इस प्राइवेट बैंक के शेयर में आ सकती है तूफानी तेजी, एनालिस्ट ने बताया टॉप पिक

एलारा सिक्योरिटीज ने आईसीआआईसीआई बैंक को अपनी टॉप पिक बताया है। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1 अक्तूबर को 2 बजे 0.64 फीसदी गिरकर 1,313.30 रुपये पर चल रहा था। बैंक निफ्टी पर भी दबाव दिखा। यह 0.64 फीसदी नीचे था।

करेक्शन के बाद वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर

Elara Securities का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद ICICI Bank की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई है। ब्रोकरेज फर्म के हेड ऑफ रिसर्च बिनो पतिपरामपिल ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में अभी कम रिस्क के साथ स्ट्रॉन्ग ग्रोथ की संभावना दिख रही है। उन्होंने कहा कि अगर अभी निवेश के लिए किसी सेक्टर का चुनाव करना हो तो बैंक सेक्टर को चुना जा सकता है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी

उन्होंने कहा, “आईसीआईसीआई बैंक टॉप चॉइस बना हुआ है।” अच्छी क्रेडिट ग्रोथ, क्रेडिट की स्ट्रॉन्ग डिमांड और बेहतर एसेट क्वालिटी के बावजूद बीते एक साल में प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन सरकारी बैंकों के मुकाबले कमजोर रहा है। बीते एक साल में निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.72 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.98 फीसदी चढ़ा है।

पीएसयू बैंकों के मुकाबले प्राइवेट बैंक शेयरों का प्रदर्शन कमजोर

मार्केट में रिकवरी शुरू होने पर प्राइवेट बैंकों के शेयरों में अच्छी तेजी दिख सकती है। आईसीआईसीआई बैंक सहित कई बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन बीते एक साल में कमजोर रहा है। इस दौरान आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 4.34 फीसदी गिरा है। एचडीएफसी बैंक का शेयर बीते एक साल में करीब 26 फीसदी टूटा है।

जून तिमाही में ICICI Bank का अच्छा प्रदर्शन 

जून तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा। इस दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट 14800 करोड़ रुपये रहा। यह एनालिस्ट्स की उम्मीद से ज्यादा था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 12.7 फीसदी गिरकर 24300 करोड़ रुपये रही। घरेलू लोन की ग्रोथ 19 फीसदी से ज्यादा रही। नेट इंटरेस्ट मार्जिन भी बढ़कर 4.36 फीसदी रहा। बैड लोन के लिए बैंक की प्रोविजनिंग में काफी कमी देखने को मिली।

बाजार में 1 अक्टूबर को भी बड़ी गिरावट 

1 अक्तूबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 1.71 फीसदी यानी 385 अंक गिरकर 22,232 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.58 फीसदी यानी 1137 अंक गिरकर 71,334 पर चल रहा था। बैंक शेयरों पर भी दबाव दिखा। भारतीय शेयर बाजार का सेंटिमेंट काफी कमजोर है। बाजार के प्रमुख सूचकांक अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ चुके हैं।

HDFC Bank News: नए चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति, वीएन श्रीवत्सन संभालेंगे जिम्मेदारी

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank ने वी एन श्रीवत्सन को नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर बनाया है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। यह अवधि बैंक में जॉइन करने की तारीख से शुरू होगी।

श्रीवत्सन के 4 जनवरी 2027 को HDFC Bank जॉइन करने की उम्मीद है। वह बैंक के फुल-टाइम कर्मचारी होंगे। अभी वह ICICI Bank में ओवरसीज बैंकिंग और सब्सिडियरीज के हेड ऑफ कंप्लायंस और डेटा प्राइवेसी ऑफिसर हैं।

34 साल का अनुभव

श्रीवत्सन को करीब 34 साल का प्रोफेशनल अनुभव है। इसमें करीब 25 साल बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में काम करने का अनुभव है। करीब 10 साल का अनुभव सीधे कंप्लायंस और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन से जुड़ा है।

उन्होंने आठ साल से ज्यादा समय तक रिटेल बैंकिंग कंप्लायंस और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन की जिम्मेदारी संभाली है। उनके काम में रेगुलेशन की निगरानी और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन संभालना शामिल रहा है।

कंप्लायंस का लंबा अनुभव

श्रीवत्सन ने कंप्लायंस फ्रेमवर्क और पॉलिसी तैयार करने का काम किया है। इन्हें लागू कराने की जिम्मेदारी भी संभाली है। इसके अलावा उन्होंने रेगुलेटरी इंस्पेक्शन से जुड़े मामलों को भी देखा है।

उन्होंने सीनियर मैनेजमेंट, ऑडिट कमेटी, बोर्ड और रेगुलेटर्स के साथ काम किया है। श्रीवत्सन ने पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्टग्रेजुएट डिग्री की है। उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बीटेक किया है।

राकेश कुमार राजपूत ने छोड़ा पद

HDFC Bank के चीफ कंप्लायंस ऑफिसर राकेश कुमार राजपूत ने 30 सितंबर 2026 को यह पद छोड़ दिया। वह 1 अक्टूबर 2023 से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे थे।

हालांकि, राजपूत HDFC Bank के फुल-टाइम कर्मचारी बने रहेंगे। उनके पास बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री है। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकर्स के सर्टिफाइड एसोसिएट हैं। इसके अलावा उनके पास बिजनेस मैनेजमेंट में एडवांस्ड डिप्लोमा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Google Fitbit Air भारत में लॉन्च, बिना स्क्रीन के करेगा हेल्थ ट्रैक, 7 दिन चलेगी बैटरी

Google Fitbit Air: Google ने भारत में Fitbit Air लॉन्च किया है, जो हेल्थ और फिटनेस ट्रैकिंग के लिए बिना स्क्रीन वाला तरीका लेकर आया है। यह छोटा पहनने वाला डिवाइस दिन भर हेल्थ डेटा को मॉनिटर करने में मदद करता है, साथ ही नोटिफिकेशन और स्मार्टफोन जैसी दूसरी चीजों से होने वाली रुकावटों को कलाई से दूर रखता है। इसमें लगातार हार्ट-रेट मॉनिटरिंग, स्लीप ट्रैकिंग और एक्टिविटी डिटेक्शन के साथ-साथ पर्सनलाइज्ड गाइडेंस के लिए Google का Health Coach भी शामिल है।

Fitbit Air को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे लंबे समय तक कलाई पर पहना जा सके। यह हल्का है, इसका डिजाइन पेबल-स्टाइल का है और इसकी बैटरी 7 दिनों तक चलती है। यूज़र्स Google Health ऐप के जरिए अपना हेल्थ और फिटनेस डेटा देख सकते हैं, और इसके बदले जा सकने वाले बैंड की वजह से ट्रैकर को वर्कआउट के साथ-साथ रोजमर्रा की गतिविधियों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

Google Fitbit Air: कीमत और उपलब्धता

भारत में Fitbit Air की कीमत ₹13,999 है और यह चार कलर ऑप्शन में उपलब्ध है: bsidian, Berry, Lavender और Fog। Google इस डिवाइस के साथ Google Health Premium का तीन महीने का ट्रायल भी दे रहा है, जिससे Google Health Coach का एक्सेस मिलता है।

लॉन्च ऑफर की बात करें तो फुल स्वाइप ट्रांजैक्शन पर 1,000 रुपये तक का कैशबैक मिल सकता है। इसके अलावा, चुनिंदा HDFC Bank और ICICI Bank कार्ड से 6 महीने की नो-कॉस्ट EMI के साथ 1,000 रुपये का कैशबैक भी दिया जा रहा है। वहीं, कंज्यूमर लोन के जरिए 12 महीने तक की नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी मिल रहा है।

Google Fitbit Air: फीचर्स

Fitbit Air बिना स्क्रीन वाला एक पहनने योग्य डिवाइस (वेयरेबल) है, जो कनेक्टेड स्मार्टफोन पर Google Health ऐप को हेल्थ और वेलनेस से जुड़ी जानकारी भेजता है। यह लगातार हार्ट-रेट मॉनिटरिंग, रेस्टिंग हार्ट रेट और हार्ट रेट वेरिएबिलिटी ट्रैकिंग के साथ-साथ अनियमित हार्ट रिदम (Afib) के नोटिफिकेशन को भी सपोर्ट करता है।

नींद को ट्रैक करने के लिए, यह डिवाइस नींद की अवधि और उसके चरणों (stages) पर नजर रखता है। इसमें ब्लड ऑक्सीजन (SpO2) ट्रैकिंग और ऑटोमैटिक एक्टिविटी डिटेक्शन की सुविधा भी मिलती है।

Google का दावा है कि Fitbit Air एक बार चार्ज करने पर 7 दिनों तक चल सकता है। वहीं, इसे 5 मिनट चार्ज करने पर एक दिन तक की बैटरी लाइफ मिल सकती है।

यह वियरेबल Google Health Coach के साथ काम करता है, जो इकट्ठा किए गए डेटा का इस्तेमाल करके पर्सनलाइज्ड गाइडेंस देता है। यूजर्स अपने वर्कआउट को अपने-आप रिकॉर्ड कर सकते हैं, गाइडेड सेशन को फॉलो कर सकते हैं और अपनी एक्टिविटीज को रिकॉर्ड करने के लिए जिम इक्विपमेंट या वर्कआउट रूटीन की फोटो का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Google Fitbit Air: स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

स्पेसिफिकेशनGoogle Fitbit Air
टाइपस्क्रीनलेस हेल्थ ट्रैकर
हार्ट ट्रैकिंग24/7 हार्ट रेट, रेस्टिंग हार्ट रेट और HRV
हार्ट हेल्थअनियमित हार्ट रिदम (Afib) नोटिफिकेशन
स्लीप ट्रैकिंगनींद के स्टेज और अवधि की जानकारी
ब्लड ऑक्सीजनSpO2 ट्रैकिंग
एक्टिविटी ट्रैकिंगऑटोमैटिक एक्टिविटी डिटेक्शन
बैटरी लाइफ7 दिनों तक
फास्ट चार्जिंग5 मिनट चार्ज करने पर 1 दिन तक
हेल्थ प्लेटफॉर्मGoogle Health ऐप
AI/वेलनेसGoogle Health Coach
बॉक्स में बैंडPerformance Loop Band
अन्य बैंडActive Band, Elevated Modern Band
कलर ऑप्शनObsidian, Berry, Lavender और Fog
भारत में कीमत₹13,999
सेल डेट2 अक्टूबर 2026
प्रीमियम ट्रायल3 महीने का Google Health Premium ट्रायल

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Flipkart Big Billion Days Sale में Oppo का धमाका! ₹16,999 तक सस्ते हुए ये 5 स्मार्टफोन

Flipkart Big Billion Days Sale 2026: इस फेस्टीव सीजन में अगर आप नया स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक सामान या घर के लिए कोई नया अप्लायंस खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। Flipkart की Big Billion Days Sale 2026 जल्द शुरू होने वाली है। इस सेल में आपको कई कैटेगरी के प्रोडक्ट्स पर आकर्षक छूट मिलेगी। सेल की शुरुआत 9 अक्टूबर से होगी, जबकि चुनिंदा ग्राहकों को एक दिन पहले यानी 8 अक्टूबर से ही खरीदारी करने का मौका मिलेगा। खास बात यह है कि Oppo ने अभी से अपने ऑफर्स की झलक दिखानी शुरू कर दी है। इससे ग्राहकों को सेल शुरू होने से पहले ही कुछ प्रोडक्ट्स की संभावित कीमतों का अंदाजा लग सकेगा। इसके अलावा, बैंक डिस्काउंट और पेमेंट ऑफर्स की मदद से खरीदारी और भी सस्ती हो सकती है।

Flipkart Big Billion Days Sale में मिलेंगे बैंक ऑफर्स

Flipkart की यह सेल 9 अक्टूबर से शुरू होगी। हालांकि, कुछ चुनिंदा ग्राहकों को 8 अक्टूबर से ही अर्ली एक्सेस मिलेगा। यानी वे दूसरे ग्राहकों से एक दिन पहले सेल में खरीदारी कर सकेंगे। सेल के दौरान Axis Bank और ICICI Bank के चुनिंदा कार्ड से पेमेंट करने पर 10% तक का इंस्टेंट डिस्काउंट मिलेगा। वहीं, Flipkart Axis Bank क्रेडिट कार्ड रखने वाले ग्राहकों को 10% की अतिरिक्त बचत का फायदा भी मिल सकता है। हालांकि, इन ऑफर्स का लाभ लेने के लिए कंपनी की ओर से तय नियम और शर्तें लागू होंगी।

Oppo Big Billion Days Sale डील्स

Oppo Find X9 Ultra की कीमत ₹1,69,999 से कम होकर सेल में ₹1,53,000 हो गई है। इसमें 6.82-इंच का QHD+ 120Hz AMOLED डिस्प्ले, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट और 100W वायर्ड चार्जिंग के साथ 7,050mAh की बैटरी मिलेगी। फोन में क्वाड रियर कैमरा सेटअप भी है, जिसमें दो 200MP के सेंसर हैं।

वहीं, Oppo Find X9s को Flipkart Big Billion Days Sale के दौरान 72,000 रुपये में खरीदा जा सकेगा। जबकि इसकी लिस्टेड कीमत 84,999 रुपये है। इस तरह ग्राहकों को फोन पर 12,999 रुपये की बचत होगी। इसमें 6.59 इंच की AMOLED स्क्रीन दी गई है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती है। फोन में MediaTek Dimensity 9500s प्रोसेसर मिलता है। इसमें 7,025mAh की बैटरी दी गई है, जो 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। फोटोग्राफी के लिए फोन के पीछे तीन कैमरे दिए गए हैं और तीनों 50MP के हैं।

किफायती विकल्पों की बात करें तो, Oppo K14 Lite ₹16,999 के बजाय ₹14,999 में उपलब्ध होगा। इसमें 6.75-इंच का HD+ 120Hz डिस्प्ले, Unisoc T7250 चिपसेट और 7,000mAh की बैटरी है।

इसके अलावा, Oppo K14x 5G की सेल प्राइस 16,999 रुपये होगी, जबकि इसकी लिस्ट प्राइस 18,999 रुपये है। इसकी खासियतों में 6.75-इंच HD+ 120Hz डिस्प्ले, MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट, 45W चार्जिंग के साथ 6,500mAh की बैटरी और 50-मेगापिक्सल का रियर कैमरा शामिल हैं।

वहीं, Oppo K14 5G को 25,999 रुपये की जगह 23,499 रुपये में खरीदा जा सकेगा। इसमें 6.75-इंच 120Hz डिस्प्ले, MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट और 45W चार्जिंग के साथ 7,000mAh की बैटरी दी गई है। फोन में 50MP का रियर कैमरा और IP69 डस्ट और वॉटर प्रोटेक्शन भी है।

Flipkart Big Billion Days Sale 2026 के दौरान Oppo स्मार्टफोन पर बेहतरीन डील्स

मॉडललिस्टेड कीमतसेल में कीमतबचत
Oppo Find X9 Ultra₹1,69,999₹1,53,000₹16,999
Oppo Find X9s₹84,999₹72,000₹12,999
Oppo K14 Lite₹16,999₹14,999₹2,000
Oppo K14x 5G₹18,999₹16,999₹2,000
Oppo K14 5G₹25,999₹23,499₹2,500

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iPhone 18 Pro पर ₹57,000 की बचत! जानें कैसे मिलेगा डिस्काउटं, देखें Exchange, Bonus और Cashback का पूरा हिसाब

अगर आप नया iPhone 18 Pro खरीदने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन इसकी कीमत देखकर बजट को लेकर सोच में पड़ गए हैं, तो पुराने iPhone को एक्सचेंज करना आपके काम आ सकता है। जी हां, दरअसल India iStore एक जबरदस्त ऑफर दे रहा है, जिसके जरिए iPhone 18 Pro की असल कीमत काफी कम हो सकती है। फिलहाल, भारत में iPhone 18 Pro के 256GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये है। वहीं, एक्सचेंज और पेमेंट से जुड़े खास फायदों को मिलाकर इस फोन की असल कीमत ₹1,07,900 तक कम की जा सकती है। इस हिसाब-किताब में एलिजिबल डिवाइस की एक्सचेंज वैल्यू, एक्सचेंज बोनस और बैंक कैशबैक शामिल हैं।

भारत में iPhone 18 Pro की कीमत

भारत में iPhone 18 Pro के 256GB मॉडल की कीमत ₹1,64,900 है। 512GB वाले मॉडल की कीमत ₹1,89,900 है, जबकि 1TB और 2TB मॉडल की कीमत क्रमशः ₹2,39,900 और ₹3,14,900 है।

iPhone 18 Pro को ₹1,07,900 में कैसे खरीदें

₹1,07,900 की प्रभावी कीमत iPhone 15 Pro 128GB को ₹40,000 में एक्सचेंज करने पर आधारित है। इसके बाद खरीदार ₹10,000 का अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस और ₹7,000 तक का बैंक कैशबैक पा सकते हैं।

iPhone 18 Pro को 1,07,900 रुपये की प्रभावी कीमत पर खरीदने के लिए iPhone 15 Pro के 128GB मॉडल को एक्सचेंज करना होगा। इस फोन की एक्सचेंज वैल्यू 40,000 रुपये तक मिल सकती है।

इसके अलावा 10,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस और 7,000 रुपये तक का बैंक कैशबैक भी मिल सकता है। इन सभी ऑफर्स को मिलाने पर iPhone 18 Pro की प्रभावी कीमत 1,07,900 रुपये रह जाती है।

इससे लिस्टेड कीमत में कुल ₹57,000 की कमी आती है:

फायदा / कीमतराशि
iPhone 18 Pro की कीमत₹1,64,900
iPhone 15 Pro की एक्सचेंज वैल्यू₹40,000
एक्सचेंज बोनस₹10,000
बैंक कैशबैक₹7,000
प्रभावी कीमत₹1,07,900

बैंक कैशबैक और एक्सचेंज बोनस

India iStore, Axis Bank, ICICI Bank या SBI के क्रेडिट कार्ड से किए गए एलिजिबल EMI ट्रांजैक्शन पर ₹7,000 तक का इंस्टेंट कैशबैक देता है। एलिजिबल नॉन-EMI ट्रांजैक्शन के लिए कैशबैक ₹6,000 है।

इसके अलावा, एक्सचेंज बोनस 10,000 रुपये तक मिल सकता है। यह ऑफर चुनिंदा स्टोर्स पर Cashify और Servify के जरिए उपलब्ध है। हालांकि, बोनस की राशि पुराने फोन की जांच के बाद तय की जाती है।

खास बात यह है कि हर iPhone 15 Pro के लिए ₹40,000 की एक्सचेंज वैल्यू की गारंटी नहीं है। अंतिम कीमत डिवाइस की हालत और उसके मूल्यांकन पर निर्भर करती है। इसलिए, खरीदारों को अंतिम कीमत का हिसाब लगाने से पहले अपनी एक्सचेंज वैल्यू और पेमेंट के लिए अपनी पात्रता (eligibility) की जांच कर लेनी चाहिए। साथ ही, फोन के आधार पर डिवाइस की एक्सचेंज वैल्यू अलग-अलग होगी, और उसी हिसाब से अंतिम कीमत भी अलग होगी।

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Bank Open Sunday: कल रविवार को भी खुलेंगे बैंक! जानिए RBI ने क्यों जारी किया ये बड़ा आदेश

Bank Open Sunday September 27: अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम अटका हुआ है, तो रविवार होने के बावजूद आप कल यानी 27 सितंबर को शाखा जाकर अपना काम निपटा सकते हैं। वित्त मंत्रालय की सिफारिश पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कल देश के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को सामान्य दिनों की तरह खुला रखने का विशेष आदेश जारी किया है।

आमतौर पर रविवार को देशभर के बैंकों में साप्ताहिक अवकाश रहता है। हालांकि, इस अभूतपूर्व फैसले के पीछे की मुख्य वजह 28 से 30 सितंबर तक देश भर में होने वाली बैंक हड़ताल है।

RBI और सरकार ने क्यों दिया बैंक खोलने का आदेश?

बैंकिंग यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर (सोमवार से बुधवार) तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। चूंकि 26 सितंबर को महीने का चौथा शनिवार था और 27 सितंबर को रविवार, ऐसे में बैंक लगातार 5 दिनों के लिए पूरी तरह ठप हो जाते।

लगातार 5 दिन शाखाएं बंद रहने से आम जनता को नकदी निकासी, चेक क्लियरिंग, लोन डॉक्युमेंटेशन और व्यावसायिक लेनदेन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता। इसी समस्या को टालने के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर RBI ने रविवार को भी बैंक खोलने की मंजूरी दी है।

30 सितंबर को बैंकों की अर्धवार्षिक क्लोजिंग भी है, जो वित्तीय और मार्केट ऑपरेशन्स के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हड़ताल से पहले एक कार्यदिवस मिलने से पेंडिंग काम निपटाए जा सकेंगे।

कल कौन-कौन से बैंक और सेवाएं चालू रहेंगी?

RBI के सर्कुलर के अनुसार, 27 सितंबर, रविवार को सभी सरकारी बैंक जैसे- SBI, PNB, BOB, कैनरा बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) में पूरी तरह कामकाज होगा। बैंक शाखाओं के साथ-साथ उनके प्रशासनिक कार्यालय, एटीएम से जुड़ी शाखाएं और करेंसी चेस्ट सामान्य कामकाजी घंटों के दौरान काम करेंगे।

प्राइवेट बैंक जैसे- HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank हड़ताल का हिस्सा नहीं हैं। रविवार को उनकी शाखाओं की सामान्य छुट्टियां लागू हो सकती है।

क्यों हड़ताल पर जा रहे हैं बैंक कर्मचारी?

बैंकिंग क्षेत्र के करीब 90% कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स’ (UFBU) ने 3 दिनों की हड़ताल बुलाई है। कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

5-डे बैंकिंग: सभी शनिवारों को आधिकारिक छुट्टी घोषित करना।

पेंशन में सुधार व OPS: पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प देना और पेंशनर्स के लिए एक समान महंगाई भत्ता लागू करना।

हालांकि, सरकार और बैंक प्रबंधन ने यूनियनों से हड़ताल वापस लेने या टालने की अपील की है, लेकिन सहमति न बन पाने के कारण हड़ताल का जोखिम बरकरार है।

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Personal Loan: बैंकों के पास पैसा बढ़ा, क्या अब आसानी से मिलेगा पर्सनल लोन? जानिए ब्याज दर पर क्या असर होगा

Personal Loan: अगर आप आने वाले त्योहारी महीनों में पर्सनल लोन लेने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म UBS के मुताबिक, भारत में पर्सनल लोन की ग्रोथ फिर तेज हो सकती है। बैंकों के पास पर्याप्त लिक्विडिटी यानी नकदी है और वे आने वाले महीनों में इस पैसे को लोन के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

पर्सनल लोन की ग्रोथ बढ़ने के संकेत

UBS के मुताबिक, भारत में अनसिक्योर्ड क्रेडिट का एक मजबूत दौर शुरू हो सकता है। इसमें पर्सनल लोन बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। सितंबर की CIRF रिपोर्ट के मुताबिक, पर्सनल लोन का कुल बकाया पोर्टफोलियो करीब ₹17 लाख करोड़ है। इसमें सालाना आधार पर 13.8% की बढ़ोतरी हुई है।

देश के पांच बड़े बैंकों में पर्सनल लोन पोर्टफोलियो की ग्रोथ वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में औसतन 10% रही। SBI की ग्रोथ 15%, ICICI Bank की 12.9%, Axis Bank की 6% और Kotak Mahindra Bank की 5% रही।

क्या अब पर्सनल लोन मिलना आसान होगा?

बैंकों के पास अतिरिक्त पैसा होने से लोन बांटने की क्षमता जरूर बढ़ सकती है। UBS का मानना है कि आने वाले महीनों में बैंक इस अतिरिक्त रकम को खास तौर पर पर्सनल लोन जैसे सेगमेंट में लगा सकते हैं।

इसका फायदा उन ग्राहकों को मिल सकता है जिनकी प्रोफाइल मजबूत है। यानी अच्छा क्रेडिट स्कोर, स्थिर आय और पहले से कम कर्ज वाले लोगों के लिए लोन अप्रूवल का माहौल बेहतर हो सकता है।

क्या पर्सनल लोन सस्ता भी होगा?

यहां तस्वीर थोड़ी अलग है। UBS की रिपोर्ट बैंकों में बढ़ी नकदी और पर्सनल लोन की संभावित ग्रोथ की बात करती है। ज्यादा पैसा उपलब्ध होने से बैंक ज्यादा लोन देने के लिए तैयार हो सकते हैं। मगर इसका सीधा मतलब ब्याज दर में कटौती नहीं है।

अगर बैंक ग्राहकों को लुभाने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ाते हैं, तो कुछ ग्राहकों को बेहतर ब्याज दर या ऑफर मिल सकते हैं। लेकिन यह बैंक और ग्राहक की प्रोफाइल पर निर्भर करेगा।

FCNR-B से बैंकों के पास आया ज्यादा पैसा

पर्सनल लोन की संभावित ग्रोथ के पीछे एक बड़ी वजह FCNR-B डिपॉजिट स्कीम से आई लिक्विडिटी है। 31 अगस्त को स्कीम बंद होने तक इस रास्ते से करीब $133 अरब का इनफ्लो आया। FCNR-B (Foreign Currency Non-Resident Bank Deposit) NRI लोगों के लिए बैंक में विदेशी मुद्रा में पैसा जमा करने की सुविधा है। इसमें जमा रकम और ब्याज उसी विदेशी मुद्रा में होता है, इसलिए रुपये की कीमत में बदलाव का असर सीधे नहीं पड़ता।

UBS के मुताबिक, इससे बैंकिंग सिस्टम में करीब ₹12-13 लाख करोड़ की अतिरिक्त लिक्विडिटी बन सकती है। बैंक इस पैसे का इस्तेमाल आने वाले महीनों में लोन देने के लिए कर सकते हैं। हालांकि, बैंकिंग अधिकारियों के मुताबिक अतिरिक्त पैसे को लोन में बदलने में 3-4 महीने लग सकते हैं।

आपके लिए क्या मतलब?

अगर आपका क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत है, तो आने वाले महीनों में पर्सनल लोन के विकल्प बढ़ सकते हैं। बैंक ज्यादा आक्रामक तरीके से लोन ऑफर कर सकते हैं और कुछ ग्राहकों को बेहतर ब्याज दर भी मिल सकती है।

लेकिन ‘लोन आसानी से मिलेगा’ और ‘लोन सस्ता होगा’ दोनों एक ही बात नहीं हैं। फिलहाल संकेत पर्सनल लोन की उपलब्धता और ग्रोथ बढ़ने के हैं। ब्याज दर में कमी इस बात पर निर्भर करेगी कि RBI की पॉलिसी, बैंकों की फंडिंग कॉस्ट और ग्राहकों के क्रेडिट रिस्क में क्या बदलाव आता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

HDFC Bank News: नए MD और CEO के लिए 3 बड़ी संभावनाएं, अब RBI के फैसले पर टिकी नजर

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank के नए MD और CEO को लेकर फैसला अब करीब आता दिख रहा है। बैंक के बोर्ड ने RBI को दो नाम भेजे हैं। इनमें डिप्टी MD कैजाद भरूचा और ICICI Prudential Life Insurance के MD और CEO अनूप बागची का नाम शामिल है। दोनों के नाम तीन साल के कार्यकाल के लिए भेजे गए हैं।

मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। RBI फिलहाल दोनों नामों पर विचार कर रहा है। ऐसे में नेतृत्व बदलाव को लेकर तीन संभावनाएं चर्चा में हैं।

कैजाद भरूचा बन सकते हैं नए CEO

पहली संभावना बैंक के अंदर से ही नए CEO की नियुक्ति की है। कैजाद भरूचा 1995 से HDFC Bank से जुड़े हैं। 2014 में वह बैंक के होल-टाइम डायरेक्टर बने और 2023 से डिप्टी MD हैं।

वह रिटेल एसेट्स, मॉर्गेज, कॉरपोरेट बैंकिंग, बिजनेस बैंकिंग और रूरल बैंकिंग जैसे कारोबार देखते हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति से बैंक के मौजूदा सिस्टम और कारोबार की अच्छी समझ रखने वाला नेतृत्व जारी रह सकता है।

हालांकि, उनके मामले में RBI के 15 साल के एग्रीगेट टेन्योर नियम का मुद्दा है। होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर उनका पिछला कार्यकाल भी इसमें गिना जाता है। इसलिए पूरे तीन साल के कार्यकाल के लिए नियामकीय मंजूरी जरूरी होगी।

अनूप बागची की भी दावेदारी

दूसरी संभावना बाहरी उम्मीदवार की है। अनूप बागची फिलहाल ICICI Prudential Life Insurance के MD और CEO हैं। इससे पहले वह ICICI Bank में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ICICI Securities के MD और CEO रह चुके हैं।

उनके पास रिटेल, MSME, कॉरपोरेट बैंकिंग, ट्रेजरी और फाइनेंशियल सर्विसेज का लंबा अनुभव है। RBI फिलहाल उनकी उम्मीदवारी की जांच कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने उनकी उम्मीदवारी पर IRDAI और ICICI Bank से भी फीडबैक मांगा है। इसकी वजह पिछले करीब तीन साल से उनका मेनस्ट्रीम बैंकिंग से बाहर होना बताया गया है।

भरूचा CEO और बागची DMD?

तीसरी संभावना दोनों को बैंक की टॉप लीडरशिप में जगह देने की है। इस स्थिति में भरूचा CEO बन सकते हैं, जबकि बागची डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (DMD) की भूमिका में आ सकते हैं।

ऐसा होने पर भरूचा अपने मौजूदा अनुभव के साथ बैंक की कमान संभालेंगे। वहीं बागची को HDFC Bank के कारोबार और कामकाज को समझने का समय मिल सकता है। आगे चलकर वह CEO की भूमिका संभाल सकते हैं।

बैंक के लिए क्यों अहम है फैसला?

नए CEO को बड़े मर्जर के बाद तैयार हुई HDFC Bank की बैलेंस शीट के साथ काम करना होगा। डिपॉजिट ग्रोथ, फंडिंग कॉस्ट, नेट इंटरेस्ट मार्जिन, लोन ग्रोथ और रिटर्न जैसे मुद्दे बैंक के लिए अहम रहेंगे।

अभी अंतिम फैसला RBI को करना है। इसलिए फिलहाल भरूचा, बागची या दोनों की भूमिका वाली तीनों संभावनाएं खुली हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

एक्सपायरी पर Sensex फ्लैट, लगातार दूसरे दिन Nifty मजबूत, किन घटी निवेशकों की दौलत

Share Market Rally: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाई लेकिन चूंकि घरेलू मार्केट को पहले से ही इसकी उम्मीद थी तो इसका कोई खास असर नहीं दिखा। कच्चे तेल की नरमी पर सेंसेक्स और निफ्टी ने रेड जोन से शानदार वापसी की और सेंसेक्स इंट्रा-डे के निचले स्तर से 500 प्वाइंट्स से अधिक रिकवरी को तो निफ्टी भी 23200 के नीचे से रिकवर होकर 23350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज फार्मा, मेटल, ऑटो और रियल्टी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। इसमें से रियल्टी और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी के आस-पास बंद हुए तो मेटल और ऑटो सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स करीब 1-1% मजबूत हुए। हालांकि दूसरी तरफ बैंकिंग शेयरों ने मार्केट को नीचे खींचने की कोशिश और निफ्टी पीएसयू बैंक में हल्की गिरावट रही लेकिन निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब आधे फीसदी कमजोर हुआ। ओवरऑल मार्केट के इस माहौल में आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 17 सितंबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 21.86 प्वाइंट्स यानी 0.03% की मामूली गिरावट के साथ 74,314.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 53.00 प्वाइंट्स यानी 0.23% की बढ़त के साथ 23,270.60 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 172.50 प्वाइंट्स टूटकर 74,163.95 तक आया था जिससे यह 513.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,677.56 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 23.95 प्वाइंट्स गिरकर 23,193.65 तक आया था जिससे यह 169.90 प्वाइंट्स चढ़कर 23,363.55 तक पहुंचा था।

₹1.87 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 16 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,23,712.00 करोड़ था। आज यानी 17 सितंबर 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,10,906.37 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹187,194.36 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 21 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 21 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज टाटा स्टील, बीईएल और इंडिगो सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ एचडीएफसी बैंक, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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113 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4535 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2686 शेयर आज मजबूत हुए तो 1642 में गिरावट रही जबकि 207 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 113 शेयर एक साल के हाई और 139 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 11 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 43 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज छा गई मार्केट में रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

राजीव ठक्कर के पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल! इन सेक्टर्स की कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी, जानिए किससे लिया एग्जिट

Parag Parikh Flexi Cap Fund Portfolio Changes: देश की सबसे बड़ी फ्लेक्सी-कैप स्कीम पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड (PPFAS) में नए पैसों का आवक बीते पांच महीनों में काफी सुस्त पड़ा है। मार्च 2026 के मुकाबले अगस्त तक फंड में नया निवेश लगभग 72% तक घट चुका है।

वैसे, राहत की बात यह है कि इनफ्लो में सुस्ती के बावजूद फंड का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च के ₹1.32 लाख करोड़ से बढ़कर अगस्त 2026 तक ₹1.47 लाख करोड़ पहुंच चुका है।

फंड के मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) राजीव ठक्कर और उनकी टीम ने ₹1.47 लाख करोड़ के इस विशाल पोर्टफोलियो में कई बड़े री-एलोकेशन और रणनीतिक बदलाव किए हैं।

इनफ्लो में 72% की बड़ी गिरावट और शॉर्ट-टर्म रिटर्न का हाल

ACE MF के आंकड़ों के अनुसार, फंड में हर महीने आने वाला नया निवेश तेजी से कम हुआ है:

मार्च 2026: ₹3,949.93 करोड़

अप्रैल 2026: ₹3,613.57 करोड़

जून 2026: ₹2,360.52 करोड़

जुलाई 2026: ₹1,583.47 करोड़

अगस्त 2026: ₹1,098.94 करोड़

रिटर्न का हाल: हालिया महीनों में सुस्त रिटर्न के चलते नए निवेशकों की रफ्तार धीमी हुई है। अगस्त अंत तक यह फंड YTD आधार पर 6.38% नीचे और पिछले 1 साल में 4.46% की गिरावट में था। हालांकि, 3 साल का सालाना रिटर्न 11.56% रहा है।

कैश पूल में से निकाले पैसे, कोर इक्विटी में बढ़ाई हिस्सेदारी

राजीव ठक्कर ने बाजार के मौकों का फायदा उठाने के लिए रिजर्व रखे गए कैश को बाजार में लगाना शुरू कर दिया है। मार्च में फंड के पास 18.94% पैसा कैश, डेट और आर्बिट्राज में रखा था, जो अगस्त में घटकर 11.58% रह गया। इसमें केवल कैश का आवंटन घटकर 3.42% बचा है। भारतीय शेयरों में कोर इक्विटी एलोकेशन मार्च के 66.75% से बढ़ाकर अगस्त में 71.2% कर दिया गया। वहीं विदेशी इक्विटी में हिस्सेदारी 11% के आसपास स्टेबल बनी हुई है।

रियल एस्टेट और REITs पर बढ़ाया दांव

पोर्टफोलियो में सबसे चौंकाने वाला बदलाव रियल एस्टेट और रीयल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट( REITs) में देखने को मिला है। मार्च में REITs का हिस्सा पूरे पोर्टफोलियो में महज 1.51% था। अगस्त तक यह बढ़कर 6.2% पहुंच गया।

कौन-से शेयर आए, कौन से बाहर?

फंड ने Mindspace Business Parks REIT से पूरी तरह एग्जिट कर लिया है। अब इसके पास Knowledge Realty Trust (2.09%), Embassy Office Parks REIT (2.48%) और Brookfield India REIT (1.60%) में हिस्सेदारी है। जुलाई में रियल एस्टेट दिग्गज DLF में फंड का दांव महज 0.03% था, जो अगस्त में बढ़कर 0.64% हो गया।

IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी

राजीव ठक्कर ने दिग्गज आईटी और बैंकिंग कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी मजबूत की है, जबकि पीएसयू कंपनियों में से फंड निकाला है:

IT सेक्टर्स में खरीदारी: मार्च से अगस्त के बीच HCL Tech (3.11% से बढ़कर 4.15%), Infosys (2.61% से बढ़कर 3.29%) और TCS (2.27% से बढ़कर 2.88%) में हिस्सेदारी बढ़ाई गई है। तीनों बड़ी आईटी कंपनियों की कुल हिस्सेदारी अब 10% से ऊपर है।

बैंकिंग व ऑटो: ICICI Bank का वेटेज 5.03% से बढ़कर 5.67%, Bajaj Holdings का 4.09% से 5.14% और Mahindra & Mahindra का 3.36% से बढ़कर 3.97% हो गया।

किसे दिया झटका?

Power Grid की हिस्सेदारी 7.16% से घटाकर 5.58% और Coal India की 6.11% से घटाकर 5.02% कर दी गई। HDFC Bank हल्का घटकर 7.63% रहने के बावजूद पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा होल्डिंग बना हुआ है।

पोर्टफोलियो में बढ़े शेयर, पर टॉप-10 का दबदबा कायम

अप्रैल में फंड के पोर्टफोलियो में केवल 38 शेयर थे, जो अगस्त तक बढ़कर 59 शेयर हो गए। नए शेयर जुड़ने के बावजूद टॉप-10 शेयरों की कुल हिस्सेदारी 52.27% पर केंद्रित है जो अप्रैल में 51.52% थी। फंड का बड़ा हिस्सा लार्ज कैप (65.29%) में ही बना हुआ है। मिड-कैप में हिस्सेदारी 3.44% और स्मॉल-कैप में 4.35% है। पोर्टफोलियो टर्नओवर करीब 43% पर स्थिर है, जो दर्शाता है कि फंड मैनेजर अपने लॉन्ग-टर्म बाय-एंड-होल्ड फिलॉसफी पर ही कायम हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।