CWG 2026 Medal List: ग्लासगो में भारत ने जीते कितने मेडल? देखें गोल्ड-सिल्वर-ब्रॉन्ज की पूरी लिस्ट और मेडल टैली

Commonwealth Games 2026 Medal List: 11 दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों के बाद ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 का शानदार समापन हो गया है। रविवार 2 अगस्त को एक रंगारंग समापन समारोह के साथ राष्ट्रमंडल खेलों का फ्लैग और बेटन अगले मेजबान देश भारत को सौंप दिया गया। भारतीय दल ने ग्लासगो में कई पारंपारिक और पदक दिलाने वाले खेलों (जैसे शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी और टेबल टेनिस) को शामिल न किए जाने के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने कुल 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य) जीतकर मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया है।

2030 में अहमदाबाद करेगा शताब्दी संस्करण की मेजबानी

समारोह के दौरान स्कॉटलैंड के अधिकारियों ने राष्ट्रमंडल खेल संघ का ध्वज और बेटन भारतीय प्रतिनिधियों ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा और गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को सौंपा।

वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन भारत के अहमदाबाद शहर में होगा। ये इन खेलों का 100वां यानी शताब्दी संस्करण होगा। भारत इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का सफल आयोजन कर चुका है। इसके साथ ही भारत, ऑस्ट्रेलिया के बाद एक से अधिक बार इन खेलों की मेजबानी करने वाला दुनिया का दूसरा देश बन जाएगा।

राष्ट्रमंडल खेल 2026: अंतिम मेडल टैली में टॉप 5 देश

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपना वर्चस्व कायम करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया कुल 171 पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा, जिसमें 70 स्वर्ण, 45 रजत और 56 कांस्य पदक शामिल हैं। इंग्लैंड ने 29 स्वर्ण, 45 रजत और 36 कांस्य पदक जीतकर कुल 110 पदकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। जबकि कनाडा 19 स्वर्ण, 20 रजत और 23 कांस्य मिलाकर कुल 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

भारत के खाते में आए 39 मेडल

भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदकों के साथ कुल 39 मेडल जीतकर तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। मेजबान स्कॉटलैंड ने भी कुल 39 पदक जीते। लेकिन उसके खाते में 13 स्वर्ण, 9 रजत और 17 कांस्य पदक आए। भारत के पास स्कॉटलैंड से अधिक रजत पदक (17) होने के कारण भारतीय दल पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहे स्कॉटलैंड से ऊपर चौथे स्थान पर रहा।

खेलों में भारत का प्रदर्शन: बॉक्सिंग का रहा दबदबा

भारतीय एथलीटों ने मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, जूडो, पैरा स्पोर्ट्स और भारोत्तोलन में बेहतरीन प्रदर्शन किया। मुक्केबाजी भारत का सबसे सफल खेल रहा, जिसने कुल 10 पदक दिलाए (7 स्वर्ण और 3 रजत)। ट्रैक एंड फील्ड और पैरा एथलीट्स ने कई ऐतिहासिक पदक जीते। जूडोकाओं ने अहम पदक जोड़े, जबकि वेटलिफ्टरों ने भारत के मेडल खाते को मजबूती दी। हालांकि जुडोका तुलिका मान को एंटी-डोपिंग नियमों के तहत सस्पेंड होने के कारण खेलों से बाहर होना पड़ा, जो भारत के लिए एक शुरुआती झटका था।

CWG 2026: भारत के पदक विजेताओं की पूरी लिस्ट

1- बॉक्सिंग (Boxing) – 10 मेडल (7 Gold, 3 Silver)

गोल्ड: प्रीति पवार (महिला 51 किग्रा)

गोल्ड: साक्षी चौधरी (महिला 54 किग्रा)

गोल्ड: जैस्मिन लंबोरिया (महिला 57 किग्रा)

गोल्ड: प्रिया घनघस (महिला 60 किग्रा)

गोल्ड: अरुंधति चौधरी (महिला 66 किग्रा)

गोल्ड: सचिन सिवाच (पुरुष 55 किग्रा)

गोल्ड: अंकुश पंघाल (पुरुष 65 किग्रा)

सिल्वर: लवलीना बोरगोहेन (महिला 75 किग्रा)

सिल्वर: जादुमणि सिंह (पुरुष 50 किग्रा)

सिल्वर: नरेंद्र बेरवाल (पुरुष +90 किग्रा)

2- पैरा एथलेटिक्स – 6 मेडल (3 Gold, 2 Silver, 1 Bronze)

गोल्ड: शर्मीला ढाका (महिला शॉट पुट F57)

गोल्ड: दिलीप गावित (पुरुष 100 मीटर T47)

गोल्ड: सोमन राणा (पुरुष शॉट पुट F57)

सिल्वर: मोहम्मद बासिल (पुरुष 100 मीटर T47)

सिल्वर: शुभम जुयाल (पुरुष शॉट पुट F57)

कांस्य: शिल्पा शैला (महिला शॉट पुट F57)

3- जूडो – 4 मेडल (2 Gold, 1 Silver, 1 Bronze)

गोल्ड: अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा)

गोल्ड: हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा)

सिल्वर: यामिनी मौर्या (महिला 57 किग्रा)

कांस्य: उन्नति शर्मा (महिला 63 किग्रा)

4- भारोत्तोलन – 8 मेडल (1 Gold, 6 Silver, 1 Bronze)

गोल्ड: सायखोम मीराबाई चानू (महिला 48 किग्रा)

सिल्वर: ऋषिकान्त सिंह (पुरुष 60 किग्रा)

सिल्वर: मुथुपंडी राजा (पुरुष 65 किग्रा)

सिल्वर: ज्ञानेश्वरी यादव (महिला 53 किग्रा)

सिल्वर: वल्लूरी अजय बाबू (पुरुष 79 किग्रा)

सिल्वर: हरजिंदर कौर (महिला 69 किग्रा)

सिल्वर: लवप्रीत सिंह (पुरुष +110 किग्रा)

कांस्य: बिंद्यारानी देवी (महिला 58 किग्रा)

5- एथलेटिक्स – 10 मेडल (5 Silver, 5 Bronze)

सिल्वर: नीरज चोपड़ा (पुरुष भाला फेंक / Javelin Throw)

सिल्वर: मुरली श्रीशंकर (पुरुष लंबी कूद / Long Jump)

सिल्वर: प्रवीण चित्रवेल (पुरुष ट्रिपल जंप / Triple Jump)

सिल्वर: सर्वेश अनिल कुशारे (पुरुष ऊंची कूद / High Jump)

सिल्वर: गुलवीर सिंह (पुरुष 10,000 मीटर दौड़)

कांस्य: यशवीर सिंह (पुरुष भाला फेंक / Javelin Throw)

कांस्य: सेल्वा प्रभु थिरुमारन (पुरुष ट्रिपल जंप / Triple Jump)

कांस्य: गुलवीर सिंह (पुरुष 5,000 मीटर दौड़)

कांस्य: तेजस्विन शंकर (पुरुष डेकाथलॉन / Decathlon)

कांस्य: सीमा कालीरामना (महिला डिस्क थ्रो / Discus Throw)

6 – पैरा पावरलिफ्टिंग – 1 मेडल (1 Bronze)

कांस्य : झंडू कुमार (पुरुष हैवीवेट)

ग्लासगो 2026 के सफल समापन के बाद अब भारतीय खेल जगत की निगाहें 2030 अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों पर टिक गई हैं।

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8वें वेतन आयोग का बड़ा गणित, क्या DA मर्जर से कर्मचारियों की सैलरी में आएगा डबल उछाल? ये है पूरा कैलकुलेशन

8th Central Pay Commission updates: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वां केंद्रीय वेतन आयोग इस समय सबसे बड़ा और चर्चा का विषय बना हुआ है। कर्मचारी संगठनों की मांगों और वित्तीय विश्लेषण के मुताबिक अगर 8वें वेतन आयोग में महंगाई भत्ते (DA) का बेसिक वेतन में विलय और वार्षिक इंक्रीमेंट दर में बढ़ोतरी की मांग स्वीकार कर ली जाती है तो नियमित वेतन वृद्धि और DA संशोधनों के संयुक्त प्रभाव से केंद्रीय कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी अगले 7 वर्षों के भीतर लगभग दोगुनी हो सकती है।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आधिकारिक तौर पर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही लगभग 55 लाख से अधिक कार्यरत कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनभोगियों (जिसमें सेवानिवृत्त रक्षा कर्मी भी शामिल हैं) के वेतन, पेंशन, भत्तों, सेवा शर्तों और अन्य लाभों की समीक्षा व सिफारिश के लिए नियम एवं शर्तें जारी की गई थीं।

क्षेत्रीय परामर्श जारी: दिल्ली, चेन्नई और पुडुचेरी में होंगी आगामी बैठकें

अभी 8वां वेतन आयोग विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपना क्षेत्रीय परामर्श आयोजित कर रहा है। इसके तहत आगामी बैठकों का कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है:

दिल्ली: 7 और 10 अगस्त 2026

चेन्नई: 7 और 8 सितंबर 2026 (अपॉइंटमेंट की अंतिम तिथि: 18 अगस्त 2026)

पुडुचेरी: 9 सितंबर 2026 (अपॉइंटमेंट की अंतिम तिथि: 18 अगस्त 2026)

पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित है आयोग

8वें वेतन आयोग की संरचना और नेतृत्व की बात करें तो इसकी कमान पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस के हाथों में है। इसकी अध्यक्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई हैं। सदस्य-सचिव पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन और सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष हैं जो प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य भी हैं। यह आयोग लगभग 50 लाख से 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख से 69 लाख पेंशनभोगियों के जीवन को प्रभावित करने वाले बदलावों की सिफारिश करेगा।

कर्मचारी यूनियनों (NC-JCM) की प्रमुख मांगें

कर्मचारी प्रतिनिधि निकायों में सबसे बड़े संगठनों में से एक नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने आयोग कई मांगें रखी हैं। इसमें न्यूनतम बेसिक पे को बढ़ाकर ₹69000 करने की मांग है। इसके अलावा मौजूदा 7वें वेतन आयोग के तहत मिलने वाले 3% वार्षिक इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6% करने का सुझाव है। दूसरे संगठनों की मांगों में DA को समय-समय पर बेसिक सैलरी में मर्ज करना शामिल है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 8वें वेतन आयोग में अगर DA मर्जर और 6% इंक्रीमेंट लागू होता है, तो चक्रवृद्धि प्रभाव से सैलरी में भारी उछाल आएगा। जब महंगाई भत्ता 50% से ऊपर चला जाता है, तो इसे मूल वेतन में शामिल करने की मांग बढ़ जाती है। जैसे ही DA का बेसिक पे में विलय होता है, कर्मचारी की बेसिक सैलरी बढ़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप बेसिक पे पर निर्भर अन्य सभी भत्ते (जैसे HRA, TA आदि) भी स्वतः बढ़ जाते हैं।

अभी सरकारी कर्मचारियों को 3% का सालाना इंक्रीमेंट मिलता है। अगर इसे बढ़ाकर 6% किया जाता है और साथ ही नियमित आधार पर DA को बेसिक पे में जोड़ा जाता है, तो वेतन वृद्धि की दर बहुत तेज हो जाएगी। उच्च वार्षिक वेतन वृद्धि और DA मर्जर का यह संयुक्त प्रभाव चक्रवृद्धि की तरह काम करेगा, जिससे 7 साल के भीतर ग्रॉस सैलरी दोगुनी हो सकती है।

फिटमेंट फैक्टर की भूमिका सबसे ज्यादा

नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे निर्णायक भूमिका निभाएगा। अगर पिछला इतिहास दोहराते हुए नया फिटमेंट फैक्टर तय किया जाता है तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में शुरुआती स्तर पर ही बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। वैसे एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि 7 साल में सैलरी दोगुनी होने का गणित एक प्रोजेक्शन है। वास्तविक वेतन वृद्धि कितनी होगी, यह 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और उसके बाद केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली अंतिम मंजूरी पर ही निर्भर करेगा।

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Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

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केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

जापान बैकअप कैपिटल बनाने की तैयारी में, क्या भारत में भी दूसरी राजधानी की जरूरत है, दिल्ली के अलावा कौन से ऑप्शन चर्चा में रहे?

Japan second capital: जापान एक बड़े भूकंप जैसी भीषण प्राकृतिक आपदा के दौरान सरकारी कामकाज को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए एक बैकअप राजधानी बनाने पर विचार कर रहा है। इसके बाद भारत में भी एक पुरानी बहस फिर से छिड़ गई है कि क्या भारत को भी अपनी एक दूसरी राजधानी की जरूरत है? जापान में जहां यह चर्चा पूरी तरह से आपदा प्रबंधन और आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारियों पर केंद्रित है। वहीं भारत में दूसरी राजधानी की मांग ऐतिहासिक रूप से क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, प्रशासनिक पहुंच और राष्ट्रीय सुरक्षा के इर्द-गिर्द घूमती रही है।

यह विचार भारत के लिए नया नहीं है। संविधान के मुख्य शिल्पकार डॉ. बी.आर अंबेडकर से लेकर विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने समय-समय पर इस मुद्दे को उठाया है। उनका तर्क रहा है कि भारत का शासन आज भी काफी हद तक नई दिल्ली में ही केंद्रित है।

डॉ. बीआर. अंबेडकर चाहते थे हैदराबाद बने भारत की दूसरी राजधानी

भारत में दूसरी राजधानी के पक्ष में सबसे शुरुआती और मजबूत तर्कों में से एक डॉ बीआर अंबेडकर का था। अपनी 1955 में प्रकाशित पुस्तक थॉट्स ऑन लिंग्विस्टिक स्टेट्स में उन्होंने तर्क दिया था कि नई दिल्ली भारत की एकमात्र राजधानी के लिए आदर्श जगह नहीं है। अंबेडकर ने तीन प्रमुख चिंताओं की ओर इशारा किया था।

पहली ये कि दिल्ली दक्षिण भारत से काफी दूर है, जिससे दक्षिण के नागरिकों और अधिकारियों को यहां आने-जाने में भारी असुविधा होती है। दूसरा दिल्ली की भीषण गर्मी और अत्यधिक ठंड इसे एक आरामदायक प्रशासनिक केंद्र नहीं बनने देती। अंबेडकर ने चेतावनी दी थी कि दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से निकटता युद्ध के समय इसे बेहद संवेदनशील और असुरक्षित बनाती है।

इसके विकल्प के रूप में उन्होंने हैदराबाद को देश की दूसरी राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने हैदराबाद को एक केंद्रीय रूप से स्थित और कॉस्मोपॉलिटन शहर बताया, जो उत्तर और दक्षिण भारत के बीच एक स्थायी संतुलन स्थापित कर सकता है।

बेंगलुरु प्रस्ताव ने फिर ताजा की थी बहस

दूसरी राजधानी का यह मुद्दा साल 2018 में तब फिर से चर्चा में आया जब कर्नाटक के तत्कालिक आवास मंत्री एम कृष्णप्पा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बेंगलुरु को भारत की दूसरी राजधानी के रूप में मान्यता देने की मांग की।

इस प्रस्ताव में तर्क दिया गया था कि भारत के टेक्नोलॉजी हब के रूप में बेंगलुरु की स्थिति, वहां का अनुकूल मौसम और मजबूत आर्थिक आधार इसे दक्षिण भारत में एक आदर्श प्रशासनिक केंद्र बनाते हैं। समर्थकों का यह भी मानना था कि इस कदम से देश के शासन ढांचे में दक्षिणी राज्यों का एकीकरण और मजबूत होगा।

दुनिया के कई देशों में हैं एक से अधिक राजधानियां

अगर भारत अपनी प्रशासनिक संस्थाओं को अलग-अलग शहरों में बांटता है तो ऐसा करने वाला वह पहला देश नहीं होगा। दुनिया के कई देशों ने अपनी सरकारी शक्तियों को विभिन्न शहरों में बांट कर रखा हुआ है। दक्षिण अफ्रीका यह मल्टी-कैपिटल मॉडल का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। यहां प्रिटोरिया में कार्यपालिका, केप टाउनमें संसद और ब्लोएमफोनटेन में न्यायपालिका है। इसी तरह मलेशिया ने अपने प्रशासनिक कार्यालयों को पुत्राजया में ट्रांसफर कर दिया है जबकि संसद कुआलालंपुर से ही चलती है।

श्रीलंका की संसद श्री जयवर्धनेपुरा कोट्टे में बैठती है जबकि कोलंबो इसका वाणिज्यिक केंद्र और कई सरकारी संस्थानों का मुख्यालय बना हुआ है। नीदरलैंड एम्स्टर्डम को अपनी संवैधानिक राजधानी मानता है, लेकिन सरकार, संसद और सुप्रीम कोर्ट द हेग में स्थित हैं। बोलीविया की भी दो राजधानियां हैं, जहां ला पाज प्रशासनिक राजधानी है और सुक्रे संवैधानिक राजधानी व न्यायपालिका का केंद्र है।

जापान का प्रस्ताव भारत की बहस से अलग क्यों है?

जापान का बैकअप कैपिटल का प्रस्ताव भारत में चल रही दूसरी राजधानी की बहस से एक बड़े मायने में अलग है। टोक्यो जापान की मुख्य राजधानी बना रहेगा। जापानी सरकार केवल एक आपातकालीन प्रशासनिक केंद्र की संभावनाओं की स्टडी कर रही है ताकि अगर कोई भीषण भूकंप या बड़ी आपदा राजधानी टोक्यो को प्रभावित करती है तो वहां से देश का शासन निर्बाध रूप से चलता रहे। जापान का मुख्य उद्देश्य सरकार का निरंतर संचालन है, न कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व।

क्या भारत को वास्तव में दूसरी राजधानी की जरूरत है?

हालांकि समय-समय पर दूसरी राजधानी का विचार उभरता रहा है, लेकिन दिल्ली में किए गए भारी निवेश (जैसे सेंट्रल विस्टा का पुनर्विकास) को देखते हुए एक नई दूसरी राजधानी बनाना फिलहाल व्यावहारिक नजर नहीं आता। इसके बजाय विशेषज्ञों ने कुछ अधिक व्यावहारिक विकल्प सुझाए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा के नागपुर में होने वाले शीतकालीन सत्र की तर्ज पर, हर साल संसद का कम से कम एक सत्र दक्षिण भारत के किसी शहर में आयोजित किया जा सकता है।

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एक्सपर्ट्स के मुताबिक न्याय तक आम जनता की पहुंच आसान बनाने के लिए चेन्नई, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में सुप्रीम कोर्ट की स्थायी क्षेत्रीय पीठें स्थापित की जा सकती हैं। फिलहाल नई दिल्ली ही भारत की एकमात्र राजधानी बनी हुई है। लेकिन जैसे-जैसे दुनिया भर के देश अपने शासन को अधिक लचीला, सुरक्षित और सुलभ बनाने के रास्ते तलाश रहे हैं, भारत में भी कुछ संस्थानों के विकेंद्रीकरण का सवाल समय-समय पर उठता रहेगा।

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India Mansoon Update: मानसून सत्र के दौरान जहां अल-नीनो के असर से सामान्य से कम बारिश का खतरा मंडरा रहा है। वहीं इस बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पॉजिटिव इंडियन ओशन डिपोल (Positive IOD) बनने की संभावना जताई गई है। यह पॉजिटिव IOD अल-नीनो के निगेटिव इंपैक्ट को आंशिक रूप से बेअसर कर सकता है, जिससे देश भर में बारिश की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।

क्या है अल-नीनो और पॉजिटिव IOD? समझिए मौसम का गणित

मौसम के इस चक्र और मानसून पर इसके प्रभाव को समझने के लिए दोनों स्थितियों का अंतर जानना जरूरी है। अल-नीनो मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर की सतह के पानी के गर्म होने का एक जलवायवीय पैटर्न है। भारत में इसका सीधा संबंध कमजोर मानसून और भीषण गर्मी से होता है। पॉजिटिव IOD उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर (Indian Ocean) के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों की समुद्री सतह के तापमान का अंतर है। जब पॉजिटिव IOD बनता है तो इससे मानसून की हवाएं मजबूत होती हैं जो देश में बेहतर और झमाझम बारिश में मदद करती हैं।

दक्षिण भारत को राहत की उम्मीद, 22% की कमी होगी पूरी

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के पूर्वानुमान से उन इलाकों को सबसे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद है जहां अब तक बारिश की कमी रही है। 1 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की 22% कमी दर्ज की गई है। अब पॉजिटिव IOD के सक्रिय होने से न सिर्फ दक्षिण भारत, बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसूनी बारिश की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आ सकता है।

सुपर अल-नीनो जैसी कोई आधिकारिक कैटिगरी नहीं: सरकार

उधर पिछले दिनों केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में अल-नीनो से जुड़े भ्रम को दूर करते हुए स्थिति स्पष्ट की। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि WMO या पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा आधिकारिक तौर पर सुपर अल-नीनो नाम की कोई कैटिगरी परिभाषित नहीं है। भूमध्यरेखीय मध्य प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान की विसंगतियों के आधार पर अल-नीनो घटनाओं को कमजोर, मध्यम, मजबूत या बहुत मजबूत श्रेणियों में बांटा जाता है।

जून में कमजोर, जुलाई में मध्यम हुआ अल-नीनो: IMD का अपडेट

राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक IMD ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान अल-नीनो स्थितियां विकसित होने की भविष्यवाणी की थी। जून 2026 के दौरान अल-नीनो की स्थिति कमजोर थी, जो जुलाई 2026 में बढ़कर मध्यम स्तर तक पहुंच गई।

अक्टूबर से दिसंबर 2026 के सीजन के दौरान अल-नीनो के और मजबूत होने की संभावना है और यह बहुत मजबूत श्रेणी तक पहुंच सकता है। भारत पर इसका सटीक असर सिर्फ अल-नीनो ही नहीं बल्कि महासागर और वायुमंडल के संयुक्त संबंधों के क्रमिक विकास पर निर्भर करता है।

IMD जारी कर रहा है नियमित चेतावनियां और आईबीएफ रिपोर्ट

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) अल-नीनो और अन्य जलवायु घटकों की लगातार निगरानी कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ दूसरे स्टेकहोल्डर्स को नियमित रूप से मौसमी, मासिक और विस्तारित सीमा के पूर्वानुमान जारी किए जा रहे हैं।

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इसके अतिरिक्त, आपदा प्रबंधन अधिकारियों, राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों की तैयारियों व त्वरित प्रतिक्रिया में सहायता के लिए IMD दैनिक आधार पर अगले 7 दिनों के लिए प्रभाव-आधारित पूर्वानुमान और जोखिम-आधारित चेतावनियां दी जा रही हैं।

‘मेरी बेटी को नई जिंदगी मिली’: PM मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए लड़की की मां क्या बोली?

CJP Protest News Update: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए पहले माफी मांग चुकी 15 साल की छात्रा ने अब सार्वजनिक रूप से पहली बार खुलकर बात की है। छात्रा ने कहा कि उसने कभी नहीं सोचा था कि उसे माफ कर दिया जाएगा। उसने PM मोदी के संदेश को दूसरी जिंदगी मिलने जैसा बताया।

उसने यह भी दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान वह अपने आस-पास के लोगों से प्रभावित थी। आरोप लगाया कि उसे धमकियां मिल रही हैं। उसने कहा कि उसके खिलाफ दर्ज पुलिस केस अभी तक वापस नहीं लिया गया है। छात्रा ने कहा कि उसने अनजाने में वे बातें नहीं कही थीं। बल्कि वह विरोध प्रदर्शन वाली जगह के माहौल और दूसरे लोग जो उसे बता रहे थे, उससे प्रभावित थी।

लड़की की मां ने क्या कहा?

वहीं, लड़की की मां ने कहा कि PM मोदी के माफ करने के फैसले की वजह से उनकी बेटी को नई जिंदगी मिली है। न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए लड़की की मां ने कहा कि वे PM मोदी की शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने बदला लेने के बजाय माफ करने का रास्ता चुना। उन्होंने इसे अपनी बेटी के लिए एक दूसरा मौका बताया।

उन्होंने कहा, “PM मोदी ने उस बच्ची को माफ करके अपनी महानता दिखाई है, जिसने इतने गंदे और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया था। आज उसका जन्मदिन है और PM मोदी ने उसे सबसे बड़ा तोहफा दिया है जीवनदान….। आज इस लड़की का पुनर्जन्म हुआ है।” शुक्रवार को PM मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके संयम बरतने की अपील की थी।

यह अपील जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र विरोध-प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ अपशब्दों वाले नारे लगाए जाने के बाद की गई थी। प्रधानमंत्री ने उन्हें अपशब्द कहने वालों को गुमराह बताया और कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इसका समाधान गुस्से या बदले की भावना में है।

‘बहकावे में आ गई थी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली लड़की ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर देशवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। खुद को 15 साल का बताने वाली लड़की ने कहा कि वीडियो में प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने संबंधी उसका वीडियो सोशल मीडिया पर उसने खुद पोस्ट नहीं किया था। उसने कहा कि वह इस पर बहुत शर्मिंदा है।

पीटीआई द्वारा संबंधित वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी। प्रधानमंत्री मोदी ने भी शुक्रवार को एक वीडियो संदेश में प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपशब्द कहने वालों को माफ करने की बात कही।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी बेटियों द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाना चिंता का विषय है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन गुमराह बच्चों को माफ किए जाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह समाज में व्याप्त आक्रोश को समझते हैं। लेकिन यह गुमराह बच्चों को अपनाने और उन्हें सही राह दिखाने का समय है।

जंतर-मंतर कैसे पहुंचीं लड़की?

माफी वाले वीडियो में लड़की ने कहा, “मैं अपने दोस्तों के साथ सीपी (कनॉट प्लेस) गई थी, जहां प्रदर्शन हो रहा था।…वहां लोग बहुत चीजें बोल रहे थे। प्रधानमंत्री जी को बहुत गालियां दे रहे थे। उन लोगों के बहकावे में आकर मैंने वे सब चीजें बोलीं।”

लड़की ने कहा, “मैं अभी मात्र 15 साल की हूं। मैंने जो किया वह माफी के लायक नहीं है। मैंने बहुत गंदी चीजें बोलीं। लेकिन यह मेरी पहली और आखिरी गलती होगी। इसके बाद मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी। न ही वो चीज मैंने कभी पोस्ट की थी।…मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं। मैं इतनी शर्मिंदा हूं कि अपनी नजरें भी नहीं उठा पा रही हूं।”

गाजियाबाद में शिकायत दर्ज

लड़की का यह वीडियो गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह की ओर से 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद आया है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जंतर-मंतर पर सेक्टर-168 स्थित लोटस जिंग आवासीय सोसाइटी की निवासी लड़की ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिससे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची।

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पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर जीरो FIR दर्ज की गई और उसे जांच के लिए दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने इस कंटेंट के प्रसार को लेकर साइबर सेल थाने में FIR दर्ज की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को इसे हटाने का नोटिस जारी कर जांच के तहत संबंधित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा था।

NEET PG 2026 Exam: एक ही शिफ्ट में एग्जाम, घर के पास होगा परीक्षा केंद्र, नीट पेपर लीक के बाद सरकार ने बड़े सुधारों का किया ऐलान

NEET PG 2026 Exam: सरकार NEET-PG परीक्षा के लिए कई बदलाव किए हैं। इसमें परीक्षा केंद्र के विकल्पों का दायरा बढ़ाना, उम्मीदवारों को परीक्षा वाले शहरों तक यात्रा की योजना बनाने के लिए ज्यादा समय देना और टेस्ट के दौरान हर सवाल के लिए अधिक समय देना शामिल है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, NEET परीक्षा अब एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। इस कदम का मकसद मूल्यांकन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हाल के वर्षों में आपातकालीन स्थितियों या परीक्षा स्थगित होने के कारण एग्जाम कई शिफ्ट में आयोजित करनी पड़ी थी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन सुधारों का मकसद नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (NEET-PG) में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए प्रक्रिया को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है। एक बयान में मंत्रालय ने कहा, “पेपर पत्र तैयार करने और उसे पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को कई स्तरों पर मज़बूत किया गया है।”

एक ही शिफ्ट में होगा एग्जाम

न्यूज एजेंसी PTI ने अधिकारियों के हवाले से कहा कि एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सभी उम्मीदवार एक जैसी परिस्थितियों में एक ही पेपर दें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार 1 अगस्त को NEET-PG 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। नड्डा ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि परीक्षा सुचारू, सुरक्षित, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी आधारित तरीके से आयोजित की जाए।

NEET-PG 2026 के एग्जाम सेंटर घर के पास होंगे

इससे पहले ‘पहले आओ-पहले पाओ’ (first-come, first-served) वाली व्यवस्था थी। लेकिन अब उम्मीदवारों से आवेदन करते समय तीन राज्यों की प्राथमिकता बताने को कहा जाएगा। उनका राज्य अनिवार्य रूप से पहली प्राथमिकता होगी, जिससे अधिकारियों को उनके घर के पास परीक्षा केंद्र आवंटित करने में आसानी होगी। पहले उन्हें अक्सर पास के केंद्र पूरी तरह भरे हुए मिलते थे और परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था।

कब होगा एग्जाम?

NEET PG 2026 की परीक्षा 30 अगस्त 2026 (रविवार) को आयोजित होगी। यह एग्जाम कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उम्मीदवारों को 30 अगस्त को होने वाली परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उनके आवंटित टेस्ट शहर के बारे में जानकारी मिल जाएगी।

इससे उन्हें यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। पहले, शहर और वेन्यू की जानकारी परीक्षा की तारीख के बहुत करीब जारी की जाती थी। इससे कई उम्मीदवारों को यात्रा और ठहरने की व्यवस्था करने में परेशानी होती थी।

तीन राज्यों को विकल्प के तौर पर चुन सकेंगे

मंत्रालय ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवार अपने एग्जाम सेंटर के लिए तीन राज्यों को विकल्प के तौर पर चुन सकेंगे। उनके रहने की जगह के पास केंद्र आवंटित करने में आसानी के लिए पहली प्राथमिकता के तौर पर अपने गृह राज्य को चुनना अनिवार्य होगा।

एक सूत्र ने बताया कि पहले एग्जाम सेंटर वाले शहर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवंटित किए जाते थे, जिससे रजिस्ट्रेशन विंडो खुलते ही उम्मीदवार जल्दबाजी में आवेदन करते थे। जो लोग देर करते थे, उन्हें अक्सर पास के परीक्षा केंद्र के विकल्प पूरी तरह भरे हुए मिलते थे। इससे उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था।

तीन सप्ताह पहले मिल जाएगी जानकारी

एक और अहम बदलाव में उम्मीदवारों को परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उनके आवंटित परीक्षा शहर के बारे में जानकारी दी जाएगी, जिससे उन्हें यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। मंत्रालय ने बताया कि NBEMS ने परीक्षा पैटर्न को भी तर्कसंगत बनाया है, जिसके तहत उम्मीदवारों को 210 मिनट में 180 सवालों के जवाब देने होंगे। इससे उम्मीदवारों को हर सवाल के लिए ज्यादा समय मिलता है। जबकि परीक्षा की कुल अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

2,73,183 उम्मीदवारों ने कराया रजिस्ट्रेशन

NEET-PG 2026 के लिए कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में 12.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। यह परीक्षा लगभग 340 शहरों और 1,300 से अधिक एग्जाम सेंटरों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी।

काउंसलिंग चार अगस्त से शुरू होगी

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने बताया कि ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत MBBS और दूसरे अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए काउंसलिंग का पहला राउंड 4 अगस्त से शुरू होगा। 2026-27 बैच का एकेडमिक सेशन 8 सितंबर से शुरू होगा।

कमेटी की ओर से जारी काउंसलिंग शेड्यूल के मुताबिक, डीम्ड और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज के लिए AIQ काउंसलिंग का पहला राउंड 4 अगस्त से 17 अगस्त तक होगा। एडमिशन लेने की आखिरी तारीख 22 अगस्त होगी।

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शेड्यूल के अनुसार, AIQ काउंसलिंग का दूसरा राउंड 24 अगस्त से 2 सितंबर तक होगा। इसके बाद तीसरा राउंड होगा, जो 10 सितंबर से 18 सितंबर तक चलेगा। स्टेट कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग का पहला राउंड 13 अगस्त से 22 अगस्त तक होगा, जिसमें कैंडिडेट्स को 28 अगस्त तक अपना एडमिशन पूरा करना होगा। दूसरा राउंड 31 अगस्त से 8 सितंबर तक और तीसरा राउंड 16 सितंबर से 26 सितंबर तक होगा।

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IMD Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 7 अगस्त के बीच उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

IMD ने 2 अगस्त से 7 अगस्त तक देश भर के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

उत्तर भारत में बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मध्य और पूर्वी भारत पर भी मेहरबान रहेगा मानसून

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापक बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा बिहार, ओडिशा, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में तेज बारिश की आशंका

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख, गिलगित-बालटिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद) में 2 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर भारी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

मैदानी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 3 से 4 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 3 से 7 अगस्त और पूर्वी यूपी में 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश होने की आशंका है।

राजस्थान: पूर्व और पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।

कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण और गोवा में 2 से 7 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 2 से 3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। 2 अगस्त को उत्तरी एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (Thundersquall) चल सकती हैं।

तापमान और बारिश की स्थिति

हालिया बारिश: पिछले 24 घंटों में केरल के कन्नानूर (11 सेमी) और त्रिशूर (10 सेमी) में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबकि गुजरात के राजकोट में 7 सेमी बारिश हुई।

तापमान: मध्य प्रदेश के खरगोन में देश का सबसे कम न्यूनतम तापमान (18.2°C) और तमिलनाडु के तोंडी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान (40.5°C) दर्ज किया गया।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र उग्र रहने की आशंका जताई है। गुजरात, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और श्रीलंका से लगे समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

अरब सागर: मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अगस्त तक सोमालिया, ओमान तटों, गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में भीषण हलचल रहेगी।

बंगाल की खाड़ी: 6 अगस्त तक श्रीलंका तट और अंडमान सागर से सटे इलाकों में तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटे में इन राज्यों में हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान असम-मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। केरल और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

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Randeep Hooda: असम पहुंच रणदीप हुड्डा ने बाढ़ पीड़ितों को खिलाया खाना, बोले- ये हमारा फर्ज है

Randeep Hooda: एक्टर रणदीप हुड्डा असम में हैं और शिवसागर में एक NGO द्वारा आयोजित बाढ़ राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। शनिवार को, एक्टर ने ‘ग्लोबल सिखों’ के साथ मिलकर शिवसागर में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन और अन्य जरूरी सामान बांटा। असम में बाढ़ से अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं।

रणदीप ने शिवसागर रेलवे स्टेशन पर विस्थापित लोगों को जरूरी सामान बांटा। इसके बाद, एक्टर ने शिवसागर के गुरुद्वारा साहिब में भी मत्था टेका और बाढ़ से प्रभावित असम के लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना की।

लंगर के ज़रिए खाना खिलाते हुए रणदीप हुड्डा ने वहां मौजूद मीडिया से कहा, “यह शिवसागर रेलवे स्टेशन है और आस-पास के इलाकों से कई प्रभावित परिवार यहां आए हैं। इसलिए हम खाना बनाते हैं, उनके लिए लाते हैं और पिछले सात दिनों से हर रोज़ ऐसा कर रहे हैं। इंसानियत सबसे ऊपर है।

मैं कई सालों से ‘ग्लोबल सिखों’ की टीम के साथ काम कर रहा हूं और वे जो ज़मीनी काम करते हैं, वह कमाल का है। मैं सभी से गुज़ारिश करूंगा कि वे लोगों की मदद के लिए जिस भी तरह से हो सके योगदान दें – न सिर्फ़ यहां, बल्कि जहां भी कोई समस्या हो। इंसान होने के नाते, दूसरे इंसानों की मदद करना हमारा फ़र्ज़ है। इसीलिए हम यहां हैं।”

रणदीप, जिन्हें हाल ही में ‘सावरकर’ के निर्देशन के लिए नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड मिला है, ने कहा कि उन्होंने और उनकी टीम ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए कई ज़रूरी चीज़ों का इंतज़ाम कर लिया है। एक्टर ने आगे कहा, “टीम ने इस बात पर काफ़ी रिसर्च की है कि उन्हें किन चीज़ों की ज़रूरत है। ज़्यादातर लोगों को रोज़मर्रा की ज़रूरतों, खाने-पीने और सोने की जगह, गद्दे और तिरपाल जैसी चीज़ों में तुरंत मदद की ज़रूरत है। इसलिए, हम किट तैयार कर रहे हैं और जिन्हें ज़रूरत होगी, उन्हें ये बांटेंगे। हमारी टीम ऐसे लोगों को भी ढूंढ रही है, जिन्हें अभी तक मदद नहीं मिली है, और हम उनकी मदद करने की भी कोशिश कर रहे हैं।”

रणदीप, जिन्हें हाल ही में ‘सावरकर’ के निर्देशन के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला है, ने कहा कि उन्होंने और उनकी टीम ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए कई बुनियादी सुविधाओं का इंतज़ाम कर लिया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बाढ़ से अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले शुक्रवार को, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उद्योगपति गौतम अडानी का शुक्रिया अदा किया। अडानी ने राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत और पुनर्वास के कामों में मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹11 करोड़ का योगदान दिया था।

Iran-US War Update: ईरान को धमकाते हुए क्यों पीछे हटे ट्रंप? फिलहाल ईरान पर हमला नहीं करेगा अमेरिका, सैन्य कार्रवाई रोकी

Iran-US War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान और मध्य पूर्व के कुछ अन्य देशों ने संभावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। इसके बाद उन्होंने वैश्विक हित को ध्यान में रखते हुए सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान पर तय सैन्य हमला इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि तेहरान और मध्य पूर्व के दूसरे देशों ने एक प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए और समय मांगा था।

इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत फिर से खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल होगा। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ट्रंप ने लिखा कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ ऐसी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, जिसकी ताकत और क्षमता द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नहीं देखी गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि बातचीत में प्रगति होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने हमले को फिलहाल रद्द करने का निर्णय लिया।

ट्रंप के मुताबिक, ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तत्काल, पूरी तरह और बिना किसी बाधा के खोलना तथा ईरानी परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समझौता हो जाता है तो यह पूरी दुनिया और ईरान दोनों के लिए फायदेमंद होगा।

इजरायल ने अमेरिका का किया सपोर्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि इजरायल ने भी वार्ता जारी रहने तक सैन्य कार्रवाई टालने के फैसले में अमेरिका का साथ दिया है। उन्होंने सभी पक्षों से जल्द से जल्द समझौता पूरा करने की अपील की। उधर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका, इजरायल या क्षेत्र का कोई अन्य देश ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई करता है, तो तेहरान उसका निर्णायक जवाब देगा।

अराघची ने यह बात तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ अलग-अलग बातचीत के दौरान कही। तुर्किये के विदेश मंत्री ने भी पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच जारी वार्ता की ताजा स्थिति पर चर्चा हुई।

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हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर ईरान या अन्य संबंधित देशों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए संभावित समझौते और हमले को टालने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि बातचीत जारी रहने के दौरान सैन्य कार्रवाई में देरी करने में इजरायल भी अमेरिका के साथ शामिल हो गया है।