Petrol Diesel Price Today: 30 सितंबर को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें आपके शहर में कीमत

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 30 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Nifty Outlook: सितंबर में 1600 अंक से ज्यादा टूटा निफ्टी, क्या अब 22600 का अहम लेवल बचेगा?

Nifty Outlook: सितंबर एक्सपायरी के दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। Nifty50 मंगलवार को 64 अंक गिरकर 22,716 पर बंद हुआ। पूरे सितंबर में इंडेक्स 1,600 अंक से ज्यादा यानी करीब 6.5% टूट चुका है।

मंगलवार को Nifty की शुरुआत गैप-डाउन हुई। शुरुआती कारोबार में बिकवाली तेज रही और इंडेक्स काफी नीचे चला गया। हालांकि, दिन के निचले स्तर से रिकवरी आई और Nifty ने शुरुआती नुकसान का बड़ा हिस्सा कम कर लिया।

एक्सपायरी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा। आखिर में Nifty 0.28% की गिरावट के साथ 22,716 पर बंद हुआ। सेक्टरों की बात करें तो IT, Realty और FMCG में गिरावट जारी रही। हालांकि, मेटल और फार्मा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

200-वीक मूविंग एवरेज तक पहुंचा निफ्टी

गिरावट के साथ Nifty अपने 200-वीक मूविंग एवरेज के करीब पहुंच गया है। यह लेवल अभी करीब 22,600 है। कोविड के समय बाजार में आई बड़ी गिरावट के बाद पहली बार Nifty इस लंबे समय के टेक्निकल सपोर्ट तक पहुंचा है।

यही वजह है कि अब 30 सितंबर को 22,600 का स्तर बाजार के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसके आसपास इंडेक्स का अगला रुख तय हो सकता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव

बड़े शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे। Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.99% गिरा। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.81% की गिरावट आई।

बाजार में कमजोरी का असर अब सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं है। व्यापक बाजार में भी बिकवाली का दबाव दिख रहा है।

लगातार आठवें हफ्ते बाजार गिरा

हाल की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। Nifty में करीब 6.8% की गिरावट दर्ज हुई है। इसके साथ ही इंडेक्स लगातार आठवें हफ्ते गिरा है।

2020 के बाद यह Nifty की सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट है। हालांकि, घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ आंकड़े अभी राहत दे रहे हैं।

इकोनॉमी से मिले कुछ अच्छे संकेत

अगस्त में भारत की इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन ग्रोथ 8% रही। यह दो महीने में सबसे तेज बढ़त है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की मांग में भी सुधार के संकेत मिले हैं। इससे शहरी इलाकों में लोगों के खर्च में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। GDP ग्रोथ भी बाजार के लिए एक सपोर्टिव फैक्टर बनी हुई है।

कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड भी महत्वपूर्ण रहेंगी। होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम पर अमेरिका की प्रतिक्रिया भी बाजार के लिए अहम होगी।

22,550 के नीचे गिरावट पर दबाव

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक निफ्टी का ट्रेंड अभी कमजोर है। उनका कहना है कि 22,900 से 23,000 के बीच आने वाली तेजी ज्यादा टिक नहीं सकती। इस स्तर पर बिकवाली देखने को मिल सकती है।

उनके मुताबिक, अगर निफ्टी 22,550 के नीचे जाता है तो 22,200 तक गिरावट बढ़ सकती है।

22,570-22,550 का जोन अहम

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक 22,570 से 22,550 का जोन Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट है। इसके नीचे गिरावट आने पर 22,400 तक दबाव बढ़ सकता है।

ऊपर की तरफ 22,900 से 22,930 का स्तर अहम रेजिस्टेंस रहेगा। अगर Nifty इस रेंज के ऊपर टिकता है तो रिकवरी 23,050 तक जा सकती है।

22,600 के ऊपर टिकना जरूरी

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक 22,600 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बिकवाली तेज हो सकती है। वहीं, अगर Nifty इस स्तर के ऊपर बना रहता है तो रिकवरी की गुंजाइश रहेगी।

उनके मुताबिक 22,600 फिलहाल अहम सपोर्ट है। वहीं 22,800 तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

Stocks to Watch: 30 सितंबर को फोकस में ये 12 स्टॉक्स, टाटा स्टील से KPI ग्रीन एनर्जी तक शामिल

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Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 30 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook:भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 29 सितंबर को लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए हैं। आज निफ्टी 22,700 के आसपास रहा। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 242.65 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 72,529.07 पर और निफ्टी 64.05 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ। लगभग 1871 शेयरों में बढ़त हुई, 2321 शेयरों में गिरावट आई और 164 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। टाइटन कंपनी, एटरनल, HCL टेक्नोलॉजीज, HDFC लाइफ और इंफोसिस निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि डॉ. रेड्डीज लैब्स, NTPC, टाटा स्टील, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स में बढ़त देखी गई।

सेक्टरों की बात करें तो मीडिया, मेटल और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि घरेलू इक्विटी मार्केट को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, US ट्रेजरी यील्ड का दो दशक के उच्चतम स्तर के करीब बने रहना और FII की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव है। IPO के ज़रिए रिकॉर्ड स्तर पर फंड जुटाने से भी मार्केट में लिक्विडिटी कम हो रही है। साल के आखिर में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना और ग्लोबल स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति के माहौल के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कम बना हुआ है।

हालांकि जियोपॉलिटिकल तनाव निकट भविष्य में मार्केट के सेंटीमेंट को प्रभावित करते रहेंगे,लेकिन अब मार्केट का फोकस धीरे-धीरे Q2 की अर्निंग्स पर जा रहा है, जिसके लिए उम्मीदें Q1 की तुलना में कम हैं। अगर US ईरान संघर्ष में बड़ी कमी आती है, तो जोखिम लेने की इच्छा बढ़ने के कारण मार्केट में जबरदस्त रिलीफ रैली आ सकती है। तब तक,निवेशकों के चुनिंदा शेयरों पर फोकस करने की संभावना है। ऐसे में निवेशक ब्रॉडर मार्केट एक्सपोज़र के बजाय फंडामेंटल्स और कमाई की स्पष्टता को प्राथमिकता देंगे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि निफ्टी जून 2026 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर से भी नीचे आ गया है,जिससे एक बड़ी ‘बेयरिश मारुबोज़ू कैंडल’बनी है और गिरावट लगातार आठवें हफ़्ते भी जारी है। मोमेंटम इंडिकेटर्स के’ओवरसोल्ड ज़ोन’में जाने के कारण निकट भविष्य में 23020 के स्तर तक थोड़ी रिकवरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,जब तक 23150 का स्तर फिर से हासिल नहीं हो जाता,तब तक बड़ा ट्रेंड कमज़ोर ही रहेगा। हालांकि निफ्टी के 22600 के स्तर से नीचे जाने की संभावना कम है, लेकिन अगर ऐसा होता है,तो गिरावट और तेज़ हो सकती है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि गिरावट जारी रहने के कारण इंडेक्स अपने 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिर गया। कोविड के समय आई गिरावट के बाद यह पहली बार है जब निफ्टी 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिरा है,जो अभी 22,600 पर है।

अगर यह इस लेवल से नीचे जाता है तो बाज़ार में और तेज़ी से गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर निफ्टी 22,600 से ऊपर बना रहता है तो ऊपर की ओर रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। इसलिए,22600 निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल बना रहेगा। ऊपर की ओर सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस 22,800 पर है।

PL कैपिटल में चीफ बिज़नेस ऑफिसर एडवाइजरी एंड डीलिंग, विक्रम कसाट का कहना है कि कल हुई बिकवाली का असर आज भी बाजार पर दिखा जिससे बाजार दबाव में रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,कमजोर रुपया और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कमजोर बना हुआ है।

ब्रेंट क्रूड का भाव $106 प्रति बैरल के आसपास होना खास तौर पर अहम है क्योंकि इससे भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है और महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। वहीं,डॉलर के मुकाबले रुपये का ₹96 के स्तर से नीचे जाना मैक्रो रिस्क को और बढ़ाता है।

यह कमजोरी व्यापक है। फाइनेंशियल, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव है। इससे पता चलता है कि निवेशक सिर्फ अलग-अलग सेक्टर के बीच निवेश नहीं बदल रहे हैं,बल्कि जोखिम से बच रहे हैं।

आगे चलकर,बाजार की चाल कच्चे तेल की कीमतों,जियोपॉलिटिकल घटनाओं और FII निवेश के प्रवाह पर निर्भर करेगी। ऐसे माहौल में निवेशकों को आक्रामक तरीके से निवेश करने के बजाय कमाई की स्पष्टता,मजबूत बैलेंस शीट और धीरे-धीरे निवेश करने(staggered accumulation)को प्राथमिकता देनी चाहिए।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

LPG Price 29 September 2026: घरेलू गैस के दाम बढ़े या घटे? जानें दिल्ली से पटना तक का रेट

LPG Price 29 September 2026: महीने का अंत आते ही रसोई गैस की कीमतों पर लोगों की नजर टिक जाती है। 29 सितंबर को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली समेत देश के कई प्रमुख शहरों में कीमतें पुराने स्तर पर बनी हुई हैं। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर के रेट भी स्थिर हैं। हालांकि, अब नजर 1 अक्टूबर पर है, क्योंकि हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में नए महीने की शुरुआत में सिलेंडर महंगा होगा, सस्ता होगा या मौजूदा रेट पर ही मिलेगा, इस पर उपभोक्ताओं की नजर रहेगी।

सिलेंडर वही, लेकिन सब्सिडी का नियम बदलने वाला है

LPG उपभोक्ताओं के लिए इस बार सिर्फ कीमतों का अपडेट महत्वपूर्ण नहीं है। 1 अक्टूबर से सब्सिडी हासिल करने के नियम में भी बदलाव होने की बात सामने आई है।

सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर का फायदा जारी रखने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। जिन ग्राहकों ने e-KYC या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं कराया है, उनके लिए सरकारी सब्सिडी रुक सकती है।

कनेक्शन बंद नहीं होगा, लेकिन जेब पर पड़ेगा असर

सब्सिडी नहीं मिलने का मतलब यह नहीं है कि आपका गैस कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा। कनेक्शन पहले की तरह चलता रहेगा और सिलेंडर की सप्लाई भी मिलती रहेगी।

फर्क सिर्फ इतना होगा कि सब्सिडी का लाभ नहीं मिलने पर सिलेंडर की वास्तविक बाजार कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसलिए जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना e-KYC या बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं किया है, उनके लिए यह अपडेट खास मायने रखता है।

किस शहर में LPG सबसे महंगा?

29 सितंबर के उपलब्ध रेट पर नजर डालें तो अलग-अलग शहरों में घरेलू सिलेंडर की कीमत में अंतर बना हुआ है। दिल्ली में यह 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और कोलकाता में 968 रुपये है।

हैदराबाद में घरेलू सिलेंडर 994 रुपये का है, जबकि रांची में इसकी कीमत 1,010.50 रुपये दर्ज की गई है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी शहर के हिसाब से अलग हैं।

एक नजर में आज के LPG रेट

शहर14.2 किलो घरेलू19 किलो कमर्शियल
दिल्ली₹942₹2,747.50
मुंबई₹941.50₹2,701
कोलकाता₹968₹2,884
बेंगलुरु₹944.50₹2,831
हैदराबाद₹994₹2,996
चेन्नई₹957.50₹2,916.50
कटक₹968₹2,885
कोयंबटूर₹959₹2,940
रांची₹1,010.50₹2,925.50

LPG के साथ कच्चे तेल पर भी नजर

LPG की कीमतों के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी हलचल तेज है। एशियाई कारोबार में ब्रेंट क्रूड 0.80% की तेजी के साथ 98.22 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।

ईरान से जुड़े घटनाक्रम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बनी अनिश्चितता ने तेल बाजार की चिंता बढ़ाई है। इससे आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखना जरूरी हो गया है।

अब 1 अक्टूबर का इंतजार

फिलहाल 29 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल LPG के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब सबकी नजर 1 अक्टूबर पर है। उस दिन सिर्फ सिलेंडर की कीमतों का अपडेट ही नहीं, बल्कि सब्सिडी से जुड़े नियमों का असर भी उपभोक्ताओं के लिए अहम रहेगा।

Petrol Diesel Price Today: 29 सितंबर के पेट्रोल-डीजल रेट जानें, यहां मिलेगा पूरा अपडेट

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Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 29 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Commodity Corner: क्रूड की कीमतों में मामूली गिरावट, सोने में साप्ताहिक नुकसान की आशंका

शेयर बाजार में डूबे सात लाख करोड़ रु

मुंबई। सोमवार को कारोबारी हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार में आम निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। कारोबार बंद होने तक निवेशकों के सात लाख करोड़ रुपए डूब गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,124 अंक गिरा। बीएसई में लगातार आठवें हफ्ते गिरावट हुई है। शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगभग दो साल से चल रहा है। सितंबर 2024 में बीएसई का सूचकांक 85 हजार से ऊपर था, जो अब 72 हजार पर आ गया है। यानी दो साल में 13 हजार अंकों की गिरावट हुई है।

बहरहाल, सोमवार को सूचकांक 1,124 अंक, यानी 1.52 फीसदी गिरावट के साथ 72,772 पर बंद हुआ। निफ्टी में 360 अंक, यानी 1.56 फीसदी की गिरावट रही, ये 22,780 पर बंद हुआ। सोमवार को बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आई। माना जा रहा है कि बाजार में इतनी बड़ी गिरावट अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान से जंग रोकने से इनकार के कारण आई। सोमवार की गिरावट से निवेशकों की की संपत्ति सात लाख करोड़ से ज्यादा घट गई। शुक्रवार को बाजार बंद होते समय बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों की कुल बाजार पूंजी 482 लाख करोड़ के करीब था, जो सोमवार को घट कर 475 लाख करोड़ रह गई।

जानकारों का मानना है कि अमेरिका और ईरान में जल्दी समझौता होने के आसार नहीं दिख रहे हैं, इससे तनाव बना हुआ हैं। उधर रूस और यूक्रेन के बीच तनाव भी बढ़ा है। होर्मुज की खाड़ी भी बंद है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इसका असर भी बाजार पर दिख रहा है। अगर कच्चे तेल की महंगाई बनी रहती है तो भारत के शेयर बाजार पर भी इसका दबाव दिखाई देगा।

Gold Silver Prices Today: चांदी एक ही दिन में ₹5000 सस्ती हुई, सोने के भाव में भी बड़ी गिरावट

Gold Silver Prices Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट आई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना ₹2,600 टूटकर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी भी ₹5,000 गिरकर ₹2.32 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई।

दोनों कीमती धातुओं पर ग्लोबल मार्केट की बिकवाली का असर दिखा। मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ते कच्चे तेल की कीमतों ने भी दबाव बढ़ाया। ग्लोबल मार्केट में भी सोने की कीमत में करीब 3% की गिरावट आई।

डॉलर मजबूत होने से दबाव

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग ने कहा कि मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है।

आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर दूसरी करेंसी में सोना महंगा हो जाता है। इससे इसकी मांग पर असर पड़ सकता है।

कच्चा तेल 108 डॉलर के पार

गौरव गर्ग के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड करीब 4% चढ़कर 108.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा।

ग्लोबल मार्केट में भी सोना-चांदी टूटा

विदेशी बाजार में स्पॉट गोल्ड 128.93 डॉलर यानी 3.01% गिरकर 4,156.44 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी 2.96 डॉलर यानी 4.6% टूटकर 61.34 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया है। चांदी भी करीब 61 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रही है।

अमेरिका-ईरान तनाव का असर

अक्षत सिद्धांत के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने की बात कही गई थी।

ईरान ने भी कहा है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में उसका प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ बातचीत की योजना नहीं बना रहा है। इस घटनाक्रम से बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है।

Commodity Market : 7 हफ्तों के निचले स्तरों पर पहुंचे सोने-चांदी के दाम, क्रूड में फिर बड़ा उछाल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Commodity Market : 7 हफ्तों के निचले स्तरों पर पहुंचे सोने-चांदी के दाम, क्रूड में फिर बड़ा उछाल

Commodity Market : कारोबारी हफ्ते की शुरुआत सोने-चांदी के लिए भारी गिरावट के साथ हुई। सोने-चांदी की कीमतें 7 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गईं और 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। MCX पर सोना 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के नीचे चला गया है। वहीं, MCX पर चांदी 2.27 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे आ गई है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना $4200 के नीचे है। जबकि इंटरनेशनल मार्केट में चांदी $62 के नीचे दिख रही है। इस बीच ब्रेंट क्रूड का भाव $107 के पार निकल गया है। महंगे क्रूड से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर कायम है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी तेजी जारी। महंगाई बढ़ने पर फेड दरें बढ़ा सकता है।

वेंचुरा में कमोडिटी और CRM के हेड, एन एस रामास्वामी का कहना है कि हाल की तेजी के बाद सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई है। इसकी वजह अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड में तेजी और फेडरल रिजर्व द्वारा और सख्ती बरतने की बढ़ती उम्मीदें हैं। अमेरिका की 10-साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.2% के ऊपर पहुंच गई है,जो जून 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। जबकि 30-साल की यील्ड बढ़कर लगभग 5.52% हो गई है, जो 2004 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। होर्मुज जलडमरूमध्य और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव महंगाई की चिंताओं को बढ़ा रहे हैं, जिससे डॉलर इंडेक्स मज़बूत हो रहा है और बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। इस बीच अमेरिका के उम्मीद से बेहतर आर्थिक आंकड़ों ने ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों को मज़बूत किया है। सितंबर में कंपोजिट PMI बढ़कर 58.4 हो गई है,जो पांच साल से ज़्यादा समय में सबसे तेज़ रफ़्तार है।

इस हफ़्ते बाजार की नजर कोर PCE महंगाई के आंकड़ों (जो फ़ेड का पसंदीदा महंगाई पैमाना है) और GDP के फाइनल आंकड़ों पर रहेगी। ये दोनों बुधवार को आने वाले हैं। वहीं,नॉन-फार्म पेरोल के आंकड़े शुक्रवार को आएंगे। इस हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत पर भी सबकी नजर रहेगी।

आगे सोने की चाल महंगाई की चिंता और ग्लोबल सेंट्रल बैंकों के संभावित एक्शन पर निर्भर करेंगी। फिलहाल इसका ट्रेंड थोड़ा कमजोर बना हुआ है। MCX गोल्ड दिसंबर 149,427 के आसपास ट्रेड कर रहा है। इसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस 151,000, 153,500 और 155,500 पर है, जबकि सपोर्ट 148,000, 145,000 और 140,000 पर दिख रहा है। COMEX गोल्ड दिसंबर 4,194 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है। इसके लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस 4,260 डॉलर और 4,350 डॉलर पर है,जबकि सपोर्ट 4,130, 4,050 और 4,000 डॉलर पर दिख रहा है।

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क्रूड की चाल पर एक नजर

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच क्रूड में फिर बड़ा उछाल देखने को मिला है। आज कच्चे तेल के दाम करीब 3% चढ़े हैं। ब्रेंट $108 के पार चला गया तो WTI $94 के ऊपर पहुंच गया है। ईरान से बातचीत की उम्मीद के बावजूद तनाव कम नहीं हुआ है। ट्रंप ने ईरान का स्ट्रेट खोलने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है और ईरान पर ज्यादा मांग रखने का आरोप लगाया है। उधर, ईरान ने US के साथ भीषण जंग के लिए तैयार रहने की बात कही है। बाजार को सप्लाई संकट गहराने की आशंका है।

इक्विटी मार्केट पर क्या होगा असर?

मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ में चीफ़ रिसर्च ऑफ़िसर रवि सिंह का कहना है कि बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों,जियोपॉलिटिकल तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बनी चिंताओं की वजह से भारी गिरावट आई है। साथ ही FPI की बिकवाली और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का बढ़ना भी बाजार पर भारी पड़ रहा है।

FPI की तरफ से लगातार हो रही निकासी भारतीय इक्विटी पर बिकवाली का दबाव बढ़ा सकती है। डॉलर की मांग के कारण रुपये की कमजोरी बढ़ सकती है, आयातित महंगाई का जोखिम बढ़ा सकता है और बाजार में कुल लिक्विडिटी और निवेशकों का भरोसा घट सकता है।

बैंक,तेल मार्केटिंग कंपनियां,पेंट,टायर,एयरलाइंस और कच्चे तेल से जुड़े अन्य सेक्टर पर असर पड़ सकता है। डिफेंसिव,फार्मास्यूटिकल्स,हेल्थकेयर और FMCG सेक्टर तुलनात्मक रूप मजबूती दिखा सकते हैं।

निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों,ईरान-अमेरिका के बीच बन रही स्थिति,होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी खबरों,अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड,FPI फ्लो,रुपये की चाल,ग्लोबल मार्केट,घरेलू महंगाई और आने वाली कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर नजर रखनी चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: लगातार 7 हफ्ते गिरा निफ्टी, अब 28 सितंबर को कैसी रहेगी चाल? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते बुधवार की तेज बिकवाली के बाद शुक्रवार को निफ्टी संभला। इंडेक्स 77 अंक चढ़कर 23,140 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते निफ्टी 0.88% नीचे रहा। यह लगातार सातवां हफ्ता है, जब इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ है।

निफ्टी दिन के निचले स्तर से करीब 142 अंक संभला। इसके बावजूद अगस्त की शुरुआत के 24,772 के स्तर से इंडेक्स अब 1,750 अंक से ज्यादा नीचे आ चुका है।

इन शेयरों में दिखी तेजी

Axis Bank, Asian Paints और M&M शुक्रवार को निफ्टी के टॉप गेनर्स रहे। दूसरी तरफ Max Healthcare, Tata Motors Passenger Vehicles और Infosys सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में भी तस्वीर मिली-जुली रही। Consumer Durables, Realty और Auto में खरीदारी दिखी। वहीं Healthcare, Media और IT कमजोर रहे।

ब्रॉडर मार्केट में भी ज्यादा हलचल नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.14% की गिरावट आई। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.15% की बढ़त रही।

रुपये में भी मजबूती

भारतीय रुपया 15 पैसे मजबूत होकर करीब 95.81 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एशियाई करेंसी में मजबूती से रुपये को सपोर्ट मिला।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का भी फायदा मिला। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की संभावित बातचीत से भी बाजार को राहत मिली।

अगले हफ्ते किन चीजों पर नजर?

अगले हफ्ते बाजार की नजर कच्चे तेल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड पर रहेगी। पश्चिम एशिया की खबरें भी बाजार की चाल तय कर सकती हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सऊदी अरब और हूती तनाव पर भी नजर रहेगी। इन घटनाक्रमों का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। अगर होर्मुज रूट को चरणबद्ध तरीके से फिर खोलने की दिशा में कोई प्रगति होती है, तो बाजार को राहत मिल सकती है।

ग्लोबल मार्केट से मिलेंगे ये संकेत

चीन के आधिकारिक और Caixin PMI आंकड़े अगले हफ्ते अहम रहेंगे। अमेरिका के Consumer Confidence और JOLTS Job Openings के आंकड़ों पर भी नजर होगी।

यूरोजोन की सितंबर की महंगाई के आंकड़े भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के तीन अधिकारियों के बयान और Bank of Japan की बैठक के मिनट्स भी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं।

23,000 है सबसे अहम सपोर्ट

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर अहम है। अगर इंडेक्स इसके नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है तो कमजोरी बढ़ सकती है। ऐसे में 22,600 तक गिरावट का रास्ता खुल सकता है।

ऊपर की तरफ 23,350 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। यानी इस स्तर के ऊपर टिकना भी बाजार के लिए अहम होगा।

23,000 के नीचे और दबाव संभव

Angel One के ओशो कृष्णन भी 23,000 को अहम सपोर्ट मानते हैं। उनके मुताबिक, इसके नीचे तेज गिरावट आती है तो निफ्टी 22,800-22,700 के जोन तक जा सकता है।

ऊपर की तरफ 23,280-23,350 का स्तर शुरुआती रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,500-23,550 का जोन अहम रहेगा।

23,600 के ऊपर तस्वीर बदल सकती है

HDFC Securities के नंदीश शाह के मुताबिक, 23,300 और 23,600 निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस हैं। 23,600 का स्तर हाल के फ्लैग पैटर्न के ब्रेकडाउन लेवल से भी जुड़ा है।

नीचे की तरफ 23,000 के बाद 22,700 अगला सपोर्ट है। शाह के मुताबिक, 23,600 के ऊपर निफ्टी टिकता है तो शॉर्ट टर्म का रुझान बदलकर न्यूट्रल हो सकता है।

23,300 के ऊपर मजबूती के संकेत

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक, 23,000 तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 22,700 अगला अहम स्तर है।

ऊपर की तरफ 23,200-23,300 तत्काल रेजिस्टेंस है। निफ्टी 23,300 के ऊपर टिकता है तो टेक्निकल तस्वीर बेहतर हो सकती है। वहीं 23,000 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर कमजोरी फिर बढ़ सकती है।

लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

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Petrol Diesel Price Today: 27 सितंबर को पेट्रोल-डीजल के दाम अपडेट, जानें आपके शहर का रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 27 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Commodity Corner: क्रूड की कीमतों में मामूली गिरावट, सोने में साप्ताहिक नुकसान की आशंका