Stock Market Fall: 243 प्वाइंट्स टूटा Sensex, इन 4 वजहों से Nifty आया 24100 के करीब

Stock Market Fall: अमेरिका और ईरान की बढ़ती तल्खी से कच्चे तेल में उबाल आया जिसमें स्टॉक मार्केट झुलस गया। इसकी आंच में सेंसेक्स 243 प्वाइंट्स फिसल गया तो निफ्टी भी 24100 के काफी करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव आया और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में गिरावट दिख रही है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:25 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 231.64 प्वाइंट्स यानी 0.30% की गिरावट के साथ 77,137.47 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.50 प्वाइंट्स यानी 0.41% की फिसलन के साथ 24,119.55 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 243.20 प्वाइंट्स टूटकर 77,125.91 और निफ्टी भी 103.60 प्वाइंट्स गिरकर 24,115.45 तक आ गया।

Stock Market Fall: ये है वजह

ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान

अमेरिका ने ईरान के ऑयल,डिजिटल एसेट,तकनीक,सोना,एविएशन और शिपिंग सेक्टर पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि ईरान का साथ देने वाले देशों पर भी कार्रवाई होगी। उधर ईरान ने डॉलर सिस्टम से हटने की चेतावनी देते हुए कहा है कि यह एक्ट ऑफ वॉर है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। वैश्विक ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $91 के करीब पहुंचा तो स्टॉक मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई।

Nifty की मंथली एक्सपायरी समेत एक्सपायरीज की बाढ़

आज एनएसई के निफ्टी और बैंक निफ्टी समेत सभी इंडेक्सेज और स्टॉक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है। ऐसे में ट्रेडर्स को आज अपनी मंथली पोजिशन को स्क्वेयर ऑफ करना है तो इसका असर मार्केट पर दिख रहा है। यह CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) लागू होने के बाद पहली मंथली एक्सपायरी होगी।

मेटल और आईटी स्टॉक्स का दबाव

मार्केट पर आज मेटल और ऑटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव दिख रहा है। निफ्टी मेटल में करीब 1% और निफ्टी आईटी में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी ऑटो में भी आधे फीसदी से अधिक फिसलन है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : टेक्निकल इंडीकेटर दे रहे मिलेजुले संकेत, 24300-24400 की दीवार पार होने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : ऊपरी स्तरों पर हुई मुनाफा वसूली के कारण निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,300 के लेवल (20-डे EMA) को बनाए रखने में नाकाम रहा और 24 अगस्त को 0.14 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। ट्रेडर्स 25 अगस्त को होने वाली मंथली F&O एक्सपायरी से पहले सतर्क नजर आए। मोमेंटम इंडिकेटर्स में बेयरिश क्रॉसओवर घबराहट का संकेत है,लेकिन घटता हुआ रेड हिस्टोग्राम बार बेयरिश मोमेंटम के कमजोर होने का संकेत है।

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि सोमवार के निचले स्तर के पास स्थित 24,150-24,100 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। इसके बाद 24,000 पर बड़ा सपोर्ट होगा। ऊपर की तरफ,24,300-24,400 का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इस दीवार को पार होने पर 24,500 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24,219) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,161, 24,121 और 24,057

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,290, 24,330 और 24,394

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने कल एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिखी। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी के बावजूद बिकवाली का दबाव बना रहा। क्लोजिंग बेसिस पर इंडेक्स 20-डे EMA के नीचे रहा,लेकिन डे EMA के ऊपर बना रहा। RSI गिरकर 47.85 पर आ गया और अपनी सिग्नल लाइन के नीचे रहा,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे बना रहा। हालांकि,लाल हिस्टोग्राम बार छोटा हो गया और स्टोकेस्टिक RSI लगातार तीसरे सेशन में भी बुलिश क्रॉसओवर बनाए रहा,जिससे कुल मिलाकर सतर्क रुख के बावजूद अंडरलाइंग मोमेंटम में कुछ सुधार का संकेत मिला।

बैंक निफ्टी (57,526) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,788, 57,937 और 58,176

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,309, 57,160 और 56,921

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,714

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,400, 57,135

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने भी निफ्टी की तरह ही कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से थोड़ा नीचे बंद हुआ। इंडेक्स की दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूट गया और इसमें 0.41 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि,यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा जो शॉर्ट-टर्म में थोड़ी सावधानी के बावजूद इसके बेहतर स्ट्रक्चर का संकेत है। RSI गिरकर 50.53 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD अपनी सिग्नल लाइन के नीचे ही बना रहा। हालांकि,लाल हिस्टोग्राम बार छोटा होता गया और स्टोकेस्टिक RSI लगातार तीसरे सेशन में भी पॉजिटिव क्रॉसओवर बनाए रखने में कामयाब रहा। इससे मिले-जुले संकेत मिलते हैं। शॉर्ट-टर्म मोमेंटम को लेकर सावधानी के संकेत हैं,लेकिन अंदरूनी मजबूती में सुधार के संकेत भी दिख रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

24 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट खरीदार रहे और उन्होंने 1,181 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार 10वें सेशन में खरीदारी जारी रखी और 2,493 करोड़ रुपये का निवेश किया।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX सोमवार को 2.95% बढ़कर 11.525 पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरे सेशन में भी ऊपर की ओर बढ़ा जो थोड़ी सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,यह बढ़त तेजड़ियों के लिए अभी चिंता की बात नहीं है,क्योंकि यह इंडेक्स अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के लेवल से नीचे बना हुआ है।

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पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 अगस्त को गिरकर 0.83 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.11 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: सेल (SAIL)

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Technicals : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जाने कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति, निफ्टी-बैंक निफ्टी में किन लेवल्स पर रहे नजर

Market Technicals : आज बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। बाजार की चाल सुस्त रही। निफ्टी 0.13% की गिरावट के साथ 24,219.05 पर और सेंसेक्स 0.22% की गिरावट के साथ 77,369.11 पर बंद हुआ। सेक्टर नजरिए से देखें तो मेटल और रियल्टी सेक्टर में बढ़त रही,जबकि डिफेंस,बैंक,सीमेंट और ऑटो सेक्टर में गिरावट देखी गई। निफ्टी 50 में सबसे ज़्यादा बढ़त जेएसडब्ल्यूस्टील, हिंडाल्को और टाटास्टील में रही। वहीं,एसबीआईलाइफ,बजाज फाइनेंस और अदानीपोर्ट्स में गिरावट रही।

पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से मेटल शेयरों में तेजा देखने को मिल रही है। सप्लाई में दिक्कत,घटते स्टॉक और मज़बूत मांग के कारण स्टील,कॉपर,एल्युमीनियम और जिंक की ग्लोबल कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भी इस सेक्टर को सहारा मिला है। आज निफ्टी मेटल्स में 1.59% की तेजी आई।

आज हिंदुस्तान जिंक सुर्खियों में रहा क्योंकि सरकार अगले दो हफ्तो में इसमें ऑफर फ़ॉर सेल लाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्र सरकार 1.5-2% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4,000-5,000 करोड़ रुपये जुटाने की सोच रही है,जो ऑफर के फ़ाइनल साइज़ और कीमत पर निर्भर करेगा। आज हिंदुस्तान जिंक 2.2% बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, पिछले 3 ट्रेडिंग सेशन में इसमें लगभग 7% की तेजी आई है।

सोने की कीमतों में तेजी से मुथूट फाइनेंस और मन्नापुरम जैसी गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को भी फायदा हुआ है। इनके शेयरों में 5.72% और 2.21% से ज्यादा की तेजी आई है। सोने की कीमतों में बढ़ोतरी से गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को फायदा हो सकता है। इससे गिरवी रखी गई संपत्ति (कोलेटरल) की वैल्यू बढ़ती है,लेंडर की सिक्योरिटी मजबूत होती है और लोन ग्रोथ को भी बढ़ावा मिल सकता है।

एंजेल वन के चीफ मैनेजर-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च,ओशो कृष्ण का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों की वजह से भारतीय इक्विटी मार्केट में बढ़त के साथ शुरुआत हुई और बेंचमार्क इंडेक्स ने एक्सपायरी वाले हफ्ते की शुरुआत जोश के साथ की। हालांकि,बाद में फॉलोअप खरीदारी न होने से शुरुआती तेजी कमज़ोर पड़ गई और इंडेक्स नीचे आ गया,जिससे बुलिश गैप का दोबारा टेस्ट हुआ। इसके बाद, CAS सेशन के बाद निफ्टी ने नुकसान की कुछ भरपाई की और 24200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जिससे सेशन का अंत 0.14% की मामूली गिरावट के साथ हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो पोजीशन अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। 20-DEMA एक बड़ी रुकावट के तौर पर सामने आ रहा है और लगातार रिजेक्शन का कारण बन रहा है। हालांकि,हाल ही में मंदी के कमजोर पड़ने के संकेतों ने रिवर्सल की उम्मीद जगाई है, लेकिन तेजी या गिरावट की रफ्तार (मोमेंटम)अभी भी धीमी है। बाजार की नजर किसी ऐसे अहम संकेत पर है जिससे खरीदारी में तेजी आए। अगर गिरावट आती है तो 24150-24100 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 24050-24000 का जोन एक मजबूत सपोर्ट जोन बना रहेगा।

ऊपर की तरफ,24300 के आसपास स्थित 20-DEMA का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस स्तर के ऊपर बढ़त कायम रहती है तो टेक्निकल सेटअप मजबूत होगा और आने वाले समय में 24500 के स्तर तक की रिकवरी का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल,सतर्कता बरतना ही समझदारी होगी। ट्रेडरों को सलाह है कि जब तक बाजार रुझान साफ न हो जाए,तब तक आक्रामक रुख न अपनाएं। अगस्त माह की एक्सपायरी के दौरान वोलैटुलिटी बढ़ने की भी आशंका है। इसलिए,ट्रेडरों के अनुशासित तरीके से रिस्क मैनेज करते हुए सीमित निवेश करना चाहिए और बाजार के अहम संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में हेड -टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी की गैप-अप ओपनिंग टिक नहीं पाई क्योंकि इंडेक्स पर जबरदस्त बिकवाली का दबाव बना और दिन चढ़ने के साथ यह नीचे गिरकर 0.14% की गिरावट के साथ 24219 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने लोअर विक के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। चार्ट पर यह लोअर विक मुख्य रूप से इसलिए बना क्योंकि इंडेक्स ने दूसरे हाफ के आखिर में अपने शुरुआती नुकसान का कुछ हिस्सा रिकवर कर लिया था। इंडेक्स को अपने 20-डे EMA के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह नीचे बंद हुआ। ADX इंडिकेटर पर DI-लगातार DI+ से ऊपर बना हुआ है,जो बुल्स पर बेयर्स के लगातार बने दबदबे को दिखाता है।

मिडकैप इंडेक्स ने एक पतली बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी विक्स थीं। इससे पता चलता है कि इंट्राडे में कोई साफ दिशा नहीं थी। स्मॉलकैप इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी,जो ऊपरी लेवल पर प्रॉफ़िट बुकिंग को दिखाती है। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद, स्मॉलकैप इंडेक्स मिडकैप और लार्जकैप के मुकाबले बेहतर स्थिति में है,जैसा कि इसके संबंधित रेश्यो चार्ट में बढ़ती रेश्यो लाइन से पता चलता है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24070-24050 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23900 और फिर 23750 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24370 के जोन में है।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 25 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बैंक निफ्टी आउटलुक

 सुदीप शाह का कहना है कि  बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। दिन के दौरान इसमें तेज गिरावट आई,लेकिन बाद में,खासकर दूसरे हाफ के आखिर में इसमें कुछ रिकवरी हुई और इंडेक्स ने नुकसान की कुछ भरपाई की। आखिरकार,यह 0.41% गिरकर 57526 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिख रही है। अगस्त की शुरुआत से ही बैंक निफ्टी 1246 अंकों की रेंज में ही घूम रहा है जो बाजार में अनिश्चितता और साइडवेज रहने के संकेत है। गिरता हुआ ADX भी इस बात की पुष्टि करता है कि बाजार में कोई मजबूत दिशा वाला ट्रेंड नहीं है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 जोन में है। अगर यह इस जोन के नीचे बना रहता है,तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56600 और फिर 56200 तक टूट सकता है। ऊपर की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 जोन में है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty Indicator: क्रूड में नरमी से क्या सुधरेगा बाजार का सेंटिमेंट, गिफ्ट निफ्टी दे रहा मजबूत शुरुआत के संकेत

GIFT Nifty Indicator:  लगातार दो हफ़्तों की गिरावट के बाद, सोमवार को इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के मामूली बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। हालांकि, बाज़ार का मूड सतर्क रहेगा क्योंकि निवेशक ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए जा सकने वाले प्रतिबंधों के बारे में और जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं।

सुबह 8:30 बजे (IST) GIFT निफ्टी फ़्यूचर्स 24,378 पॉइंट्स पर था, जो बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स के लिए अच्छी शुरुआत का संकेत देता है; यह इंडेक्स शुक्रवार को 24,252 पर बंद हुआ था।

पिछले सेशन में घरेलू इक्विटी इंडेक्स फ्लैट बंद हुए थे, जिसमें बेंचमार्क निफ्टी 50 24,300 के लेवल से नीचे बंद हुआ था। सेंसेक्स 3.11 पॉइंट या 0.00% बढ़कर 77,540.83 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 20.15 पॉइंट या 0.08% गिरकर 24,252 पर बंद हुआ।

ग्लोबल संकेत

एशियाई बाज़ार ज़्यादातर स्थिर रहे क्योंकि निवेशक ईरान पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों और इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले Nvidia के नतीजों का इंतज़ार कर रहे थे। इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने इस महीने भारतीय इक्विटी में खरीदारी तेज़ कर दी है। अगस्त में अब तक उन्होंने 23,544 करोड़ रुपये का निवेश किया है, क्योंकि बेहतर तिमाही नतीजों, स्थिर रुपये और बाज़ार की बेहतर संभावनाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, “FPIs को भारतीय बाज़ार की ओर वापस लाने वाले कारक ये हैं: Q1 नतीजों में दिखी कमाई में बढ़ोतरी, ‘चिप ट्रेड’ से FPIs का बाहर निकलना, रुपये में स्थिरता और व्यापक बाज़ार की कंपनियों की शानदार ग्रोथ की संभावनाएँ।”

यह निवेश तब आया है जब FPIs ने जुलाई में 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था। यह लगातार चार महीनों की भारी बिकवाली के बाद एक बड़ा बदलाव है और भारतीय इक्विटी में फिर से भरोसा बढ़ने का संकेत है।

इंडेक्स पर किन लेवल पर दें ध्यान

Enrich Money के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी बाज़ार सावधानी के साथ हफ़्ते की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रिस्क लेने की इच्छा को कम कर रही हैं। कच्चे तेल की कीमतें मज़बूत बनी हुई हैं। WTI $86 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है क्योंकि बाज़ार ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की तैयारी कर रहे हैं, जबकि पहले से ही लंबे समय से जियोपॉलिटिकल तनाव चल रहा है। GIFT Nifty फ्यूचर्स के शुरुआती संकेत – जो Nifty की पिछली क्लोजिंग 24,252 के मुकाबले 24,300–24,350 की रेंज में ट्रेड कर रहे हैं – घरेलू इक्विटी के लिए काफी हद तक सपाट या थोड़ी बढ़त वाली शुरुआत का संकेत देते हैं।

आज Bank Nifty के आउटलुक पर, Enrich Money के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि Bank Nifty का टेक्निकल सेटअप तुलनात्मक रूप से मज़बूत रहने की उम्मीद है, और इंडेक्स में लगातार मज़बूती दिख रही है। हालांकि, व्यापक स्ट्रक्चर एक रेंज में ही बना हुआ है, और इंडेक्स को ऊंचे लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। टेक्निकल नज़रिए से, 57,800–58,000 का ज़ोन तुरंत रेजिस्टेंस वाला एरिया बना हुआ है। 58,000 के ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के लेवल की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ, 57,400–57,300 तुरंत सपोर्ट ज़ोन बना हुआ है, और उसके बाद 57,100–57,000 का मज़बूत एरिया है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए इन लेवल के ऊपर बने रहना ज़रूरी होगा, जबकि 57,000 के नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर फिर से बिकवाली का दबाव बन सकता है और निकट अवधि का टेक्निकल रुझान कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, Bank Nifty के लिए निकट अवधि का आउटलुक सावधानी के साथ सकारात्मक बना हुआ है, जिसमें 58,000 तुरंत ब्रेकआउट ट्रिगर के रूप में और 57,000 मुख्य डाउनसाइड सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इस म्यूचुअल फंड ने ₹1 लाख के निवेश को ₹46 लाख बना दिया, जानिए इस स्कीम के बारे में

म्यूचुअल फंड में निवेश से जोरदार रिटर्न में फंड सेलेक्शन का बड़ा हाथ है। अगर निवेश के लिए सही फंड का चुनाव हो जाए तो फिर पैसे बढ़ना तय है। आईसीआईसीआई एएमसी के फंड ने निवेशकों को मालामाल किया है। इस फंड का नाम आईसीआआईसीआई वैल्यू प्रूडेंशियल फंड है। इस फंड ने सिर्फ 1 लाख रुपये के निवेश को 22 साल में 46.6 लाख रुपये बना दिया है।

इस फंड ने एकमुश्त और सिप दोनों निवेशकों को किया मालामाल

ICICI Prudential Asset Management Company ने अपने इस फंड के बारे में बताया है। ICICI Prudential Value Fund की शुरुआत 22 साल पहले हुई थी। इस फंड ने शुरुआत में पैसे लगाने वाले एकमुश्त और सिप दोनों निवेशकों को मालामाल किया है। इसका कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 19.11 फीसदी है। इसने Nifty Total Return Index (TRI) के मुकाबले काफी ज्यादा रिटर्न दिया है। इस अवधि में निफ्टी 50 टीआरआई का सीएजीआर 14.63 फीसदी है।

वैल्यू इनवेस्टिंग की स्ट्रेटेजी का करता है इस्तेमाल 

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू फंड की शुरुआत 16 अगस्त, 2004 को हुई थी। इस फंड ने हाल ही में 22 साल पूरे किए हैं। यह फंड वैल्यू ओरिएंटेड इक्विटी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करता है। इस फंड का फोकस उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करने पर होता है, जिनमें उनके इंटिनसिक वैल्यू से कम पर ट्रेडिंग हो रही होती है। ऐसी कंपनी छोटी या बड़ी हो सकती है।

तीन साल और पांच साल के टाइम फ्रेम में भी अच्छा रिटर्न 

इस फंड का रिटर्न तीन साल और पांच साल के टाइम फ्रेम में भी बहुत अच्छा है। यह क्रमश: 13.44 फीसदी और 16.05 फीसदी है। अगर किसी निवेशक ने इस फंड की शुरुआत के समय इसमें हर महीने 10,000 रुपये का सिप शुरू किया होता तो उसका पैसा बढ़कर 2.37 करोड़ रुपये हो गया होता। यह 17.04 फीसदी का सीएजीआर रिटर्न है। 31 जुलाई को इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 61,102.29 करोड़ रुपये था।

93 फीसदी पैसे का निवेश शेयरों में, फाइनेंशियल कंपनियों में ज्यादा निवेश 

इस फंड ने अपना 93.31 पैसा शेयरों में निवेश किया है। सबसे ज्यादा 38.10 फीसदी निवेश फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में है। इसके बाद 9.08 फीसदी का निवेश हेल्थकेयर सर्विसेज कंपनियों के शेयरों में है। उसके बाद 9 फीसदी का निवेश एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में है। इस फंड ने 2022 में अपने बेंचमार्क को निफ्टी 500 वैल्यू 50 टीआरआई से बदलकर निफ्टी 500 टीआरआई कर दिया था।

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निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लें

अगर आप इस फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आपको पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड के पिछले रिटर्न को देख भविष्य में उसके रिटर्न का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। निवेशक को रिस्क लेने की अपनी क्षमता, निवेश की अवधि और निवेश के लक्ष्य को ध्यान में रख निवेश का फैसला करना चाहिए।

Gold ने बीते एक साल में 35% रिटर्न दिया, अभी गोल्ड और शेयर में से किसमें निवेश करने पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा?

सोना ने बीते एक साल में 35.3 फीसदी रिटर्न दिया है। इस दौरान निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स (टीआरआई) ने 5.4 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। इस लिहाज से बीते एक साल में गोल्ड के निवेशकों को अच्छा मुनाफा हुआ है, जबकि शेयरों के निवेशकों को लॉस उठाना पड़ा है। सवाल है कि क्या शेयरों की जगह गोल्ड में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद है?

छोटे टाइम फ्रेम में कई बार सोने ने दिया ज्यादा रिटर्न

इस सवाल का जवाब पाने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा। फंड्सइंडिया के वेल्थ कनवर्सेशंस अगस्त 2026 की रिपोर्ट बताती है कि छोटे-छोटे टाइम फ्रेम में गोल्ड ने शेयरों से ज्यादा रिटर्न दिया है। लेकिन, जब हम लंबे टाइम फ्रेम में देखते हैं तो शेयरों ने सोने के मुकाबले निवेशकों को ज्यादा रिटर्न दिए हैं।

सालाना आधार पर गोल्ड कभी आगे तो कभी पीछे रहा है

फंडसइंडिया ने साल 2000 से लेकर अब तक गोल्ड और Nifty 50 TRI के रिटर्न की तुलना की है। डेटा बताते हैं कि सालान आधार पर रिटर्न की तुलना करने पर गोल्ड कई बार रिटर्न के मामले में शेयरों से आगे रहा है तो कई बार पीछे रहा है। कई बार किसी साल इसने शेयरों के मुकाबले 79 फीसदी रिटर्न दिया है तो कभी इसका रिटर्न शेयरों के मुकाबले 65 फीसदी तक कम रहा है।

लंबी अवधि में शेयरों का रिटर्न गोल्ड से ज्यादा 

निवेश की अवधि बढ़ाने पर हमें दूसरे तरह के नतीजे मिलते हैं। 10 साल की अवधि में गोल्ड का सालाना रिटर्न Nifty 50 TRI के मुकाबले करीब 2 पर्सेंटेज प्वाइंट कम रहा है। 15 साल की अवधि में भी औसत रिटर्न सालाना आधार पर शेयरों के मुकाबले 2 पर्सेंटेज प्वाइंट कम रहा है। 20 साल की अवधि में भी देखने पर सालाना आधार पर गोल्ड का औसत रिटर्न शेयरों के मुकाबले करीब 2 पर्सेंटेज प्वाइंट कम रहा है।

रिटर्न में थोड़ा अंतर भी लंबी अवधि में बड़ा फर्क पैदा करता है

रिटर्न में 2 पर्सेंटेज प्वाइंट का फर्क पहली नजर में ज्यादा नहीं लगता है। लेकिन, जब हम 10, 15 और 20 साल की अवधि में रिटर्न की बात करते हैं तो यह छोटा फर्क काफी बड़ा बन जाता है। सवाल है कि क्या इसका मतलब है कि गोल्ड की जगह शेयरों में निवेश करने पर ज्यादा पैसा बनेगा? इस सवाल का जवाब बहुत आसान नहीं है। इसकी वजह यह है कि आपके निवेश (पोर्टफोलियो) में सोने और शेयरों की भूमिका अलग-अलग होती है।

लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए शेयरों में निवेश समझदारी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन यानी पैसा बनाने के लिए शेयर सही हैं। गोल्ड का काम पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करना है। इसका फायदा यह है कि कई बार जब शेयर बाजार में दबाव दिखता है तो गोल्ड पोर्टफोलियो को नुकसान से बचाता है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण है बीता एक साल है। बीते एक साल में जब शेयरों ने निगेटिव रिटर्न दिया है तो गोल्ड ने बंपर 35 फीसदी का रिटर्न दिया है।

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इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में गोल्ड और शेयर की भूमिका अलग-अलग है

जब आप निवेश का प्लान बनाते हैं तो आपके दिमाग में गोल्ड और शेयर की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए। ज्यादातर इनवेस्टर्स दूसरी तरह से सोचते हैं। वे सिर्फ यह देखते हैं कि किसी एसेट में निवेश करने पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा। ऐसा सोचना गलत है। 10, 15, 20, 30 साल के पीरियड में रिटर्न की तुलना से यह स्पष्ट हो चुका है कि शेयरों में निवेश करने पर ज्यादा वेल्थ क्रिएशन होता है। इसका मतलब है कि आपका ज्यादा निवेश शेयरों में होना चाहिए और कुछ निवेश गोल्ड में होना चाहिए। इससे लंबी अवधि में आपके पोर्टफोलियो का रिटर्न बेहतर रहेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stock Market Updates: सेंसेक्स और निफ्टी फ्लैट, फिर भी निवेशकों ने गंवाए ₹96547 करोड़

शेयर बाजार ने शुक्रवार, 21 अगस्त को फ्लैट कारोबार किया। सेंसेक्स 3.11 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 रुपये पर और निफ्टी 20.1 अंकों की बढ़त के साथ 24,252 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 96547 करोड़ रुपये घट गया। दिन में सेंसेक्स ने 77,725.67 का हाई और 77,445.86 का लो देखा। निफ्टी 50 दिन में 24,284.05 के हाई और 24,206.80 के लो तक गया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

गुरुवार, 20 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,92,71,879.619 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,91,75,332.89 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 96,546.729 करोड़ रुपये की कमी।

निफ्टी पर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड टॉप गेनर रहे। वहीं मारुति सुजुकी इंडिया, ट्रेंट, HCL टेक्नोलॉजीस, इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,537.72 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 7 दिन की गिरावट से उबरते हुए 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ था। BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.83 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.56 प्रतिशत चढ़ा।

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रुपये में तेजी

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 3 पैसे चढ़कर 95.71 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की चुनौती के चलते कमजोर डॉलर का असर कम रहा। रुपया गुरुवार को 1 पैसे की गिरावट के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में तेजी है। हेंग सेंग, कॉस्पी, ताइवान वेटेड अच्छी बढ़त में हैं। SET कंपोजिट, जकार्ता कंपोजिट और शंघाई कंपोजिट भी हरे निशान में हैं। वहीं निक्केई 225 में गिरावट है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IT Shares Prices: आईटी शेयरों में निवेश किया है तो कोटक की यह रिपोर्ट पढ़ लीजिए, कई स्टॉक्स हुए डाउनग्रेड

आपने आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ा निवेश किया है तो आपको कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट पर गौर करने की जरूरत है। ब्रोकरेज फर्म ने आईटी सर्विसेज कंपनियों पर अपने रुख में बदलाव किया है। उसने इंफोसिस और टीएसएस पर अपनी राय बदल दी है। उसने पहले दोनों शेयरों को खरीदने (buy) की सलाह दी थी। अब उसने इसे बदलकर ऐड (add) कर दिया है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने LTM पर भी अपनी राय बदलकर ‘Reduce’ से ‘Sell’ कर दी है। उसने आईटी शेयरों में हाल में आई 15-35 फीसदी की गिरावट के बाद ऐसा किया है। इससे पहले विदेशी ब्रोकरेज फर्म CLSA ने आईटी सेक्टर पर सावधानी बरतने की सलाह दी थी। उसने TCS, Infosys और Tech Mahindra को डाउनग्रेड कर इनपर अपनी रेटिंग ‘होल्ड’ कर दी थी। विप्रो और एम्फैसिस पर अंडरपरफॉर्म की रेटिंग दी थी।

ब्रोकरेज फर्म ने Infosys को डाउनग्रेड कर ‘Add’ करने के साथ ही शेयर के लिए 1,200 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने TCS पर भी ऐड रेटिंग देते हुए 2,450 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। LTIMindtree पर ब्रोकरेज का फर्म का नजरिया और ज्यादा बेयरशि है। उसने इस शेयर पर अपनी रेटिंग ‘reduce’ से घटाकर ‘Sell’ कर दी है। उसने इस शेयर के लिए 4,150 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि तेजी के बाद यह शेयर काफी महंगा हो गया है।

21 अगस्त को आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी दिखी। 1 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.11 फीसदी नीचे था। इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा के शेयरों की कीमतें लाल निशान में थीं। एक समय तो निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.47 तक गिर गया था। बाद में इसमें रिकवरी दिखी।

इस साल Nifty IT Index करीब 19 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी 50 में 7.3 फीसदी गिरावट आई है। कोटक का मानना है कि आईटी कंपनियों पर प्राइसिंग का दबाव है। ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए डील फ्लो पर्याप्त नहीं है। ओपन-सोर्स और AI मॉडल्स के असर को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ओपन-वेट मॉडल्स से सर्विसेज की इंटेनसिटी बढ़ जाएगी और एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।

इस साल दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी है। टीसीएस 29 फीसदी गिरा है। इंफोसिस में 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। टेक महिंद्रा 0.9 फीसदी गिरा है। हालांकि, कुछ आईटी शेयरों का प्रदर्शन स्ट्रॉन्ग रहा है। कोफोर्ज का शेयर इस साल 13.5 फीसदी चढ़ा है। LTM करीब 2 फीसदी चढ़ा है।

Market cues : 24300-24400 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, 24150 पर दिख रहा तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : लगातार आठ सेशन में 20 अगस्त को पहली बार निफ्टी में बढ़त दिखी और यह 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,200 के लेवल पर पहुंच गया। इंडेक्स 50 डे EMA और हाल की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम) के कमजोर पड़ने के हल्के संकेत दिए। हालांकि,आने वाले सेशन में और खरीदारी के ज़रिए इसकी पुष्टि की जरूरत है। निफ्टी को 24500 और फिर अगस्त के स्विंग हाई तक ऊपर जाने के लिए 24,300-24,400 के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर जाना होगा और वहां टिके रहना होगा। ऐसा होने तक कंसोलिडेशन और रेंजबाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। इसके लिए 24,150 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। इसके बाद 24000 पर दूसरा बड़ा सपोर्ट होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24,232) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,196, 24,177 और 24,147

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,258, 24,277 और 24,308

स्पेशल फॉर्मेशन : गैप-अप ओपनिंग और अच्छी बढ़त के बावजूद निफ्टी ने डेली चार्ट पर डोजि जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स ने 50 डे और 100 डे EMA के साथ-साथ 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल को तो वापस हासिल कर लिया, लेकिन अभी भी यह 20 डे और 200 डे के EMA से नीचे ही बना हुआ है। RSI बढ़कर 48.33 हो गया लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा,जबकि पिछले लगातार छह सेशन में पहली बार रेड MACD हिस्टोग्राम बार हल्का पड़ गया,जिससे मंदी के मोमेंटम में कमी का संकेत मिलता है। हालांकि आने वाले सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है।

बैंक निफ्टी (57,496) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,647, 57,711 और 57,815

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,440, 57,376 और 57,272

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,685, 58,137

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,400, 57,135

स्पेशल फॉर्मेशन : गैप-अप ओपनिंग के बावजूद,बैंक निफ्टी ने कल एक और सेशन में डेली टाइमफ्रेम पर डोजि जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो खरीदारों और विक्रेताओं के बीच अनिश्चितता का संकेत है। इसमें 0.45 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। यह हाल की तेजी के बाद 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर तो आ गया,लेकिन 20-डे EMA (57,505) के ऊपर मजबूती से बंद नहीं हो पाया,जो आगे की तेजी के लिए जरूरी है। RSI बढ़कर 50.45 पर पहुंच गया लेकिन सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा। हालांकि, पिछले लगातार छह सेशन में पहली बार लाल हिस्टोग्राम बार छोटा और हल्का हुआ है,जो मंदी के रुझान में संभावित कमी का संकेत है,लेकिन आने वाले सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

20 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने ₹583 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,537 करोड़ की नेट खरीदारी करके बाजार को सहारा देना जारी रखा।

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 11 के स्तर से नीचे गिरकर 10.76 पर आ गया। इसमें 5.01 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 8 जनवरी,2026 के बाद अपने सबसे निचले क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गया। इस महीने VIX अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे भी बना रहा,जो बाजार में कम उतार-चढ़ाव और अपेक्षाकृत कम अनिश्चितता का संकेत देता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 20 अगस्त को बढ़कर 1.12 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.81 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक,मणप्पुरम फाइनेंस,सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

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Upper Circuit Stocks: Tata Motors PV से मिला नया बिजनेस, रॉकेट की स्पीड से अपर सर्किट पर पहुंचा यह शेयर

Upper Circuit Stocks: ऑटो कंपोनेंट्स और इक्विपमेंट्स बनाने वाली कंपनी ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज के शेयर मार्केट की रौनक में आज उछलकर अपर सर्किट पर पहुंच गए। इसके शेयरों को टाटा ग्रुप से सपोर्ट मिला है। टाटा ग्रुप की टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स से इसे सप्लाई ऑर्डर के रूप में नया बिजनेस मिला तो इसके शेयरों की चमक बढ़ गई। जोश में उछलकर यह 5% के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि मार्केट में खरीदार रहे लेकिन कोई बेचने वाला नहीं। फिलहाल बीएसई पर यह ₹88.84 (Autoline Industries Share Price) के अपर सर्किट पर बना हुआ है। वहीं घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। सेंसेक्स चार कारोबारी दिन तो निफ्टी सात कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद आज मजबूत हुआ।

Tata Motors PV से कैसा ऑर्डर मिला है Autoline को

ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज ने एक कारोबारी दिन पहले इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने के बाद शाम में एक्सचेंज फाइलिंग में टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स से मिले ऑर्डर की जानकारी दी। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक टाटा मोटर्स पीवी ने हैचबैक गाड़ियों के लिए चार जरूरी पार्ट्स की सप्लाई का इसे नया बिजनेस दिया है। इस बिजनेस से कंपनी को सालाना लगभग ₹80 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है, जबकि इससे जुड़े टूलिंग से लगभग ₹30 करोड़ का एक बार का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

कंपनी की बात करें तो पुणे की ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज का मुख्य काम शीट मेटल कंपोनेंट्स, एसेंबलीज और सब-एसेंबलीज बनाना है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में फुट कंट्रोल मॉड्यूल्स पार्किंग ब्रेक्स, हिंग्स, एग्जास्ट सिस्टम्स, ट्यूब्यूलर स्ट्रक्चर्स और कई प्रकार शीट-मेटल स्टैंपिंग्स और वेल्डेड एसेंबलीज हैं। यह पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियों के लिए 3 हजार से अधिक अलग-अलग प्रोडक्ट्स बनाती है। इसका कारोबार दुनिया भर में फैला हुआ और इसके पास 9 से अधिक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज के शेयरों निवेशकों का पैसा रॉकेट की स्पीड से बढ़ाया है और महज कुछ महीने में निवेश दोगुना से अधिक हो गया। 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह महज ₹48.41 के भाव में मिल रहा था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से यह रॉकेट की स्पीड से रिकवर होकर 5 महीने में 114.52% मजबूत हुआ और 13 अगस्त 2026 को ₹103.85 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

1% प्राइस हाइक पर 1% उछल पड़ा शेयर, Maruti के बाद अब Hyundai की भी कारें होंगी महंगी

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