IT Sector में रौनक समेत 4 वजह, Sensex भागा 900 प्वाइंट्स ऊपर, Nifty पहुंचा 22900 के करीब

Share Market Rally: कच्चे तेल में गिरावट और रुपये की मजबूती से स्टॉक मार्केट को शानदार सपोर्ट मिला है। इस सपोर्ट पर सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 22900 के करीब पहुंच गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर बिकवाली का दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की गिरावट है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:09 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 871.57 प्वाइंट्स यानी 1.20% की बढ़त के साथ 73,653.46 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 250.05 प्वाइंट्स यानी 1.11% के उछाल के साथ 22,873.25 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 930.67 प्वाइंट्स उछलकर 73,712.56 और निफ्टी 269.20 प्वाइंट्स चढ़कर 22,891.90 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

कच्चे तेल में गिरावट

न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका तेल के बेडे़ पर प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर रहा है। इससे कच्चे तेल पर दबाव बढ़ा और ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल फिसलकर $104 के करीब आ गया। इसने मार्केट में रौनक बिखेरी है।

IT Sector से मजबूत सपोर्ट

घरेलू मार्केट को आज आईटी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। एआई स्टॉक्स में भारी बिकवाली के चलते एआई-हैवी दक्षिण कोरियाई इंडेक्स कोस्पी करीब 9% टूट गया। एआई स्टॉक्स में बिकवाली ने आईटी सर्विसेज स्टॉक्स की रौनक बढ़ा दी और घरेलू मार्केट में निफ्टी आईटी 2% से अधिक उछल पड़ा। इसकी तेजी ने पीएसयू बैंकिंग शेयरों की बिकवाली को संभाल लिया, जिसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक टूटा है। प्राइवेट बैंकों से भी मार्केट को सपोर्ट मिला है, और निफ्टी प्राइवेट बैंक 1% से अधिक मजबूत हुआ है।

वैल्यू बाइंग

हाल-फिलहाल मार्केट में भारी गिरावट से कई अच्छे-अच्छे स्टॉक्स भी सस्ते में मिलने लगे तो निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग होने लगी, जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।

रुपये की मजबूती

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 24 पैसे मजबूत होकर 94.92 के भाव पर खुला। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; IDBI Bank, HDB Financial और OM Power समेत 15 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 10.50 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 22,612.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 14 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 251.89 प्वाइंट्स यानी 0.34% की गिरावट के साथ 72,781.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.25 प्वाइंट्स यानी 0.44% की फिसलन के साथ 22,622.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

ICICI Lombard General Insurance Company Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी का मुनाफा 15.47% बढ़कर ₹946.4 करोड़, प्रीमियम से नेट कमाई 17.7% उछलकर ₹6,651.87 करोड़ और टोटल इनकम 19.2% बढ़कर ₹7,843.7 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान बीमा कंपनी का अंडरराइटिंग लॉस भी ₹178.36 करोड़ से ₹318.38 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने हर शेयर पर ₹7 के अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है।

HDB Financial Services Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का मुनाफा 34.2% बढ़कर ₹780.2 करोड़ और प्रीमियम से नेट कमाई 15.6% उछलकर ₹2,533.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Bajaj Consumer Care Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बजाज कंज्यूमर केयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 65.9% बढ़कर ₹70.2 करोड़ और रेवेन्यू 25.5% उछलकर ₹332.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Technologies Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा टेक्नोलॉजीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3.6% बढ़कर ₹171.44 करोड़ और रेवेन्यू 28.4% उछलकर ₹1698.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Ceat Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सिएट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 39.8% फिसलकर ₹112 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 26.2% उछलकर ₹4,762 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी जीरो से ₹13 करोड़ के एक्सपेश्नल लॉस में आ गई, जो कि वालंटरी रिटायरमेंट स्कीम से जुड़ा है।

Mangalore Refinery and Petrochemicals Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 203% बढ़कर ₹1900.8 करोड़ और रेवेन्यू (एक्साइज ड्यूटी छोड़कर) 43.6% उछलकर ₹32,516.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Hathway Cable and Datacom Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हाथवे केबल एंड डेटाकॉम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 44.3% बढ़कर ₹10.16 करोड़ और रेवेन्यू 5.7% उछलकर ₹567.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,187.6 करोड़ का आईपीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड प्रति शेयक ₹1,065–₹1,119 फिक्स किया है। इस इश्यू के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। इसमें ₹500 करोड़ के शेयर तो जियो प्लेटफॉर्म्स के एलिजिबल एंप्लॉयीज और ₹2500 करोड़ के शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज के एलिजिबल शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित हैं।

IDBI Bank

फेयरफैक्स फाइेंशियल होल्डिंग्स की कनाडा इंक को आईडीबीआई बैंक खरीदने की मंजूरी मिल गई है। सरकार और एलआईसी इसमें कुल मिलाकर 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में बेच रही है। सरकार बैंक में अपनी 30.48% और एलआईसी 30.24% हिस्सेदारी बेच रही है। कनाडा इंक इसे प्रति शेयर ₹81 के भाव पर खरीद रही है। सौदे के बाद सरकार की बैंक में 15% और एलआईसी के पास 19% हिस्सेदारी रह जाएगी।

Dr Reddy’s Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में डॉ रेड्डीज की एफटीओ-9 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की PAI (प्री-अप्रूवल इंस्पेक्शन) पूरी कर ली है। 8-9 अक्टूबर की जां के बाद तीन ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी हुआ है।

Enviro Infra Engineers

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स की सब्सिडियरी सुयोग ऊर्जा को एरी एनर्जी एलएलपी से ₹228 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है। इस प्रोजेक्ट में महाराष्ट्र के लातूर में 100 MW के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) टर्न्की काम शामिल हैं।

Om Power Transmission

ओम पावर ट्रांसमिशन को उत्तर गुजरात विज कंपनी से ₹101.56 करोड़ के टर्न्की कॉन्ट्रैक्ट के लिए LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में अंबाजी में मौजूदा इलेक्ट्रिकल लाइन नेटवर्क को अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क में बदलने और उससे जुड़े अन्य काम हैं।

AceVector

ICICI सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप ने ऐसवेक्टर के 32.91 लाख शेयर (0.6% हिस्सेदारी) ₹8.6 करोड़ में प्रति शेयर ₹26.27 के भाव पर बेच दिए।

Devson Catalyst

इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड ने डेवसन कैटलिस्ट के 72,000 इक्विटी शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹2.75 करोड़ में प्रति शेयर ₹382.50 के भाव पर बेच दिए। 15 जुलाई, 2026 तक डेवसन कैटलिस्ट में इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड की 2.41% हिस्सेदारी (3.27 लाख शेयर) थी।

Fine Line Circuits

वॉलफोर्ट फाइनेंशियल सर्विसेज ने फाइन लाइन सर्किट्स के 25,000 शेयर (0.52% हिस्सेदारी) ₹20.71 लाख में प्रति शेयर ₹82.87 के भाव पर खरीदे।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj Finance-M&M के चलते Sensex लाल, Nifty कमजोर, ₹43 हजार करोड़ घटी निवेशकों की दौलत

Sensex-Nifty closed red: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में भी आज शुरुआती हल्की उठा-पटक के बाद तेज गिरावट दिखी। सेंसेक्स डे-हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया और निफ्टी भी 22600 के नीचे आ गया और रेड जोन में बंद भी हुए। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक गायब हो गई और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड जोन में बंद हुए। इस दबाव में आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹43 हजार करोड़ से अधिक कम हो गया यानी कि निवेशकों की दौलत ₹43 हजार करोड़ से अधिक घट गई।

सेक्टरवाइज मार्केट को आईटी और एफएमसीजी सेक्टर ने ऊपर ले जाने की कोशिश की और इनके निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक ऊपर चढ़े। हालांकि फार्मा और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर ने मार्केट पर काफी दबाव बनाया। निफ्टी फार्मा 1% से अधिक तो निफ्टी प्राइवेट बैंकों आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो भी करीब 1% कमजोर हुआ।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें आज 14 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 251.89 प्वाइंट्स यानी 0.34% की गिरावट के साथ 72,781.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.25 प्वाइंट्स यानी 0.44% की फिसलन के साथ 22,622.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में बात करें तो सेंसेक्स 161.48 प्वाइंट्स चढ़कर 73,195.26 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 616.51 प्वाइंट्स फिसलकर 72,578.75 तक आ गया और निफ्टी भी पहले 36.00 प्वाइंट्स चढ़कर 22,757.95 तक पहुंचा, जहां से यह 199.00 प्वाइंट्स टूटकर 22,558.95 तक आ गया था।

डूबे निवेशकों के ₹43 हजार करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 अक्टूबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,70,91,742.63 करोड़ था। आज यानी 14 अक्टूबर 2026 को यह घटकर ₹4,70,47,768.69 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹43,973.94 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 11 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 11 आज बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे अधिक तेजी आज इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस में रही। वहीं दूसरी तरफ बजाज फाइनेंस, एमएंडएम और बजाज फिनसर्व में आज सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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126 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4578 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2563 शेयर आज मजबूत हुए तो 1810 में गिरावट रही जबकि 205 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 126 शेयर एक साल के हाई और 103 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 5 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 43 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Fall: डे-हाई से Sensex टूटा 600 प्वाइंट्स, Nifty आया 22600 के नीचे

Share Market Fall: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज मिला-जुला रुझान दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी रेड से ग्रीन और ग्रीन से रेड जोन में झूलने लगे। एक तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली सुस्त होने और टैक्सेशन में राहत की उम्मीद इसे ऊपर ले जाने की कोशिश में है तो दूसरी तरफ मुनाफावसूली और तेल की महंगाई इसे नीचे खींच रही। हालांकि शुरुआती सुस्ती के बाद सेंसेक्स डे-हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 22600 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की बढ़त है।

फिलहाल 01:07 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 313.37 प्वाइंट्स यानी 0.43% की गिरावट के साथ 72,720.41 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.45 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 22,605.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 161.48 प्वाइंट्स चढ़कर 73,195.26 तक पहुंचा था लेकिन शुरुआती हल्की उठा-पटक के बाद यह एक तरफ फिसलता चला गया और डे-हाई से प्वाइंट्स टूटकर 616.51 प्वाइंट्स गिरकर 72,578.75 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी पहले 36.00 प्वाइंट्स चढ़कर 22,757.95 तक पहुंचा जिससे यह 199.00 प्वाइंट्स फिसलकर 22,558.95 तक आ गया।

किन वजहों से मार्केट आ रहा नीचे

मुनाफावसूली

एक कारोबारी दिन पहले मार्केट में शानदार रौनक रही। सेंसेक्स और निफ्टी डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुए। ऐसे में ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से मार्केट पर दबाव बना और यह नीचे फिसलने लगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 13 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने लगातार 13वें दिन खरीदारी से अधिक बिकवाली की। 13 अक्टूबर मंगलवार को FIIs ने करीब ₹1305 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

तेल की कीमतों में उछाल

हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच लड़ाई ने सप्लाई की चिंताएं बढ़ाई हैं और कच्चे तेल में उबाल आया तो मार्केट में इसकी आंच महसूस हुई। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $107 के करीब पहुंच गया।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में उछाल से मार्केट पर दबाव बढ़ा है। फिलहाल यह 2.33% की तेजी के साथ 14.45 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

किन वजहों से मार्केट को मिल रहा सपोर्ट

LTCG और STT पर सरकार के नजरिए से सपोर्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर सभी पक्षों की राय सुनना चाहेगी। इसने मार्केट में जोश भर दिया। वित्त मंत्री ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सरकार किन सुझावों पर विचार करेगी।

RBI की कोशिशों से FIIs की बिकवाली सुस्त

विदेशी निवेशकों ने लगातार 13वें दिन घरेलू मार्केट में बिकवाली की। हालांकि जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि करेंसी मार्केट में सट्टेबाजी को रोकने के लिए आरबीआई के उपायों से पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में रुपये में 1.5% की मजबूती आई है, जिससे मार्केट में FIIs की बिकवाली को काफी कम करने में मदद मिली है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक बुलिश रुझान के लिए निफ्टी को 22,750 के पार जाना होगा। कोटक नियो के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि निफ्टी/सेंसेक्स के लिए 22,480/72,500 अहम सपोर्ट लेवल है और ऊपर की तरफ 22,850/73,500 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा है। श्रीकांत के मुताबिक 22,850/73,500 के ऊपर सफल ब्रेकआउट के बाद मार्केट 23,000/74,000 की तरफ बढ़ सकता है लेकिन अगर नीचे की तरफ 22,480/72,500 का लेवल टूटटा है तो बिकवाली की आंधी चल सकती है।

चॉइस ब्रोकिंग का कहना है कि नियर टर्म में आउटलुक पॉजिटिव है लेकिन उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक पिछले कारोबारी सत्र में जबरदस्त रिकवरी से मार्केट का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली इस दबाव भी डाल रही है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है लेकिन बीच-बीच में प्रॉफिट बुकिंग से मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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Market cues : मंदड़ियों के कमजोर पड़ने के मिल रहे संकेत, 22800–22900 के पार जाने पर निफ्टी में आएगी तेजी

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी 50 ने जबरदस्त रिकवरी की। IT शेयरों के दम पर 13 अक्टूबर को इसमें 1.6 प्रतिशत की तेजी आई और यह पिछले दिन के उच्चतम स्तर से ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने ‘बुलिश एनगल्फिंग’ जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया। यह बुल्स की मज़बूत वापसी का संकेत है। पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन में और खासकर 8 अक्टूबर को 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद,निफ्टी ने 22,200 के लेवल को बचाए रखा जो आगे भी एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। वहीं,22,500–22,600 का जोन तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। वहीं ऊपर की तरफ मोमेंटम बनाए रखने और अपने अपट्रेंड को 23,000 के पार ले जाने के लिए इंडेक्स को 22,800–22,900 के तत्काल रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती से निकलना होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,722) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 22,743, 22,845 और 23,011

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,412, 22,309 और 22,144

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई जो ‘बुलिश एनगल्फिंग पैटर्न’ जैसी दिखती है। यह पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ जो बुल्स की जबरदस्त वापसी का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज (20, 50, 100 और 200 दिन के EMA) से नीचे ट्रेड करता रहा,हालांकि यह 10-दिन के EMA से ऊपर वापस आने में कामयाब रहा। मोमेंटम इंडिकेटर्स से पता चला कि बेयरिश मोमेंटम धीरे-धीरे कम हो रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) बढ़कर 43.43 हो गया और अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर बना रहा। जबकि MACD ने बुलिश क्रॉसओवर दिखाया और इसका हिस्टोग्राम लगभग दो महीनों में पहली बार हरा हो गया। इन सभी टेक्निकल संकेतों से पता चलता है कि निकट भविष्य में मोमेंटम में सुधार हो रहा है,हालांकि इंडेक्स अभी भी अपने मुख्य मूविंग एवरेज से नीचे है। इससे संकेत मिलता है कि बड़ा ट्रेंड अभी तक पूरी तरह से बुलिश नहीं हुआ है।

बैंक निफ्टी (55,481) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,568, 55,760 और 56,072

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,945, 54,752 और 54,440

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,049, 54,053

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

एक दिन बिकवाली के दबाव के बाद बैंक निफ्टी में भी जोरदार रिकवरी आई। इसने डेली चार्ट पर ‘बुलिश एनगल्फिंग’ जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न (पूरी तरह से क्लासिकल नहीं) बनाया,जो तेजी का संकेत है। इंडेक्स में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 55,200 के रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर मजबूती से बंद हुआ। सितंबर के बाद पहली बार यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बंद हुआ,जो निकट भविष्य में तेजी की गति (मोमेंटम) में सुधार का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर्स में RSI बढ़कर 48.22 पर पहुंच गया और इसने पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखाया। जबकि MACD अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। इसके अलावा,MACD हिस्टोग्राम की हरी बार्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़ीं। ये बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत है। ये टेक्निकल संकेत बुलिश मोमेंटम में सुधार और आगे और बढ़त की संभावना की ओर इशारा करते हैं। हालांकि रिकवरी की पुष्टि के लिए अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर लगातार मजबूती बनाए रखना जरूरी होगा।

Asian Market: टेक शेयरों में गिरावट के बाद रिकवरी से एशियाई बाजारों में उछाल, Kospi 1% से ज़्यादा चढ़ा

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स ‘इंडिया VIX’ (जिसे ‘फियर गेज’ भी कहा जाता है) पिछले सेशन में 6.1% बढ़ने के बाद 7.43% गिरकर 14.12 पर आ गया,जिससे तेजड़ियों को कुछ राहत मिली। हालांकि,उतार-चढ़ाव का यह इंडेक्स अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। अगर यह 12 के स्तर से नीचे आता है तो बुल्स को और ज्यादा राहत मिलेगी और इक्विटी मार्केट के लिए हालात और बेहतर होने के संकेत मिलेंगे।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 अक्टूबर को बढ़कर 1.16 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.73 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: बंधन बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

‘LTCG और STT पर निवेशकों की राय सुनेगी सरकार’, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान से शेयर बाजार में तूफानी तेजी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर सभी पक्षों की राय सुनना चाहेगी। इन दोनों टैक्स को लेकर निवेशक लगातार अपनी बात रख रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को टैक्स का बोझ कम करना चाहिए।

सीतारमण ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह बात कही। उन्होंने बताया कि LTCG टैक्स को लेकर भारत ही नहीं, विदेश के निवेशक भी सवाल उठा रहे हैं।

LTCG और STT पर क्या बोलीं वित्त मंत्री?

सीतारमण ने कहा कि बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सरकार किन सुझावों पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सोच-समझकर बोलना चाहती हैं।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘यह सवाल उठता है कि शेयर बाजार में LTCG टैक्स और STT दोनों क्यों लगाए जाते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इनमें से कोई एक टैक्स ही होना चाहिए। सभी तरह की संपत्तियों पर एक जैसा टैक्स लगाने का मुद्दा भी लंबे समय से चर्चा में है।’

LTCG और STT के पीछे मकसद

सीतारमण ने कहा कि दो साल पहले सरकार ने अलग-अलग एसेट क्लास पर टैक्स को एक समान स्तर पर लाने की कोशिश की थी। उस समय कुछ लोगों को लगा कि सरकार टैक्स बढ़ा रही है। हालांकि, सीतारमण ने कहा कि ऐसा नहीं था। सरकार का मकसद अलग-अलग एसेट क्लास के बीच टैक्स का अंतर कम करना था।

इससे निवेशकों को सिर्फ टैक्स में मिलने वाले फायदे के आधार पर निवेश का विकल्प चुनने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वित्त मंत्री ने कहा, ‘इन मुद्दों पर बहस होना अच्छी बात है। मैं इस मामले में सभी पक्षों की राय सुनना चाहूंगी।’

बयान के बाद शेयर बाजार में तेजी

वित्त मंत्री के बयान के बाद शेयर बाजार में तेजी और बढ़ गई। सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों 1.5% से ज्यादा चढ़ गए। निफ्टी दिनभर 22,600 के स्तर को पार करने के लिए संघर्ष कर रहा था। हालांकि, बाद में यह इस स्तर के ऊपर निकल गया। कारोबार के दौरान निफ्टी 22,650 के पार भी पहुंचा।

कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी आई। BSE, CDSL और NSDL के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।

रुपये की गिरावट पर क्या बोलीं सीतारमण?

वित्त मंत्री ने रुपये की कमजोरी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रुपये को संभालने के लिए कई कदम उठा रहा है।

हालांकि, रुपये में गिरावट की कई वजहें हैं। इनमें से ज्यादातर का संबंध दूसरे देशों से है। सीतारमण ने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है।

फिस्कल डिसिप्लिन पर निवेशकों को चिंता की जरूरत नहीं

सीतारमण ने राजकोषीय अनुशासन यानी फिस्कल डिसिप्लिन पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हमेशा अहम मुद्दा रहा है।

उनके मुताबिक, गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी मोदी राजकोषीय अनुशासन पर जोर देते थे। वित्त मंत्री ने कहा कि फिस्कल डिसिप्लिन को लेकर निवेशकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

शेयर बाजारों को बड़े बूस्टर डोज की जरूरत, इन उपायों से मार्केट को लग सकते हैं पंख

भारत की इकोनॉमी मजबूत है, लेकिन शेयर बाजारों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। कम्प्लीट सर्किल के मैनेजिंग पार्टनर एवं चीफ इनवेस्टमेंट अफसर गुरमीत चड्ढ़ा का कहना है कि सरकार को शेयर बाजारों के सेंटीमेंट में सुधार के लिए टैक्स घटाने के साथ ही रिफॉर्म्स करना चाहिए। उन्होंने इस बारे में कुछ कदम उठाने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि कई डेटा भारतीय अर्थव्यवस्था में मजूबती का संकेत देते हैं। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून तिमाही) में निफ्टी 50 की रेवेन्यू ग्रोथ 20 फीसदी से ज्यादा रही है। टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) 21 फीसदी बढ़ा है। सितंबर में ऑटो सेल्स रिकॉर्ड 25.4 लाख यूनिट्स पर पहुंच गई। कमर्शियसल व्हीकल्स की रिटेल बिक्री पहली बार एक लाख यूनिट्स पहुंच गई। इससे इकोनॉमी में आर्थिक गतिविधियां मजबूत रहने का पता चलता है।

इकोनॉमी की मजबूत स्थिति के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली ने शेयर बाजारों पर दबाव बढ़ाया है। डेरिवेटिव्स ट्रेड का एक बड़ा हिस्सा आर्बिट्रॉज ट्रेड पर निर्भर है, जिसमें तेजी से कमी आ रही है। आज निफ्टी खरीदने और फ्यूचर में बेचने पुर 15-16 रुपये का लॉस हो रहा है। उधर, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में उछाल है। जियोपॉलिटिकल टेंशन हाई लेवल पर है।

चड्ढ़ा के मुताबिक, हिस्टोरिकल ट्रेंड से पता चलता है कि टैक्स घटाने का शेयर बाजारों पर पॉजिटिव असर पड़ता है। जीएसटी, कॉर्पोरेट टैक्स और इनकम टैक्स में कमी के बाद ऐसा देखने को मिला है। ऐसे में शेयर बाजारों के सेटीमेंट को बेहतर बनाने के लिए सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को घटाकर पिछले साल के बजट के लेवल पर लाया जा सकता है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) में भी कमी की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि डिविडेंड और बायबैक पर टैक्स के नियम अभी काफी जटिल हैं। मौजूदा नियम की वजह से प्रमोटर्स को शेयर ऑफलोड करने को मजबूर होना पड़ता है। इससे मार्केट में शेयरों की सप्लाई जरूरत से ज्यादा हो जाती है। अगर डिविडेंड और बायबैक के टैक्स के नियमों में बदलाव किया जाता है तो शेयरों के सप्लाई का दबाव घटेगा। उन्होंने रेगुलेटरी चेंजेज को भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि अगस्त में कैश मार्केट में एडजस्टमेंट के लिए 3:15 से 3:30 का समय तय किया गया। इसका खराब असर प्राइस डिस्कवरी पर पड़ा है। इश्योरेंस में रिफॉर्म्स जरूरी है, लेकिन इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की जरूरत है। इससे सिस्टम को अचानक झटका नहीं लगेगा।

HCL Tech shares Price: Q2 नतीजों के बाद शेयर बना रॉकेट, 5% से ज्यादा चढ़कर बना निफ्टी का टॉप गेनर, एक्सपर्ट्स से जानें अब खरीदें , बेचें या रहे बनें

HCL Tech shares Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक (HCLTech) के शेयर में 13 अक्टूबर को जोरदार बढत देखने को मिली। शेयर इंट्राडे में 5 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाते हुए निफ्टी का टॉप गेनर बन गया । IT सर्विस देने वाली इस बड़ी कंपनी के शेयरों में बढ़त की वजह कंपनी द्वारा दूसरी तिमाही में अच्छी कमाई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ और बड़ी डील जीतने के बाद आई है।

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ के अपने अनुमान को भी बढ़ा दिया, हालांकि ब्रोकरेज अभी भी स्टॉक के ऊपर जाने की संभावना को लेकर बंटे हुए हैं। HCLTech के शेयर सोमवार के 1,223 रुपये के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले 5.55 फीसदी चढ़कर 1,288 रुपये पर पहुंच गया। मंगलवार की तेजी के बावजूद, 2026 में अब तक स्टॉक 22.2 फीसदी नीचे है, जबकि निफ्टी 50 में 14.2 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 3.45 लाख करोड़ रुपये रहा।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

HCLTech ने सोमवार को सितंबर तिमाही के लिए 5,132 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट बताया, जो साल-दर-साल 21.2 परसेंट ज़्यादा है, जबकि रेवेन्यू 11.5 परसेंट बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेटिंग मार्जिन लगातार 131 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 18.2 परसेंट हो गया।

क्या है शेयर पर ब्रोकरेज फर्मों की राय

नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने HCLTech के आउटलुक के बारे में मिली-जुली राय दी। नोमुरा ने 1,330 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी Buy रेटिंग बनाए रखी, जिसमें मजबूत सर्विस परफॉर्मेंस, बढ़ते AI रेवेन्यू और कंपनी की AI स्ट्रैटेजी में प्रोग्रेस का हवाला दिया गया।

जेफरीज ने HCLTech को अपनी पिछली “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग से अपग्रेड करके “होल्ड” कर दिया है, और इसका प्राइस टारगेट पहले के ₹1,070 से बढ़ाकर ₹1,150 कर दिया है।

HSBC ने भी HCLTech पर अपनी “होल्ड” रेटिंग बनाए रखी है और प्राइस टारगेट ₹1,225 रखा है। इसने कंपनी के आउटलुक कमेंट्री को पॉजिटिव बताया क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में डिमांड में सुधार हुआ है, हालांकि फर्म ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इसका सस्टेनेबिलिटी एक चिंता का विषय है।HSBC ने बताया कि HCLTech अपने कॉम्पिटिटर के मुकाबले मीडियम आउटपरफॉर्मेंस और कम मार्जिन के लिए प्रीमियम वैल्यूएशन मल्टीपल पर ट्रेड कर रही है।

सिटी ने HCLTech पर ₹1,050 के प्राइस टारगेट के साथ “सेल” करने की सलाह दी है। फर्म ने मार्जिन बीट के बाद अपने फाइनेंशियल ईयर 2027-2029 EPS अनुमानों को भी 1% से 3% तक बढ़ा दिया है। हालांकि, सिटी ने कहा है कि मार्जिन का सस्टेनेबिलिटी अहम होगा क्योंकि HCLTech पहले से ही आम सहमति के अनुमानों के आधार पर TCS और इंफोसिस जैसे अपने कॉम्पिटिटर के मुकाबले 20% से 25% प्रीमियम पर ट्रेड कर रही है।

HCLTech पर 45 एनालिस्ट की कवरेज है, जिनमें से 18 ने स्टॉक को “बाय” रेटिंग दी है, 16 ने “होल्ड” कहा है, और 11 ने स्टॉक को “सेल” रेटिंग दी है। प्राइस टारगेट के आम अनुमानों से पता चलता है कि मौजूदा लेवल से सिर्फ़ 2.1% की बढ़त की संभावना है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

कच्चे तेल और डॉलर का डबल प्रेशर! क्या बाजार पर दिखाएगा आज असर, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्के पॉजिटिव नोट पर खुलने की संभावना है। एशियाई बाजारों में तेज बिकवाली के बावजूद GIFT निफ्टी में बढ़त के संकेत हैं। हालांकि, भारत में उम्मीद से ज़्यादा रिटेल महंगाई, कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सेंटिमेंट पर असर पड़ सकता है। RBI के ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीद से भी घरेलू आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे के आसपास 55 पॉइंट या 0.25 प्रतिशत बढ़कर 22,425 पर ट्रेड कर रहा था। सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजार तेजी से नीचे बंद हुए, सेंसेक्स 547.65 पॉइंट या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 पॉइंट या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर आ गया। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर नेट सेलर बने रहे, उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू इंस्टीट्यूशन ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

भारत की रिटेल महंगाई बढ़कर 5.54% हुई

सितंबर में भारत की रिटेल महंगाई उम्मीद से ज़्यादा 5.54 फीसदी हो गई, जो रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की 6 परसेंट की ऊपरी टॉलरेंस लिमिट के करीब पहुंच गई और आगे इंटरेस्ट-रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मज़बूत किया। यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और कमज़ोर मॉनसून के लगातार दबाव के बीच हुई है, साथ ही ईरान युद्ध, जो अब अपने आठवें महीने में है, एनर्जी सप्लाई और फ्यूल महंगाई की चिंताओं को भी रोक रहा है।

महंगाई की यह रीडिंग RBI के इस महीने की शुरुआत में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 फीसदी करने के फैसले के बाद आई है, जो फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है, और अपनी पॉलिसी को सोच-समझकर सख्ती करने की ओर ले गया है। ज़्यादा महंगाई और सख्त मॉनेटरी हालात के मेल से रेट-सेंसिटिव सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है।

टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में गिरावट के कारण एशियाई बाज़ार गिरे

मंगलवार को एशियाई इक्विटीज़ में भारी गिरावट आई क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और मज़बूत डॉलर के बीच टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव था। कॉर्पोरेट अर्निंग्स सीज़न से पहले इन्वेस्टर्स भी सावधान हो रहे हैं।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती ट्रेडिंग में 2 परसेंट से ज़्यादा गिरा, जबकि साउथ कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी 6 परसेंट गिरा। जापान का निक्केई 2.6 फीसदी गिरा, जो रीजनल मार्केट में बड़े पैमाने पर रिस्क से बचने को दिखाता है।

वॉल स्ट्रीट मिले-जुले बंद हुआ, नैस्डैक गिरा

US इक्विटी सोमवार को मिले-जुले बंद हुए, जिसमें नैस्डैक पर टेक्नोलॉजी शेयरों का दबाव रहा जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बढ़ा। डॉव 195.60 पॉइंट्स या 0.38 परसेंट बढ़कर 51,850.55 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 0.06 परसेंट गिरकर 7,807.24 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 0.44 परसेंट गिरकर 27,245.90 पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के VP – टेक्निकल रिसर्च, सचिन गुप्ता ने कहा, “कुल मिलाकर, सेंसेक्स आउटलुक सावधानी के साथ साइडवेज़ बना हुआ है। 71,300–71,500 ज़ोन पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि इस एरिया को होल्ड करने से इंडेक्स को स्थिर होने और रिकवरी की कोशिश करने में मदद मिल सकती है। ऊपर की तरफ, सेंटिमेंट को बेहतर बनाने और मज़बूत खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत देने के लिए 72,500–72,700 से ऊपर लगातार मूव की ज़रूरत है। तब तक, ट्रेडर्स को सेलेक्टिव रहना चाहिए और नई डायरेक्शनल पोज़िशन लेने से पहले मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल के आसपास प्राइस एक्शन पर नज़र रखनी चाहिए।”

निफ्टी 50 आउटलुक पर, LKP सिक्योरिटीज़ के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे ने कहा कि इंडेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जिससे एक डार्क क्लाउड कवर पैटर्न बना। यह बनावट बताती है कि पिछले दिन का पॉज़िटिव मोमेंटम कमज़ोर हो रहा है, जिससे मंदी की चाल फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ रही है।

डे ने आगे कहा, “कुल मिलाकर सेंटिमेंट कमजोर लग रहा है और इससे और गिरावट आ सकती है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर इक्विटी पर पड़ रहा है। निचले स्तर पर, तुरंत सपोर्ट 22,300 पर है, जिसके नीचे निफ्टी 22,100 या उससे भी नीचे जा सकता है। ऊपरी स्तर पर, रेजिस्टेंस 22,420 और 22,650 पर है।”

Asian Market: US अर्निंग्स से पहले AI में बिकवाली बढ़ने से एशियाई स्टॉक्स गिरे, कोस्पी, निक्केई सबसे आगे

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

DMart का शेयर, Q2 नतीजे के बाद होगा रिकवर या इस बात पर आएगा और नीचे?

DMart Share Price: डीमार्ट की पैरेंट कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स (Avenue Supermarts Share Price) के शेयर एक कारोबारी दिन पहले खरीदारी के माहौल में भी इंट्रा-डे में टूटकर एक साल के निचले स्तर पर आ गए थे। सितंबर तिमाही के नतीजे आने से पहले की इसके शेयरों की गिरावट अब नतीजे आने के बाद थमेगी या नहीं, इसका खुलासा अब 12 अक्टूबर को मार्केट खुलने पर होगा। सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 8% से अधिक तो रेवेन्यू 17% से अधिक बढ़ गया लेकिन मार्जिन घट गया तो अब शेयरों पर नजर रहेगी। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 9 अक्टूबर को बीएसई पर यह ₹3520.00 पर बंद हुआ था।

इंट्रा-डे में यह 2.78% टूटकर एक साल के निचले स्तर ₹3,499.90 तक आ गया था। वहीं घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो शुक्रवार को सेंसेक्स (Sensex) 879.09 प्वाइंट्स यानी 1.22% की बढ़त के साथ 72.472.33 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 288.65 प्वाइंट्स यानी 1.29% के उछाल के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ था।

DMart की Avenue Supermarts के लिए कैसी रही सितंबर तिमाही

एवेन्यू सुपरमार्ट्स का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 8.5% उछलकर ₹743.5 करोड़ पर पहुंच गया।

10 अक्टूबर को एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 17.8% बढ़कर ₹19,644 करोड़ पर पहुंच गया।

ऑपरेटिंग लेवल पर ईबीआईटीडी भी इस दौरान 15% बढ़कर ₹1,394 करोड़ हो गया लेकिन मार्जिन 7.3% से 7% पर आ गया।

डीमार्ट के ब्रिक-एंड-मोर्टार बिजनेस को लेकर कंपनी के एमडी और सीईओ अंशुल अश्व का कहना है कि दो या इससे पुराने स्टोर्स की संख्या सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 6.8% से बढ़कर 9.5% हो गई

सितंबर तिमाही में कंपनी ने 15 नए स्टोर खोले और अब इसके कुल 518 स्टोर्स हो गए। इसमें नवी मुंबई का वह स्टोर भी है, जो फिलहाल रीकंस्ट्रक्शन के चलते ग्राहकों के लिए बंद है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

डीमार्ट के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 17 अप्रैल 2026 को बीएसई पर यह एक साल के हाई 4,642.00 पर था। इस हाई लेवल से छह ही महीने में 24.60% टूटकर 9 अक्टूबर 2026 को ₹3,499.90 पर आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

GDP ग्रोथ रेट 7% से ज्यादा, फिर लगातार क्यों गिर रहा भारत का शेयर बाजार?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।