18.76 फीसदी रिटर्न दिया है। 1 साल में इसने 105.42 फीसदी और 3 साल में 400.29 फीसदी रिटर्न दिया है।

KFIN (KFin Technologies) में भी रफ्तार

नतीजों और कॉनकॉल के बाद KFIN टेक भी दौड़ा है। कंपनी ने कॉनकॉल में बताया है कि बैंक बेस्ड वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म डील जल्द संभव है। NPS बिजनेस ब्रेकइवेन पर पहुंच गया है। MF मार्केट शेयर 37% से बढ़ाकर 40% करने का लक्ष्य है। पहली तिमाही में कंपनी के साथ 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा AUM वाले 6 नए फंड मैनेजर्स जुड़े है। FY27 के अंत तक 40% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य है। इंटरनेशनल बिजनेस से मार्जिन में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

शेयर की चाल पर एक नजर

3 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 92.25 रुपए यानी 10.75% की तेजी के साथ 950 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 955.30 रुपए और दिन का लो 862 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,215 रुपए है। 1 हफ्ते में इसने 7.51 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, 1 महीने में इसने 8.40 फीसदी तेजी दिखाई है। 1 साल में शेयर 18.56 फीसदी टूटा है। वहीं, 3 साल में इसने 140.17 फीसदी रिटर्न दिया है।

 

 

Trading Plan : कच्चे तेल की नरमी और मजबूत रुपये के दम पर बाजार हुआ गुलजार, जानिए अब क्या हो इंडेक्स में कमाई की रणनीति

Trading Plan : कच्चे तेल की नरमी और मजबूत रुपये के दम पर बाजार हुआ गुलजार, जानिए अब क्या हो इंडेक्स में कमाई की रणनीति

Trading Plan : कच्चे तेल की नरमी और मजबूत रुपये के दम पर बाजार गुलजार नजर आ रहा है। निफ्टी करीब 200 प्वाइंट ऊपर करोबार कर रहा है। निफ्टी के कदम 24,000 की तरफ बढ़ते दिख रहे हैं। इधर मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रौनक लौटी है। क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है। रुपया भी 70 पैसे मजबूत हुआ है। फीयर इंडेक्स India VIX 7% घटा है। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 2.5 फीसदी चढ़ा है। HCL टेक और एम्फैसिस में शानदार तेजी है। लॉरेस लैब्स करीब 8 फीसदी की उछाल के साथ लाइफ हाई पर जाता दिखा है। साथ में एस्ट्रल और 360 ONE WAM भी चले है।

IT के साथ साथ रियल्टी,फार्मा और ऑटो में भी रफ्तार देखने को मिल रही है। तीनों सेक्टर इंडेक्स 1 से 1.5 फीसदी मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं। साथ ही FMCG, केमिकल और कैपिटल मार्केट शेयरों में भी रौनक है। IDFC फर्स्ट बैंक का शेयर करीब 9 फीसदी उछलकर आज का हीरो ऑफ द डे बना है। साथ ही अच्छे नतीजों के दम पर AU बैंक 5% भागा है। साथ ही टाटा कंज्यूमर,NTPC में भी खरीदारी है। उधर कच्चे तेल में नरमी से इडिंगो ने उड़ान भरी है। यह शेयर निफ्टी के टॉप गेनरों में शामिल है।

पहली तिमाही के नतीजों के बाद KFIN टेक और कॉनकॉर ने रफ्तार पकड़ी है। KFINTECH करीब 10% उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। CONCOR भी 7% दौड़ा है। साथ ही रिजल्ट के बाद SBI कार्ड और लोढ़ा में भी रौनक है।

पहली तिमाही में केनरा बैंक का मुनाफा दो फीसदी बढ़ा है। इसके ब्याज से होने वाली कमाई यानी NII में करीब 14% का उछाल दिखा है। बैंक की असेट क्वॉलिटी में सुधार दिखा है। नतीजों के बाद शेयर में रौनक है। बाजार को अब कोल इंडिया,BEL के साथ वायदा की चार कंपनियों के नतीजों का इंतजार है।

नतीजों के लिहाज कल अहम दिन है। कल निफ्टी की दो दिग्गज कंपनियां HUL और L&T के नतीजे आएंगे। HUL में 6-7% वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान है। आय में 10 फीसदी ग्रोथ संभव है। इधर L&T के नतीजों पर वेस्ट एशिया संकट का असर दिख सकता है। साथ ही रेडिको और वरुण वेबरेजेज समेत वायदा की छह कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

बाजार: शानदार रैली

बाजार की आगे की चाल पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार ने एक बार फिर रेंज का सम्मान किया है। कच्चे तेल और रुपये ने बाजार का सेंटिमेंट सुधारा है। कच्चा तेल $90 प्रति बैरल के करीब आ गया है। रुपये में डॉलर के मुकाबले बड़ी रैली आई है। आज की रैली कुछ सेक्टर्स तक सीमित नहीं, सभी सेक्टर हरे निशान में हैं। बैंक निफ्टी ऊंचे स्तरों से थोड़ा फीका पड़ा है। IT सेक्टर में लगातार शानदार तेजी देखने को मिली है। सरकारी बैंकों में नतीजों के बाद मिला-जुला रुख है। लॉरस लैब्स और इंटरग्लोबल ने तगड़ी कमाई कराई है।

बाजार: अब क्या?

हमने शुक्रवार को लॉन्ग का नजरिया लिया था और उसे कैरी करने को कहा था। अब 23,800 आपके लिए वापस ट्रेलिंग स्टॉप लॉस होगा। अगर सब सही रहा तो हम वापस 24,300 जा सकते हैं। 24,000-24,050 पर थोड़ी रुकावट की जगह है। बैंक निफ्टी में 57,200-57,400 पर थोड़ी रुकावट है। लेकिन आज का सबसे मजबूत पॉइंट है इंडिया VIX और मार्केट ब्रेथ। ये दोनों इंडिकेटर वापस तेजी के बड़े ट्रेंड की तरफ इशारा कर रहे हैं। कल मंथली एक्सपायरी है और सिस्टम में काफी शॉर्ट पोजीशन हैं। अगर 24,050 के ऊपर निकले तो बड़ी रैली हो सकती है

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,800-23,850 पर सपोर्ट और 24,050-24,150 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 56,500 पर सपोर्ट और 57,200-57,400 पर रेजिस्टेंस है।

 

 वोडाफोन आइडिया पर आई बड़ी खबर, कंपनी 6 सर्किलों में नहीं करेगी स्पेक्ट्रम रिन्यूअल -सूत्र

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Kalyan Jewellers में एक म्यूचुअल फंड हाउस बेच सकता है 5 करोड़ शेयर, कीमत फिसली

ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी कल्याण ज्वेलर्स इंडिया के शेयरों में 27 जुलाई को गिरावट है। दिन में शेयर पिछले बंद भाव से 1.6 प्रतिशत तक नीचे आया। BSE पर कीमत 563.65 रुपये के लो तक गई। ऐसी खबर है कि एक बड़ा घरेलू म्यूचुअल फंड हाउस ब्लॉक डील के जरिए कल्याण ज्वेलर्स के लगभग 5 करोड़ शेयर बेच सकता है। एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयर में कम समय में आए तेज उछाल को देखते हुए म्यूचुअल फंड कुछ हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। इस डील के लिए दो बैंकर नियुक्त किए गए हैं।

शेयर बिक्री करने वाले म्यूचुअल फंड का नाम सामने नहीं आया है। कल्याण ज्वेलर्स में जून 2026 के आखिर तक पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 37.14 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसमें से 15.41 प्रतिशत हिस्सा म्यूचुअल फंड्स के पास था। सुंदरम म्यूचुअल फंड के पास सुंदरम मिड कैप फंड के जरिए 1.33 प्रतिशत, फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड के पास 1.64 प्रतिशत और मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड के पास 9.17 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

कल्याण ज्वेलर्स का मार्केट कैप 58500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में करीब 50 प्रतिशत मजबूत हो चुका है। 2 सप्ताह में यह लगभग 11 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। कंपनी 4 अगस्त को अपने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करेगी। जून तिमाही में कंपनी ने 12 कल्याण शोरूम और 5 कैंडेरे स्टोर खोले। 30 जून तक इसके कुल आउटलेट्स की संख्या 524 तक पहुंच गई।

Kalyan Jewellers पर सिटी है बुलिश

जुलाई महीने की शुरुआत में कल्याण ज्वेलर्स के शेयर के लिए ब्रोकरेज सिटीग्रुप ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई थी। टारगेट प्राइस 750 रुपये प्रति शेयर बरकरार रखा था। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी के बिजनेस पर अपडेट सामने आने के बाद ब्रोकरेज ने अपना व्यू दिया था। तिमाही के दौरान कल्याण ज्वेलर्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 38 प्रतिशत बढ़ा। इंटरनेशनल ऑपरेशंस से रेवेन्यू में लगभग 35 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई। तिमाही के दौरान इंटरनेशनल मार्केट ने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में लगभग 14 प्रतिशत का योगदान दिया।

सिटी ने स्टॉक पर अपना कंस्ट्रक्टिव लॉन्ग-टर्म व्यू बरकरार रखा है। उसे उम्मीद है कि कंपनी की फ्रेंचाइजी-लेड एक्सपेंशन स्ट्रैटेजी प्रॉफिटेबल ग्रोथ को सपोर्ट करती रहेगी, साथ ही रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉइड (RoCE) में भी सुधार करेगी।

Meesho Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश, Buy के साथ शुरू किया कवरेज; बुल केस में 81% तक उछाल की जताई उम्मीद

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Meesho Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश, Buy के साथ शुरू किया कवरेज; बुल केस में 81% तक उछाल की जताई उम्मीद

ई-कॉमर्स कंपनी मीशो के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल बुलिश है। ब्रोकरेज ने इस शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 240 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह शेयर की पिछली क्लोजिंग से 30 प्रतिशत ज्यादा है। बुल केस में टारगेट प्राइस 335 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह पिछली क्लोजिंग से 81 प्रतिशत तक ज्यादा है। ब्रोकरेज का यह व्यू मीशो के जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद आया है।

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही के दौरान मीशो का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर 54 प्रतिशत घटकर 132.83 करोड़ रुपये रह गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 48 प्रतिशत बढ़कर 3,712.8 करोड़ रुपये हो गया। घाटा घटने की वजह ज्यादा बिक्री और ऑर्डर कैंसिलेशन (ऑर्डर रद्द होने) में कमी रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) सालाना आधार पर लगभग 26 प्रतिशत बढ़कर 19,054 करोड़ रुपये हो गई। नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) यानि कि डिलीवर किए गए ऑर्डर की वैल्यू साल-दर-साल आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 11,614 करोड़ रुपये हो गई।

कुल खर्च बढ़कर 3959.24 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 2777.64 करोड़ रुपये के थे। मीशो को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में यूजर्स की संख्या और खर्च में ज्यादा बढ़ोतरी दिखेगी, लेकिन NMV की ग्रोथ धीमी रहेगी।

Meesho पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-2031 के दौरान मीशो की नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 27.5% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगी। यह मुख्य रूप से तेजी से बढ़ते ATU (एक्टिव ट्रांजेक्टिंग यूजर्स) और ऑर्डर करने की थोड़ी ज्यादा फ्रीक्वेंसी से प्रेरित होगी। इसके साथ ही, मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज की वजह से वित्त वर्ष 2031 तक Meesho के एडजस्टेड मार्केटप्लेस EBITDA मार्जिन में 760 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा दिख सकता है। यह आंकड़ा 4.75% तक पहुंच सकता है।

ज्यादा ऐड मॉनेटाइजेशन और लॉजिस्टिक्स स्प्रेड के नॉर्मलाइजेशन से वित्त वर्ष 2031 तक कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन में 400 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है और यह 7.5% तक पहुंच सकता है। वहीं, 255 बेसिस पॉइंट्स ऑपरेटिंग लेवरेज से वित्त वर्ष 2031 तक एडजस्टेड EBITDA ₹4,800 करोड़ (3.75% मार्जिन पर) तक पहुंच सकता है।

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Meesho का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट

ब्रोकरेज का कहना है कि Meesho एक मल्टी-साइडेड मार्केटप्लेस चलाती है, जो कंज्यूमर्स, सेलर्स, लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को जोड़ता है। इससे एक ऐसा सेल्फ-रीइन्फोर्सिंग फ्लाईव्हील बनता है जो प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को बढ़ावा देता है और इसके कॉस्ट एडवांटेज को बनाए रखता है। कंपनी ने कम लागत वाले लॉजिस्टिक्स, जीरो सेलर कमीशन और पहली बार इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों व सेलर्स के लिए ऑनबोर्डिंग की मुश्किलों को कम करके चीजों को सस्ता और आसान बनाया है।

मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि पारंपरिक रिटेलर्स और दूसरे इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के उलट, Meesho का बिजनेस मॉडल असल में एसेट-लाइट है। इसमें फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर या इन्वेंट्री पर बहुत कम पूंजीगत खर्च (CAPEX) की जरूरत होती है। कंपनी नेगेटिव वर्किंग कैपिटल पर भी काम करती है, जिससे बड़ी फ्लोट इनकम होती है और काफी फ्री कैश फ्लो जेनरेट होता है। मीशो के स्टॉक को कवर करने वाले 14 एनालिस्ट्स में से 8 ने “बाय” रेटिंग दी है। 3 ने होल्ड और 3 ने सेल रेटिंग दी है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।