Market Mantra : कोटक AMC की शिबानी कुरियन से जानें, शेयर बाजार के इस रोलर कोस्टर राइड में कहां बनेगा पैसा

Market Mantra : शेयर बाजार इस समय जोरदार रोलर कोस्टर राइड में हैं। ग्लोबल अनिश्चितता,तिमाही नतीजों और बाजार के वैल्यूएशन निवेश की रणनीति पर बड़ा असर डाल रहे हैं। ऐसे में दिग्गज फंड मैनेजर क्या नजरिया लेकर चल रहे हैं, अब आगे बाजार की दिशा क्या होगी? इन सब बातों को लेकर निवेशक कंफ्यूज है। ऐसे में निवेश को लेकर क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं? इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं कोटक महिंद्रा AMC की सीनियर फंड मैनेजर और इक्विटी रिसर्च हेड शिबानी कुरियन।

Q1 नतीजे बाजार के लिए करेंगे बड़े ट्रिगर का काम 

बाजार पर बात करते हुए शिबानी कुरियन ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट के चलते बाजार में काफी उतार-चढ़ाव है। शॉर्ट टर्म में बाजार का रुख वेस्ट एशिया की स्थिति पर निर्भर करेगी। Q1 अर्निंग्स सीजन से बाजार की रिकवरी को सपोर्ट मिलेगा। अब तक Q1 नतीजे ज्यादातर अनुमान से बेहतर रहे। Q1 नतीजे बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर का काम करेंगे।

लार्जकैप प्राइवेट बैंकों के नतीजों से मिली निराशा

उन्होंने आगे कहा कि मिडकैप कंपनियों के नतीजे सुस्त रहे हैं। OMCs को छोड़कर सभी सेक्टर्स के मजबूत नतीजे आए हैं। स्मॉलकैप कंपनियों के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। NBFCs, ऑटो और कैपिटल गुड्स में अनुमान से बेहतर नतीजे देखने को मिले हैं। लार्जकैप प्राइवेट बैंकों के नतीजों से निराशा मिली है। पिछले 2 साल के मुकाबले अर्निंग्स सीजन में सुधार की उम्मीद दिख रही है।

IT सेक्टर का आउटलुक अभी भी सुस्त

आईटी सेक्टर पर अपनी राय साझा करते हुए शिबानी कुरियन ने कहा कि IT सेक्टर का आउटलुक अभी भी सुस्त है। डिस्क्रिशनरी खर्च में कम सुधार देखने को मिला है। ज्यादातर IT कंपनियों ने ग्रोथ गाइडेंस घटाई है। AI और कंपिटीशन के चलते प्राइसिंग में दबाव देखने को मिल रहा है। IT कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ और आउटलुक कमजोर है। AI से वॉल्यूम ग्रोथ को सपोर्ट मिला है। मिडकैप IT में वैल्यूशन बेहतर दिख रहे हैं। उनके फोकस फंड में 25-30 शेयर हैं। कैपिटल गुड्स, हेल्थकेयर सेक्टर पर ओवरवेट हैं। फाइनेंशियल पर भी ओवरवेट हैं। लेकिन इंश्योरेंस स्पेस पर अंडरवेट हैं।

 

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इंश्योरेंस सेक्टर के लिए आईं दो बड़ी एक्सक्लूसिव खबरें, ICICI प्रू लाइफ और SBI लाइफ को बड़ी राहत संभव

इंश्योरेंस सेक्टर की 2 बड़ी एक्सक्लूसिव खबरें आई हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर CNBC TV18 के यश जैन ने बताया कि पहली खबर ये है कि ICICI प्रू लाइफ को बड़ी राहत मिल सकती है। IRDAI से प्रूडेंशियल को प्रोमोटर के रूप में डी-क्लासिफाई करने की इजाजत से मिल सकती है। दूसरी खबर ये है कि IRDAI अनिवार्य ओपन आर्किटेक्चर के पक्ष में नहीं है जो कि SBI लाइफ के लिए राहत की बात है।

IRDAI से प्रूडेंशियल को राहत?

सूत्रों के मुताबिक ICICI प्रूडेंशियल को IRDAI से बड़ी राहत संभव है। प्रूडेंशियल को प्रोमोटर के रूप में डी-क्लासीफाई करने की इजाजत मिल सकती है। ICICI प्रूडेंशियल लाइफ में पूरा हिस्सा बनाए रखने की इजाजत भी संभव है। IRDAI प्रूडेंशियल की अर्जी पर सिर्फ प्रोसीजरल ऑब्जर्वेशन दे सकता है। डीक्लासिफिकेशन पर IRDAI से सितंबर अंत या अक्टूबर तक मंजूरी संभव है।

बता दें कि प्रूडेंशियल के लिए भारती लाइफ में हिस्सा खरीद पर IRDAI की मंजूरी जरूरी है। 75% हिस्सा खरीद के प्रूडेंशियल के फैसले पर IRDAI की मंजूरी जरूरी है। प्रूडेंशियल के ICICI प्रू लाइफ में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने और अधिग्रहण के लिए फंड का इंतजाम खुद करने की उम्मीद है। FY26 तक, प्रूडेंशियल के पास 7.7 अरब डॉलर कैश और कैश इक्विवेलेंट के तौर पर मौजूद थे। CNBC-TV18 ने प्रूडेंशियल और IRDAI को पत्र लिखा है। दोनों की ओर से जवाब का इंतजार है।

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SBI लाइफ को राहत

SBI लाइफ के लिए भी बड़ी राहत की खबर है। CNBC-TV18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ओपन आर्किटेक्चर को अनिवार्य नहीं कर सकती है। IRDAI भी अनिवार्य ओपन आर्किटेक्चर के पक्ष में नहीं है। IRDAI का कहना है कि ओपन आर्किटेक्चर से मिस-सेलिंग का खतरा बढ़ सकता है। ज्यादा विकल्प ग्राहकों को भ्रमित कर सकते हैं। क्लोज्ड मॉडल ज्यादा प्रभावी और जवाबदेह हैं। बता दें कि बैंकएश्योरेंस, बैंकों के जरिए बीमा पॉलिसी बेचने की व्यवस्था है। वहीं, ओपन आर्किटेक्चर इंश्योरेंस इंडस्ट्री में एक तरह का डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल है।

 

अपडेट जारी…………..