Stocks to Watch: 23 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 7 शेयर, अदाणी और टाटा ग्रुप के स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Stocks to Watch:  बुधवार 23 सितंबर को शेयर बाजार में कई कंपनियां अहम खबरों के चलते फोकस में रह सकती हैं। अदाणी और टाटा ग्रुप की कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट आए हैं। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भी कुछ शेयरों पर दिख सकता है। वहीं, हिस्सेदारी बढ़ाने, प्रमोटर सेल और नए स्टोर से जुड़े अपडेट भी हैं।

Adani Group Stocks

अडानी ग्रुप की कंपनियां फोकस में रहेंगी। SEBI ने Adani Enterprises, Adani Total Gas, AWL Agri Business, Adani Green Energy और Adani Energy Solutions से जुड़े मामलों को ₹1.51 करोड़ के सेटलमेंट के साथ निपटाया है। मामला हिंडनबर्ग रिपोर्ट में उठाए गए RPT और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े सवालों से जुड़ा था।

OMCs Stocks

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां यानी OMCs फोकस में रहेंगी। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। Brent क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों से तेल बाजार पर असर पड़ा है।

Tata Group Stocks

टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर भी नजर रहेगी। Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर विवाद जारी है। NCP (SP) प्रमुख शरद पवार ने Tata Trusts की भूमिका और ग्रुप की मौजूदा ट्रस्ट-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने की बात कही है।

Persistent Systems

आईटी सेक्टर की कंपनी Persistent Systems ने Nagarro में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। कंपनी ने 61.15% अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल की है। इसके साथ Nagarro में उसकी कुल हिस्सेदारी 83.25% हो गई है। अतिरिक्त शेयरों के लिए स्वीकृति अवधि 23 सितंबर से 6 अक्टूबर तक चलेगी।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक HDFC Bank में नए MD और CEO के फैसले पर नजर रहेगी। बैंक के बोर्ड ने RBI को दो नाम भेजे हैं। दोनों नाम तीन साल के कार्यकाल के लिए मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। बैंक ने अभी आधिकारिक तौर पर नामों का खुलासा नहीं किया है।

Allied Blenders & Distillers

शराब बनाने वाली कंपनी Allied Blenders & Distillers के प्रमोटर बीना किशोर छाबड़िया 55 लाख तक शेयर बेच सकती हैं। यह कंपनी की करीब 1.97% हिस्सेदारी है। बिक्री का मकसद न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की जरूरत पूरी करना है।

Allcargo Terminals

लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी Allcargo Terminals के अगस्त के कुल वॉल्यूम में बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का कुल वॉल्यूम 65.6 हजार TEUs रहा। यह पिछले साल के मुकाबले 6% और जुलाई के मुकाबले 5% ज्यादा है।

360 ONE WAM

वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर की कंपनी 360 ONE WAM ने Aashish Agarwal को CEO नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 15 फरवरी 2027 से प्रभावी होगी। इसी तारीख से MD Karan Bhagat को Vice Chairman की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।

IRB Infrastructure Developers

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी IRB Infrastructure Developers के बोर्ड ने कुछ संपत्तियों को बेचकर रकम जुटाने की मंजूरी दी है। बोर्ड ने इस प्रक्रिया के लिए कंपनी को अधिकृत भी किया है। अब कंपनी इन एसेट्स के मॉनेटाइजेशन की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

Shoppers Stop

रिटेल सेक्टर की कंपनी Shoppers Stop ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। कंपनी ने अहमदाबाद के Sindhu Bhavan और जबलपुर के Mall 11 में नए स्टोर खोले हैं। इसके साथ 31 अगस्त 2026 तक कंपनी के डिपार्टमेंट स्टोर्स की कुल संख्या 117 हो गई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अमेरिका सैन्य दबाव कम करे, तो सात दिन में होर्मुज जलडमरूमध्य खोल सकते हैं: ईरान

ईरान ने कहा है कि यदि अमेरिका उस पर सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाने पर सहमत होता है तो वह सात दिन के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल सकता है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इससे ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक बातचीत फिर शुरू होने की संभावना बनती दिख रही है। अधिकारी ने कहा कि अमेरिका को पहले कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने के लिए औपचारिक प्रतिबद्धता जतानी होगी और बातचीत के लिए समय सीमा पर सहमत होना होगा।

अधिकारी के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए न्यूयॉर्क पहुंचा ईरान का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ बातचीत फिर शुरू करने के लिए पूरी तरह अधिकृत है। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क में मध्यस्थ किसी समझौते की शर्तों पर बातचीत शुरू कर सकते हैं, जिसका उद्देश्य लड़ाई खत्म करना होगा। ईरान 16 सितंबर को ही मध्यस्थों के जरिए अपना प्रस्ताव अमेरिका तक पहुंचा चुका है।

अधिकारी ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र महासभा अमेरिका के लिए कूटनीति की ओर लौटने का सुनहरा अवसर है।” उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ठोस कदम उठाता है तो ईरान फिर से बातचीत का स्वागत करेगा।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान मंगलवार को महासभा में हिस्सा लेने के लिए तेहरान से न्यूयॉर्क रवाना हुए। अधिकारी ने कहा कि श्री पेजेश्कियान की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात नहीं होगी।

ये बयान रविवार को ईरान के सैन्य केंद्रीय कमान की ओर से जारी बयान के बाद आए हैं। सैन्य कमान ने कहा था कि उसे जानकारी मिली है कि अमेरिका क्षेत्रीय देशों के समर्थन से फिर से सैन्य अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है। उसने चेतावनी दी थी कि किसी भी नये हमले का ईरान “बिना किसी सीमा और विचार के” जवाब देगा।

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जहाजरानी विश्लेषण कंपनी केप्लर के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही युद्ध से पहले के स्तर का बहुत छोटा हिस्सा रह गई है। सोमवार को केवल दो मालवाहक जहाज जलडमरूमध्य पार कर सके, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 10 थी। इनमें पनामा के झंडे वाला एक सुपरमैक्स जहाज और लाइबेरिया के झंडे वाला एक बल्क कैरियर शामिल था।

समुद्री खुफिया कंपनी मेरिस्क के अनुसार, जलडमरूमध्य से गुजरते समय दो अन्य जहाज अलग-अलग घटनाओं में क्षतिग्रस्त हुए। सोमवार को आइल ऑफ मैन के झंडे वाला कच्चे तेल का टैंकर एलआर स्टेफनी जलडमरूमध्य में प्रवेश करते समय एक अज्ञात प्रक्षेप्य की चपेट में आ गया, जिससे चालक दल के दो सदस्य मामूली रूप से घायल हुए।

इससे एक दिन पहले लाइबेरिया के झंडे वाले एलपीजी टैंकर अल मरियाह को जलडमरूमध्य से बाहर निकलते समय निशाना बनाया गया था। दोनों जहाज अपनी बाकी यात्रा जारी रखने में सक्षम रहे। मेरिस्क ने कहा कि इन हमलों के लिए जिम्मेदारी की पुष्टि नहीं हुई है और दोनों जहाज सार्वजनिक रूप से जारी ईरानी फारस की खाड़ी-होर्मुज जलडमरूमध्य प्राधिकरण की गैर-अनुपालन वाले जहाजों की सूची में दिखाई नहीं देते थे।

केप्लर ने चेतावनी दी कि उसके आंकड़ों में वे जहाज शामिल नहीं हैं, जिन्होंने अपनी स्थिति छिपाने के लिए स्वचालित पहचान प्रणाली के ट्रांसपोंडर बंद कर दिए हों। फरवरी में युद्ध शुरू होने से पहले हर दिन करीब 125 बड़े वाणिज्यिक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते थे। इनमें तेल टैंकर, गैस वाहक, बल्क कैरियर और कंटेनर जहाज शामिल थे। इस जलमार्ग से दुनिया की दैनिक कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत गुजरता है।

लाल सागर के दक्षिणी छोर पर स्थित बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही अपेक्षाकृत स्थिर रही। सोमवार को 26 जहाज इस जलमार्ग से गुजरे, जो एक दिन पहले की संख्या के बराबर है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की संभावना का असर ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ा है। ईरान के प्रस्ताव के बाद खाड़ी से तेल की आपूर्ति बढ़ने की संभावना को देखते हुए कारोबारियों के आकलन के बीच मंगलवार को ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई।

Pic Credit : UNI

Bitcoin 8 महीने के हाई पर पहुंचा, क्रिप्टो में आई इस तेजी की वजह क्या है?

Bitcoin Price: ग्लोबल रिस्क एसेट्स में सुधार का असर क्रिप्टोकरेंसी पर भी दिखा। यहीं वजह है कि बिटकॉइन की कीमत $87,000 के पार जाकर 8 महीने के हाई पर पहुंच गई। US स्पॉट बिटकॉइन ETF में नई खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग ने भी इस तेजी को बढ़ावा दिया। ब्लूमबर्ग के अनुसार, न्यूयॉर्क में बिटकॉइन की कीमत 7.7% बढ़कर $87,354 हो गई। पिछले हफ़्ते के निचले स्तर से इसकी कीमत में $10,000 से ज़्यादा का उछाल आया है। यह क्रिप्टोकरेंसी जनवरी के आखिर में देखे गए स्तरों के आसपास ट्रेड कर रही थी, हालांकि यह अक्टूबर में बने अपने रिकॉर्ड हाई से अभी भी लगभग एक-तिहाई नीचे है।

यह तेजी ग्लोबल स्टॉक और बॉन्ड में बढ़त के साथ आई। तेल की कम कीमतों और US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के बीच होने वाली प्रस्तावित समिट को लेकर उम्मीदों ने मार्केट के सेंटीमेंट को बेहतर बनाया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, छोटी क्रिप्टोकरेंसी में भी बढ़त देखी गई। डॉजकॉइन (Dogecoin) में 14% तक और XRP में लगभग 8% की बढ़ोतरी हुई।

इस तेज़ी के दौरान क्रिप्टो मार्केट में बड़े पैमाने पर पोजीशन लिक्विडेशन भी देखा गया।

ब्लूमबर्ग ने CoinGlass के डेटा का हवाला देते हुए बताया कि 24 घंटों में डिजिटल एसेट्स में लॉन्ग और शॉर्ट पोजीशन का लिक्विडेशन लगभग $1 बिलियन तक पहुंच गया, जो अगस्त के आखिर के बाद सबसे ज़्यादा स्तर है।

इस दौरान हुए लिक्विडेशन में शॉर्ट पोजीशन का हिस्सा लगभग $878 मिलियन था।

बिटकॉइन अब तक लगभग 44% ऊपर 

मुद्रेक्स (Mudrex) के बिजनेस हेड प्रतीक गुप्ता ने कहा कि फेडरल रिजर्व के रुख को अपेक्षाकृत नरम (dovish) माने जाने के बाद रिस्क के लिए बेहतर माहौल बना, जिससे इस तेज़ी को सपोर्ट मिला। साथ ही, तेल की गिरती कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंताएं कम करने में मदद की। उन्होंने शॉर्ट कवरिंग को भी एक अतिरिक्त वजह बताया।

मुद्रेक्स के अनुसार, इस तिमाही में बिटकॉइन अब तक लगभग 44% ऊपर है। कंपनी ने कहा कि यह 2024 की चौथी तिमाही के बाद से इसकी सबसे मज़बूत तिमाही बढ़त होगी। फर्म ने यह भी बताया कि स्ट्रैटेजी (Strategy) ने 950 और बिटकॉइन जोड़े हैं, जिससे उनकी होल्डिंग 846,000 बिटकॉइन हो गई है।

ETF में आने वाले फंड (इनफ्लो) ने भी सपोर्ट का एक और ज़रिया दिया है।

गियोटस (Giottus) के CEO विक्रम सुब्बुराज ने कहा कि हफ़्ते की शुरुआत में भारी आउटफ्लो के बाद, US स्पॉट बिटकॉइन ETF में 18 सितंबर को $433 मिलियन और 21 सितंबर को $617.6 मिलियन का इनफ्लो दर्ज किया गया। CoinSwitch के मार्केट्स डेस्क ने कहा कि बिटकॉइन का $87,000 से ऊपर जाना $82,000 के लेवल को तोड़ने के बाद हुआ, जबकि लगभग $750 मिलियन की शॉर्ट पोजीशन लिक्विडेट हो गईं। उन्होंने फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट में लगभग $2 बिलियन की बढ़ोतरी की ओर भी इशारा किया, जिससे पता चलता है कि कीमत में उछाल के साथ-साथ लेवरेज भी बढ़ा है।

हालांकि, लेवरेज में बढ़ोतरी का मतलब है कि इस उछाल का टिके रहना इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या स्पॉट डिमांड कीमतों को सपोर्ट करती रहती है। CoinSwitch ने कहा कि मजबूत अंडरलाइंग बाइंग महत्वपूर्ण होगी क्योंकि बढ़ी हुई पोजीशनिंग से कीमतों में तेज गिरावट का जोखिम भी बढ़ सकता है।

बिटकॉइन के लिए अहम लेवल क्या हैं?

WazirX के फाउंडर निश्चल शेट्टी ने कहा कि $86,000 से ऊपर जाने का मतलब है कि महीनों के दबाव के बाद मार्केट सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। उन्होंने $80,000 से ऊपर रिकवरी, US एजेंसियों की लगातार रेगुलेटरी एक्टिविटी और तेल की कीमतों व ट्रेजरी यील्ड में नरमी को इस उछाल को सपोर्ट करने वाले कारकों के रूप में बताया।

शेट्टी ने इंस्टीट्यूशनल एक्टिविटी में नई तेजी पर भी जोर दिया। उनके डेटा के अनुसार, US स्पॉट बिटकॉइन ETF में लगभग $617.6 मिलियन का डेली नेट इनफ्लो दर्ज किया गया, जो लगभग 7,610 बिटकॉइन के बराबर है, जबकि कुल ETF ट्रेडिंग वॉल्यूम लगभग $5.72 बिलियन था। US स्पॉट इथेरियम ETF में भी लगभग 55,640 ETH का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया।

ZebPay में ट्रेड के हेड हरीश जी वतनानी ने कहा कि बिटकॉइन की रिकवरी CLARITY एक्ट के लिए झटके और फेडरल रिजर्व के रेट फैसले को लेकर अनिश्चितता के दौर के बाद हुई। उन्होंने कहा कि मार्केट ने शुरू में नेगेटिव प्रतिक्रिया दी, लेकिन इन दो घटनाओं को लेकर अनिश्चितता खत्म होने के बाद यह स्थिर हो गया।

वतनानी ने कहा, “स्पॉट बिटकॉइन ETF में नए इनफ्लो, शॉर्ट कवरिंग और बेहतर होते व्यापक रिस्क सेंटीमेंट ने इस मूवमेंट को और सपोर्ट किया है।” यह उछाल ऑल्टकॉइन्स तक भी फैल गया है।

CoinDCX में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और ग्रोथ व क्रिप्टो बिजनेस हेड मिनल ठुकराल ने कहा कि बिटकॉइन कुछ ही घंटों में लगभग $82,000 से बढ़कर $85,000 से ऊपर पहुंच गया, और इस मूवमेंट को शुरू में US स्पॉट बिटकॉइन ETF इनफ्लो और तेल व इक्विटी मार्केट में बेहतर होते सेंटीमेंट से सपोर्ट मिला। थुकराल ने कहा कि इसके बाद रैली एक ऐसे ज़ोन में पहुंच गई जहां बहुत ज़्यादा ‘शॉर्ट’ पोजीशन थीं। एक घंटे में 300 मिलियन डॉलर से ज़्यादा की शॉर्ट पोजीशन बंद (लिक्विडेट) हो गईं, जिससे कीमतें बढ़ने पर ट्रेडर्स को बिटकॉइन वापस खरीदना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि SUI और NEAR में 20% से ज़्यादा की बढ़त हुई, जबकि RENDER और AVAX में लगभग 17% से 18% की बढ़ोतरी देखी गई।

तेज़ी से हुई इस रिकवरी के बावजूद, एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी कि इस बदलाव को व्यापक मैक्रो-इकोनॉमिक माहौल के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेडर्स कच्चे तेल की कीमतों और US ट्रेजरी यील्ड के ऊँचे स्तर को लेकर चिंतित बने हुए हैं, जबकि फेडरल रिजर्व की पॉलिसी का असर रिस्क वाले एसेट्स पर पड़ना जारी रह सकता है।

इन्वेस्टर्स के लिए, सुब्बुराज ने कहा कि ब्रेकआउट के बाद $82,000-$82,800 का दायरा नज़र रखने के लिए एक अहम सपोर्ट ज़ोन होगा। थुकराल ने कहा कि जो इन्वेस्टर्स लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, वे कई बार में खरीदारी करने पर विचार कर सकते हैं, जबकि एक्टिव ट्रेडर्स को इस तेज़ी के बाद पोजीशन साइज़, कोलेटरल और लिक्विडेशन लेवल पर बारीकी से ध्यान देना चाहिए।

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Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुआ बदलाव, जानें 22 सितंबर को आपके शहर में क्या है नया रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 22 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Trading Ideas : NSE IPO के पूरा होने के बाद सेंकेंडरी मार्केट पर फिर बढ़ेगा फोकस, आज इन दो शेयरों में बन सकता है अच्छा पैसा

Trading Ideas : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 23450 पर अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 09:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 90.69 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 74,949.68 पर और निफ्टी 36.65 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 23,450.95 पर था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में कोल इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, HCL टेक, सिप्ला, TCS और मैक्स हेल्थकेयर शामिल हैं। सेक्टरों की बात करें तो IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे है। रियल्टी इंडेक्स में 1% की बढ़त दिख रही है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी आने से यूएस इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑन सेंटीमेंट (जोखिम लेने का उत्साह) बढ़ा है। इस सकारात्मक बदलाव का असर दूसरे इक्विटी मार्केट पर भी दिखेगा। भारत में, NSE IPO के पूरा होने और रिफंड मिलने शुरू होने के साथ सेकेंडरी मार्केट पर फिर से फोकस होगा,जिससे मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

अब सही कीमत वाले लार्ज-कैप शेयरों की ओर फोकस बढ़ाने का समय आ गया है। HDFC बैंक के शेयर में मजबूती के साथ इसके शुरुआती संकेत भी मिल रहे हैं। लेकिन इसे एक ट्रेंड बनने में समय लगेगा। बेहतर ग्रोथ की संभावना और मोमेंटम SMID (स्मॉल और मिड-कैप) शेयरों के पक्ष में हैं।

कीमती धातुओं की कीमतें स्थिर होने और फिक्स्ड इनकम से मिलने वाला रिटर्न आकर्षक होने के कारण,निवेशक अब मल्टी-एसेट स्ट्रैटेजी चुन सकते हैं। यह अभी एक अच्छा विकल्प होगा क्योंकि इससे ग्रोथ की संभावनाओं और उतार-चढ़ाव से सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहेगा,जिससे ठीक-ठाक लेकिन स्थिर रिटर्न मिलेगा।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर की राय है कि ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। अमेरिकी शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई है और एशियाई बाजार भी ज़्यादातर पॉज़िटिव हैं। साथ ही,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर कुछ दबाव कम हुआ है। यह बाजार के लिए अच्छा संकेत है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 23478-23517 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23569-23607-23649 पर है। इसके लिए पहला बेस 23300-23361 पर और बड़ा बेस 23210-23256 पर है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 56621-56770 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56927-57044-57291 पर है। इसके लिए पहला बेस 56044-56209 पर और बड़ा बेस 55600-55810 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। इनकी आज LAURASLAB में 2013 रुपए के आसपास, 1992 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 2055 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। INDIGO में भी इनकी 4940 रुपए के आसपास, 4898 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 5021 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Market Insight : EMS और पावर इक्विपमेंट शेयरों पर रखें नजर, निफ्टी में ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ रहें लॉन्ग

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

क्रूड, बॉन्ड यील्ड की डबल राहत से क्या होगी आज निफ्टी वीकली एक्सपायरी परफेक्ट, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी एक पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एशियाई बाजारों में टेक्नोलॉजी-आधारित तेजी और वॉल स्ट्रीट पर रात भर हुई जबरदस्त बढ़त से बाजार का मूड बेहतर हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत में प्रगति की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी हालिया ऊंचे स्तरों से भारी गिरावट आई है, हालांकि ब्रेंट क्रूड अभी भी $100 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 23,499 पर ट्रेड कर रहा था, जो 59 अंक या 0.25 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। भारतीय बाज़ार लगातार चौथे दिन रिकवरी जारी रखने के बाद मंगलवार के सेशन में प्रवेश कर रहे हैं। सोमवार को सेंसेक्स 564.03 अंक या 0.76 प्रतिशत बढ़कर 74,858.99 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 67.90 अंक या 0.29 प्रतिशत बढ़कर 23,414.30 पर पहुंच गया।

ग्लोबल माहौल में भी सुधार हुआ है; अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में ज़बरदस्त तेज़ी आई है, ट्रेजरी यील्ड हालिया ऊंचे स्तरों से नीचे आई है और कच्चे तेल की कीमतें इस महीने की शुरुआत में देखे गए स्तरों से काफी नीचे हैं।

सोमवार को कैसी रही सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

सोमवार को बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए।  सेंसेक्स में 564 अंकों की बढ़त हुई और निफ्टी ने लगातार चौथे सेशन में अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखा। इस तेज़ी को कच्चे तेल की कीमतों में कमी, विदेशी फंड के नए इनफ्लो और ग्लोबल इक्विटी बाज़ारों में बढ़त का समर्थन मिला।

30-शेयर वाला BSE सेंसेक्स 564.03 अंक या 0.76% बढ़कर 74,858.99 पर बंद हुआ, जो एक हफ़्ते से ज़्यादा समय में इसका सबसे ऊंचा स्तर है। सेशन के दौरान, इंडेक्स 692.44 अंक या 0.93% तक चढ़कर 74,987.40 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया।

50-शेयर वाला NSE निफ्टी भी लगातार चौथे सेशन में बढ़ा और 67.90 अंक या 0.29% की बढ़त के साथ 23,414.30 पर बंद हुआ।

एशियाई बाज़ारों में तेज़ी, टेक शेयरों ने बढ़त को आगे बढ़ाया

मंगलवार को एशियाई शेयरों में तेज़ी आई, जिसमें टेक्नोलॉजी शेयरों ने मुख्य भूमिका निभाई। तेल की कम कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। एशिया में टेक्नोलॉजी शेयरों में यह तेज़ी, अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में रात भर हुई ज़बरदस्त खरीदारी के बाद देखी गई।

शुरुआती कारोबार में जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज़्यादा चढ़ा। दक्षिण कोरिया का टेक-हैवी बाज़ार लगभग 2 प्रतिशत उछला, जबकि ताइवान के शेयरों में 1.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। चीन का ब्लू-चिप इंडेक्स 0.75 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.4 प्रतिशत बढ़ा। छुट्टी के कारण जापानी बाज़ार बंद रहे।

ब्रेंट क्रूड $100 के करीब

कई दिनों की गिरावट के बाद मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़त हुई, लेकिन यह अपने हालिया उच्चतम स्तर से काफी नीचे बना रहा। निवेशक इस हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत से जुड़ी गतिविधियों का इंतज़ार कर रहे थे। नवंबर के लिए ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 0.22 प्रतिशत बढ़कर $100.57 प्रति बैरल हो गया, जबकि WTI का नवंबर कॉन्ट्रैक्ट 0.14 प्रतिशत बढ़कर $92.49 पर पहुंच गया।

इंडेक्स पर क्या होगी रणनीति

सेंसेक्स के आउटलुक पर बात करते हुए चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड में टेक्निकल रिसर्च के VP सचिन गुप्ता ने कहा, “सेंसेक्स के साइडवेज रहने की संभावना है, जिसमें 74,000–74,450 का लेवल मुख्य सपोर्ट ज़ोन और 75,000–75,500 का लेवल मुख्य रेजिस्टेंस एरिया होगा। 75,000 के ऊपर लगातार खरीदारी से शॉर्ट-टर्म प्राइस स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है, जबकि 74,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ट्रेडर्स को मुख्य OI लेवल पर नज़र रखनी चाहिए और नई डायरेक्शनल पोजीशन लेने से पहले किसी निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन का इंतजार करना चाहिए।”

चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के अनुसार, डेली कैंडल एक बुलिश कैंडल बनी है, जिसमें नीचे की तरफ छोटी शैडो और ऊपर की तरफ औसत शैडो है। यह पूरे सेशन के दौरान लगातार खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है, हालांकि दिन के हाई के पास कुछ प्रॉफिट बुकिंग भी देखी गई।

टेलर ने आगे कहा, “टेक्निकल नज़रिए से देखें तो रिकवरी से शॉर्ट-टर्म स्टेबिलिटी बनी हुई है और निफ्टी 23,250–23,320 के इमीडिएट सपोर्ट ज़ोन के ऊपर बना हुआ है। RSI सुधरकर 37.54 हो गया है, जबकि RSI एवरेज 32.54 है, जो ओवरसोल्ड लेवल से मोमेंटम में सुधार का संकेत देता है, हालांकि इंडिकेटर अभी भी 50 के मार्क से नीचे है। 23,000 का लेवल बड़े स्ट्रक्चर के लिए अहम/निर्णायक लेवल बना हुआ है। इमीडिएट रेजिस्टेंस 23,480–23,550 पर है। ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि पुट OI का कंसंट्रेशन 23,300–23,400 के आसपास है, जबकि कॉल OI का कंसंट्रेशन 23,400–23,500 के आसपास है। 0.94 का PCR एक तरह से बैलेंस्ड ऑप्शन सेटअप का संकेत देता है, जबकि इंडिया VIX गिरकर 11.22 हो गया है, जो कम वोलैटिलिटी को दिखाता है।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, यूएस, एशिया बाजारों में तेजी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर्स दे रहे मंदी के कमजोर पड़ने के संकेत, 23600 के ऊपर टिकने पर निफ्टी में आ सकती है और तेजी

Trade setup for today : 21 सितंबर को निफ्टी ने 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ हफ्ते की शुरुआत की और लगातार चौथे सेशन में भी तेजी बनाए रखी। इसे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी सुधार दिखा और मंदी का रुझान कम हुआ। हालांकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा,जो इसके कमजोर स्ट्रक्चर का संकेत है। मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि आगे निफ्टी को 23,500-23,600 के दायरे में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है,जबकि 23,600 के ऊपर मजबूती दिखाने पर और बढ़त की गुंजाइश बन सकती है। बाजार जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ 23,300 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है और उसके बाद 23,000 का लेवल अहम सपोर्ट का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,414) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,457, 23,493 और 23,551

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,341, 23,305 और 23,247

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाई,लेकिन यह 15 सितंबर की लंबी रेड कैंडल के दायरे में ही रही। यह सीमित दायरे में हो रही ट्रेडिंग के बीच पॉजिटिव संकेत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट से लेकर लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा। हालांकि मोमेंटम इंडिकेटर्स ने बेयरिश मोमेंटम में कमी दिखाई। RSI बढ़कर 37.54 पर पहुंच गया और अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर बना रहा। MACD ऊपर तो गया लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा,जबकि हिस्टोग्राम की कमजोरी लगातार चौथे सेशन में कम हुई। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है।

बैंक निफ्टी (56,471) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,622, 56,716 और 56,868

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,317, 56,223 और 56,071

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने ऊपरी शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनाई,लेकिन यह 15 सितंबर की लंबी रेड कैंडल के दायरे में ही रही। इससे पता चलता है कि रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच ऊंचे लेवल पर दबाव होने के बावजूद इसमें पॉजिटिव रुझान बना हुआ है। बैंक निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा,जबकि पॉजिटिव क्रॉसओवर के बाद RSI बढ़कर 44.62 पर पहुंच गया,हालांकि यह अभी भी 50 के लेवल से नीचे ही है। लाल हिस्टोग्राम बार लगातार चौथे सेशन में भी घटता रहा, जबकि MACD लाइन सिग्नल लाइन के नीचे बनी रही। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है,हालांकि बड़ा ट्रेंड अभी भी सावधानी वाला बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

21 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹576 करोड़ के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान ₹2,800 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

वोलैटिलिटी इंडेक्स,India VIX कल लगातार चौथे सेशन में गिरा और एक और अपने शॉर्ट-टू-मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो बुल्स के लिए राहत का संकेत है। सोमवार को वोलैटिलिटी इंडेक्स 1.43 प्रतिशत गिरकर 11.22 पर आ गया। 12 के जोन से नीचे बने रहने से बुल्स को राहत मिल सकती है और मार्केट को स्थिर रहने में मदद मिल सकती है।

Market Technicals: मंदी का रुझान धीरे-धीरे हो रहा कम, निफ्टी में खुल सकता है 24000 की तरफ रैली का रास्ता

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 21 सितंबर को बढ़कर 1.2 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.06 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: चांदी एक ही दिन में ₹5000 सस्ती हुई, सोना ₹200 गिरा

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। मजबूत रुपये और कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच सोना ₹200 गिरकर ₹1,56,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

शुक्रवार को 24 कैरेट वाला सोना ₹1,56,600 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी की कीमत ₹5,000 घटकर ₹2.42 लाख प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2.47 लाख प्रति किलो पर थी।

ग्लोबल बाजार में भी दबाव

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग के मुताबिक, सोने-चांदी पर इस समय कई तरह के दबाव हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त रुख और महंगाई की चिंता से बॉन्ड यील्ड और डॉलर मजबूत बने हुए हैं।

हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव से सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं की मांग को सपोर्ट मिल रहा है।

ग्लोबल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 24.75 डॉलर यानी 0.57% गिरकर 4,353.48 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी 66.27 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर रही।

मजबूत रुपये का भी असर

ट्रेडर्स के मुताबिक, रुपये में मजबूती का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ा। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 95.81 पर पहुंच गया। शेयर बाजार में तेजी का भी कीमती धातुओं पर असर पड़ा।

Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि सोना फिलहाल 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे सत्र गिरावट से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद भी सोने पर असर डाल रही है।

गौरव गर्ग के मुताबिक, WTI क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है। निवेशक सऊदी अरब से तेल की सप्लाई सामान्य होने की संभावना पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, पश्चिम एशिया में हमले और सप्लाई में रुकावट अभी भी बड़ा जोखिम बने हुए हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

ईरानी राष्ट्रपति और ट्रंप की होगी सीधी मुलाकात! बैकफुट पर क्यों आ रहे अमेरिका और तेहरान?

Trump Iran President Meeting: करीब 7 महीनों से जारी भीषण युद्ध और तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में एक नया मोड़ देखने को मिलने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे इस हफ्ते न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात करने के लिए ‘तैयार’ हैं।

यह संभावित मुलाकात ऐसे समय में होने की बात कही जा रही है, जब एक तरफ ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत की 7 शर्तें रखी हैं, तो दूसरी तरफ ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि किसी भी नए अमेरिकी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। आइए आपको बताते हैं इस संभावित मुलाकात के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी।

न्यूयॉर्क में कैसे हो सकती है हाई-प्रोफाइल मुलाकात?

संयुक्त राष्ट्र (UN) की महासभा में 22 से 28 सितंबर तक चलने वाली बैठकों के सिलसिले में दुनिया भर के नेता न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति मासूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत पूरे ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका आने की अनुमति दे दी है। क्योंकि दोनों नेता एक ही छत के नीचे मौजूद होंगे, इसलिए बिना किसी अलग से बड़े शिखर सम्मेलन के भी साइडलाइन्स पर सीधी बातचीत का रास्ता खुल सकता है।

ईरान ने मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया मैसेज

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रजाई के मुताबिक, ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के सामने बातचीत की 7 प्रमुख शर्तें रखी हैं:

  • सभी मोर्चों पर जारी युद्ध को तुरंत रोका जाए।
  • अमेरिका द्वारा फ्रीज किए गए ईरानी फंड और संपत्तियों को तुरंत बहाल किया जाए।
  • ईरान पर लगी अमेरिकी समुद्री/नौसैनिक नाकाबंदी को खत्म किया जाए।
  • कतर, तुर्की और कई अन्य मध्यपूर्वी देश इस बीच बिचौलिये की भूमिका निभा रहे हैं और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संदेश पहुंचा रहे हैं।

‘फैसले के मोड़ पर हूं’: ट्रंप की चेतावनी और 3 विकल्प

फॉक्स न्यूज से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे इस समय ‘डिसाइडिंग मोड’ में हैं और आने वाले दिनों में ‘बहुत कुछ बड़ा’ होने वाला है। ट्रंप के पास इस समय 3 मुख्य रास्ते मौजूद हैं:

आर्थिक दबाव: ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध जारी रखना।

सैन्य कार्रवाई: अमेरिका की ओर से सीधा हमला करना।

डिप्लोमैटिक डील: बातचीत के जरिए किसी समझौते पर पहुंचना।

अपनी सख्त बयानबाजी के लिए मशहूर ट्रंप ने ये तक कह दिया कि, ‘मेरा सवाल यह है कि मुझे पूरे देश को कब और कैसे तबाह करना है? बेहतर होगा कि वे सही व्यवहार करें।’

गल्फ देशों के साथ ट्रंप की बड़ी मीटिंग

ट्रंप न्यूयॉर्क में सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के नेताओं से भी अलग से मुलाकात करने वाले हैं। माना जा रहा है कि जंग के अगले चरण पर कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले ट्रंप अपने खाड़ी सहयोगियों की राय सीधे तौर पर सुनना चाहते हैं।

वहीं, ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान का कहना है कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता, लेकिन वे किसी की धौंस या ताकत के आगे झुकेंगे नहीं। इसके साथ ही ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए कच्चे तेल की सप्लाई रोकने को अपने सबसे बड़े हथियार के रूप में देख रहा है।

वैसे ट्रंप की इस मुलाकात की रजामंदी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि दोनों देशों के बीच डील पक्की हो गई है। ट्रंप की यह पुरानी कूटनीतिक रणनीति रही है। एक तरफ भारी सैन्य दबाव और सख्त जुबानी हमले, तो दूसरी तरफ टेबल पर बातचीत की खिड़की खुली रखना। अगर यह मुलाकात होती है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की कीमतों के लिहाज से इस साल का सबसे बड़ा घटनाक्रम साबित हो सकता है।

पाकिस्तानी मंत्री बोले- पेट्रोल 1000 रुपए तक पहुंच सकता है:कमी हुई तो कीमतें बढ़ेंगी; अब तक 50% महंगा हुआ, 389 रुपए लीटर कीमत

पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 1000 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने रविवार को कहा कि अगर देश में पेट्रोल की कमी हुई तो कीमत और बढ़ सकती है। मंत्री के मुताबिक, पाकिस्तान में पेट्रोल अब तक करीब 50% महंगा हो चुका है। फिलहाल पेट्रोल 389.14 रुपए प्रति लीटर और डीजल 424.04 रुपए प्रति लीटर है। मिडिल ईस्ट में लड़ाई बढ़ने से दुनिया में कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल की सप्लाई को लेकर भी चिंता बढ़ी है। इसका असर पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत पर पड़ रहा है। बाइक और छोटे वाहनों को सब्सिडी दे रही सरकार बढ़ती कीमतों के बीच पाकिस्तान सरकार ने बाइक, रिक्शा, चिंगची और 800 सीसी तक की कारों के लिए पेट्रोल पर सब्सिडी योजना शुरू की है। इसमें पेट्रोल पर 100 रुपए प्रति लीटर तक की सब्सिडी दी जा रही है। हर पात्र व्यक्ति को महीने में 4 टोकन मिलेंगे। हर टोकन पर 500 रुपए की सब्सिडी मिलेगी। योजना में अब 1 जनवरी 2006 से रजिस्टर्ड मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं। सरकार के मुताबिक, योजना में 17.5 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। करीब 15 लाख टोकन जारी हो चुके हैं और 6.80 लाख से ज्यादा टोकन इस्तेमाल किए जा चुके हैं। अक्टूबर तक पाकिस्तान में मिल सकता है घरेलू तेल पाकिस्तान सरकार देश में नए तेल भंडार खोजने पर काम कर रही है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक के मुताबिक, तेल के कुओं पर काम शुरू हो चुका है और अक्टूबर तक कच्चा तेल मिलने की उम्मीद है। सरकार ने तेल और गैस की खोज के लिए नए ब्लॉक भी कंपनियों को दिए हैं। इसका मकसद देश में घरेलू उत्पादन बढ़ाना और विदेशों से तेल खरीदने पर खर्च कम करना है। अगर नए कुओं से व्यावसायिक स्तर पर तेल निकलता है, तो पाकिस्तान को अपनी जरूरत का कुछ हिस्सा देश में ही मिल सकेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने पर देश पर पड़ने वाला दबाव भी कम हो सकता है। खबर अपडेट हो रही है…