Koffee With Karan Season 9: विक्की कौशल-दिलजीत दोसांझ दिखेंगे साथ, ‘कॉफी विद करण 9’ में करेंगे एंट्री?

Koffee With Karan Season 9: करण जौहर के शो ‘कॉफी विद करण’ का आखिरी सीजन आखिरकार शुरू हो गया है। शो के होस्ट ने इस साल आने वाले मेहमानों को लेकर फैंस की उत्सुकता बनाए रखी है। सीजन 9 की शुरुआत सलमान खान ने की, जिसमें करिश्मा कपूर भी एक खास मेहमान के तौर पर शामिल हुईं। अब फैंस यह अंदाजा लगा रहे हैं कि करण के ‘कॉफी काउच’ पर और कौन-कौन सी हस्तियां नजर आएंगी। इस बीच ऐसी खबरें आ रही हैं कि विक्की कौशल और दिलजीत दोसांझ एक साथ शो में आ सकते हैं।

एक सूत्र ने ‘फिल्मफेयर’ को बताया- “दिलजीत और विक्की के बीच बहुत अच्छी बॉन्डिंग है और उनका एपिसोड इस सीजन की सबसे मनोरंजक बातचीत में से एक होने वाला है।” अगर ऐसा होता है तो फैंस एक ऐसे एपिसोड की उम्मीद कर सकते हैं जो हंसी-मजाक, पंजाबी ऊर्जा और दिल से जुड़ी बातों से भरा होगा। हालांकि इस जोड़ी के आने की खबर ऑनलाइन काफी चर्चा में है, लेकिन अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इससे पहले न्यूज18 ने बताया था कि सलमान खान शो के पहले एपिसोड में वापसी करेंगे। वहीं यह भी बताया कि शाहरुख खान के भी इस आखिरी सीजन में शामिल होने को लेकर बातचीत चल रही है। सूत्र ने कहा- “करण और उनकी टीम सीजन के आखिरी एपिसोड के लिए शाहरुख खान को लाने की कोशिश कर रही है, जो इस लंबे समय से चल रहे चैट शो का ग्रैंड फिनाले भी होगा।” उन्होंने आगे बताया कि यह एपिसोड शाहरुख खान के लिए अपनी फिल्म ‘किंग’ को प्रमोट करने का जरिया बनेगा।

सूत्र ने आगे कहा, “टीम अभी भी उनसे संपर्क में है। लेकिन करण को पूरा भरोसा है कि वह ऐसा करने में कामयाब हो जाएंगे। जहां तक आर्यन की बात है तो उनका शो में आना उनके पिता पर निर्भर करता है। अगर शाहरुख खान शो में आते हैं, तो आर्यन भी उनके साथ शामिल होंगे। क्योंकि वह ‘कॉफी विद करण’ में किसी और के साथ अपना डेब्यू नहीं करना चाहेंगे।”

न्यूज18 ने यह भी बताया कि वरुण धवन इस सीजन में जाह्नवी कपूर के साथ नजर आएंगे। यह एपिसोड यश राज फिल्म्स के स्टूडियो में जाह्नवी कपूर और वरुण धवन के साथ शूट किया गया था। यह पहली बार है जब वे दोनों एक साथ इस चैट शो में नजर आए हैं। करण और उनके करीबी कलाकारों ने खूब मस्ती की। शो में एक खास मेहमान ने भी एंट्री ली, जिसे देखकर जाह्नवी और वरुण हैरान रह गए।”

यह मेहमान अर्जुन कपूर थे। सूत्र ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “अर्जुन, जो सीजन 5 के अनौपचारिक ‘मैस्कॉट’ बन गए थे, इस एपिसोड में ‘बवाल’ और ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ के अपने को-स्टार्स के साथ एक खास उपस्थिति दर्ज कराएंगे। वरुण और अर्जुन की दोस्ती किसी से छिपी नहीं है। 2016 में जब वे दोनों एक साथ शो में आए थे तो उन्होंने करण, क्रू मेंबर्स और दर्शकों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया था।”

Salman Khan-Karisma Kapoor: ‘दोनों सिंगल हो भाई बीबी नंबर 1 बना लो…’, सालों बाद करिश्मा कपूर-सलमान खान की केमिस्ट्री देख यूजर्स ने दी एडवाइज

Salman Khan-Karisma Kapoor: क्या ‘कॉफी विद करण’ सीजन 9 में सलमान खान और करिश्मा कपूर को देखकर आपको 1990 के दशक के बॉलीवुड के सुनहरे दिनों की याद आ गई? ‘जुड़वा’ फिल्म में ‘टन टना टन’ गाने पर थिरकने से लेकर ‘बीवी नंबर 1’ के मजेदार फैमिली ड्रामा पर हंसने तक, इस जोड़ी ने दर्शकों को कई यादगार फिल्में दीं।

उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री, शानदार गाने और बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें उस दौर की सबसे पॉपुलर जोड़ियों में से एक बना दिया था। ‘कॉफी विद करण’ में हाल ही में एक साथ नजर आने से उनकी यह जोड़ी फिर से चर्चा में आ गई है। उनका यह रीयूनियन यादगार बन गया।

शो में करिश्मा कपूर ने अपने पुराने दिनों को याद किया जब सलमान खान के साथ उन्होंने फिल्मों में काम किया था। वहीं दोनों की बातचीत इतनी मजेदार थी कि एपिसोड वायरल हो गया। दोनों साथ में काफी सहज थे। करिश्मा और सलमान को साथ देख फैंस ने दोनों को शादी करने की एडवाइज तक दे दी।

एक फैन ने लिखा- सलमान खान सिंगल हैं, वहीं करिश्मा कपूर का भी डिवोर्स हो गया है। दोनों साथ में कितने अच्छे लग रहे हैं। आपको शादी कर लेनी चाहिए। वहीं दूसरे ने लिखा- भाई को बच्चे चाहिए, उन्हें पसंद हैं। करिश्मा के पास बच्चे हैं दोनों को शादी कर लेनी चाहिए। वहीं एक यूजर ने लिखा- भाई बीबी नंबर 1 बना लो। यही सही मौका है।

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बता दें कि करण जौहर खुद को यह पूछने से नहीं रोक पाए कि “क्या आप अभी भी वर्जिन हैं?” इस सवाल को चतुराई से टालते हुए, सलमान खान ने वह सलाह साझा की जो उनके पिता सलीम खान ने उन्हें दी थी। उन्होंने बताया कि किसी की निजी जिंदगी एक बेडरूम तक रहनी चाहिए।उन्होंने आगे कहा, “जो बातें बेडरूम के लिए हैं, उन्हें लिविंग रूम में नहीं लाना चाहिए।”

अभिनेता ने यह भी कहा कि वह अपनी निजी जिंदगी या वह किसे डेट कर रहे हैं, इस बारे में कुछ भी बताना नहीं चाहते। उन्होंने कहा, “मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता क्योंकि आप कभी नहीं जानते कि वह इंसान आपकी जिंदगी में हमेशा के लिए रहेगा या नहीं। हो सकता है कि वह इंसान आगे चलकर किसी और से शादी कर ले।”

करण जौहर ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें कभी अकेलापन महसूस होता है – जैसा कि कभी-कभी खुद करण को भी होता है – क्योंकि उनकी जिंदगी में कोई जीवनसाथी नहीं है। सलमान ने उनसे कहा कि उनकी जिंदगी में उनके दो बच्चे और उनकी मां हैं, इसलिए उन्हें ऐसा महसूस नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “आगे चलकर मेरे भी बच्चे होंगे।”

मलेशियाई PM की बॉलीवुड प्लेलिस्ट वायरल:PM मोदी, पुतिन और राहुल गांधी के साथ वाली तस्वीरों पर सॉन्ग लगाए; BRICS डिनर में गाने गाए थे

18वें BRICS समिट के बाद मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की बॉलीवुड प्लेलिस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उन्होंने भारत दौरे की अलग-अलग तस्वीरों और वीडियो के साथ बॉलीवुड के मशहूर गाने लगाए हैं। हर तस्वीर के लिए चुना गया गाना उसके मौके से जुड़ा नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरे नेताओं के साथ अपनी रील पर अनवर इब्राहिम ने शाहरुख खान और काजोल की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का गाना ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ लगाया। मोदी के साथ एक दूसरी तस्वीर पर शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर की फिल्म ‘दिल तो पागल है’ का टाइटल सॉन्ग इस्तेमाल किया। पुतिन के साथ लगान का ‘चले चलो’

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोटो पर अनवर इब्राहिम ने आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ का ‘चले चलो’ गाना लगाया। इस गाने के जरिए भी साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। अपनी तस्वीरों पर ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ BRICS समिट को संबोधित करते हुए अपनी तस्वीरों के साथ अनवर ने सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा की फिल्म ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ का गाना लगाया। भारत से विदाई के वीडियो में उन्होंने फिल्म ‘लक्ष्य’ का ‘कंधों से मिलते हैं कंधे’ गाना इस्तेमाल किया। दोनों गाने साथ आने और एकजुटता का संदेश देते हैं।
राहुल और प्रियंका गांधी के साथ ‘ऐसा देश है मेरा’

भारत दौरे के दौरान अनवर इब्राहिम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की। उनके साथ भोजन की तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने फिल्म ‘वीर-जारा’ का ‘ऐसा देश है मेरा’ गाना लगाया। यह गाना भारत की सांस्कृतिक विविधता को दिखाता है। ईरानी राष्ट्रपति के साथ ‘साथी हाथ बढ़ाना’

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान के साथ मुलाकात की तस्वीर पर अनवर ने 1957 की फिल्म ‘नया दौर’ का ‘साथी हाथ बढ़ाना’ गाना लगाया। यह गाना साथ मिलकर आगे बढ़ने का संदेश देता है। BRICS डिनर में किशोर-मुकेश के गाने गाए अनवर इब्राहिम ने 12 सितंबर को BRICS समिट के डिनर में किशोर कुमार का मशहूर गाना ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत…’ गाया था। साथ ही उन्होंने मुकेश का गीत दोस्त दोस्त ना रहा… भी गुनगुनाया। अनवर ने इसका वीडियो अपने सोशल मीडिया X के अकाउंट पर शेयर किया। उन्होंने लिखा था- गुरु, थोड़ा सा गाने की इजाजत है? वीडियो करीब डेढ़ मिनट का है। अनवर किशोर कुमार के फैन हैं, पहले भी यह गाना गुनगुना चुके मलेशिया के पीएम पहले भी किशोर कुमार के फैन होने की बात कह चुके हैं। उन्होंने 2024 में भारत में एक इंटरव्यू के दौरान भी यही गीत गुनगुनाया था। इसके अलावा, फरवरी 2026 में पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक वीडियो मोंटाज साझा किया था। इसमें ‘कभी खुशी कभी गम’ का लोकप्रिय गाना ‘बोले चूड़ियां’ इस्तेमाल किया गया था। मलेशिया में 27 लाख लोग भारतीय मूल के, बॉलीवुड और तमिल फिल्में लोकप्रिय विदेश मंत्रालय के अनुसार मलेशिया में करीब 27.5 लाख भारतीय मूल के लोग हैं, जो देश की आबादी का लगभग 9% हैं। इनमें करीब 20 लाख लोग तमिल बोलते हैं। यहां बॉलीवुड और तमिल फिल्में काफी देखी जाती हैं। शाहरुख खान की ‘दिलवाले’ ने मलेशिया में करीब 29 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, ‘जवान’ ने करीब 22 करोड़ और ‘पठान’ ने करीब 9 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। तमिल फिल्मों का भी यहां बड़ा बाजार है। 2025 में रिलीज हुई रजनीकांत की ‘कुली’ ने मलेशिया में करीब ₹26-27 करोड़, जबकि अजित कुमार की ‘ गुड बैड अग्ली’ ने करीब ₹22 करोड़ का कारोबार किया था। 2026 की सूर्या स्टारर ‘ करुप्पु’ भी करीब ₹22 करोड़ के कलेक्शन के साथ मलेशिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में शामिल है। वहीं, विजय की ‘G.O.A.T.’ ने करीब ₹32 करोड़ और शिवकार्तिकेयन की ‘अमरन’ ने करीब ₹26 करोड़ का कारोबार किया था। डिप्टी पीएम भी रह चुके हैं अनवर अनवर इब्राहिम मलेशिया के 10वें प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने 24 नवंबर 2022 को पदभार ग्रहण किया था। इससे पहले वे 1993 में मलेशिया के 7वें डिप्टी पीएम बने थे। 1998 में, अनवर को तत्कालीन प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने सभी सरकारी पदों से हटा दिया गया था। उन्हें अप्रैल 1999 में भ्रष्टाचार और समलैंगिकता के आरोपों में जेल भेज दिया गया था और 2004 में उनकी सजा पलटने के बाद रिहा कर दिया गया था। इसके बाद अनवर 2008 से 2015 तक विपक्ष के नेता रहे। 2022 के आम चुनावों में जीत के बाद प्रधानमंत्री बने। ————— ये खबरें भी पढ़ें… BRICS समिट- दिल्ली में मोदी की डिनर पार्टी:पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता; मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी पीएम मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के नेताओं के लिए डिनर पार्टी को होस्ट किया। मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता और मिलेट्स का पुलाव रखा गया है। मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…

Nusrat Fateh Ali Khan: ‘मिर्जापुर द मूवी’ से लेकर ‘धुरंधर’ तक, देखें बॉलीवुड का नुसरत फतेह अली खान के लिए ऑब्सेशन

Nusrat Fateh Ali Khan: ‘शहंशाह-ए-कव्वाली’ का खिताब उस्ताद नुसरत फतेह अली खान जैसे शानदार कलाकार के लिए बिल्कुल सही है। आज के दौर में जब हर तरफ रीमिक्स और बेतुके बोल वाले गाने सुनने को मिलते हैं। लेकिन नुसरत फतेह अली खान एक चमकते हुए सितारे की तरह हैं। उनकी जबरदस्त आवाज और नए एक्सपेरिमेंट करने की सोच ने सूफी संगीत की सदियों पुरानी परंपरा – कव्वाली – को पाकिस्तान के छोटे-छोटे गांवों से लेकर पश्चिमी देशों के बड़े-बड़े म्यूजिक फेस्टिवल और इंटरनेशनल स्टेज तक पहुंचाया।

नुसरत साहब के सदाबहार गानों ने कई पीढ़ियों को अपना दीवाना बनाया है। आज भी उनके गाने मशहूर फिल्मों में नए अंदाज में पेश किए जाते हैं या उनके कुछ हिस्सों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे वे फिर से हमारे बीच चर्चा का विषय बन जाते हैं। या यूं कहें कि उनकी क्रिएशन किसी भी सीन को और भी यादगार बना देती हैं।

नुसरत फतेह अली खान के गाने का हालिया जादू

हाल ही में तब जादू देखने को मिला जब उनके गाने ‘सांसों की माला’ ने ‘मिर्जापुर द फिल्म’ में एक अलग ही जोश भर दिया। यह आपको फिल्म देखने पर पता चलेगा – यहां कोई स्पॉइलर नहीं दिया जा रहा है। नुसरत फतेह अली खान की ओरिजिनल आवाज को गायक मधुर शर्मा और वैभव पानी की नई गायकी के साथ बहुत खूबसूरती से मिलाया गया है। यह गाना ‘मिड-क्रेडिट सीक्वेंस’ में एक अहम भूमिका निभाता है, जिसमें बीना त्रिपाठी (रसिका दुगल) और उनके अतीत का एक पन्ना दिखाया गया है।

इससे दर्शकों को यह भी याद आ सकता है कि यह धुन पहले 90 के दशक की मशहूर फिल्मों जैसे ‘जीत’ (1996) और ‘कोयला’ (1997) में सुनी गई थी, जिनमें माधुरी दीक्षित और शाहरुख खान ने काम किया था। यह कोई पहली फिल्म नहीं है जिसमें ऐसा हुआ हो।

साल 2026 की शुरुआत में रिलीज हुई आदित्य धर की सुपरहिट फिल्म ‘धुरंधर 2’ का गाना ‘जान से गुजरते हैं’ ने भी खूब धूम मचाई है। ये भी नुसरत फतेह अली खान की ही एक और कव्वाली है। इसे 1977 के क्लासिक गाने ‘दिल पे जख्म खाते हैं’ से लिया गया है। इस नए वर्जन को शाश्वत सचदेव ने नए अंदाज में तैयार किया था और इसमें खान साहब और शाश्वत सचदेव की आवाजें थीं।

यह गाना आदित्य धर की उस जबरदस्त कहानी में कितनी अच्छी तरह फिट बैठा, जो हिंदी सिनेमा की अब तक की सबसे धमाकेदार ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक बन गई है। प्यार, धोखे और अटूट जज्जबाती मजबूती की बात करें तो नुसरत फतेह अली खान की कव्वाली ने उस तनाव को और बढ़ा दिया जो ‘धुरंधर’ की मुख्य थीम थी।

इन दो फिल्मों से पहले भी कई बार नुसरत फतेह अली खान के गाने बॉलीवुड में हो चुके हैं यूज

हालिया गानों ने हमें पुरानी यादों में खोने और उनके कुछ ऐसे सदाबहार गानों को याद करने का मौका दिया, जिन्होंने पिछली और मौजूदा पीढ़ियों के म्यूजिक कलेक्शन और स्पॉटिफाई लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। उनके सबसे बेहतरीन क्लासिक गानों में से एक था ‘मेरे रश्के कमर’, जिसे नुसरत ने ही कंपोज किया और गाया था और इसके बोल फना बुलंदशहरी ने लिखे थे।

यह गजल-कव्वाली आज भी कॉन्सर्ट में लोगों की पसंदीदा है। इसका असर ही कुछ अलग होता है। इसकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि 2017 की फिल्म ‘बादशाहो’ के लिए तनिष्क बागची ने इसे नए अंदाज में तैयार किया और राहत फतेह अली खान ने इसे अपनी आवाज दी।

सूफी संगीत की पहचान उस रोमैंटिक अंदाज से और मजबूत होती है, जिसे सदियों से कई सिंगर्स ने अपनाया है। नुसरत फतेह अली खान ने अपनी अब तक की सबसे रोमैंटिक गजलों में से एक – ‘ये जो हल्का-हल्का सुरूर है’ – में इस अंदाज को बनाए रखा। बाद में इसे कई बॉलीवुड गानों के मिक्स (मेडले) में इस्तेमाल किया गया, जैसे 2016 के गाने ‘हल्का-हल्का’ में और फिर 2018 की फिल्म ‘फन्ने खान’ में भी इसे कुछ बदलावों के साथ शामिल किया गया, जिसमें इसके नशे जैसे धुन वाले बीट्स को बरकरार रखा गया।

इस लिस्ट में रणवीर सिंह और सारा अली खान की फिल्म ‘सिम्बा’ का गाना ‘तेरे बिन नहीं लगदा’ शामिल है। इस फिल्म के लिए ‘तेरे बिन’ गाने में उस सूफी गीत को शामिल किया गया, जिसे उनके भतीजे राहत फतेह अली खान और असीस कौर ने मिलकर गाया था।

‘सानू इक पल चैन ना आवे’ गाना 2018 की फिल्म ‘रेड’ के नए मॉडर्न वर्जन में शामिल किया गया था। उसी फिल्म का एक और गाना था ‘नित खैर मंगा’ – यह एक प्रेयर सॉन्ग था, जिसे हल्के म्यूजिक (अकॉस्टिक) वाले बॉलीवुड स्टाइल में ढाला गया और राहत फतेह अली खान ने इसे फिर से गाया। उस्ताद के लिखे और गाए गए गाने ‘किन्ना सोहना तेनू रब ने बनाया’ को आमिर खान और करिश्मा कपूर की फिल्म ‘राजा हिंदुस्तानी’ (1996) और ‘मरजावां’ (2019) में इस्तेमाल किया गया।

8वीं सदी के पंजाबी सूफी सिंगर बाबा बुल्ले शाह द्वारा लिखा गया गाना ‘मेरा पिया घर आया’ नुसरत फतेह अली खान की वजह से बहुत मशहूर हुआ था। इसे 1995 की फिल्म ‘याराना’ के लिए फिर से बनाया गया, जिसमें अनु मलिक ने कमर्शियल जैज़ का तड़का लगाया और कविता कृष्णमूर्ति ने इसे गाया। यह माधुरी दीक्षित के लिए एक यादगार डांस गाना बन गया।

हर पीढ़ी के लिए नुसरत फतेह अली खान का कोई न कोई गाना मौजूद रहा है। हर उम्र के लोगों को उस्ताद की कोई न कोई कव्वाली पसंद आती है, जिसमें मॉडर्न बीट और टेम्पो का मेल होता है – और यह कभी निराश नहीं करती।

Mela: ‘ट्विंकल खन्ना काबिल नहीं थीं…’ ‘मेला’ के राइटर फिल्म में करिश्मा कपूर को करना चाहते थे कास्ट

Mela: हो सकता है कि फैन्स आमिर खान और ट्विंकल खन्ना की फिल्म ‘मेला’ को भूल गए हों, लेकिन राइटर सुनील दर्शन के मन में 2000 में आई इस फिल्म को लेकर अब भी कुछ फीलिंग्स हैं। रिलीज के कई साल बाद, सुनील ने कास्टिंग के बारे में बात की और कहा कि उन्हें नहीं लगता था कि ट्विंकल, धर्मेश दर्शन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म के लिए सही पसंद थीं।

उनका मानना ​​है कि करिश्मा कपूर इस फिल्म को और भी ज्यादा सफल बना सकती थीं। फिल्ममेकर ने यह भी याद किया कि मीडिया में ट्विंकल की ओर से फिल्म और उनके बारे में की गई कुछ टिप्पणियों से उन्हें दुख हुआ था।

‘हिंदी रश’ के साथ बातचीत में सुनील दर्शन ने कहा, “कहानी मेरी थी। ओरिजिनल कहानी मैंने ही लिखी थी, लेकिन उसमें कुछ बदलाव किए गए थे। जब मैंने रिलीज से कुछ दिन पहले फिल्म देखी, तो मुझे लगा कि अगर वे बदलाव न किए गए होते, तो फिल्म सुपर हिट होती क्योंकि ओरिजिनल कहानी बहुत मजबूत थी।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगा कि ट्विंकल उस रोल के लिए उतनी काबिल नहीं थीं। अगर करिश्मा कपूर फिल्म में होतीं, तो यह सुपर हिट हो जाती। ट्विंकल सही पसंद नहीं थीं। लेकिन वह डायरेक्टर का फैसला था, और मेरा उससे कोई लेना-देना नहीं था।”

सुनील दर्शन ने आगे कहा, “बाद में, जब ट्विंकल ने मीडिया में कुछ बातें कहीं तो मुझे बहुत बुरा लगा। दूसरों के बारे में बात करते समय थोड़ी मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। अगर कोई खुलकर बात करने लगे, तो दूसरा व्यक्ति भी कई बातें उजागर कर सकता है। लेकिन हमें दूसरों का सम्मान करना चाहिए और उनकी गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिए। इसलिए, उन बातों को अतीत में ही छोड़ देना और उन्हें भूल जाना बेहतर है।”

साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म ‘मेला’ को ज्यादातर नकारात्मक समीक्षाएं मिलीं। आमिर खान, ट्विंकल खन्ना और फ़ैसल खान जैसे कलाकारों के होने के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। हो सकता है कि यह फिल्म सिनेमाघरों में सफल न रही हो, लेकिन बाद में इसे ‘कल्ट फॉलोइंग’ मिली। फिल्म के कई सीन और डायलॉग मीम्स बन गए, जिससे रिलीज के कई सालों बाद भी यह फिल्म चर्चा में बनी रही।

Govinda: गोविंदा की को-स्टार रहीं शगुफ्ता अली ने एक्टर की तारीफ की, बोलीं- आमिर खान से भी ज्यादा ‘परफेक्शनिस्ट’ हैं वो

Govinda: बॉलीवुड एक्टर आमिर खान को इंडस्ट्री का ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ माना जाता है। हालांकि, सीनियर एक्ट्रेस शगुफ्ता अली का मानना ​​है कि गोविंदा उनसे भी बड़े परफेक्शनिस्ट हैं। ‘हीरो नंबर 1’ के सेट पर साथ बिताए समय को याद करते हुए उन्होंने बताया कि गोविंदा अक्सर किसी सीन की 25 बार तक रिहर्सल करते थे और तब तक कई रीटेक की ज़िद करते थे जब तक वे शॉट से पूरी तरह संतुष्ट न हो जाएं, भले ही इससे उनके को-स्टार्स थक जाते थे।

सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में शगुफ्ता ने याद किया कि कैसे ‘हीरो नंबर 1’ की शूटिंग एक पेड हॉलिडे जैसी थी। उन्होंने कहा, “चाहे गोविंदा या करिश्मा सेट पर हों या न हों, हम बहुत मज़ा करते थे। यह एक पेड पिकनिक जैसा था। ऊटी में आउटडोर शूट बहुत बढ़िया रहा। हम मिथुन दा के होटल में रुके थे। जब उन्हें पता चला, तो वे हमसे मिलने आए और खुद अपने हाथों से पकाकर हमें सीफ़ूड खिलाया।”

उन्होंने आगे कहा, “गोविंदा यहाँ भी सेट पर देर से आते थे। अगर शिफ्ट सुबह 9 बजे की होती, तो वे दोपहर 1 या 2 बजे आते थे, उससे पहले कभी नहीं। गोविंदा के साथ बस यही एक दिक्कत थी; वरना वे बहुत अच्छे इंसान हैं। मैंने उनके साथ 3-4 फ़िल्में की हैं। वे बहुत अच्छे और मज़ाकिया इंसान हैं। वे 25 बार रिहर्सल करते हैं। गोविंदा आमिर खान से भी ज़्यादा परफेक्शनिस्ट हैं। डेविड सर टेक को ओके कर देते थे, लेकिन फिर भी वे ज़िद करते थे और दूसरों से माफ़ी भी मांगते थे। परफेक्शन के लिए उनकी नज़र इतनी तेज़ थी कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती थी कि उनके सामने वाला व्यक्ति थका हुआ है या नहीं।”

शगुफ़्ता ने यह भी बताया कि जब भी गोविंदा सेट पर देर से आते थे, तो मशहूर कॉमेडियन कादर खान को गुस्सा आ जाता था। उन्होंने कहा कि बाकी को-स्टार्स भी चिढ़ जाते थे, लेकिन उनके पास हर दिन गोविंदा के आने का घंटों इंतज़ार करने के अलावा कोई चारा नहीं होता था।

1990 के दशक में गोविंदा का बॉलीवुड पर राज था और वे अपनी ज़बरदस्त कॉमिक टाइमिंग, एनर्जेटिक डांस मूव्स और शानदार एक्टिंग के लिए जाने जाते थे। ‘राजा बाबू’, ‘कुली नंबर 1’, ‘हीरो नंबर 1’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘दूल्हे राजा’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’, ‘हसीना मान जाएगी’ और ‘पार्टनर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों से वे सुपरस्टार बन गए। डायरेक्टर डेविड धवन और करिश्मा कपूर, रवीना टंडन और कादर खान जैसे एक्टर्स के साथ उनका काम बहुत पॉपुलर हुआ।

हालांकि, 2000 के दशक की शुरुआत में उनके करियर में गिरावट आई। भले ही ‘पार्टनर’ (2007) से उन्होंने सफल वापसी की, लेकिन गोविंदा उस रफ़्तार को बनाए नहीं रख पाए। उन्हें आखिरी बार ‘रंगीला राजा’ में देखा गया था, जिसमें उन्होंने डबल रोल निभाया था। हालांकि, यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर फ़्लॉप रही और तब से वे बड़े पर्दे से दूर हैं।

Shagufta Ali: ‘मेहनती हैं लेकिन बहुत एटीट्यूड है’, हीरो नंबर 1 की को-स्टार शगुफ्ता अली ने करिश्मा कपूर संग काम करने के एक्सपीरिएंस को शेयर किया

Shagufta Ali: ‘हीरो नंबर 1’, ‘बनारसी बाबू’ और ‘लैला मजनू’ जैसी फ़िल्मों और ‘संजीवनी’, ‘ससुराल गेंदा फूल’ और ‘ससुराल सिमर का’ जैसे पॉपुलर टीवी शो में यादगार कॉमिक रोल निभाने वालीं एक्ट्रेस शगुफ़्ता अली ने हाल ही में करिश्मा कपूर के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात की। सिद्धार्थ कन्नन के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए, एक्ट्रेस ने इस बारे में भी अपने विचार शेयर किए कि गोविंदा और करिश्मा की हिट जोड़ी आखिरकार क्यों टूट गई।

यह पूछे जाने पर कि कई ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बावजूद गोविंदा और करिश्मा ने एक साथ काम करना क्यों बंद कर दिया, शगुफ्ता ने कहा, “दिलचस्पी खत्म हो गई होगी। प्यार मोहब्बत खत्म हो गया होगा। हीरोइनों के मूड का भी क्या भरोसा है। बहुत ज्यादा महत्वाकांक्षी होना भी अच्छा नहीं है। करिश्मा जरूरत से ज्यादा महत्वाकांक्षी थीं।

वह बहुत मेहनती थीं, लेकिन रवैया बहुत ज्यादा अच्छा नहीं था। हो सकता है कि उनके बीच का प्यार और स्नेह खत्म हो गया हो। आप कभी भी नायिका की मनोदशा के बारे में निश्चित नहीं हो सकते। और अत्यधिक महत्वाकांक्षी होना हमेशा अच्छी बात नहीं है। करिश्मा अति-महत्वाकांक्षी थीं। वह बहुत मेहनती थीं, लेकिन उनमें बहुत एटीट्यूड भी था।

अपनी बात को विस्तार से समझाते हुए उन्होंने कहा, “सेट पर आपका रवैया और आपका व्यवहार भी बहुत मायने रखता है। अगर कोई आपका सह-कलाकार है, तो आपसी सहयोग होना जरूरी है। चाहे आप साथ में कोई सीन कर रहे हों या इंटरव्यू दे रहे हों, दोनों को बोलने का बराबर मौका मिलना चाहिए। इससे हमारे अभिनय पर भी असर पड़ता है। अगर मैं आपको निर्देश देने के लिए सेट पर मौजूद हूं, तो आपको भी मेरे लिए मौजूद रहना चाहिए। या फिर न रहें, मैं बिना निर्देशों के भी सीन कर सकती हूं। इसी तरह मैं 40 सालों से इस इंडस्ट्री में टिकी हुई हूं।”

सालों तक करिश्मा और गोविंदा ने कई हिट और ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों में साथ काम किया, जिनमें ‘कुली नंबर 1’, ‘शिकारी’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘राजा बाबू’, ‘हसीना मान जाएगी’ और कई अन्य फ़िल्में शामिल हैं। शगुफ़्ता और करिश्मा ने डेविड धवन की फ़िल्म ‘हीरो नंबर 1’ में साथ काम किया; इस फ़िल्म में गोविंदा, परेश रावल, सतीश शाह, कादर खान और टीकू तलसानिया ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं। 1997 में आई यह कॉमेडी फ़िल्म बॉक्स-ऑफ़िस पर बहुत सफल रही।

करिश्मा को आखिरी बार ‘ब्राउन’ सीरीज़ में देखा गया था। इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर में उन्होंने सूर्या शर्मा, जिस्शु सेनगुप्ता, सोनी राजदान और अजिंक्य देव के साथ एक डिटेक्टिव की भूमिका निभाई थी। इस शो को क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों से ही अच्छा रिस्पॉन्स मिला और यह फ़िलहाल ZEE5 पर स्ट्रीम हो रहा है।