HPCL Stock Outlook: 23% तक उछल सकता है सरकारी कंपनी का शेयर, मोतीलाल ओसवाल ने दी खरीद की सलाह

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयर में आगे 23 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसी उम्मीद मोतीलाल ओसवाल के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस 470 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह बीएसई पर शेयर के मौजूदा भाव 381.25 रुपये से 23 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद स्टॉक पर ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है।

सरकारी कंपनी HPCL को अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 11,526.41 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। एक साल पहले कंपनी को 4,575.87 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे माल की कीमतों में तेजी ​आई। लेकिन फिर भी HPCL ने पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेचा। इसकी वजह से कंपनी का पिछले वित्त वर्ष का दो-तिहाई से अधिक लाभ खत्म हो गया। कंपनी का मुनाफा पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में 17,258.13 करोड़ रुपये रहा था।

कंपनी को तिमाही के दौरान पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस LPG की बिक्री पर भारी नुकसान हुआ। इससे रिकॉर्ड रिफाइनिंग मार्जिन खत्म हो गया। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 1.44 लाख करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 1.19 लाख करोड़ रुपये था।

HPCL पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि HPCL ने मार्केटिंग मार्जिन उम्मीद से कम रहने के कारण ₹161.3 अरब का ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया। अनुमान ₹161.3 अरब के ऑपरेटिंग लॉस का था। ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन (इन्वेंट्री सहित) नेगेटिव ₹14.9/लीटर रहा, जबकि अनुमान नेगेटिव ₹9.4/लीटर का था। LPG अंडर-रिकवरी ₹56 अरब रही। ब्रोकरेज को अनुमान है कि HPCL वित्त वर्ष 2028 में इक्विटी पर 17.3 प्रतिशत का रिटर्न दर्ज करेगी।

HPCL का मार्केट कैप 81100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक 23 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक सरकार के पास 54.90 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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जेफरीज और नोमुरा का रुख

HPCL के शेयर पर जेफरीज ने “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस ₹325 प्रति शेयर रखा है। जून तिमाही में कंपनी का नुकसान ब्रोकरेज के अनुमान से कम था। ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि HPCL पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए घाटा दर्ज कर सकती है। इसकी वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद स्पॉट मार्केटिंग मार्जिन फिर से घाटे में चले गए हैं।

नोमुरा ने HPCL के लिए “न्यूट्रल” रेटिंग और ₹440 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। HPCL पर नजर रखने वाले 33 एनालिस्ट्स में से 15 ने “बाय” रेटिंग दी है। 7 ने “होल्ड” रेटिंग और 11 ने “सेल” रेटिंग दी है।

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₹4 लाख से कम सैलरी वाले सावधान! टैक्स तो नहीं लगेगा, पर ITR भरना है जरूरी; जानिए ये 6 कड़े नियम

ITR Filing Rules Below Exemption Limit: एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए बिना लेट फीस इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है जो बेहद करीब है। आयकर विभाग के अनुसार, अब तक 3 करोड़ से अधिक करदाता अपना ITR फाइल कर चुके हैं।

आमतौर पर माना जाता है कि नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹4 लाख और पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत ₹2.5 लाख से अधिक की सालाना कमाई पर ही आईटीआर भरना अनिवार्य होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सालाना कमाई इस बेसिक छूट सीमा से कम होने के बावजूद भी आपको जेल या पेनल्टी से बचने के लिए ITR दाखिल करना पड़ सकता है?

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत ऐसे 6 विशेष नियम तय किए गए हैं, जिनके दायरे में आने पर आईटीआर भरना अनिवार्य हो जाता है। आइए इन्हें आसान भाषा में समझते हैं।

इन 6 स्थितियों में कम कमाई पर भी अनिवार्य है ITR भरना

अगर आपकी सालाना आय बेसिक छूट सीमा से कम है, फिर भी इनमें से कोई एक शर्त पूरी होने पर आपको ITR दाखिल करना ही होगा:

1- करंट अकाउंट में ₹1 करोड़ से ज्यादा का डिपॉजिट: अगर आपने वित्त वर्ष के दौरान अपने एक या एक से अधिक चालू खातों में ₹1 करोड़ या उससे अधिक की नकदी जमा की है।

2- विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से अधिक का खर्च: अगर आपने अपने या किसी अन्य व्यक्ति के फॉरेन ट्रैवल जैसे- हवाई टिकट, टूर पैकेज आदि पर ₹2 लाख से ज्यादा खर्च किए हैं।

3- ₹1 लाख से ज्यादा का बिजली बिल: अगर पूरे साल में आपका बिजली बिल कुल मिलाकर ₹1 लाख से अधिक आया है।

4- TDS या TCS की सीमा पार होना: अगर वित्त वर्ष के दौरान आपका कुल TDS/TCS कटान ₹25,000 या उससे अधिक है (60 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए)। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे ऊपर) के लिए यह सीमा ₹50,000 रखी गई है।

5- सेविंग्स अकाउंट में ₹50 लाख या उससे अधिक जमा: अगर वित्त वर्ष में आपके एक या एक से अधिक बचत खातों में कुल ₹50 लाख या उससे ज्यादा जमा हुए हैं।

6- विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाते में साइनिंग अथॉरिटी: अगर आप भारत के निवासी हैं और विदेश में कोई संपत्ति, फाइनेंशियल शेयर या किसी विदेशी बैंक खाते का साइनिंग राइट रखते हैं।

कम कमाई के बावजूद ITR फाइल करने के 4 बड़े फायदे

भले ही कानूनन आपके लिए आईटीआर भरना अनिवार्य न हो, फिर भी वॉलंटरी रिटर्न दाखिल करने के कई बड़े फायदे मिलते हैं:

लोन मिलने में आसानी: होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन के आवेदन के दौरान ITR सबसे मजबूत ‘इनकम प्रूफ’ का काम करता है।

वीजा प्रोसेसिंग: कई देशों जैसे- अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपियन देश का वीजा हासिल करने के लिए पिछले 2-3 सालों का ITR जमा करना अनिवार्य होता है।

TDS रिफंड का दावा: अगर आपका टीडीएस कटा है, तो उसे वापस पाने के लिए रिटर्न भरना ही एकमात्र तरीका है।

नुकसान को आगे ले जाना: शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या बिजनेस में हुए नुकसान को भविष्य के मुनाफे से सेट-ऑफ करने के लिए समय पर ITR फाइल करना जरूरी होता है।

SIP Calculator: म्यूचुअल फंड में ₹999 की छोटी SIP से तैयार होगा लाखों का फंड, देखें 10, 15 और 25 साल का कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Small Savings Schemes: शेयर मार्केट में उठा-पटक की टेंशन दूर, 8.2% तक का रिटर्न, पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम शानदार

Small Savings Schemes: पिछले कुछ महीनों से स्टॉक मार्केट में काफी उठा-पटक दिख रही है। इससे शॉर्ट टर्म में रिटर्न को लेकर निवेशक परेशान हो गए हैं। हालांकि अधिकतक एक्सपर्ट्स लंबे समय में अच्छा पैसा बनाने के लिए इक्विटी में पैसा लगाने की सलाह देते हैं लेकिन जो निवेशक मार्केट की घबराहट से दूर बिना टेंशन अच्छा पैसा बनाना चाहते हैं, उनके लिए भी मार्केट में विकल्प उपलब्ध हैं। ऐसे निवेशकों के लिए सरकार के सपोर्ट वाली छोटी बचत योजनाएं पोर्टफोलियो का अच्छा हिस्सा बन सकती हैं। इनमें सालाना 8.2% तक का ब्याज मिल रहा है, जिससे मार्केट की उठा-पटक से दूर निवेशकों का क्रेज इन्हें लेकर बढ़ रहा है।

Public Provident Fund (PPF)

लंबे समय से पीपीएफ सैलरीड एंप्लॉयीज और अपना खुद का बिजनेस करने वालों के लिए सबसे पसंदीदा निवेश विकल्पों में शुमार है। अभी इस पर सालाना 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है। इसका मेच्योरिटी पीरियड 15 वर्ष है। पुरानी टैक्स व्यवस्था यानी ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत इसमें किए गए निवेश पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन मिलका है। साथ ही अर्जित ब्याज और मेच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा भी टैक्स-फ्री होता है।

National Savings Certificate (NSC)

एनएससी एक फिक्स्ड इनकम योजना है, जिसमें अभी सालाना 7.7% की दर से ब्याज मिल रहा है। इसका मेच्योरिटी पीरियड 5 साल है और इसमें निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट्स भी मिलता है।

Kisan Vikas Patra (KVP)

बाजार की उठा-पटक से दूर किसान विकास पत्र (केवीपी) ऐसे निवेशकों के लिए सुरक्षित है जो बिना किसी टेंशन अपने पैसे को अच्छी रफ्तार से बढ़ता हुआ देखना चाहते हैं। अभी इस पर सालाना 7.5% की दर से ब्याज मिल रहा है और इस रफ्तार से 115 महीने में इसमें रखा पैसा डबल हो जाता है।

Sukanya Samriddhi Yojana (SSY)

लड़कियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना में अभी सालाना 8.2% की दर से ब्याज मिल रहा है जोकि स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में सबसे अधिक ब्याज देने वाली योजना में से एक है। 10 साल से कम उम्र की लड़की के अभिभावक यह खाता खोल सकते हैं।

Senior Citizens’ Savings Scheme (SCSS)

सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम के तहत अभी सालाना 8.2% की दर से ब्याज मिल रहा है और यह भी अधिक ब्याज देने वाली सरकारी बचत योजनाओं में शुमार है। इसके तहत 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं और ऐसे लोगों के लिए बेहतर है जो नियमित आय चाहते हैं।

Post Office Time Deposits

पोस्ट ऑफिस में बैंकों की तरह एक एफडी है, जिसे सरकार का सपोर्ट मिला हुआ है। इसमें एक साल की जमा पर 6.9%,दो साल की जमा पर 7.0%, तीन साल की जमा पर 7.1% और पांच साल की जमा पर 7.5% की दर से ब्याज मिलेगा। पांच साल की जमा पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट्स भी मिलेगा।

छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें

सरकार हर तिमाही स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स यानी छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें तय करती हैं और सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यहां पोस्ट ऑफिस से जुड़ी स्कीम्स के लिए ब्याज दर की डिटेल्स दी जा रही है-

स्मॉल सेविंग्स स्कीमब्याज दर
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.2%
सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.2%
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)7.7%
किसान विकास पत्र (KVP)7.5%
5 वर्षीय पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट7.5%
पोस्टऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS)7.4%
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)7.1%
3 साल का पोस्ट ऑफिस  टाइम डिपॉजिट7.1%
2 साल का पोस्ट ऑफिस डाकघर टाइम डिपॉजिट7.0%
1 साल का पोस्ट ऑफिस  टाइम डिपॉजिट6.9%
पोस्ट ऑफिस आरडी (RD)6.7%
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम4.0%

SIP Calculator: म्यूचुअल फंड में ₹999 की छोटी SIP से तैयार होगा लाखों का फंड

डिस्क्लेमर: निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने निवेश सलाहकार से जरूर संपर्क करें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है

SIP Calculator: म्यूचुअल फंड में ₹999 की छोटी SIP से तैयार होगा लाखों का फंड, देखें 10, 15 और 25 साल का कैलकुलेशन

SIP Investment Calculation: क्या आप सोचते हैं कि शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में बड़ा फंड बनाने के लिए हर महीने भारी-भरकम रकम का निवेश करना जरूरी है? अगर हां, तो यह खबर आपकी इस सोच को बदल देगी। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए आप रोजाना महज ₹33 की बचत यानी हर महीने सिर्फ ₹999 का निवेश करके भी लाखों रुपये का बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

कंपाउंडिंग की ताकत और लंबी अवधि के अनुशासन के चलते छोटा सा निवेश भी समय के साथ एक बड़ी संपत्ति में तब्दील हो जाता है। आइए एसआईपी कैलकुलेटर के जरिए समझते हैं कि ₹999 महीना जमा करने पर 15, 20 और 25 सालों में कितना रिटर्न मिल सकता है।

₹999 की मासिक SIP: 12% और 15% रिटर्न का गणित

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबी अवधि में औसतन 12% से 15% तक का सालाना रिटर्न देखा जाता है। अगर आप हर महीने ₹999 बिना रुके एसआईपी करते हैं, तो आपकी वेल्थ कैसे बढ़ेगी:

12% अनुमानित सालाना रिटर्न पर इतना बनेगा फंड

12% अनुमानित सालाना रिटर्न पर इतना बनेगा फंड

15% अनुमानित सालाना रिटर्न पर (एग्रेसिव फंड्स)

20 साल में: आपका कुल निवेश ₹2.39 लाख होगा, लेकिन 15% रिटर्न के हिसाब से यह फंड बढ़कर ₹15.13 लाख बन सकता है।

25 साल में: ₹2.99 लाख का कुल निवेश बढ़कर ₹32.81 लाख के बड़े कॉर्पस में तब्दील हो सकता है।

कंपाउंडिंग की ताकत कैसे काम करती है?

इस कैलकुलेशन की सबसे खास बात यह है कि जैसे-जैसे समय बीतता है, आपकी जेब से लगने वाला पैसा कम रहता है, जबकि ब्याज पर मिलने वाला ब्याज आपके फंड को तेजी से बढ़ाता है। 20 साल के दौरान आपका अपना निवेश केवल ₹2.39 लाख रहेगा, लेकिन कंपाउंडिंग के कारण आपको ₹7.5 लाख से अधिक का केवल शुद्ध मुनाफा मिलेगा।

‘स्टेप-अप SIP’ से फंड को बनाएं दोगुना

अगर आप हर साल अपनी एसआईपी रकम में केवल 10% का इजाफा करते हैं (जैसे- पहले साल ₹999/महीना, दूसरे साल ₹1,100/महीना), तो 20 साल बाद आपका यही फंड ₹10 लाख के बजाय बढ़कर ₹22 लाख से अधिक हो सकता है। जैसे-जैसे आपकी आय बढ़े, वैसे-वैसे एसआईपी अमाउंट बढ़ाना पैसे जुटाने का सबसे स्मार्ट तरीका है।

निवेश शुरू करने से पहले 3 जरूरी बातें

कंसिस्टेंसी: बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराकर एसआईपी कभी बंद न करें। मंदी के दौर में आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं।

लक्ष्य तय करें: अपने रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर खरीदने जैसे लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए ही इक्विटी म्यूचुअल फंड में एसआईपी चुनें।

सही फंड का चुनाव: अपनी जोखिम लेने की क्षमता के हिसाब से लार्ज-कैप, फ्लेक्सी-कैप या इंडेक्स फंड्स में निवेश शुरू करें।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

राइजिंग भारत समिट में बोले प्रियांक खड़गे- कर्नाटक में विजिलेंटिज्म पर जीरो टॉलरेंस, कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं

Priyank Kharge news: कर्नाटक के गृह, आईटी और बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा है कि राज्य सरकार विजिलेंटिज्म के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और कानूनी प्रावधान हर किसी पर समान रूप से लागू होते हैं। न्यूज 18 के राइजिंग भारत समिट के दौरान मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता के साथ आयोजित ‘फायरसाइड चैट – हाउ कर्नाटक इज बिल्डिंग द इनोवेशन इकोनॉमी ऑफ भारत? में बोलते हुए खड़गे ने कहा कि राज्य में किसी भी तरह के विजिलेंटिज्म की इजाजत नहीं है। उन्होंने आगे जोड़ा कि कोई भी कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता। कानून सबके लिए एक बराबर है।

पुलिसिंग और प्रशासन में टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल

कर्नाटक में गवर्नेंस और कानून-व्यवस्था के क्रियान्वयन पर बात करते हुए खड़गे ने बताया कि राज्य ने पुलिसिंग और सार्वजनिक प्रशासन में तकनीक को तेजी से इंटिग्रेट किया है। ट्रैफिक मैनेजमेंट, साइबर सिक्योरिटी और पुलिसिंग के क्षेत्रों में डिजिटल टूल्स का काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रियांक खड़गे ने कहा कि हम ट्रैफिक, साइबर सुरक्षा और पुलिसिंग आदि में तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। गवर्नेंस में तकनीक के उपयोग के हमारे प्रयासों की केंद्र सरकार ने भी सराहना की है।

पुलिस की उपस्थिति और निगरानी में सुधार के लिए सरकार ने एक नया एप्लिकेशन पेश किया है। खड़गे ने कहा कि अब पुलिस की मौजूदगी पर नजर रखने के लिए ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कड़ा एक्शन: ₹2700 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना

राज्य में सड़क सुरक्षा और प्रवर्तन उपायों को उजागर करते हुए खड़गे ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ की गई बड़े पैमाने की कार्रवाई के आंकड़े साझा किए। पूरे राज्य में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के 7.7 करोड़ से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों से राज्य भर में ₹2700 करोड़ से अधिक का जुर्माना लिया गया है।

क्विक कॉमर्स और गिग वर्कर्स पर क्या बोले मंत्री?

तेजी से बढ़ती ऐप-बेस्ड डिलीवरी सर्विस पर बात करते हुए खड़गे ने माना कि क्विक कॉमर्स के आने से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बढ़ा है लेकिन उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस कार्रवाई में सिर्फ डिलीवरी कर्मचारियों को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। खड़गे ने कहा कि 10 मिनट की डिलीवरी के इस दौर में कई तरह के उल्लंघन हो रहे हैं। हम अब उन्हें चार घंटे के लेक्चर दे रहे हैं। ट्रैफिक अपराधों को एक गंभीर मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि लेकिन हम सिर्फ गिग वर्कर्स को दोष नहीं दे सकते।

बेंगलुरु के ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए ‘अर्बन मोबिलिटी मिशन’

प्रियांक खड़गे ने बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम को कम करने के प्रयासों पर भी बात की। उन्होंने बेंगलुरु को भारत का इनोवेशन हब होने के साथ-साथ इसकी ट्रैफिक कैपिटल के रूप में भी परिभाषित किया। उन्होंने बताया कि भीड़भाड़ की समस्या से निपटने और परिवहन योजना में सुधार के लिए राज्य सरकार ने एक अर्बन मोबिलिटी मिशन की स्थापना की है।

खड़गे ने कहा कि, ‘हम अधिक से अधिक लोगों को मास ट्रांजिट सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। हम ई-कॉमर्स कंपनियों, फ्लीट मैनेजर्स, ट्रैफिक पुलिस, जीबीए (GBA) और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर एक मिशन मोड कमेटी बना रहे हैं।’

शहर के परिवहन परिदृश्य पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। गवर्नेंस, पुलिसिंग और शहरी बुनियादी ढांचे पर हुई इस व्यापक चर्चा के दौरान प्रियांक खड़गे ने जोर देकर दोहराया कि कर्नाटक की सरकार इस सिद्धांत पर चल रही है कि कानून सबके लिए समान है।

Market outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 27 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market outlook :24 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,800 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 331.62 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 76,059.77 पर और निफ्टी 102.15 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ। लगभग 2050 शेयरों में बढ़त हुई,1961 शेयरों में गिरावट आई और 196 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस,एटरनल, M&M, श्रीराम फाइनेंस और भारती एयरटेल शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,विप्रो,सिप्ला,ITC और HDFC लाइफ शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस मिली-जुली रही। निफ्टी मीडिया सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.8% की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी IT (0.8% ऊपर),निफ्टी PSU बैंक (0.5% ऊपर)और निफ्टी बैंक (0.18% ऊपर)रहे।

दूसरी ओर निफ्टी ऑटो सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.10% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी मेटल (0.55% नीचे),निफ्टी एनर्जी (0.57% नीचे),निफ्टी रियल्टी (0.55% नीचे),निफ्टी ऑयल एंड गैस (0.46% नीचे),निफ्टी फार्मा (0.4% नीचे) और निफ्टी इंफ्रा (0.4% नीचे) रहे।

ब्रॉडर मार्केट भी अपने इंट्राडे निचले स्तरों से सुधरे। निफ्टी मिडकैप 100 बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि आने वाले समय में मार्केट का सेंटीमेंट खराब रह सकता है। तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहने से मेन मैक्रो-इकोनॉमिक इंडिकेटर्स और ग्रोथ पर बुरा असर पड़ सकता है। क्रूड ऑयल की कीमतें संकट के समय के अपने पीक से काफी नीचे होने के बावजूद US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड 52-हफ्ते के हाई पर पहुंच गए हैं। यह बॉन्ड मार्केट की उन चिंताओं को दिखाता है जो एनर्जी से जुड़ी महंगाई के जोखिम,मजबूत लेबर मार्केट की स्थिति और फेड के लगातार सख़्त रुख (hawkish stance) से जुड़ी हैं।

इन वजहों से सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। इंपोर्ट पर वॉशिंगटन के नए टैरिफ ने एक्सपोर्ट पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टेक्नोलॉजी इंटेसिव मार्केट पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है,क्योंकि ग्रोथ पर ऊंची दरों का दबाव है और निवेशक दूसरे उभरते हुए मार्केट की ओर रुख करके जोखिम कम करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अच्छे वैल्यूएशन और क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीदों के चलते बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

निफ्टी का आउटलुक

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23650-23600 के जोन में दिख रहा है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है,तो इसमें और गिरावट आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23450 और फिर 23300 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए तकाल रेजिस्टेंस 23950-24000 के जोन में है,जो 50-दिन के EMA के साथ मेल खाता है।

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बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी में भी निफ्टी जैसी ही शुरुआती कमजोरी दिखी। यह निचले स्तर पर खुला और नीचे की ओर गया,लेकिन फिर इंट्राडे के निचले स्तरों से तेज रिकवरी हुई जिससे नुकसान की भरपाई हो गई। इस रिकवरी की वजह से डेली चार्ट पर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनी और इंडेक्स ने अपना 200-डे का EMA फिर से हासिल कर लिया,जो ट्रेडर्स के लिए एक अहम लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57100-57200 जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी अपनी रिकवरी को 57600 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58000 तक बढ़ा सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56300-56200 जोन में है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Fall: सेंसेक्स 332 अंक गिरकर बंद; लगातार 5वें दिन लाल, निवेशकों के ₹91511 करोड़ स्वाहा

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 24 जुलाई को लगातार 5वें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। दिन में सेंसेक्स ने 917 अंकों की तगड़ी मार झेली और 75,474.43 के लो तक चला गया। निफ्टी भी 263 अंक तक टूटकर 23,606.30 के लो तक गया। हालांकि बाद में रिकवरी हुई। सेंसेक्स 331.62 अंकों की गिरावट के साथ 76,059.77 पर और निफ्टी 102.15 अंकों की गिरावट के साथ 23,767.45 पर बंद हुआ।

इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 91,510.68 करोड़ रुपये घट गया। गुरुवार, 23 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,76,60,985.926 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह घटकर 4,75,69,475.24 करोड़ रुपये हो गया।

NSE पर एचसीएल टेक्नोलोजिज, सिप्ला, विप्रो, आईटीसी, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी टॉप गेनर्स रहे। वहीं इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, बजाज ऑटो टॉप लूजर्स रहे।

एक दिन पहले कैसी रही थी चाल

पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में उछाल से गुरुवार को सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ था।

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रुपये की चाल

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे मजबूत होकर 96.51 पर पहुंच गया। बाद में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे मजबूत होकर 96.55 (अस्थायी) पर बंद हुआ। खबरों के मुताबिक, इसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की संभावित दखलंदाजी का भी हाथ रहा, जिसके जरिए कच्चे तेल की कीमत में उछाल के बीच रुपये में और गिरावट को रोकने की कोशिश की गई। इसके अलावा कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी घरेलू करेंसी को कुछ सहारा दिया। रुपया गुरुवार को 20 पैसे की गिरावट के साथ 96.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 6 प्रतिशत लुढ़क गया। जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी गिरावट में हैं। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Laurus Labs Q1 Results: मार्जिन 30% उछला, रेवेन्यू 29% बढ़ा, दूसरे पैरामीटर्स भी बेहतर रहे नतीजे

Laurus Labs Q1 Results:फार्मास्यूटिकल कंपनी लॉरस लैब्स ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है , कंपनी के तिमाही नतीजे सभी पैरामीटर्स पर साल-दर-साल के आधार पर अच्छे रहे है। कंपनी ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए ₹2,026 करोड़ का रेवेन्यू बताया, जो पिछले साल के ₹1,570 करोड़ के आंकड़े से 29% ज़्यादा है।

तिमाही के लिए इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन से पहले की कमाई (EBITDA) साल-दर-साल आधार पर 67% बढ़कर ₹382.1 करोड़ से ₹638.3 करोड़ पर हो गया।

तिमाही के लिए EBITDA मार्जिन साल-दर-साल के आधार पर 24.3% से सात परसेंटेज पॉइंट्स से ज़्यादा बढ़कर 31.5% हो गया। कंपनी के लिए यह मार्जिन कई सालों में सबसे ज़्यादा है, जिसमें अच्छे प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेटिंग लेवरेज की मदद मिली है।

जून तिमाही के आखिर में तिमाही के लिए ग्रॉस मार्जिन पिछले साल के 59.4% और मार्च तिमाही के 61.4% से बढ़कर 62.7% हो गया है।

अलग- अलग सेगमेंट का कैसा रहा प्रदर्शन

लॉरस लैब्स का CDMO बिज़नेस रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर 67% और लगातार 48% बढ़कर ₹870 करोड़ हो गया। कंपनी ने इस ग्रोथ का क्रेडिट लेट-स्टेज क्लिनिकल प्रोजेक्ट्स और कमर्शियल API सप्लाई की लगातार प्रोग्रेस को दिया। कंपनी ने यह भी कहा कि उसके पास 125 से ज़्यादा एक्टिव प्रोजेक्ट्स के साथ एक बढ़ती हुई पाइपलाइन है।

लॉरस ने अपने इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन में कहा कि वह कस्टमर डिमांड के आधार पर कमर्शियल स्केल पेप्टाइड्स ब्लॉक को भी आगे बढ़ा रही है।

अफोर्डेबल मेडिसिन्स बिज़नेस का रेवेन्यू तिमाही के दौरान 10% बढ़कर ₹1,156 करोड़ हो गया। हालांकि, यह आंकड़ा सीक्वेंशियल बेसिस पर 5% कम था क्योंकि इसने मार्च क्वार्टर में ₹1,223 करोड़ का आंकड़ा बताया था।

लॉरस ने कहा कि डिवीजन के पास एक हेल्दी ऑर्डर बुक, स्टेबल ARV और स्थापित वॉल्यूम ग्रोथ है, जिससे 10% ग्रोथ हुई। इसने कहा कि इस बिज़नेस के लिए ग्लोबल सप्लाई चेन की चुनौतियां बनी हुई हैं।

कंपनी इमर्जिंग मार्केट्स में प्रोडक्ट रजिस्ट्रेशन बढ़ा रही है। अपने बिज़नेस के मौके को मजबूत करने के लिए, इसने साउथ अफ्रीका में एक ऑफिस भी खोला है।

रिज़ल्ट अनाउंसमेंट के बाद लॉरस लैब्स के शेयर आज 2% से ज्यादा बढ़कर ₹1,601.20 पर बंद हुआ। 2026 में अब तक स्टॉक 44% ऊपर है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Hindustan Zinc Q1 Results: मुनाफा 145% बढ़ा, रेवेन्यू 77% की बढ़ोतरी के साथ अब तक के सबसे हाई लेवल पर

हिंदुस्तान जिंक का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 144.8 प्रतिशत बढ़कर 5469 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 2234 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 77 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 13747 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 7771 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 6749 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 5065 करोड़ रुपये के थे। EBITDA एक साल पहले से 109 प्रतिशत बढ़कर 8074 करोड़ रुपये रहा, जो कि किसी तिमाही में दर्ज किया गया अब तक का सबसे ज्यादा EBITDA है।

जून 2026 तिमाही में हिंदुस्तान जिंक का माइन्ड मेटल प्रोडक्शन 268 KT रहा। रिफाइंड मेटल प्रोडक्शन सालाना आधार पर 4% की बढ़ोतरी के साथ 260 KT दर्ज किया गया। जिंक के प्रोडक्शन की कॉस्ट 851 डॉलर प्रति टन रही, जो कि किसी एक तिमाही में देखी गई लोएस्ट कॉस्ट है। सिल्वर प्रोडक्शन 149 टन दर्ज किया गया।

Meesho Share Price: घाटे में कमी के बावजूद बिकवाली का दबाव, शेयर 6% तक लुढ़का

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