Stock Market Rally: IT Stocks के दम पर Sensex में 585 अंकों का उछाल, 4 वजहों से 7 दिनों की गिरावट से उबरा Nifty

Stock Market Rally: अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में नरमी, एशियाई बाजारों में रौनक और निचले स्तर पर खरीदारी के चलते घरेलू स्टॉक मार्केट में भी आज काफी चहल-पहल दिख रही हैं। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 585 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24200 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सों की बात करें तो फिलहाल 09:40 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 554.30 प्वाइंट्स यानी 0.72% की बढ़त के साथ 77,463.98 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 127.30 प्वाइंट्स यानी 0.53% के उछाल के साथ 24,205.60 पर है। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 585.11 प्वाइंट्स चढ़कर 77,494.79 और निफ्टी 147.15 प्वाइंट्स बढ़ककर 24,225.45 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: ये है वजह

अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में नरमी

अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स का बायबैक बढ़ाने का चौंकाने वाला फैसला किया तो लॉन्ग टर्म वाली ट्रेजरी बॉन्ड्स की यील्ड्स अचानक नीचे आ गई। इससे स्टॉक मार्केट में बहार छा गई। अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने सरकारी डेट बायबैक को कम से कम दोगुना करने का ऐलान किया है। इस ऐलान से 30-साल का ट्रेजरी बॉन्ड की फटाक से गिरकर 5.26% से 5.18% और 10-साल का ट्रेजरी यील्ड 4.68% से 4.63% पर आ गया। इसके नीचे आने से भारत जैसे एमर्जिंग मार्केट में निवेश और आकर्षक हो गया।

आईटी सेक्टर का मजबूत सपोर्ट

सेक्टरवाइज मार्केट को सभी सेक्टर का मजबूत सपोर्ट मिल रहा है और सबसे अधिक आईटी सेक्टर का। सिर्फ निफ्टी आईटी में ही फिलहाल 1% से अधिक बढ़त है मेटल, फार्मा, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्सेज में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है।

एशियाई बाजारों में रौनक

भारतीय स्टॉक मार्केट को अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से सपोर्ट मिला है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6% से अधिक, इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट, जापान का निक्केई 225 और हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सैंग 1% से अधिक उछल पड़ा। थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे फीसदी की बढ़त है। हालांकि सिंगापुर के स्ट्रेट टाइम्स और ताइवान के ताइवान वेटेड में करीब आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

निचले स्तर पर खरीदारी

एक कारोबारी दिन पहले स्टॉक मार्केट की भयंकर मारकाट में आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, डाबर इंडिया, आईआरएफसी, यूपीएल, आईआरबी इंफ्रा, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट जैसे दिग्गजों समेत 100 से अधिक स्टॉक्स एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए थे। इसका फायदा निवेशकों ने उठाया जिससे भाव मजबूत हुए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty 50 लगातार सातवें दिन गिरा, क्या यह 24000 के नीचे चला जाएगा? जानिए एक्सपर्ट्स के जवाब

निफ्टी में लगातार सातवें सत्र गिरावट आई। बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर शेयर बाजारों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगातार 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। इससे दुनियाभर में महंगाई के पैर पसारने का डर बढ़ गया है। बीते 7 सत्रों में निफ्टी 2.1 फीसदी गिरा है। बीएसई सेंसेक्स में बीते 7 सत्रों में से 6 में गिरावट आई है। वह भी इस दौरान 2.1 फीसदी गिरा है।

इन सूचकांकों में सबसे ज्यादा गिरावट

19 अगस्त को निफ्टी आईटी का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इसने बाजार को कुछ सहारा दिया है। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी मीडिया, एनर्जी और एफएमसीजी इंडेक्स में आई। इससे निफ्टी 50 इंडेक्स 0.32 फीसदी गिरकर 24,078 पर क्लोज हुआ। सेंसेक्स भी 0.42 फीसदी गिरकर 76,909 अंक पर आ गया।

बीते 12 सत्रों से निफ्टी में कंसॉलिडेशन

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी बीते 12 सत्रों से कंसॉलिडेशन में रहा है। अब इसके लिए अगला सपोर्ट 24,000-23,800 पर है। कोटक सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “इंट्राडे में मार्केट का टेक्स्चर कमजोर है। लेकिन, अगर निफ्टी एक बार 24,150 के लेवल को तोड़ देता है तो पुलबैक रेली से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद निफ्टी 24,300-24,350 तक जा सकता है।”

24000 के नीचे जाने पर बिकवाली बढ़ेगी

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरावट की स्थिति में अगर यह 24,000 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। फिर यह गिरकर 23,900-23,850 तक जा सकता है। एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह ने भी कहा कि शेयर बाजारों में रिस्क लेने की क्षमता घटी है। निफ्टी में लगातार बिकवाली का दबाव दिख रहा है।

क्रूड ऑयल की कीमतों का सेंटीमेंट पर असर

उन्होंने कहा कि शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर सबसे ज्यादा असर क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों का पड़ रहा है। क्रूड में उछाल की वजह यह है कि मध्यपूर्व में टेंशन कम होने का कोई संकेत नहीं दिख रहा है। इस वजह से ब्रेंट क्रूड उछलकर तीन महीनों के हाई पर पहुंच गया है। यह 92 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है।

मध्यपूर्व में टेंशन कम होने के फिलहाल संकेत नहीं 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 अगस्त को कहा कि ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है। लेकिन, ईरान का दावा इसके उलट है। उसने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही नहीं हो रही है। दोनों पक्षों के दावा में विरोधाभास है। इससे यह संकेत मिलता है कि बीते छह महीनों से जारी यह लड़ाई जारी रह सकता है।

Market cues : निफ्टी के लिए 24200 पर तत्काल सपोर्ट, इसके नीचे जाने पर आ सकती है भारी गिरावट

Trade setup for today : 17 अगस्त को निफ्टी में लगातार पांचवें ट्रेडिंग सेशन में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह 0.32 फीसदी गिरकर बंद हुआ। हालांकि,ट्रेडिंग सेशन के दूसरे हिस्से में इसने कुछ रिकवरी की। निफ्टी के शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करने और बेयरिश मोमेंटम के धीरे-धीरे मजबूत होने के कारण,ऐसा लगता है कि शॉर्ट टर्म में कंसोलिडेशन के बीच बाजार में कमजोरी बनी रहेगी। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। इस लेवल के नीचे जाने पर निफ्टी में भारी बिकवाली का दबाव बन सकता है और इंडेक्स 24,000 के लेवल की ओर फिसल सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 24,400-24,500 के जोन में तत्काल रेजिस्टेंस दिख रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24,288) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,241, 24,209 और 24,158

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,342, 24,374 और 24,425

स्पेशल फॉर्मेशन : डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने लोअर शैडो के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने के बावजूद कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से नीचे गिर गया। हालांकि, यह अभी भी 50-डे और 100-डे EMA से ऊपर बना हुआ है,जो अगले सपोर्ट लेवल हैं। RSI गिरकर 49.26 पर आ गया,जबकि MACD का बेयरिश क्रॉसओवर और मज़बूत हुआ और हिस्टोग्राम बार लगातार तीसरे सेशन में बढ़ा। इन सबसे पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है और बेयरिश मोमेंटम धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

बैंक निफ्टी (57,498) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,702, 57,852 और 58,096

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,215, 57,064 और 56,821

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,685, 58,137

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने ट्रेडिंग सेशन के दूसरे हिस्से में अपने नुकसान को रिकवर किया और 7 पॉइंट ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। डेली चार्ट पर इसने लॉन्ग अपर और लोअर शैडो वाली बुलिश कैंडल बनाई जो हाई वेव कैंडलस्टिक पैटर्न जैसी दिखती है और तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच असमंजस की स्थिति का संकेत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया,लेकिन मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड करता रहा। इससे पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म में सावधानी बरतने की ज़रूरत है। जबकि ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। मोमेंटम इंडिकेटर मार्केट के एक दायरे में रहने का संकेत दे रहे हैं। डेली RSI एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे हो रहा है,जिससे पता चलता है कि मार्केट में किसी खास दिशा की ओर कोई साफ झुकाव नहीं है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX लगातार चार सेशन तक गिरने के बाद 0.18 प्रतिशत बढ़कर 11.325 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी काफी निचले स्तर पर बना हुआ है। इससे पता चलता है कि हाल ही में उतार-चढ़ाव बढ़ने के बावजूद,मार्केट में निकट भविष्य की अनिश्चितता सीमित बनी हुई है।

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पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 17 अगस्त को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.98 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक,लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया,मनप्पुरम फ़ाइनेंस और SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

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नए हफ्ते में कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से शेयरों में बन सकता है पैसा? एक्सपर्ट सुदीप शाह की ये है राय

भले ही मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक कोई नई नकारात्मक खबर नहीं आती, निफ्टी में 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने नए शुरू हो रहे हफ्ते के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि धीरे-धीरे आ रही कमजोरी अगले हफ्ते निफ्टी 50 को 24,200–24,000 के जोन से नीचे ले जाएगी?

इस समय, जब तक कोई नई नकारात्मक खबर या ट्रिगर सामने नहीं आता, निफ्टी के 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे जाने की संभावना कम ही लगती है। हालांकि मोमेंटम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इस गिरावट में बड़ी गिरावट वाले लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अगस्त की शुरुआत से ही निफ्टी 500 पॉइंट की एक सीमित ट्रेडिंग रेंज में फंसा हुआ है और उतार-चढ़ाव में भी काफी कमी आई है। डेली ATR (एवरेज ट्रू रेंज) गिरकर 192 पॉइंट पर आ गया है, जो जनवरी 2026 की शुरुआत के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। इंडेक्स में ज्यादातर सेशंस में एक जैसा पैटर्न देखा जा रहा है- शुरुआती घंटे में कुछ हलचल होती है और उसके बाद लंबे समय तक कंसोलिडेशन होता है। इससे पता चलता है कि किसी एक दिशा में लगातार मोमेंटम नहीं है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-दिन और 200-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के आसपास घूम रहा है। लंबे समय तक कंसोलिडेशन के कारण ये दोनों ही फ्लैट हो गए हैं। डेली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 52 के आसपास है और नीचे की ओर जा रहा है। यह अपसाइड मोमेंटम में कुछ कमी का संकेत देता है। हालांकि, यह अभी भी 50 के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि मंदी का मोमेंटम (बेयरिश मोमेंटम) पूरी तरह हावी नहीं हुआ है।

आगे 24,200-24,150 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। जब तक निफ्टी इस जोन के नीचे साफ तौर पर बंद नहीं होता, तब तक निचले स्तरों की ओर तेज गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना ज्यादा है। ऊपर की ओर 24,550-24,600 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है।

इसलिए, मोमेंटम निश्चित रूप से कमजोर हुआ है, लेकिन मौजूदा टेक्निकल सेटअप 24,200-24,000 से नीचे बड़ी गिरावट के बजाय एक सीमित दायरे में घूमने वाले बाजार (रेंज-बाउंड मार्केट) का संकेत देता है। 24,150-24,600 की रेंज के किसी भी तरफ एक निर्णायक ब्रेक से निफ्टी की अगली अहम दिशा तय हो सकती है।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया क्या हैं?

Hindustan Aeronautics: स्टॉक ने पिछले हफ्ते वीकली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद इस हफ्ते एक मजबूत चाल देखने को मिली। वीकली RSI ने 4 मई के बाद पहली बार 60 के निशान को पार किया है, जो बुलिश मोमेंटम में अहम सुधार का संकेत है। डेली टाइमफ्रेम पर बढ़ता ADX, ट्रेंड की मजबूती और खरीदारी के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। स्टॉक वीकली टाइमफ्रेम पर ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर भी बंद हुआ है। ऐसा अक्सर मजबूत ट्रेंड वाले दौर की शुरुआत में देखा जाता है।

कुल मिलाकर टेक्निकल सेटअप मजबूती (बुलिश) वाला बना हुआ है। स्टॉक में आगे और बढ़त का संकेत है। इसलिए ₹4,990-5,045 के जोन में ₹4,840 के स्टॉप-लॉस के साथ शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह है। ऊपर की तरफ, इसके शॉर्ट टर्म में ₹5,400 के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Mazagon Dock Shipbuilders: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने 6 अगस्त को डेली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद स्टॉक कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। वीकली ADX पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है, जो बताता है कि खरीदार धीरे-धीरे विक्रेताओं पर हावी हो रहे हैं। पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में कंसोलिडेशन देखने के बावजूद, स्टॉक अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

कंसोलिडेशन रेंज से ब्रेकआउट बुलिश सेटअप को और मजबूत कर सकता है। इसलिए, ₹2,480 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹2,560-2,590 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹2,770 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

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क्या बैंक निफ्टी 24 जुलाई से 3 अगस्त तक की अपनी हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल को बचा पाएगा?

बैंक निफ्टी पिछले 9 हफ्तों से 58,706-56,023 की बड़ी रेंज में फंसा हुआ है, जिससे किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड की कमी का पता चलता है। खास बात यह है कि पिछले तीन हफ्तों में ट्रेडिंग रेंज काफी कम हो गई है और इंडेक्स 1,576-पॉइंट के दायरे में सिमट गया है। कंसोलिडेशन के इस दौर में, इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली छोटी बॉडी की कैंडल्स की एक सीरीज बनाई है। यह खरीदारों और विक्रेताओं के बीच लगातार बरकरार अनिश्चितता को दिखाती है।

लंबे समय तक एक ही रेंज में उतार-चढ़ाव के कारण मुख्य मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। यह ट्रेंड की मजबूती की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी सुस्त बने हुए हैं; डेली RSI पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से 60-44 जोन में घूम रहा है। डेली ADX गिरकर 8.99 पर आ गया है। यह मार्च 2019 के बाद से इसकी सबसे निचली रीडिंग है। इतनी कम ADX रीडिंग दिशात्मक मजबूती की भारी कमी की ओर इशारा करती है और बताती है कि इंडेक्स अभी गहरे कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। नीचे की तरफ 57,200-57,100 का 50-दिन का EMA क्षेत्र एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने से अगले ट्रेंडिंग मूव के लिए रास्ता बन सकता है।

क्या आप Apollo Hospitals पर बुलिश नजरिया बनाए हुए हैं?

अपोलो हॉस्पिटल्स ने डेली चार्ट पर अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI 40 से तेजी से ऊपर आया है, जो फिर से बुलिश मोमेंटम का संकेत है। स्टॉक बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर भी बंद हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म बुलिश फेज की ओर शिफ्ट का संकेत देता है। ₹8,650–8,600 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

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क्या आप Bharti Airtel में नया निवेश करने की सलाह देंगे, जिसमें शुक्रवार को जबरदस्त तेजी आई थी?

भारती एयरटेल ने अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI ऊपर की ओर बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। धीरे-धीरे बढ़ता ADX ट्रेंड की मजबूती में सुधार का संकेत देता है। MACD लाइन भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। यह पॉजिटिव रुख को और मजबूत करता है। ₹1,940–1,930 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

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Trading Ideas: बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट, अनुज सिंघल से जाने आज के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Ideas : बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी 50 अंक से ज्यादा फिसलकर 24300 के करीब आ गया है। RIL,SBI, M&M और एक्सिस बैंक ने सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। बैंक निफ्टी में भी हल्की कमजोरी दिख रही है। मिडकैप में भी हल्की नरमी है। मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिल रही है। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब फीसदी फिसले हैं। साथ ही कैपिटल मार्केट,केमिकल्स और FMCG पर भी दबाव देखने को मिल रहा है। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल और कैपिटल गुड्स में हल्की खरीदारी आई है।

जानिए आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई का रणनीति

CAS और एक्सपायरी

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि कल सेंसेक्स की एक्सपायरी में भी ऑप्शन भाव में बड़ी गड़बड़ दिखी। 3:15 से 3:30 के बीच ऑप्शन भाव में भारी उतार-चढ़ाव था। बाजार फिर रेंज में दिख रहा है। बाजार में 2 दिनों से एक जैसा पैटर्न है। सुबह बिकवाली और दोपहर में खरीदारी हो रही है। कल भी 24,450 के SL के साथ बिकवाली की रणनीति ने काम किया और फिर 24,250 के SL के साथ खरीदारी की रणनीति ने काम किया। आज देखते हैं क्या वही पैटर्न दोहराया जाएगा।

बाजार: आज कहां हो नजर?

अनुज सिंघल ने कहा कि आज शुक्रवार है, यानी एक्सपायरी का कोई डर नहीं है। आज अर्निंग्स सीजन का आखिरी दिन भी है। इसका मतलब अब स्टॉक स्पेसिफिक मौके भी कम होंगे। FIIs की लगातार इंडेक्स शॉर्टिंग जारी,कल भी शॉर्ट जोड़े गए हैं। India VIX भी Complacency Zone में है, ये थोड़ा खल रहा है। डिफेंस सबसे मजबूत सेक्टर है,इसके नतीजे भी शानदार हैं। पिछले 2 दिनों में निफ्टी का पैटर्न एक जैसा रहा है। दोनों दिन पहले शॉर्ट ट्रेड फिर लॉन्ग ट्रेड चली। 24,450 के SL से शॉर्ट और 24,250 के SL से लॉन्ग ने काम किया। बस एक फर्क था,परसों IT गिरा और बैंक चले थे। कल IT चला और बैंक गिरे थे। आज फिर चिप शेयरों में रैली और कोस्पी ऊपर है। आज देखना होगा कि IT शेयर और बैंक कैसे करते हैं।

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निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल के मुताबिक निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट 24,250-24,300 पर है। इसमें खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,300-24,350 है। इसके लिए SL 24,250 पर रखें। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,400-24,450 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,500-24,550 पर है। 24,400-24,450 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। SL 24,500 पर रखें। दोनों तरफ मुनाफा जल्दी बुक करें। अगर रेंज टूटी तो रणनीति फिर से देखेंगे।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 57,400-57,600 पर और बड़ा सपोर्ट 57,100-57,300 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58,000-58,200 पर है। बैंक निफ्टी में ट्रेड लेना इस समय काफी मुश्किल है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: बुल्स या बीयर्स, आज कौन होगा बाजार पर हावी, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के फ्लैट या मामूली गिरावट के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल मार्केट से अच्छे संकेत मिलने के बावजूद GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 7:45 बजे GIFT निफ्टी 15 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,444 पर ट्रेड कर रहा था, जो सेंसेक्स और निफ्टी 50 के लिए सुस्त शुरुआत का संकेत है।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि फेडरल रिजर्व अगले महीने ब्याज दरें नहीं बढ़ाएगा, जिससे एशियाई बाजारों में तेजी आई और वॉल स्ट्रीट भी बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, सीजफायर बातचीत के रुकने और ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखने की अमेरिकी धमकियों के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई है।

गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय बाजार काफी हद तक फ्लैट बंद हुए, क्योंकि निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स को अपने इंट्राडे निचले स्तरों से उबरने में मदद मिली। सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 78,079.96 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ।

ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होने से एशियाई बाजारों में तेजी

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी आई क्योंकि अमेरिकी महंगाई में नरमी के और सबूतों ने इस उम्मीद को मजबूत किया कि फेडरल रिजर्व अपनी सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.5 प्रतिशत बढ़ा, जिससे इंडेक्स लगातार चौथे सप्ताह बढ़त की ओर अग्रसर है, जो मई के बाद से इसकी सबसे लंबी बढ़त की अवधि है।

पिछले महीने की भारी बिकवाली के बाद निवेशकों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेड पर फिर से दांव लगाने से टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई। दक्षिण कोरिया के टेक-हैवी कोस्पी में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि जापान के टॉपिक्स में 0.9 प्रतिशत की तेजी आई। रात भर की रैली के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स सुस्त रहे; S&P 500 फ्यूचर्स में बहुत कम बदलाव हुआ, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई।

वॉल स्ट्रीट में तेजी, S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद

गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में तेजी आई क्योंकि प्रोड्यूसर-प्राइस इन्फ्लेशन (उत्पादक-मूल्य मुद्रास्फीति) के आंकड़े कम रहने से कीमतों के दबाव में कमी के सबूत मिले और इस उम्मीद को बल मिला कि फेडरल रिजर्व अगले महीने उधार लेने की लागत (ब्याज दरें) नहीं बढ़ाएगा। प्रोड्यूसर-प्राइस डेटा बुधवार के अपेक्षाकृत कम कंज्यूमर इन्फ्लेशन (उपभोक्ता मुद्रास्फीति) आंकड़ों के बाद आया, जिससे सितंबर में फेड द्वारा दरों को अपरिवर्तित रखने की संभावना मजबूत हुई। S&P 500 में 0.65% की बढ़त हुई और यह 7,798.99 के रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट में 0.81% और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.13% की बढ़ोतरी हुई। इस तेजी में टेक्नोलॉजी शेयरों की अहम भूमिका रही, खासकर मेमोरी-चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई।

क्रूड में तेजी

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। ऐसा तब हुआ जब अमेरिका ने ईरान पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) को अनिश्चित काल तक जारी रखने की धमकी दी, जिससे मध्य पूर्व से सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.1% बढ़कर $87.16 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत $81.29 पर लगभग स्थिर रही।

गुरुवार को ग्लोबल डिमांड आउटलुक कमजोर रहने के कारण दोनों बेंचमार्क में 2% से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिसके बाद यह मामूली बढ़त देखने को मिली। इस गिरावट के बावजूद, ब्रेंट और WTI दोनों ही साप्ताहिक आधार पर लगभग 4% की बढ़त की राह पर बने रहे।

इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि बैंक निफ्टी के निकट भविष्य में एक दायरे (रेंज) में रहने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स 57,500–57,400 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक इसका व्यापक स्ट्रक्चर काफी हद तक स्थिर रहेगा। 57,800–58,000 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है। 58,000 के स्तर से ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के स्तर की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की ओर, 57,500 तत्काल सपोर्ट बना हुआ है, जिसके बाद 57,200–57,000 का ज़ोन आता है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए 57,400 से ऊपर बने रहना महत्वपूर्ण होगा, जबकि 57,200 से नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर नई प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और निकट-अवधि का टेक्निकल सेटअप कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, निकट-अवधि का आउटलुक सतर्क और एक दायरे में रहने वाला है, जिसमें 58,000 मुख्य अपसाइड ट्रिगर के रूप में और 57,400–57,200 महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम कर रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Crash: मजबूत एशियाई संकेतों के बावजूद Sensex लाल, 4 वजहों से आया Nifty आया 24300 के करीब

Share Market Crash: विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली और लगातार दूसरे महीने आरबीआई के टारगेट रेंज से अधिक महंगाई की रफ्तार ने आज मार्केट पर तेज दबाव बनाया। वैश्विक मार्केट से मिले-जुले रुझानों के बीच सेंसेक्स 250 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24300 के करीब आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर भी रुझान मिला-जुला है। निफ्टी मिडकैप 100 पर फिलहाल बिकवाली का दबाव है लेकिन निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:45 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 159.82 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 77,806.53 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 90.25 प्वाइंट्स यानी 0.37% की फिसलन के साथ 24,345.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 256.72 प्वाइंट्स टूटकर 77,709.63 और निफ्टी 119.65 प्वाइंट्स गिरकर 24,316.30 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

महंगाई की तेज रफ्तार

जुलाई में महंगाई 19 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। लगातार चौथे महीने इसमें इजाफा हुआ है और लगातार दूसरे महीने यह आरबीआई के 2-4% के टारगेट रेंज से ऊपर रहा। जुलाई में रिटेल महंगाई दर मासिक आधार पर 4.38% से बढ़कर 4.45% पर रही है। खाने-पीने की चीजों ने महंगाई बढ़ाई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 12 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट में खरीदारी से अधिक बिकवाली की जिसका दबाव आज मार्केट में दिख रहा है। विदेशी निवेशकों ने ₹1002.50 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

बैंकिंग स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव

मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा है। सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टर्स के बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी मेटल और निफ्टी फार्मा में भी आधे फीसदी की गिरावट है। निफ्टी ऑटो फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें बढ़त आधे फीसदी से कम ही है।

Sensex की वीकली एक्सपायरी

सेंसेक्स के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की आज वीकली एक्सपायरी है तो इसका मार्केट पर दबाव दिख रहा है।

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MRF Share Price : Q1 नतीजों के बाद शेयर में गिरावट जारी लेकिन ब्रोकरेज बुलिश, आगे शेयर लगा सकता है 26% की छलांग

MRF Share Price : जून तिमाही में खराब ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस के कारण MRF के शेयरों में बुधवार, 12 अगस्त को थोड़ी गिरावट देखी गई। जिससे पिछले सेशन की गिरावट का सिलसिला जारी रहा। हालांकि ब्रोकरेज फर्म CLSA ने टायर बनाने वाली इस कंपनी पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बनाए रखी है।

MRF का शेयर 0.26 फीसदी गिरकर 1,30,785 रुपये पर बंद हुआ। बता दें कि मंगलवार को कंपनी के Q1 FY27 के नतीजे घोषित करने के बाद शेयर में 2.04 फीसदी की गिरावट आई थी। 2026 में अब तक टायर बनाने वाली इस कंपनी के शेयर में 13.4 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में 6.5 फीसदी की गिरावट देखी गई। MRF का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 55,450 करोड़ रुपये था।

CLSA ने स्टॉक पर क्या दिया तर्क

CLSA ने MRF पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बनाए रखी है और प्रति शेयर 1,65,240 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जिसका मतलब है कि मंगलवार की क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 26 फीसदी की बढ़त हो सकती है। ब्रोकरेज ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान मार्जिन पर भारी दबाव का ज़िक्र किया और बताया कि MRF का EBITDA मार्जिन क्रमिक रूप से 453 बेसिस पॉइंट्स गिर गया और उनके अनुमान से कम रहा। यह कमज़ोरी ग्रॉस मार्जिन में 566 बेसिस पॉइंट्स की क्रमिक गिरावट के कारण आई, क्योंकि कच्चे माल की लागत में 16-18 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई थी।

Q1 में मुनाफ़े में कमी के बावजूद, CLSA को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में मार्जिन पर दबाव कम होगा। ब्रोकरेज के अनुसार, टायर इंडस्ट्री पहले ही कीमतों में लगभग 7-9 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है और Q2 FY27 के दौरान और बढ़ोतरी की योजना है।

CLSA को उम्मीद है कि MRF के मार्जिन में क्रमिक रूप से सुधार होगा क्योंकि कंपनी को कीमतों में बढ़ोतरी का पूरे तिमाही का फ़ायदा मिलेगा। कीमतों में और बढ़ोतरी और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) पर बढ़ी हुई लागत का बोझ डालने से भी मार्जिन में सुधार में मदद मिलनी चाहिए।

कैसे रहे तिमाही नतीजें

MRF ने जून तिमाही में कमाई में गिरावट दर्ज की, क्योंकि रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद ज़्यादा लागत का असर मुनाफ़े पर पड़ा। EBITDA सालाना आधार पर 7.46% घटकर ₹1,070.43 करोड़ से ₹990.63 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 13.95% से घटकर 11.77% रह गया। रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.64% बढ़कर ₹8,415.50 करोड़ हो गया। कम मुनाफ़े का असर मंगलवार को स्टॉक पर दिखा, जब नतीजों के बाद MRF के शेयर 2% से ज़्यादा गिर गए।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।