Second Mangla Gauri Vrat 2026: सुखी दांपत्य के लिए दूसरे मंगला गौरी व्रत पर करें ये 5 उपाय, जानें मुहूर्त और पूजा विधि

Second Mangla Gauri Vrat 2026: सावन के महीने में सोमवार व्रत के साथ ही मंगलवार को मंगला गौरी व्रत भी किया जाता है। कल यानी 11 अगस्त को इस साल का दूसरा मंगला गौरी व्रत किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना शिव भक्ति के साथ मां पार्वती की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए भी जाना जाता है। इसमें आने वाले हर मंगलवार को महिलाएं और कुंवारी कन्याएं दांपत्य जीवन में खुशहाली और अखंड सौभाग्य के लिए यह व्रत करती हैं। इस दिन सुखी दांपत्य और जीवन में खुशहाली के लिए 5 खास उपाय विशेष रूप से फलदायी माने जाते हैं।

पूजन के शुभ मुहूर्त (11 अगस्त 2026)

पूजा के लिए सावन के इस पावन दिन पर निम्नलिखित शुभ मुहूर्त रहेंगे:

ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः साधना): सुबह 04:49 बजे से 05:34 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): दोपहर 12:18 बजे से 01:09 बजे तक

विजय मुहूर्त (शुभ कार्य हेतु): दोपहर 02:52 बजे से 03:43 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:09 से 07:31 तक

संध्या पूजा: शाम 07:09 से 08:16 तक

पूजन विधि

ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ व लाल/पीले वस्त्र धारण करें। इसके बाद हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर निम्न मंत्र से व्रत का संकल्प लें।

एक साफ चौकी पर लाल या सफेद वस्त्र बिछाकर मां मंगला गौरी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। मां के समक्ष आटे से बना 16 बत्तियों वाला घी का दीपक प्रज्वलित करें।

माँ का ध्यान करते हुए इस मंत्र का उच्चारण करें: “कुंकुमागुरुलिप्तांगा सर्वाभरणभूषिताम्। नीलकण्ठप्रियां गौरीं वन्देहं मंगलाह्वयाम्॥”

इसके बाद मां का विधि-विधान से षोडशोपचार पूजन करें।

मां मंगला गौरी की पूजा में 16 की संख्या का विशेष महत्व है। मां को 16 मालाएं, 16 लौंग, 16 सुपारियां, 16 इलायची, 16 चूड़ियां, सुहाग की 16 सामग्रियां, फल, पान, लड्डू और मिठाई अर्पित करें। साथ ही 5 प्रकार के सूखे मेवे और 7 प्रकार के अनाज (गेहूँ, उड़द, मूँग, चना, जौ, चावल और मसूर) अर्पित करें।

व्रत कथा का पाठ करें या श्रद्धापूर्वक सुनें। अंत में आरती करें। इस व्रत में एक ही समय शुद्ध सात्विक अन्न ग्रहण करने का विधान है।

भाग्य बदलने वाले 5 अचूक उपाय

16 श्रृंगार का दान : विवाह में रही बाधाएं दूर करने के लिए अविवाहित कन्याएं इस दिन मां मंगला गौरी को सुहाग की 16 वस्तुएं अर्पित करें और पूजा के बाद इन्हें किसी सुहागिन स्त्री को दान कर दें।

लाल पुष्प और शहद : यदि दांपत्य जीवन में तनाव या अनबन रहती है, तो मां मंगला गौरी को 16 लाल गुड़हल के फूल और शहद अर्पित करें। इसके बाद “ॐ ह्रीं मंगला गौर्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।

16 बत्तियों का दीपक : इस दिन संध्या समय घर के मंदिर में आटे का 16 बत्तियों वाला दीपक जलाएं और उसमें थोड़ा-सा कपूर डाल दें। इससे घर की दरिद्रता दूर होती है और धन वृद्धि के योग बनते हैं।

अन्न व वस्त्र दान : पूजा के पश्चात 7 प्रकार के अनाज का मिश्रण बनाकर किसी जरूरतमंद को दान करें। साथ ही किसी वृद्ध सुहागिन स्त्री के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लें।

मंगल दोष शांत करने का उपाय : यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष के कारण जीवन में परेशानियां आ रही हैं, तो मंगला गौरी पूजा के समय मां को 16 छोटी इलायची और 16 बताशे चढ़ाएं और बाद में इसे प्रसाद स्वरूप परिवार में बांट दें।

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सूर्य ग्रहण को लेकर बड़ी खबर, 12 अगस्त को इन देशों में कुछ देर के लिए सूरज हो जाएगा पूरी तरह गायब

आसमान में जल्द ही एक बेहद खास खगोलीय घटना देखने को मिलने वाली है। 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य के सामने आ जाएगा और उसकी रोशनी को ढक देगा। इस नजारे को लेकर दुनिया के कई हिस्सों में लोगों के बीच उत्सुकता है। खास बात यह है कि करीब 1.5 करोड़ लोग उस इलाके में होंगे, जहां सूर्य पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिपा दिखाई देगा। स्पेन, आइसलैंड के साथ ग्रीनलैंड, रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।

वहीं, यूरोप और उत्तरी अफ्रीका के कई इलाकों में इसका आंशिक प्रभाव नजर आएगा। कुछ शहरों में सूर्य का 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ढका रहेगा, जिससे आसमान का नजारा काफी अलग दिखाई देगा। हालांकि, ग्रहण देखने के लिए आंखों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा।

स्पेन में मिलेगा सबसे शानदार नजारा

पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने के लिए उत्तरी और पूर्वी स्पेन को सबसे बेहतर जगहों में माना जा रहा है। लियोन, वलाडोलिड, जारागोजा, तेरुएल और वेलेंसिया पूर्ण ग्रहण के दायरे में आएंगे। पश्चिमी स्पेन में पूर्ण ग्रहण की शुरुआत करीब 18:27 GMT यानी स्थानीय समयानुसार रात 8:27 बजे होगी। अलग-अलग स्थानों के आधार पर पूर्ण ग्रहण करीब 110 सेकंड तक रह सकता है। हालांकि स्पेन की राजधानी मैड्रिड और बार्सिलोना पूर्ण ग्रहण की पट्टी से थोड़ा बाहर रहेंगे। इसके बावजूद वहां रहने वाले लोग सूर्य का 99 फीसदी से ज्यादा हिस्सा ढका हुआ देख सकेंगे।

यूरोप के कई शहरों में दिखेगा आंशिक ग्रहण

पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा भले ही सीमित इलाकों में दिखे, लेकिन आंशिक ग्रहण का दायरा काफी बड़ा होगा। यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में शाम के समय सूर्य आंशिक रूप से ढका नजर आएगा। पेरिस में करीब 92 फीसदी, लंदन में 91 फीसदी और बर्लिन में लगभग 85 फीसदी सूर्य ढका रहेगा। यूरोप के पूर्वी हिस्सों में समस्या यह होगी कि कई जगह सूर्य ग्रहण के अपने अधिकतम स्तर पर पहुंचने से पहले ही सूरज डूब जाएगा। यानी वहां लोग ग्रहण का सबसे गहरा चरण नहीं देख पाएंगे।

उत्तरी अफ्रीका में भी दिखेगा ग्रहण

उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। अल्जीयर्स में करीब 98 फीसदी और कैसाब्लांका में लगभग 87 फीसदी सूर्य ढका नजर आएगा। हालांकि इन दोनों शहरों में भी सूर्य के पूरी तरह अस्त होने के कारण ग्रहण का आखिरी हिस्सा दिखाई नहीं देगा।

अमेरिका और कनाडा में कितना दिखेगा?

अटलांटिक के दूसरी तरफ स्थिति कुछ अलग होगी। वहां ग्रहण सुबह और दोपहर के समय दिखाई देगा, लेकिन उत्तरी अमेरिका पूर्ण ग्रहण की मुख्य पट्टी से काफी दूर रहेगा। कनाडा के सेंट जॉन्स में करीब 53 फीसदी, मॉन्ट्रियल में 18 फीसदी और टोरंटो में लगभग 8 फीसदी सूर्य ढका दिखाई देगा। अमेरिका में अलास्का के कुछ हिस्सों में करीब 37 फीसदी तक ग्रहण देखा जा सकेगा। वहीं बाकी इलाकों में इसका असर काफी कम रहेगा। उत्तर-पूर्वी मेन में करीब 28 फीसदी, न्यूयॉर्क में लगभग 10 फीसदी और मिडवेस्ट के कई हिस्सों में लगभग नगण्य ग्रहण दिखाई देगा।

अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण कब?

अगर 12 अगस्त का ग्रहण आपके इलाके में दिखाई नहीं देता, तो अगला बड़ा मौका ज्यादा दूर नहीं है। 2 अगस्त 2027 को अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसकी पट्टी दक्षिणी स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और यमन से होकर गुजरेगी। सूर्य ग्रहण के दौरान सीधे सूर्य की ओर देखना आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए इसे देखने के लिए उचित प्रमाणित सोलर-व्यूइंग चश्मे या सुरक्षित उपकरण का इस्तेमाल करना जरूरी है।

12 अगस्त को आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा! पूर्ण सूर्य ग्रहण में दिन में छा जाएगा अंधेरा, जानें कहां-कहां दिखेगा 

12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। इस दौरान कुछ समय के लिए दिन में अंधेरा छा जाएगा। ऐसा तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को कुछ समय के लिए ढक देता है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण पृथ्वी के केवल कुछ हिस्सों से ही दिखाई देगा। वहीं, इससे कहीं बड़े इलाके में लोगों को सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ही चंद्रमा के पीछे छिपता हुआ नजर आएगा।

इस सूर्य ग्रहण का रास्ता ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन, पुर्तगाल के कुछ हिस्सों और उत्तरी रूस से होकर गुजरेगा। इन इलाकों की एक संकरी पट्टी में रहने वाले लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण देख सकेंगे। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक लेगा और सूर्य के बाहरी हिस्से यानी कोरोना को देखा जा सकेगा।

भारत में नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण

भारत इस सूर्य ग्रहण के दिखाई देने वाले क्षेत्र में शामिल नहीं है। इसलिए 12 अगस्त का यह पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत के किसी भी शहर या देश के दूसरे हिस्सों से नहीं देखा जा सकेगा। यानी भारत में रहने वाले लोगों को इस खगोलीय घटना का न तो पूर्ण और न ही आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।

पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026: इन देशों में दिखेगा पूरा ग्रहण

जो लोग 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण देखना चाहते हैं, उन्हें उस संकरे इलाके में मौजूद होना होगा, जहां चंद्रमा की पूरी छाया पड़ेगी। इसी क्षेत्र में सूर्य कुछ समय के लिए पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिप जाएगा।

पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने वाले प्रमुख देश और इलाके हैं:

  • ग्रीनलैंड
  • आइसलैंड
  • उत्तरी स्पेन
  • उत्तरी रूस
  • पुर्तगाल के कुछ हिस्से

इनमें स्पेन सूर्य ग्रहण देखने वालों के लिए खास जगह बन सकता है। यहां कई ऐसे स्थान हैं, जहां से ग्रहण के पूर्ण चरण वाले रास्ते तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। पूर्ण ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा और कुछ समय के लिए सूर्य का बाहरी हिस्सा यानी कोरोना दिखाई देगा।

पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026: कब होगा ग्रहण?

पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026, बुधवार को होगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य के सामने आ जाएगा और कुछ समय के लिए सूर्य की रोशनी को ढक देगा। यह ग्रहण कई घंटों तक चलेगा, क्योंकि चंद्रमा की छाया अलग-अलग इलाकों से होकर आगे बढ़ेगी। हालांकि, किसी एक जगह से देखने वालों के लिए ग्रहण का सबसे खास चरण, जिसे ‘पूर्णता’ (टोटैलिटी) कहा जाता है, बहुत कम समय के लिए दिखाई देगा।

पूर्णता कितनी देर तक दिखाई देगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप ग्रहण के रास्ते में किस जगह मौजूद हैं। सबसे अच्छी जगहों पर पूर्ण ग्रहण करीब दो मिनट तक दिखाई देने की उम्मीद है। यानी पूरे ग्रहण की अवधि लंबी होगी, लेकिन किसी एक स्थान से सूर्य के पूरी तरह ढकने का नजारा सिर्फ थोड़ी देर के लिए ही देखने को मिलेगा।

पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026: ग्रहण के दौरान क्या दिखाई देगा?

जब चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक लेगा, तो दिन के समय आसमान अचानक काफी अंधेरा हो जाएगा। इस दौरान चंद्रमा के चारों ओर सूर्य का कोरोना, यानी सूर्य का बाहरी वायुमंडल, दिखाई देगा। यही पूर्ण सूर्य ग्रहण की सबसे खास बात है। आंशिक सूर्य ग्रहण में सूर्य का कुछ हिस्सा दिखाई देता रहता है, जबकि पूर्ण ग्रहण के दौरान कुछ समय के लिए सूर्य पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिप जाता है।

सूर्य ग्रहण को सुरक्षित तरीके से कैसे देखें?

सूर्य ग्रहण के आंशिक चरण को देखते समय आंखों की सुरक्षा का खास ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए सोलर व्यूइंग ग्लास या मंजूरशुदा सोलर फिल्टर का इस्तेमाल करना चाहिए। सामान्य धूप के चश्मे से सूर्य ग्रहण नहीं देखना चाहिए। ये आंखों को सूर्य की हानिकारक किरणों से पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते। हालांकि, पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान एक खास स्थिति होती है। जो लोग पूर्ण ग्रहण के रास्ते में मौजूद हैं, वे उस समय बिना सुरक्षा के चश्मे के पूरी तरह ढके हुए सूर्य को देख सकते हैं। लेकिन जैसे ही सूर्य की चमकदार डिस्क का थोड़ा सा हिस्सा भी दोबारा दिखाई देने लगे, आंखों की सुरक्षा के लिए सोलर ग्लास या फिल्टर तुरंत लगा लेना चाहिए।

Dhoot Transmission IPO: एंकर इनवेस्टर्स से मिले ₹918 करोड़, 10 अगस्त से खुलेगा इश्यू; ग्रे मार्केट में अभी से भागा शेयर

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड का ₹3,066.89 करोड़ का IPO 10 अगस्त को खुलने जा रहा है। इससे पहले एंकर बुक में कंपनी ने ₹918.3 करोड़ जुटाए हैं। BSE की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक सर्कुलर के अनुसार, कंपनी ने 72 एंकर इनवेस्टर्स को ₹871 प्रति शेयर के भाव पर 1.05 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर अलॉट किए। घरेलू म्यूचुअल फंड्स का हिस्सा सबसे बड़ा रहा। 12 फंड हाउसेज ने 46 स्कीमों के जरिए निवेश किया। उन्हें 64.59 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए।

एंकर बुक में कई घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया। इनमें SBI म्यूचुअल फंड (MF), ICICI प्रूडेंशियल MF, HDFC MF, ICICI प्रूडेंशियल AMC, निप्पॉन इंडिया MF, फ्रैंकलिन टेंप्लेटन, टाटा MF, इनवेस्को MF, HSBC MF, PGIM इंडिया MF, सुंदरम MF, व्हाइटओक, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, ब्लैकरॉक, एक्सिस MF, मिरे एसेट, अमंडी फंड्स, आलियांज ग्लोबल इनवेस्टर्स, गवर्नमेंट पेंशन फंड, SBI लाइफ इंश्योरेंस, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, बजाज आलियांस लाइफ इंश्योरेंस, HDFC लाइफ इंश्योरेंस और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस जैसे नाम शामिल हैं।

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (E&E) कंपनियों में से एक है। यह कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई का काम करती है। कंपनी के पास कई तरह के प्रोडक्ट्स हैं, जिनमें वायरिंग हार्नेस, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, बैटरी पैक, टर्मिनल, कनेक्टर, केबल और पावर सप्लाई कॉर्ड शामिल हैं। ये प्रोडक्ट्स इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) दोनों तरह के प्लेटफॉर्म के लिए उपलब्ध हैं। कंपनी के प्रोडक्ट टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल, ऑफ-रोड व्हीकल, अर्थ मूवर, खेती के उपकरण, मेडिकल डिवाइस और घरेलू उपकरणों के लिए इस्तेमाल होते हैं।

IPO में ₹1,400 करोड़ के नए शेयर

धूत ट्रांसमिशन के IPO में ₹1,400 करोड़ के 1.61 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,666.89 करोड़ के 1.91 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर्स- BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड और मंगलम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड, प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल की एक एंटिटी है। प्राइस बैंड ₹829-₹871 प्रति शेयर और लॉट साइज 17 शेयर है। IPO के 12 अगस्त को बंद होने के बाद अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

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IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने IPO में नए शेयर जारी कर जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपना और अपनी सब्सिडियरी कंपनियों का कर्ज चुकाने, हरियाणा के झज्जर और तमिलनाडु के होसुर में वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने, पहले से न पता अधिग्रहणों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च करेगी। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में धूत ट्रांसमिशन का शेयर अभी से 28.36 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Dhoot Transmission की वित्तीय सेहत

धूत ट्रांसमिशन का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 31 प्रतिशत बढ़कर ₹4,563.70 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹3,472.24 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹396.84 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹353.89 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹841.39 करोड़ की उधारी थी। इस IPO के​ लिए एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया), SBI कैपिटल मार्केट्स और 360 ONE WAM बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

14 महीने तक किसी को नहीं हुआ शक, दो कंपनियों में चुपचाप करता रहा नौकरी; लेकिन मर्जर ने ऐसा फंसाया कि अब समझ नहीं आ रहा क्या करे!

एक टेक प्रोफेशनल करीब 14 महीने से दो कंपनियों में एक साथ रिमोट जॉब कर रहा था और अब तक उसकी यह ‘डबल जॉब’ वाली व्यवस्था बिना किसी बड़ी परेशानी के चल रही थी। दोनों कंपनियां अलग थीं, काम का तरीका और टेक्नोलॉजी स्टैक भी अलग था, इसलिए उसे लगता था कि दोनों नौकरियों का राज आसानी से छिपा रहेगा। लेकिन अचानक एक ऐसा मोड़ आया, जिसने उसकी पूरी प्लानिंग हिला दी। उसे पता चला कि उसकी दोनों कंपनियां अब मर्ज होने जा रही हैं।

इसके बाद सबसे बड़ा डर यह है कि कंपनियों के सिस्टम और कर्मचारी रिकॉर्ड आपस में जुड़ते ही उसकी पहचान दोनों जगह सामने आ सकती है। खास बात यह है कि वह दोनों संस्थानों के कर्मचारियों के संपर्क में भी रहता है और दोनों कंपनियों की Slack डायरेक्टरी में उसका नाम मौजूद है। अब वह सोच रहा है कि नौकरी छोड़े या जोखिम लेकर इंतजार करे।

14 महीने तक आराम से चल रही थी दोहरी नौकरी

रेडिट पर शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, टेक कर्मचारी करीब 14 महीने से दो कंपनियों में एक साथ काम कर रहा था। दोनों नौकरियां पूरी तरह रिमोट थीं और दोनों में अलग-अलग टेक्नोलॉजी स्टैक इस्तेमाल होते थे।

उसका मानना था कि दोनों कंपनियों के कामकाज और टीमों के बीच इतना अंतर है कि किसी को उसके दूसरे रोजगार के बारे में पता चलने की संभावना बेहद कम है। इसी भरोसे के साथ वह दोनों नौकरियां संभालता रहा।

छोटी कंपनी को चुना था, ताकि न हो कोई टकराव

कर्मचारी के मुताबिक, उसकी एक कंपनी मिड-साइज SaaS कंपनी थी, जबकि दूसरी उसी सेक्टर में काम करने वाली अपेक्षाकृत छोटी कंपनी थी। उसने दूसरी कंपनी को इसलिए चुना था क्योंकि उसे लगता था कि छोटी कंपनी होने के कारण दोनों संस्थानों के बीच भविष्य में किसी तरह का कारोबारी संपर्क होने की संभावना काफी कम है। लेकिन जिस चीज को उसने सबसे कम संभावित माना था, वही आखिरकार उसके सामने आ गई।

CEO का एक ईमेल और बदल गया पूरा खेल

मुश्किल तब शुरू हुई जब उसे पहली कंपनी के CEO की ओर से ईमेल मिला। ईमेल में बताया गया था कि उसकी कंपनी दूसरी कंपनी का अधिग्रहण करने जा रही है। यानी जिस कंपनी में वह दूसरी नौकरी कर रहा था, अब वही उसकी पहली कंपनी के कॉरपोरेट दायरे में आने वाली थी। इसके बाद कर्मचारी को सबसे बड़ा डर अपने दोनों रोजगार रिकॉर्ड के आपस में जुड़ने का सताने लगा।

Slack डायरेक्टरी बनी सबसे बड़ी चिंता

टेक प्रोफेशनल ने बताया कि वह दोनों कंपनियों के कर्मचारियों के साथ नियमित रूप से बातचीत करता है। ऐसे में मर्जर के बाद उसके लिए छिपे रहना और मुश्किल हो सकता है। दोनों कंपनियों की Slack डायरेक्टरी में उसका नाम मौजूद है। हालांकि दूसरी कंपनी में उसने अपने नाम का थोड़ा अलग फॉर्मेट इस्तेमाल किया था, लेकिन उसे खुद भी शक है कि सिस्टम और कर्मचारी डेटाबेस के एकीकरण के बाद यह अंतर उसे बचाने के लिए काफी नहीं होगा।

असली डर

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों कंपनियों का इंटीग्रेशन कितनी जल्दी शुरू होगा। कर्मचारी को अंदाजा नहीं था कि पूरी प्रक्रिया में कई महीने लगेंगे या सिस्टम और कर्मचारी रिकॉर्ड का एकीकरण शुरुआत में ही शुरू हो जाएगा। अगर दोनों कंपनियों के HR सिस्टम, डायरेक्टरी और डेटाबेस जल्दी आपस में जुड़ गए, तो एक ही व्यक्ति का दो जगह कर्मचारी के तौर पर मौजूद होना आसानी से सामने आ सकता है।

नौकरी छोड़ दे या जोखिम लेकर इंतजार करे?

यहीं से कर्मचारी की सबसे बड़ी दुविधा शुरू हुई। उसके सामने दो रास्ते थे दूसरी नौकरी से खुद इस्तीफा दे दे या फिर कुछ समय तक दोनों नौकरियां जारी रखकर हालात पर नजर रखे। पहला विकल्प उसे तुरंत संभावित जोखिम से बाहर निकाल सकता था। वहीं दूसरा विकल्प ज्यादा अनिश्चित था, लेकिन इसमें वह मर्जर की दिशा देखकर आगे फैसला लेने की उम्मीद कर रहा था।

Layoff हुआ तो Severance का भी सवाल

कर्मचारी के दिमाग में एक और संभावना आई। मर्जर के दौरान कंपनियां अक्सर restructuring करती हैं और कुछ पदों को खत्म भी किया जा सकते हैं। ऐसे में उसे लगा कि अगर वह इंतजार करता है और उसकी नौकरी restructuring में चली जाती है, तो शायद उसे severance मिल सके। हालांकि वह यह भी समझ रहा था कि इस रणनीति में बड़ा जोखिम है। अगर उससे पहले ही दोनों कंपनियों को उसके डबल एम्प्लॉयमेंट का पता चल गया, तो स्थिति उसके खिलाफ जा सकती है।

तनाव इतना बढ़ा कि सुबह 10 बजे ही खाने लगा Goldfish

अपनी पोस्ट के आखिर में टेक कर्मचारी ने अपनी स्थिति को मजाकिया अंदाज में बताते हुए कहा कि वह सुबह 10 बजे ही अपनी डेस्क पर बैठकर “stress eating goldfish” कर रहा था। उसने Reddit यूजर्स से पूछा कि ऐसी स्थिति में उसे क्या करना चाहिए। पोस्ट सामने आते ही लोगों ने इसे गंभीर सलाह के साथ-साथ मजाकिया नजरिए से भी लेना शुरू कर दिया।

इंटरनेट ने कहा

पोस्ट पर कई यूजर्स ने उसकी स्थिति पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने इसे “suffering from success” वाला मामला बताया। दूसरे ने मजाक करते हुए कहा कि वह दोनों कंपनियों की टीमों का परिचय कराने वाला व्यक्ति बन सकता है। किसी ने तो यहां तक सुझाव दे दिया कि वह अपना कानूनी नाम ही बदल ले। एक अन्य यूजर ने बेहद सीधे अंदाज में सलाह दी दूसरी नौकरी से इस्तीफा देकर भगवान से प्रार्थना करो। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि वे भी ऐसी ही “समस्या” झेलना चाहेंगे।

मर्जर ने खोल दिया Overemployment का सबसे बड़ा जोखिम

इस पूरे मामले की दिलचस्प बात यही है कि करीब 14 महीने तक दो रिमोट नौकरियां करने वाले इस कर्मचारी के लिए सबसे बड़ा खतरा काम का दबाव नहीं, बल्कि कंपनियों का आपस में जुड़ना बन गया। जब तक दोनों संस्थान अलग थे, अलग टेक स्टैक, अलग टीम और अलग सिस्टम ने उसकी दोहरी नौकरी को छिपाए रखा। लेकिन मर्जर के बाद वही अलग-अलग सिस्टम एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं। अब उसकी पूरी चिंता इसी बात पर टिकी है कि यह इंटीग्रेशन कितनी जल्दी होता है और दोनों कंपनियों के रिकॉर्ड कब एक-दूसरे के सामने आते हैं।

Sawan Amavasya 2026 Date: हरियाली अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र में होगा स्नान-दान, जानें तारीख और पितरों को तर्पण देने का समय

Sawan Amavasya 2026 Date: सावन के महीने का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। यह भगवान विष्णु के चार माह की योगनिद्रा में जानें के बाद पहला हिंदू माह होता है। इस अवधि में भगवान शिव सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं। सावन भगवान शिव का प्रिय माह है। इस माह में आने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं, क्योंकि इस समय चारों तरफ हरियाली छायी रहती है और मानसून की फुहारों से वातावरण सराबोर रहता है।

हरियाली अमावस्या के दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान और उसके बाद दान करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। इसलिए हरियाली अमावस्या पर तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। इस दिन पितृ दोष से मुक्ति के लिए विशेष उपाय भी किए जाते हैं। शाम के समय में पितरों के लिए दीपक जलाते हैं, ताकि पितृ लोक लौटते समय उनका मार्ग अंधकार में न रहे। इस साल की सावन अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र रहेगा। आइए जानते हैं कि हरियाली अमावस्या कब है और पितृ तर्पण कब कर सकते हैं?

सावन अमावस्या 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के आधार पर देखा जाए तो इस बार श्रावण कृष्ण अमावस्या तिथि 12 अगस्त को 01:52 बजे से शुरू हो रही है और यह 12 अगस्त को रात 11:06 बजे तक रहेगी। उदयातिथि को देखते हुए सावन अमावस्या 12 अगस्त बुधवार का है।

सावन अमावस्या 2026 स्नान-दान मुहूर्त

सावन अमावस्या पर स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त प्रात: 04 बजकर 23 ए एम से लेकर प्रात: 05 बजकर 06 मिनट तक है। जो लोग ब्रह्म मुहूर्त में स्नान न कर पाएं, वे लोग सूर्योदय के बाद स्नान, दान कर सकते हैं। उस दिन लाभ-उन्नति मुहूर्त 05:49 ए एम से 07:28 ए एम तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 07:28 ए एम से 09:07 ए एम तक रहेगा। इन दोनों समयों में भी स्नान और दान किया जा सकता है। सावन अमावस्या पर साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने वाला है।

सावन अमावस्या पर तर्पण कब करें?

सावन अमावस्या के दिन स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण कर सकते हैं। हाथ में जल, सफेद फूल और काले तिल लेकर कुशा की मदद से पितरों को तर्पण दे सकते हैं। तर्पण देने से पितर प्रसन्न होते हैं।

व्यतीपात योग और पुष्य नक्षत्र में सावन अमावस्या

इस साल की सावन अमावस्या पर व्यतीपात योग और पुष्य नक्षत्र का योग है। व्यतीपात योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा, उसके बाद वरीयान् योग बनेगा। व्यतीपात योग में किसी नए या शुभ कार्य की शुरूआत नहीं करते हैं।

पुष्य नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 7 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, उसके बाद अश्लेषा नक्षत्र है। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। यह एक शुभ नक्षत्र है, इसमें आप शुभ कार्य कर सकते हैं, जिसमें सफलता प्राप्त होती है। स्थिर कार्य भी इस नक्षत्र में कर सकते हैं।

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Fusion Klassroom Edutech IPO Listing: एडटेक कंपनी ने जीता दिल, 7% बढ़त में लिस्ट

फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक की शुक्रवार, 7 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्टिंग खुश करने वाली रही। कंपनी के शेयर ने BSE SME पर करीब 7 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 170 रुपये पर शुरुआत की। फाइनल IPO प्राइस 159 रुपये था। कंपनी का 39.04 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.50 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा फुली सब्सक्राइब हुआ था। नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.47 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

IPO में 31.63 करोड़ रुपये के 20 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही 7.41 करोड़ रुपये के 5 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहा। फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक एक एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह कई शहरों में डिजिटल और हाइब्रिड लर्निंग मॉडल के जरिए प्रोफेशनल और कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की कोचिंग देती है। कंपनी CA, CS, CMA और कॉमर्स से जुड़ी दूसरी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रोग्राम चलाती है। इसका एक सब्सक्रिप्शन बेस्ड एजुकेशन OTT प्लेटफॉर्म है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 11.08 करोड़ रुपये जुटाए थे। यह अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, टेक्नोलॉजी एंड AIML मॉडल के डेवलपमेंट, सर्वर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, कंटेंट डेवलपमेंट, नए ऑफलाइन सेंटर्स व AI/ML लैब्स के लिए डेस्कटॉप व लैपटॉप की खरीद, मार्केटिंग पहलों, पहले से न पता अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेकनिक ग्रोथ, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और अन्य खर्चों के लिए करेगी।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 129 प्रतिशत बढ़कर 23.10 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू 10.11 करोड़ रुपये था। इस बीच शुद्ध मुनाफा 162 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 7.60 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025 में यह 2.90 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 3.43 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

विटल इलेक्टॉनिक्स को खरीदेगी RRP Electronics, ऑर्डर में जुड़ेंगे ₹90 करोड़

RRP Electronics Ltd ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी Vital Electronics Pvt Ltd के रणनीतिक अधिग्रहण के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) और टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी का कहना है कि यह कदम भारत में एक इंटीग्रेटेड सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

सेमीकंडक्टर से इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक बढ़ेगा कारोबार

RRP Electronics का दावा है कि इस अधिग्रहण के बाद उसकी OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) और ATMP (Assembly, Testing, Marking and Packaging) क्षमताएं और मजबूत होंगी। कंपनी अब सिर्फ सेमीकंडक्टर पैकेजिंग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के निर्माण में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी।

Vital Electronics क्या करती है?

Vital Electronics एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी है। कंपनी Printed Circuit Board Assembly (PCBA), Surface Mount Technology (SMT), इलेक्ट्रोमैकेनिकल असेंबली, सिस्टम इंटीग्रेशन, टेस्टिंग, स्ट्रैटेजिक सोर्सिंग और बॉक्स-बिल्ड सॉल्यूशंस जैसी एंड-टू-एंड मैन्युफैक्चरिंग सेवाएं देती है।

ग्राहकों को मिलेगा वन-स्टॉप सॉल्यूशन

कंपनी के मुताबिक, अधिग्रहण के बाद RRP सेमीकंडक्टर पैकेजिंग से लेकर पूरी तरह तैयार इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट तक की सेवाएं दे सकेगी। उसका कहना है कि Vital Electronics उसके बनाए चिप्स को PCB पर लगाएगी और डिफेंस, ऑटोमोबाइल, इंडस्ट्रियल, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई सेक्टर के लिए तैयार इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम बनाएगी।

ऑर्डर बुक और ग्रोथ पर रहेगा फोकस

कंपनी के मुताबिक, इस अधिग्रहण के बाद उसकी ऑर्डर बुक में करीब 90 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दिखाई दे रहा है। साथ ही अगले तीन वर्षों में कारोबार की ग्रोथ को लेकर भी कंपनी ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।

चार चरणों में होगा अधिग्रहण

RRP Electronics ने बताया कि वह चार चरणों में Vital Electronics की 100% हिस्सेदारी खरीदेगी। कंपनी का लक्ष्य मार्च 2027 तक 50% हिस्सेदारी और मार्च 2028 तक पूरा अधिग्रहण करने का है। हालांकि, यह तय माइलस्टोन पूरे होने और जरूरी नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर करेगा। अधिग्रहण पूरा होने के बाद कंपनी, जरूरी मंजूरियां मिलने पर, Vital Electronics का विलय RRP Group की किसी लिस्टेड कंपनी में भी कर सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

August 12 Total Solar Eclipse: इस देश में 100 साल बाद दिखेगा सूर्य ग्रहण का दुर्लभ नजारा, भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण

August 12 Total Solar Eclipse: साल 2026 में दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण होने हैं। पहला सूर्य और चंद्र ग्रहण फरवरी और मार्च में हो चुका है। अब अगस्त के महीने में इस साल आखिरी सूर्य और चंद्र ग्रहण लगेगा। भारतीय पंचांग के अनुसार, इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण जहां सावन की अमावस्या के दिन 12 अगस्त को लगेगा, वहीं चंद्र ग्रहण सावन की पूर्णिमा को 28 अगस्त को होगा। यह दोनों ही ग्रहण भारत में नजर नहीं आएंगे, इसलिए इनका धार्मिक प्रभाव नहीं होगा। लेकिन ज्योतिष की दृष्टि से यह अहम होगा।

सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी जब एक सीध में आते हैं ग्रहण होता है। ग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जो एक निश्चित अंतराल पर होती है। इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण में कुछ ही दिनों का समय बचा है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा और इसमें 2 मिनट के लिए सूर्य को चंद्रा पूरी तरह ढक लेगा। इस ग्रहण का सबसे दुर्लभ और दिलचस्प नजारा स्पेन में दिखाई देगा। यहां 1905 के बाद पहली बार पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।

स्पेन में 100 साल पर दिन में पूरी तरह छाएगा अंधेरा

12 अगस्त को लग रहा सूर्य ग्रहण वर्ष 2026 का दूसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण के दौरान मुख्य रूप से स्पेन में लगभग 100 साल (1905 के बाद) बाद दिन के समय ही पूरी तरह अंधेरा छा जाएगा। इस ग्रहण में डायमंड का रिंग का नजारा भी देखने को मिल सकता है।

सूर्य ग्रहण तिथि, समय और सूतक काल

तिथि : 12 अगस्त 2026 (अमावस्या तिथि)

शुरुआत : 12 अगस्त 2026, रात लगभग 09:04 बजे

समाप्ति : 13 अगस्त 2026, सुबह लगभग 04:25 बजे

पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026 सूतक काल

सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले प्रारंभ होकर ग्रहण समाप्ति तक रहता है। 12 अगस्त 2026 को लग रहा पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं रहेगा। मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और नियमित पूजा-पाठ होगा।

कहां देखा जा सकता सूर्य ग्रहण

स्पेन (उत्तरी व मध्य हिस्से जैसे मैड्रिड, वालेंसिया, बेलिएरिक द्वीप समूह), आइसलैंड (पश्चिमी तट व रेक्याविक), ग्रीनलैंड, रूस के सुदूर उत्तरी/आर्कटिक क्षेत्र तथा उत्तरी अटलांटिक महासागर में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। जबकि पश्चिमी यूरोप, कनाडा और उत्तरी अफ्रीका के कई देशों में आंशिक सूर्य ग्रहण का नजारा दिखाई देगा।

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