Silver Price Today: चांदी फिर हुई महंगी! ₹2.40 लाख के करीब पहुंचा भाव, जानें आपके शहर का रेट

Silver Price Today: अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में चांदी की कीमतों के लगातार ऊपर-नीचे होने से भारत पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। दरअसल, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सुबह तक चांदी का वायदा भाव 0.15% बढ़कर यानी 338 रुपये तेजी के साथ 2,31,804 रुपये प्रति किलो हो गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,31,466 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी 63.80 डॉलर प्रति औंस हो गई।

बुलियन्स के अनुसार, चांदी की कीमत 2,32,620 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक, चांदी 2,40,000 रुपये प्रति किलो पर है। उधर दिल्ली के सर्राफा बाजार की बात करें, तो यहां पर चांदी की कीमत 2,34,800 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) है। चूंकि शनिवार और रविवार को बाजार बंद है, इसलिए दोनों दिन यही भाव मान्य रहेगा।

अब अगर आप ऐसे में सिल्वर में निवेश करना चाहते हैं, तो आपको अपने शहर के ताजा भाव जानने होंगे:

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव (10 ग्राम, 100 ग्राम, प्रति किलो)

शहर10 ग्राम चांदी100 ग्राम चांदी1 किलो चांदी
दिल्ली₹2,400₹24,000₹2,40,000
मुंबई₹2,400₹24,000₹2,40,000
कोलकाता₹2,400₹24,000₹2,40,000
चेन्नई₹2,400₹24,000₹2,40,000
पटना₹2,400₹24,000₹2,40,000
लखनऊ₹2,400₹24,000₹2,40,000
मेरठ₹2,400₹24,000₹2,40,000
अयोध्या₹2,400₹24,000₹2,40,000
कानपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
गाजियाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
नोएडा₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुरुग्राम₹2,400₹24,000₹2,40,000
चंडीगढ़₹2,400₹24,000₹2,40,000
जयपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
लुधियाना₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुवाहाटी₹2,400₹24,000₹2,40,000
इंदौर₹2,400₹24,000₹2,40,000
अहमदाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
वडोदरा₹2,400₹24,000₹2,40,000
सूरत₹2,400₹24,000₹2,40,000
पुणे₹2,400₹24,000₹2,40,000
नागपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
नासिक₹2,400₹24,000₹2,40,000
बैंगलोर₹2,400₹24,000₹2,40,000
भुवनेश्वर₹2,400₹24,000₹2,40,000
रायपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
हैदराबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000

पिछले दिन कैसा रहा चांदी का भाव?

कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते विदेशी बाजारों में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली, जिसका सकारात्मक असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को पिछले कारोबारी सत्र में जोरदार बढ़त के बाद चांदी की कीमत 2,34,800 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पर स्थिर रही। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी की कीमत 4 फीसदी से ज्यादा उछलकर 64.17 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

पिछले दिन क्या रहा चांदी का वायदा भाव

वैश्विक बाजारों में मजबूत रुख के बीच घरेलू वायदा बाजार में भी चांदी की कीमतों में शुक्रवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबारियों की ओर से नए सौदे बढ़ाए जाने से चांदी वायदा 2.43 फीसदी उछल गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी की कीमत 5,496 रुपये बढ़कर 2,31,332 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। यह पिछले बंद भाव के मुकाबले 2.43 फीसदी की बढ़त है।

इसी तरह, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमत मजबूत रही। न्यूयॉर्क में चांदी 3.44 फीसदी की तेजी के साथ 61.66 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

बाजार एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू बाजार में चांदी की मजबूत मांग और तेजी के संकेतों को देखते हुए कारोबारियों ने नए सौदों की खरीदारी बढ़ाई, जिससे वायदा कीमतों को सपोर्ट मिला।

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Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल-डीजल कितना महंगा या सस्ता? यहां देखें नए दाम

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 08 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Stock Market Fall: निफ्टी 24570 से नीचे, सेंसेक्स 503 अंक तक फिसला; बाजार 6 कारणों से लाल

शेयर बाजार में शुक्रवार, 7 अगस्त को गिरावट है। इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में तेजी रही थी। शुक्रवार को सेंसेक्स लाल निशान में 78,516.08 पर खुला। फिर पिछली क्लोजिंग से करीब 503 अंक तक टूटकर 78,451.99 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,538.90 पर खुला और फिर ​पिछली क्लोजिंग से 107 अंक तक टूटकर 24,529.20 के लो तक गया। गुरुवार को सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ था। निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को लौटी गिरावट के अहम कारण डिटेल में…

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत में तेजी है। यह 1.3% चढ़कर 83.8 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। कच्चे तेल की महंगाई भारत के लिए एक नेगेटिव फैक्टर है क्योंकि देश अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का ज्यादातर हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल की बढ़ती कीमतें आयात की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे व्यापार घाटा बढ़ सकता है। साथ ही देश के अंदर महंगाई भी बढ़ सकती है।

वित्तीय शेयरों में गिरावट

शुक्रवार को फाइनेंशियल स्टॉक्स ​दबाव में हैं। बजाज फाइनेंस का शेयर 4.3 प्रतिशत तक लुढ़का। इसकी पेरेंट कंपनी बजाज फिनसर्व में भी 3.6 प्रतिशत की गिरावट दिखी। निफ्टी बैंक 0.3 प्रतिशत नीचे है, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स और PSU बैंक इंडेक्स में भी गिरावट आई।

FII की बिकवाली

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को 17.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है।

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वैश्विक बाजारों की चाल

एशियाई बाजारों में गिरावट और तेजी का मिलाजुला रुख है। दक्षिण कोरिया का KOSPI और जापान का Nikkei 225 इंडेक्स लाल निशान में है। वहीं हेंग सेंग, जकार्ता कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट में तेजी है। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।

रुपये में गिरावट

शुक्रवार को रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 95.28 प्रति डॉलर पर आ गया। डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच रुपया गुरुवार को 14 पैसे कमजोर होकर 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

India VIX में बढ़ोतरी

मार्केट में अस्थिरता का पैमाना India VIX 3 प्रतिशत बढ़कर 12.46 पर पहुंच गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता का संकेत देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

Gift Nifty Indicator: क्रूड में उछाल और वेस्ट एशिया को लेकर बढ़ा कंफ्यूजन क्या बाजार पर दिखाएगा असर, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के सुस्त शुरुआत करने की संभावना है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, Wall Street में रात भर हुई गिरावट और US के अहम जॉब्स डेटा से पहले एशियाई बाजारों में सावधानी के माहौल के बीच GIFT Nifty आज सुबह गिरा। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर फिर से बनी अनिश्चितता के कारण जियोपॉलिटिकल जोखिम बने हुए हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी से कुछ सहारा मिल सकता है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT Nifty 24,647 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले सेशन की क्लोजिंग से 101 अंक या 0.41 फीसदी नीचे था। हालांकि, यह गुरुवार को Nifty 50 की 24,636 की क्लोजिंग से थोड़ा ऊपर बना रहा, जिससे घरेलू बेंचमार्क के लिए फ्लैट से नेगेटिव शुरुआत का संकेत मिलता है।

गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 फीसदी बढ़कर 78,954.76 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 11.35 अंक या 0.05 फीसदी बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ। PSU बैंकों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि मेटल, मीडिया और रियल्टी शेयरों में कमजोरी ने बढ़त को सीमित कर दिया।

US जॉब्स डेटा से पहले एशियाई बाजार सर्तक

शुक्रवार को एशियाई शेयरों में सावधानी के साथ कारोबार हुआ क्योंकि निवेशक US के रोजगार डेटा का इंतजार कर रहे थे, जो अगले महीने फेडरल रिजर्व के ब्याज दर के फैसले पर उम्मीदों को प्रभावित कर सकता है। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स फ्लैट रहा और इसमें साप्ताहिक आधार पर 0.4 फीसदी की गिरावट की ओर बढ़ रहा था। जापान का Nikkei 225 0.9 फीसदी गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का Kospi 0.5 फीसदी नीचे आया। हालांकि, चीन के CSI 300 में 0.2 फीसदी की बढ़त हुई।

US इक्विटी फ्यूचर्स भी सुस्त रहे। Nasdaq फ्यूचर्स फ्लैट रहे और S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 फीसदी नीचे रहे। गुरुवार को US शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए क्योंकि निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली की, साथ ही वे कॉर्पोरेट नतीजों और US-ईरान संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों से जुड़े घटनाक्रमों का आकलन कर रहे थे। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.85 फीसदी गिरा, S&P 500 में 0.18 फीसदी की गिरावट आई और नैस्डैक कम्पोजिट 0.06 फीसदी नीचे आया।

यह गिरावट हफ्ते की मजबूत शुरुआत के बाद आई है, जिसमें डाऊ और S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। इसकी वजह मजबूत अर्निंग्स सीज़न और मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव के संभावित डिप्लोमैटिक समाधान को लेकर उम्मीद थी।

क्रूड में उछाल

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई क्योंकि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से शिपिंग को लेकर अनिश्चितता फिर से सामने आ गई। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.2 प्रतिशत बढ़कर $83.48 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.1 प्रतिशत बढ़कर $78.84 हो गया। यह बढ़ोतरी गुरुवार को $3 प्रति बैरल से ज़्यादा की बढ़त के बाद हुई।

नई चिंताएं तब सामने आईं जब ईरान ने ओमान के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में दुश्मन माने जाने वाले जहाज़ों पर पाबंदियां लगाने और प्रस्तावित नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाज़ों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा।

निफ्टी-बैंक निफ्टी के लिए क्या है अहम लेवल

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि मिडिल ईस्ट में संभावित डिप्लोमैटिक सफलता को लेकर उम्मीदें किसी औपचारिक समझौते के न होने से कमज़ोर पड़ गई हैं, जिससे बाज़ार जियोपॉलिटिकल खबरों के प्रति संवेदनशील हो गए हैं। उन्होंने एशियाई इक्विटी में कमज़ोरी की ओर भी इशारा किया, जिसमें जापान और दक्षिण कोरिया ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी, जो ग्लोबल निवेशकों के बीच लगातार सावधानी का संकेत है।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी का व्यापक टेक्निकल स्ट्रक्चर सकारात्मक बना हुआ है। 24,700 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है, और अगर यह स्तर लगातार टूटता है तो 24,800-25,000 की ओर मोमेंटम मज़बूत हो सकता है। नीचे की तरफ, 24,600 तत्काल सपोर्ट है, उसके बाद 24,500 है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver price Today: सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, चांदी 1.5% उछली, इन अहम आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

Gold Silver price Today: देश और दुनिया में सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। COMEX पर, सोने के वायदा (futures) $4,319.30 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहे थे, जो $19.70 या 0.46% ज़्यादा थे। शुरुआती कारोबार में चांदी के वायदा 1.48% बढ़कर $62.515 प्रति औंस हो गए, जिससे उसने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया।

निवेशक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के बारे में नए संकेत पाने के लिए US की ‘नॉन-फार्म पेरोल’ रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे थे, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं। सबकी नजरें US की जुलाई की जॉब्स रिपोर्ट पर टिकी हैं,जो आज बाद में आने वाली है।

इस डेटा से बाजार की उम्मीदें तय होने की संभावना है कि क्या फेडरल रिज़र्व सितंबर में अपनी पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ाएगा या नहीं।

क्रूड में गिरावट ने सोने को दिया सपोर्ट

सोना जनवरी के बाद से अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। इस कीमती धातु को कच्चे तेल की कीमतों में कमी से सहारा मिला है, जिससे महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं। ऊर्जा की कम कीमतों से इस उम्मीद में कमी आ सकती है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी; यह एक ऐसा कारक है जो आम तौर पर सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों की मांग को बढ़ाता है।

हालांकि, बढ़त सीमित रही क्योंकि ट्रेडर्स US में एक और बार ब्याज दरें बढ़ने की संभावना को ध्यान में रख रहे हैं।

इन डेटा पर होगी नजर

CME फेडवॉच टूल के अनुसार, बाज़ार अभी सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना लगभग 55% मान रहा है। फेडरल रिज़र्व के अधिकारियों की हालिया टिप्पणियों ने भी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें ऊंची रखी हैं। सेंट लुइस फेड के प्रेसिडेंट अल्बर्टो मुसालेम ने कहा कि सेंट्रल बैंक को जुलाई की मीटिंग में दरें बढ़ानी चाहिए थीं, जबकि पॉलिसी बनाने वालों ने बेंचमार्क ब्याज दर को 3.5%-3.75% पर ही बनाए रखा, भले ही महंगाई फेड के 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई थी।

इस बीच, रात में जारी US लेबर मार्केट डेटा ने मिली-जुली तस्वीर पेश की। पिछले हफ़्ते शुरुआती बेरोज़गारी दावों (initial jobless claims) में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, जबकि जुलाई में छंटनी (layoffs) दो साल के निचले स्तर पर आ गई, जिससे पता चलता है कि लेबर मार्केट मोटे तौर पर मज़बूत बना हुआ है।

निवेशक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी नजर रख रहे हैं, क्योंकि US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ टकराव जल्द ही खत्म हो सकता है, हालांकि उन्होंने कुछ सैन्य उपकरणों को प्रभावित करने वाली सप्लाई की समस्याओं को भी स्वीकार किया।

US की रोज़गार रिपोर्ट, साथ ही वेतन वृद्धि और बेरोजगारी के डेटा के निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों के लिए मुख्य कारक होने की उम्मीद है। उम्मीद से बेहतर जॉब डेटा से ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें और मजबूत हो सकती हैं, जबकि कमज़ोर आंकड़े मॉनेटरी टाइटनिंग (मौद्रिक सख्ती) में रोक लगने की उम्मीद बढ़ाकर बुलियन (कीमती धातुओं) को बढ़ावा दे सकते हैं।

Gold Rate Today: सोने का भाव और बढ़ा; मुंबई, कोलकाता में ₹137260 पर 22 कैरेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में गिरावट, कोस्पी, निक्केई 1.5% टूटा

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिल रही है।  कोस्पी और निक्केई 1.5 फीसदी तक टूटा है। निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में एक और बढ़ोतरी पर नजर रखे हुए थे और ब्याज दरों के भविष्य के बारे में संकेत पाने के लिए अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे थे। निक्केई करीब 0.96 फीसदी की गिरावट के  साथ 65,061.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.34 फीसदी की  बढ़त दिखा रहा है।  ताइवान का बाजार 0.24 फीसदी  गिरकर 44,290.00 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ25,436.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 0.61 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.24 फीसदी की बढ़त के साथ3,909.90 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

गुरुवार रात अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में ज़्यादातर कोई हलचल नहीं दिखी, क्योंकि निवेशक जुलाई की जॉब्स रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे थे, जिस पर सबकी नज़रें टिकी थीं। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.04% और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 0.3% की मामूली बढ़त हुई, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 17 अंक या 0.03% गिर गए।

यह सुस्त चाल वॉल स्ट्रीट में कमज़ोर सेशन के बाद दिखी, जहां तेल की बढ़ती कीमतों ने इक्विटी पर दबाव डाला। डॉव जोन्स 460 अंक से ज़्यादा या 0.9% गिर गया, जिससे लगातार पांच सेशन की बढ़त का सिलसिला टूट गया। इस बीच, S&P 500 में 0.2% और नैस्डैक कम्पोजिट में 0.1% की गिरावट आई।

कच्चे तेल की कीमतें

शुक्रवार को तेल की कीमतों में और बढ़त हुई, क्योंकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) तक पहुंच को लेकर नई चिंताएँ पैदा हो गईं। ईरान ने ओमान के साथ मिलकर प्रस्ताव दिया है कि दुश्मन माने जाने वाले जहाज़ों को इस अहम जलमार्ग से गुज़रने से रोका जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 99 सेंट या 1.2% बढ़कर $83.48 प्रति बैरल हो गए, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 85 सेंट या 1.1% बढ़कर $78.84 प्रति बैरल हो गए।

US-ईरान युद्ध

ईरान एक ऐसे बिल पर विचार कर रहा है जो अमेरिका, इज़राइल और दुश्मन माने जाने वाले दूसरे देशों के जहाज़ों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुज़रने से रोकेगा। यह एक अहम समुद्री रास्ता है, जहां से फरवरी के आखिर में युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा गुज़रता था।

ईरान की फार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, ईरान के एक सांसद ने कहा कि संसद की एक कमिटी एक प्रस्ताव के मसौदे की जांच कर रही है। इस प्रस्ताव के तहत न सिर्फ़ ऐसे जहाज़ों के इस रास्ते का इस्तेमाल करने पर रोक लगेगी, बल्कि इन नियमों को तोड़ने वालों पर कार्गो की कीमत का 20% तक जुर्माना भी लगाया जाएगा।

इसके अलावा, ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि तेहरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाज़ों से कार्गो की कीमत का 5% से 7% तक ट्रांज़िट शुल्क (गुज़रने का शुल्क) वसूलना चाहता है। खबर है कि ओमान लगभग 3% शुल्क के लिए बातचीत कर रहा है, जबकि अमेरिका चाहता है कि जहाज़ बिना किसी शुल्क के गुज़रें।

आज सोने की कीमत

शुक्रवार को सोने की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और तेल की कीमतों में नरमी के कारण इसमें जनवरी के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त देखने को मिली। निवेशक फेडरल रिज़र्व की ब्याज दरों के बारे में नए संकेत पाने के लिए अमेरिका की आने वाली ‘नॉन-फार्म पेरोल’ रिपोर्ट पर भी नज़र बनाए हुए थे।

स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,235.57 प्रति औंस पर स्थिर रही, जिससे इसकी साप्ताहिक बढ़त 4.8% हो गई। वहीं, US गोल्ड फ्यूचर्स 0.1% गिरकर $4,293.80 पर आ गया।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Britannia Q1 Results: बिस्किट कंपनी का प्रॉफिट 13% बढ़ा, रेवेन्यू ₹5000 करोड़ के पार

Britannia Q1 Results: बिस्किट बनाने वाली कंपनी Britannia Industries ने गुरुवार, 6 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.6% बढ़कर 591.4 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 520.1 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 8.2% बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये रहा। वहीं, EBITDA 11% बढ़कर 840 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 16.4% से बढ़कर 16.8% पर पहुंच गया।

अनुमान से कैसा रहा प्रदर्शन?

ब्रिटानिया का शुद्ध मुनाफा बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। CNBC-TV18 के पोल में 606 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान था। रेवेन्यू अनुमान से थोड़ा बेहतर रही, लेकिन EBITDA और EBITDA मार्जिन बाजार की उम्मीद से नीचे रहे।

ब्रिटानिया ने बताया कि जून तिमाही में उसकी कंसोलिडेटेड बिक्री 9.5% बढ़कर 4,964 करोड़ रुपये रही। वहीं, स्टैंडअलोन बिक्री में 10% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

ब्रिटानिया के CEO और MD रक्षित हरगावे ने कहा कि तिमाही की शुरुआत में पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से ईंधन और शिपिंग लागत बढ़ गई थी। इसके बावजूद कंपनी ने बेहतर वॉल्यूम और वैल्यू ग्रोथ हासिल की। साथ ही मुनाफे की ग्रोथ रेवेन्यू से भी तेज रही।

उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स और जनरल ट्रेड में मजबूत प्रदर्शन रहा। विज्ञापन, प्रमोशन और इन्फ्लुएंसर कैंपेन पर भी कंपनी ने निवेश बढ़ाया। Marie Gold, NutriChoice और Little Hearts जैसे ब्रांड्स के लिए बड़े मार्केटिंग अभियान चलाए गए। वहीं, Dubai Kunafa Croissant जैसे नए प्रोडक्ट्स और इंटरनेशनल बिजनेस में सुधार से भी ग्रोथ को सहारा मिला।

आगे क्या रहेगा फोकस?

ब्रिटानिया ने कहा कि वह पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, मजबूत ब्रांड, नए प्रोडक्ट्स, लागत नियंत्रण और घरेलू मांग में सुधार के दम पर कंपनी आगे भी टिकाऊ ग्रोथ का भरोसा जता रही है।

Britannia के शेयरों का हाल

Britannia Industries का शेयर गुरुवार को 0.26% की गिरावट के साथ 5,430 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 8.32% टूटा है। वहीं, बीते 1 साल में इसका रिटर्न तकरीबन फ्लैट रहा। कंपनी का मार्केट कैप 1.31 लाख करोड़ रुपये है।

Britannia Industries भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में से एक है। कंपनी का मुख्य कारोबार बिस्किट है। लेकिन इसके अलावा यह ब्रेड, केक, रस्क, डेयरी प्रोडक्ट्स, चीज, बटर, दूध, स्नैक्स और क्रोइसां (Croissant) जैसे कई खाद्य उत्पाद भी बनाती और बेचती है।

LIC Q1 Results: प्रॉफिट 23% बढ़कर 13492 करोड़ रुपये, कुल इनकम 237848 करोड़

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: फिर चढ़ी चांदी, दिल्ली, मुंबई में ₹2.40 के पार भाव, खरीदारी से पहले चेक कर लें अपने शहर का ताजा भाव

Silver Price Today:    चांदी की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। देश की दिल्ली में आज चांदी की कीमत लगभग ₹240 प्रति ग्राम और ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। वहीं मुंबई में भी कीमतें ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक चांदी की कीमत उछलकर करीब एक महीने के उच्चतम स्तर 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर पहुंच गई। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक 2,40,000 रुपये प्रति किलो पर है। आगे जानिए देश के अलग-अलग शहरों में चांदी के ताजा रेट क्या हैं।

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,400₹24,000₹2,40,000
कोलकाता₹2,400₹24,000₹2,40,000
मुंबई₹2,400₹24,000₹2,40,000
चेन्नई₹2,400₹24,000₹2,40,000
पटना₹2,400₹24,000₹2,40,000
लखनऊ₹2,400₹24,000₹2,40,000
मेरठ₹2,400₹24,000₹2,40,000
अयोध्या₹2,400₹24,000₹2,40,000
कानपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
गाजियाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
नोएडा₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुरुग्राम₹2,400₹24,000₹2,40,000
चंडीगढ़₹2,400₹24,000₹2,40,000
जयपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
लुधियाना₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुवाहाटी₹2,400₹24,000₹2,40,000
इंदौर₹2,400₹24,0002,40,000
अहमदाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
सूरत₹2,400₹24,000₹2,40,000
वडोदरा₹2,400₹24,000₹2,40,000
पुणे₹2,400₹24,000₹2,40,000
नागपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
नासिक₹2,400₹24,000₹2,40,000
बैंगलोर₹2,400₹24,000₹2,40,000
भुवनेश्वर₹2,400₹24,000₹2,40,000
रायपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
हैदराबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000

ग्लोबल मार्केट में क्या हैं रेट

इंटरनेशनल मार्केट Comex में सोने के दामों में उछाल देखा गया तो वहीं चांदी के दाम (Gold Silver Price Today) में गिरते नजर आए हैं। सुबह करीब 9 बजे सोना comex पर 0.47% तक चढ़ा (Gold Price on Comex) और कीमत 4325.00 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 0.12% गिरकर 62.215 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

MCX पर क्या हैं ताजा प्राइस?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी के भाव (Silver Price) में 607 रुपये 0.27 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। यह 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा।

कल क्या रहे थे भाव

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक ग्लोबल स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उछाल के कारण चांदी की कीमतों में फिर से तेजी आई और यह 6,200 रुपये बढ़कर करीब एक महीने के उच्चतम स्तर 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समे्त) पर पहुंच गई। पिछले सत्र में यह 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इससे पहले चांदी 9 जुलाई को इस स्तर के आसपास कारोबार कर रही थी, जब यह 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, US-ईरान तनाव कम होने और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के फिर से खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने और निकट भविष्य में US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की चर्चा ठंडी पड़ने की संभावना है। इससे US ट्रेजरी यील्ड पर दबाव पड़ रहा है और लोग अपना पैसा US बॉन्ड से निकालकर सोने और अन्य सुरक्षित निवेश विकल्पों में लगा रहे हैं।

7 हफ्ते के हाई पर पहुंचा सोना, चांदी भी चढ़ी, बुलियन में तेजी की क्या है वजह?

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: ग्लोबल बाजारों में गिरावट के बीच क्या हरे निशान में खुलेंगे भारतीय बाजार, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator:  कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, US-ईरान शांति समझौते की दिशा में प्रगति की उम्मीदें और घरेलू कंपनियों की अच्छी कमाई का माहौल भारतीय इक्विटी को सहारा दे सकता है। हालांकि एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी का असर क्षेत्रीय बाजारों पर पड़ रहा है। यहीं कारण है कि 6 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल संकेतों के मिले-जुले होने के बावजूद GIFT निफ्टी पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है।

सुबह लगभग 7:45 बजे GIFT निफ्टी 58.5 अंक या 0.24 फीसदी बढ़कर 24,693 पर ट्रेड कर रहा था, जो संकेत देता है कि निफ्टी 50 बुधवार के 24,624.65 के क्लोजिंग लेवल से ऊपर खुल सकता है। यह पॉजिटिव संकेत भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के बुधवार के सेशन में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी की घोषणा के बाद मजबूती के साथ बंद होने के बाद आया है। सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 फीसदी बढ़कर 78,581.00 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 9.75 अंक या 0.04 फीसदी बढ़कर 24,624.65 पर पहुंचा और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद 24,600 के स्तर से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।

एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार की जोरदार तेजी के बाद एशियाई इक्विटी में सुस्ती देखी गई, जिसमें वॉल स्ट्रीट में रात भर की कमजोरी के बाद टेक्नोलॉजी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.69 प्रतिशत की गिरावट आई। जापान का निक्केई 225 1.57 प्रतिशत गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.64 फीसदी नीचे आया क्योंकि बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों पर दबाव था। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 2.44 फीसदी की गिरावट आई, जबकि SK हाइनिक्स लगभग 7 फीसदी लुढ़क गया।

US बाजार रात भर मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, जिसमें डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। ईरान के साथ संभावित शांति समझौते की दिशा में प्रगति को लेकर उम्मीद टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी पर भारी पड़ी। डाउ में 0.49 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 में 0.17 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 0.83 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि तिमाही नतीजों के बाद स्पेसएक्स और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस के शेयरों में कमजोरी देखी गई।

तेल की कीमतों में नरमी

कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि निवेशक यह आकलन कर रहे थे कि क्या ईरान-ओमान बातचीत में हुई प्रगति से अंततः अमेरिका-ईरान के बीच व्यापक शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने का रास्ता साफ हो सकता है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.18 प्रतिशत गिरकर 79.31 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.35 प्रतिशत गिरकर 74.96 डॉलर पर आ गया।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पॉलिसी फैसले के बाद, अब निवेशकों का ध्यान अप्रैल-जून तिमाही के जारी अर्निंग्स सीजन (कंपनियों के नतीजों के दौर) पर लौटने की उम्मीद है। कंपनियों के नतीजे और मैनेजमेंट की कमेंट्री स्टॉक-स्पेसिफिक हलचल के मुख्य कारण बने रहेंगे, जबकि मध्य पूर्व से जुड़ी वैश्विक घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव व्यापक बाजार धारणा को प्रभावित करते रहेंगे।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को लगातार छह सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर (शुद्ध विक्रेता) बन गए, तथा 943 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,883 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया, जिससे विदेशी बिकवाली के असर को कम करने में मदद मिली।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

RBI ने खराब ग्लोबल माहौल के बावजूद ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया, महंगाई कम होने की जताई उम्मीद, जानिए कहां से मिल रहा भरोसा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को घरेलू अर्थव्यवस्था को लेकर उम्मीद जताई और 2026-27 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को बढ़ा दिया। वहीं, महंगाई के अनुमान में कटौती की गई है। RBI ने कहा कि देश में घरेलू मांग मज़बूत है,एक्सपोर्ट बढ़ा है,निवेश गतिविधि भी अच्छी है और ग्लोबल फ्रंट में बनी अनिश्चितताओं में कमी आ रही है। मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी के फैसलों के बारे में बताते हुए RBI गवर्नर ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष,ट्रेड टेंशन और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ग्लोबल माहौल में अस्थिर के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत कायम हैं।

दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी के तौर पर भारत की पहचान हुई मजबूत

उन्होंने आगे कहा कि बढ़ती घरेलू मांग,मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज एक्टिविटी में लगातार बनी तेजी और मज़बूत एक्सपोर्ट से इकोनॉमी को सपोर्ट मिल रहा है,जिससे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी के तौर पर भारत की पहचान और मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इंडियन इकॉनमी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। इसको ध्यान में रखते हुए आरबीआई में 2026-27 के अपने रियल GDP ग्रोथ अनुमान को बदलकर 6.7 फीसदी कर दिया है। RBI को उम्मीद है कि पहली तिमाही में ग्रोथ रेट 7.0 फीसदी,दूसरी तिमाही में 6.4 फीसदी,तीसरी तिमाही में 6.5 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.8 फीसदी रहेगी। हालांकि, कुछ जोखिम भी बने हुए हैं।

मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में तेजी कायम

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में तेजी, मज़बूत डिस्क्रिशनरी कंजम्प्शन,इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार हो रहे सरकारी खर्च, मजबूत क्रेडिट ग्रोथ और मर्चेंडाइज़ एक्सपोर्ट में बढ़त से इकोनॉमिक ग्रोथ को सपोर्ट मिल रहा। उन्होंने कहा कि ग्लोबल सप्लाई चेन में डाइवर्सिफिकेशन,बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट और मार्केट डाइवर्सिफिकेशन से भी एक्सटर्नल डिमांड को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

दूसरे फेज की महंगाई बढ़ने को जोखिम कायम

RBI ने अपने महंगाई के अनुमान में भी बदलाव किया। उसका मनना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में रिटेल महंगाई 5.0 फीसदी रह सकती है। पहली तिमाही में महंगाई पहले के अनुमान से कम रही है, इसके चलते आगे के लिए भी अच्छे संकेत मिल रहे है। गवर्नर ने कहा कि महंगाई में हाल में देखने को मिली बढ़ोतरी की मेन वजह खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में आई तेजी है,न कि बड़े पैमाने पर आई डिमांड।

RBI को उम्मीद है कि खुदरा महंगाई इस फाइनेंशियल ईयर के तीसरे क्वार्टर में पीक पर होगी और उसके बाद कम हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि एल नीनो,कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल घटनाएं महंगाई के अनुमान पर असर डाल रहे हैं,जबकि खाने की चीजो,फ्यूल और दूसरी इनपुट लागतों में बढ़ोतरी से दूसरे दौर के असर एक बड़ा रिस्क बने हुए हैं।

कच्चे तेल के शॉर्ट-टर्म आउटलुक का अंदाजा लगाना मुश्किल

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वेस्ट एशिया संघर्ष से सप्लाई में आई रुकावटें जून के बाद कम हो गई थीं, लेकिन जुलाई की शुरुआत से फिर से बढ़ी मुश्किलों ने एक बार फिर ग्लोबल एनर्जी मार्केट और सप्लाई चेन में उतार-चढ़ाव बढ़ा दिया है।

कच्चे तेल पर RBI ने कहा कि इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमतें अभी भी बहुत वोलेटाइल हैं। जून में इंडियन बास्केट क्रूड में तेज गिरावट आई थी,लेकिन वेस्ट एशिया में फिर से तनाव बढ़ने की वजह से जुलाई में कच्चे तेल कीमतें काफी बढ़ गईं,जिससे इसके शॉर्ट-टर्म आउटलुक का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से इनपुट कॉस्ट बढ़ सकता है। इससे दूसरे दौर का महंगाई का दबाव बन सकता है।

ग्लोबल ट्रेड में जारी अनिश्चितता का दिख सकता है असर

गवर्नर ने ग्लोबल ट्रेड में जारी अनिश्चितता की ओर इशारा करते हुए कहा कि नए US टैरिफ,ग्लोबल ट्रेड ग्रोथ में कमी और जियोपॉलिटिकल तनाव से बाहरी माहौल पर असर पड़ने की उम्मीद है। हालांकि,भारत को हाल ही में हुए बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट,हेल्दी सर्विसेज एक्सपोर्ट और मजबूत इनवर्ड रेमिटेंस से सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इससे करंट अकाउंट पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट के फ्लो में मजबूती

RBI ने कहा कि फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट के फ्लो में मजबूती बनी हई है। हाल के महीनों में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट में भी सुधार देखने को मिला है। इससे डेट मार्केट में कैपिटल लाने के लिए पॉलिसीगत उपायों से मदद मिली है। नतीजतन,इस साल बैलेंस ऑफ पेमेंट्स में अच्छा सरप्लस हासिल होने की उम्मीद है।

भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व अच्छी स्थिति में

RBI गवर्नर ने कहा कि भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व लगभग 693 अरब डॉलर की अच्छी स्थिति में है। यह दस महीने से ज्यादा का इम्पोर्ट कवर दे सकता है। RBI की एक्सचेंज-रेट पॉलिसी पर उन्होंने कहा कि हम अपनी पॉलिसी जारी रखेंगे कि यह मार्केट की ताकतों के हिसाब से तय होगी। हालांकि एक्सेंज रेट में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव होने पर हस्तक्षेप किया जाएगा,सट्टेबाजी पर रोक लगेगी और गलत हरकतों को रोकेंगे ताकि यह पक्का हो सके कि इकोनॉमिक एक्टिविटी में कोई बाधा न आए।

अपने संबोधन के खत्म करते हुए RBI गवर्नर ने कहा कि भारत के मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स ग्लोबल झटकों के खिलाफ सपोर्ट देते रहेंगे। हालांकि पॉलिसी बनाने वाले भविष्य में कोई भी पॉलिसी एक्शन लेने से पहले महंगाई,कच्चे तेल की कीमतों,मौसम की स्थिति और जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट पर करीब से नजर रखेंगे।

 

 

RBI Policy Highlights : रेपो रेट में नहीं हुआ कोई बदलाव, जानिए महंगाई और ग्रोथ पर क्या है RBI गवर्नर की राय