Netflix Layoffs: OTT प्लेटफॉर्म में फिर होगी छंटनी! 5% कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी

नेटफ्लिक्स (Netflix) में एक बार फिर छंटनी होने जा रही है। इस बार लगभग 5 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है। इसकी घोषणा अगले हफ्ते तक हो सकती है। यह बात पक न्यूज (Puck News) की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कही गई है। पिछले साल के आखिर में नेटफ्लिक्स के पास लगभग 16,000 फुल-टाइम कर्मचारी थे। कंपनी एक ऑन डिमांड ओवर द टॉप स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है। सब्सक्रिप्शन के जरिए इस प्लेटफॉर्म पर टीवी शो, फिल्म, डॉक्युमेंट्री, गेम्स, एनीमे, गेम्स आदि का मजा लिया जा सकता है।

स्ट्रीमिंग मार्केट में कॉम्पिटीशन तेजी से बढ़ रहा है। मीडिया कंपनियां कंसोलिडेटेड हो रही हैं और यूट्यूब (YouTube) व्यूअरशिप और विज्ञापन पर होने वाले खर्च का एक बड़ा हिस्सा हासिल कर रहा है। नेटफ्लिक्स अपने रेवेन्यू के सोर्स बढ़ाने के लिए सब्सक्रिप्शन बिजनेस से आगे बढ़कर विज्ञापन, लाइव प्रोग्रामिंग और गेमिंग में भी निवेश कर रही है।

2022 में निकाले थे सैकड़ों कर्मचारी

इससे पहले नेटफ्लिक्स ने साल 2022 में बड़े पैमाने पर छंटनी की थी। उस वक्त कंपनी ने धीमी ग्रोथ और सब्सक्राइबर घटने के कारण सैकड़ों नौकरियां खत्म कर दी थीं। एक दशक से ज्यादा समय में पहली बार नेटफ्लिक्स के ग्राहकों में भारी गिरावट देखी गई थी।

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Amazon ने लगभग 1000 लोगों को निकाला

ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन ने भी एक बार फिर छंटनी की है। हाल ही में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी ने कुछ नौकरियां कम की हैं, खासकर अपनी ‘स्टोर्स’ यूनिट में। यह यूनिट मुख्य ई-कॉमर्स वेबसाइट को देखती है। इंटरनल स्लैक चैनल से सामने आया है कि कस्टमर सर्विस और सेलिंग पार्टनर सर्विसेज समेत स्टोर्स के कई डिवीजन पर छंटनी का असर पड़ा है। हो सकता है कि एमेजॉन की दूसरी यूनिट्स के कर्मचारी भी इस जॉब कट से प्रभावित हुए हों।

नौकरी गंवाने वालों में अमेरिका, भारत और यूके के कर्मचारी शामिल हैं। इस बार एमेजॉन द्वारा निकाले गए व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों की संख्या 1,000 से कम बताई जा रही है। पिछले साल कंपनी ने बड़े पैमाने पर छंटनी की थी और 30,000 नौकरियां कम की थीं। यह सिलसिला इस साल जनवरी तक चला था।

NPPA Cancer Drug Pricing: कैंसर की दवाओं के दाम पर सरकार का बड़ा फैसला, 70% तक सस्ती हो सकती हैं दवाएं

NPPA Cancer Drug Pricing: कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसकी चपेट में आने वाले मरीज के साथ-साथ उसका पूरा परिवार जूझता है। यह बीमारी शरीर ही नहीं, आत्मबल और आर्थिक स्थिति को भी चोट पहुंचाती है। बहुत से मरीज और उनके परिजन इसका इलाज तक पूरा नहीं कर पाते हैं। लेकिन सरकार के इस कदम से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार इस जानलेवा बीमारी की दवाओं के दाम 70% तक घटाने की तैयारी कर रही है। सरकार ने कुछ कैंसर दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन अधिकतम 30% तक सीमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

कैंसर की अन्य दवाओं को मूल्य सुरक्षा देना

सरकार ने गैर सूचीबद्ध कैंसररोधी दवाओं की आपूर्ति और बिक्री में लगने वाले मार्जिन को सीमित करने को मंजूरी दे दी है। ये मार्जिन अधिकतम बिक्री मूल्य (MRP) के 30% तक सीमित होंगे। इस कदम से दवाओं की कीमतें 70% तक कम होने और कैंसर के मरीजों को हर साल ₹2,500 करोड़ बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे उनकी जेब से चुकाने वाली रकम में काफी कमी आएगी।

शेड्यूल्ड लिस्ट में शामिल जरूरी कैंसर की दवाएं पहले से ही सरकार द्वारा तय की गई सख्त सीलिंग प्राइस के तहत हैं। लेकिन इस सूची से बाहर गैर सूचीबद्ध कैंसर दवाओं को सरकार के नए फैसले से मूल्य सुरक्षा मिलेगी। मरीजों तक पहुंचने से पहले दवाओं पर जोड़े जाने वाले मार्जिन को सीमित किया जाएगा।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) के तहत एक विशेषज्ञ समिति कवर की जाने वाली दवाओं की सूची को अंतिम रूप देगी। नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) फिर फैसला लेगी और अधिसूचना जारी करेगी।

कम होगा कैंसर के इलाज का भारी खर्च

भारत में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, हर एक लाख की आबादी पर लगभग 60 लोग कैंसर से प्रभावित हैं। इलाज से मरीजों और उनके परिवारों पर पैसे का भारी बोझ पड़ता है। एनपीपीए के मार्केट डेटा के एनालिसिस में पाया गया कि गैर सूचीबद्ध कैंसररोधी दवाओं की कीमत में औसतन लगभग 170% का मार्क-अप होता है। कुछ मामलों में यह 700% या उससे भी अधिक हो जाता है। आसान शब्दों में कहें तो, मरीज तक पहुंचने से पहले सप्लाई चेन से गुजरने वाली दवा की कीमत तेजी से बढ़ जाती है। रिटेल फार्मेसी, हॉस्पिटल फार्मेसी या ऑनलाइन फार्मेसी से खरीदी गई दवाओं की कीमतें भी काफी अलग-अलग होती हैं।

महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक सहित राज्य अधिकारियों ने, मरीजों और सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर दवाओं की बहुत ज्यादा कीमतों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इन चिंताओं पर सार्वजनिक मंचों पर भी आवाज उठाई गई है। खासकर जिस कीमत पर दवाएं बेचने के लिए खरीदी जाती हैं और कंज्यूमर से ली जाने वाली MRP के बीच बड़े अंतर को लेकर।

महंगी कैंसर की दवाओं पर इतना अधिक मार्जिन मरीजों के इलाज का खर्च काफी बढ़ा देता है। नई लिमिट से बहुत ज्यादा मुनाफाखोरी पर रोक लगेगी, बाजार में गलत कीमत तय करने के तरीकों पर ध्यान दिया जाएगा और मरीजों के लिए सही कीमतें पक्का करने में मदद मिलेगी।

2019 के फैसले से मिली राहत को आगे बढ़ाना

फरवरी 2019 में, सरकार के निर्देश पर, एनपीपीए ने ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 के पैराग्राफ 19 के तहत 42 चुनी हुई नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन की लिमिट लगा दी थी। सरकार के इस दखल से पता चलता है कि मार्जिन को सीमित करने से मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है।

उस फैसले से MRP 91% तक कम हो गई, जिससे 526 ब्रांड पर सालाना ₹984 करोड़ की बचत हुई। इससे कैंसर के मरीजों पर पैसे का बोझ काफी कम हुआ और उनकी जिंदगी आसान हुई। इससे सबक लेते हुए और सप्लाई चेन में कीमत की समस्याओं को दूर करते हुए, सरकार ने अब बड़ी लिमिट को मंजूरी दे दी है।

उत्पादन बनाए रखना और लगातार उपलब्धता पक्का करना

कैंसर की जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं के मैन्युफैक्चरर्स को अपने मौजूदा उत्पादन स्तर को बनाए रखना होगा। इस हस्तक्षेप में ब्रांडेड और जेनेरिक, देश में बनी और आयातित, पेटेंटेड और नॉन-पेटेंटेड, सभी श्रेणी की गैर सूचीबद्ध कैंसररोधी दवाएं शामिल होंगी। इससे मरीजों को कम कीमतों का काफी फायदा होगा। साथ ही, उन्हें जरूरी दवाएं लगातार मिलती रहेंगी।

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Nana Patekar News: जानें क्यों सूर्यास्त के बाद नाना पाटेकर को दी गई मुखाग्नि, बेटे मल्हार ने बताई पूरी बात

Nana Patekar News: दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि एक्टर का अंतिम संस्कार सूर्यास्त के बाद क्यों किया गया। परंपरा के अनुसार सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है। अंतिम संस्कार के बाद मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात की और बताया कि परिवार और उनका पार्थिव शरीर गोवा में था। लंबी यात्रा के कारण उन्हें उनके फार्महाउस तक लाने में कुछ समय लग गया।

उन्होंने यह भी बताया कि एक्टर का निधन सुबह जल्दी हो गया था और काफी समय बीत चुका था। इसलिए पार्थिव शरीर को लंबे समय तक रखना ठीक नहीं था। गुरुवार को पुणे जिले के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ एक्टर का अंतिम संस्कार किया गया। एक्टर को 3-गन सैल्यूट दिया गया।

उन्होंने दिवंगत एक्टर की समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा- “उनके जैसे लोग कहीं नहीं जाते। वे अपने कामों के जरिए हमेशा जीवित रहते हैं और अमर हो जाते हैं। वे हमेशा हमसे एक बात कहते थे कि हमें मानवता के लिए एकजुट होना चाहिए और दुनिया की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। हमारा समाज सेवा का काम महाराष्ट्र और पूरे भारत (जम्मू-कश्मीर सहित) में फैला हुआ है। हम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में वहां अपना सारा समाज सेवा का काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने उन सभी लोगों को जिम्मेदारियां सौंप दी थीं, जो इसके हकदार थे। उन्होंने बहुत सारा काम उन लोगों को सौंप दिया था जो उसे बखूबी निभा सकते थे।” वह सब कुछ नए सिरे से शुरू करना चाहते थे और अपनी जिंदगी ऐसी जगह बिताना चाहते थे जहां उनसे समाज सेवा की उम्मीद हो। मैं पक्का करूंगा कि जो भी काम अधूरे रह गए हैं वे पूरे हों। लोगों के लिए काम करना उनके और मेरे दोनों के सपने हैं।

दिवंगत एक्टर के दोस्त और फिल्म इंडस्ट्री के लोग… जिनमें जैकी श्रॉफ, डायरेक्टर अनिल शर्मा, अनीस बज़्मी और प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए डोंजे गांव पहुंचे। दिवंगत आत्मा को विदाई देने के लिए भारी भीड़ भी उमड़ी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मुंबई रवाना होने से पहले पुणे एयरपोर्ट पर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे श्रद्धांजलि देने के लिए एक्टर के पुणे स्थित फार्महाउस पहुंचे।

नाना पाटेकर का गोवा में 75 साल की उम्र में निधन हो गया। एक्टर को कार्डियक अरेस्ट हुआ था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक CPR और रिससिटेशन की कोशिश की। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने लोगों ने एक्टर के निधन पर शोक व्यक्त किया और सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ सेक्शन में लिखा, “नानाaaaa… रेस्ट इन पीस भाऊ”।

सलमान के साथी सुपरस्टार अजय देवगन ने भी इस दिग्गज एक्टर के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर अपनी फिल्म ‘अपहरण’ का एक सीन शेयर किया। उन्होंने एक लंबा नोट भी लिखा और दिवंगत एक्टर की दमदार मौजूदगी की तारीफ की। उन्होंने लिखा, “बहुत कम लोग हमें नाना की तरह खुश, दुखी और गुस्से का एहसास करा पाए। उनकी मौजूदगी दमदार थी, उनकी एक्टिंग यादगार थी और अब उनकी कमी बहुत खलेगी। रेस्ट वेल, नाना। ओम शांति”।

Nana Patekar News: नाना पाटेकर के निधन दुखी सलमान खान ने पोस्टपोन किया इवेंट, शाहरुख खान शेयर की यादें

Nana Patekar News: बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान अपने दोस्त और को-स्टार नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया हैं। गुरुवार को इंस्टाग्राम पर लिखे एक नोट में उन्होंने याद किया कि कैसे नाना ने एक बार उनसे कहा था कि हीरो के तौर पर करियर बनाते समय वे अपने अंदर के एक्टर को न खोएं। नाना का 8 अक्टूबर को गोवा में 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। शाहरुख ने शाम को उनके लिए श्रद्धांजलि दी।

शाहरुख खान को याद आए नाना पाटेकर

शाहरुख ने अपनी 1992 की फिल्म ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ से नाना के साथ एक तस्वीर शेयर की। उन्होंने उनके साथ शूटिंग के दिनों को याद करते हुए लिखा, “जब मैं उनसे पहली बार मिला तो घबराहट और झिझक की वजह से मैं अपने बाल ठीक करने लगा। उन्होंने मेरा हाथ झटक दिया और कहा, ‘हीरो की तरह बाल मत बना… तू एक्टर है’!”

एक्टर ने नाना के स्वभाव के बारे में भी लिखा- “वह चापलूसी नहीं करते थे। वह वही नहीं कहते थे जो आप सुनना चाहते थे, बल्कि वही कहते थे जो आपको सुनना चाहिए था। नाना ऐसे ही थे – साफ-सुथरे, थोड़े सख्त, ईमानदार और उनकी मुस्कान बहुत प्यारी थी।” शाहरुख ने आगे कहा- “प्यार जताने का उनका अंदाज हमेशा अनोखा होता था। वह पहले आप पर चिल्लाते थे और फिर तीसरी या चौथी बार डांटने के बीच ही आपको एहसास होता था कि वह आपको गले लगा रहे हैं। वह मुझे बहुत प्यार करते थे और मैं भी उन्हें बहुत मानता था।”

शाहरुख ने नाना के साथ अपने रिश्ते के बारे में आगे लिखा, “वह एक मेंटर, टीचर, आलोचक और दोस्त थे, जो कैरम के खेल में मुझे और अपने आस-पास के सभी लोगों को बार-बार हराते थे और अपनी जीत का मजा लेते थे।” उन्होंने आगे कहा, “नाना, आपका जोश, हंसी, पागलपन और प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा। काश हमारे पास और बातें करने, एक और बहस करने, एक और कप चाय पीने और कैरम खेलने का समय होता।”

शाहरुख ने बताया कि उन्हें अपने दोस्त की कितनी याद आएगी, “आपने न सिर्फ सिनेमा की दुनिया में, बल्कि सभी भारतीयों और दुनिया भर के लोगों के दिलों में एक खालीपन छोड़ दिया है। मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि मुझे आपकी बहुत याद आएगी और मैं आपकी कही बातों को हमेशा अपने दिल में संजोकर रखूंगा… ‘हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना’। आपकी आत्मा को शांति मिले नाना और अल्लाह आप पर कृपा बनाए रखे। स्वर्ग भी धन्य हो जाएगा जब आप वहां पहुंचेंगे… एक बेहतरीन एक्टर और एक बेजोड़ कैरम चैंपियन। आपसे बहुत प्यार है और आपकी बहुत याद आती है!! बहुत जल्दी चले गए मेरे हीरो! RIP।”

सलमान खान ने पोस्टपोन किया इवेंट

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान का गुरुवार को मुंबई में होने वाला इवेंट टाल दिया गया है। यह फैसला दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन के बाद किया गया, जिनका गोवा में अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण 75 साल की उम्र में निधन हो गया। इन दोनों एक्टर्स ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘खामोशी द म्यूजिकल’ (1996) में साथ काम किया था।

गुरुवार को बांद्रा के ताज लैंड्स एंड में GB रियल्टी के एक इवेंट में सलमान के शामिल होने की उम्मीद थी। नाना और सलमान ने ‘खामोशी’ फिल्म में साथ काम किया था, जिसमें नाना ने मनीषा कोइराला के किरदार ‘एनी’ के पिता ‘जोसेफ’ का रोल निभाया था, जबकि सलमान ने ‘राज’ का रोल किया था। इस फिल्म में सीमा बिस्वास भी थीं; यह फिल्म संजय के शुरुआती और यादगार कामों में से एक है।

Nana Patekar News: हमेशा के लिए छूटा उदय और मजनू का साथ, अनिल कपूर से 19 साल खफा रहने के बाद ‘वेलकम’ में नाना पाटेकर ने साथ किया था काम

Nana Patekar News: नाना पाटेकर का गुस्सा किसी से छुपा नहीं हैं। वह किसी के भी स्टारडम के सामने खुदको कमतर नहीं समझते थे। न ही अपने ऊपर काफी उन्होंने फेम, दौलत और शोहरत का नशा हावी होने दिया। नाना का गुस्सा जग जाहिर था। इसका शिकार अनिल कपूर भी हुए। ये बात फिल्म परिंदा के समय की है।

फिल्म परिंदा में जब नाना की हुई एंट्री

फिल्म परिंदा में जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर और नाना पाटेकर ने साथ काम किया था। इस फिल्म के लिए नाना को बेस्ट सपोर्टिंग का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था। फिल्म में जैकी और अनिल भाई के रोल में दिखे थे। वहीं नाना ने गैंगस्टर अन्ना का किरदार निभाया था। फिल्म में नाना को उनके रोल के लिए काफी पसंद किया गया था।

सालों बाद नाना पाटेकर ने खोला था राज

कई सालों बाद नाना ने बताया था कि परिंदा फिल्म में पहले वह जैकी श्रॉफ का रोल करने वाले थे। लेकिन अनिल कपूर ने उन्हें फिल्म से निकलवा दिया था। नसीरुद्दीन शाह को अन्ना का रोल ऑफर किया गया था। नसीर बाहर हो गया। मैंने और अनिल ने साथ वर्कशॉप की, लेकिन फिर मैं भी हटा दिया गया। फिर मुझे पता चला की ये सब किया धरा अनिल कपूर का ही था।

अनिल कपूर ने कबूला सच

नाना पाटेकर ने इस किस्से का जिक्र लल्लनटॉप में किया था। उन्होंने कहा जब मुझे पता चला कि अनिल ने विनोद से कहकर ये सब कराया है तो मैंने सीधा उससे बात की। मैंने उससे पूछा तुमने ये क्यों किया। अनिल ने कहा कि नाना मैंने सोचा कि मैं तुमको क्यों स्टार बनाऊं। नाना पाटेकर ने कहा कि क्योंकि ये तय बात थी जो भी जैकी वाला रोल करता वह सुपरस्टार बन जाता। अब हम बराबर है, पर तब वह स्टार था तो उसकी बात मानली गई थी। फिर 4 महीने बात विनोद मेरे पास आया और कहा तू अन्ना का रोल करेगा?

वापस जाने के लिए रखी ये शर्त

नाना ने कहा पहले तो मैं विधु विनोद चोपड़ा को देखकर गुस्से से लाल हो गया था और गुस्साया भी। फिर मैंने कहा मैं फिल्म करूंगा। विनोद बोला कि मार्किट में अभी तुम्हें जितने पैसे मिल रहे है, मैं भी उतने ही दूंगा। मैंने उनसे कहा कि वो तो मैं लूंगा ही कोई मेहरबानी थोड़ी कर रहे हो तुम। पर अब मैं फिल्म का कुछ हिस्सा लिखूंगा भी।

एक्टर ने बताया था कि उनके किरदार का जलकर मरने वाला एंगल उनका लिखा हुआ ही थी। नाना ने जिक्र किया था कि ‘वो आग सच में लगी थी। मैं सच में जल गया था। 60 दिनों तक अस्पताल में था और 1 साल तक काम नहीं कर पाया था। दाढ़ी, मूंछ थी नहीं। पलकें तक जल गई थीं।

बता दें कि इस फिल्म में भले ही नाना पाटेकर ने काम कर लिया हो, लेकिन इसके बाद उन्होंने अनिल कपूर के साथ काम नहीं किया था। 19 साल तक एक्टर उनसे नाराज रहे थे। फिर वेलकम फिल्म में दोनों साथ नजर आए और किरदार को आइकॉनिक बना दिया। उदय भाई और मजनू का किरदार लोगों के मन में बसा हुआ है। दोनों की कॉमिक टाइमिंग बेस्ट मानी जाती थी। 8 अक्टूबर को उदय भाई मजनू और अपने फैंस को हमेशा के लिए छोड़कर चले गए।

Nana Patekar News: नाना पाटेकर के पुणे वाले घर के बाहर उमड़ी भीड़, मौत की खबर सुन फूट-फूटकर रो पड़ा फैन

Nana Patekar News: 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री और उनके अनगिनत चाहने वालों को गहरा सदमा लगा है। गोवा में अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) के कारण इस दिग्गज अभिनेता का निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। एक वीडियो में पुणे के डोनाजे इलाके में स्थित नाना पाटेकर के घर ‘नानाची वाडी’ के बाहर एक प्रशंसक को फूट-फूटकर रोते हुए देखा जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक घर से अस्पताल लाए जाने के बाद डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक उन्हें होश में लाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। सुबह 5:20 बजे अभिनेता को मृत घोषित कर दिया गया। नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम पुणे के पास डोनाजे स्थित उनके फार्महाउस पर किया जाएगा। थिएटर और सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए इस दिग्गज अभिनेता को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र में जन्मे नाना पाटेकर ने अपनी दमदार अदाकारी, डायलॉग बोलने के खास अंदाज और लीक से हटकर किरदारों को निभाने के लिए अपनी अलग पहचान बनाई। तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेता, वे ‘नटसम्राट’, ‘वजूद’, ‘परिंदा’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘यशवंत’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जाने जाते हैं।

नाना पाटेकर ने 1978 की फिल्म ‘गमन’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। 2000 के दशक की शुरुआत में पाटेकर को ‘शक्ति द पावर’ (2002), ‘अब तक छप्पन’ (2004), ‘अपहरण’ (2005) और ‘टैक्सी नंबर 9211’ (2006) में अपने अभिनय के लिए काफी सराहना मिली। उन्हें ‘वेलकम’ (2007) में गैंगस्टर उदय शेट्टी के कॉमिक किरदार के लिए भी खूब तारीफ मिली। उन्होंने इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ (2015) में भी यही भूमिका निभाई थी। अभिनेता कॉमेडी थ्रिलर ‘हाउसफुल 5’ में भी नजर आए थे।

वे पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म ‘राजनीति’ (2010) का भी हिस्सा थे, जिसके लिए उन्हें ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ के तौर पर पांचवीं बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था। 2016 में उन्हें मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ में अपनी एक्टिंग के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

पाटेकर को पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान 2013 में सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया था। वे ‘यशवंत’ (1997), ‘वजूद’ (1998) और ‘आंच’ (2003) जैसी फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के लिए भी जाने जाते थे। नाना पाटेकर को आखिरी बार उनकी मौत से चार दिन पहले गोवा के डोना पाउला में देखा गया था, जहां वे ‘सम्राट क्लब इंटरनेशनल’ के इंस्टॉलेशन समारोह में शामिल हुए थे और उन्होंने वहां भाषण भी दिया था।

नाना पाटेकर ने निधन से ठीक पहले रात 2:30 बजे दोस्त को क्या मैसेज किया था? कुछ घंटों बाद हमेशा के लिए हो गए खामोश

Nana Patekar Death News Updates: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिंदगी भर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर ने निधन से कुछ घंटे पहले ही अपने एक करीबी दोस्त को मैसेज भेजकर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार (8 अक्टूबर) तड़के करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने दोस्त को मैसेज किया कि वह असहज महसूस कर रहे हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं है। देर रात होने के कारण दोस्त उस मैसेज को समय पर देख नहीं सके।

करीब 4 बजे जब दोस्त उनके घर पहुंचे, तो नाना पाटेकर की हालत बेहद गंभीर थी। वह पसीने से तर थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उन्हें बचाने की कोशिशें शुरू हुईं। एंबुलेंस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सीपीआर दिया गया। अस्पताल ले जाते समय भी उन्हें सीपीआर दिया जाता रहा। लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अस्पताल के मुताबिक, नाना पाटेकर को तड़के अस्पताल लाया गया और करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई है।

सिनेमा जगत में शोक की लहर

नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने भी उनके निधन की पुष्टि की। पाटेकर के बेटे मल्हार ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, “हां, यह जानकारी सही है। मैं अभी पुणे में हूं और गोवा पहुंच रहा हूं। मैं जल्द ही इस बारे में विस्तार से जानकारी दूंगा।” उन्होंने बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार पुणे में किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आते ही सिनेमा जगत, राजनीति और उनके लाखों प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।

नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि अभिनय की अपनी अलग पहचान रखने वाले कलाकार थे। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘नटसम्राट’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदारों को यादगार बना दिया। करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार से लेकर पद्मश्री तक कई सम्मान हासिल किए। फिल्मों से दूर भी उन्होंने जरूरतमंदों और सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए काम किया।

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लेकिन अब उनके जाने के बाद सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाली बात यही है कि जिस अभिनेता ने पर्दे पर अनगिनत किरदारों में जान फूंकी, उसने जिंदगी के आखिरी घंटों में सिर्फ एक संदेश के जरिए अपनी तबीयत खराब होने की खबर दी… और कुछ ही घंटे बाद उनकी आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने घोषणा की है कि पाटेकर का अंतिम संस्कार आज राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

Nana Patekar News: ‘लगातार 45 मिनट तक CPR देने के बावजूद हम उन्हें नहीं बचा सके’, नाना पाटेकर की मौत पर आया डॉक्टर का बयान

Nana Patekar News: मशहूर एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा में कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) से निधन हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। एक्टर 75 साल के थे।

जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे, तभी उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उनके घर एक मेडिकल टीम भेजी गई, जहां वे बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार डॉक्टरों ने 45 मिनट तक उनकी धड़कन वापस लाने की कोशिश की, लेकिन रिससिटेशन (resuscitation) के दौरान एक्टर की धड़कन नहीं लौटी। 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

सुबह करीब 5:20 बजे एक्टर को मृत घोषित कर दिया गया। MLC की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों द्वारा गुरुवार को पोस्टमार्टम किए जाने की उम्मीद है। पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने चेहरों में से एक थे। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में ‘गमन’ फिल्म से हुई थी। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनकी बेहतरीन एक्टिंग ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक खास पहचान दिलाई।

अपनी उम्र के आखिरी दौर में भी पाटेकर एक्टिंग करते रहे। उनकी हालिया फिल्मों में ‘हाउसफुल 5’ शामिल है, जिसमें अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख भी हैं। वे विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ रोमियो’ में पुलिस ऑफिसर के रोल में भी दिखे थे, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके अलावा, उन्होंने अनिल कपूर और राधिका मदान की फिल्म ‘सूबेदार’ में भी एक छोटा सा रोल (कैमियो) किया था।

पाटेकर को भारतीय सिनेमा के सबसे खास और असरदार अभिनेताओं में से एक माना जाता था। उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में काम किया। उनके निधन की खबर के बाद नील नितिन मुकेश, खुशबू सुंदर और रितेश देशमुख समेत कई फिल्मी हस्तियों ने उनके गुज़र जाने पर दुख जताया।

Nana Patekar Top 10 Movies: ‘परिंदा’ से ‘वेलकम’ तक…, शानदार रहा नाना पाटेकर का फिल्मी सफर, देखें 10 बेहतरीन फिल्में

भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने कई शानदार और यादगार किरदार निभाए। नाना पाटेकर ने अपने करियर में ऐसे कई किरदार निभाए, जिन्हें आज भी दर्शक याद करते हैं। गंभीर भूमिकाओं से लेकर क्राइम, कॉमेडी और सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों तक, उन्होंने हर तरह के किरदार को अपनी खास शैली में पर्दे पर पेश किया और अपनी अलग पहचान बनाई। आइए जानते हैं नाना पाटेकर की 10 बेहतरीन फिल्में

जानें भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार की 10 ऐसी बेहतरीन फिल्में। इन फिल्मों में नाना पाटेकर के शानदार करियर को नई पहचान दी और अभिनय की दुनिया में उनकी खास छाप छोड़ी।

1. परिंदा (1989)

विधु विनोद चोपड़ा की इस क्राइम फिल्म में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर अन्ना का किरदार निभाया था। उनके दमदार अभिनय को काफी पसंद किया गया और इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

2. क्रांतिवीर (1994)

इस फिल्म में नाना पाटेकर ने प्रताप नारायण तिलक का किरदार निभाया था। एक परेशान इंसान से अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले व्यक्ति तक का उनका सफर दर्शकों को काफी पसंद आया। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

3. नटसम्राट (2016)

मराठी फिल्म नटसम्राट में नाना पाटेकर ने गणपतराव बेलवलकर की भूमिका निभाई। वह एक मशहूर थिएटर कलाकार के किरदार में नजर आए, जिसकी जिंदगी रिटायरमेंट के बाद पूरी तरह बदल जाती है। इस भावुक भूमिका में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई।

4. अब तक छप्पन (2004)

इस फिल्म में नाना पाटेकर ने मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट साधु अगाशे का किरदार निभाया। उनका शांत लेकिन दमदार अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आया। फिल्म की कहानी मुंबई पुलिस अधिकारी दया नायक से प्रेरित थी।

5. प्रहार: द फाइनल अटैक (1991)

नाना पाटेकर ने इस फिल्म में मेजर चौहान की भूमिका निभाई थी। खास बात यह है कि उन्होंने फिल्म में अभिनय करने के साथ इसका निर्देशन और सह-लेखन भी किया था। यह फिल्म उनके करियर की अहम फिल्मों में गिनी जाती है।

6. अग्नि साक्षी (1996)

इस मनोवैज्ञानिक थ्रिलर में नाना पाटेकर ने एक बेहद गंभीर और परेशान करने वाला किरदार निभाया था। उनके अभिनय को काफी सराहा गया और इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

7. वेलकम (2007)

कॉमेडी फिल्म वेलकम में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया। इस फिल्म में उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग का शानदार प्रदर्शन किया। अनिल कपूर के मजनू भाई के साथ उनकी जोड़ी और संवाद आज भी दर्शकों को खूब पसंद आते हैं।

8. अपहरण (2005)

प्रकाश झा की इस राजनीतिक क्राइम फिल्म में नाना पाटेकर ने तबरेज आलम का किरदार निभाया था। उनका किरदार ताकतवर होने के साथ-साथ कई तरह की उलझनों से भरा हुआ था। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।

9. राजनीति (2010)

फिल्म राजनीति में नाना पाटेकर ने अनुभवी राजनेता बृज गोपाल की भूमिका निभाई। प्रकाश झा की इस राजनीतिक फिल्म में उनका शांत और गंभीर अभिनय दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रहा।

10. सलाम बॉम्बे! (1988)

मीरा नायर की चर्चित फिल्म सलाम बॉम्बे! नाना पाटेकर के शुरुआती महत्वपूर्ण कामों में से एक थी। फिल्म में उन्होंने बाबा का किरदार निभाया था। इस फिल्म ने एक गंभीर और प्रतिभाशाली अभिनेता के तौर पर उनकी पहचान मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

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Triumph Bonneville T40 vs Bonneville T4: Price and differences explained

Triumph Bonneville T40 vs Bonneville T4: Price and differences explained
Triumph Bonneville T40 and Bonneville T4 in clockwise direction.

The latest Triumph 400s – the Bonneville T40 and the Bonneville T4 – are perhaps the most important ones yet, since they carry Triumph’s most storied nameplate. While the T40 has debuted internationally, the Bonneville T4 is an India-specific motorcycle, owing to our sensitivity to value. It’s also worth noting that the Bonneville T40 gets a downsized 349cc engine in India (like with the rest of the range) – one that it shares with the Bonneville T4. If you’re thinking about one of them, what do you gain (or lose) with the other? That’s what we are here to help you with.

Triumph Bonneville T40 vs Bonneville T4: What’s the same?

Mechanically identical

Like we mentioned, both the motorcycles share the same 349cc engine with 29hp and 31.2Nm of torque. On paper, these numbers sound close to the Triumph Speed T4 but Triumph categorically denies any similarities to the T4. The Bonnie gets a new camshaft, cylinder head, and narrower throttle bodies; the engine is also tuned to prioritise low-end performance, in line with what’s expected for the segment. Elsewhere, both Bonnies share the same 6-speed transmission, a 14.5-litre fuel tank, slip-and-assist clutch, ride-by-wire technology, 195kg kerb weight, 790mm seat height, as well as 165mm ground clearance.

Triumph Bonneville T40 vs Bonneville T4: Design and colours

T40 gets more intricate colour options

Triumph Bonneville T40 in Fusion White/Phantom Black.
Triumph Bonneville T4 in Carnival Red.
 

 

Colours will be the most obvious way to tell the two Bonnevilles apart. Being the more expensive one, the T40 gets an understated Black colour. If that isn’t to your taste, you get three more colour options to choose from: Blue/Tangerine, Dark Blue/White and White/Black. The Bonneville T4, in contrast – or lack thereof – gets three single-colourways: Black, Green and Red. Both motorcycles do get hand finished details, but the more intricate details are reserved for the T40.

Triumph Bonneville T40 vs Bonneville T4: Features

T40 gets more features and rider aids

Triumph Bonneville T40's 4-inch TFT display.
Triumph Bonneville T4's 4-inch LCD screen.
 

 

Triumph debuted a new, circular 4-inch TFT display on the Bonneville T40; it also gets a host of new rider aids such as, five ride modes, an inertial measurement unit (IMU) that enables cornering ABS and traction control, Triumph-powered turn-by-turn navigation, and cruise control as standard. The new TFT display, alongside the advanced electronics, sets the T40 apart not only from the Bonneville T4, but also from every other Triumph 400 on the market.

Speaking of, the Bonneville T4 also gets a new, circular 4-inch display, but it’s an LCD unit. It doesn’t have an IMU and hence loses out on corner-sensitivity for ABS and traction control, and cruise control. It’s not all bad news though, for the Bonneville T4 still gets three ride modes, non-Triumph-powered turn-by-turn navigation, dual-channel ABS, and traction control.

Triumph Bonneville T40 vs Bonneville T4: Price

The T40’s extra features come at a cost

 

Triumph Bonneville T40

Triumph Bonneville T4

Price (ex-showroom, Delhi)

Rs 2.80 lakh

Rs 2.55 lakh

For all the additional features on offer, Triumph charges Rs 25,000 extra for the Bonneville T40. The T40 gets a single variant with four aforementioned colours at Rs 2.80 lakh. The Bonneville T4, on the other hand, is priced at Rs 2.55 lakh for its single variant and three colours. If you’re planning to go for the T40, Triumph has promised that deliveries will start in November 2026. If you have decided that you’re better off with the Bonneville T4 though, you can make a booking now, but deliveries are set to begin only in the second week of January 2027, so that’s at least a two-month wait.