Sawan Putrada Ekadashi 2026: क्या इस साल दो दिन होगा सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत? जानें सही तारीख, मुहूर्त और पारण समय

Sawan Putrada Ekadashi 2026: पुत्रदा एकादशी का व्रत मुख्य रूप से संतान की सुख-शांति और अच्छी सेहत के लिए किया जाता है। लेकिन कुछ नि:संतान दंपत्ति इस व्रत को संतान प्राप्ति की कामना से भी करते हैं। वैसे यह व्रत पुत्रदा एकादशी व्रत सावन और पौष माह में दो बार किया जाता है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत किया जाएगा। यह सावन माह की अंतिम एकादशी होगी। पंचांग के अनुसार, इस साल सावन पुत्रदा एकादशी पर दो दिन उपवास का संयोग बन रहा है। माना जा रहा है कि इस बार सावन पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त और 24 अगस्त दो दिन है। इसमें भी हरिवासर का समापन सूर्योदय के बाद हो रहा है। ऐसे में लोगों को सावन पुत्रदा एकादशी व्रत की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन है।

सावन पुत्रदा एकादशी व्रत 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, सावन पुत्रदा एकादशी के लिए जरूरी श्रावण शुक्ल एकादशी तिथि 23 अगस्त को 02:00 ए एम से लेकर 24 अगस्त को 04:18 ए एम तक रहेगी। व्रत के लिए उदयातिथि की मान्यता है। इस आधार पर सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त को है, लेकिन हरिवासर 24 अगस्त को सुबह 10:49 ए एम तक है।

सूर्योदय के बाद तक रहेगा हरिवासर

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरिवासर जब तक खत्म नहीं होता है, तब तक व्रती पारण नहीं कर सकते हैं। 24 अगस्त को हरिवासर समापन सूर्योदय के बाद हो रहा है। इस वजह से यह व्रत दो दिनों का होगा। 23 अगस्त को गृहस्थ लोग सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखेंगे और 24 अगस्त को वैष्णव लोगों को व्रत रखना है। जो लोग 23 अगस्त को व्रत रखेंगे, उनका पारण 24 अगस्त को हरिवासर खत्म होने के बाद दोपहर के समय होगा, वहीं 24 अगस्त को व्रत रखने वाले लोग 25 अगस्त को सूर्योदय के बाद पारण करेंगे।

सावन पुत्रदा एकादशी 2026 मुहूर्त

23 अगस्त को सावन पुत्रदा एकादशी की पूजा का मुहूर्त सुबह में 07:32 ए एम से लेकर दोपहर 12:24 पी एम तक है। वहीं 24 अगस्त को पूजा का मुहूर्त सुबह में 05:55 ए एम से 07:32 ए एम तक और फिर 09:09 ए एम से 10:46 ए एम तक है।

23 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त 04:26 ए एम से 05:10 ए एम तक और अभिजीत मुहूर्त 11:58 ए एम से दोपहर 12:49 पी एम तक रहेगा। वहीं 24 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त 04:27 ए एम से 05:11 ए एम तक है, जबकि अभिजीत मुहूर्त 11:57 ए एम से दोपहर 12:49 पी एम तक रहेगा।

23 अगस्त को राहुकाल शाम 05:15 पी एम से 06:53 पी एम तक रहेगा, वहीं 24 अगस्त को राहुकाल सुबह में 07:32 ए एम से 09:09 ए एम तक है।

सावन पुत्रदा एकादशी 2026 पारण

24 अगस्त को पारण का समय दोपहर में 01:41 बजे से शाम 04:16 बजे तक है, वहीं 25 अगस्त को व्रत का पारण सुबह 05:55 बजे से सुबह 06:20 बजे के बीच होगा। उस दिन पारण के लिए आपको केवल 25 मिनट का ही समय प्राप्त होगा क्योंकि उसके बाद द्वादशी तिथि का समापन हो जाएगा और त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी।

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Oberoi Realty की Delhi NCR में एंट्री का रास्ता साफ! पहले प्रोजेक्ट पर बढ़ी बात लेकिन शेयर लाल

Oberoi Realty Shares Fall: मुंबई की रियल एस्टेट डेवलपर ओबेराय रियल्टी की दिल्ली एनसीआर में एंट्री पर लगा ग्रहण अब हट गया है। इसके बावजूद कंपनी के शेयर धड़ाम हो गए। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक ग्रुरुग्राम में इसके थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट पर पंजाब एंड हरियाण हाईकोर्ट के अस्थायी रोक को हटा दिया है। हालांकि कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में इसका शेयरों पर पॉजिटिव असर नहीं दिखा। फिलहाल बीएसई पर यह 1.13% की गिरावट के साथ ₹1910.60 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.82% टूटकर ₹1,878.00 तक आ गया था।

Oberoi Realty को किस मामले में मिली है राहत

ओबेराय रियल्टी ने 18 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके गुरुग्राम के थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की लगाई गई अस्थायी पाबंदी अब प्रभावी नहीं है। कंपनी ने सोमवार को स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि DTCP (हरियाणा डिपार्टमेंट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) के डायरेक्टर ने ATPL (एडवांस इंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड) की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें ओबेराय रियल्टी के लाइसेंस को रद्द करने और डेवलपर बदलने की मंजूरी को रद्द करने की मांग की गई थी। DTCP का कहना है कि यह याचिका बिना किसी मेरिट के दायर की गई थी। इसका मतलब है कि Three Sixty North Project में नए अलॉटमेंट और थर्ड-पार्टी राइट्स पर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट की लगाई गई अस्थायी रोक अब लागू नहीं है।

कंपनी के लिए यह फैसला इसलिए खास है क्योंकि यह मुंबई की रियल एस्टेट डेवलपर का दिल्ली-एनसीआर में पहला प्रोजेक्ट है। पिछले महीने कंपनी ने बताया था कि इस प्रोजेक्ट के लिए उसे लगभग ₹8,109 करोड़ की ग्रॉस बुकिंग मिल चुकी है, जबकि प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित वैल्यू करीब ₹16,000 करोड़ है।

कैसी है सेहत

ओबेराय रियल्टी के लिए चालू वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 29% बढ़कर ₹544 करोड़ और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 31.7% उछलकर ₹1,301 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटीडीए 41.1% बढ़कर ₹734.1 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 52.7% से 56.4% पर पहुंच गया।

अब एक साल में इसके शेयरों की चाल की बात करें तो ओबेराय रियल्टी के शेयर 23 मार्च 2026 को ₹1,390.15 के भाव पर थे जोकि इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से चार ही महीने में यह 42.79% उछलकर 6 जुलाई 2026 को ₹1,985.00 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dhoot Transmission की धांसू एंट्री, IPO को 75 गुना बोली, फिर 37% प्रीमियम पर ₹871 का शेयर लिस्ट

Dhoot Transmission IPO Listing: आईपीओ को 75 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब धूत ट्रांसमिशन के शेयरों की आज घरेलू स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री हुई है। इसके आईपीओ के तहत ₹871 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1193.80 और NSE पर ₹1,200.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 37% से अधिक लिस्टिंग गेन (Dhoot Transmission Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹1174.50 (Dhoot Transmission Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 34.85% मुनाफे में हैं।

Dhoot Transmission IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

धूत ट्रांसमिशन का ₹3,067 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 75.06 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 209.02 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 53.13 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 8.32 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 8.60 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1,400 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,91,37,602 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹464.80 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹301.77 करोड़ सब्सिडरीज का कर्ज हल्का करने के लिए उनमें निवेश, ₹150.00 करोड़ नई वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स लगाने, ₹159.96 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹410.41 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Dhoot Transmission के बारे में

धूत ट्रांसमिशन देश की बड़ी E&E (इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स) कंपनियों में शुमार है। यह ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव एप्लीकेशंस के लिए वायरिंग हार्नेसेज और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में वायरिंग हार्नेसेज, बैट्री पैक्स, सेंसेक्स और इलेक्ट्रिक कंट्रोलर्स, ऑटोमोटिव स्विचेज, टर्मिनल्स, कनेक्टर्स, और पावर सप्लाई कॉर्ड्स हैं। इनका इस्तेमाल तेल से चलने वाली और इलेक्ट्रिक, दोनों प्रकार की गाड़ियों में होता है।

यह दोपहिया और तिपहिया वायरिंग हार्नेस मार्केट में देश की दो सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है जिसका 41% मार्केट पर कब्जा है तो वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों के मुताबिक करीब 71% मार्केट शेयर के साथ दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक सेगमेंट में यह लीडर है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कमर्शियल वेईकल्स, ऑफ-हाईवे वेईकल्स, फार्मिंग इक्विपमेंट और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस में भी होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 15% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹396.84 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹4,563.70 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹841.39 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,360.40 करोड़ पड़े थे।

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Shiprocket IPO Allotment Date: करीब 100 गुना सब्सक्राइब हुआ, जानिए लेटेस्ट GMP और अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Shiprocket IPO: ई-कॉमर्स एनएबलमेंट प्लेटफॉर्म Shiprocket के IPO को करीब 100 गुना का जोरदार सब्सक्रिप्शन मिला। यह आईपीओ 12 से 14 अगस्त तक खुला था। शिपरॉकेट ने अपने 92-97 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था। Shiprocket IPO का अलॉटमेंट 17 अगस्त को फाइनल होने की संभावना है। इसके बाद कंपनी के शेयर 19 अगस्त को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का आकार कितना है?

Shiprocket का IPO ₹1,617.48 करोड़ का है। इसमें ₹885.50 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए। वहीं ₹731.98 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए।

OFS में Tribe Capital, Moore Strategic Ventures, Lightrock, गौतम कपूर, साहिल गोयल, विशेष खुराना और Agility International Investment जैसे मौजूदा निवेशकों ने हिस्सेदारी बेची।

शिपरॉकेट पैसे का इस्तेमाल कहां करेगी?

कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मार्केटिंग बढ़ाने, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, कुछ कर्ज चुकाने और संभावित अधिग्रहण जैसे कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

Temasek और Zomato के निवेश वाली Shiprocket अब सिर्फ शिपिंग कंपनी नहीं रह गई है। यह D2C ब्रांड्स और MSMEs को घरेलू शिपिंग, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग, फुलफिलमेंट, विज्ञापन, कैपिटल सॉल्यूशंस और हाइपरलोकल डिलीवरी जैसी सेवाएं देती है।

ग्रे मार्केट में कैसा है माहौल?

Investorgain के मुताबिक, रविवार को Shiprocket का GMP ₹32 रहा। यह इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 33% प्रीमियम दिखाता है। हालांकि, 13 अगस्त को यह ₹36.50 था, यानी इसमें हल्की नरमी आई है। लिस्टिंग तक GMP में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

NSE अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • NSE की IPO Bid Details वेबसाइट खोलें।
  • Equity & SME IPO बिड डिटेल्स चुनें।
  • Symbol में SHIPROCKET चुनें।
  • PAN या एप्लिकेश नंबर दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

KFin Technologies पर अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • KFin Technologies का IPO स्टेटस पोर्टल खोलें।
  • Shiprocket Ltd चुनें।
  • डीमैट नंबर, एप्लिकेशन नंबर या PAN में से कोई एक दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

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बांग्लादेश बोला- पूर्व पीएम शेख हसीना को वापस भेजो:बातचीत के लिए सही माहौल जरूरी, प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा टली

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का भारत दौरा फिलहाल टल गया है। ढाका के विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि पहले भारत पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वापस भेजे। इसके बाद ही पीएम रहमान के भारत दौरे की तैयारियां आगे बढ़ेंगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ए.के. शाहिदुल करीम ने कहा कि मौजूदा हालात में यात्रा के लिए सही माहौल नहीं है। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री 21 अगस्त को दिल्ली आने वाले थे। इस दौरे को लेकर दोनों देशों में बातचीत चल रही थी। हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बिगड़ा माहौल शाहिदुल करीम ने कहा- नई दिल्ली में 5 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने भारत की जमीन से राजनीतिक बयान दिए। इससे यात्रा के लिए बना माहौल खराब हुआ। करीम ने कहा कि बांग्लादेश पहले भी इस मुद्दे पर अपना रुख साफ कर चुका है। हम चाहते हैं कि पीएम तारिक की यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच सही माहौल बना सकें। तारिक के अगस्त के तीसरे हफ्ते में भारत आने की खबरें आई थीं। बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में दोषी ठहरा चुकी है। बांग्लादेश ने भारत के सामने 2 मांगें रखीं विदेश मंत्रालय ने कहा कि अब बांग्लादेश भारत के जवाब का इंतजार कर रहा है। पीएम रहमान की पार्टी उनकी भारत यात्रा के खिलाफ भारत ने तारिक को दिल्ली आने का न्योता दिया था भारत की ओर से तारिक रहमान को दिल्ली आने का न्योता पहले ही दिया जा चुका है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला 17 फरवरी को तारिक के प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में ढाका पहुंचे थे, तब उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें निमंत्रण दिया था। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा था कि बंगाल की खाड़ी से जुड़े देशों के अंतरराष्ट्रीय संगठन का अध्यक्ष होने के नाते तारिक को सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने का भी न्योता मिला है। भारतीय हाई कमिश्नर ने पीएम तारिक से मुलाकात की बांग्लादेश में भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने 10 अगस्त को प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की। दोनों के बीच कई अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत हुई। इस दौरान ढाका ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की उम्मीद भी जताई। मुलाकात के बाद त्रिवेदी ने कहा कि दोनों देश आगे की ओर देख रहे हैं और द्विपक्षीय रिश्तों को लेकर सकारात्मक सोच है। इसके कुछ ही घंटों बाद त्रिवेदी नई दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद तारिक की दिल्ली यात्रा को लेकर उम्मीदें बढ़ी थीं। ——————- यह खबर भी पढ़ें… शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:2 साल बाद वर्चुअल भाषण दिया, कैमरा ऑफ था; बांग्लादेश सरकार बोली- दिल्ली में बैठकर जहर उगला बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो साल बाद बुधवार को लोगों को वर्चुअली संबोधित किया। जब हसीना बोल रही थीं, उस दौरान उनका कैमरा बंद था। पूरी खबर पढ़ें…

सचिन बंसल की फाइनेंशियल कंपनी नवी लाएगी आईपीओ, ₹3000 करोड़ का हो सकता है इश्यू

फिनटेक स्टार्टअप नवी ने आईपीओ लाने की तैयारी शुरू कर दी है। मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि कंपनी आईपीओ से 3000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। नवी की शुरुआत फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल ने की थी। कंपनी ने जेएम फाइनेंशियल, कोटक महिंद्रा कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स ग्रुप और जेपी मॉर्गन एंड चेज को एडवाइजर्स नियुक्त किया है। इस बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल नहीं होगा

Navi आईपीओ में निवेशकों को सिर्फ नए शेयर इश्यू करेगी। इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं होगा। नवी अपनी वैल्यूएशन 2 अरब डॉलर चाहती है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि कंपनी दिसंबर तक सेबी को प्रॉस्पेक्टस फाइल कर देना चाहती है।

आईपीओ का साइज और वैल्यूएशन बदल सकती है 

सूत्रों ने बताया कि अभी आईपीओ पर विचार चल रहा है। आईपीओ के साइज, कंपनी की वैल्यूएशन और इश्यू की टाइमिंग में बदलाव हो सकता है। इस बारे में प्रतिक्रिया के लिए भेजे गए सवालों के जवाब नवी और बैंकों के प्रतिनिधियों ने नहीं दिए। आने वाले महीनों में कई फाइनेंशियल कंपनियां आईपीओ पेश करने की तैयारी में हैं।

ये फाइनेंशियल कंपनियां पेश कर सकती हैें आईपीओ

Muthoot Fincorp, Truehome Finance, InCred Holdings, Moneyview और Heor FinCorp आने वाले महीनों में आईपीओ पेश कर सकती हैं। कंपनियों ने आईपीओ के जरिए इस साल अब तक करीब 7 अरब डॉलर जुटाए हैं। 2025 में कंपनियों ने आईपीओ से 22.3 अरब डॉलर जुटाए थे।

नवी ने 2022 में भी आईपीओ के लिए अप्लाई किया था

नवी ने इससे पहले मार्च 2022 में आईपीओ के लिए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। तब कंपनी का प्लान इश्यू से 3350 करोड़ रुपये जुटाने का था। कंपनी को सेबी का एप्रूवल भी सितंबर में मिल गया था। लेकिन, इनवेस्टर्स के कमजोर सेंटिमेंट को देखते हुए कंपनी ने आईपीओ का प्लान टाल दिया था।

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नवी कई तरह की फाइनेंशियल सर्विसेज देती है

नवी एक डायवर्सिफायड फाइनेंशियल-सर्विसेज कंपनी है। यह लोन, म्यूचुअल फंड्स, हेल्थ इंश्योरेंस और यूपीआई पेमेंट जैसी सर्विसेज देती है। सचिन बंसल ने 2018 में फ्लिपकार्ट छोड़ने के बाद नवी की शुरुआत की थी। तब अमेरिकी रिटेलिंग कंपनी वॉलमार्ट ने 16 अरब डॉलर में फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण किया था।

Sun Transit 2026: सूर्य इस दिन करने वाले हैं स्वराशि सिंह में गोचर, 4 राशियों के करियर और कारोबार में लगाएंगे चार चांद

Sun Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को यश, पिता और स्वास्थ्य का कारक माना जाता है। किसी भी जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति विशेष रूप से देखी जाती है। यह ग्रह जब राशि या नक्षत्र परिवर्तन करता है, तो उसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। हर माह राशि परिवर्तन करने वाले इस ग्रह के गोचर को संक्रांति कहा जाता है। अगस्त माह में सूर्य की सिंह संक्रांति होगी यानी सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को नवग्रहों का राजा माना गया है। उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज ने लोकल 18 को बताया कि 17 अगस्त 2026 को सूर्य कर्क राशि से निकलकर अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे। सूर्य का यह गोचार विशेष रूप से चार राशि के जातकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे उनके करियर और कारोबार में जबरदस्त उछाल आ सकता है। आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता पर पड़ सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने और आय के नए रास्ते खुलने की संभावना है।

चार राशियों को होगा लाभ

मिथुन राशि : इस राशि के जातकों को यह परिवर्तन बड़ा ही शुभ परिणाम देने वाला रहेगा। इस दौरान व्यक्तित्व में निखार, आकर्षण और आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरीपेशा जातकों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, साथ ही प्रमोशन और वेतनवृद्धि के अवसर बनेंगे। व्यापारियों के लिए नई योजनाएं लाभदायक साबित हो सकती हैं।

सिंह राशि : ग्रहों के राजा सूर्य का यह परिवर्तन इस राशि के जातकों के लिए बड़ा शुभ परिणाम लेकर आया है। आय के नए स्रोत खुलने की संभावना है और लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आ सकती है। अचानक धन लाभ के योग भी बन सकते हैं, जिससे आर्थिक मजबूती मिलेगी।

तुला राशि : इस राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रह का यह गोचर सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। इस दौरान मानसिक तनाव कम होगा और शांति और संतुलन बना रहेगा। किस्मत का साथ मिलने के संकेत हैं। कार्य आसानी से पूरे हो सकते हैं। अविवाहित लोगों के रिश्तों में शुभ प्रगति होने की संभावना बन सकती है।

वृश्चिक राशि : इस राशि के जातकों के लिए आने वाला समय शुभ संकेत लेकर आ सकता है। नौकरी से जुड़ी परेशानियां दूर होने के योग बन रहे हैं और कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के अवसर भी मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह समय बदलाव और प्रगति का साबित हो सकता है।

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Surya Grahan impact: साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण आज, शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती वाली राशियों पर 15 दिन मंडराएगा खतरा

MP में निवेश का बड़ा मौका, 8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, 5,700 से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

MP में निवेश का बड़ा मौका, 8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, 5,700 से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित निवेश संवाद के दौरान मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 8 हजार 635 करोड़ रुपए के निवेश प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से 5 हजार 785 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निवेश संवाद में गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, राजकोट और वडोदरा सहित प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 500 से अधिक उद्योगपतियों, निवेशकों एवं कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने सहभागिता की और मध्यप्रदेश में निवेश के प्रति विशेष रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को अहमदाबाद में आयोजित मेगा निवेश संवाद इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश में देशभर से आए प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित किया।   

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश व्यापार-व्यवसाय, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना-विस्तार और बिजनेस एक्सटेंशन के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। मध्यप्रदेश में निवेश हमेशा से ही फायदे का सौदा रहा है। उन्होंने देशभर के निवेशकों का प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश करने वालों को हमारी सरकार हर संभव सुविधा, सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए देश में चल रहे विकास यज्ञ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीतियों को देश के उद्योग जगत से सराहना मिल रही है। उद्योग के संचालन के लिए मुख्यत: ठोस नीति, नेक नीयत और सहयोगी सरकार। मध्यप्रदेश में आपको यह तीनों ही मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योग जगत को आगामी प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027, भोपाल के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, आपके पास अनुभव है और हमारे पास अवसर। हमारे अवसरों को आपका अनुभव मिल जाए, तो हम मिलकर इतिहास रचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश के प्रगति पथ में सहयात्री बनने का आह्वान करते हुए कहा कि आइए, मध्यप्रदेश में बिना किसी संकोच के और खुले दिल से निवेश कीजिए तथा हमारे साथ विकास की इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनिए।

 

एमपी में किसी बात की चिंता नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को बिजली, पानी और जमीन की चिंता करने की जरूरत नहीं है। औद्योगिक भूमि रियायती दरों पर लीज पर उपलब्ध है, पर्याप्त वाटर बैंक और सरप्लस बिजली है तथा प्लग एंड प्ले जोन विकसित किए जा रहे हैं। लगभग 19 हजार एकड़ में 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम को 'समस्याओं का अंत, सेवा तुरंत' बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बाधा का समाधान एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। सरल और सहज कनेक्टिविटी को प्रदेश की बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क, मजबूत रेल कनेक्टिविटी, 8 एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, एक्सप्रेस-वे और हाईवेज़ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशिक्षित और कुशल श्रम शक्ति भी बेहद आसानी से उपलब्ध है।

 

मध्यप्रदेश और गुजरात हैं जुड़वा भाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच औद्योगिक संभावनाओं एवं उच्च कोटि के परस्पर सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों ही राज्य जुड़वा भाईयों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के पास तकनीक, व्यापार और औद्योगिक अनुभव है, वहीं मध्यप्रदेश के पास प्रचुर जल, लैंड बैंक और देश के मध्य में स्थित होने का लॉजिस्टिक्स एडवांटेज है। दोनों राज्यों की इन्हीं बेजोड़ विशेषताओं के समन्वय से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया इतिहास रचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गुजरात के पेट्रोकेमिकल, रसायन, टेक्सटाइल, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों के लिए मध्यप्रदेश में व्यापक अवसर हैं। बीना में विशाल पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी, उज्जैन में 360 एकड़ में विकसित हो रहा अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पार्क, धार और नवसारी में पीएम मित्रा पार्क तथा पीथमपुर का मजबूत ऑटोमोबाइल आधार दोनों राज्यों की औद्योगिक साझेदारी की संभावनाओं को और मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो और बायोमास जैसी नीतियों से निवेश का रास्ता आसान हुआ है और इन क्षेत्रों में 7 लाख 19 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है।

mohan yadav

मां नर्मदा के दो बेटे देश के औद्योगिक विकास के लिए बढ़ रहे हैं साथ-साथ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के काल से गुजरात की धरती देश को समृद्धि देती आई है। गुजरात ने महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे महापुरुष हमें दिए हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत दुनिया का अग्रणी देश बनने की ओर अग्रसर है। गुजरात और मध्यप्रदेश मां नर्मदा के दो बेटों की तरह हैं। नर्मदा के जल से दोनों प्रदेशों में पेयजल और सिंचाई के पर्याप्त पानी मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार सरोवर बांध के लिए अपने संकल्प को पूरा किया है। दोनों राज्यों में उद्योग, व्यापार, संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूलता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उद्यमी पुरुषार्थ और व्यापार से कई लोगों को रोजगार और घर चलाने का अवसर मिलता है। हम 'जियो और जीने दो' के साहचर्य सिद्धांत पर आगे बढ़ने वाले लोग हैं।

 

समृद्धि वाली धरती है गुजरात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेगा निवेश संवाद कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों और उद्यमियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि गुजरात के साथ संबंध अनेक प्रकार से महात्मा गांधी के समय से है। स्वतंत्रता आंदोलन समर में सभी राज्य संयुक्त रूप से संघर्षरत थे। गुजरात से ही सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा आधुनिक भारत की नींव रखने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण की। गुजरात में वे द्वारकाधीश बने और जगद्गुरु भी बने। गुजरात की धरती ही कृष्ण को श्री लगाने वाली और समृद्धि देने वाली धरती है। अब एक बार फिर गुजरात और मध्यप्रदेश के साथ अब नया रिश्ता जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए गुजरात के सभी उद्यमी आमंत्रित हैं। उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पूरा सहयोग प्राप्त होगा। गुजरात में पेट्रोकेमिकल , रसायन, टेक्सटाइल, फॉर्मा और एनर्जी सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। गुजरात का टेक्सटाइल तो दुनिया में प्रसिद्ध है। गुजरात के पास धार जिले में प्रधानमंत्री मोदी ने 2 हजार एकड़ में बन रहे टेक्सटाइल सेक्टर के पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां तेजी से निवेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी गुजरात से हैं। उनके नेतृत्व में भारत पूरे विश्व में सबसे अलग छवि बना रहा।

 

क्रियान्वित हो रहा समृद्धि का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और गुजरात के मध्य समन्वय तेजी से बढ़ रहा है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी का जो राज्यों की समृद्धि का संकल्प था , वह क्रियान्वित हो रहा। सरदार सरोवर परियोजना के संदर्भ में राज्यों के मध्य आवश्यक सहयोग पर बल दिया गया है। दोनों राज्यों के बीच प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में केंद्र का पर्याप्त समुचित मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। राज्यों में परस्पर सहयोग और साथ रहे, इस दृष्टि से विभिन्न क्षेत्रों में राज्य समान रूप से आगे बढ़ें, यह अनुकूलता बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए ठोस नीतियां लागू की हैं। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश में विशेष प्रयास हुए हैं। राज्य में बिजली की उपलब्धता सरप्लस है। मध्यप्रदेश की बिजली से दिल्ली में मेट्रो ट्रेन भी चल रही है। देश में सबसे सस्ती बिजली दर मध्यप्रदेश में है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों को लागू कर सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। निवेशकों से किए हर वादे को पूरा करते हुए बड़े उद्योग और एमएसएमई ईकाइयों को पिछले माह तक की निवेश प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया गया है। सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते बैकलॉग सब्सिडी को भी खत्म किया है।

 

युवाओं को हर क्षेत्र में मिल रहे अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं के लिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। राज्य में टूरिज्म, आईटी, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। राज्य में इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन सिटी और भोपाल सहित पड़ोसी जिले को जोड़कर मेट्रोपोलिटन सिटी तैयार करने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। सबसे तेज गति से उद्योगों की स्थापना हो रही है। मध्यप्रदेश देश में में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास में मध्यप्रदेश में हो रहे विशेष प्रयासों और अन्य सेक्टर में आ रहे निवेश का भी विवरण दिया। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों और सकारात्मक वातावरण की विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

 

एमपी में अद्भुत टूरिज्म

गुजरात के वेलस्पन ट्रांसफॉर्मेशन सर्विस लिमिटेड के ऑनर चिंतन ठाकर ने मध्यप्रदेश में निवेश का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश सिस्टर स्टेट होने के साथ-साथ देश के भविष्य के ग्रोथ इंजन हैं। वर्ष 2011 में हमारी कंपनी ने मध्यप्रदेश में प्रवेश किया। देवास-भोपाल रोड पर अपनी यूनिट शुरू की। हमने वॉटर पाइप्स तैयार किए। मध्यप्रदेश सरकार ने केवल 12 महीने में उद्योग स्थापना के लिए जरूरी सभी अनुमतियां दे दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्यमियों और निवेशकों की सभी देनदारियां लगातार भुगतान की जा रही हैं। सिम्फनी लिमिटेड कंपनी के सीएमडी एवं कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की गुजरात स्टेट कांउसिल के चेयरमेन  अचल बेकेरी ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का हृदय प्रदेश है। हाल के वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। घरेलू पर्यटकों की संख्या 14 करोड़ से अधिक दर्ज की गई। अब घरेलू पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पारंपरिक तौर पर गोवा और हिमाचल प्रदेश की श्रेणी में शामिल हो रहा है। धार्मिक पर्यटन के लिए उज्जैन और चित्रकूट, वन्यजीव पर्यटन के लिए बांधवगढ़, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान, ऐतिहासिक विरासत के लिए खजुराहो, मांडू और सांची प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। राज्य में बढ़ते टूरिज्म को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने होमस्टे की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। टूरिज्म राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहा है। गुजराती समुदाय के लिए मध्यप्रदेश में हॉस्पिटिलिटी सेक्टर में अपार संभावनाएं नजर आ रही हैं। कई गुजराती निवेशक मध्यप्रदेश को अपने दूसरे घर के रूप में देखते हैं। राज्य में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हुए हैं। गुजरात में पहले हुई इन्वेस्टर्स मीट में हजारों करोड़ों के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश पर भरोसा दिखाते हैं। राज्य में उद्योग मित्र नीतियां, पारदर्शिता और निवेश अनुकूल वातावरण निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

 

एमपी में निवेश के लिए अनुकूल माहौल

अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य गुजरात ने हमेशा अपनी उद्यमिता, चुनौतियों का सामना करने और नवाचारों से देश को प्रेरित किया है। मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए एक लाख एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। राज्य में 8 एयरपोर्ट, 22 रेल जंक्शन और तेजी से बढ़ता लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर इसे बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। राज्य सरकार ने 8 डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इनमें मुरैना में फुटवियर पार्क, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस, रायसेन में प्लास्टिक पार्क भी शामिल हैं। सेक्टर आधारित क्लस्टर हमारी विशेषता हैं। नीति आयोग ने मध्यप्रदेश को निवेश प्रोत्साहन नीतियों के निर्माण के मामले में शीर्ष राज्य घोषित किया है। हमारी उद्योग आधारित नीतियों को देश के दूसरे राज्य भी अपना रहे हैं। राज्य की पॉलिसी निर्यात, निवेश अनुदान को भी बढ़ावा दे रही हैं। मध्यप्रदेश जनवरी-फरवरी 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करने जा रहा है। मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक, तीसरा सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। फूड प्रोसेसिंग के लिए राज्य में कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि पीथमपुर में ऑटो सेक्टर का सबसे बड़ा टेस्टिंग ट्रैक है। धार जिले में टेक्सटाइल सेक्टर का देश के सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें अब तक 2 हजार करोड़ से अधिक का निवेश मिल चुका है। मध्यप्रदेश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पॉलिसी निवेशकों को हर क्षेत्र में मदद कर रही हैं। भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने पर काम चल रहा है। ग्वालियर में केंद्र सरकार के सहयोग से देश का पहला टेलीकॉम मैन्यूफेक्चरिंग जोन (टीएमजेड) विकसित किया जा रहा है। पर्यटन भविष्य में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया बनेगा। मध्यप्रदेश वन्यजीव पर्यटन और धार्मिक पर्यटन में अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार टूरिज्म सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

 

आईटी सेक्टर में अपार संभावनाएं

प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश में आईटी सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में देश के दूसरे राज्यों की तुलना में सस्ती और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलती हैं। यहां रहना काफी सस्ता है। टीसीएस इंदौर में अपनी यूनिट संचालित करती है, जिसमें 16 हजार से अधिक स्टॉफ काम करता है। इन्फोसिस भी राज्य में अपना विस्तार करने जा रही है। बैगलौर और हैदराबाद की अपेक्षा मध्यप्रदेश में ट्रैफिक अत्यंत सुगम है। राज्य सरकार नया स्पेस टेक पार्क स्थापित करने पर कार्य कर रही है। भोपाल में ड्रोन मैन्यूफेक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रोन टेस्टिंग के लिए ग्रीन जोन तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार स्पेस टेक पॉलिसी के अंतर्गत 40 से 60 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी प्रदान करती है। हमारी सेमीकंडक्टर पॉलिसी को देशभर से बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। राज्य सरकार उद्योग स्थापित करने के लिए किराये और स्टॉफ की सैलरी के लिए भी सहायता दे रही है।

 

मुख्यमत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से की वन-टू-वन चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेश संवाद के दौरान प्रमुख उद्योग समूहों के साथ 15 से अधिक वन-टू-वन बैठकें हुईं। इनमें निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक विस्तार और मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। अरविंद लिमिटेड के साथ पीएम मित्र पार्क में प्रस्तावित 1,200 करोड़ रुपए के निवेश को शीघ्र क्रियान्वित करने, टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र में उपलब्ध प्रोत्साहनों और  पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर चर्चा हुई। वहीं, टोरेंट पावर लिमिटेड के साथ अनूपपुर में प्रस्तावित 1600 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना, प्रदेश की दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा, अतिरिक्त विद्युत क्षमता सृजन और भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। पेट्रोकेमिकल, केमिकल, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस एवं रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग समूहों ने मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि दिखाई। वन-टू-वन बैठकों में चिरपाल ग्रुप, गोल्डक्रेस्ट सीमेंट, गुजरात अंबुजा, एजियोस पॉलीफिल्म्स, एरिस लाइफसाइंसेज सहित अन्य उद्योग समूहों के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। गुजरात के निवेशकों एवं उद्योग जगत ने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, व्यवस्थाओं और नेतृत्व के प्रति विश्वास भी व्यक्त किया।

 

सीएम डॉ. मोहन ने बताया किसने कितना किया निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सीमेंट क्षेत्र में गोल्डक्रेस्ट सीमेंट द्वारा 3,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 1,500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पैकेजिंग क्षेत्र में एजियोस पॉलीफिल्म्स प्रालि द्वारा 2,500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 1,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड द्वारा 1,200 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में एरिस लाइफसाइंसेज लिमिटेड द्वारा 500 करोड़ रुपए के निवेश से 800 रोजगार, टेक्सटाइल क्षेत्र में राघव वूवन एलएलपी द्वारा 250 करोड़ रुपए के निवेश से 400 रोजगार, इंजीनियरिंग क्षेत्र में भव्य मशीन टूल्स द्वारा 250 करोड़ रुपए के निवेश से 300 रोजगार, केमिकल क्षेत्र में जय केमिकल इंडस्ट्रीज प्रालि द्वारा 200 करोड़ रुपए के निवेश से 100 रोजगार तथा पैकेजिंग क्षेत्र में बालाजी मल्टीफ्लेक्स प्रालि द्वारा 200 करोड़ रुपए के निवेश से 100 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि टेक्सटाइल क्षेत्र में श्रद्धा स्पन प्रालि द्वारा 160 करोड़ रुपए के निवेश से 600 रोजगार, अन्य क्षेत्र में इनर इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स प्रालि द्वारा 150 करोड़ रुपए के निवेश से 160 रोजगार, एयरोस्पेस एवं डिफेंस क्षेत्र में ऑप्टिमाइज्ड ग्रुप द्वारा 100 करोड़ रुपए के निवेश से 120 रोजगार, फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में जेएमके फूड द्वारा 50 करोड़ रुपए के निवेश से 80 रोजगार, केमिकल क्षेत्र में विबफास्ट ग्रुप द्वारा 50 करोड़ रुपए के निवेश से 75 रोजगार तथा अरुणाया ऑर्गेनिक्स लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ रुपए के निवेश से 50 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इन सभी निवेश प्रस्तावों से कुल 8 हजार 635 करोड़ रुपए का निवेश और 5 हजार 785 रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को पिछले ढाई वर्षों में 34 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जबकि 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने निवेशकों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।

PM Awas Yojana 2026: लखनऊ में 2640 सस्ते फ्लैट का रास्ता साफ, दो बड़ी आवासीय योजनाओं में जल्द शुरू होगी लैंड पूलिंग

PM Awas Yojana 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोगों को किफायती दरों पर घर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अनंत नगर और शारदा नगर विस्तार योजना में कुल 2,640 सस्ते फ्लैट विकसित करेगा। इन फ्लैटों का निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों आवासीय योजनाओं के लिए जल्द ही लैंड पूलिंग की प्रक्रिया भी शुरू होगी।

सोमवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन दोनों योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। योजना के तहत मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए भी दो बेडरूम वाले फ्लैट बनाए जाएंगे।

8.99 लाख रुपये में मिल सकता है वन BHK फ्लैट

LDA की दोनों योजनाओं में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत बनने वाले वन बीएचके फ्लैट की कीमत करीब 8.99 लाख रुपये रखी गई है। इनके निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। योजना में मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए भी दो बेडरूम वाले फ्लैट बनाए जाएंगे। यानी अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए यहां किफायती आवास विकसित किए जाएंगे।

अनंत नगर में बनेगा 14 मंजिला आदित्य अपार्टमेंट

अनंत नगर आवासीय योजना में आदित्य अपार्टमेंट विकसित किया जाएगा। यह इमारत 14 मंजिला होगी। योजना में पीएम आवास योजना के तहत सभी जरूरी नई सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इन सुविधाओं में स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक केंद्र, किराना स्टोर, मेडिकल शॉप, मिल्क बूथ, एटीएम और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी। इसका उद्देश्य यह है कि यहां रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए योजना से बाहर न जाना पड़े।

शारदा नगर विस्तार में बनेगा बागेश्वरी अपार्टमेंट

शारदा नगर विस्तार योजना में बागेश्वरी अपार्टमेंट बनाया जाएगा। यह परियोजना PGI के पास और शारदा नगर विस्तार योजना के तहत प्रस्तावित है। यहां बनने वाला बागेश्वरी अपार्टमेंट 12 मंजिला होगा।इस परियोजना में कुल 1248 फ्लैट बनाए जाने की योजना है। इनमें 312 फ्लैट प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होंगे। जबकि 936 फ्लैट दो बेडरूम कैटेगरी के बनाए जाएंगे। पीएम आवास योजना के फ्लैटों की कीमत करीब 8.99 लाख रुपये होगी। जबकि दो बेडरूम वाले फ्लैट की कीमत करीब 34.82 लाख रुपये तय की गई है।

अनंत नगर में कितने फ्लैट बनेंगे?

अनंत नगर आवासीय योजना में बनने वाले आदित्य अपार्टमेंट में कुल 1392 फ्लैट बनाए जाने की योजना है। यह भी 14 मंजिला भवन होगा। इस तरह अनंत नगर और शारदा नगर विस्तार की दोनों योजनाओं को मिलाकर कुल 2640 फ्लैट विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं में पीएम आवास योजना के लाभार्थियों के साथ-साथ मध्यम आय वर्ग के लोगों को भी ध्यान में रखा गया है।

4500 एकड़ जमीन जुटाने की तैयारी

लखनऊ में इन दो बड़ी आवासीय योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए लैंड पूलिंग की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है। इसके तहत करीब 4500 एकड़ जमीन जुटाई जाएगी। मोहनलालगंज क्षेत्र में 9 अगस्त तक किसानों के साथ बातचीत की गई है। जमीन की कीमत तय करने को लेकर सहमति बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब समिति की बैठक हो चुकी है। अब लैंड पूलिंग के नियमों के तहत दोनों योजनाओं के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

किसानों की सहमति से होगी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया

लखनऊ विकास प्राधिकरण की दोनों आवासीय योजनाओं के लिए किसानों की सहमति से जमीन लेने की योजना है। इसके लिए पहले किसानों से बातचीत और जमीन के मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आवास विकास परिषद के लखनऊ जोन के उप आवास आयुक्त चंदन पटेल ने बताया कि किसानों की सहमति के आधार पर जमीन लेने से पहले नियोजन समिति की बैठक की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के बाद लैंड पूलिंग के नियमों के तहत जमीन जुटाने का काम आगे बढ़ेगा।

करीब दो लाख लोगों को मिलेगा आशियाना

इन दोनों योजनाओं के लिए करीब 4,500 एकड़ जमीन जुटाई जानी है। प्रस्तावित विकास से करीब दो लाख से अधिक लोगों को आशियाना मिलने की उम्मीद है। योजनाओं में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ आधुनिक शहरी ढांचे को विकसित करने की योजना है। दोनों परियोजनाओं में सड़कों को फोर लेन बनाया जाएगा। वहीं, मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए सिक्स लेन की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत के हिसाब से फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए जाने की योजना है। ड़ा, बेली, शिथौलीकला, शिवलर और हबुआपुर की जमीन प्रस्तावित की गई है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी नई कॉलोनियां

इन आवासीय योजनाओं में सिर्फ फ्लैट बनाने पर ही जोर नहीं है, बल्कि पूरी तरह विकसित आवासीय क्षेत्र तैयार करने की योजना है। यहां स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं के साथ बाजार और रोजमर्रा की जरूरतों की दुकानें भी विकसित की जाएंगी। सड़कों, फ्लाईओवर और अंडरपास जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ इन क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने की तैयारी है।

कुल मिलाकर क्या बदलेगा?

लखनऊ की इन दोनों बड़ी योजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी में 2640 नए किफायती और मध्यम आय वर्ग के फ्लैट उपलब्ध होंगे। पीएम आवास योजना के तहत करीब 8.99 लाख रुपये में फ्लैट मिलने से कम आय वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना आसान हो सकता है, वहीं, मध्यम आय वर्ग के लिए करीब 34.82 लाख रुपये की लागत वाले दो बेडरूम फ्लैट विकसित किए जाएंगे। लैंड पूलिंग के जरिए बड़े क्षेत्र में सुनियोजित विकास होने से मोहनलालगंज और आसपास के इलाकों में आने वाले वर्षों में आवासीय और बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार होने की उम्मीद है।

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स्कूल टीचर जेब में ₹10000 लेकर दिल्ली आया, खड़ी कर दी ₹80000 करोड़ की कंपनी; जानिए हैवेल्स के मालिक की पूरी कहानी

Havells India Success Story: 1958 की बात है। पंजाब का एक 21 साल का स्कूल टीचर नौकरी छोड़कर दिल्ली पहुंचा। जेब में सिर्फ 10,000 रुपये थे। कोई बड़ा कारोबारी परिवार नहीं था। इंजीनियरिंग की डिग्री भी नहीं थी। लेकिन बिजली के सामान के कारोबार की थोड़ी समझ थी और अपना कारोबार खड़ा करने का इरादा था।

उस युवक का नाम था कीमत राय गुप्ता। दिल्ली के पुराने इलाके भागीरथ पैलेस में उन्होंने बिजली के सामान की ट्रेडिंग शुरू की। छह दशक से ज्यादा समय बाद उसी छोटे कारोबार का नाम Havells India है। आज कंपनी की मार्केट वैल्यू करीब 80,000 करोड़ रुपये है और इसके प्रोडक्ट 70 से ज्यादा देशों में पहुंचते हैं।

लेकिन 10,000 रुपये से 80,000 करोड़ रुपये तक का यह सफर सीधी लाइन में नहीं चला। इसमें कई ऐसे फैसले आए, जिन्होंने कंपनी की दिशा बदल दी।

भागीरथ पैलेस से शुरुआत

कीमत राय गुप्ता का जन्म 1937 में मालेरकोटला में हुआ था। पढ़ाई पूरी करने के बजाय उन्होंने कारोबार का रास्ता चुना और 1958 में दिल्ली आ गए। उन्होंने भागीरथ पैलेस में Guptaji & Company शुरू की।

उस समय भागीरथ पैलेस बिजली के सामान के बड़े थोक बाजार के रूप में जाना जाता था। गुप्ता ने शुरुआत में केबल, वायर, स्विचगियर और दूसरे इलेक्ट्रिकल सामान की ट्रेडिंग की।

कारोबार छोटा था, लेकिन यहां उन्होंने एक ऐसी चीज सीखी जो आगे चलकर बहुत काम आई। उन्हें समझ आने लगा कि ग्राहक सिर्फ सस्ता सामान नहीं चाहता। उसे सही समय पर सामान चाहिए। भरोसेमंद सप्लायर चाहिए। और सबसे जरूरी, लगातार अच्छी सर्विस चाहिए। यही तजुर्बा आगे Havells की नींव बना।

Havells ब्रांड ₹7 लाख में खरीदा

कहानी में बड़ा मोड़ 1971 में आया। गुप्ता ने करीब 7 लाख रुपये में Havells ब्रांड खरीद लिया। उस समय यह कोई बड़ा और चमकदार ब्रांड नहीं था। कारोबार संघर्ष कर रहा था। लेकिन गुप्ता को इस नाम की पहचान पहले से थी। उन्होंने ब्रांड को खत्म करने के बजाय उसी नाम के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया।

यहीं से उनका नजरिया बदल गया। अब मकसद सिर्फ दूसरे निर्माताओं का सामान खरीदकर बेचना नहीं था। वह अपना सामान बनाना चाहते थे। अपना ब्रांड खड़ा करना चाहते थे। यह फैसला छोटा दिख सकता है, लेकिन Havells की पूरी कहानी में यही सबसे अहम मोड़ था।

ट्रेडिंग से मैन्युफैक्चरिंग तक

गुप्ता ने धीरे-धीरे मैन्युफैक्चरिंग में पैसा लगाना शुरू किया। 1976 में दिल्ली के कीर्ति नगर में Havells का पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा। यहां रीवायरेबल स्विच और चेंजओवर स्विच बनाए जाते थे।

अब कंपनी सिर्फ बाजार में मौजूद दूसरे ब्रांडों पर निर्भर नहीं थी। उसके पास अपना उत्पादन था। इसका मतलब था कि कंपनी प्रोडक्ट की क्वालिटी, उपलब्धता और डिजाइन पर ज्यादा नियंत्रण रख सकती थी। आगे चलकर Havells ने एनर्जी मीटर और दूसरे इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स में भी कदम बढ़ाया। कंपनी धीरे-धीरे ट्रेडर से निर्माता बनने लगी।

कंपनी बनी, फिर शेयर बाजार पहुंची

8 अगस्त 1983 को Havells India की स्थापना हुई। अगले दशक में कंपनी का कारोबार और विस्तार बढ़ता गया। दिसंबर 1993 में कंपनी का पब्लिक इश्यू आया और इसके शेयर शेयर बाजार में लिस्ट हुए।

यह कंपनी के लिए बड़ा बदलाव था। अब Havells सिर्फ एक परिवार का कारोबार नहीं था। इसमें पब्लिक शेयरहोल्डर्स भी थे। कंपनी के पास आगे विस्तार के लिए पूंजी जुटाने का रास्ता भी खुल गया। इसी दौर में Havells ने दूसरी कंपनियों और ब्रांड्स को अपने साथ जोड़ना शुरू किया।

दूसरी कंपनियां खरीदीं, कारोबार बढ़ाया

Havells ने Towers and Transformers जैसे कारोबारों का अधिग्रहण किया। रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी ने एक घाटे में चल रहे कारोबार को भी अपने साथ जोड़ने के बाद करीब एक साल में मुनाफे में ला दिया।

इसके बाद Standard Electricals और Crabtree India जैसे नाम भी Havells के पोर्टफोलियो में आए। यहां कंपनी की रणनीति साफ दिखाई देने लगी थी। सिर्फ अपना कारोबार बढ़ाना लक्ष्य नहीं था। अलग-अलग प्रोडक्ट, ब्रांड और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को एक साथ जोड़ना था।

बेटे ने संभाली कमान

कीमत राय गुप्ता के बेटे अनिल राय गुप्ता 1992 में Havells से जुड़े। आगे चलकर उनके नेतृत्व में कंपनी का फोकस आम ग्राहक तक और ज्यादा पहुंच बनाने पर गया।

Havells ने पंखे, लाइटिंग, मॉड्यूलर स्विच, वॉटर हीटर और घरेलू उपकरणों जैसे प्रोडक्ट्स में विस्तार किया। कंपनी अब सिर्फ इलेक्ट्रिकल सामान बनाने वाली कंपनी नहीं रह गई थी। वह धीरे-धीरे घरों में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स का ब्रांड बन रही थी। यही बदलाव आगे की ग्रोथ का बड़ा आधार बना।

फिर आया सबसे बड़ा दांव

साल 2007 में Havells ने एक बड़ा फैसला लिया। कंपनी ने यूरोप की बड़ी लाइटिंग कंपनी Sylvania Lighting International को करीब 227.5 मिलियन यूरो में खरीद लिया। उस समय यह सौदा करीब 1,400 करोड़ रुपये का था।

इस अधिग्रहण से Havells को तुरंत अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ा नेटवर्क मिल गया। स्थापित ब्रांड और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी मिला। लेकिन यह दांव उम्मीद के मुताबिक आसान नहीं रहा।

विदेशी कारोबार बना चुनौती

2008 की ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस ने हालात बदल दिए। करेंसी में उतार-चढ़ाव हुआ। Sylvania के कारोबार को संभालना भी आसान नहीं रहा। अधिग्रहण से मिलने वाले फायदे के बजाय कंपनी पर दबाव बढ़ने लगा।

Havells ने यहां एक और अहम फैसला लिया। उसने सिर्फ इसलिए कारोबार पकड़े नहीं रखा कि उसके लिए बड़ी रकम खर्च हो चुकी थी। 2016 में Havells ने अपने लाइटिंग बिजनेस में 80% हिस्सेदारी Shanghai Feilo Acoustics को बेच दी। यह फैसला बताता है कि कंपनी के लिए विस्तार से ज्यादा जरूरी पूंजी और मैनेजमेंट का सही इस्तेमाल था।

Lloyd ने बदल दिया गेम

इसके बाद Havells ने भारत के कंज्यूमर मार्केट पर और ज्यादा ध्यान लगाया। 2017 में कंपनी ने Lloyd Electric & Engineering का कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कारोबार करीब 1,600 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू पर खरीदा।

Lloyd के साथ Havells को एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और टेलीविजन जैसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में सीधी एंट्री मिली। यह अधिग्रहण भी कंपनी की रणनीति का हिस्सा था। Havells पारंपरिक इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स से आगे बढ़कर घर के बड़े अप्लायंसेज तक पहुंचना चाहती थी।

₹10,000 से ₹80,000 करोड़ तक

कीमत राय गुप्ता का निधन नवंबर 2014 में 77 साल की उम्र में हुआ। तब तक उनका छोटा सा कारोबार एक बड़ी लिस्टेड कंपनी बन चुका था। आज Havells का कारोबार केबल और वायर, स्विचगियर, पंखे, लाइटिंग, एयर कंडीशनर, वॉटर हीटर और घरेलू उपकरणों तक फैला है। कंपनी के पोर्टफोलियो में Havells, Lloyd, Crabtree और Standard जैसे ब्रांड हैं।

11 अगस्त 2026 को Havells का शेयर करीब 1,278 रुपये पर बंद हुआ। और कंपनी का मार्केट कैप करीब 80,123 करोड़ रुपये था। यानी जिस कारोबार की शुरुआत एक युवा ने दिल्ली के थोक बाजार में 10,000 रुपये से की थी, वह करीब 68 साल बाद 80,000 करोड़ रुपये की कंपनी बन चुका है।

इस कहानी की सबसे दिलचस्प बात सिर्फ रकम नहीं है। असली कहानी उन फैसलों की है जो सही समय पर लिए गए। पहले ट्रेडिंग छोड़ी और मैन्युफैक्चरिंग में आए। फिर अपना ब्रांड बनाया। जरूरत पड़ी तो दूसरी कंपनियां खरीदीं। विदेशी दांव फंसा तो उससे बाहर निकल गए। और फिर भारतीय कंज्यूमर मार्केट पर फोकस कर दिया।

यही वजह है कि Havells की कहानी सिर्फ एक इलेक्ट्रिकल कंपनी के बनने की कहानी नहीं है। यह समय के साथ बिजनेस मॉडल बदलने की कहानी भी है।

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