Infosys Share Price: इंट्राडे में छह साल के निचले स्तर पर आया इंफोसिस, अब खरीदें या बेचने में भलाई?

Infosys Share Price: आईटी कंपनी Infosys के शेयर मंगलवार को NSE पर छह साल के निचले स्तर ₹980.40 तक पहुंच गए। हालांकि, बाद में शेयर में रिकवरी आई और यह ₹1,015.40 पर बंद हुआ। दिन में शेयर 1.2% चढ़ा।

Nifty IT के शेयरों में Infosys ही बढ़त के साथ बंद हुआ। दूसरी ओर, Nifty IT इंडेक्स 1.5% गिर गया। LTIMindtree और Mphasis में 4% तक की गिरावट रही।

चार्ट पर डाउनट्रेंड साफ

Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक इंफोसिस के डेली चार्ट पर डाउनट्रेंड साफ दिख रहा है। शेयर लगातार निचले हाई और निचले लो बना रहा है।

20-डे, 50-डे और 200-डे जैसे प्रमुख मूविंग एवरेज भी नीचे जा रहे हैं। इससे शेयर पर दबाव बना हुआ है। शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज फिलहाल रेजिस्टेंस की तरह काम कर रहा है।

₹980-1,000 का सपोर्ट अहम

मयंक जैन का कहना है कि इंफोसिस अभी ₹980-1,000 के अहम सपोर्ट जोन के आसपास है। मौजूदा स्तर से शेयर में कुछ समय के लिए रिकवरी हो सकती है।

अगर सपोर्ट से खरीदारी आती है तो शेयर ₹1,100-1,150 तक जा सकता है। हालांकि, यह सिर्फ शॉर्ट टर्म राहत वाली तेजी हो सकती है।

अगर शेयर भारी वॉल्यूम के साथ ₹980 के नीचे बंद होता है तो बिकवाली और बढ़ सकती है। ऐसे में आगे और कमजोरी देखने को मिल सकती है।

₹1,180-1,200 पर बड़ी चुनौती

जैन के मुताबिक, ऊपर की तरफ ₹1,180-1,200 का जोन अहम रेजिस्टेंस है। यह शेयर के पिछले ब्रेकडाउन का स्तर है। यहां पहुंचने पर बिकवाली का दबाव आ सकता है।

उनका कहना है कि इंफोसिस में मजबूत तेजी का ट्रेंड तभी बन सकता है जब शेयर ₹1,200 के ऊपर टिके। इसके साथ 200-डे मूविंग एवरेज के ऊपर जाना भी जरूरी होगा।

फंडामेंटल पर भी दबाव

129 Wealth & Research के फंड मैनेजर और एनालिस्ट प्रसेनजित पॉल के मुताबिक कंपनी AI, टैलेंट और प्लेटफॉर्म में निवेश बढ़ा रही है। Q1 FY27 में कंपनी का मार्जिन 21.1% था।

हालांकि, इन निवेशों का असर आने वाले समय में ग्रोथ और मार्जिन पर पड़ सकता है। पॉल का कहना है कि फंडामेंटल आउटलुक अभी सकारात्मक नहीं है। टेक्निकल चार्ट भी कमजोरी दिखा रहा है।

Nifty Outlook: सितंबर में 1600 अंक से ज्यादा टूटा निफ्टी, क्या अब 22600 का अहम लेवल बचेगा?

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Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 30 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook:भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 29 सितंबर को लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए हैं। आज निफ्टी 22,700 के आसपास रहा। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 242.65 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 72,529.07 पर और निफ्टी 64.05 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ। लगभग 1871 शेयरों में बढ़त हुई, 2321 शेयरों में गिरावट आई और 164 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। टाइटन कंपनी, एटरनल, HCL टेक्नोलॉजीज, HDFC लाइफ और इंफोसिस निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि डॉ. रेड्डीज लैब्स, NTPC, टाटा स्टील, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स में बढ़त देखी गई।

सेक्टरों की बात करें तो मीडिया, मेटल और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि घरेलू इक्विटी मार्केट को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, US ट्रेजरी यील्ड का दो दशक के उच्चतम स्तर के करीब बने रहना और FII की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव है। IPO के ज़रिए रिकॉर्ड स्तर पर फंड जुटाने से भी मार्केट में लिक्विडिटी कम हो रही है। साल के आखिर में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना और ग्लोबल स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति के माहौल के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कम बना हुआ है।

हालांकि जियोपॉलिटिकल तनाव निकट भविष्य में मार्केट के सेंटीमेंट को प्रभावित करते रहेंगे,लेकिन अब मार्केट का फोकस धीरे-धीरे Q2 की अर्निंग्स पर जा रहा है, जिसके लिए उम्मीदें Q1 की तुलना में कम हैं। अगर US ईरान संघर्ष में बड़ी कमी आती है, तो जोखिम लेने की इच्छा बढ़ने के कारण मार्केट में जबरदस्त रिलीफ रैली आ सकती है। तब तक,निवेशकों के चुनिंदा शेयरों पर फोकस करने की संभावना है। ऐसे में निवेशक ब्रॉडर मार्केट एक्सपोज़र के बजाय फंडामेंटल्स और कमाई की स्पष्टता को प्राथमिकता देंगे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि निफ्टी जून 2026 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर से भी नीचे आ गया है,जिससे एक बड़ी ‘बेयरिश मारुबोज़ू कैंडल’बनी है और गिरावट लगातार आठवें हफ़्ते भी जारी है। मोमेंटम इंडिकेटर्स के’ओवरसोल्ड ज़ोन’में जाने के कारण निकट भविष्य में 23020 के स्तर तक थोड़ी रिकवरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,जब तक 23150 का स्तर फिर से हासिल नहीं हो जाता,तब तक बड़ा ट्रेंड कमज़ोर ही रहेगा। हालांकि निफ्टी के 22600 के स्तर से नीचे जाने की संभावना कम है, लेकिन अगर ऐसा होता है,तो गिरावट और तेज़ हो सकती है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि गिरावट जारी रहने के कारण इंडेक्स अपने 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिर गया। कोविड के समय आई गिरावट के बाद यह पहली बार है जब निफ्टी 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिरा है,जो अभी 22,600 पर है।

अगर यह इस लेवल से नीचे जाता है तो बाज़ार में और तेज़ी से गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर निफ्टी 22,600 से ऊपर बना रहता है तो ऊपर की ओर रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। इसलिए,22600 निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल बना रहेगा। ऊपर की ओर सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस 22,800 पर है।

PL कैपिटल में चीफ बिज़नेस ऑफिसर एडवाइजरी एंड डीलिंग, विक्रम कसाट का कहना है कि कल हुई बिकवाली का असर आज भी बाजार पर दिखा जिससे बाजार दबाव में रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,कमजोर रुपया और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कमजोर बना हुआ है।

ब्रेंट क्रूड का भाव $106 प्रति बैरल के आसपास होना खास तौर पर अहम है क्योंकि इससे भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है और महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। वहीं,डॉलर के मुकाबले रुपये का ₹96 के स्तर से नीचे जाना मैक्रो रिस्क को और बढ़ाता है।

यह कमजोरी व्यापक है। फाइनेंशियल, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव है। इससे पता चलता है कि निवेशक सिर्फ अलग-अलग सेक्टर के बीच निवेश नहीं बदल रहे हैं,बल्कि जोखिम से बच रहे हैं।

आगे चलकर,बाजार की चाल कच्चे तेल की कीमतों,जियोपॉलिटिकल घटनाओं और FII निवेश के प्रवाह पर निर्भर करेगी। ऐसे माहौल में निवेशकों को आक्रामक तरीके से निवेश करने के बजाय कमाई की स्पष्टता,मजबूत बैलेंस शीट और धीरे-धीरे निवेश करने(staggered accumulation)को प्राथमिकता देनी चाहिए।

 

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Market Outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 28 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,800 के नीचे चला गया। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 1,124.02 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर और निफ्टी 360.25 अंक या 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ। आज लगभग 1214 शेयरों में बढ़त हुई, 2905 शेयरों में गिरावट आई और 166 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स,अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में डॉ.रेड्डीज लैब्स और इंफोसिस शामिल रहे।

सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक इंडेक्स 3% और टेलीकॉम इंडेक्स 2% नीचे बंद हुआ। जबकि एनर्जी,इंफ्रा,FMCG,रियल्टी,प्राइवेट बैंक, मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.8 प्रतिशत गिरा।

बोनान्ज़ा के रिसर्च एनालिस्ट बालाजी राव मुदिली ने कहा कि आज बाजार में भारी गिरावट देखी गई। निफ़्टी 22,780.25 (1.56% नीचे) पर और सेंसेक्स 72,771.21 (1.52% नीचे) पर बंद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया,जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया। इससे बाजार पर दबाव बना। साथ ही,बाजार को उम्मीद है कि अक्टूबर की बैठक में अमेरिका में ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। ये लगभग 3.36% और 5.29% नीचे आए हैं। इंडेक्स के नजरिए से देखें तो सभी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए,जिनमें बैंक,मेटल,रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई।

बॉन्ड यील्ड में तेजी, रुपये में कमज़ोरी, RBI द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती संभावना और बैंकिंग सेक्टर में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटने की उम्मीद के कारण बड़े बैंकों के शेयरों पर भारी दबाव बना हुआ है। आज बैंक-निफ्टी में 1.99% की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि बाजार के एक अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल को तोड़ने के साथ ही मंदड़ियों का दबदबा बना रहा। यह ग्लोबल मैक्रो हालात बिगड़ने के साथ ही निवेशकों में बढ़ती सावधानी की भावना को दिखाता है। अमेरिका द्वारा सीज़फायर के प्रस्ताव को ठुकराने से चिंताएं बढ़ गई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव उम्मीद से ज़्यादा समय तक बना रह सकता है। इससे निकट भविष्य में कूटनीतिक समाधान की संभावना कम हो गई है और लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट और कमोडिटी की कीमतें बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है।

वहीं,अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भारत और अमेरिका के बीच यील्ड का अंतर कम हो रहा है,जिससे विदेशी फंडों की निकासी हो सकती है और बाज़ार का मूड सतर्क बना रह सकता है। फेड द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की बढ़ती आशंका के कारण सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। इसके अलावा, RBI के आगामी पॉलिसी से पहले बाजार सतर्क रह सकते हैं। निकट भविष्य में ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव,तेल की कीमतें और पॉलिसी से जुड़े संकेत बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च, श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 360 अंक नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 1124 अंक गिर गया। सभी अहम सेक्टर इंडेक्स नेगेटिव दायरे में रहे,जिसमें PSU बैंक इंडेक्स में सबसे ज़्यादा 3.15 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

टेक्निकल तौर पर कमजोर शुरुआत के बाद निफ्टी 23,000 के स्तर से नीचे फिसल गया और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसके अलावा, डेली चार्ट पर’बेयरिश कैंडल’और इंट्राडे चार्ट पर’लोअर-टॉप फॉर्मेशन’मौजूदा स्तरों से और कमजोरी आने का संकेत दे रहे हैं।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि मार्केट का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमज़ोर बना हुआ है। हालांकि,कुछ समय के लिए’ओवरसोल्ड’पोजीशन के कारण,हम मौजूदा स्तरों से एक तेज’पुलबैक रैली’देख सकते हैं। डे ट्रेडर्स के लिए 22,800 का स्तर अहम है। इस स्तर से नीचे सेंटीमेंट कमजोर बने रहने की संभावना है,जिसमें 22,650–22,550 पर सपोर्ट मिलेगा। ऊपर की तरफ,22,800 के स्तर से ऊपर जाने पर निफ्टी 23,000–23,050 की ओर उछाल दिखा सकता है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी हल्की गिरावट (गैप-डाउन) के साथ खुला और उस पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया,जिससे यह 23,300 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल से नीचे आ गया। कमजोर शुरुआत से पता चलता है कि ऊपरी लेवल पर सेलर अभी भी एक्टिव हैं,जिससे निकट भविष्य का टेक्निकल स्ट्रक्चर खराब है। ऊपर की तरफ,23,100–23,200 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस बैंड का काम कर सकता है। अगर निफ्टी लगातार 23,200 के ऊपर बना रहता है,तो इससे कुछ राहत मिल सकती है और 23,300–23,400 के लेवल तक रिकवरी में मदद मिल सकती है। हालांकि,अगर यह इस रेजिस्टेंस बैंड के नीचे ही ट्रेड करता रहा तो इंडेक्स पर और बिकवाली का दबाव बन सकता है।

नीचे की तरफ 22,800 का लेवल अहम सपोर्ट बना हुआ है,जिस पर नज़र रखनी होगी। अगर यह 22,800–22,700 के दायरे से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स और निचले स्तरों पर जा सकता है। मोमेंटम इंडिकेटर और कमज़ोर हुए हैं। RSI 30 के आसपास है,जो बताता है कि मोमेंटम काफी कमजोर है और यह’ओवरसोल्ड’जोन के करीब है। बाजार का बड़ा तकनीकी ढांचा भी कमजोर बना हुआ है और इंडेक्स अहम मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। कुल मिलाकर,तकनीकी आउटलुक अधिक मंदी वाला हो गया है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

शेयर बाजारों में तेजी, सेंसेक्स 299 अंक चढ़ा

घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी लौट आई और बीएसई का सेंसेक्स 299 अंक ऊपर बंद हुआ। सेंसेक्स में सुबह से ही तेजी रही। यह 119 अंक ऊपर 74,648 अंक पर खुला और पूरे दिन हरे निशान में रहा। अंत में यह 299.17 अंक (0.40 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 74,828.25 अंक पर रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 सूचकांक का ग्राफ भी लगभग ऐसा ही रही। यह 117.80 अंक यानी 0.50 प्रतिशत चढ़कर 23,446.80 अंक पर बंद हुआ। मंगलवार को दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट रही थी।

वृहत बाजार में भी तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.57 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.89 प्रतिशत मजबूत हुआ।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी आईटी 0.87 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.50 प्रतिशत गिर गया। धातु समूह के सूचकांक में 2.40 प्रतिशत, एफएमसीजी में 1.32 प्रतिशत और रियल्टी में 1.10 प्रतिशत की तेजी रही। फार्मा, वित्त, बैंकिंग, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक भी ऊपर बंद हुए।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील का शेयर सबसे अधिक सवा तीन प्रतिशत और बजाज फाइनेंस का तीन प्रतिशत चढ़ गया। आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावरग्रिड, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा और अडानी पोर्ट्स से शेयर एक से दो प्रतिशत तक की तेजी में रहे। हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स और टेक महिंद्रा के शेयर भी हरे निशान में रहे।

आईटी सेक्टर में गिरावट रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इंफोसिस के शेयर एक प्रतिशत से अधिक गिर गये। टीसीएस, टाइटन और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी नुकसान में रहे।

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शुरुआती तेजी के बाद 330 अंक लुढ़का सेंसेक्स

घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती तेजी खोते हुए प्रमुख सूचकांक गिरावट में बंद हुए और बीएसई का सेंसेक्स 330 अंक रहा।

सेंसेक्स 42 अंक ऊपर 74,901.50 अंक पर खुला और ऊपर 75,038.93 अंक तक गया। हालांकि पहले घंटे के कारोबार के बाद बिकवाली शुरू हो गयी। अंत में यह 329.91 अंक (0.44 प्रतिशत) गिरकर 74,529.08 अंक पर रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत फिसलकर 23,329 अंक पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी दिवस पर दोनों प्रमुख सूचकांक ऊपर रहे थे।

वृहत बाजार में भी बिकवाली हावी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.01 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.23 प्रतिशत फिसल गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में मीडिया, रियल्टी, धातु और रसायन समूहों में तेजी रही। वहीं, आईटी, एफएमसीजी, बैंकिंग, वित्त, ऑटो, फार्मा, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांकों में गिरावट रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व का शेयर डेढ़ फीसदी से अधिक टूट गया। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, टीसीएस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर एक से डेढ़ फीसदी टूट गए।

भारतीय स्टेट बैंक, इंफोसिस, एलएंडटी, आईटीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी लाल निशान में रहे।

इटरनल का शेयर करीब दो प्रतिशत और इंडिगो का डेढ़ फीसदी से ज्यादा चढ़ा। टाइटन और टाटा स्टील में भी तेजी देखी गई।

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कच्चे तेल में नरमी से 564 अंक चढ़ा सेंसेक्स

Sensex

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी से सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में प्रमुख सूचकांक बढ़त में रहे। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 564.03 अंक (0.6 प्रतिशत) चढ़कर 74,858.99 अंक पर बंद हुआ। बाजार में शुरू से ही तेजी रही। दिन के दौरान यह ऊपर 74,987.40 अंक और नीचे 74,454.18 अंक तक गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 सूचकांक का ग्राफ भी लगभग इसी तरह रहा। कारोबार की समाप्ति पर यह 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी में 23,414.30 अंक पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल आज करीब तीन प्रतिशत टूट गया। यह फिलहाल 101 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है। इससे घरेलू बाजार में निवेश धारणा को समर्थन मिला।

प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजार में ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.07 प्रतिशत टूट गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में एफएमसीजी, फार्मा, रियल्टी, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के शेयरों में लिवाली ज्यादा देखी गई। धातु और आईटी समूहों के सूचकांक फिसल गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर चार प्रतिशत से अधिक चढ़ा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज करीब साढ़े तीन प्रतिशत और इटरनल तथा टाइटन में ढाई प्रतिशत के आसपास तेजी रही।

आईटीसी, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, ट्रेंट, एलएंडटी, बीईएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर एक से दो प्रतिशत तक चढ़े। इंडिगो, हिंदुस्तान यूनीलिवर, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी ऊपर रहे।

भारती एयरटेल का शेयर करीब दो प्रतिशत और पावरग्रिड का एक प्रतिशत से अधिक टूट गया। इंफोसिस, अडानी पोर्ट्स और टाटा स्टील में भी गिरावट रही।

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शेयर बाजारों में लिवाली का जोर, आईटी कंपनियां दबाव में

Share Market Crash

कच्चे तेल में जारी नरमी से घरेलू शेयर बाजारों शुक्रवार को लिवाली का जोर रहा, हालांकि आईटी कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे।

बीएसई का सेंसेक्स 19.63 अंक (0.03 प्रतिशत) फिसलकर 74,294.96 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत चढ़कर 23,346.40 अंक पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल फिलहाल सवा फीसदी नीचे है। इससे दूसरे प्रमुख एशियाई बाजारों के साथ घरेलू शेयर बाजारों में भी निवेश धारणा मजबूत रही। वृहत बाजार में चौतरफा लिवाली के बीच निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.87 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.74 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी धातु 1.51 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.34 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.19 प्रतिशत और निफ्टी रसायन 1.17 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। तेल एवं गैस, बैंकिंग, वित्त, फार्मा और स्वास्थ्य समूहों में भी तेजी रही। आईटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टरों के सूचकांक टूट गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा समूह की कंपनी टीसीएस का शेयर सवा चार फीसदी से ज्यादा टूट गया। टाइटन और एशियन पेंट्स के शेयर दो प्रतिशत गिर गए। मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनीलिवर और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत लुढ़क गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीईएल में भी गिरावट रही।

अडानी पोर्ट्स का शेयर पौने चार फीसदी के करीब चढ़ गया। पावरग्रिड, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल में दो से ढाई फीसदी तक तेजी रही। बजाज फाइनेंस का शेयर 1.08 प्रतिशत ऊपर रहा। इंडिगो, इटरनल, एलएंडटी और भारतीय स्टेट बैंक भी बढ़त में रहे।

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शेयर बाजारों में लिवाली के बीच बैंकिंग सेक्टर के दबाव से सेंसेक्स 22 अंक टूटा

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घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को कुल मिलाकर तेजी रही, हालांकि बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली से बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 22 अंक नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स में आज दिन भर उतार-चढ़ाव रहा। यह करीब 154 अंक की गिरावट में 74,182.62 अंक पर खुला और बीच कारोबार में 74,163 अंक से 74,678 अंक के बीच रहा। अंत में गत दिवस की तुलना में 21.86 अंक (0.03 प्रतिशत) नीचे 74,314.59 अंक पर रहा। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत चढ़कर 23,270.60 अंक पर पहुंच गया। वृहत बाजार में तेजी रही। निफ्टी-मिडकैप-50 सूचकांक 0.96 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.76 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ।

सेक्टर आधारित सूचकांकों में बैंकिंग और तेल एवं गैस को छोड़कर अन्य सभी समूहों में लिवाली का जोर रहा। निजी बैंकों में अधिक गिरावट रही। मीडिया, धातु, फार्मा, रियल्टी और स्वास्थ्य सेक्टरों में तेजी अधिक रही। एनएसई में जिन 3,651 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,262 कंपनियों के शेयर बढ़त में 1,279 के नुकसान में रहे। अन्य 110 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 21 के शेयर हरे निशान में रहे। टाटा स्टील का शेयर 2.82 प्रतिशत चढ़ा। बीईएल में 2.38 प्रतिशत, इंडिगो में 2.32 और इटरनल में 2.24 प्रतिशत की तेजी रही।

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मारुति सुजुकी का शेयर 1.64 फीसदी, एशियन पेंट्स का 1.45, बजाज फिनसर्व का 1.24 और अल्ट्राटेक सीमेंट का 1.03 प्रतिशत मजबूत हुआ। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, सन फार्मा, आईटीसी, अडानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी ऊपर बंद हुए। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1.30 प्रतिशत, टाइटन का 1.14 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक का प्रतिशत टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनीलिवर में 0.38 प्रतिशत की गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 0.33 प्रतिशत मजबूत हुआ।

हांगकांग के हैंग सेंग में 0.44 प्रतिशत और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.41 प्रतिशत की गिरावट रही। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.55 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.52 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ।

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 17 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 16 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर और निफ्टी 99.00 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 1913 शेयरों में बढ़त हुई, 2241 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,HDFC लाइफ,ITC,एक्सिस बैंक और SBI शामिल रहे। वहीं TCS,विप्रो,इंफोसिस,टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व में गिरावट देखी गई।

IT और फार्मा को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली गिरावट आई।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाजार आज बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद इसमें रिकवरी हुई। सेंसेक्स लगभग 74,336 पर बंद हुआ और इसमें करीब 333 अंकों की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी भी बढ़त के साथ 99 अंक ऊपर बंद हुआ। US में कच्चे तेल का स्टॉक बढ़ने से सप्लाई से जुड़ी कुछ चिंताएं कम हुईं,जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

FMCG शेयरों में सबसे ज़्यादा तेजी रही और चार दिन से जारी इनकी गिरावट का सिलसिला थम गया। आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए निवेशकों के रुझान के कारण HUL,ITC,डाबर इंडिया,इमामी,गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और P&G हाइजीन के शेयरों में 2-4% की बढ़त हुई।

सरकार ने 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR लागू किया है, जिसमें 75,000 रुपये और उससे ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए अधिकतम शुल्क 300 रुपये तय किया गया है। ये नए शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होंगे। इससे 2020 में शुरू किया गया ज़ीरो MDR सिस्टम खत्म हो जाएगा। जिन छोटे व्यापारियों का मासिक UPI QR कलेक्शन 1 लाख रुपये तक है,उन्हें इससे छूट मिलेगी। P2P ट्रांज़ैक्शन पहले की तरह मुफ़्त रहेंगे। इस बदलाव से बैंकों,पेमेंट एग्रीगेटर्स और फिनटेक कंपनियों को अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकता है।

PhonePe के CEO समीर निगम ने कहा है कि नए MDR फ्रेमवर्क से कंपनी के IPO प्लान को मदद मिल सकती है और चालू वित्त वर्ष में इसकी लिस्टिंग हो सकती है। उम्मीद है कि यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ होगा।

SEMICON India 2026 का आयोजन 17-19 सितंबर के बीच नई दिल्ली में किया जाएगा। इसमें 600 से ज्यादा एग्ज़िबिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है,जिससे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शेयरों पर सबकी नजर रहेगी। सरकार ने 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिनमें से तीन में पहले से ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।

NSE का IPO कल खुलने वाला है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहने की संभावना है। सेक्टर-स्पेसिफिक डेवलपमेंट,कच्चे तेल की कीमतो और विदेशी निवेश इसके मुख्य कारण होंगे। NSE का यह बड़ा IPO प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी का भी एक बड़ा टेस्ट होगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी और US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद (जिसका असर बाजार पहले ही पचा चुका है) से निवेशकों का भरोसा बढ़ा,जिससे भारतीय इक्विटी बाजार में भी तेजी आई। बैंक ऑफ जापान के पॉलिसी फैसले से पहले जापानी बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से भी पॉजिटिव माहौल को और मजबूती मिली,जिससे पूरे एशिया में जोखिम लेने की इच्छा को सपोर्ट मिला।

घरेलू स्तर बाजार में बैंकिंग,FMCG और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी के कारण लार्ज-कैप शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त रही,जबकि IT सेक्टर में हालिया शानदार प्रदर्शन के बाद कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफा वसूली दिखी।

निवेशक अब भविष्य में ब्याज दरों की चाल के बारे में और जानकारी पाने के लिए फेड चेयरमैन के बयान का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस गाइडेंस का असर ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,कैपिटल फ़्लो और फ़ाइनेंशियल मार्केट की निकट भविष्य की दिशा पर पड़ेगा।

HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि मंगलवार को आई भारी गिरावट के बाद बुधवार को बैंकिंग शेयरों और कुछ बड़े शेयरों में वैल्यू बाइंग के चलते भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी देखने को नजर आई।

इस रिकवरी में बैंक निफ्टी सबसे आगे रहा। इसने 56,000 का स्तर फिर से हासिल किया और बेंचमार्क इंडेक्स को सपोर्ट दिया। हालांकि, रिकवरी में बहुत अधिक तेजी नहीं थी क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें $107-$108 प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रहीं और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी घोषणा से पहले अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी यील्ड 5% के आसपास रही।

ग्लोबल मार्केट में निवेशकों का रुख सावधानी के साथ पॉजिटिव रहा। बाजार फेड के फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। इंडिया VIX घटकर 13.15 पर आ गया,जो बताता है कि निकट भविष्य की चिंता में थोड़ी कमी आई है,हालांकि उतार-चढ़ाव हाल के स्तरों से ऊपर बना हुआ है।

तकनीकी स्थिति में मामूली सुधार हुआ है लेकिन यह अभी भी कमजोर है। निफ्टी 23,200 के ऊपर बंद हुआ। लेकिन 23,300-23,500 के दायरे में उसे अभी भी रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,000 पर है और उसके बाद 22,800 पर अहम सपोर्ट है।

बैंक निफ्टी को 56,500-56,800 की ओर रिकवरी जारी रखने के लिए 56,000 के स्तर से ऊपर बने रहना होगा। अगर यह फिर से 56,000 के नीचे जाता है तो 55,500 का स्तर फिर से फोकस में आ सकता है।

फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला और उसके साथ दी जाने वाली पॉलिसी गाइडेंस ही बाजार की अगली चाल तय करेगी। फेड की संतुलित कमेंट्री से रिकवरी में मदद मिल सकती है,जबकि सख्त रुख (हॉकिश आउटलुक),बॉन्ड यील्ड में फिर से तेजी या ब्रेंट क्रूड का $110 की ओर बढ़ना बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ा सकता है और बाजार की रिकवरी को सीमित कर सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले से पहले बनी अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में सावधानी का माहौल बने रहने की संभावना है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि आज भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव वाला दिन रहा। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,रुपये में कमजोरी और FII की लगातार बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें,करेंसी में उतार-चढ़ाव और US फेड की पॉलिसी को लेकर उम्मीदें बाजार की दिशा तय करेंगी।

 

Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

 

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