नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन 2027 में पिता बनेंगे। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की। जेटेन के पार्टनर निकोलस कीनन अर्जेंटीना के हॉकी खिलाड़ी हैं। जेटेन और उनके पार्टनर कीनन ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, हमारी जिंदगी में एक बहुत खास मेहमान आने वाला है। नन्हे बच्चे, 2027 में तुमसे मुलाकात होगी। डच मीडिया के मुताबिक बच्चे के जन्म के लिए सरोगेसी की मदद ली गई है। उनकी दो महिला दोस्तों ने इस प्रक्रिया में मदद की। एक ने अंडाणु दान किया, जबकि दूसरी बच्चे को जन्म देंगी। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जेटेन ऐसे पहले डच प्रधानमंत्री होंगे, जिनके कार्यकाल में उनके बच्चे का जन्म होगा। टिकटॉक वीडियो से शुरू हुई कहानी, सुपरमार्केट में मिले साल 2021 में, जेटन और उनके एक साथी डच नेता के बीच का एक ब्रोमांस वाला ट्रेडिंग वीडियो टिकटॉक पर बहुत वायरल हुआ था। इसमें दोनों नेता एक दूसरे के साथ मस्ती करते, हंसते और डांस करते दिखे थे। वीडियो वायरल होने के बाद रॉब जेटन युवाओं के बीच मशहूर हो गए। साल 2022 में कीनन ने एक सुपरमार्केट में जेटेन को देखा और उन्हें वायरल वीडियो की वजह से पहचान गए। इस दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई। कीनन ने बाद में एक इंटरव्यू में बताया था कि जेटेन ने उन्हें इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजकर बातचीत शुरू की थी। शुरुआत में दोनों का रिश्ता निजी रहा लेकिन अगस्त 2023 में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक कर दिया। नवंबर 2024 में दोनों ने सगाई की घोषणा की। दोनों की शादी जून 2026 में होनी थी, लेकिन जेटेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसे कुछ समय के लिए टाल दिया है। नीदरलैंड समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाला पहला देश नीदरलैंड दुनिया का पहला देश था, जिसने 2001 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दी। जेटेन देश के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं। हालांकि, वे दुनिया के पहले समलैंगिक प्रधानमंत्री नहीं हैं। उनसे पहले भी दूसरे देशों में खुले तौर पर समलैंगिक नेता सरकार के प्रमुख रह चुके हैं। सिर्फ 39 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने जेटेन दुनिया के 8 समलैंगिक प्रधानमंत्री 1. योहाना सिगुर्दार्दोतिर – आइसलैंड (2009–2013): वे दुनिया की पहली खुले तौर पर समलैंगिक सरकार प्रमुख बनीं। वे लेस्बियन थीं। उनकी 1970 में शादी हुई थी। उनके 2 बच्चे भी हुए। 1985 में वह एक महिला पत्रकार के करीब आईं। इसके 2 साल बाद उन्होंने तलाक ले लिया। जून 2010 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिलने पर दोनों ने शादी कर ली। 2. एलियो दी रूपो – बेल्जियम (2011–2014): वे बेल्जियम ही नहीं दुनिया के पहले खुले तौर पर गे प्रधानमंत्री बने। 1996 में उप-प्रधानमंत्री रहने के दौरान उन पर 16 साल के बच्चे के साथ संबंध बनाने का आरोप लगा था। तब पहली बार उनकी पहचान उजागर हुई थी। 3. जेवियर बेटेल – लक्जमबर्ग (2013–2023): बेटेल ने 2008 में पहली बार बताया था कि वे समलैंगिक हैं। PM बनने के डेढ़ साल बाद 2015 में उन्होंने अपने पुरुष पार्टनर गौथियर डेस्टने से शादी की। वे पहले ऐसे गे प्रधानमंत्री बने जिन्होंने पद पर रहते हुए शादी की। 4. लियो वराडकर – आयरलैंड (2017–2024): आयरलैंड में मई 2015 में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के लिए जनमत संग्रह होना था। भारतीय मूल के लियो वराडकर तब स्वास्थ्य मंत्री थे। उन्होंने इस जनमत संग्रह को समर्थन देने के लिए पहली बार अपनी समलैंगिक पहचान सार्वजनिक की। 5. एना ब्रनाबिच – सर्बिया (2017–2024): वे सर्बिया की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। वे लेस्बियन हैं। फरवरी 2019 में उनकी पार्टनर ने एक बेटे को जन्म दिया। ऐसे में वे पहली समलैंगिक प्रधानमंत्री बनीं, जिनकी महिला पार्टनर ने उनके कार्यकाल के दौरान बच्चे को जन्म दिया। 6. जेवियर एस्पोट – अंडोरा (2019 से): वे अंडोरा के प्रधानमंत्री हैं और खुले तौर पर समलैंगिक हैं। प्रधानमंत्री बनने के 4 साल बाद 2023 में उन्होंने अपनी समलैंगिक पहचान सार्वजनिक की। 7. गैब्रियल अत्ताल – फ्रांस (2024): वे फ्रांस के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री बने। 2018 में जब वे मैक्रों की पार्टी के सांसद थे तब पहली बार उनके एक बचपन के दोस्त ने खुलासा किया था कि उनका संबंध एक नेता स्तेफान सेजुर्ने से है। दोस्त ने आरोप लगाया कि सेजुर्ने की वजह से अत्ताल का राजनीतिक करियर आगे बढ़ा। 8. रॉब जेटेन- नीदरलैंड (2026 से): वे नीदरलैंड के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने फरवरी 2026 में पद संभाला। 17 साल की उम्र में पहली बार एक लड़के से प्यार होने के बाद उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के सामने अपनी पहचान का खुलासा किया था।
जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी के फोकस में बदलाव कर रही है। अब तक कंपनी का जोर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर रहा है। अब कंपनी अपने नेटवर्क का मैक्सिमम फायदा उठाने पर फोकस कर रही है। कंपनी ने पिछले सालों में पूरे देश में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भारी निवेश किया है। अब वह अपने सर्विसेज पोर्टफोलियो का विस्तार करना चाहती है और निवेश की गई पूंजी पर रिटर्न बढ़ाना चाहती है। इस बारे में जियो प्लेटफॉर्म्स के एमडी आकाश अंबानी ने बताया।
इंफ्रास्ट्रक्चर से मैक्सिमम वैल्यू हासिल करने पर होगा फोकस
मनीकंट्रोल को दिए ईमेल इंटरव्यू में अंबानी ने कहा, “हमारे कैपिटल एलोकेशन की दिशा सस्टेनेबल लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएट करने के मकसद पर निर्भर करेगी। हम वहां निवेश करना जारी रखेंगे, जहां हमें टेक्नोलॉजी, कस्टमर डिमांड और उपलब्ध मौकों का फायदा उठाने के लिहाज से ऐसा करना सही लगेगा।” उन्होंने कहा कि मीडियम और लॉन्ग टर्म में हमारा फोकस उस इंफ्रास्ट्रक्चर से मैक्सिमम वैल्यू हासिल करना है, जिसे हमने बनाया है।
पिछले सालों में कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश किया है
जियो प्लेटफॉर्म्स ने व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है। मार्च 2026 में कंपनी के 3,60,382 नेटवर्क टावर्स थे। इसमें 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा लंबा फाइबर नेटवर्क शामिल है। कंपनी के वायरलेस ब्रॉडबहैंड नेटवर्क के तहत देश की आबादी का 99 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आता है। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड का कवरेज करीब 98 फीसदी पिन कोड्स तक है। FY26 में इंडिया के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में जियो की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी थी।
अब पूंजीगत निवेश की रफ्तार में धीर-धीरे कमी आ रही
कई सालों तक भारी निवेश करने के बाद अब इनवेस्टमेंट की तेज रफ्तार कम हुई है। FY26 में कंपनी का कैश कैपिटल एक्सपेंडिचर घटकर 34,184 करोड़ रुपये रही। यह FY25 में 44,268 करोड़ रुपये थी। FY24 में 53,510 करोड़ रुपये थी। नेटवर्क कैपेक्स अकेले 40,617 करोड़ रुपये से घटकर 29,377 करोड़ रुपये पर आ गया। उधर, बिजनेस की ऑपरेटिंग अर्निंग्स अब अच्छे लेवल पर पहुंच गई है। जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशन से रेवेन्यू FY26 में बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 76,255 करोड़ रुपये रहा। यह करीब 52 फीसदी का मार्जिन है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 30,049 करोड़ रुपये रहा।
जियो की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल विदेश में करने पर भी होगा फोकस
कंपनी ने शॉर्ट टर्म में कंपनी की प्राथमिकताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा इसमें नेटवर्क क्वालिटी बनाए रखना, होम ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस का विस्तार करना और एंटरप्राइज एंड डिजिटल सर्विसेज का विस्तार शामिल हैं। जियो AI-एनेबल्ड एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, IoT, क्लाउड कंप्यूटिंग और AR/VR में भी मौकों पर नजर रखेगी। उन्होंने कहा कि जियो की टेक्नोलॉजी कपैबिलिटी के लिए विदेश में मौकों की तलाश भी प्राथमिकता में शामिल होगी।
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जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को निवेश के लिए खुल जाएगा
जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,200 करोड़ रुपये के आईपीओ में सिर्फ नए शेयर इश्यू होंगे। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। यह आईपीओ 21 अक्तूबर यानी बुधवार को खुलेगा और 23 अक्तूबर यानी शुक्रवार को बंद होगा। कंपनी ने प्रति शेयर 1,065-1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये है। कंपनी आईपीओ से आने वाले पैसे के बड़े हिस्से का इस्तेमाल अपनी सब्सिडियरी रिलायंस का कर्ज चुकाने के लिए करेगी।
Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।
आज के दौर में डेटिंग ऐप पर मैच मिलना आसान हो सकता है, लेकिन क्या उस मैच से कोई अच्छी बातचीत या सच्चा रिश्ता भी बनता है? Tinder के नए CEO स्पेंसर रास्कॉफ ने जब अपनी टीम से यही सवाल पूछा, तो उन्हें ऐसा जवाब मिला जिसने कंपनी की सोच पर ही सवाल खड़े कर दिए। कई कर्मचारियों के पास सफलता को समझाने के लिए ठोस जवाब नहीं था, जबकि कुछ का ध्यान केवल कमाई और मुनाफे पर था। इसके बाद कंपनी ने तय किया कि अब सफलता सिर्फ पैसों से नहीं, बल्कि लोगों के बीच बनने वाले कनेक्शन से भी मापी जाएगी।
जब CEO के सवाल पर कर्मचारी हो गए खामोश
स्पेंसर रास्कॉफ ने जुलाई 2025 में Tinder की कमान संभाली थी। इसके बाद उन्होंने कर्मचारियों से पूछा कि आखिर उनकी नजर में ऐप की सफलता क्या है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई कर्मचारी इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए। जिन लोगों ने जवाब दिया, उनमें से कई ने तिमाही मुनाफे और वित्तीय लक्ष्यों का जिक्र किया। रास्कॉफ को महसूस हुआ कि कंपनी शायद उस मूल मकसद से दूर हो गई है, जिसके लिए लोग Tinder का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने Fortune को दिए इंटरव्यू में माना कि नए फीचर्स और इनोवेशन की कमी के कारण ऐप यूजर्स की बदलती उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा था।
अब मैच नहीं, बातचीत भी होगी सफलता का पैमाना
Tinder ने इस समस्या से निपटने के लिए एक नया तरीका अपनाया है। कंपनी ने ‘स्पार्क्स’ (Sparks) नाम का मापदंड पेश किया, जिसके तहत उन बातचीतों को गिना जाता है, जहां मैच होने के बाद दोनों लोग कम से कम छह बार एक-दूसरे को जवाब देते हैं। लाखों मैसेज के विश्लेषण में कंपनी ने पाया कि इस तरह बातचीत आगे बढ़ने पर फ्लर्टिंग और आमने-सामने मिलने की योजना बनने की संभावना अधिक होती है। यानी अब Tinder के लिए सिर्फ दो लोगों का मैच होना काफी नहीं है। कंपनी यह भी देखना चाहती है कि उस मैच के बाद बातचीत कितनी आगे बढ़ती है।
यूजर्स को समझने के लिए बनाए दो काल्पनिक किरदार
कर्मचारी अलग-अलग लोगों की डेटिंग से जुड़ी जरूरतों को बेहतर समझ सकें, इसके लिए कंपनी ने दो काल्पनिक यूजर पर्सोना भी बनाए हैं। इनमें एबी को एक चिंतित रोमांटिक और जैस्मिन को खुशमिजाज, मिलनसार शख्स के रूप में दिखाया गया है। इस पहल का उद्देश्य टीम को यह समझाना है कि हर यूजर की पसंद, उम्मीदें और रिश्ता तलाशने का तरीका एक जैसा नहीं होता।
तेजी से नए फीचर्स ला रहा है Tinder
कंपनी अब डबल डेट, आमने-सामने मिलने वाले इवेंट और AI आधारित मैचमेकिंग जैसी सुविधाओं पर भी काम कर रही है। रास्कॉफ के मुताबिक, कंपनी अब एक साल पहले की तुलना में 70 फीसदी ज्यादा कोड तैयार कर रही है। इससे नए फीचर्स तेजी से लॉन्च करना संभव हुआ है। जनवरी में विकसित एक इवेंट फीचर को लॉस एंजिलिस में सिर्फ आठ सप्ताह में लॉन्च कर दिया गया, जबकि पहले ऐसे प्रोजेक्ट में छह से 12 महीने लग सकते थे।
क्या Tinder की नई रणनीति रंग ला रही है?
रास्कॉफ के मुताबिक, कंपनी के प्लेटफॉर्म पर मैचों में सालाना आधार पर 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, बेहतर बातचीत के संकेतकों में भी सुधार देखने को मिला है। हालांकि, इन शुरुआती आंकड़ों से यह तय नहीं होता कि यूजर्स को लंबे समय तक बेहतर रिश्ते मिलेंगे या नहीं। लेकिन Tinder की नई रणनीति एक अहम बदलाव जरूर दिखाती है, अब कंपनी का ध्यान सिर्फ इस बात पर नहीं है कि कितने लोग मैच कर रहे हैं, बल्कि इस पर भी है कि उन मैचों से आगे कोई सार्थक जुड़ाव बन रहा है या नहीं।
Video: किचन में आग लगते ही महिला के लिए फरिश्ता बना डिलीवरी एजेंट, CCTV में कैद हुई पूरी घटना
कोका-कोला की भारत में सबसे बड़ी बॉटलिंग कंपनी SLMG बेवरेजेस अगले 5 साल में अपना कारोबार बढ़ाकर 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना चाहती है। साथ ही कंपनी की योजना अगले 3 से 4 साल में IPO लाकर स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने की है। यह बात कंपनी के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर परितोष लधानी ने एक इंटरव्यू में कही। SLMG Beverages की उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख बाजारों में अच्छी मौजूदगी है। कंपनी भारत में खपत बढ़ने से पैदा होने वाले अवसरों का फायदा उठाने के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी विस्तार की संभावनाएं तलाश रही है।
यह कंपनी कोका-कोला के दुनिया के टॉप 15 बॉटलिंग पार्टनर्स में शामिल है। इसका लक्ष्य अगले 5 सालों में वैश्विक स्तर पर टॉप 10 में जगह बनाना है। इसके अलावा, कंपनी अगले 10 सालों में दुनिया की टॉप 5 बॉटलिंग कंपनियों में शामिल होना चाहती है। कंपनी के पास उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में कोका-कोला की बॉटलिंग के अधिकार हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, लधानी ने इंटरव्यू में कहा, ‘‘हमें अगले 5 साल में कम से कम 20,000 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करना चाहिए। तब तक हम निश्चित रूप से शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएंगे।’’
अभी 9,000 करोड़ रुपये है टर्नओवर
SLMG बेवरेजेस का मौजूदा ग्रॉस टर्नओवर करीब 9,000 करोड़ रुपये है। लधानी के मुताबिक, अगले साल तक इसके 10,000 करोड़ रुपये से अधिक पर पहुंचने की उम्मीद है। कंपनी अगले 3 साल में कारोबार को 15,000 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। आगे कहा कि कंपनी फिलहाल डबल डिजिट ग्रोथ रेट से आगे बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के कारोबार में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले 4 सालों में इसकी कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 20 प्रतिशत से अधिक रही है।
SLMG Beverages के गोरखपुर प्लांट का निर्माण शुरू
विस्तार योजनाओं के तहत कंपनी बिहार के बक्सर स्थित अपने प्लांट में करीब 1,200 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। वहीं, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रस्तावित प्लांट बनना शुरू हो गया है। इस प्लांट पर करीब 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। लधानी का कहना है कि कंपनी ने उत्तर प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में बॉटलिंग प्लांट लगाने के लिए जमीन भी खरीद ली है। इनका निर्माण जल्द शुरू होगा। इसके अलावा, बिहार में दूसरा प्लांट 2027 के बाद लगाया जाएगा। विस्तार योजनाओं का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और बिहार में पेय पदार्थों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों में कारोबार बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।
SLMG बेवरेजेस की मौजूदा बॉटलिंग क्षमता करीब 35,000 बोतल प्रति मिनट है। कंपनी अगले 5 सालों में इसमें 10,000 बोतल प्रति मिनट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है। अगर कारोबार में वृद्धि की मौजूदा रफ्तार जारी रही तो अगले 10 सालों में कंपनी की बॉटलिंग क्षमता 1 लाख बोतल प्रति मिनट तक पहुंच सकती है।
Urmi Sinha IPS Story: बिहार के मुंगेर जिले से ताल्लुक रखने वाली उर्मी सिन्हा ने शायद खुद भी कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन पूरा देश उनका नाम सम्मान के साथ लेगा। लेकिन उनके बुलंद इरादों और सही दिशा में की गई मेहनत ने इस उपलब्धि को उनकी तरफ मोड़ दिया। उर्मी ने महज 21 साल की उम्र में देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास की। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने लिए आईपीएस सेवा चुनकर सबसे कम उम्र की अधिकारी बनने का खिताब अपने नाम कर लिया।
तेलंगाना स्थित हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में 17 अक्टूबर 2026 को पासिंग आउट परेड में 135 IPS अधिकारियों देश की पुलिस सेवा में शामिल हुए। इसमें उर्मी सिन्हा अपने बैच की सबसे कम उम्र की अधिकारी बनकर उभरी हैं। उर्मी ने प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 170वीं रैंक हासिल की। उनकी आईपीएस ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। अब वह बतौर आईपीएस आंध्र प्रदेश कैडर में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।
बिहार से है उर्मी सिन्हा का गहरा नाता
आईपीएस उर्मी सिन्हा का देश के पूर्वी राज्यों बिहार और पश्चिम बंगाल से गहरा नाता है। बिहार के मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर स्थित मारवाड़ी टोला से जुड़ी उर्मी के पिता डॉ. रंजीत सिन्हा हावड़ा के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ हैं और मां कुशल गृहिणी हैं। उनका परिवार पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बस गया था, जहां उनकी शुरुआती पढ़ाई पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में बीए की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन पूरी होने के साथ ही उर्मी ने यूपीएससी सीएसई की तैयारी शुरू कर दी थी।
घर पर रह कर पूरी की यूपीएससी की तैयारी
उर्मी सिन्हा ने यूपीएससी की तैयारी अपने घर पर रहकर करने का फैसला किया। उन्होंने 2023 में ग्रेजुएशन के बाद ऑनलाइन स्टडी मटीरियल, मेंटर्स के सही गाइडेंस और खुद के बनाए स्टडी प्लान पर भरोसा किया। उन्होंने प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू, तीनों चरण एक ही बार में पार कर लिए। UPSC CSE 2024 में AIR 170 हासिल कर उन्होंने अपना और अपने परिवार का नाम रोशन किया।
17 अक्टूबर को पासिंग आउट परेड में ली देश सेवा की शपथ
उर्मी 17 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद के SVPNPA में 78वें नियमित बैच की पासिंग आउट परेड में शामिल थीं। इस बैच में 135 भारतीय आईपीएस अफसरों (37 महिला अधिकारी शामिल हैं) के अलावा नेपाल, भूटान और मालदीव के 16 विदेशी अधिकारी भी शामिल थे। इस बैच में 23 वर्षीय उर्मी सबसे युवा अधिकारी रहीं। पासिंग आउट परेड के बाद उर्मी सिन्हा अपने आवंटित आंध्र प्रदेश कैडर में तैनात होंगी और ट्रेनी आईपीएस अधिकारी पुलिस प्रशासन, कानून-व्यवस्था और फील्ड पुलिसिंग की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग हासिल करेंगी।

Lucknow Cafe Owner Shiva Sharma Case: नवाबों के शहर लखनऊ में 28 वर्षीय कैफे मालिक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि खाकी के लिए साख का सवाल बन चुका है। घटना के 10वें दिन भी आरोपी फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे पुलिस की पकड़ से बाहर है, वहीं दूसरी तरफ इस हाई-प्रोफाइल केस में लापरवाही और गाज गिरने का बड़ा दौर शुरू हो गया है। सोमवार को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए लखनऊ के डीसीपी, एसीपी और हजरतगंज थाना प्रभारी को उनके पदों से हटा दिया गया है। 25 हजार की इनामी मॉडल का एक सनसनीखेज इंटरव्यू वीडियो भी सामने आया है, जिसने पूरी जांच की दिशा ही मोड़ दी है।
क्या है पूरा मामला?
5वीं मंजिल से रहस्यमयी मौत या हत्या? : बीती 9 अक्टूबर को हजरतगंज के बालू अड्डा इलाके के ‘अवध ग्रीन अपार्टमेंट’ से गिरकर कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे हादसा या खुदकुशी माना जा रहा था, लेकिन मृतक की मां रंजना शर्मा के बयानों और साक्ष्यों ने पुलिस की थ्योरी बदल दी। मां का आरोप है कि शिवा की लिव-इन पार्टनर व फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और साथियों ने शिवा को बेरहमी से पीटा, प्रताड़ित किया और बालकनी से नीचे फेंक दिया।
पुलिस अफसरों का तबादला
मामले में लापरवाही और जांच में देरी की सुगबुगाहट के बीच शासन ने सख्त कदम उठाया है। डीसीपी (मध्य) विक्रांत वीर को यूपी पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। एसीपी रजनीश वर्मा को क्राइम ब्रांच में भेज दिया गया। हजरतगंज थाना प्रभारी (SO) विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
फरार मॉडल का ‘इंटरव्यू बम’ और आत्महत्या का दावा
जब पुलिस मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और सहयोगी दानिश की तलाश में नेपाल बॉर्डर तक खाक छान रही है, तभी श्रद्धा का एक रिकॉर्डेड इंटरव्यू सामने आया। वीडियो में उसने खुद को बेकसूर बताते हुए दावा किया कि शिवा पर 15-20 लाख रुपए का कर्ज था और उसने आर्थिक तंगी में आत्महत्या की है।
उसने कहा- घटना वाले दिन शिवा ने खुद को बाथरूम में बंद किया और अचानक बालकनी से छलांग लगा दी। श्रद्धा ने कहा कि मैं भगोड़ी नहीं हूं, पुलिस के सामने सच रखूंगी। साथ ही सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हुआ, जिसमें शिवा कथित तौर पर श्रद्धा के 6 लाख के गहने बेच देने की बात मान रहा है।
नेपाल भागने की आशंका और पुलिस का शिकंजा
श्रद्धा का महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन वाहन बहराइच के रूपईडीहा में लावारिस हालत में मिला है, जो नेपाल सीमा से महज 1 किलोमीटर दूर है। पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी नेपाल सीमा पार कर चुके हैं। तीनों मुख्य आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। फिलहाल, शिवा के परिजनों की मांग है कि जब आरोपी बेकसूर है, तो वह पुलिस के सामने आने के बजाय क्यों भाग रही है?
भारतपे के पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार वह खुद एक मजेदार सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा बन गए हैं। गुरुग्राम के एक रियल एस्टेट कारोबारी ने उनकी प्रॉपर्टी विजिट पर चुटकी लेते हुए उन्हें नौकरी तक ऑफर कर दी। मामला गुरुग्राम के महंगे रिहायशी प्रोजेक्ट DLF Camellias का है, जहां अशनीर की विजिट के दौरान फ्लैट के बजाय क्लब, सुविधाओं और हरियाली को दिखाए जाने पर कारोबारी ने सवाल उठाए। उनकी पोस्ट अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
फ्लैट देखने पहुंचे अशनीर
गुरुग्राम के रियल एस्टेट कारोबारी अभिषेक भारद्वाज ने X पर एक पोस्ट साझा करते हुए अशनीर ग्रोवर की साइट विजिट पर मजाकिया टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि अशनीर की यह विजिट उनकी पत्नी के चैनल पर शेयर किए गए एक वीडियो में दिखाई गई थी, जिसका शीर्षक ‘Home Beyond the Price Tag’ है। अभिषेक के मुताबिक, फ्लैट में किरायेदार होने और दरवाजा नहीं खुलने की स्थिति में विजिट के दौरान क्लब, दूसरी सुविधाएं और हरियाली दिखाई गई। उन्होंने इस अनुभव की तुलना प्रॉपर्टी ब्रोकरों के उस आम तरीके से की, जिसमें फ्लैट नहीं दिखा पाने पर खरीदार को आसपास की सुविधाएं दिखाकर व्यस्त रखा जाता है।
‘क्लब दिखा दिया, हरियाली दिखा दी, फ्लैट की बात ही नहीं की’
200 से ज्यादा प्रॉपर्टी डील करने का अनुभव रखने वाले अभिषेक ने कहा कि गुरुग्राम के प्रीमियम रिहायशी प्रोजेक्ट्स में कई खरीदारों के लिए फ्लैट के साथ उसका पता और सोसायटी भी काफी मायने रखती है। ऐसी जगहों पर उपलब्ध फ्लैट कम होने के कारण खरीदार कई बार प्रॉपर्टी देखने से पहले ही उसमें दिलचस्पी दिखाने लगते हैं।
हालांकि, अभिषेक का मानना है कि अच्छी साइट विजिट में खरीदार को असली फ्लैट दिखाना जरूरी है। उन्होंने मजाक में कहा कि अगर किरायेदार दरवाजा नहीं खोल रहा हो, तो वह उसके साथ एक घंटे बैठकर चाय पीने को भी तैयार हैं, लेकिन खरीदार को फ्लैट दिखाए बिना वापस नहीं जाने देंगे।
अशनीर ग्रोवर को दे दी फील्ड एसोसिएट की नौकरी
अभिषेक ने अपनी पोस्ट में अशनीर पर तंज कसते हुए लिखा कि उन्होंने साइट विजिट बिल्कुल उसी अंदाज में की, जैसा प्रॉपर्टी इंडस्ट्री में कई बार देखने को मिलता है। उन्होंने कहा, ‘क्लब दिखा दिया, हरियाली दिखा दी, फ्लैट की बात ही नहीं की।’ इसके बाद कारोबारी ने अशनीर को फील्ड एसोसिएट की नौकरी का ऑफर दे दिया। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल साइट विजिट के लिए लोगों की तलाश कर रहे हैं और अशनीर ने तो पहली विजिट में ही इंडस्ट्री का तरीका दिखा दिया।
Ashneer Grover did his first site visit in Gurugram yesterday, at DLF Camellias, and like every broker whose flat has a tenant inside who won’t open the door, he showed us the club, the amenities and the greenery instead.
Check out the video below.
I’ve done 200+ deals in this city, so let me do the commentary, because I know this script by heart.
The video is on his wife’s channel and it’s called “home beyond the price tag”, and that’s the first thing every broker learns; you put the price tag in the headline so the buyer feels it before he has seen anything.
Then he tells you the flat is leased out and he comes from Delhi only to use the club. That’s the second thing every broker learns. When the tenant won’t open the door, you still keep the visit on, and you take the buyer to the clubhouse, walk him slowly past the amenities, stop at the greenery for a minute so he can breathe in the Golf Course Road air, and keep him moving so he forgets to ask about the flat again.
In societies like this, that’s how the visit actually goes. You show the buyer the floor plan, you tell him the flat faces the internal greens or the golf course side, and after that there’s nothing left to see.
And the buyer doesn’t mind, because he wants the address. There are only a handful of flats in a society like this, so whichever one comes up, he just asks the size and that’s about it. The only question worth asking is what could be wrong with a flat in this society if you’re getting a good deal on it. A rare opportunity comes at a price only, if you are really interested; otherwise these flats will always look costly to someone like you.
If it was my buyer, he’d be seeing the flat, tenant or no tenant, even if I had to sit with the tenant over chai for one hour to get that door opened.
Ashneer, I’m hiring field associates for site visits right now, and you’ve already done your first one exactly the way the industry does it. Club dikha diya, greenery dikha di, flat ki baat hi nahi ki.
@Ashneer_Grover interview kab de rahe ho?
The full site visit is in the video below, check it out.
— Abhishek Bhardwaj (@Gurugrammer_) October 18, 2026
सोशल मीडिया पर चर्चा में आई पोस्ट
अभिषेक ने अपनी पोस्ट के आखिर में अशनीर से मजाकिया अंदाज में पूछा, ‘इंटरव्यू कब दे रहे हो?’ उनकी इस टिप्पणी ने प्रॉपर्टी विजिट के तरीके और महंगी सोसायटी में घर खरीदने के अनुभव को लेकर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, यह पूरा मामला कारोबारी की सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों और व्यंग्य पर आधारित है।
Video: चलती ट्रेन से गिरने वाली थी महिला…फिर फरिश्ता बन आई महिला अधिकारी, ऐसे बचाई जान
ऑस्ट्रेलिया में निर्दलीय महिला सांसद हेलेन हेन्स को सोमवार को उनकी ऑफिस के बाहर कार से कुचल दिया गया। 65 साल की हेन्स की हालत गंभीर है। उन्हें एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया। घटना विक्टोरिया राज्य के वांगाराटा शहर में हुई। यह मेलबर्न से करीब तीन घंटे की दूरी पर है। पुलिस के मुताबिक, हेन्स अपने चुनाव क्षेत्र की ऑफिस के बाहर थीं, तभी टोयोटा लैंड क्रूजर SUV ने उन्हें टक्कर मार दी। पुलिस ने 43 साल के आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस को शक है कि सांसद को जानबूझकर निशाना बनाया गया। मामले की जांच की जा रही है। आरोपी की कार के अंदर से एक चाकू भी बरामद किया गया है। PM अल्बनीज बोले- हमले की वजह अभी साफ नहीं प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि अभी हमले के पीछे की वजह बताना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की जांच में आतंकवाद निरोधक टीम भी शामिल होगी। विक्टोरिया पुलिस के कार्यवाहक सुपरिटेंडेंट एश्ले मेसन ने कहा कि फिलहाल आम लोगों के लिए कोई अतिरिक्त खतरा नहीं है। हेलेन पर बात करते हुए भावुक हुए PM अल्बनीज PM अल्बनीज हेलेन के बारे में बात करते हुए भावुक भी हो गए। ABC के लाइव टीवी कार्यक्रम ‘730’ में इंटरव्यू के दौरान उनकी आंखें नम हो गईं। उनसे पूछा गया था कि क्या वह और उनके साथी सांसद आपस में मिलने वाली धमकियों और सुरक्षा से जुड़े खतरों पर चर्चा करते हैं। इस पर अल्बनीज ने कहा कि फिलहाल उन्हें अपने एक साथी की चिंता है। अल्बनीज ने हेलेन को ईमानदार और अपने समुदाय के लिए समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि हेलेन अपने क्षेत्र के लोगों की जरूरतों को लेकर खुलकर अपनी राय रखती हैं। अल्बनीज ने कहा कि वह ऐसा राजनीतिक माहौल नहीं देखना चाहते, जिसमें जनप्रतिनिधि सुपरमार्केट, सड़कों या सार्वजनिक बैठकों में लोगों से बातचीत करने से डरें। परिवार ने हेलेन की मदद करने वालों का आभार जताया हेलेन हेन्स के परिवार ने उनके फेसबुक पेज पर जारी बयान में राहगीरों, स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिस का आभार जताया। परिवार ने कहा कि लोगों ने तुरंत मदद की और स्वास्थ्यकर्मियों ने सांसद को बचाने के लिए प्रयास किए। हेलेन हेन्स 2019 में पहली बार ऑस्ट्रेलिया की संसद के लिए चुनी गई थीं। वह निर्दलीय सांसद हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… फ्रांसीसी राष्ट्रपति बोले- तोड़फोड़ करने वालों को कीमत चुकानी होगी:गृहमंत्री का इस्तीफा मंजूर नहीं किया, PM लेकोर्नू ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई फ्रांस में 17 अक्टूबर को हुई हिंसा और लूटपाट को लेकर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को सख्त कार्रवाई का वादा किया। उन्होंने रविवार रात अपने संबोधन में कहा कि जिन लोगों ने तोड़फोड़ और लूटपाट की है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
नौकरी के इंटरव्यू में महिलाओं से शादी और बच्चे की प्लानिंग को लेकर सवाल पूछने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपना एक्सपीरिएंस शेयर किया है। महिला ने बताया कि जब उन्होंने HR को अपने पति के बारे में बताया, तो उनसे पूछा गया कि क्या वह बच्चे की प्लानिंग रही है। इस सवाल के बाद महिला ने कॉर्पोरेट कंपनियों में महिलाओं को मिलने वाले समान अवसरों और महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस तरह के सवाल नौकरी के इंटरव्यू में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर चिंता पैदा करते हैं।
हैरान रह गई महिला
शताक्षी द्विवेदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने नौकरी के इंटरव्यू के दौरान HR की ओर से पूछे गए एक सवाल का जिक्र किया। वीडियो में उन्होंने बताया कि, जब HR को पता चला कि उनकी हाल ही में शादी हुई है, तो उनसे एक ऐसा सवाल पूछा गया, जिसने उन्हें हैरान कर दिया। उन्होंने इस एक्सपीरिएंस को शेयर करते हुए इसे HR की ओर से पूछा गया सबसे गलत सवाल बताया। शताक्षी द्विवेदी ने बताया कि इंटरव्यू की शुरुआत में सब कुछ सामान्य था।
शताक्षी ने बताया कि, HR ने उनसे पूछा कि वह कहां रहती हैं और घर से ऑफिस आने-जाने में उन्हें कोई परेशानी तो नहीं होगी, क्योंकि उनका घर काफी दूर था। इस पर शताक्षी ने कहा कि उन्हें आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने ये भी बताया कि उनके पति भी उसी इलाके में आते-जाते हैं, इसलिए वह उनके साथ ऑफिस आ-जा सकती हैं।
बेबी प्लानिंग को लेकर किया सवाल
बातचीत का रुख तब बदल गया जब HR ने शताक्षी की शादी को लेकर सवाल करना शुरू कर दिया। शताक्षी ने बताया कि HR ने उनसे कहा कि आपने बताया था कि आप शादीशुदा हैं। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि उनकी हाल ही में शादी हुई है। इसके बाद HR ने उनसे पूछा कि क्या वह जल्द ही बच्चा पैदा करने की योजना तो नहीं बना रही हैं। इस सवाल ने शताक्षी को हैरान कर दिया। इस सवाल से शताक्षी द्विवेदी असहज हो गईं।
वायरल हो रहा वीडियो
उन्होंने कॉर्पोरेट कंपनियों के महिला सशक्तिकरण और समान अवसर देने के दावों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि एक तरफ कंपनियां बराबरी की बात करती हैं, वहीं दूसरी तरफ इंटरव्यू में महिलाओं से शादी और बच्चे की प्लानिंग जैसे निजी सवाल पूछे जाते हैं। शताक्षी ने उस कंपनी का नाम नहीं बताया, जहां उनके साथ यह घटना हुई थी। सोशल मीडिया पर ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई महिलाओं ने भी अपने साथ हुए ऐसे ही अनुभव साझा किए और बताया कि नौकरी के दौरान उन्हें भी इस तरह के निजी सवालों का सामना करना पड़ा है। वहीं, कई लोगों ने इंटरव्यू में महिलाओं से ऐसे सवाल पूछने के तरीके की आलोचना की।
लोगों ने किया कमेंट
एक यूजर ने लिखा कि, ‘उसके साथ भी ऐसा ही हुआ था। इंटरव्यू के दौरान उससे सीधे बच्चे पैदा करने की योजना के बारे में पूछा गया। उसने कहा कि साल 2026 में भी महिलाओं को नौकरी पाने के लिए ऐसे असहज सवालों का सामना करना पड़ रहा है।’ एक यूजर ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि, ‘इंटरव्यू के दौरान उनसे भी सीधे बच्चे की प्लानिंग को लेकर सवाल पूछा गया था। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि साल 2026 में भी महिलाओं को इस तरह के अजीब सवालों का सामना करना पड़ रहा है।’
वहीं, एक अन्य यूजर ने समाज के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि अविवाहित महिलाओं से पूछा जाता कि, ‘वे शादी कब करेंगी, शादीशुदा महिलाओं से बच्चे की प्लानिंग के बारे में सवाल किए जाते हैं और मां बनने के बाद उनसे पूछा जाता है कि वे काम और बच्चे की जिम्मेदारियों को कैसे संभालेंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 22 साल की उम्र से लेकर नौकरी छोड़ने या 50 साल की उम्र तक इंटरव्यू में ऐसे सवालों का सामना करना पड़ सकता है।’
(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)
कहते हैं कि सफलता की सबसे खास कहानियां अक्सर घर की रसोई से शुरू होती हैं। बेंगलुरु की दो बहनों, राम्या रवि और श्वेता रवि ने इस बात को सच कर दिखाया है। बचपन में दादी के हाथों की पारंपरिक बिरयानी का स्वाद चखने वाली इन बहनों ने उसी रेसिपी को अपना बिजनेस आइडिया बनाया। साल 2020 में महज 5 लाख रुपये से शुरू हुआ उनका कारोबार आज करीब 10 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। उनकी कहानी बताती है कि सही सोच, मेहनत और अपने काम पर भरोसा हो, तो छोटी शुरुआत भी बड़ी कामयाबी में बदल सकती है।
दादी की रेसिपी से आया बिजनेस का आइडिया
राम्या और श्वेता बचपन से ही अपनी दादी के हाथों की कर्नाटक स्टाइल डोन्ने बिरयानी खाती आई थीं। इस बिरयानी का स्वाद उनके लिए सिर्फ एक पसंदीदा डिश नहीं, बल्कि परिवार की यादों और परंपरा का हिस्सा था। बड़े होने के साथ दोनों बहनों को एहसास हुआ कि उनकी दादी की यह खास रेसिपी दूसरे लोगों को भी पसंद आ सकती है। यहीं से उन्होंने पारिवारिक स्वाद को बिजनेस में बदलने का फैसला किया। उनका मकसद बिरयानी के असली स्वाद को बरकरार रखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना था।
5 लाख रुपये से शुरू किया कारोबार
नवंबर 2020 में कोरोना महामारी के दौरान दोनों बहनों ने RNR Donne Biryani नाम से अपना कारोबार शुरू किया। शुरुआत बेंगलुरु के महज 200 वर्ग फुट के क्लाउड किचन से हुई। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने 5 लाख रुपये लगाए और एक कुक तथा कुछ सहायकों की मदद से काम शुरू किया। छोटी-सी रसोई से शुरू हुआ यह सफर पहले ही महीने में चर्चा में आ गया। द बेटर इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में राम्या ने बताया कि कारोबार के पहले महीने में उन्हें 10,000 से ज्यादा ऑर्डर मिले। इस शुरुआती सफलता ने दोनों बहनों को आगे बढ़ने का हौसला दिया।
अनोखी पैकेजिंग ने बनाई अलग पहचान
दोनों बहनों ने शुरुआत में महंगे रेस्टोरेंट खोलने के बजाय डिलीवरी आधारित बिजनेस मॉडल अपनाया। इससे कम लागत में कारोबार शुरू करना और धीरे-धीरे उसका विस्तार करना आसान हुआ। उन्होंने अपने ब्रांड को अलग पहचान देने के लिए पैकेजिंग पर भी ध्यान दिया। उनकी बिरयानी केले के पत्ते में लपेटकर टिन के डिब्बे में रखी जाती है। इस अंदाज ने पारंपरिक स्वाद को खास प्रस्तुति के साथ जोड़ दिया।
14 क्लाउड किचन तक पहुंचा कारोबार
रिपोर्ट के मुताबिक, RNR Donne Biryani का विस्तार अब 14 क्लाउड किचन और एक अलग रेस्टोरेंट तक हो चुका है। कंपनी का सालाना टर्नओवर करीब 10 करोड़ रुपये बताया गया है। बिरयानी के अलावा यहां ड्रमस्टिक चिली स्टार्टर, मटन बोन सूप और चिकन घी रोस्ट जैसे व्यंजन भी मिलते हैं। मिठाई में इलनेर पायसम यानी नारियल से बनी खीर भी मेन्यू का हिस्सा है। यहां वेज और चिकन बिरयानी की कीमत 269 से 349 रुपये के बीच है, जबकि मटन बिरयानी 419 रुपये में मिलती है।
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घर के स्वाद से मिली बड़ी सफलता
राम्या और श्वेता की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो अपने हुनर या पारिवारिक परंपरा को कारोबार में बदलना चाहते हैं। दोनों बहनों ने दादी की रेसिपी को आधुनिक बिजनेस मॉडल से जोड़ा और एक छोटे किचन को बड़े ब्रांड में बदल दिया। उनकी सफलता दिखाती है कि बिजनेस की शुरुआत के लिए हमेशा बड़ी पूंजी जरूरी नहीं होती। कई बार एक खास आइडिया और उसे पूरा करने का जुनून ही सफलता की असली नींव बन जाता है।
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