Stock in Focus: सोलर कंपनी को दो बड़े ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Waaree Renewable Technologies Ltd (WRTL) को दो बड़े लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिले हैं। कंपनी 800 MWac (1,082 MWp) क्षमता वाले दो ग्राउंड-माउंटेड सोलर पीवी प्लांट लगाएगी। EPC कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी डिजाइन, उपकरणों की खरीद और प्रोजेक्ट का निर्माण करेगी।

Waaree Renewable ने बताया कि यह ऑर्डर भारत की एक बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी से मिला है। हालांकि, कंपनी ने ग्राहक का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

दो सोलर प्लांट लगाएगी कंपनी

वारी रिन्यूएबल के मुताबिक, एक प्लांट की क्षमता 400 MWac / 530 MWp होगी, जबकि दूसरे की क्षमता 400 MWac / 552 MWp होगी। ये दोनों प्रोजेक्ट भारत में ही लगाए जाएंगे। इन्हें वित्त वर्ष 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जून तिमाही में बढ़ा मुनाफा

इस सप्ताह वारी रिन्यूएबल ने जून तिमाही के नतीजे भी जारी किए थे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 34% बढ़ा। वहीं, रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹924 करोड़ और EBITDA 48% बढ़कर ₹173 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 19.5% से घटकर 18.8% रह गया।

वारी रिन्यूएबल के शेयर

वारी रिन्यूएबल का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 0.63% की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, साल 2026 में अब तक यह शेयर 3.15% कमजोर रहा है। पिछले 1 साल में स्टॉक 10% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 9.78 हजार करोड़ रुपये है।

वारी रिन्यूएबल का बिजनेस

यह कंपनी सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए EPC सेवाएं देती है। कंपनी सोलर प्लांट्स की डिजाइनिंग, उपकरणों की खरीद और निर्माण का काम करती है। इसके अलावा इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और ऑपरेशन-मेंटेनेंस (O&M) जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: सोमवार 27 जुलाई को फोकस में रहेंगे 27 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार के कारोबारी सत्र में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। कई कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जबकि कुछ को बड़े ऑर्डर मिले हैं और कुछ ने नए निवेश का ऐलान किया है। ऐसे में इन खबरों का असर सोमवार को इन शेयरों की चाल पर दिख सकता है। आइए जानते हैं किन 27 स्टॉक्स पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा।

Bank of Baroda

सरकारी बैंक Bank of Baroda का जून तिमाही का मुनाफा 81% गिरकर ₹1,278 करोड़ रह गया। यह CNBC-TV18 के अनुमान से भी काफी कम रहा। NMC मुकदमे के निपटारे से जुड़े ₹5,680 करोड़ के एकमुश्त नुकसान का असर नतीजों पर पड़ा। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 10% बढ़कर ₹12,525 करोड़ रही। वहीं, एसेट क्वालिटी में मामूली गिरावट आई।

NTPC

सरकारी बिजली कंपनी NTPC का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 11.9% बढ़कर ₹5,342.4 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹4,774 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी ने तिमाही के दौरान स्थिर प्रदर्शन दर्ज किया।

IDFC First Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक IDFC First Bank का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,075 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 21.1% बढ़कर ₹5,972.3 करोड़ रही। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA घटकर 1.51% और नेट NPA 0.44% रह गया, जबकि प्रोविजन घटकर ₹1,144 करोड़ हो गया।

SBI Card

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी SBI Card का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 19.5% बढ़कर ₹664.4 करोड़ हो गया। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) लगभग स्थिर रही। यह मामूली घटकर ₹1,676 करोड़ रह गई, जो पिछले साल ₹1,681 करोड़ थी।

Sarda Energy and Minerals

मेटल और माइनिंग कंपनी Sarda Energy and Minerals की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Sarda Metals & Alloys ने ₹300 करोड़ के कैपेक्स को मंजूरी दी है। यह निवेश वेस्ट हीट रिकवरी पावर प्लांट लगाने और आंध्र प्रदेश के विजयनगरम स्थित मौजूदा प्लांट में मिनरल वूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर किया जाएगा।

NBCC

सरकारी निर्माण कंपनी NBCC (India) को करीब ₹108.85 करोड़ (GST छोड़कर) के दो नए ऑर्डर मिले हैं। इनमें सबसे बड़ा ₹88.43 करोड़ का ठेका ओडिशा के तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय ने दिया है। इसके तहत राज्य के विभिन्न स्थानों पर लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल बनाए जाएंगे।

Orient Technologies

आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सर्विसेज कंपनी Orient Technologies को NPCI से ₹76.20 करोड़ का सर्वर सप्लाई ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर में सर्वर की सप्लाई के साथ 7 साल की वारंटी और OEM सपोर्ट भी शामिल है। कंपनी को यह प्रोजेक्ट 18 हफ्तों में पूरा करना होगा।

Dodla Dairy

डेयरी कंपनी Dodla Dairy का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 35.6% घटकर ₹41 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹1,198 करोड़ हो गया। EBITDA 21.4% घटकर ₹65 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 8.2% से घटकर 5.4% पर आ गया।

Lodha Developers

रियल एस्टेट कंपनी Lodha Developers ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,372.1 करोड़ पहुंच गया। रेवेन्यू 43.1% बढ़कर ₹4,997 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 95.3% उछलकर ₹1,922.4 करोड़ हो गया और मार्जिन बढ़कर 38.5% पहुंच गया।

AU Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक AU Small Finance Bank का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 37% बढ़कर ₹796 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 31.8% बढ़कर ₹2,695.5 करोड़ रही। हालांकि, एसेट क्वालिटी में हल्की कमजोरी दिखी। ग्रॉस NPA बढ़कर 2.1% और नेट NPA 0.76% हो गया, जबकि प्रोविजन घटकर ₹371.5 करोड़ रह गया।

Birla Corporation

सीमेंट कंपनी Birla Corporation का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 3.2% घटकर ₹115.7 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 7.8% बढ़कर ₹2,646.5 करोड़ हो गया। EBITDA 1.3% घटकर ₹342.3 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 14.1% से घटकर 12.9% पर आ गया।

KFin Technologies

फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी और रजिस्ट्रार सर्विसेज कंपनी KFin Technologies के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2.6% घटकर ₹75.2 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 30.1% बढ़कर ₹356.5 करोड़ हो गया। EBITDA बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 41.5% से घटकर 34.2% रह गया।

Jindal Steel

स्टील कंपनी Jindal Steel का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 43.6% घटकर ₹844 करोड़ रह गया। यह बाजार के अनुमान से भी कमजोर रहा। हालांकि, रेवेन्यू 25.9% बढ़कर ₹15,482 करोड़ पहुंच गया। EBITDA में 11.5% की गिरावट आई और मार्जिन घटकर 17.18% रह गया।

Tata Consumer Products

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Consumer Products का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 27.8% बढ़कर ₹427 करोड़ हो गया। यह बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। रेवेन्यू 11.9% बढ़कर ₹5,348.8 करोड़ पहुंचा। EBITDA 19.9% बढ़ा और मार्जिन 13.5% हो गया। भारत में ब्रांडेड कारोबार की वॉल्यूम ग्रोथ 13% रही।

Vedant Fashions

एथनिक वियर कंपनी Vedant Fashions का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 14.7% बढ़कर ₹80.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 7.2% बढ़कर ₹301.4 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 8.6% बढ़कर ₹131 करोड़ पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 42.9% से बढ़कर 43.5% हो गया।

Hirect

रेलवे और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Hirect को भारतीय रेलवे की Modern Coach Factory (MCF) से करीब ₹60 करोड़ का पहला ऑर्डर मिला है। कंपनी चार MEMU ट्रेनसेट के लिए प्रोपल्शन सिस्टम की सप्लाई करेगी। यह ऑर्डर 24 महीने में पूरा किया जाएगा और इसके साथ कंपनी ने MEMU प्रोपल्शन सेगमेंट में एंट्री कर ली है।

Devyani International

क्विक सर्विस रेस्तरां (QSR) कंपनी Devyani International के मुताबिक, उसके फ्रेंचाइजी ब्रांड Costa Coffee के भारत में स्टोर्स की संख्या FY26 में घटकर 198 रह गई, जो एक साल पहले 220 थी। हालांकि, स्टोर घटने के बावजूद Costa Coffee का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹212.5 करोड़ हो गया।

Five Star Business Finance

एनबीएफसी कंपनी Five Star Business Finance का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 2% बढ़कर ₹271.4 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 10.2% बढ़कर ₹636.1 करोड़ रही। वहीं, कुल आय 6% बढ़कर ₹839 करोड़ और प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 2% बढ़कर ₹362 करोड़ हो गया।

CONCOR

सरकारी लॉजिस्टिक्स और रेल माल ढुलाई कंपनी CONCOR का शुद्ध मुनाफा लगभग स्थिर रहा। यह ₹266.5 करोड़ पर रहा। रेवेन्यू 0.3% बढ़कर ₹2,160 करोड़ हुआ। EBITDA 2.7% बढ़ा और EBITDA मार्जिन 20.1% से बढ़कर 21% हो गया।

Shree Digvijay Cement

सीमेंट कंपनी Shree Digvijay Cement का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 50.5% गिरकर ₹6.8 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 72.1% बढ़कर ₹337.3 करोड़ पहुंच गया। EBITDA बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 12.14% से घटकर 8.66% रह गया।

REC Ltd

सरकारी एनबीएफसी और पावर सेक्टर फाइनेंस कंपनी REC का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 6% घटकर ₹4,192.7 करोड़ रह गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 4% घटकर ₹5,453 करोड़ रही। कंपनी के नतीजे पिछले साल के मुकाबले कमजोर रहे।

Bank of India

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक Bank of India का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 36% बढ़कर ₹3,068 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 13% बढ़कर ₹6,833 करोड़ रही। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA घटकर 1.81% और नेट NPA 0.51% रह गया।

DCB Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक DCB Bank का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 35.6% बढ़कर ₹213.2 करोड़ पहुंच गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 17.8% बढ़कर ₹684 करोड़ रही। बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ। वहीं, प्रोविजन लगभग आधा होकर ₹57.1 करोड़ रह गया।

Zen Technologies

डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Zen Technologies का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 27.8% घटकर ₹34.4 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 10.5% घटकर ₹141.6 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 40.2% गिरकर ₹38.7 करोड़ पर आ गया और EBITDA मार्जिन 40.9% से घटकर 27.3% रह गया।

Piramal Pharma

फार्मा कंपनी Piramal Pharma ने अहमदाबाद स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। गुजरात में भारी बारिश और जलभराव के चलते एहतियातन यह फैसला लिया गया। कंपनी ने कहा कि हालात सामान्य होने के बाद परिचालन दोबारा शुरू किया जाएगा।

Zydus Lifesciences

फार्मा कंपनी Zydus Lifesciences ने अहमदाबाद स्थित अपनी कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। लगातार भारी बारिश और जलभराव के चलते एहतियातन यह फैसला लिया गया। कंपनी ने कहा कि हालात सामान्य होने पर परिचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

Hindustan Zinc

जिंक और चांदी उत्पादन करने वाली कंपनी Hindustan Zinc चालू वित्त वर्ष में ₹5,000 करोड़ तक का कैपेक्स करने की योजना बना रही है। कंपनी के CEO अरुण मिश्रा के मुताबिक, करीब 80% निवेश पहले से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर होगा। बाकी 20% राशि जल्द घोषित होने वाले नए प्रोजेक्ट्स पर खर्च की जाएगी।

Q1FY27 Earnings

अलग-अळग सेक्टरों की कंपनियां सोमवार को अपने जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें BKM Industries, Canara Bank, CCL Products (India), Capri Global Capital, Coal India और Coforge जैसी कंपनियां शामिल हैं। निवेशकों की नजर इन कंपनियों के नतीजों पर रहेगी।

Stocks to Buy: ये 7 स्टॉक्स दे सकते हैं 60% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए कौन-सी पेंशन स्कीम सबसे बढ़िया? समझिए पूरा हिसाब

Retirement Planning: रिटायरमेंट की प्लानिंग जितनी जल्दी शुरू करेंगे, उतना बेहतर रहेगा। आज लोगों के पास कई विकल्प हैं। कोई NPS में निवेश करता है, कोई PPF में पैसा जमा करता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए EPF है। वहीं, कम आय वाले लोगों के लिए Atal Pension Yojana (APY) और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) जैसी योजनाएं भी हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सबसे बेहतर स्कीम कौन-सी है? इसका जवाब एक नहीं है। यह आपकी नौकरी, आय, उम्र और रिटायरमेंट के लक्ष्य पर निर्भर करता है। आइए एक-एक करके समझते हैं।

स्कीम किसके लिए सबसे बड़ा फायदा

स्कीमकिसके लिएसबसे बड़ा फायदा
NPSसभी भारतीय नागरिक
बड़ा रिटायरमेंट फंड और टैक्स छूट

EPFनौकरीपेशा कर्मचारी
कर्मचारी और कंपनी दोनों का योगदान

PPFसभी भारतीय नागरिक
पूरी तरह टैक्स-फ्री रिटर्न

APYकम आय वाले लोग
₹1,000 से ₹5,000 तक गारंटीड पेंशन

PM-SYMअसंगठित क्षेत्र के कामगार₹3,000 मासिक गारंटीड पेंशन, सरकार भी बराबर योगदान देती है
UPSकेंद्र सरकार के पात्र कर्मचारीतय शर्तों पर निश्चित पेंशन

NPS: लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने का मौका

अगर आपकी उम्र 20 से 45 साल के बीच है और आप लंबे समय तक निवेश कर सकते हैं, तो National Pension System (NPS) अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें आपका पैसा शेयर बाजार और बॉन्ड में निवेश होता है। इसलिए लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। हालांकि, रिटर्न तय नहीं होता।

मान लीजिए आपकी उम्र 30 साल है और आप हर महीने ₹5,000 निवेश करते हैं। अगर औसतन 10% सालाना रिटर्न मिलता है और आप 60 साल की उम्र तक निवेश करते हैं, तो आपका कुल निवेश ₹18 लाख होगा। वहीं, अनुमानित फंड करीब ₹1.13 करोड़ बन सकता है।

रिटायरमेंट के समय करीब ₹68 लाख (60%) टैक्स-फ्री निकाले जा सकते हैं। बाकी करीब ₹45 लाख से एन्युटी खरीदनी होगी। इसी से हर महीने पेंशन मिलेगी।

EPF: नौकरीपेशा लोगों की मजबूत बचत

अगर आप नौकरी करते हैं, तो EPF आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग की सबसे मजबूत नींव है। इसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों हर महीने योगदान करते हैं। सरकार हर साल ब्याज भी देती है।

मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी ₹40,000 है। ऐसे में कर्मचारी और कंपनी मिलाकर हर महीने करीब ₹9,600 EPF खाते में जमा हो सकते हैं। अगर 30 साल तक नियमित योगदान होता है, तो रिटायरमेंट के समय बड़ा फंड तैयार हो सकता है।

PPF: बिना जोखिम वालों के लिए

अगर आप जोखिम नहीं लेना चाहते, तो Public Provident Fund (PPF) अच्छा विकल्प है। इसमें सरकार ब्याज देती है। ब्याज और मैच्योरिटी दोनों टैक्स-फ्री रहते हैं।

अगर आप हर साल ₹1.5 लाख निवेश करते हैं और ब्याज दर 7.1% रहती है, तो 15 साल बाद करीब ₹40 लाख का फंड बन सकता है। जरूरत पड़ने पर इस खाते को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

APY : कम आय वालों के लिए बेहतर

अगर आपकी आय कम है और आप गारंटीड पेंशन चाहते हैं, तो Atal Pension Yojana (APY) अच्छा विकल्प हो सकती है। इसमें 60 साल की उम्र के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक मासिक पेंशन मिलती है। जितनी कम उम्र में योजना से जुड़ेंगे, उतना कम योगदान देना होगा।

मान लीजिए आपकी उम्र 25 साल है और आप ₹5,000 महीने की पेंशन चाहते हैं। ऐसे में आपको करीब ₹376 महीने जमा करने होंगे। 60 साल के बाद आपको तय पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी।

PM-SYM : रेहड़ी पटरी या मजदूरी वालों के लिए

अगर आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जैसे रेहड़ी-पटरी लगाते हैं, मजदूरी करते हैं या छोटे दुकानदार हैं, तो प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) भी अच्छा विकल्प है। इस योजना में 60 साल की उम्र के बाद ₹3,000 महीने की गारंटीड पेंशन मिलती है। इसकी सबसे खास बात यह है कि जितना पैसा आप जमा करते हैं, उतना ही पैसा सरकार भी जमा करती है।

उदाहरण के लिए, अगर आपकी उम्र 30 साल है, तो आपको हर महीने ₹100 जमा करने होंगे। सरकार भी ₹100 जमा करेगी। यानी हर महीने कुल ₹200 खाते में जमा होंगे। 60 साल की उम्र के बाद आपको ₹3,000 महीने की पेंशन मिलेगी। अगर पेंशनधारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी को 50% फैमिली पेंशन मिलती है।

UPS: सरकारी कर्मचारियों के लिए नया विकल्प

अगर आप केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारी हैं, तो Unified Pension Scheme (UPS) भी अच्छा विकल्प हो सकता है।

इस योजना में तय शर्तें पूरी होने पर रिटायरमेंट के बाद आखिरी 12 महीने की औसत बेसिक सैलरी का 50% तक पेंशन मिल सकती है। इससे रिटायरमेंट के बाद नियमित आय बनी रहती है।

आखिर कौन-सी स्कीम सबसे बेहतर?

  • अगर आप प्राइवेट नौकरी करते हैं, तो EPF और NPS का कॉम्बिनेशन सबसे मजबूत माना जाता है। EPF सुरक्षित बचत देता है, जबकि NPS लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकता है।
  • अगर आप खुद का कारोबार करते हैं, तो NPS और PPF अच्छा विकल्प हो सकता है। एक तरफ बेहतर ग्रोथ की संभावना रहती है, तो दूसरी तरफ सुरक्षित और टैक्स-फ्री बचत भी होती है।
  • अगर आपकी आय कम है या आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, तो APY और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन जैसी योजनाएं रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन का सहारा बन सकती हैं।
  • अगर आप केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारी हैं, तो UPS पर भी विचार कर सकते हैं।

रिटायरमेंट के लिए कितना फंड होना चाहिए?

एक आसान नियम है। रिटायरमेंट के बाद हर महीने जितना खर्च चाहिए, उसका कम से कम 200 से 250 गुना फंड बनाने की कोशिश करें।

मान लीजिए रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹20,000 खर्च होगा। ऐसे में कम से कम ₹50 लाख से ₹60 लाख का रिटायरमेंट फंड बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए। हालांकि, महंगाई को देखते हुए इससे बड़ा फंड तैयार करना हमेशा बेहतर रहेगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

 

Nifty के लिए 23650-23600 का जोन अहम, यहीं से तय होगी शॉर्ट-टर्म दिशा; नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

जब तक निफ्टी 50 में बिकवाली का दबाव और नहीं बढ़ता, तब तक 23,600 के नीचे बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। जब तक 23,600 का सपोर्ट बना हुआ है, निफ्टी 50 के 23,950–24,000 के जोन की ओर वापस जाने की संभावना बनी हुई है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि निफ्टी 50 अगले हफ्ते 23,600 के सपोर्ट लेवल को साफ तौर पर तोड़कर 23,000 के लेवल की ओर बढ़ेगा?

लंबे समय से चल रही कंसोलिडेशन रेंज के नीचे हालिया ब्रेकडाउन ने निफ्टी के शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर को कमजोर कर दिया है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के नीचे आ गया है। मोमेंटम इंडिकेटर लगातार मंदी का संकेत दे रहे हैं। इस कमजोरी के बावजूद, शुक्रवार को 23,650–23,600 के आस-पास 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट जोन से हुई रिकवरी यह बताती है कि खरीदार अभी भी इस अहम सपोर्ट एरिया को बचाए हुए हैं।

हालांकि ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी बेयर्स के पक्ष में है, लेकिन जब तक बिकवाली का दबाव और नहीं बढ़ता, तब तक हमें 23,600 के नीचे साफ ब्रेकडाउन की उम्मीद नहीं है। हालांकि अगर 23,600 के नीचे लगातार गिरावट बनी रहती है, तो यह नई कमजोरी की पुष्टि करेगा और इससे 23,450 और उसके बाद 23,300 की ओर तेज गिरावट (करेक्शन) आ सकती है। इसलिए, 23,650–23,600 का जोन बाजार की शॉर्ट-टर्म दिशा तय करने के लिए लड़ाई का मुख्य मैदान बना रहेगा।

क्या आपको लगता है कि अगले हफ्ते बैंक निफ्टी के लिए 56,000-55,500 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया का काम करेगा?

बैंक निफ्टी का 56,000-55,800 का जोन निकट भविष्य में एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इंडेक्स ने हाल ही में 56,000 के स्तर के आसपास खरीदारी का रुझान दिखाया। 200-दिन के EMA से कुछ समय के लिए यह नीचे गया लेकिन फिर उसे सफलतापूर्वक फिर से हासिल कर लिया। इससे पता चलता है कि यह ​एरिया एक मजबूत डिमांड जोन के तौर पर काम कर रहा है। इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह सपोर्ट पिछले अपमूव (तेजी) के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के साथ भी मेल खाता है। इससे यह मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए नजर रखने लायक एक जरूरी लेवल बन जाता है।

अगर बैंक निफ्टी 55,800 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो इससे मंदी का माहौल मजबूत हो सकता है और नई बिकवाली का दबाव बन सकता है। इससे इंडेक्स शॉर्ट टर्म में 55,000 और फिर 54,400 की ओर जा सकता है।

ऊपर की तरफ, 57,300–57,400 का जोन एक अहम तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। इस बाधा के ऊपर लगातार ब्रेकआउट होना, निकट-अवधि के टेक्निकल आउटलुक को बेहतर बनाने और बुलिश मोमेंटम को फिर से शुरू करने के लिए जरूरी होगा।

मौजूदा मार्केट करेक्शन में आप किन दो टेक्निकली मजबूत शेयरों को खरीदने की सलाह देंगे?

Manappuram Finance: यह स्टॉक लगातार मजबूती दिखा रहा है और डेली टाइमफ्रेम पर ‘हायर हाई, हायर लो’ पैटर्न में आगे बढ़ रहा है। 20-दिन का EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) लगातार डायनैमिक सपोर्ट का काम कर रहा है, और पिछले एक महीने में कई बार इस लेवल के आस-पास शेयर में खरीदारी देखी गई है। डेली चार्ट पर बढ़ता ADX तेजी (बुलिश ट्रेंड) की मजबूती का संकेत देता है। वीकली टाइमफ्रेम पर RSI (रिलेटिव ​स्ट्रेंथ इंडेक्स) ऊपर जाने से पहले 60 के निशान के पास मजबूती से बना हुआ है, जो बढ़ते बुलिश मोमेंटम को दर्शाता है।

इसके अलावा MACD में बढ़ते हरे हिस्टोग्राम बार दिख रहे हैं और MACD लाइन, सिग्नल लाइन के ऊपर है, जो बुलिश ट्रेंड को और मजबूत करता है। साथ ही आगे भी बढ़त की संभावना की ओर इशारा करता है। इसलिए, 340 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ 350-355 रुपये के जोन में शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, इसके शॉर्ट टर्म में 380 रुपये के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Titan Company: टाइटन कंपनी ने 21 जुलाई को डेली टाइमफ्रेम पर ₹4,680-4,505 की रेंज से एक मजबूत ब्रेकआउट दिया और उसके बाद अच्छी बढ़त दिखाई। कमजोर मार्केट सेंटीमेंट के बीच 24 जुलाई को गैप-डाउन के साथ खुलने के बावजूद, स्टॉक में तेजी से खरीदारी हुई और यह ऊपर चढ़ गया। इससे एक बड़ी बुलिश कैंडल बनी। अब यह शॉर्ट और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेजेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो ट्रेंड की मजबूती को दिखाता है।

डेली चार्ट पर ADX तेजी से बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। वीकली टाइमफ्रेम पर MACD क्रॉसओवर सकारात्मक गति की पुष्टि करता है। पिछले स्विंग हाई ₹4,605 ​​से ऊपर लगातार वीकली क्लोजिंग के साथ, टाइटन का टेक्निकल स्ट्रक्चर आगे भी बढ़त की संभावना दिखाता है। इसलिए, ₹4,525 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹4,670-4,715 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹5,040 के लेवल तक पहुंच सकता है।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.74 लाख करोड़ घटा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा नुकसान

क्या आपको लगता है कि पिछले दो हफ्तों में जबरदस्त तेजी के बाद Astral में और बढ़त होगी?

29 जून को गैप-डाउन के बाद स्टॉक 21 जुलाई तक ₹1,311–1,423 की रेंज में कंसोलिडेट होता रहा। इसने 22 जुलाई को ब्रेकआउट दिया और अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेजेज को फिर से हासिल कर लिया। RSI ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जो बुलिश मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है, जबकि बढ़ते हरे MACD हिस्टोग्राम बार सकारात्मक रुख को और मजबूत करते हैं। उम्मीद है कि ₹1,400-1,410 का 20-दिन का EMA जोन मौजूदा पुलबैक के लिए मजबूत सपोर्ट देगा।

क्या आपको लगता है कि Laurus Labs अपना बुलिश मोमेंटम बनाए रखेगा, क्योंकि यह मार्च 2026 से ‘हायर हाई-हायर लो’ पैटर्न बना रहा है?

लॉरस लैब्स मजबूत ‘हायर हाई-हायर लो’ स्ट्रक्चर बनाए हुए है, जिसमें 20-दिन का EMA एक भरोसेमंद डायनैमिक सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है। RSI ने दो बार 60 के लेवल के पास सपोर्ट लिया है, जो लगातार बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। इसके अलावा, ADX इंडिकेटर पर DI+ मजबूती से DI- के ऊपर बना हुआ है, जो मजबूत खरीदारी की दिलचस्पी को दर्शाता है। ₹1,525–1,530 का जोन एक अहम सपोर्ट है और जब तक स्टॉक इस लेवल से ऊपर है, तब तक इसमें तेजी जारी रह सकती है।

क्या FII की पोजीशनिंग बाजार पर लगातार दबाव का संकेत देती है, या आने वाले दिनों में शॉर्ट-कवरिंग रैली की संभावना है?

FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) 24 जुलाई को नेट सेलर बने रहे। उन्होंने 3,893 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इससे बीते सप्ताह की कुल बिकवाली का आंकड़ा 7,182 करोड़ रुपये हो गया। उनका इंडेक्स फ्यूचर्स लॉन्ग-शॉर्ट रेश्यो 17 जुलाई को 11.01 प्रतिशत से गिरकर 8.63 प्रतिशत हो गया, जो शॉर्ट पोजीशंस के आक्रामक रूप से बढ़ने को दर्शाता है।

हालांकि ऐतिहासिक रूप से ऐसी लो रीडिंग्स के बाद तेज शॉर्ट-कवरिंग रैली देखी गई है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के निकट होना, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी व जापानी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से मैक्रो स्थितियों में सुधार होने तक बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Govinda: गोविंदा की को-स्टार रहीं शगुफ्ता अली ने एक्टर की तारीफ की, बोलीं- आमिर खान से भी ज्यादा ‘परफेक्शनिस्ट’ हैं वो

Govinda: बॉलीवुड एक्टर आमिर खान को इंडस्ट्री का ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ माना जाता है। हालांकि, सीनियर एक्ट्रेस शगुफ्ता अली का मानना ​​है कि गोविंदा उनसे भी बड़े परफेक्शनिस्ट हैं। ‘हीरो नंबर 1’ के सेट पर साथ बिताए समय को याद करते हुए उन्होंने बताया कि गोविंदा अक्सर किसी सीन की 25 बार तक रिहर्सल करते थे और तब तक कई रीटेक की ज़िद करते थे जब तक वे शॉट से पूरी तरह संतुष्ट न हो जाएं, भले ही इससे उनके को-स्टार्स थक जाते थे।

सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में शगुफ्ता ने याद किया कि कैसे ‘हीरो नंबर 1’ की शूटिंग एक पेड हॉलिडे जैसी थी। उन्होंने कहा, “चाहे गोविंदा या करिश्मा सेट पर हों या न हों, हम बहुत मज़ा करते थे। यह एक पेड पिकनिक जैसा था। ऊटी में आउटडोर शूट बहुत बढ़िया रहा। हम मिथुन दा के होटल में रुके थे। जब उन्हें पता चला, तो वे हमसे मिलने आए और खुद अपने हाथों से पकाकर हमें सीफ़ूड खिलाया।”

उन्होंने आगे कहा, “गोविंदा यहाँ भी सेट पर देर से आते थे। अगर शिफ्ट सुबह 9 बजे की होती, तो वे दोपहर 1 या 2 बजे आते थे, उससे पहले कभी नहीं। गोविंदा के साथ बस यही एक दिक्कत थी; वरना वे बहुत अच्छे इंसान हैं। मैंने उनके साथ 3-4 फ़िल्में की हैं। वे बहुत अच्छे और मज़ाकिया इंसान हैं। वे 25 बार रिहर्सल करते हैं। गोविंदा आमिर खान से भी ज़्यादा परफेक्शनिस्ट हैं। डेविड सर टेक को ओके कर देते थे, लेकिन फिर भी वे ज़िद करते थे और दूसरों से माफ़ी भी मांगते थे। परफेक्शन के लिए उनकी नज़र इतनी तेज़ थी कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती थी कि उनके सामने वाला व्यक्ति थका हुआ है या नहीं।”

शगुफ़्ता ने यह भी बताया कि जब भी गोविंदा सेट पर देर से आते थे, तो मशहूर कॉमेडियन कादर खान को गुस्सा आ जाता था। उन्होंने कहा कि बाकी को-स्टार्स भी चिढ़ जाते थे, लेकिन उनके पास हर दिन गोविंदा के आने का घंटों इंतज़ार करने के अलावा कोई चारा नहीं होता था।

1990 के दशक में गोविंदा का बॉलीवुड पर राज था और वे अपनी ज़बरदस्त कॉमिक टाइमिंग, एनर्जेटिक डांस मूव्स और शानदार एक्टिंग के लिए जाने जाते थे। ‘राजा बाबू’, ‘कुली नंबर 1’, ‘हीरो नंबर 1’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘दूल्हे राजा’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’, ‘हसीना मान जाएगी’ और ‘पार्टनर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों से वे सुपरस्टार बन गए। डायरेक्टर डेविड धवन और करिश्मा कपूर, रवीना टंडन और कादर खान जैसे एक्टर्स के साथ उनका काम बहुत पॉपुलर हुआ।

हालांकि, 2000 के दशक की शुरुआत में उनके करियर में गिरावट आई। भले ही ‘पार्टनर’ (2007) से उन्होंने सफल वापसी की, लेकिन गोविंदा उस रफ़्तार को बनाए नहीं रख पाए। उन्हें आखिरी बार ‘रंगीला राजा’ में देखा गया था, जिसमें उन्होंने डबल रोल निभाया था। हालांकि, यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर फ़्लॉप रही और तब से वे बड़े पर्दे से दूर हैं।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.74 लाख करोड़ घटा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर ₹2.74 लाख करोड़ की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान HDFC Bank को हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,091.68 अंक या 2.67 प्रतिशत टूट गया। वहीं निफ्टी 566.85 अंक या 2.32 प्रतिशत के नुकसान में रहा। टॉप 10 कंपनियों में केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप घट गया।

बीते सप्ताह HDFC Bank का मार्केट कैप ₹1,18,383.91 करोड़ घटकर ₹11,43,985.90 करोड़ रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹65,429.82 करोड़ घटकर ₹17,29,661.44 करोड़ रहा। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मार्केट कैप ₹26,814.94 करोड़ घटकर ₹9,36,953.84 करोड़, बजाज फाइनेंस का ₹26,802.74 करोड़ घटकर ₹6,30,471.54 करोड़ और LIC का मार्केट कैप ₹15,116.74 करोड़ घटकर ₹5,33,007.56 करोड़ हो गया।

ICICI Bank का मार्केट कैप ₹6,223.84 करोड़ की गिरावट के साथ ₹10,28,217.93 करोड़, भारती एयरटेल का ₹6,021.64 करोड़ घटकर ₹11,85,046.13 करोड़, TCS का ₹5,191.95 करोड़ घटकर ₹8,15,480.75 करोड़ और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप ₹4,092.79 करोड़ की गिरावट के साथ ₹5,20,747.89 करोड़ पर आ गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना हुआ फायदा

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बीते सप्ताह ₹152.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹5,03,928.59 करोड़ पर पहुंच गया। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

Cyient Stock Outlook: तुरंत कर लें एग्जिट, 12% तक टूट सकता है भाव; मोतीलाल ओसवाल ने दी ‘सेल’ रेटिंग

नए सप्ताह में 27 जुलाई को BSE SME पर Gulf Lloyds के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। 28 जुलाई को NSE SME पर Metalic Technoforge की लिस्टिंग होने वाली है। 29 जुलाई को BSE SME पर Shree Balaji Mala के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। मेनबोर्ड सेगमेंट में 30 जुलाई को NSE और BSE पर Lohia Corp, Indo-MIM और Xtranet Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 31 जुलाई को BSE SME पर Silverstorm Parks & Resorts के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगस्त में एक दर्जन से ज्यादा मेनबोर्ड IPO! ₹25000 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश; लिस्ट में Zepto, Shiprocket भी

अगले महीने यानि अगस्त में IPO मार्केट काफी गुलजार रहने वाला है। मेनबोर्ड सेगमेंट में एक दर्जन से ज्यादा IPO लॉन्च हो सकते हैं। लिस्ट में जेप्टो, ट्रूहोम फाइनेंस और शिपरॉकेट जैसे नाम भी शामिल हैं। इन कंपनियों के IPO से कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटाए जाने की उम्मीद है। मर्चेंट बैंकरों के अनुसार, नए आ रहे IPO में नए शेयर जारी किए जाने के साथ-साथ मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) भी रहेगा।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इक्विरस कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और इनवेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह का कहना है कि बाजार में स्थिरता और निवेशकों की बेहतर धारणा के चलते वे कंपनियां भी अब आगे बढ़ रही हैं, जो पहले IPO योजनाओं को टाल रही थीं।

शाह का मानना है कि समय-समय पर उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत के IPO मार्केट का लॉन्ग-टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है। इस कैलेंडर ईयर यानि​ कि साल 2026 में भारत IPO के जरिए लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाएगा।

Zepto के IPO में 8010 करोड़ के नए शेयर

आने वाले IPO में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो एक प्रमुख नाम है। कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर 8,010 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS भी रहेगा। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ट्रूहोम फाइनेंस का इरादा IPO से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने का है। इसमें 1,500 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही इतने ही रुपये के शेयरों का OFS होगा। एलिवेट कैंपसेज 2,550 करोड़ रुपये का IPO ला रही है। इसमें केवल नए शेयर जारी होंगे।

Shiprocket का पब्लिक इश्यू कितना बड़ा

शिपरॉकेट की तैयारी 2,342.35 करोड़ रुपये का IPO लाने की है। इसमें 1,100 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 1,242.35 करोड़ रुपये का OFS होगा। कंपनी एक फुल-स्टैक ई-कॉमर्स इनेबलर है। इसका मतलब हुआ कि एक ऐसी कंपनी या प्लेटफॉर्म जो किसी​ बिजनेस को ऑनलाइन ले जाने, चलाने और बढ़ाने के लिए शुरू से अंत तक सभी सर्विसेज और तकनीकी समाधान देती हो।

अन्य कंपनियों की बात करें तो इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक का IPO लाना चाहती है। यह पूरी तरह से OFS होगा। मिल्की मिस्ट डेयरी फूड का 1,553 करोड़ रुपये का IPO कतार में है। इनके अलावा धूत ट्रांसमिशन, ARCIL (एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड), गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, शंकेश ज्वेलर्स, रेज ऑफ बिलीफ, अर्डी इंडस्ट्रीज, हाई-टेक इंजीनियर्स और लर्नफ्लूएंस एजुकेशन भी कैपिटल मार्केट में उतरने की योजना बना रही हैं।

MV Electrosystems IPO 30 जुलाई से, ₹290 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश

इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 IPO

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों की बढ़ती IPO गतिविधियां निवेशकों के भरोसे और मजबूत मांग को दर्शाती हैं। इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 कंपनियां IPO ला चुकी हैं, जिनमें से 9 कंपनियां जुलाई महीने में लिस्ट हुईं। नए सप्ताह में मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का पब्लिक इश्यू 29 जुलाई को खुल रहा है। जूनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के IPO 30 जुलाई को खुलने वाले हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

MV Electrosystems IPO 30 जुलाई से, ₹290 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स का ₹290 करोड़ का IPO 30 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 3 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। कंपनी रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इनमें इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए IGBT-बेस्ड 3-फेज ड्राइव प्रोपल्शन इक्विपमेंट, रेलवे कोच और EMU के लिए स्विचगियर पैनल, केबल प्रोटेक्शन और मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, सिस्टम और सब-सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी इंटीग्रेटेड डिजाइन, प्रोडक्शन और क्वालिटी-टेस्टिंग प्रोसेस के जरिए काम करती है। यह इनोवेशन, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और क्लाइंट-सेंट्रिक सॉल्यूशंस पर जोर देती है। MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स के प्रमोटर मोहित वोहरा, अमित धवन, सुमित धवन, राहुल धवन, सोनाली धवन, रामेंद्र प्रताप सिंह हैं। IPO में एंकर निवेशक 29 जुलाई को बोली लगा सकेंगे।

MV Electrosystems IPO के लिए प्राइस बैंड और लॉट साइज अभी तय नहीं हुआ है। इश्यू में केवल नए शेयर जारी होंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 4 अगस्त को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने की उम्मीद है। IPO के लिए Sundae Capital Advisors Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

MV Electrosystems कैसे करेगी IPO के पैसों का इस्तेमाल

IPO से होने वाली कमाई का इस्तेमाल लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, नए पावर इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए रिसर्च डिजाइन और डेवलपमेंट एक्टिविटीज में निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। पब्लिक इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

2 और कंपनियों के IPO को SEBI से मंजूरी, BSE और NSE पर होंगे लिस्ट

कंपनी की वित्तीय सेहत

MV Electrosystems का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 23 प्रतिशत घटकर 49.79 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 64.64 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी 12.63 करोड़ रुपये के घाटे में रही, जबकि ​एक साल पहले इसने 1.40 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.89 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cyient Stock Outlook: तुरंत कर लें एग्जिट, 12% तक टूट सकता है भाव; मोतीलाल ओसवाल ने दी ‘सेल’ रेटिंग

IT कंपनी साइएंट लिमिटेड के शेयरों में आगे 12 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल इस शेयर पर बेयरिश है। स्टॉक के लिए ‘सेल’ रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस 740 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह BSE पर शेयर के मौजूदा भाव 840 रुपये से करीब 12 प्रतिशत कम है। कंपनी के तिमाही नतीजे जारी होने के बाद ब्रोकरेज का रुख सामने आया है। साइएंट का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 104.1 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले से 32 प्रतिशत कम है।

कुल इनकम सालाना आधार पर करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2082.6 करोड़ रुपये हो गई। खर्च 1910.3 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 1565.4 करोड़ रुपये के थे। साइएंट का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है।

Cyient पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि Cyient के DET (डिजिटल, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) बिजनेस ने जून 2026 तिमाही में 16.3 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया। यह कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 0.5 प्रतिशत कम है। हालांकि यह ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर रहा। ट्रांसपोर्टेशन और मोबिलिटी में तिमाही दर तिमाही कॉन्स्टेंट करेंसी बेसिस पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं हुआ और स्ट्रैटेजिक यूनिट्स में 8.2 प्रतिशत की गिरावट आई। DET बिजनेस का एडजस्टेड EBIT मार्जिन 13.2 प्रतिशत रहा, जो 12.5 प्रतिशत ​​के अनुमान से ज्यादा है।

DET का एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा तिमाही-दर-तिमाही 2.1 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन सालाना आधार पर 13.4 प्रतिशत घटा। आंकड़ा 141.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि अनुमान 149.8 करोड़ रुपये का था। मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि साल-दर-साल DET बिजनेस का रेवेन्यू 6.4 प्रतिशत, EBIT 12.9 प्रतिशत और /एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 10.8 प्रतिशत बढ़ेगा।

Dividend Stock: बुलेट बाइक वाली कंपनी देगी ₹82 का डिविडेंड, 31 जुलाई से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।