MRF Share Price : Q1 नतीजों के बाद शेयर में गिरावट जारी लेकिन ब्रोकरेज बुलिश, आगे शेयर लगा सकता है 26% की छलांग

MRF Share Price : जून तिमाही में खराब ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस के कारण MRF के शेयरों में बुधवार, 12 अगस्त को थोड़ी गिरावट देखी गई। जिससे पिछले सेशन की गिरावट का सिलसिला जारी रहा। हालांकि ब्रोकरेज फर्म CLSA ने टायर बनाने वाली इस कंपनी पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बनाए रखी है।

MRF का शेयर 0.26 फीसदी गिरकर 1,30,785 रुपये पर बंद हुआ। बता दें कि मंगलवार को कंपनी के Q1 FY27 के नतीजे घोषित करने के बाद शेयर में 2.04 फीसदी की गिरावट आई थी। 2026 में अब तक टायर बनाने वाली इस कंपनी के शेयर में 13.4 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में 6.5 फीसदी की गिरावट देखी गई। MRF का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 55,450 करोड़ रुपये था।

CLSA ने स्टॉक पर क्या दिया तर्क

CLSA ने MRF पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बनाए रखी है और प्रति शेयर 1,65,240 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जिसका मतलब है कि मंगलवार की क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 26 फीसदी की बढ़त हो सकती है। ब्रोकरेज ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान मार्जिन पर भारी दबाव का ज़िक्र किया और बताया कि MRF का EBITDA मार्जिन क्रमिक रूप से 453 बेसिस पॉइंट्स गिर गया और उनके अनुमान से कम रहा। यह कमज़ोरी ग्रॉस मार्जिन में 566 बेसिस पॉइंट्स की क्रमिक गिरावट के कारण आई, क्योंकि कच्चे माल की लागत में 16-18 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई थी।

Q1 में मुनाफ़े में कमी के बावजूद, CLSA को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में मार्जिन पर दबाव कम होगा। ब्रोकरेज के अनुसार, टायर इंडस्ट्री पहले ही कीमतों में लगभग 7-9 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है और Q2 FY27 के दौरान और बढ़ोतरी की योजना है।

CLSA को उम्मीद है कि MRF के मार्जिन में क्रमिक रूप से सुधार होगा क्योंकि कंपनी को कीमतों में बढ़ोतरी का पूरे तिमाही का फ़ायदा मिलेगा। कीमतों में और बढ़ोतरी और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) पर बढ़ी हुई लागत का बोझ डालने से भी मार्जिन में सुधार में मदद मिलनी चाहिए।

कैसे रहे तिमाही नतीजें

MRF ने जून तिमाही में कमाई में गिरावट दर्ज की, क्योंकि रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद ज़्यादा लागत का असर मुनाफ़े पर पड़ा। EBITDA सालाना आधार पर 7.46% घटकर ₹1,070.43 करोड़ से ₹990.63 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 13.95% से घटकर 11.77% रह गया। रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.64% बढ़कर ₹8,415.50 करोड़ हो गया। कम मुनाफ़े का असर मंगलवार को स्टॉक पर दिखा, जब नतीजों के बाद MRF के शेयर 2% से ज़्यादा गिर गए।

TD Power Systems Share Price: गिरते बाजार में हीरो बना ये शेयर, 18% उछला, FY27 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस में बढ़त से मिला सपोर्ट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

क्रूड ऑयल में तेज गिरावट से इन कंपनियों के शेयर बने रॉकेट, जारी रह सकती है तेजी

अमेरिका-ईरान की डील का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ा है। खासकर भारतीय बाजारों पर इसका ज्यादा असर पड़ा है, क्योंकि मध्यपूर्व में लड़ाई से ज्यादा गिरावट भी इंडिया के बाजार में ही आई थी। 25 जून को लगातार दूसरे शेयर बाजार में बड़ी तेजी दिखी। 1:20 बजे निफ्टी 0.70 फीसदी यानी 168 अंक गिरकर 24,189 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.71 फीसदी यानी 520 अंक के उछाल के साथ 77,503 पर चल रहा था। 26 जून को मुहर्रम के उपलक्ष्य में बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे।

जल्द नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं प्रमुख सूचकांक

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय बाजारों का सेंटीमेंट बदला है। अगर कोई बुरी खबर नहीं आती है तो बाजार जल्द नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं। सेंटीमेंट में बदलाव की सबसे बड़ी वजह क्रूड ऑयल में तेज गिरावट है। 25 जून को क्रूड अमेरिका-ईरान की लड़ाई से अपने पहले के लेवल पर आ गया। यह भारतीय शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव है। इसका असर उन सेक्टर पर दिख रहा है, जिनका संबंध क्रूड ऑयल से है। एविएशन, टायर, पेंट्स कंपनियां क्रूड ऑयल का इस्तेमाल करती हैं।

क्रूड में तेज गिरावट से एविएशन कंपनियों को बड़ी राहत

एविएशन, पेट्स और टायर कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी दिख रही है। खासकर एविएशन कंपनियों को क्रूड में तेज गिरावट का सबसे ज्यादा फायदा होगा। इसकी वजह यह है कि एविएशन कंपनियों की कुल ऑपरेशनल कॉस्ट में क्रूड की बड़ी हिस्सेदारी है। मार्च में क्रूड में उछाल से इन कंपनियों को अपनी सेवाएं सीमित करने को मजबूर होना पड़ा था। इसके अलावा उन्होंने टिकट की कीमतें भी बढ़ाई थी। क्रूड में नरमी से इन कंपनियों को राहत मिली है।

बीते एक हफ्ते में 9 फसदी चढ़ा है इंटरग्लोब एविएशन

Interglobe Aviation के शेयरों में 25 जून को जबर्दस्त तेजी दिखी। बाजार खुलते ही शेयरों में अच्छी बिकवाली शुरू हो गई। 1:30 बजे यह शेयर 4.45 फीसदी चढ़कर 5,439 रुपये पर चल रहा था। बीते पांच दिनों में यह शेयर करीब 9 फीसदी उछला है। SpiceJet के शेयरों में भी अच्छी तेजी दिखी। यह 3.34 फीसदी चढ़कर 12.69 रुपये पर चल रहा था। ये दोनों एविएशन कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। एयर इंडिया और दूसरी कंपनियां अभी लिस्टेड नहीं हैं।

यह भी पढ़ें: भारतीय शेयर बाजार ऊंची उड़ान भरने को तैयार, ICICI Securities ने बताई वजह

टायर और पेंट कंपनियों के शेयरों में भी तेजी

टायर कंपनियों के शेयरों को भी 25 जून को पंख लग गए। Ceat का शेयर कारोबार शुरू होते ही चढ़ने लगा। हालांकि, दोपहर बाद इसमें मुनाफावसूली दिखी। इससे इसकी तेजी घटकर 1.08 फीसदी रह गई। MRF का शेयर 0.23 फीसदी तेजी के साथ 1,30,425 रुपये पर चल रहा था। Apollo Tyres का शेयर 3.18 फीसदी के उछाल के साथ 435 रुपये पर चल रहा था। बालकृष्ण इंडस्ट्रीज के शेयरों में 1.62 फीसदी की तेजी थी। पेंट्स कंपनियों के शेयरों में भी तेजी दिखी। बर्जर पेंट्स का शेयर 1.22 फीसदी के उछाल के साथ 536 रुपये पर चल रहा था। बीते पांच दिनों में यह शेयर 5 फीसदी से ज्यादा उछला है।