Petrol Diesel Price Today: सुबह 6 बजे जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 01 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

August 1 Rule Changes : 1 अगस्त से बदल सकते हैं LPG Cylinder, Tatkal Booking और Credit Card के नियम, जानें किन बातों का पड़ेगा असर

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1 August Rules Changes: हर महीने की शुरुआत के साथ कई ऐसे नियम और शुल्क बदलते हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के कामों पर पड़ सकता है। 1 अगस्त से भी LPG Cylinder Prices, Railway Tatkal Booking, Credit Card Rewards, Banking Charges और Digital KYC से जुड़े कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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हालांकि, इनमें से हर बदलाव का असर सभी लोगों पर नहीं पड़ेगा, लेकिन पहले से जानकारी होने पर आप अनावश्यक खर्च और किसी तरह की परेशानी से बच सकते हैं। आइए जानते हैं 1 अगस्त से किन चीजों पर नजर रखना जरूरी है।

 

1 अगस्त को बदल सकते हैं LPG Cylinder के दाम

 

हर महीने की शुरुआत में तेल विपणन कंपनियां (OMCs) घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 अगस्त को Indane, Bharat Gas और HP Gas Cylinder की नई कीमतें जारी हो सकती हैं।

 

LPG की कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, LPG के बेंचमार्क रेट और रुपये-डॉलर की विनिमय दर जैसे कारकों पर निर्भर करता है।

 

अगर घरेलू LPG सिलेंडर महंगा होता है तो इसका सीधा असर परिवार के मासिक बजट पर पड़ सकता है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस की लागत प्रभावित हो सकती है।

 

ध्यान रखें कि LPG की कीमतें शहर के हिसाब से अलग हो सकती हैं। इसका कारण परिवहन लागत और स्थानीय टैक्स हैं। इसलिए सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर की लागू कीमत जरूर जांच लें।

 

LPG Subsidy लेने वाले भी करें ये काम

 

अगर आपको LPG सब्सिडी मिलती है तो सिलेंडर खरीदने के बाद अपने बैंक खाते में सब्सिडी की रकम क्रेडिट हुई है या नहीं, यह भी जरूर जांच लें। इसके लिए अपने बैंक खाते की एंट्री या संबंधित डिजिटल बैंकिंग सुविधा के जरिए भुगतान की जानकारी देखी जा सकती है।

 

2. Tatkal Ticket Booking के नियमों में बदलाव

 

रेल यात्रियों के लिए भी 1 अगस्त से Tatkal Ticket Booking से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय रेलवे रिजर्वेशन काउंटर से Tatkal टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए टोकन वितरण और Tatkal बुकिंग विंडो के खुलने के समय को सिंक्रोनाइज करने की नई प्रक्रिया लागू कर रहा है। इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को लंबी कतारों से राहत देना है। नई व्यवस्था में यात्रियों को पहले टोकन लेने और फिर टिकट बुक कराने के लिए दो बार इंतजार करने की जरूरत कम हो सकती है।

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इसका फायदा खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों, कभी-कभार ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों और ऑफलाइन टिकट बुक कराने वालों को मिल सकता है। वहीं, ऑनलाइन Tatkal टिकट बुकिंग मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जारी रहेगी।

 

3. Credit Card Rewards और Banking Charges में बदलाव संभव

 

1 अगस्त से कुछ बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियां अपने Credit Card Reward Programs और Fee Structure में बदलाव कर सकती हैं। इन बदलावों में रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक, ट्रांजैक्शन चार्ज, सर्विस फीस या कुछ खास कैटेगरी में मिलने वाले लाभ शामिल हो सकते हैं। अगर आप नियमित रूप से Credit Card का इस्तेमाल करते हैं तो अपने कार्ड जारी करने वाले बैंक की नई शर्तें और शुल्क जरूर जांच लें। खासकर उन ग्राहकों को सावधान रहना चाहिए जो रिवॉर्ड पॉइंट्स या कैशबैक का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।

Market Outlook : बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 3 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए है। फाइनेंशियल,ऑटो और कुछ दिग्गज शेयरों में तेजी की वजह से निफ्टी 24,350 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 2444 शेयरों में बढ़त हुई,1607 शेयरों में गिरावट आई और 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर बजाज फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,जियो फाइनेंशियल,M&M और अदाणी पोर्ट्स सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। जबकि TCS,एटरनल,मैक्स हेल्थकेयर, इंफोसिस और विप्रो सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस काफी हद तक पॉजिटिव रही। निफ्टी मीडिया सबसे अधिक बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2% की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो (1.6%),निफ्टी ऑयल एंड गैस (1%),निफ्टी एनर्जी (1%),निफ्टी फार्मा (0.7%),निफ्टी इंफ्रा (0.7%)और निफ्टी PSU बैंक (0.5%) रहे। दूसरी ओर,निफ्टी IT में 1.5% की गिरावट आई,जिससे यह सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर बन गया,जबकि निफ्टी FMCG में 1% की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 में 0.4% की बढ़त हुई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि आज भी बाजार में तेजी का रुख बना रहा,हालांकि ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली। हाई बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं के बीच निवेशक सतर्क नजर आए रहे। बाजार की यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी यह मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियों के नतीजों के दौर कैसा रहता है। हालांकि,अभी तक अनुमान से बेहतक नतीजे आ रहे हैं। इसके साथ साथ ही ग्लोबल रिस्क फैक्टर भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और मज़बूत ग्लोबल सेंटीमेंट के कारण बाजार का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। आगे बाजार की दिशा तय करने में पहली तिमाही के नतीजे और पश्चिम एशिया एशिया की स्थितियां अहम भूमिका निभाएंगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड, टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24450-24500 जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह शॉर्ट टर्म में 24650 और उसके बाद 24800 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24150-24100 जोन में है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि आज निफ्टी दिन भर ज्यादातर हरे निशान में ही रहा। इसने ऑवरली टाइमफ़्रेम पर अहम मूविंग एवरेज से ऊपर अपनी मजबूती बनाए रखी,जिससे शॉर्ट टर्म के लिए पॉज़िटिव ट्रेंड की पुष्टि होती है। हालांकि,मोमेंटम की कमी दिख रही है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट में अनिश्चित हालात के कारण ट्रेडर्स सतर्क हैं।

इसके बावजूद,कुल मिलाकर ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है,क्योंकि इंडेक्स डेली चार्ट पर 50 EMA से ऊपर बना हुआ है। नीचे की तरफ़,शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,500 पर दिख रहा है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में लगातार तीसरे सेशन में भी तेजी कायम रही और यह 66 अंक ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर अपर और लोअर शैडो (shadow)वाली एक स्मॉल पॉजिटिव कैंडल बनी। टेक्निकल नज़रिए से मार्केट की यह चाल ऊपरी स्तरों पर ‘हाई वेव’ या ‘डोजि’जैसे कैंडल पैटर्न के बनने का संकेत देती है,जो रेजिस्टेंस वाले स्तरों पर मार्केट में थोड़ी अस्थिरता (volatility) का संकेत है।

निफ्टी अभी 24350-24400 के अहम रेजिस्टेंस जोन (8 जुलाई का पिछला ओपनिंग डाउन गैप,17 जुलाई का पिछला स्विंग हाई और 200-डे EMA) के आसपास है। इसलिए,किसी बड़े ब्रेकआउट से पहले रेजिस्टेंस के आसपास कंसोलिडेशन या थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

निफ्टी का मेन ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर यह 24400 के ऊपर टिकता है,तो जल्द ही इसमें 24600-24700 के स्तर देखने को मिल सकते है। वहीं, नीचे की तरफ सपोर्ट 24200 पर है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला और सेशन के पहले हिस्से में इसमें गिरावट जारी रही,जिससे यह 56,769 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि,निचले स्तरों से अच्छी-खासी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते इंडेक्स अपने ज्यादातर नुकसान की भरपाई करने में कामयाब रहा। आखिर में यह 0.10% की गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ।

पिछले चार ट्रेडिंग सेशन के दौरान बैंक निफ्टी 57,330–56,672 की रेंज में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि इंडेक्स सीमित दायरे में बना हुआ है। बैंक निफ्टी अपने 20-डे और 50-डे EMA के बीच ऊपर-नीचे हो रहा है,जो किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड का अभाव दिखाता है। RSI भी सपाट हो गया है,जिससे पता चलता है कि तेजी या मंदी का कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है। वहीं,ADX भी सपाट बना हुआ है,जो कमजोर ट्रेंड और कम उतार-चढ़ाव (volatility) का संकेत है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है,तो इसमें में 58000 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58400 तक की बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं,नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 के जोन में है।

 

Trading Strategy : निचले स्तरों से तेजड़ियों ने की जोरदार वापसी, जानिए अब सोमवार के लिए क्या हो ट्रेंडिंग रणनीति

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : निफ्टी 24500-24600 पर स्थित अगले रेजिस्टेंस की और बढ़ने को तैयार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : 30 जुलाई को सीमित दायरे में कारोबार करने के बावजूद निफ्टी मे 0.3 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। मोमेंटम इंडिकेटर्स में सुधार,इंडेक्स का शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बने रहना, साथ ही अच्छे ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ’हायर हाई-हायर लो’पैटर्न का बनना, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और इंडिया VIX में नरमी जैसी बातों देखते हुए उम्मीद है कि इंडेक्स 24,400 (200 डे EMA) के अपने अगले रेजिस्टेंस लेवल की ओर बढ़ता नजर आएगा। मार्केट दिग्गजों का कहना है कि निफ्टी अब 24,400 (200 डे EMA) के आसपास स्थित अगले रेजिस्टेंस की ओर बढ़ता नजर आ सकता है। अगर यह 24,100 पर स्थित सपोर्ट को बचाए रख पाता है तो इसके लिए 24,500-24,600 के जोन (पिछले स्विंग हाई) की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,223, 24,186 और 24,127

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,342, 24,379 और 24,438

निफ्टी ने पिछले हफ्ते हुए नुकसान की भरपाई करते हुए अपनी बढ़त बनाए रखी है। इसने डेली टाइमफ़्रेम पर स्मॉल अपर और लोअर विक्स (wicks) के साथ एक बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है। यह 200-डे EMA और पिछले स्विंग हाई जैसे ओवरहेड रेजिस्टेंस लेवल के पास कंसोलिडेशन का संकेत है। वहीं,’हायर हाई-हायर लो’का पैटर्न भी बना हुआ है। निफ्टी अपने 20, 50 और 100 डे EMA के ऊपर बना हुआ है। यह तेजी बने रहने का संकेत है। RSI बढ़कर 57.66 पर पहुंच गया है और रेफरेंस लाइन के ऊपर टिका हुआ है। वहीं,MACD भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। ये सभी इंडिकेटर तेजी के मोमेंटम के मजबूत होने और आगे और बढ़त की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं,बशर्ते अहम सपोर्ट लेवल बचे रहें।

बैंक निफ्टी

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,230, 57,340 और 57,519

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,872, 56,762 और 56,583

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी 20 डे, 50 डे और 100 डे EMA के बीच और मई के लो से जून के हाई तक की रैली के 23.6% और 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के दायरे में ट्रेड करता रहा। इससे बाजार की दिशा साफ न होने का संकेत मिलता है। इसने डेली चार्ट पर’डोजि'(Doji)जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो एक और सेशन में मार्केट में दुविधा या अनिश्चितता बने रहने का संकेत है। RSI 49.44 पर स्थिर रहा और रेफरेंस लाइन के नीचे बना रहा। इससे पता चलता है कि इसमें कोई मजबूत तेजी या मंदी का मोमेंटम नहीं है। वहीं, MACD धीरे-धीरे जीरो लाइन की ओर नीचे आता रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार्स में गिरावट में कमी दिखी। ये सभी संकेत बताते हैं कि बैंक निफ्टी के तब तक एक दायरे में ही घूमता रह सकता है, जब तक कि कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX गुरुवार को 1.23 प्रतिशत बढ़कर 12.15 पर पहुंचने के बावजूद निचले स्तरों के आसपास बना रहा और अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा। यह मार्केट में स्थिरता के साथ तेजड़ियों के लिए अनुकूल माहौल का संकेत है। अगर यह लगातार 12 के स्तर से नीचे बना रहता है,तो इससे तेजड़ियों को और राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 30 जुलाई को बढ़कर 1.26 पर पहुंच गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.18 के लेवल पर था। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या इसका 1 से ऊपर निकल जाना,यह बताता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 31 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24,300 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही है। आज लगभग 1620 शेयरों में बढ़त हुई, 2408 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त M&M, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, कोल इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में दिखी। जबकि गिरावट वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, HDFC लाइफ, अल्ट्राटेक सीमेंट और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा। इसमें 1.6% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह आज 2% नीचे गिर कर बंद हुआ है।

ब्रॉडर इंडेक्स ने बेंचमार्क से कमजोर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि यूएस फेड का ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहा। लेकिन महंगाई को कंट्रोल करने पर लगातार जोर दिए जाने की वजह से सख्त रुख (hawkishness) बना रहा। US बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बढ़ते दबाव का संकेत दिया, जिससे ग्लोबल निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।

इसके चलते घरेलू इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स एक दायरे में बना रहा, क्योंकि निवेशक मजबूत घरेलू फंडामेंटल और ग्लोबल चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे। इसके बावजूद, FII के बढ़ते निवेश, मज़बूत होते रुपये और Q1FY27 के अच्छे नतीजों ने बाजार का मूड सुधारा और निवेशकों ने गिरावट में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में खरीदारी की।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी का रुख कायम रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 67 अंक ऊपर और सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली और यह 1.76% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी तरफ रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह 2% टूट कर बंद हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो सुस्त शुरुआत के बाद भी बाजार पूरे दिन 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के ऊपर बना रहा। यह एक काफी अच्छा संकेत है। इसके अलावा, डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर अपट्रेंड जारी रहने का पैटर्न यह संकेत देता है कि मौजूदा लेवल से और तेजी आने की अच्छी संभावना है।

ट्रेंड को फॉलो करने वाले ट्रेडर्स के लिए अब निफ्टी में 24,200 का लेवल एक अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ, यह तेज़ी 24,450-24,500 तक जा सकती है। दूसरी ओर, 24,200 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजेर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे, ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन काट सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी एक ‘कंजेशन ज़ोन’ में फंसा हुआ है। इसके साथ ही यह इंडेक्स डेली और आवरली चार्ट पर अहम मूविंग एवरेज के बीच ट्रेड कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,500 के लेवल पर मजबूत सपोर्ट है, जो 50-DMA के पास स्थित है, जबकि 57,500 के पास 200-DMA के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। इंडेक्स में कुछ और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता हैं। ऐसे में लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाना सही रहेगा। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास खरीदारी करने और प्रॉफिट बुक करने या रेजिस्टेंस जोन के पास शॉर्ट पोजीशन लेने की रणनीति अपना सकते हैं।

 

Trading plan : अब निफ्टी में थोड़ा रिस्क, चाहें तो इन लेवल्स पर थोड़ा प्रॉफिट बुक करें

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

US Fed ने नहीं बदली ब्याज दरें, क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर और गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के मामूली गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। Wall Street में रात भर हुई भारी बिकवाली के बाद GIFT Nifty सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। AI से जुड़े खर्च को लेकर बनी चिंताएं और US Federal Reserve के पॉलिसी फैसले के बाद अनिश्चितता ने पॉजिटिव इंस्टीट्यूशनल फ्लो और बुधवार की घरेलू बाजार की जोरदार रैली के असर को कम कर दिया है।

सुबह करीब 8:00 बजे GIFT Nifty 88 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 24,215 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 बुधवार के 24,250.20 के क्लोजिंग लेवल से नीचे खुल सकता है। यह कमजोर संकेत बुधवार को भारतीय शेयरों में जोरदार रिकवरी के बाद आया है। Sensex 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ।

US फेड मीटिंग का नतीजा

उम्मीद के मुताबिक, US फेडरल रिज़र्व ने चेयर केविन वॉर्श की अगुवाई में गुरुवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। यह लगातार पांचवीं पॉलिसी मीटिंग थी जिसमें सेंट्रल बैंक ने दरों को स्थिर रखने का फ़ैसला किया, क्योंकि अधिकारी मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव करने से पहले महंगाई के आउटलुक और व्यापक आर्थिक स्थितियों का आकलन कर रहे थे।

यह घोषणा फेडरल रिज़र्व की दो दिन की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) मीटिंग खत्म होने के बाद की गई।फेड ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50%-3.75% पर बनाए रखा। इसने महंगाई, बेरोज़गारी और कुल आर्थिक विकास के अपने अनुमानों को भी जून की पॉलिसी मीटिंग में पेश किए गए अनुमानों के मुकाबले काफ़ी हद तक जस का तस रखा।

एशियाई बाजारों में तेजी

Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के बाद गुरुवार को एशियाई शेयरों मेंबढ़त के साथ कारोबार हुआ। वहीं, ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली के बाद निवेशक AI से जुड़े खर्च के आउटलुक का आकलन करते रहे। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई, जबकि जापान के Nikkei में लगभग 2 फीसदी की तेजी आई। दक्षिण कोरिया के Kospi में हफ्ते की शुरुआत में भारी नुकसान के बाद 4 फीसदी की रिकवरी हुई, हालांकि यह साप्ताहिक आधार पर बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा था। Nasdaq फ्यूचर्स में 1.2 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि यूरोपियन फ्यूचर्स ने हल्की पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दिया।

गुरुवार की रिकवरी के बावजूद, भारी AI निवेश पर रिटर्न को लेकर चिंताओं के बीच सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी गिरावट के बाद निवेशक सतर्क बने रहे।

बुधवार को US शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ, क्योंकि Federal Reserve ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया और टेक्नोलॉजी शेयरों में हालिया गिरावट जारी रही। फेड ने ब्याज दरों को 3.50-3.75 प्रतिशत की रेंज में ही बनाए रखा, जो उम्मीदों के मुताबिक था, हालांकि तीन पॉलिसीमेकर्स ने दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के पक्ष में असहमति जताई।

माइक्रोसॉफ्ट और मेटा प्लेटफॉर्म्स के नतीजों से पहले निवेशकों द्वारा AI-से जुड़े शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम करने के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2.19 प्रतिशत, S&P 500 1.52 प्रतिशत और नैस्डैक कम्पोजिट 1.74 प्रतिशत गिर गए।

क्रूड में नरमी

पिछले सेशन में तेजी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि तनाव बढ़ने के बावजूद मध्य पूर्व से टैंकरों का आवागमन जारी रहा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.42 प्रतिशत गिरकर 89.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.66 प्रतिशत गिरकर 83.90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट ईरान संघर्ष के दौरान आई सबसे बड़ी तेजी के बाद हुई है; बुधवार को ब्रेंट में लगभग 8 प्रतिशत और WTI में 6.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई थी।

हालांकि तेल की कीमतों में नरमी आई, लेकिन US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयानों और क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण जियोपॉलिटिकल तनाव बना हुआ है।

क्या होगा इसका भारतीय बाजार पर असर

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले से निकट भविष्य की एक बड़ी अनिश्चितता खत्म हो गई है, लेकिन पॉलिसीमेकर्स के बीच बंटे हुए वोट से संकेत मिलता है कि भविष्य की पॉलिसी का रास्ता डेटा पर निर्भर करेगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मध्य पूर्व में फिर से बढ़ा जियोपॉलिटिकल तनाव भी भारतीय बाजारों के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं, जबकि FII और DII की खरीदारी से सपोर्ट मिल रहा है।

पोनमुडी ने कहा कि 24,200 के स्तर को फिर से हासिल करने के बाद निफ्टी में सकारात्मक रुख बना हुआ है। 24,300-24,400 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है, और इसके ऊपर निर्णायक रूप से जाने पर 24,500-24,600 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की ओर, 24,150-24,000 मुख्य सपोर्ट ज़ोन है, जबकि 24,000 के नीचे जाने पर 23,900-23,800 के स्तर की ओर प्रॉफिट-बुकिंग शुरू हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, फोकस में NBCC, MTAR Tech, Eicher Motors

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Crude Oil Price: कच्चे तेल में तूफानी तेजी, ट्रंप की धमकी के बाद 7% उछलकर 90 डॉलर के पार पहुंचा भाव

Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई सैन्य कार्रवाई की खुली चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रहे तो अमेरिका जोरदार जवाब देगा। इसके चलते कच्चे तेल के दामों में जोरदार तेजी आई और वो 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए।

ट्रंप बोले- ईरान पर करेंगे जोरदार हमला

ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया है। वहीं, अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित गुटों पर संयुक्त हवाई हमले किए हैं। इन घटनाओं से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Fox News से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा, “हम ईरान पर जोरदार हमला करेंगे।” ट्रंप ने साफ कहा कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों का जवाब सीधे ईरान को दिया जाएगा। उनके बयान से संकेत मिला है कि दोनों देशों के बीच तनाव फिर से तेजी से बढ़ सकता है।

100 डॉलर तक जा सकता है कच्चा तेल

बुधवार को रात 8.20 बजे तक क्रूड 7.68% चढ़कर 90.54 डॉलर प्रति बैरल पर था। DBS बैंक का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ब्रेंट क्रूड 80 से 100 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रह सकता है। वहीं, OPEC+ भी अक्टूबर से कुछ समय के लिए उत्पादन बढ़ाने की योजना टाल सकता है।

DBS बैंक के एनर्जी रिसर्च हेड सुव्रो सरकार का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के संकेत जरूर दिए हैं, लेकिन इससे हॉर्मुज का संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अगर तनाव कम भी होता है, तब भी कच्चे तेल की कीमतों के 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे जाने की संभावना फिलहाल कम दिखती है।

हूती विद्रोही वसूल सकते हैं शुल्क

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यमन का हूती समूह अब दक्षिणी लाल सागर से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों से शुल्क लेने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन ने हूती विद्रोहियों से सीधे बातचीत की है। मकसद यह है कि उसके तेल टैंकरों को इस रास्ते से सुरक्षित गुजरने दिया जाए।

अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 24 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में अमेरिका का कच्चे तेल का भंडार करीब 33 लाख बैरल घटा है।

OPEC+ भी ले सकता है बड़ा फैसला

रॉयटर्स के मुताबिक, OPEC+ अक्टूबर से अगले तीन महीने तक उत्पादन बढ़ाने की योजना रोक सकता है। अगर ऐसा होता है तो बाजार में सप्लाई सीमित रह सकती है। इससे कच्चे तेल की कीमतों को और सहारा मिल सकता है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर उत्पादन में कटौती के साथ ईरान युद्ध का संकट गहराता है, तो कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं।

Waaree Energies Q1 Results: सोलर कंपनी को ₹850 करोड़ का मुनाफा, अमेरिका में मिली बड़ी राहत

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

‘अब मचेगी तबाही…’, इस मिलिट्री बेस पर हुए हमले से बौखलाया अमेरिका, ट्रंप ने ईरान को दी सीधी धमकी

जॉर्डन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हुए हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सीधी जारी जंग टालने की कोशिशें हो रही थीं, लेकिन अब हालात फिर से बेहद गंभीर होते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों का कड़ा जवाब दिया जाएगा। फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा, “हम ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई करेंगे।” ट्रंप ने दोहराया कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने के जवाब में अमेरिका ईरान पर हमला करेगा। इस हमले का जवाब पूरी ताकत के साथ दिया जाएगा।

ट्रंप ने ईरान को दी सीधी धमकी

बता दें कि, ट्रंप की तरह से ये चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब ईरान ने जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागीं। कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच सीधी सैन्य टक्कर नहीं हुई थी, लेकिन इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने कई बैलिस्टिक मिसाइलों से जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी एयरबेस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ठिकाने को निशाना बनाया। हालांकि, जॉर्डन की सेना का कहना है कि उसने ईरान की पांच मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी कहा कि जब तक ईरान की सुरक्षा को खतरा बना रहेगा, तब तक उनकी कार्रवाई जारी रहेगी।

जंग में अब सऊदी अरब की भी हुई एंट्री

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से कुछ घंटे पहले अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में ईरान स्पोर्टेड आर्मड ग्रुप के ठिकानों पर ज्वाइंट हवाई हमला किया। अमेरिकी सेना ने बताया कि इस कार्रवाई में ईरान समर्थित समूहों के हथियारों के भंडार और रसद (लॉजिस्टिक्स) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहीं, इराक के हशद अल-शाबी (पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज) ने दावा किया कि इन हमलों में बगदाद समेत सात प्रांतों में उसके कम से कम 20 सदस्य मारे गए। इस संगठन ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह एक सरकारी सुरक्षा बल के खिलाफ उठाया गया ऐसा कदम है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।

सऊदी अरब ने कहा कि इराक में किए गए हवाई हमले उसके तेल ठिकानों पर ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के हमलों के जवाब में किए गए हैं। रियाद का कहना है कि इससे पहले उसने इन समूहों की ओर से भेजे गए ड्रोन भी मार गिराए थे।

होर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव

इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी तनाव बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। ईरान अब भी इस क्षेत्र में अपनी सख्त निगरानी बनाए हुए है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने बुधवार को इस जलमार्ग में तीन तेल टैंकरों को रोका। साथ ही उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। इन घटनाओं के बाद दुनिया भर में तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला। इससे पहले भी होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और सऊदी अरब के तेल निर्यात को लेकर दी गई धमकियों के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दबाव बना हुआ था।

Market Outlook: अच्छी बढ़त लेकर बंद हुआ बाजार, जानिए 30 जुलाई को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 29 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स अच्छी बढ़त लेकर बंद हुए हैं। IT,मेटल,बैंकिंग और FMCG शेयरों की अगुवाई में बाजार में व्यापक स्तर की तेजी देखने को मिली है। इसके चलते निफ्टी 24,200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा है।

ट्रडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर और निफ्टी 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ। आज लगभग 2460 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। वहीं, 1597 शेयर लाल निशान में बंद हुए। वहीं, 177 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी इंडेक्स में शामिल शेयरों की बात करें तो जियो फाइनेंशियल सर्विसेज,हिंदुस्तान यूनिलीवर,इंफोसिस,हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो(L&T)सबसे ज़्यादा बढ़त लेकर बंद होने वाले शेयरों में रहे। जबकि, अदाणी पोर्ट्स एंड SEZ,महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M),पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन,आयशर मोटर्स और HDFC लाइफ इंश्योरेंस निफ्टी के टॉप लूजरों में रहे।

सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो रियल्टी को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। IT,मीडिया,मेटल,फार्मा,टेलीकॉम,प्राइवेट बैंक,FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1-2% की बढ़त देखने को मिली।

छोटे-मझोले शेयरों में भी अच्छी खरीदारी आई। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.8% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.5% की बढ़त लेकर बंद हुए।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भारत में AI से जुड़े ट्रेड के कम होने से FII के आने की संभावना मजबूत हो रही है। ग्लोबल निवेशकों का चिप शेयरों से मोह भंग हो रहा है। इस बीच,पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में दिन के दौरान थोड़ी बढ़त के बावजूद,पूरे हफ्ते तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इससे महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं। साथ ही ग्रोथ और ऑपरेशनल लागत के आउटलुक में सुधार हुआ है।

घरेलू मार्केट की बात करें उम्मीद से बेहतर IIP डेटा ने बाज़ार को राहत दी है। इससे निवेशकों में जोश देखने को मिला है।आज की तेजी में IT और मेटल स्टॉक का अहम योगदान रहा। अब बाजार की नजरें आज रात आने वाले US फेड पॉलिसी पर है। बाजार की आम धारणा है कि अमेरिका में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके भारतीय बाज़ारों पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है,क्योंकि इसको ज़्यादातर असर को पहले ही पचा लिया है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि डेली टाइमफ्रेम पर कुछ समय तक एक ही रेंज में रहने के बाद इंडेक्स में आज बढ़त देखने को मिली। RSI में बुलिश क्रॉसओवर हुआ है। इसके अलावा,निफ्टी 50 EMA के ऊपर बना हुआ है। ऑवरली चार्ट पर,इंडेक्स ने 200 DMA का स्तर भी फिर से हासिल कर लिया है। यह शॉर्ट में मजबूती आने का संकेत है। शॉर्ट टर्म में निफ्टी के मजबूत बने रहने और इसके 24,450–24,500 के स्तर तक जाने की संभावना है। नीचे की तरफ इसके लिए 24,100 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इस सपोर्ट को तोड़ता है तो सेंटीमेंट कमजोर हो सकता है,जिससे यह 23,950 के स्तर तक गिर सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि अब निफ्टी के लिए 20 डे SMA या 24,100 और उसके 24,150 का स्तर अहम सपोर्ट जोन का काम करेगा। जब तक निफ्टी इस लेवल से ऊपर टिका रहेगा, तब तक तेजी जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ निफ्टी 24,400-24,500 तक जा सकता है। हालांकि,24,100 के नीचे आने अपट्रेंड कमज़ोर पड़ सकता है। इस स्तर के नीचे आने पर ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकल सकते हैं।

 

 

Trading Plan : अगस्त सीरीज का शानदार आगाज, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में उबाल से क्या लाल होगा बाजार या बुल्स भरेगा आज नई उड़ान, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के तेजी के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी गैप-अप शुरुआत का संकेत दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एशियाई बाज़ार मंगलवार की भारी बिकवाली से उबर गए हैं। US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई की रिपोर्ट से पहले आई उम्मीद ने ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट को बेहतर बनाया है।

सुबह 8:15 बजे GIFT निफ्टी 245 अंक या 1.02 फीसदी बढ़कर 24,230 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी 50 मंगलवार की क्लोजिंग 23,985.35 से काफी ऊपर खुल सकता है। यह सकारात्मक संकेत तब आया है जब मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़्यादातर सपाट कारोबार हुआ था। सेंसेक्स 69.86 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 76,765.92 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 10.60 अंक या 0.04 प्रतिशत गिरकर 23,985.35 पर बंद हुआ। IT, ऑटो और रियल्टी शेयरों में बढ़त के बावजूद एनर्जी, FMCG, मेटल और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाज़ार में गिरावट रही।

भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में रिकवरी

पिछले सेशन में भारी नुकसान के बाद बुधवार को एशियाई शेयरों में रिकवरी हुई, क्योंकि निवेशक US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फ़ैसले और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई का इंतज़ार कर रहे थे।

मंगलवार को 3.6 प्रतिशत गिरने के बाद MSCI का एशिया-पैसिफिक शेयरों (जापान को छोड़कर) का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.8 प्रतिशत बढ़ा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त हुई, जबकि जापान के निक्केई में लगभग 1 प्रतिशत की तेज़ी आई। नैस्डैक फ्यूचर्स 0.5 प्रतिशत बढ़े और यूरोपीय फ्यूचर्स ने भी मज़बूत शुरुआत का संकेत दिया।

यह रिकवरी AI से जुड़े खर्च, चिप-सेक्टर के वैल्यूएशन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर बनी चिंताओं के बावजूद हुई, जिनकी वजह से इस हफ़्ते की शुरुआत में टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी।

मिडिल ईस्ट में नए तनाव के कारण क्रूड में उछाल

मिडिल ईस्ट में नए तनाव के कारण हाल के दिनों में देखी गई शांति खत्म हो गई और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3 प्रतिशत बढ़कर $86.80 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 3 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़कर $81.95 पर पहुंच गया। यह बढ़त तब हुई जब US सेना ने कहा कि ईरान ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जिन्हें सफलतापूर्वक रोक दिया गया। मंगलवार को अमेरिकी बाज़ार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। एप्पल और दूसरी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजे आने से पहले, सेमीकंडक्टर शेयरों में आई गिरावट की भरपाई डिफेंसिव हैवीवेट शेयरों में हुई बढ़त से हो गई।

S&P 500 में 0.21 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.03 प्रतिशत चढ़ा। नैस्डैक कंपोजिट 0.22 प्रतिशत गिरा क्योंकि निवेशक टेक्नोलॉजी शेयरों को लेकर सतर्क रहे।

उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व बुधवार को बाद में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा; बाज़ार में दरों में कोई बदलाव न होने की संभावना 71 प्रतिशत और 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 29 प्रतिशत मानी जा रही है।

निफ्टी- बैंक निफ्टी पर क्या बनाए रणनीति

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि सोमवार को आई ज़बरदस्त तेज़ी के बाद, कमज़ोर ग्लोबल मार्केट संकेतों के बीच मंगलवार को निफ्टी 50 कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। उन्होंने बताया कि डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक छोटी बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है, जिसमें ऊपर की तरफ़ एक छोटी शैडो (upper shadow) है। यह 24,000–24,100 के अहम रेजिस्टेंस ज़ोन के पास उतार-चढ़ाव वाली चाल (choppy price action) का संकेत देता है, जो ‘पोलैरिटी में बदलाव’ (change in polarity) के कॉन्सेप्ट के अनुरूप है।

शेट्टी के अनुसार, जारी कंसोलिडेशन के बावजूद निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है। हालांकि, इंडेक्स के एक अहम ओवरहेड रेजिस्टेंस के पास होने की वजह से, उन्हें उम्मीद है कि 24,100 के लेवल के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट की कोशिश करने से पहले, मार्केट में निकट भविष्य में और कंसोलिडेशन या मामूली पुलबैक देखने को मिल सकता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।