HDFC Bank Q1 Results Preview: 18 जुलाई को आएंगे नतीजे, जानिए NII, मुनाफे और मार्जिन पर क्या हैं अनुमान

HDFC Bank Q1 Results Preview: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank का बोर्ड 18 जुलाई (शनिवार) को मीटिंग करेगा। इस दौरान जून तिमाही (Q1FY27) के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।

बिजनेस अपडेट में क्या रहा?

पिछले बैंक ने जून तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था। इसके मुताबिक, ग्रॉस एडवांस सालाना आधार पर 15.4% बढ़कर ₹30.61 लाख करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹26.53 लाख करोड़ था।

बैंक के एडवांस अंडर मैनेजमेंट भी बढ़कर ₹31.27 लाख करोड़ पहुंच गए। यह पिछले साल के मुकाबले 12.4% ज्यादा है।

डिपॉजिट में भी अच्छी बढ़त

जून तिमाही के आखिर तक बैंक का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 14.7% बढ़कर ₹31.71 लाख करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹27.64 लाख करोड़ था।

वहीं, CASA (करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट 9.4% बढ़कर ₹10.26 लाख करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹9.37 लाख करोड़ था।

एक्सपर्ट्स को क्या उम्मीद?

ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal का अनुमान है कि बैंक का प्रदर्शन इस बार भी मजबूत रहेगा। लोन ग्रोथ और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में बढ़त देखने को मिल सकती है। हालांकि, बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च की वजह से मुनाफे पर कुछ दबाव रह सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, NII 8.5% बढ़कर ₹34,103 करोड़ रह सकता है प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) 19.9% घटकर ₹28,615.6 करोड़ रहने का अनुमान है। वहीं, शुद्ध मुनाफा 5.9% बढ़कर ₹19,229.3 करोड़ पहुंच सकता है।

InCred Equities का अनुमान

ब्रोकरेज InCred Equities ने भी बैंक के लिए मजबूत तिमाही का अनुमान जताया है। InCred के मुताबिक,

  • NII करीब ₹34,100 करोड़ रहने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 8.3% ज्यादा होगा।
  • PPOP करीब ₹28,900 करोड़ रह सकता है। यह पिछले साल के मुकाबले 19.2% कम, लेकिन पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा होगा।
  • PAT (शुद्ध मुनाफा) करीब ₹19,100 करोड़ रहने का अनुमान है। यह सालाना आधार पर 5.3% की बढ़त होगी।

ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.4% पर स्थिर रह सकता है। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट 45 बेसिस प्वाइंट रहने का अनुमान है, जो पिछली तिमाही से थोड़ा ज्यादा लेकिन पिछले साल के मुकाबले काफी कम है।

18 जुलाई को इन बैंकों पर भी रहेगी नजर

18 जुलाई को सिर्फ HDFC Bank ही नहीं, बल्कि Axis Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank और Yes Bank भी जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगे। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इन बैंकों के नतीजों से लोन ग्रोथ, डिपॉजिट, मार्जिन और एसेट क्वालिटी की तस्वीर भी साफ होगी।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ITR Filing 2026: 1.7 करोड़ लोगों ने भरा इनकम टैक्स रिटर्न, 31 जुलाई की डेडलाइन चूके तो क्या होगा?

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की रफ्तार तेज हो गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, असेसमेंट ईयर 2026-27 (वित्त वर्ष 2025-26 की आय) के लिए अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR दाखिल कर चुके हैं। सिर्फ शुक्रवार को ही 10 लाख से ज्यादा रिटर्न फाइल किए गए।

विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों से समय रहते रिटर्न भरने की अपील भी की है, ताकि आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सके।

ITR डेडलाइन 31 जुलाई है

वित्त वर्ष 2025-26 की आय के लिए ITR-1 (सहज) और ITR-2 दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। अगर आपका अकाउंट ऑडिट के दायरे में नहीं आता है, तो आपको इसी तारीख तक रिटर्न फाइल करना होगा।

ITR-1 कौन भर सकता है?

ITR-1 यानी सहज फॉर्म ज्यादातर इंडिविजुअल के लिए होता है। इनमें ये लोग शामिल हैं…

  • सालाना कमाई ₹50 लाख तक हो।
  • कमाई आय का जरिया सैलरी हो।
  • एक मकान से आय हो।
  • कृषि आय ₹5,000 तक हो।

ITR-2 कौन भरता है?

ITR-2 उन इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए है, जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से आय नहीं है, लेकिन उन्हें कैपिटल गेन जैसी आय होती है।

31 जुलाई की डेडलाइन चूकने पर क्या होगा?

अगर आप तय समय तक ITR दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

1. लेट फीस : आयकर कानून की धारा 234F के तहत देरी से ITR भरने पर ₹5,000 तक की लेट फीस लग सकती है। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख तक है, तो यह फीस ₹1,000 तक सीमित रहती है।

2. ब्याज भी : अगर आपके ऊपर टैक्स बकाया है, तो धारा 234A के तहत हर महीने या उसके हिस्से के लिए 1% ब्याज देना पड़ सकता है।

3. रिफंड में देरी : अगर आपको इनकम टैक्स रिफंड मिलना है, तो देर से ITR भरने पर उसका प्रोसेस भी देर से होगा। यानी आपका पैसा मिलने में ज्यादा समय लग सकता है।

4. टैक्स बेनिफिट नहीं : देर से रिटर्न दाखिल करने पर कुछ मामलों में नुकसान (Loss) को अगले सालों में कैरी फॉरवर्ड करने जैसी टैक्स सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता।

आखिरी समय का इंतजार न करें

हर साल डेडलाइन के करीब पोर्टल पर ट्रैफिक काफी बढ़ जाता है। ऐसे में तकनीकी दिक्कतें भी आ सकती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि जरूरी दस्तावेज जुटाकर समय रहते ITR दाखिल कर दें। इससे लेट फीस, ब्याज और दूसरी परेशानियों से बचा जा सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Stocks to Buy: शेयर बाजार में गिरावट के बीच कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस चुनिंदा शेयरों पर बुलिश बने हुए हैं। Goldman Sachs, Jefferies, Citi, Motilal Oswal, JM Financial और CD Research ने 10 कंपनियों के शेयर खरीदने की सलाह दी है। इन स्टॉक्स में मौजूदा स्तर से 51% तक की तेजी की संभावना जताई गई है। आइए जानते हैं किन शेयरों पर एक्सपर्ट्स सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

Cohance Lifesciences

Goldman Sachs ने Cohance Lifesciences पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹500 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव से इसमें करीब 10% की तेजी की संभावना है। हालांकि, CDMO कारोबार की रफ्तार उम्मीद से धीमी रहने के चलते ब्रोकरेज ने FY27-29 के अनुमान घटाए हैं।

TCS

Motilal Oswal ने TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,350 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 15% का संभावित रिटर्न दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही पहली से बेहतर रह सकती है, लेकिन मांग में बड़ी तेजी के संकेत अभी साफ नहीं हैं।

Vedanta Aluminium

Motilal Oswal ने पहली बार Vedanta Aluminium पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग और ₹540 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 20% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का कहना है कि डीमर्जर के बाद कंपनी भारत की सबसे बड़ी प्योर-प्ले एल्युमिनियम कंपनी बन गई है।

PN Gadgil Jewellers

Motilal Oswal ने PN Gadgil Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹700 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 22% की बढ़त का संकेत देता है। पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 41% बढ़ा, जबकि रिटेल कारोबार 56% उछला।

PB Fintech

Jefferies ने PB Fintech पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,950 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 23% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद शेयर अपने मजबूत कमाई के अनुमान के मुकाबले सस्ता नजर आ रहा है।

Dr. Reddy’s Laboratories

JM Financial ने Dr. Reddy’s Laboratories पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,561 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 25% का संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में नए प्रोडक्ट कंपनी की ग्रोथ को सहारा देंगे, हालांकि सेमाग्लूटाइड की सप्लाई में देरी हुई है।

Piramal Pharma

Goldman Sachs ने Piramal Pharma पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹225 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 27% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का टर्नअराउंड जारी है और आने वाले वर्षों में मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

Eternal

Motilal Oswal ने Eternal पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹380 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹290 के मुकाबले इसमें करीब 31% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि फूड डिलीवरी कारोबार में रिकवरी, क्विक कॉमर्स की तेज ग्रोथ और डिस्ट्रिक्ट बिजनेस के विस्तार से कंपनी की कमाई आने वाले समय में मजबूत रह सकती है।

Balaji Amines

CD Research ने Balaji Amines पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹3,327 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹2,409 के मुकाबले इसमें करीब 38% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का कहना है कि स्पेशियलिटी केमिकल्स की मांग, नए प्रोजेक्ट्स के शुरू होने और बेहतर मार्जिन से आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Kalyan Jewellers

Citi ने Kalyan Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹725 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 51% का संभावित रिटर्न दिखाता है। पहली तिमाही में कंपनी की बिक्री 38% बढ़ी और नए स्टोर्स के विस्तार की रफ्तार भी बनी रही।

Stocks to Watch: सोमवार 13 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: 13 जुलाई को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, किन लेवल्स पर रहेगी नजर? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछला कारोबारी हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिर में निफ्टी 50 ने शानदार वापसी की। बुधवार की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को खरीदार फिर लौटे और बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ।

शुक्रवार को निफ्टी 244 अंक चढ़कर 24,206 पर बंद हुआ। इंडेक्स 162 अंकों की बढ़त के साथ खुला और पूरे सत्र में बढ़त बनाए रखी। दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद होने से बाजार में फिर से खरीदारी लौटने के संकेत मिले।

किन शेयरों में हलचल दिखी

निफ्टी 50 में Jio Financial Services, HDFC Life Insurance और Adani Enterprises सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Dr. Reddy’s Laboratories, Eternal और Bharti Airtel सबसे ज्यादा गिरने वालों में शामिल रहे।

रियल्टी, PSU बैंक और आईटी सेक्टर ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं FMCG इकलौता प्रमुख सेक्टर रहा, जो मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में रही तेजी

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बड़े शेयरों से बेहतर रहा। Nifty Midcap 100 1.4% चढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 1.55% की बढ़त के साथ नए 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशकों की दिलचस्पी सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं है।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है। ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का दावा किया है। इससे वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आता है, तो उसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

नागराज शेट्टी (HDFC Securities) : शेट्टी का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बावजूद निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अब भी सकारात्मक है। उनके मुताबिक आने वाले दिनों में निफ्टी 24,500 से 24,600 के स्तर तक जा सकता है। वहीं 24,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

रूपक डे (LKP Securities) : रूपक डे के अनुसार बाजार में तेजी का रुख अभी कायम है। उनके मुताबिक 24,500 पर पहला बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा।

हितेश राठी (Angel One) : हितेश राठी के मुताबिक 24,000 से 23,930 का दायरा पहला सपोर्ट जोन है। इसके नीचे 23,850 से 23,800 का स्तर मजबूत सहारा देगा। वहीं ऊपर की ओर 24,280 से 24,320 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,480 से 24,540 का स्तर अहम रहेगा।

नंदीश शाह (HDFC Securities) : शाह का कहना है कि पूरे हफ्ते निफ्टी अपने 50-डे सिंपल मूविंग एवरेज यानी 23,829 के ऊपर बना रहा। यह निचले स्तरों पर लगातार खरीदारी का संकेत है। उनके मुताबिक 23,805 का स्तर अहम सपोर्ट और 24,530 का स्तर बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

Bank Nifty Outlook

बैंक निफ्टी ने भी हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया। इंडेक्स गैप-अप खुला और दिन के दूसरे हिस्से में खरीदारी बढ़ने से 1.39% की तेजी के साथ 58,046 पर बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 58,500 से 58,600 का दायरा पहला बड़ा रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स इसके ऊपर टिकता है तो 59,000 और फिर 59,500 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं नीचे की ओर 57,600 से 57,500 का दायरा अहम सपोर्ट रहेगा।

Stocks to Watch: सोमवार 13 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Reliance Industries Q1 Results: जून तिमाही के नतीजे 17 जुलाई को, Jio Financial 16 जुलाई को रिलीज करेगी डेटा

RIL June Quarter Result: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का बोर्ड 17 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। कंपनी ने शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दे दी है। इस अपडेट के बाद 13 जुलाई से शुरू हो रहे सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर ​मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर रहेगी।

17 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17,71,206.33 करोड़ रुपये या 17.71 लाख करोड़ रुपये है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

Jio Financial Services के नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के जून तिमाही के नतीजे 16 जुलाई को जारी होने वाले हैं। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 272 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले यह 316 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 106 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,019 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्च 2025 तिमाही में यह 493 करोड़ रुपये था।

RIL और Jio Financial के शेयर की चाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 1308.85 रुपये पर बंद हुई। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज केा शेयर शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 241.85 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी में 21 अप्रैल 2026 तक प्रमोटर्स के पास 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 27 प्रतिशत नीचे आया है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का ड्राफ्ट हो चुका है जमा

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर चुकी है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। 19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 49वीं सालाना आम बैठक में जानकारी दी थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। उसी दिन इसे सेबी के पास जमा कर दिया गया। जियो प्लेटफॉर्म्स अपने पब्लिक इश्यू के जरिए करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO News: पैसों का कर लें इंतजाम! 14 जुलाई को खुलेंगे ₹10100 करोड़ के तीन आईपीओ

IPO News: 13 जुलाई से शुरू हो रहे अगले कारोबारी हफ्ते आईपीओ मार्केट में काफी रौनक रहने वाली है। तीन कंपनियों के ₹10,100 करोड़ के आईपाीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाले हैं जिसमें से एक तो एसबीआई फंड मैनेजमेंट (SBI Funds Management) मेगा आईपीओ है। इनमें से एक एसएमआई आईपीओ है जो मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज (Millworks Technologies) का है। ये तीनों इश्यू 14 जुलाई को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा। वैसे इनके अलावा कुछ और इश्यू में भी पैसे लगाने का मौका मिलेगा जोकि अभी खुले हैं और अभी कल यानी सोमवार 13 जुलाई को बंद होंगे। जैसे कि पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरर लेजर पावर एंड इंफ्रा का ₹742 करोड़ का मेनबोर्ड आईपीओ कल बंद होगा तो एसएमई सेगमेंट में भी देवसन केटेलिस्ट और हैप्पी स्टील्स का भी आईपीओ कल बंद होगा। इनकी मार्केट में 16 जुलाई को एंट्री होगी।

तीनों आईपीओ की डिटेल्स

देश के सबसे बड़े लेंडर एसबीआई (SBI) और फ्रेंच एसेट मैनेजर एमुंडी (Amundi) की प्रमोटेड कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ₹9,812.91 करोड़ का आईपीओ ला रही है। इसका प्राइस बैंड ₹545-₹574 फिक्स किया गया है। इसका ऑफर साइज पहले ₹11,692.9 करोड़ का था लेकिन प्री-आईपीओ राउंड में 30 निवेशकों से फंड जुटाने के बाद एसबीआई फंड मैनेजमेंट ने आईपीओ साइज कम कर दिया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इसके तहत एसबीआई 9.95 करोड़ शेयर (4.89% होल्डिंग) और एमुंडी इंडिया होल्डिंग 7.14 करोड़ शेयर (3.51% होल्डिंग) बेच रहे हैं।

मेनबोर्ड सेगमेंट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का भी आईपीओ आ रहा है। इसके ₹126.25 करोड़ के आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे। इसमें निवेशक ₹100-₹105 के प्राइस बैंड में बोली लगा सकेंगे। इस आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल ग्रे फैब्रिक प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने को लेकर एक नई वीविंग यूनिट लगाने, लोन हल्का करने और आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा।

14 जुलाई को एक एसएमई मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज का भी ₹160.3 करोड़ का आईपीओ खुलेगा। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹315-₹331 फिक्स किया गया है। बेंगलुरु की प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल प्लांट और मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में भी करेगी।

इस साल कैसा है आईपीओ मार्केट में हाल

इस कैलेंडर ईयर में अब तक 30 मेनबोर्ड आईपीओ लॉन्च हुए हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹24,404 करोड़ है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के जुड़ने से इस साल अब तक मेनबोर्ड में 32 आईपीओ के जरिए कुल फंड-रेजिंग ₹34,343 करोड़ तक पहुंच जाएगी। एसएमई सेगमेंट में इस साल अब तक 90 कंपनियों के ₹3,861 करोड़ के आईपीओ सफल हुए हैं और मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज़ को मिलाकर कुल फंड-रेजिंग बढ़कर ₹4,022 करोड़ हो जाएगी।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टॉप 10 कंपनियों में से 4 का M-Cap ₹92995 करोड़ बढ़ा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा फायदा

पिछले सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर 92,995.48 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक फायदा HDFC Bank और भारती एयरटेल को हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25 प्रतिशत और निफ्टी 63.95 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, भारती एयरटेल और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में 49,294.13 करोड़ रुपये की गिरावट आई।

सप्ताह के दौरान HDFC Bank का मार्केट कैप सबसे अधिक 35,808.09 करोड़ रुपये बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 34,896.92 करोड़ रुपये बढ़कर 11,98,774.22 करोड़ रुपये, LIC का 16,065.50 करोड़ रुपये बढ़कर 5,60,205.05 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का मार्केट कैप 6,224.97 करोड़ रुपये बढ़कर 17,71,206.33 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इसके उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 12,088.65 करोड़ रुपये घटकर 5,04,997.65 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह L&T का मार्केट कैप 11,040 .23 करोड़ रुपये घटकर 5,42,938.40 करोड़ रुपये, TCS का 8,574.87 करोड़ रुपये घटकर 7,48,600.40 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 7,813.58 करोड़ रुपये घटकर 6,35,327.78 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 6,315.32 करोड़ रुपये घटकर 10,05,379.71 करोड़ रुपये और SBI का मार्केट कैप 3,461.48 करोड़ रुपये घटकर 9,56,430.44 करोड़ रुपये रह गया।

टॉप 10 कंपनियों में RIL अव्वल

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः HDFC Bank, भारती एयरटेल, ICICI Bank, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, LIC, L&T और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज 17 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। HDFC Bank और ICICI Bank के नतीजे 18 जुलाई को सामने आएंगे। TCS बीते सप्ताह 9 जुलाई को नतीजे जारी कर चुकी है।

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नए सप्ताह में 15 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Kusumgar की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 16 जुलाई को Laser Power & Infra के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Devson Catalyst और NSE SME पर Happy Steels के शेयरों के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cement Stocks: अभी और टूटेगा इस सीमेंट कंपनी का शेयर! आपके पास है?

Ramco Cements Share Price: दिग्गज सीमेंट कंपनी रामको सीमेंटस पर एक बार फिर देवेन चोकसी ने बेयरेश रुझान अपनाया है। अपनी 10 जुलाई की रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म ने रामको सीमेंट्स के शेयरों को लेकर जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है जो मौजूदा लेवल से 11% से अधिक नीचे है। एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 10 जुलाई को रौनक भरे बाजार में बीएसई पर यह 1.90% की बढ़त के साथ ₹940.70 के भाव पर बंद हुआ था। ब्रोकरेज फर्म ने इसे ₹836.00 के टारगेट प्राइस पर सेल रेटिंग दी है।

Ramco Cements पर ब्रोकरेज फर्म क्यों है बेयरेश

रामको सीमेंट्स का फोकस प्रीमियमाइजेशन, हायर ग्रीन एनर्जी एडॉप्शन और ऑपरेशनल एफिसिएंसी प्रीमियमाइजेशन के जरिए प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार पर फोकस है। प्रीमियम प्रोडक्ट्स की अब कंपनी के रेवेन्यू में 28% हिस्सेदारी है को 40% बिजली ग्रीन एनर्जी है। हालांकि अपनी 10 जुलाई की रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म देवेन चोकसी रिसर्च का कहना है कि कंपनी लागत कम करने की कोशिश कर रही है, लेकिन मार्जिन पर फिलहाल दबाव बना हुआ है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी को कमजोर मांग, ऊंची इनपुट कॉस्ट और सीमित प्राइसिंग पावर जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे नियर टर्म में मुनाफे पर दबाव दिख सकता है। कैपेक्स के चलते ब्याज और डेप्रिसिएशन का खर्च बढ़ेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कंपनी की लॉन्ग टर्म योजनाएं तो अच्छी हैं लेकिन उसका फायदा अभी तुरंत नहीं दिखाई देगा।

एक साल में कैसी रहेगी शेयरों की चाल

रामको सीमेंट्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 9 फरवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹1,214.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से चार ही महीने में यह 30.94% टूटकर 10 जून 2026 को ₹838.40 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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Laser Power & Infra IPO: जबरदस्त रिस्पॉन्स से फुली सब्सक्राइब, अभी भी मौका; GMP दे रहा अच्छी लिस्टिंग के संकेत

लेजर पावर एंड इंफ्रा के ₹742 करोड़ के IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह 9 जुलाई को खुला था और फुली सब्सक्राइब हो चुका है। अभी इसमें पैसे लगाने के लिए एक दिन और बचा है। यह 13 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹203-₹214 प्रति शेयर और लॉट साइज 70 शेयर है। क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 14 जुलाई को फाइनल हो सकता है। लिस्टिंग NSE और BSE पर 16 जुलाई को हो सकती है।

ग्रे मार्केट से कंपनी की लिस्टिंग अच्छी रहने के संकेत हैं। investorgain.com के मुताबिक, ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹214 से 16.36% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Laser Power & Infra IPO में ₹542 करोड़ के 2.53 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं। साथ ही मौजूदा निवेशकों की ओर से ₹200 करोड़ के 93 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल है। पब्लिक इश्यू में अब तक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.68 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 2.03 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.85 गुना भर चुका है।

क्या करती है कंपनी

लेजर पावर एंड इंफ्रा लिमिटेड कोलकाता की कंपनी है, जो भारत में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री के लिए पावर केबल, कंडक्टर और दूसरे स्पेशलाइज्ड प्रोडक्ट और कंपोनेंट बनाती है। कंपनी पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) बेसिस पर भी काम करती है। कंपनी के प्रमोटर दीपक गोयल, देवेश गोयल, अक्षत गोयल और राखी गोयल हैं।

IPO में कितना हिस्सा रिजर्व

IPO में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15% हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। लेजर पावर एंड इंफ्रा अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कर्ज कम करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

क्या करना चाहिए निवेश?

मास्टर कैपिटल के IPO नोट के अनुसार, “निवेशक इस IPO को लंबे समय के निवेश के एक अच्छे मौके के तौर पर देख सकते हैं।” नोट में कहा गया है कि पूर्वी भारत में पावर केबल और कंडक्टर बनाने की क्षमता के मामले में कंपनी का नाम दिग्गज कंपनियों में शामिल है। हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। जैसे कि-

– कुछ ही ग्राहकों पर ज्यादा निर्भरता: कंपनी के रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा टॉप 10 ग्राहकों से ही आता है।

– रेवेन्यू के बड़े हिस्से के लिए पावर केबल और कंडक्टर पर निर्भरता

– कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर

– लॉन्ग टर्म खरीद समझौतों के बिना सीमित सप्लायर बेस पर निर्भरता

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Laser Power & Infra की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 42% बढ़कर ₹151.6 करोड़ रहा। रेवेन्यू 9% फिसलकर ₹2,347.89 करोड़ पर आ गया। उधारी ₹828.23 करोड़ की थी। वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू ₹2,592.53 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹106.75 करोड़ दर्ज किया गया। लेजर पावर एंड इंफ्रा IPO के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड है। रजिस्ट्रार, MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LTM Q1 Results: जून तिमाही में सुस्त रेवेन्यू लेकिन 6% बढ़ा मुनाफा, 13 जुलाई को रहेगी शेयरों पर नजर

LTM Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी एलटीएम का रेवेन्यू जून तिमाही में सुस्त रफ्तार से बढ़ा लेकिन ऑपरेटिंग मोर्चे पर कंपनी का परफॉरमेंस उम्मीद से बेहतर रहा। कंपनी ने शनिवार 11 जुलाई को कारोबारी नतीजे पेश किए तो अब सोमवार 13 जुलाई को जब स्टॉक मार्केट खुलेगा तो इसके शेयरों में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले यानी नतीजे आने के एक दिन पहले शुक्रवार 10 जुलाई को बीएसई पर यह 4.89% की बढ़त के साथ ₹4041.15 के भाव (LTM Share Price) पर बंद हुआ था।

LTM Q1 Result: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में एलटीएम का कंसालिडेटेड रेवेन्यू तिमाही आधार पर 2.8% बढ़कर ₹11,608 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन डॉलर टर्म में यह लगभग फ्लैट रहा और महज 0.1% बढ़कर $122 करोड़ पर पहुंचा। कॉन्स्टैंट करेंसी बेसिस पर इसका रेवेन्यू 0.3% की रफ्तार से बढ़ा जोकि मार्केट की उम्मीदों के मुताबिक ही रहा। वहीं इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 5.9% की रफ्तार से बढ़कर ₹1,468.6 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग मोर्चे पर कंपनी का परफॉरमेंस उम्मीद से बेहतर रहा। इसका ईबीआईटी तिमाही आधार पर ₹1,709.4 करोड़ से बढ़कर ₹1,799.3 करोड़ और ईबीआईटी मार्जिन 40 बेसिस प्वाइंट्स सुधरकर 15.5% पर पहुंच गया।

जून तिमाही में कंपनी की ग्रोथ मुख्य रूप से फाइनेंशियल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज वर्टिकल्स से हुई। फाइनेंशियल सर्विसेज में कॉन्स्टैंट करेंसी में तिमाही आधार पर 3.2% और टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज वर्टिकल्स में 3.4% की ग्रोथ दिखी। वहीं दूसरी तरफ प्रोडक्शन सेगमेंट में 5.7% और कंज्यूमर बिजनेस में 0.7% की गिरावट आई। जून तिमाही में कंपनी का डील मोमेंटम मजबूत बना रहा और $168 करोड़ की डील कंपनी को हासिल हुईं। मार्च तिमाही में भी कंपनी को $169 करोड़ की डील मिली थी।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

एलटीएम के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। इस साल की शुरुआत में 19 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹6,430.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 45.11% फिसलकर पिछले महीने के आखिरी कारोबारी दिन 30 जून 2026 को ₹3,529.60 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।