
गुजरात सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नए सर्कुलर के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को पेंशन राशि की निकासी और एन्युइटी (Annuity) खरीदने के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा, सरकारी क्षेत्र के NPS सदस्यों को सेवानिवृत्ति के बाद भी 85 वर्ष की आयु तक इस योजना से जुड़े रहने की विशेष छूट दी गई है। ALSO READ: सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका: GSRTC में 2510 हेल्पर पदों पर ऑनलाइन भर्ती शुरू
8 लाख तक की राशि पर पूर्ण निकासी की छूट
नए नियमों के अनुसार, सामान्य रूप से सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली कुल पेंशन राशि में से कम से कम 40 प्रतिशत हिस्से की एन्युइटी खरीदना अनिवार्य होता है। हालांकि, छोटे निवेशकों को राहत देते हुए यह घोषणा की गई है कि यदि कुल संचित पेंशन राशि 8 लाख रुपए तक होगी, तो कर्मचारी को पूरी राशि एकमुश्त (एक साथ) निकालने का विकल्प मिलेगा।
8 से 12 लाख रुपए तक की राशि के लिए भुगतान के नए विकल्प
यदि संचित पेंशन राशि 8 लाख से 12 लाख रुपए के बीच है, तो कर्मचारी अधिकतम 6 लाख रुपए तक की राशि एकमुश्त निकाल सकेंगे। जबकि शेष राशि के लिए कम से कम छह वर्षों तक समय-समय पर (किस्तों में) भुगतान प्राप्त करने या एन्युइटी खरीदने का विकल्प दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी अपनी एन्युइटी खरीद और एकमुश्त राशि की निकासी को 85 वर्ष की आयु तक टाल (Defer) भी सकते हैं। ALSO READ: GIDC प्लॉट धारकों के लिए बड़ी राहत: राज्य सरकार ने घोषित की 'GIDC एम्नेस्टी स्कीम'
स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति (VRS) और अन्य विशेष प्रावधान
स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति (VRS) या अन्य निर्धारित मामलों में, कर्मचारी को अपनी कुल संचित राशि का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा एन्युइटी के लिए आवंटित करना होगा। लेकिन यदि ऐसी स्थिति में कुल संचित राशि 5 लाख या उससे कम है, तो पूरी राशि एकमुश्त निकालने की अनुमति होगी। इन नए सुधारों के माध्यम से NPS के सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्र के सदस्यों के लिए निकासी के अलग-अलग और स्पष्ट प्रावधान लागू किए गए हैं।






