Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई चाहिए? जानिए आपके लिए कौन-सी स्कीम बेस्ट

Retirement Planning: रिटायरमेंट प्लानिंग अब सिर्फ बचत तक सीमित नहीं रह गई है। बढ़ती उम्र, महंगाई और इलाज का खर्च देखते हुए समय रहते बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाना जरूरी हो गया है। नौकरीपेशा लोगों को EPF का फायदा मिलता है। लेकिन इसके अलावा भी कई सरकारी और मार्केट से जुड़ी स्कीम हैं, जो रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का सहारा बन सकती हैं।

NPS (National Pension System)

NPS सरकार की रिटायरमेंट स्कीम है। इसे PFRDA रेगुलेट करता है। इसमें नौकरीपेशा और स्वरोजगार करने वाले, दोनों निवेश कर सकते हैं।

इसमें पैसा इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड, सरकारी बॉन्ड और दूसरे एसेट्स में लगाया जाता है। रिटायरमेंट पर कुछ रकम एकमुश्त निकाली जा सकती है। बाकी रकम से एन्युटी खरीदनी होती है, जिससे हर महीने पेंशन मिलती है। इसमें टैक्स छूट का भी फायदा मिलता है।

EPF (Employees’ Provident Fund)

EPF संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सबसे लोकप्रिय रिटायरमेंट स्कीम है। हर महीने कर्मचारी और कंपनी, दोनों बेसिक सैलरी और DA का तय हिस्सा जमा करते हैं।

इस पर EPFO हर साल ब्याज तय करता है। फिलहाल ब्याज दर 8.25% सालाना है। रिटायरमेंट पर पूरा फंड निकाला जा सकता है। वहीं, इलाज, घर खरीदने या पढ़ाई जैसी जरूरतों के लिए कुछ शर्तों के साथ आंशिक निकासी भी की जा सकती है।

PPF (Public Provident Fund)

PPF सरकार समर्थित लंबी अवधि की बचत योजना है। इसकी मैच्योरिटी 15 साल की होती है, जिसे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है।

इसकी ब्याज दर सरकार तय करती है। रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होता। इसमें टैक्स छूट का भी फायदा मिलता है। यह लंबी अवधि में सुरक्षित रिटायरमेंट फंड बनाने का अच्छा विकल्प माना जाता है।

APY (Atal Pension Yojana)

अटल पेंशन योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए शुरू की गई थी। हालांकि, पात्रता पूरी करने वाले दूसरे लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

इसमें कामकाजी उम्र के दौरान नियमित निवेश करना होता है। तय उम्र के बाद हर महीने गारंटीड पेंशन मिलती है। पेंशन की रकम आपके योगदान और चुने गए विकल्प पर निर्भर करती है।

SCSS (Senior Citizens’ Savings Scheme)

SCSS खास तौर पर रिटायर हो चुके लोगों के लिए है। इसमें बैंक और पोस्ट ऑफिस के जरिए निवेश किया जा सकता है।

सरकार समय-समय पर इसकी ब्याज दर तय करती है। ब्याज नियमित अंतराल पर मिलता है, इसलिए रिटायरमेंट के बाद नियमित आय चाहने वालों के बीच यह काफी लोकप्रिय है।

म्यूचुअल फंड

सरकारी योजनाओं के अलावा म्यूचुअल फंड भी रिटायरमेंट फंड बनाने का अच्छा विकल्प हो सकते हैं। लंबी अवधि में इक्विटी म्यूचुअल फंड बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, इनमें बाजार का जोखिम भी रहता है।

SIP के जरिए हर महीने निवेश करने से लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है। रिटायरमेंट के करीब पहुंचने पर कई निवेशक डेट फंड जैसे स्थिर विकल्पों का रुख करते हैं। इनमें जोखिम कम होता है।

कौन-सी स्कीम चुनें?

हर व्यक्ति के लिए एक ही रिटायरमेंट प्लान सही नहीं हो सकता। सही विकल्प आपकी उम्र, आय, नौकरी, जोखिम लेने की क्षमता और रिटायरमेंट के लक्ष्य पर निर्भर करता है फाइनेंशयल एडवाइजर आमतौर पर सिर्फ एक स्कीम पर निर्भर रहने से बचने की सलाह देते हैं। उनके मुताबिक- आपको अलग अलग स्कीमों में निवेश करना चाहिए, ताकि जोखिम कम रहे।

उदाहरण के लिए, नौकरीपेशा लोगों के लिए EPF आधार बन सकता है। वहीं NPS, PPF और म्यूचुअल फंड अतिरिक्त रिटायरमेंट फंड बनाने में मदद कर सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद SCSS जैसी स्कीम नियमित कमाई का अच्छा जरिया बन सकती है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

48 घंटे से भी कम समय में क्रेडिट होने वाला है आपके PF खाते में इंट्रेस्ट! जानिए कैसे कैलकुलेट होता है ब्याज, 5 लाख पीएफ पर कितनी होगी कमाई?

EPF Interest 2026: अगर आप भी बार-बार अपनी ईपीएफ (EPF) पासबुक रिफ्रेश कर रहे हैं तो आपका इंतजार अब लगभग खत्म होने वाला है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2025-26 के लिए करीब 34 करोड़ खातों में 15 जुलाई तक ब्याज की रकम क्रेडिट करने जा रहा है। पिछले वर्षों में जहां ब्याज अक्टूबर-नवंबर के समय क्रेडिट होता था। वहीं इस साल यह काफी पहले किया जा रहा है।

इस बार कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि इंट्रेस्ट के मद में क्रेडिट होने वाली है। EPFO के नए सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम (CITES) के माध्यम से बड़े पैमाने पर किया जाने वाला पहला ब्याज भुगतान है।

पिछले महीने वित्त मंत्रालय द्वारा मंजूर की गई ब्याज दर लगातार तीसरे साल भी 8.25 प्रतिशत पर बरकरार है। आइए जानते हैं कि आपके पीएफ बैलेंस के हिसाब से इस 8.25% ब्याज का रुपयों में क्या गणित बैठता है और इसका कैलकुलेशन कैसे किया जाता है।

₹5 लाख से ₹1 करोड़ के बैलेंस पर कितनी होगी कमाई?

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इंट्रेस्ट का कैलकुलेशन 31 मार्च 2026 तक के कुल फंड के आधार पर की जाती है। ये इंट्रेस्ट 15 जुलाई तक आपके पासबुक में दिखने लगेगी। साधारण गणित के हिसाब से आपके पीएफ बैलेंस पर मिलने वाला इंट्रेस्ट कुछ ऐसा बनता है:-

₹5 लाख के पीएफ बैलेंस पर: ₹41250 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹541250 हो जाएगा।

₹10 लाख के पीएफ बैलेंस पर: ₹82500 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹1082500 हो जाएगा।

₹50 लाख के पीएफ बैलेंस पर: ₹412500 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹5412500 हो जाएगा।

₹1 करोड़ के पीएफ बैलेंस पर: ₹825000 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹10825000 हो जाएगा।

इंट्रेस्ट क्रेडिट होने से पहले अपने ईपीएफओ मेंबर पोर्टल या उमंग (UMANG) ऐप पर जाकर तुरंत चेक कर लें कि आपकी केवाईसी डिटेल्स अपडेटेड हैं या नहीं। केवाईसी डिटेल्स का पुराना या आउटडेटेड होना ही सबसे आम कारण है जिसकी वजह से ब्याज क्रेडिट और क्लेम अटक जाते हैं।

कैसे होता है EPF ब्याज का कैलकुलेशन? जानिए नियम

ईपीएफ (EPF) में ब्याज की गणना मंथली आधार पर की जाती है। लेकिन यह रकम वित्तीय वर्ष के अंत में साल में एक बार आपके खाते में जमा होती है। इसका कैलकुलेशन कुछ इस तरह से किया जाता है-

मंथली क्लोजिंग बैलेंस: ईपीएफओ हर महीने के अंत में आपके खाते के बैलेंस को आधार बनाता है। पिछले वित्त वर्ष के क्लोजिंग बैलेंस पर पूरे साल का ब्याज मिलता है।

मासिक दर: वार्षिक ब्याज दर को 12 से भाग दिया जाता है, जैसे- 8.25% ÷ 12 = 0.6875% प्रति माह

नया योगदान: महीने के दौरान जमा हुई नई राशि को उस महीने के ब्याज में नहीं गिना जाता बल्कि उसे अगले महीने के ओपनिंग बैलेंस में शामिल किया जाता है। साल के दौरान जमा होने वाले नए पीएफ योगदान पर ब्याज, जमा होने के अगले महीने की पहली तारीख से 31 मार्च तक मिलता है।

पैसा निकालने पर नियम: अगर आपने साल के बीच में पीएफ का पैसा निकाला है तो निकाली गई रकम पर ब्याज केवल निकासी वाले महीने से ठीक पहले तक ही मिलता है। उसके बाद उस हिस्से पर ब्याज नहीं मिलता।

राउंड ऑफ और टोटल: सभी 12 महीनों के ब्याज को जोड़कर वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में क्रेडिट किया जाता है। आखिरी में EPFO कुल ब्याज की रकम को नजदीकी पूरे रुपये में राउंड ऑफ कर देता है।

इस बार नए CITES सिस्टम की वजह से न सिर्फ ब्याज काफी जल्दी मिल रहा है। बल्कि आगे चलकर क्लेम, अकाउंट ट्रांसफर और दूसरी EPFO सेवाएं भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएंगी।

मेंबर पासबुक पोर्टल पर कैसे चेक करें अपना बैलेंस? स्टेप बाई स्टेप तरीका

अगर आप यह चेक करना चाहते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 का 8.25% ब्याज आपके खाते में क्रेडिट हुआ है या नहीं तो सुनिश्चित करें कि आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट हो। इसके बाद इन स्टेप्स को फॉलो करें:-

स्टेप 1: सबसे पहले EPFO मेंबर पासबुक पोर्टल पर जाएं।

स्टेप 2: अपने UAN, पासवर्ड और कैप्चा कोड का उपयोग करके लॉग इन करें।

स्टेप 3: आपके आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी (OTP) को दर्ज करके अपनी पहचान सत्यापित करें।

स्टेप 4: इसके बाद ‘View Passbook’ के विकल्प को चुनें। यहां आप अपना लेटेस्ट ईपीएफ बैलेंस देख सकते हैं और यह भी चेक कर सकते हैं कि FY26 का ब्याज क्रेडिट हुआ है या नहीं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।)

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Tata Motors PV Share Price: टाटा की कंपनी पर मैक्वेरी बुलिश, टारगेट प्राइस बढ़ाया; जानिए कितनी तेजी आने की उम्मीद

Tata Motors PV Share Price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles के शेयरों को लेकर विदेशी ब्रोकरेज Macquarie ने पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज ने सोमवार को शेयर की रेटिंग ‘Neutral’ से बढ़ाकर ‘Outperform’ कर दी। साथ ही टारगेट प्राइस ₹367 से बढ़ाकर ₹381 कर दिया है। मौजूदा स्तर के मुकाबले इसमें करीब 13% तक की तेजी की संभावना जताई गई है।

क्यों बढ़ी उम्मीद?

Macquarie का मानना है कि टाटा मोटर्स के लिए आने वाला समय बेहतर रह सकता है। कंपनी के नए SUV मॉडल्स लॉन्च होने वाले हैं, जिससे पैसेंजर व्हीकल कारोबार को फायदा मिल सकता है।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि Jaguar Land Rover (JLR) का मार्जिन आने वाली तिमाहियों में धीरे-धीरे सुधर सकता है। इसके अलावा मौजूदा वैल्यूएशन भी आकर्षक है, जिससे शेयर में गिरावट का जोखिम सीमित दिखता है।

भारत के कारोबार से भी उम्मीद

Macquarie के मुताबिक, भारत में टाटा मोटर्स का पैसेंजर व्हीकल बिजनेस भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। नए मॉडल्स की वजह से कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने और कमाई में सुधार आने की उम्मीद है।

जून तिमाही में बढ़ा प्रोडक्शन

हाल ही में SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में Punch और Nexon जैसे मॉडल्स का उत्पादन और घरेलू बिक्री बढ़ी है। इससे साफ है कि कंपनी की लोकप्रिय SUV की मांग बनी हुई है।

FY31 तक बड़े लक्ष्य

हाल ही में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी की AGM में कहा था कि FY31 तक 6 नई कारें और 20 से ज्यादा प्रोडक्ट अपग्रेड लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का लक्ष्य FY31 तक सालाना 12 लाख से ज्यादा गाड़ी बेचना है। इसके साथ ही 20% मार्केट शेयर और डबल डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

Tata Motors Passenger Vehicles को कवर करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 13 ने Buy की रेटिंग दी है। वहीं 10 ने Hold और 9 ने Sell की रेटिंग दी है।

टाटा मोटर्स का शेयर सोमवार को 1.64% बढ़कर 343.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, 1 साल में स्टॉक 15.87% गिरा है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight: इसी हफ्ते निफ्टी छू सकता है 24500 का लेवल, शानदार रिटर्न के लिए बेहतरीन टेक्निकल सेटअप वाले इन शेयरों पर लगाएं दांव

Market Insight: सोमवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिल रही है। IT शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को शुरुआती नुकसान से उबरने में मदद की है। दोपहर 2:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 99.38 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 77,668.77 पर और निफ्टी 17.15 अंक या 0.07 प्रतिशत बढ़कर 24,224.05 पर पहुंच गया। मार्केट ब्रेथ भी पॉजिटिव दिख रहा है। 2,034 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। जबकि 1,953 शेयरों में गिरावट दिख रही है। IT शेयरों ने इस तेजी को लीड किया है। मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भी अच्छी बढ़त नजर आ रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ,जबकि इंडिया VIX दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आने के बावजूद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।

ऐसे में बाजार की आगे की संभावनाओं पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि पिछले सोमवार को उन्होंने सतर्क रहने के साथ 24,500 के आसपास प्रॉफिट बुकिंग की राय दी थी। उसके बाद ट्रंप के बयान बाद पिछले हफ्ते शार्प करेक्शन देखने को मिला। लेकिन एक वोलेटाइल वीक होने के बावजूद निफ्टी ने 24131 के 200 DMA पर सपोर्ट लिया। निफ्टी की पिछले हफ्ते की क्लोजिंग भी रिलेटिवली अच्छी रही। अब इस वीक की बात करें तो निफ्टी जब तक 24,000 के ऊपर है मार्केट का सेंटीमेंट बाय ऑन डिप का रहेगा। लॉन्ग पोजीशंस के लिए यहां से 23,950 का स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। अगर इंट्राडे में 24,000 के आसपास कोई भी डिप आती है तो खरीदारी करने की राय रहेगी। निफ्टी के लिए 24,500 पर एक रेजिस्टेंस है। इसको निकालना थोड़ा सा मुश्किल जरूर रहेगा। कल की एक्सपायरी में काफी डाटा भी चेंज होता हुआ दिखेगा। निफ्टी में क्लियरली बाय ऑन डिप का ट्रेंड है।

दूसरी सबसे इंटरेस्टिंग बात यह हो रही है कि बैंक निफ्टी ने लास्ट वीक थोड़ा विराम लिया। बैंक निफ्टी में तीन-चार वीक की आउटपरफॉर्मस थी और उसके बाद यह लास्ट वीक में कंसोलिडेट करता हुआ दिखा। लेकिन इस कंसोलिडेशन में पीएसयू बैंक्स का डेटा बहुत ही बेहतरीन निकल कर आया। अगर आप फ्यूचर्स का डेटा देखें तो कनरा बैंक का ओपन इंटरेस्ट तीन साल के हाईएस्ट लेवल पर है। आप अगर ओवरऑल पीएसयू बैंक्स को देखें तो बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के रिजल्ट्स बढ़िया रहे। इन स्टॉक्स ने काफी बेहतरीन मूव दिए। काफी सारे स्टॉक्स में ओपन इंटरेस्ट बढ़ा है। यह 1 साल और 3 साल के हाई पर है।

ऐसा लगता है कि हालिया करेक्शन के बाद पीएसयू बैंक्स में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए पोजीशनल बेसिस पर यूनियन बैंक का सेटअप बहुत प्रॉमिसिंग लगता है। यूनियन बैंक में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें 162 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा। अगले 5-10 दिनों में यह शेयर 180 रुपए तक के टारगेट्स हासिल कर सकता है। पीएसयू बैंक्स में यूनियन बैंक सबसे बेहतरीन पिक है।

इसके अलावा डेली चार्ट्स पर यूटीआई एएमसी में भी एक बहुत ही बेहतरीन राउंडिंग बॉटम देखने को मिला है। डिलीवरी बेसिस पर एक महीने के व्यू के हिसाब से यूटीआई एएमसी में 1086 रुपए के आसपास खरीदारी की जा सकती है। इसका पहला लक्ष्य 1100 रुपए का होगा। इस स्टॉक में तकरीबन 1 महीने में 20% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

आईटी शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि आईटी सेक्टर में हमें बाउंस बैक देखने को मिल रहा है। पिछले वीक भी इस सेक्टर में काफी बेहतरीन बाउंस बैक देखने को मिला था। फ्राइडे को TCS के रिजल्ट्स आ जाने के बाद आईटी शेयरों में जोश भर गया। अब Tech Mahindra का सेटअप काफी अच्छा दिख रहा। स्टॉक अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज के आसपास कंसोलिडेट कर रहा है। खरीदारी के लिए इसका रिस्क रिवॉर्ड फेवरेबल है। इस स्टॉक में 1540-1550 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। Tech Mahindra में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग्स के लिए 1430 रुपए का स्टॉप लॉस रखे।

इसके अलावा पीएसयू बैंक स्पेस से ही केनरा बैंक का शेयर भी अच्छा लग रहा है। इसका ओपन इंटरेस्ट 3 साल के हाईएस्ट लेवल पर ट्रेड कर रहा है। इस शेयर में 125 रुपए के स्टॉप लॉस की साथ खरीदारी करने की सलाह हो। अगले 5-10 दिनों में इस शेयर में 140 रुपए तक के टारगेट्स मिल सकते हैं।

राहुल शर्मा को भी एम्बर एंटरप्राइजेज का सेटअप भी काफी अच्छा दिख रहा है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इस शेयर में काफी अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। 8200 रुपए के टारगेट्स के लिए इस शेयर को खरीदा जा सकता है। लॉन्ग पोजीशंस के लिए 7800 रुपए का स्टॉप लॉस रखें। इस स्टॉक का टेक्निकल सेटअप काफी बेहतरीन दिख रहा है। यहां पर मोमेंटम कैच अप होता हुआ दिखेगा।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

L&T Finance Share Price: Q1 में मुनाफा बढ़ने से शेयर 3% चढ़ा, अब खरीदें, बेचें या करें होल्ड?

L&T Finance Share Price:  L&T फाइनेंस लिमिटेड के शेयर सोमवार, 13 जुलाई को 3.8% तक बढ़ गए। यह तब हुआ जब लेंडर ने जून तिमाही के लिए अपना अब तक का सबसे ज़्यादा तिमाही कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बताया। इसमें मजबूत रिटेल लोन ग्रोथ, अच्छे डिस्बर्समेंट और एसेट क्वालिटी में सुधार की मदद मिली, जिससे नोमुरा को अपनी कमाई का अनुमान बढ़ाना पड़ा।

L&T के शेयर आज NSE पर ₹321.25 पर खुले, जो शुक्रवार को पिछले बंद के बराबर है। 13 जुलाई को स्टॉक ने ₹333.50 प्रति शेयर का इंट्राडे हाई छुआ।

कैसे रहे Q1 नतीजे

L&T फाइनेंस ने 30 जून, 2026 (Q1 FY27) को खत्म हुई तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल (YoY) 28.7% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो पिछले साल इसी समय में ₹701.10 करोड़ था। तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशन से कुल रेवेन्यू YoY 22.4% बढ़कर ₹5,212.92 करोड़ हो गया, जबकि टैक्स से पहले प्रॉफ़िट (PBT) 31.1% बढ़कर ₹943.22 करोड़ हो गया।

इसकी कंसोलिडेटेड लोन बुक सालाना आधार पर 27% बढ़कर 30 जून, 2026 तक ₹1,29,634 करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹1,02,314 करोड़ थी। रिटेल लोन बुक ₹99,816 करोड़ से 28% बढ़कर ₹1,27,535 करोड़ हो गई, जो ग्रामीण और शहरी बाज़ारों में ग्रोथ और हाई-यील्ड लोन प्रोडक्ट्स पर लगातार फोकस की वजह से हुई।

L&T फाइनेंस ने तिमाही के दौरान एसेट क्वालिटी में सुधार की भी रिपोर्ट दी। ग्रॉस स्टेज 3 (GS3) एसेट्स 30 जून, 2026 तक घटकर 2.86% हो गए, जो एक साल पहले 3.31% थे, जबकि नेट स्टेज 3 (NS3) एसेट्स 0.99% से सुधरकर 0.90% हो गए, जो कंपनी के लोन पोर्टफोलियो और ओवरऑल एसेट क्वालिटी में लगातार मज़बूती दिखाता है।

LTF के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, सुदीप्ता रॉय ने कहा, “Q1FY27 एक और तिमाही थी जहाँ हम जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं, महंगाई के दबाव और बढ़ी हुई उधारी लागतों वाले बदलते मैक्रोइकोनॉमिक माहौल के बीच डिसिप्लिन्ड एग्ज़िक्यूशन पर फोकस करते रहे। इन बाहरी फैक्टर्स के बावजूद, हमारी डायवर्सिफाइड रिटेल फ्रैंचाइज़ी ने लगातार मज़बूती दिखाई, जिससे हमारे लक्ष्य 31 स्ट्रेटेजिक प्लान के लक्ष्यों के मुताबिक मज़बूत बिज़नेस मोमेंटम और हेल्दी बुक ग्रोथ मिली।”

खरीदें, बेचें या रहे बने, जानें एक्सपर्ट की राय

ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल ने L&T फाइनेंस स्टॉक के लिए अपनी ‘ऐड’ रेटिंग बनाए रखी है, जिसका टारगेट प्राइस ₹305 है, और कहा है कि कंपनी ने उम्मीद से ज़्यादा मज़बूत नॉन-इंटरेस्ट इनकम की रिपोर्ट दी है, जिससे PPOP (35% YoY/10% QoQ) में 4% की बढ़त हुई है, जबकि रिपोर्टेड NIM+फीस 10.47% (फ्लैट QoQ) पर स्टेबल है, जो मैनेजमेंट गाइडेंस 10–10.5% के मुताबिक है।

उसने कहा, “रिटेल स्टेज-2/-3 में 13bps/5bps QoQ की गिरावट, क्रेडिट कॉस्ट में नरमी के साथ 2.55% (-6bps QoQ) और स्टेज-3 ECL कवरेज में 200bps की बढ़ोतरी के साथ एसेट क्वालिटी में सुधार जारी रहा।”

इस बीच, ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि LTF की 1QFY27 की कमाई मोटे तौर पर सही रही, जिसे मजबूत डिस्बर्समेंट से सपोर्ट मिला, जिससे रिटेल लोन ग्रोथ अच्छी हुई। एसेट क्वालिटी मोटे तौर पर स्थिर रही, जिससे क्रेडिट कॉस्ट में क्रमिक रूप से कमी आई। अनिश्चित जियोपॉलिटिकल माहौल और तिमाही के दौरान ऊंचे बॉन्ड यील्ड के बावजूद, CoF और NIMs + फीस काफी हद तक स्थिर रहे।

नोमुरा

नोमुरा ने ₹370 के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक पर अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी, और कहा कि पहली तिमाही का प्रॉफिट उसके अनुमान से 8% ज़्यादा रहा। टारगेट प्राइस का मतलब है कि स्टॉक के मौजूदा ट्रेडिंग लेवल में 13% की बढ़त हुई है।

ब्रोकरेज ने कहा कि एसेट क्वालिटी के ट्रेंड अच्छे थे, खासकर टू-व्हीलर फाइनेंसिंग बिज़नेस में, जहां AI वाले अंडरराइटिंग इंजन ने परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में मदद की है। इसने FY27-FY29 के कमाई के अनुमानों में 2-10% की बढ़ोतरी की, जबकि मानसून और प्रस्तावित इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन सुधारों को मुख्य रिस्क बताया।

जेपी मॉर्गन

जेपी मॉर्गन ने ₹320 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनाए रखी, और कहा कि प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट उसके अनुमान से लगभग 4% ज़्यादा थे। स्टॉक अभी जेपी मॉर्गन के टारगेट लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा है।ब्रोकरेज ने कहा कि उम्मीद से ज़्यादा मज़बूत फीस इनकम और कम ऑपरेटिंग खर्च ने थोड़े कमज़ोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन की भरपाई कर दी, जिसका श्रेय उसने जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच कंपनी के ज़्यादा लिक्विडिटी बफर बनाए रखने को दिया।

जेपी मॉर्गन ने यह भी बताया कि ग्रॉस स्टेज-2 और स्टेज-3 एसेट्स में एक के बाद एक सुधार हुआ है, हालांकि उसे उम्मीद है कि इन्वेस्टर्स मानसून सीज़न में एसेट क्वालिटी ट्रेंड्स पर करीब से नज़र रखेंगे। ब्रोकरेज ने आगे कहा कि स्टॉक की हालिया रैली, जिसमें पिछले महीने 23% का फ़ायदा हुआ, ने वैल्यूएशन बढ़ा दिया है और आगे री-रेटिंग को रोक सकता है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

Trading Plan : IT शेयरों के दम पर बुल्स ने जोरदार तरीके से वापसी की है। निफ्टी नीचे से करीब 200 अंक रिकवर होकर 24200 के करीब कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में भी नीचे से 500 अंकों का सुधार हुआ है। साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रिकवरी आई है। हालांकि फीयर इंडेक्स INDIA VIX अभी भी करीब 9 फीसदी ऊपर है। लेकिन यह कंफर्ट जोन के नीचे है। IT शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। निफ्टी IT इंडेक्स 4% दौड़ा है। TCS, इंफोसिस,टेक महिंद्रा और HCL टेक करीब 4-5 फीसदी उछलकर निफ्टी के टॉप गेनर बने हैं। TCS 2 दिनों में करीब 7 फीसदी उछला है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। कल्याण ज्वेलर्स में आज भी10% का अपर सर्किट लगा है। यह शेयर 4 दिनों में करीब 50 फीसदी चढ़ा है। हालांकि रियल्टी,मेटल और FMCG में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

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बाजार: शानदार रिकवरी

बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी और बैंक निफ्टी ने खरीदारी जोन का सम्मान किया है। सुबह घबराहट में ना बेचने की सलाह काम आई है। उम्मीद के मुताबिक निफ्टी IT ने रिकवरी को लीड किया है। TCS आज का स्टॉक ऑफ द डे रहा। इसने 2 दिनों में शानदार रिटर्न्स दिए। बैंक निफ्टी में भी निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी दिखी। मिडकैप आज कम चले,लेकिन यहां भी अच्छी रिकवरी रही। इंडिया VIX 9% भागा लेकिन कम्फर्ट जोन के नीचे है। बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार में ट्रंप फैक्टर का डर खत्म हो गया है?

बाजार: अब क्या?

यह कहना कि ट्रंप फैक्टर खत्म हो गया है, जल्दबाज़ी होगा। लेकिन एक बात साफ है कि बाजार में अब घबराहट नहीं है। पिछले बुधवार का लो अब पत्थर की लकीर बन चुका है और आज तो निफ्टी ने 24,000 तक नहीं तोड़ा। बैंक निफ्टी ने ठीक 20 DEMA से रिवर्सल दिखाया। बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का बन चुका है। ऐसे में बने रहें और गिरावट में सौदे और जोड़ें। ओवरनाइट पोज़िशन को चाहें तो थोड़ा हेज करें। शुक्रवार के हेज ने आज सुबह शानदार काम किया।

निफ्टी- बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,000-24,050 पर सपोर्ट और 24,250-24,350 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,700 पर सपोर्ट और 58,200-58,500 पर रेजिस्टेंस है।

IT: अब क्या है नजरिया?

पिछले कुछ दिनों से लगातार IT पर पॉजिटिव नजरिया था। इस महीने निफ्टी IT 11% चल चुका है। आज सुबह भी हमने खुलते ही IT लेने का नजरिया रखा था। TCS पर भी शुक्रवार सुबह से पॉजिटिव राय रखी गई थी। शुक्रवार को शुरुआत ही हमने TCS के एनालिसिस से की थी। IT में इस बार की रैली थोड़ी अलग लग रही है। पहले दो रैलियां बुरी तरह से फेल हुई थीं। लेकिन इस बार कंपनियों के पॉजिटिव इरादे के बाद तेजी आई है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sensex में इंट्रा-डे के निचले स्तर से 900 प्वाइंट्स की रिकवरी, 4 वजहों से Nifty फिर 24250 के पार

Share Market Sharp Recovery: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमले शुरू होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता ने शुरुआती कारोबार में आज मार्केट में हाहाकार मचा दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया था तो निफ्टी 24000 के लेवल तक आ गया था। हालांकि फिर मार्केट ने जोरदार वापसी की और निचले स्तर से सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स से अधिक रिकवर हुआ और निफ्टी भी उछलकर 24250 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और आधे फीसदी से अधिक गिरावट से उबरते हुए निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 लगभग फ्लैट हो गए।

फिलहाल 12:55 PM पर सेंसेक्स 141.17 प्वाइंट्स यानी 0.18% की बढ़त के साथ 77.710.56 और निफ्टी 23.80 प्वाइंट्स यानी 0.10% के उछाल के साथ 24,230.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक आया था जिससे यह 931.86 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,789.29 तक पहुंच गया तो निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आया था जिससे 259.60 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 24,259.80 तक पहुंच गया।

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वैल्यू बाइंग

शुरुआती गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू की तो मार्केट मे तेजी से रिकवरी की। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वीके विजयकुमार का कहना है कि पश्चिमी एशिया में चल रहा संकट न्यू नॉर्मल बन चुका है लेकिन ऑयस मार्केट में जैसी स्थिति मार्च में थी, वैसा हाहाकार अभी नहीं है। वीके विजयकुमार का मानना है कि जब तक एक बैरल ब्रेंट क्रूड की कीमत $90 के नीचे है, मार्केट पर अधिक असर पड़ने की आशंका नहीं है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹2,603.72 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इस महीने 10 जुलाई तक विदेशी निवेशकों ने सेकंडरी मार्केट में ₹5,155 करोड़ की नेट खरीदारी की। प्राइमरी मार्केट और अन्य में ₹10,001 करोड़ की खरीदारी को मिलाकर जुलाई में इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट में ₹15,156 करोड़ का निवेश किया। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार का कहना है कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी मार्केट के लिए पॉजिटिव है। उनका कहना है कि भारत के बेहतर होते मैक्रो-इकनॉमिक हालात और रुपये में स्थिरता ने विदेशी निवेशकों के मूड को बदला है चिप ट्रेड में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में विदेशी निवेशकों की भी भारत में उनका निवेश बढ़ा है।

आईटी स्टॉक्स में रौनक

शुरुआती कारोबार में जब मार्केट में कोहराम मचा हुआ था तो भी आईटी सेक्टर में शानदार रौनक थी। टीसीएस के उम्मीद से बेहतर कारोबारी नतीजे ने आईटी सेक्टर में रौनक बिखेर दी। निफ्टी आईटी आधे फीसदी से अधिक उछल पड़ा और इसके 10 में से 8 स्टॉक्स मजबूत हुए हैं। देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टीसीएस के शेयर करीब 3% उछल पड़े।

अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल

निफ्टी ने 24000 के लेवल पर जाने के बाद वहां से फटाक से वापसी की। निफ्टी के लिए यह अहम टेक्निकल सपोर्ट जोन है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीय (Rajesh Palviya) के मुताबिक निफ्टी के लिए 24000 तात्कालिक सपोर्ट लेवल है जो अगर टूटा तो यह 23,800 तक फिसल हो सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Quant Mutual Fund ने खरीद लिए इस कंपनी के 700000 शेयर, 6% बढ़ गई चमक

Ethos Share Price: लग्जरी घड़ियां और ज्वैलरी बेचने वाली एथोस के शेयर आज रॉकेट बन गए। इसके शेयरों में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब क्वांट म्यूचुअल फंड ने इसके 7 लाख शेयर खरीदे हैं। क्वांट म्यूचुअल फंड ने एक कारोबारी दिन पहले 10 जुलाई को इसके 7 लाख शेयर खरीदे थे। अब आज इसके शेयर 6% से अधिक उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाते हु्ए मुनाफावसूली की तो भाव नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 5.51% की बढ़त के साथ ₹2624.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 6.47% उछलकर ₹2,647.85 तक पहुंच गया था।

Quant Mutual Fund ने किस भाव पर बेचे Ethos के शेयर

क्वांट म्यूचुअल फंड ने 10 जुलाई 2026 को हर शेयर ₹2500 के भाव पर एथोस के शेयर खरीदे। फंड हाउस ने ये शेयर यूके की जुपिटर फंड मैनेजमेंट ने दो स्कीमों से खरीदे हैं। जुपिटर ग्लोबल फंड-जुपिटर इंडिया सेलेक्ट ने ₹55.84 करोड़ में 2,23,387 शेयर और जुपिटर इंडिया फंड ने ₹124.8 करोड़ में 4,99,239 शेयर बेचे। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार जुपिटर इंडिया फंड की एथोस में 2% हिस्सेदारी (5.34 लाख शेयर) थी। मार्च 2026 तक कंपनी में 13 म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 20.16% थी।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल?

एथोस के शेयरों की करीब चार साल पहले 30 मई 2022 को एंट्री हुई थी। इसके ₹402 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹878 के भाव पर शेयर जारी हुई थी। मार्केट में लिस्टिंग के बाद इसका शेयर 6 जून 2022 को टूटकर ₹711.60 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर पर शेयर संभला और यहां से रिकवर होकर यह 24 सितंबर 2024 को ₹3,514.95 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

अब पिछले एक साल में बात करें तो एथोस के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 26 नवंबर 2026 को बीएसई पर यह ₹3244.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 3 ही महीने में यह 40.79% टूटकर 16 मार्च 2026 को ₹1,921.00 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shadowfax Technologies में हो सकती है ब्लॉक डील, ₹700 करोड़ के शेयर बेचने की तैयारी में Flipkart

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रही है। इस हिस्सेदारी की कीमत 700-750 करोड़ रुपये हो सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने मनीकंट्रोल को बताया, “फ्लिपकार्ट जुलाई महीने के आखिर में एक बड़ी ब्लॉक डील के तहत शैडोफैक्स में शेयर बेच सकती है। शैडोफैक्स के शेयरहोल्डर्स के​ लिए 6 महीने का लॉक-इन पीरियड जुलाई के आखिर में खत्म हो रहा है।”

शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज जनवरी 2026 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO ₹1,907.27 करोड़ का था। फ्लिपकार्ट ने शैडोफैक्स के IPO में ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत कुछ शेयर बेचे और शैडोफैक्स में अपनी हिस्सेदारी घटाकर लगभग 8 प्रतिशत कर ली। उसके पास अभी भी लगभग 4.26 करोड़ शेयर हैं। शैडोफैक्स के शेयर की कीमत फिलहाल 230 रुपये के आसपास ट्रेड कर रही है।

फ्लिपकार्ट ने पहली बार 2019 में शैडोफैक्स में निवेश किया था और बाद के फंडिंग राउंड में भी इस लॉजिस्टिक्स कंपनी को सपोर्ट किया। आज शैडोफैक्स, फ्लिपकार्ट के मुख्य लास्ट-माइल डिलीवरी पार्टनर्स में से एक है। यह हाइपरलोकल और ई-कॉमर्स शिपमेंट संभालती है, खासकर पीक डिमांड के समय जब कंपनी का अपना लॉजिस्टिक्स नेटवर्क दबाव में होता है। साथ ही यह उन कई कारोबारों के लिए मुख्य डिलीवरी पार्टनर के तौर पर भी काम करती है, जो पूरी तरह से थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पर निर्भर हैं।

पूरी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती फ्लिपकार्ट

सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि फ्लिपकार्ट एक बड़ी ब्लॉक डील के तहत 700-750 करोड़ रुपये के शेयर बेच सकती है। यह डील आने वाले हफ्तों में होने की उम्मीद है। हालांकि फ्लिपकार्ट, शैडोफैक्स में अपनी पूरी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती। मौजूदा 4.26 करोड़ शेयरों में से, फ्लिपकार्ट के लगभग 3.37 करोड़ शेयर बेचने की संभावना है। अगर यह डील हो जाती है, तो फिर फ्लिपकार्ट के पास शैडोफैक्स में लगभग 2 प्रतिशत हिस्सेदारी रह जाएगी। बाकी बचे 89 लाख शेयर फ्लिपकार्ट को अपने पास रखने होंगे क्योंकि वे ‘मिनिमम प्रमोटर कॉन्ट्रीब्यूशन’ का हिस्सा हैं।

मिनिमम प्रमोटर कॉन्ट्रीब्यूशन वह न्यूनतम हिस्सेदारी है, SEBI किसी IPO के बाद लॉक-इन रखने के लिए जरूरी मानता है। ऐसा इसलिए ताकि यह पक्का किया जा सके कि प्रमोटर्स का कंपनी में लंबे समय तक हित बना रहे और पब्लिक इनवेस्टर्स को भरोसा दिलाया जा सके कि मुख्य शेयरधारक लिस्टिंग के तुरंत बाद बाहर नहीं निकल सकते। इन शेयरों पर एक अनिवार्य लॉक-इन पीरियड लागू होता है, जो कि आमतौर पर 18 महीने होता है। इस दौरान इन्हें बेचा नहीं जा सकता।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।