PAK सांसद बोले- UAE में पाकिस्तानियों से भेदभाव हुआ:फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में कमरा नहीं मिला; भारतीय-अमेरिकी यात्रियों को रहने दिया

पाकिस्तान के सांसद और नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर UAE में पाकिस्तानी यात्रियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार को संसद में कहा कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को कमरा दिया गया, जबकि पाकिस्तानी यात्रियों को ठहरने की सुविधा नहीं मिली। कैसर ने दावा किया कि मैं खुद इस घटना के दौरान वहां मौजूद था। उनके मुताबिक फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों को होटल में ठहराने की व्यवस्था की जा रही थी। सांसद बोले- UAE सरकार के सामने मामला उठाए पाकिस्तान कैसर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के सांसद हैं। उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से मामले को UAE अधिकारियों के सामने उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और UAE के बीच करीबी रिश्ते हैं और ऐसी घटनाओं को दोनों देशों के संबंधों पर असर नहीं डालना चाहिए। उन्होंने UAE को पाकिस्तान का ‘इस्लामिक भाई देश’ बताते हुए कहा कि UAE के विकास में पाकिस्तानियों का भी योगदान रहा है। कैसर ने यह भी दावा किया कि एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मिलकर UAE में इस तरह के व्यवहार की शिकायत की थी। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में होटल का नाम, यात्रियों की संख्या या कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया। PAK संसद में कैसर का पूरा बयान… UAE में फ्लाइट कैंसिल होने पर क्या हैं नियम UAE के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) के पैसेंजर वेलफेयर प्रोग्राम के तहत फ्लाइट कैंसिल होने या लंबे समय तक देरी होने पर एयरलाइन को यात्रियों की जरूरत के मुताबिक सहायता देनी होती है। अगर यात्रियों को 8 घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़े तो नियमों के तहत होटल, खाना-पीना, कम्युनिकेशन और एयरपोर्ट से होटल तक आने-जाने की फैसिलिटी देने का प्रावधान है। कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने और अगली संभावित फ्लाइट 8 घंटे से ज्यादा होने पर भी होटल की व्यवस्था की जा सकती है। पासपोर्ट के आधार पर अलग सुविधा का नियम नहीं GCAA के नियमों में होटल और दूसरी यात्री सुविधाओं को फ्लाइट की देरी, कैंसिलेशन और कनेक्शन की स्थिति से जोड़ा गया है। भारतीय, अमेरिकी या पाकिस्तानी पासपोर्ट के आधार पर अलग-अलग होटल सुविधा देने का कोई सामान्य नियम नहीं है। इसलिए अगर मौजूदा मामले में पासपोर्ट के आधार पर यात्रियों को अलग सुविधा दी गई तो यह सामान्य यात्री-सहायता नियमों से अलग मामला होगा। हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती कि होटल ने वास्तव में पासपोर्ट के आधार पर ही यात्रियों को कमरे दिए थे। खबर अपडेट हो रही है…

‘US अलग-थलग करने की कार्रवाई करेगा’; ईरान की मदद करने वाले देशों को ट्रंप की बड़ी धमकी

US-Iran War Update: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी आर्थिक कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि जो भी देश, कंपनियां या संस्थाएं ईरान के साथ व्यापार करेंगी या उसकी अर्थव्यवस्था को किसी भी तरह से मदद पहुंचाएंगी, उन्हें ‘बहुत गंभीर आर्थिक परिणाम’ भुगतने पड़ सकते हैं।

ट्रंप ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक युद्ध और अलगाव की नीति अपनाने जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास अमेरिका के साथ समझौता करने के अवसर थे। लेकिन उसने उन्हें गंवा दिया।

‘किसी भी देश के लिए होंगे गंभीर आर्थिक परिणाम’

ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि कोई देश या उसकी वित्तीय संस्थाएं, कारोबारी प्रतिष्ठान, एयरपोर्ट अथवा सरकारी एजेंसियां ईरान को आर्थिक मदद या किसी तरह की ‘लाइफलाइन’ उपलब्ध कराती हैं, तो उसे अमेरिका की ओर से बहुत बड़े आर्थिक परिणाम झेलने पड़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की अर्थव्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के लिए व्यापक अभियान चलाएगा। इसका मकसद ईरान तक पहुंचने वाले आर्थिक संसाधनों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क को रोकना होगा।

तेल तस्करी से लेकर कैश ट्रांसफर तक पर नजर

ट्रंप ने विशेष रूप से ईरान से जुड़े कई आर्थिक रास्तों को बंद करने की बात कही। इनमें तेल की तस्करी, करेंसी स्वैप व्यवस्था, कैश ट्रांसफर, एक्सचेंज हाउस के जरिए लेन-देन, जहाजों की रजिस्ट्री और ईरान से जुड़ी फ्रंट कंपनियां शामिल हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि इन माध्यमों के जरिए ईरान को मिलने वाली आर्थिक मदद उसकी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए अमेरिका इन चैनलों पर व्यापक कार्रवाई करना चाहता है।

ट्रंप ने इसे बताया ‘Economic D-Day’

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में इस अभियान को ‘Economic D-Day’ करार दिया। उन्होंने अमेरिका के सहयोगी देशों से भी इस अभियान में साथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सभी सहयोगियों को ईरान को अलग-थलग करने और उसके खतरे को खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ खड़ा होना चाहिए। ट्रंप के मुताबिक, यह अभियान ईरान की आर्थिक क्षमता को कमजोर करने की दिशा में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

‘ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे’

ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी अपना पुराना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि प्रस्तावित आर्थिक प्रतिबंध और अलगाव के कदम ईरान की वैश्विक स्तर पर आतंक फैलाने या अपनी ताकत का इस्तेमाल करने की क्षमता को कमजोर कर देंगे।

ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व के लिए बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वे मुश्किल स्थिति में हैं।अमेरिका द्वारा उठाए जाने वाले ये ऐतिहासिक कदम उन्हें और कमजोर कर देंगे।

वैश्विक कारोबार पर भी पड़ सकता है असर

अगर ट्रंप प्रशासन इन धमकियों को व्यापक आर्थिक प्रतिबंधों में बदलता है, तो इसका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रह सकता। ईरान के साथ कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों, तेल कारोबारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े संस्थानों पर भी अमेरिकी दबाव बढ़ सकता है।

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इससे उन देशों के सामने भी चुनौती खड़ी हो सकती है जो ईरान के साथ ऊर्जा, व्यापार या वित्तीय संबंध बनाए रखना चाहते हैं। ट्रंप की ताजा चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। अमेरिका का स्पष्ट संदेश है कि ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के अभियान में जो देश या कारोबारी संस्थाएं बाधा बनेंगी, उन्हें भी अमेरिकी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

Asian Market Today: एशिया बाजार में रौनक, बॉन्ड यील्ड में नरमी से निक्केई 1% और कोस्पी 5% चढ़ा

Asian Market Today: 20 अगस्त को एशियाई शेयर बाजार में तेज़ी देखी गई। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबे समय वाले कर्ज़ को वापस खरीदने की योजना की घोषणा के बाद बॉन्ड मार्केट का दबाव कम हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.8% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरियाई बाज़ार सबसे आगे रहे। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान कोस्पी (Kospi) में 3.86% की उछाल आई, जबकि जापान के निक्केई 225 में 0.95% और टोपिक्स (Topix) में 0.80% की बढ़त हुई। वहीं, हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.9% की बढ़ोतरी के संकेत मिले।

वॉल स्ट्रीट

बुधवार रात वॉल स्ट्रीट पर मज़बूत सेशन के बाद S&P 500 फ्यूचर्स में ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ। इस तेज़ी को ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से समर्थन मिला था। S&P 500 फ्यूचर्स में लगभग 0.1% की मामूली बढ़त हुई, जबकि नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में 0.3% की बढ़ोतरी हुई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स भी 19 अंक या 0.04% ऊपर चढ़ा।

इससे पहले दिन में, S&P 500 ने लगातार तीन सेशन की गिरावट का सिलसिला खत्म किया, क्योंकि लंबे समय वाले अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर से नीचे आ गए। बॉन्ड मार्केट में हालिया बिकवाली के बाद दबाव कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बाद यील्ड में यह गिरावट आई।

कच्चे तेल की कीमतें

गुरुवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में तेल की कीमतें ज़्यादातर स्थिर रहीं। निवेशक अमेरिका-ईरान युद्ध की संभावित दिशा और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग की सुरक्षा को लेकर चिंताओं पर विचार कर रहे थे।

अक्टूबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 25 सेंट या 0.3% बढ़कर $91.87 प्रति बैरल हो गया। वहीं, सितंबर के लिए अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 2 सेंट गिरकर $85.81 प्रति बैरल पर आ गया। ज़्यादा सक्रिय रूप से ट्रेड होने वाला अक्टूबर WTI कॉन्ट्रैक्ट 14 सेंट या 0.2% बढ़कर $84.53 प्रति बैरल हो गया। बुधवार को ब्रेंट और WTI, दोनों में लगातार चौथे सेशन में बढ़त देखी गई और ये 24 जुलाई के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए। सितंबर WTI कॉन्ट्रैक्ट गुरुवार को बाद में एक्सपायर होने वाला है।

US-ईरान युद्ध

ट्रंप ने कहा कि इन कदमों का मतलब “अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक युद्ध और अलग-थलग करना” होगा। उन्होंने इसे “ECONOMIC D-DAY” बताया और सभी US सहयोगियों से वॉशिंगटन का समर्थन करने को कहा।

उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश वित्तीय संस्थानों, कंपनियों, एयरपोर्ट या सरकारी निकायों को ईरान की मदद करने की इजाज़त देंगे, उन्हें गंभीर आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये सज़ाएं क्या होंगी। ट्रंप ने ईरान का समर्थन करने वाली गतिविधियों, जैसे तस्करी, कैश ट्रांसफर, एक्सचेंज हाउस के ऑपरेशन और शिप रजिस्ट्री के इस्तेमाल को खत्म करने की भी मांग की।

आज सोने का भाव

गुरुवार को सोने की कीमतें दो महीने से ज़्यादा के उच्चतम स्तर के करीब बनी रहीं। US ट्रेज़री की ओर से लिक्विडिटी सपोर्ट की अचानक घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड और डॉलर में गिरावट आई।

0031 GMT पर स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,512.19 प्रति औंस पर लगभग स्थिर रही, जबकि सेशन की शुरुआत में यह $4,525.79 तक पहुंच गई थी, जो 2 जून के बाद इसका उच्चतम स्तर था। बुधवार को इस कीमती धातु की कीमत में 4% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी। आम तौर पर जियोपॉलिटिकल और आर्थिक अनिश्चितता के समय सोने को फायदा होता है क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं, जबकि ऊंची ब्याज दरों से इसकी मांग पर असर पड़ सकता है क्योंकि सोने से कोई ब्याज आय नहीं होती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ट्रम्प का ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान:बोले- जो देश मदद करेंगे, उन पर भी एक्शन लेंगे; तेल तस्करी नेटवर्क निशाने पर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने समझौते का मौका गंवा दिया, इसलिए अब उसे आर्थिक तौर पर अलग-थलग किया जाएगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ईरान की मदद करने वाले देशों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई होगी। इसमें बैंक, कंपनियां, एयरपोर्ट और सरकारी संस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने तेल तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई करने और कैश ट्रांसफर, करेंसी एक्सचेंज, जहाजों के रजिस्ट्रेशन और फर्जी कंपनियों के जरिए ईरान तक पहुंचने वाली आर्थिक मदद को रोकने की बात कही। ट्रम्प का दावा- ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान
ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को बड़ा नुकसान हुआ है और उसके कई सैन्य कारखाने तबाह हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मुद्रा की हालत बहुत खराब है और देश आर्थिक संकट में है। ट्रम्प ने अमेरिका की नई आर्थिक कार्रवाई को ‘इकोनॉमिक डी-डे’ बताया। आसान भाषा में इसका मतलब है कि अमेरिका ईरान पर बहुत बड़ा आर्थिक दबाव बनाने जा रहा है। उन्होंने दूसरे देशों से भी ईरान की मदद बंद करने और अमेरिका के साथ इस अभियान में शामिल होने की अपील की। अमेरिकी प्रतिबंधों का ईरान पर क्या असर पड़ेगा? अमेरिका की नई कार्रवाई का सबसे बड़ा असर ईरान के तेल कारोबार और पैसे के लेनदेन पर पड़ सकता है। ईरान की कमाई का बड़ा हिस्सा तेल बेचने से आता है। अगर दूसरे देश, बैंक और कंपनियां अमेरिकी कार्रवाई के डर से ईरान के साथ कारोबार कम करते हैं, तो ईरान के लिए तेल बेचना और विदेशों से पैसा लेना मुश्किल हो सकता है। तेल की तस्करी और फर्जी कंपनियों पर कार्रवाई होने से ईरान के लिए छिपकर कारोबार करना और अमेरिकी कार्रवाई से बचना भी मुश्किल होगा। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर ईरान को दुनिया से आर्थिक तौर पर अलग करने की कोशिश करेगा। ईरान का तेल तस्करी नेटवर्क कैसे काम करता है तेल बेचकर कमाई, पहचान छिपाकर सप्लाई तेल के बाद पैसे की बारी अमेरिका पूरी चेन तोड़ना चाहता है —————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- 2020 चुनाव में 24,000 गैर-नागरिकों ने वोट डाले:चुनाव में मेरी जीत हुई थी, धांधली रोकने के लिए कानून बनाऊंगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मतदाता और नागरिकता रिकॉर्ड की जांच में 24 हजार से ज्यादा गैर-अमेरिकी नागरिकों के वोट डालने का पता चला है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

UP-Japan Investment Meet 2026 : जापानी तकनीक और यूपी की औद्योगिक ताकत से खुलेगा निवेश का नया रास्ता, हजारों नौकरियों की उम्मीद

UP-Japan Investment Meet 2026 : जापानी तकनीक और यूपी की औद्योगिक ताकत से खुलेगा निवेश का नया रास्ता, हजारों नौकरियों की उम्मीद

यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 के उद्घाटन एवं दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में जापान और भारत के प्रमुख उद्योग समूहों ने उत्तर प्रदेश को निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ केंद्र बताया। समारोह में कुबोटा कॉरपोरेशन जापान और स्पार्क मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश में अपने निवेश, साझेदारी के अनुभव और भविष्य की संभावनाओं को साझा किया।
दोनों उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए प्रदेश में उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन, बड़े बाजार, निवेश-अनुकूल नीतियों और सरकार के सहयोग को औद्योगिक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।

 

कुबोटा ने कहा- यूपी में निवेश दीर्घकालिक विश्वास का प्रतीक

समारोह में कुबोटा कॉरपोरेशन, जापान के प्रेसिडेंट एवं सीईओ शिंगो हानाडा ने नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की ग्राउंड ब्रेकिंग को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माइलस्टोन बताते हुए कहा कि इस अवसर पर उत्तर प्रदेश में कुबोटा की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और साझेदारी को एक नया विस्तार मिल रहा है। उन्होंने भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, इन्वेस्ट यूपी और उन सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके समर्थन और सहयोग से यह महत्वपूर्ण पड़ाव संभव हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के सबसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक केंद्रों में से एक के रूप में उभरा है। उत्तर प्रदेश में कुबोटा का निवेश प्रदेश की क्षमता में कंपनी के दीर्घकालिक विश्वास को दर्शाता है। उत्तर प्रदेश की प्रगति और भारत को एक विकसित एवं मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों में उद्योग जगत भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है।

 

135 साल से लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के मिशन पर कुबोटा

कुबोटा सीईओ ने कहा कि 135 वर्षों से अधिक समय से कुबोटा लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और समाज में योगदान देने के उद्देश्य से काम कर रहा है। कंपनी की फिलॉसफी के अनुरूप वह बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए लोगों के हित में काम करती रहेगी। उन्होंने भारत में कुबोटा की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में कंपनी की मौजूदगी उसकी मजबूत साझेदारियों के कारण लगातार सुदृढ़ हुई है। उन्होंने नंदा परिवार और उनकी संस्था का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस परिवार ने दशकों से भारत की सेवा की है और देश में कृषि के मशीनीकरण में अग्रणी भूमिका निभाई है। नंदा परिवार के नेतृत्व के साथ कुबोटा की साझेदारी आगे भी और मजबूत होती रहेगी। कुबोटा और उसके भारतीय साझेदारों की साझी महत्वाकांक्षा भविष्य के लिए एक मजबूत एक्सपोर्ट बेस तैयार करना है। जापान की विश्वस्तरीय तकनीक और भारतीय साझेदारों की स्थानीय समझ एवं क्षमता मिलकर इस दिशा में नई संभावनाएं पैदा कर सकती हैं।

 

स्पार्क मिंडा की यूपी में 40 वर्षों से अधिक की मौजूदगी, अब बड़े स्तर पर विस्तार की तैयारी

समारोह में आकाश मिंडा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश में कंपनी की मौजूदगी और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज संभावनाओं और नए अवसरों का प्रदेश है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रदेश उद्योग और निवेश को प्राथमिकता देने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण नहीं कर रहा, बल्कि निवेशकों और उद्योग जगत के बीच इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस और इंडस्ट्रियल कॉन्फिडेंस भी तैयार कर रहा है।

 

एक्सप्रेसवे, कॉरिडोर और वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक्स ने बदला औद्योगिक परिदृश्य

आकाश मिंडा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में औद्योगिकीकरण के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार हुआ है। प्रदेश में एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल पार्क, स्किल्ड मैनपावर और स्मार्ट टाउनशिप जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने हाल में संचालित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऐसी कई योजनाओं और परियोजनाओं को हकीकत में बदलते हुए देखा गया है, जो कुछ समय पहले तक केवल एक परिकल्पना मात्र थीं।

 

उत्तर प्रदेश में 9 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार

आकाश मिंडा ने बताया कि वह स्पार्क मिंडा ग्रुप का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और कंपनी ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की उत्तर प्रदेश में 40 वर्षों से अधिक समय से मौजूदगी है और वर्तमान में प्रदेश में 9,000 से अधिक लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश स्पार्क मिंडा के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य है और कंपनी यहां अपनी मौजूदगी को कहीं बड़े स्तर पर विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

एडवांस टेक्नोलॉजी से ईवी और इलेक्ट्रॉनिक्स तक बढ़ेगा निवेश

आकाश मिंडा ने बताया कि कंपनी उत्तर प्रदेश में एडवांस टेक्नोलॉजी, मोटर पार्ट्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा डिजाइन एवं डेवलपमेंट सेंटर जैसे क्षेत्रों में अपना निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी डीपर लोकलाइजेशन और बैकवर्ड इंटीग्रेशन की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इसके लिए जापानी कंपनियों के साथ साझेदारी काफी महत्वपूर्ण है। निवेश विस्तार के साथ कंपनी प्रदेश में करीब 6,000 से 8,000 अतिरिक्त लोगों को रोजगार देने की दिशा में काम करना चाहती है।

 

जापान की तकनीक और यूपी की क्षमता का संयोजन बनेगा ताकत

स्पार्क मिंडा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने जापान और दुनिया भर के उद्योगों को उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों पर विचार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाएं बेहद मजबूत हैं।।जापान वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी, ग्लोबल क्वालिटी और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग लेकर आता है, जबकि उत्तर प्रदेश स्केल, टैलेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, पॉलिसी सपोर्ट, बड़ा मार्केट और बिजनेस फ्रेंडली इनवॉयरमेंट उपलब्ध कराता है। भारतीय कंपनियां स्थानीय क्षमताओं, ग्राहकों की जरूरतों की बेहतर समझ और आगे बढ़ने की इच्छा लेकर आती हैं। इन सभी क्षमताओं का संयोजन उत्तर प्रदेश को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने में मदद कर सकता है।

 

कारोबार के साथ रोजगार और विकसित भारत में योगदान है लक्ष्य

आकाश मिंडा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश का उद्देश्य केवल बिजनेस ग्रोथ तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना भी होना चाहिए। कंपनी का लक्ष्य प्रदेश में अपनी औद्योगिक उपस्थिति का विस्तार करने के साथ रोजगार सृजन और विकसित भारत के सपने को साकार करने में योगदान देना है।  

झारखंड में 2014 के बाद से अबतक की ये 44 भर्ती परीक्षाएं एक झटके में रद्द! जज-साइंटिस्ट, लेक्चरर तक की नौकरी गई! पूरी लिस्ट यहां देखिए

Jharkhand Exam Cancelled: झारखंड में छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन और गड़बड़ियों के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार देर रात झारखंड सरकार ने कुल 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की सूची जारी कर दी। देर रात जारी किए गए आठ अलग-अलग नोटिफिकेशंस के जरिए सरकार ने यह स्पष्ट किया कि रद्द की गई परीक्षाओं में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और आउटसोर्स एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा साल 2014 से आयोजित की गई परीक्षाएं शामिल हैं।

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई चार घंटे की आपात कैबिनेट बैठक के फैसलों के बाद आई है। गौरतलब है कि सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों में से एक JSSC-कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा को रद्द कर दिया था। साथ ही आउटसोर्स एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा प्रकाशित परिणामों को भी रद्द कर दिया गया।

रद्द हुई परीक्षाओं में शामिल प्रमुख पद

सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार रद्द की गई 44 परीक्षाओं में प्रशासनिक, न्यायिक, शैक्षणिक और तकनीकी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इनमें ड्रग इंस्पेक्टर, सहायक प्रोफेसर, डिप्टी कलेक्टर, डेंटल डॉक्टर, सहायक अभियंता, सिविल जज, अपर लोक अभियोजक, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, सरकारी पॉलिटेक्निक में लेक्चरर, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, सहायक वन संरक्षक और इसके दूसरे प्रशासनिक एवं तकनीकी पद शामिल हैं।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट और इंटरनल विजिलेंस सेल का प्रस्ताव

सरकारी अधिसूचनाओं के अनुसार JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए झारखंड उच्च न्यायालय से फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा JPSC और JSSC में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोनों आयोगों के भीतर एक इंटरनल विजिलेंस सेल बनाने का भी फैसला लिया गया है।

IAS अमिताभ कौशल समिति 2 महीने में सौंपेगी रिपोर्ट

JPSC और JSSC की परीक्षा प्रणाली में सुधार और सिफारिशें देने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस सुधार समिति को 2 महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

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बिना एक बूंद तेल के हवा में उड़ा दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक विमान, 27 मिनट की उड़ान का बिजली का खर्च सिर्फ 5 डॉलर

इलेक्ट्रिक विमान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। दुनिया के सबसे बड़े पूरी तरह बैटरी से चलने वाले विमान ने पहली बार सफल उड़ान भरी है। इसे स्वीडन की कंपनी हार्ट एयरोस्पेस ने तैयार किया है। 30 सीटों वाले इस विमान ने अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित प्लैट्सबर्ग इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली परीक्षण उड़ान भरी। परीक्षण के दौरान विमान ने केवल बैटरी की मदद से 27 मिनट तक उड़ान भरी और करीब 1,100 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा। विमान के पंखों की चौड़ाई करीब 106 फीट है और इसका वजन लगभग 25,000 पाउंड है। द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस परीक्षण उड़ान में कोई यात्री नहीं था और विमान में सिर्फ एक पायलट मौजूद था।

हार्ट एयरोस्पेस के संस्थापक और सीईओ एंडर्स फोर्सलुंड ने कहा कि X1 की पहली उड़ान के साथ कंपनी ने कमर्शियल विमान के स्तर पर इलेक्ट्रिक उड़ान की क्षमता को साबित किया है। उन्होंने कहा कि पूरी तरह इलेक्ट्रिक कमर्शियल विमान आने वाले समय में एयरलाइन कंपनियों के खर्च के तरीके को बदल सकते हैं। इससे भविष्य में यात्रियों के लिए हवाई यात्रा का खर्च भी कम हो सकता है। कंपनी के मुताबिक, X1 पूरी तरह बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक प्रणाली पर काम करता है। इसका सिस्टम 1 मेगावाट से ज्यादा बिजली पैदा कर सकता है। इस सफल परीक्षण से यह जरूर पता चला है कि बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक प्रणाली छोटे कमर्शियल विमान के स्तर पर काम कर सकती है। हालांकि, अभी इसकी उड़ान की दूरी और बैटरी के ज्यादा वजन जैसी कुछ बड़ी चुनौतियां हैं। इसलिए पूरी तरह इलेक्ट्रिक यात्री विमान से नियमित हवाई यात्रा शुरू होने में अभी समय लग सकता है।

इसकी लागत कितनी आई?

X1 की परीक्षण उड़ान में इस्तेमाल हुई बिजली की अनुमानित लागत सिर्फ 5 डॉलर रही। हालांकि, यह आंकड़ा सुनने में काफी कम लगता है, लेकिन यह केवल 27 मिनट की परीक्षण उड़ान के दौरान इस्तेमाल हुई बिजली का खर्च है। गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस 5 डॉलर में विमान की पूरी संचालन लागत शामिल नहीं है। इसमें पायलट की सैलरी, रखरखाव, एयरपोर्ट फीस, बैटरी की क्षमता कम होने का खर्च, विमान की फाइनेंसिंग और बीमा जैसी लागतें शामिल नहीं हैं।

फिर भी यह परीक्षण इलेक्ट्रिक विमानों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। यह उड़ान ऐसे समय में हुई है जब दुनियाभर में जेट ईंधन की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हार्ट एयरोस्पेस का मानना है कि ईंधन की बढ़ती और बदलती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक विमान एयरलाइंस का संचालन खर्च काफी कम कर सकते हैं। इससे भविष्य में विमान कंपनियों की वैश्विक तेल बाजार पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

Noida Airport: जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर 23C में बनेगा नया इंटरस्टेट बस टर्मिनल! ताइवान सिटी, यूनिवर्सिटी और मेडिकल हब को लेकर ये है प्लान

Noida Airport News: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) तक पहुंचने और वहां से पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं आसपास के राज्यों के विभिन्न शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एयरपोर्ट के नजदीक एक इंटरसिटी बस टर्मिनल बनाने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही क्षेत्र में सिटी बसों की संख्या बढ़ाने समेत स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और औद्योगिक विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्टों को भी हरी झंडी दी गई है।

सेक्टर-23 में बनेगा इंटरसिटी बस टर्मिनल

YEIDA के फैसले के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के सेक्टर-23 में ‘इंटरसिटी बस टर्मिनल’ विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आसपास के शहरों और कस्बों से बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा के जरिए जोड़ना है।

इस टर्मिनल के बनने के बाद यात्रियों को निजी गाड़ियों या कैब पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एयरपोर्ट से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पड़ोसी क्षेत्रों के विभिन्न शहरों तक बस कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने और वहां से अपने गंतव्य तक जाने में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

100 से बढ़ाकर 500 की जाएगी सिटी बसों की संख्या

YEIDA बोर्ड ने इस एरिया में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आने वाले दिनों में क्षेत्र में चलने वाली सिटी बसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 500 करने की मंजूरी दी गई है। इस कदम से एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे रिहायशी, कमर्शियल और औद्योगिक इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। जैसे-जैसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, सार्वजनिक परिवहन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती जाएगी।

एयरपोर्ट से आसपास के इलाकों तक बेहतर कनेक्टिविटी

YEIDA के CEO आरके सिंह के अनुसार, प्रस्तावित बस टर्मिनल एयरपोर्ट को आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसका मकसद यात्रियों के लिए ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे वे एयरपोर्ट से सीधे विभिन्न शहरों और कस्बों तक आसानी से यात्रा कर सकें।

फिलहाल,नोएडा एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। भविष्य में यात्री संख्या बढ़ने के साथ परिवहन व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ेगा। ऐसे में इंटरसिटी बस टर्मिनल और सिटी बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला क्षेत्र के भविष्य के यातायात ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

एयरपोर्ट के आसपास बनेगा 500 एकड़ का मेडिकल हब

YEIDA बोर्ड के फैसले सिर्फ परिवहन तक सीमित नहीं हैं। प्राधिकरण ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी ढांचे के बड़े विस्तार का भी रास्ता साफ कर दिया है।बोर्ड ने सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल हब बनाने को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट से आने वाले समय में बड़े अस्पतालों, मेडिकल संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

सेक्टर-34 में 40 एकड़ का यूनिवर्सिटी टाउनशिप

शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। सेक्टर-34 में 40 एकड़ जमीन पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी मिली है। इससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मदद मिल सकती है। एयरपोर्ट के आसपास शैक्षणिक संस्थानों और आधुनिक टाउनशिप के विकास से क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

50 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल स्टेडियम

इस एरिया में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है। YEIDA बोर्ड ने 50 एकड़ में एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए जमीन मंजूर की है। इसके अलावा अन्य सार्वजनिक और व्यावसायिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी जमीन को मंजूरी दी गई है। इससे एयरपोर्ट के आसपास का पूरा क्षेत्र केवल एक ट्रांसपोर्ट हब के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और कारोबार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

सेक्टर-6 में 300 एकड़ में बनेगी ‘ताइवान सिटी’

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए YEIDA ने सेक्टर-6 में 300 एकड़ जमीन ‘ताइवान सिटी’ के लिए आरक्षित करने का भी फैसला किया है। इसका उद्देश्य ताइवान की कंपनियों और उद्योगों को आकर्षित करना है। खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों को। यदि इस योजना को बड़े स्तर पर उद्योगों का समर्थन मिलता है तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण का एक नया औद्योगिक केंद्र विकसित हो सकता है।

तेजी से बदलने जा रहा है एयरपोर्ट के आसपास का इलाका

YEIDA के इन फैसलों से साफ है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास केवल हवाई यात्रा से जुड़ा ढांचा ही नहीं, बल्कि एक बड़े और आधुनिक शहरी क्षेत्र को विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इंटरसिटी बस टर्मिनल, 500 सिटी बसों की योजना, 500 एकड़ का मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और ताइवान सिटी जैसे प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकते हैं।

बिना फ्लाइट टिकट हवा से देखें पूरा भारत, दिल्ली में बनी यह जादुई जगह!

दिल्ली के लोगों और देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट के लिए एक नया पार्क बनाया गया है। द्वारका सेक्टर-20 में करीब 200 एकड़ में फैला यह पार्क जल्द ही प्लानिंग के साथ सभी लोगों के लिए खोला जाएगा। यहां टूरिस्ट को पर्यावरण, मनोरंजन और भारतीय संस्कृति का यूनिक एक्सपीरियंस मिल सकेगा।

भारत वंदना पार्क की सबसे बड़ा फीचर इसका 1.2 किलोमीटर लंबा स्काइब्रिज और ‘मिनी इंडिया’ जोन है। स्काइब्रिज पर घूमते हुए लोग पार्क के खूबसूरत नजारों का मजा ले सकेंगे और साथ ही मिनी इंडिया जोन में देश के अलग-अलग हिस्सों का कल्चर देखने को मिलेगा। यह पार्क के लोगों के घूमने की नई जगह तो बनेगा ही, साथ ही देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट को भी अट्रैक्शन पोईटन भी बनेगा।

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कॉस्ट और इनॉगरेशन

भारत वंदना पार्क को लगभग 550 करोड़ रुपये की कॉस्ट से तैयार किया जा रहा है। तकरीबन 200 एकड़ में फैले इस पार्क का बाहरी हिस्सा लगभग तैयार हो चुका है और अब इसे कुछ समय बाद ही लोगों के लिए खोला जाएगा। उम्मीद है कि अगले एक से दो महीनों में इनॉगरेशन हो सकता है। पार्क में घूमने के साथ-साथ लोगों के लिए बोटिंग, लेक-व्यू रेस्तरां और मॉडर्न टिकट काउंटर जैसी सुविधाएं भी तैयार की गई हैं।

एलिवेटेड स्काइब्रिज

पार्क का सबसे बड़ा अट्रैक्शन 1.2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड स्काइब्रिज होगा। यह जमीन से करीब 18 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जा रहा है और नौ बड़े पाइलान पर टिका होगा। यहां चलते हुए लोगों को पूरे पार्क और ‘मिनी इंडिया’ का ऊपर से 360 डिग्री नजारा देखने को मिलेगा। इसकी डिजाइन पेड़ों के तनों से इंस्पायर्ड है। नौ पाइलान को पेड़ का शेप दिया जा रहा है, जिन पर पत्तियों जैसे एल्युमिनियम पैनल लगाए जाएंगे, जिससे स्काइब्रिज का लुक एकदम यूनिक नजर आएगा।

मिनी इंडिया

भारत वंदना पार्क का ‘मिनी इंडिया’ जोन यहां आने वाले लोगों के लिए बेस्ट एक्सपीरियंस होगा। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की फेमस बिल्डिंग और सांस्कृतिक धरोहरों की कॉपी बनाई गई हैं। जिसमे जयपुर का हवा महल, कर्नाटक का हंपी रथ मंदिर, एलोरा की गुफाएं, अंडमान का सेल्यूलर जेल, पटना का गोलघर, बनारस के घाट और पुराने संसद भवन जैसी जगहों की झलक देखने को मिलेगी। गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की प्रतिकृति और महावीर मंदिर मेजर अट्रैक्शन रहेंगे।

कई चुनौतियों के बाद हुआ तैयार

भारत वंदना पार्क का शिलान्यास 17 दिसंबर 2019 को किया गया था और इसे मार्च 2022 तक पूरा करने की प्लानिंग थी। लेकिन कोरोना महामारी, कंस्ट्रक्शन से जुड़ी परेशानियों और पार्क के कॉम्प्लेक्स डिजाइन के कारण काम में देरी हुई। स्काइब्रिज के ऊंचे पाइलान, एयरपोर्ट के पास होने के कारण काफी दिक्कत हुयी। इसके बाद पाइलान की ऊंचाई कम करके डिजाइन चेंज करना पड़ा।

भारत वंदना पार्क के खुलने के बाद दिल्ली में घूमने के लिए एक नया और यूनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन खुल जाएगा। यहां लोग स्काइब्रिज से खूबसूरत नजारे देखने के साथ ‘मिनी इंडिया’ में देश की संस्कृति और फेमस हेरिटेज को एक ही जगह देख सकेंगे। हरियाली, झील, बोटिंग और मनोरंजन की सुविधाओं के साथ यह पार्क फैमिली और टूरिस्ट के लिए मेजर अट्रैक्शन बन सकता है।

पासपोर्ट खोने की गलती पड़ सकती है भारी, तुरंत अपनाएं ये आसान ट्रिक

विदेश ट्रैवलिंग करते समय यदि अचानक आपका पासपोर्ट खो जाए, तो घबराहट हो ही जाती है। लेकिन ऐसी सिचुएशन में जल्दबाजी करने से बेहतर सही कदम उठाना जरूरी होता है। थोड़ी समझदारी और सही जानकारी के साथ आप नया ट्रैवल डॉक्यूमेंट बनवा सकते हैं और अपनी जर्नी बिना ज्यादा परेशानी के कर सकते हैं।

पहले ढूंढें और शिकायत करें

अगर विदेश में आपका पासपोर्ट नहीं मिल रहा है, तो घबराएं नहीं। होटल का कमरा, बैग, कैब, एयरपोर्ट या जिन जगहों पर आप गए थे, वहां अच्छी तरह से चेक करें। अगर फिर भी पासपोर्ट नहीं मिलता या चोरी होने का शक है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में कम्प्लेन कराएं। पुलिस रिपोर्ट बहुत जरूरी होती है, क्योंकि नया पासपोर्ट या इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट बनवाते समय इसकी जरूरत पड़ती है। इसलिए कम्प्लेन करने में देर न लगाएं।

एम्बेसी से तुरंत कांटेक्ट करें

पुलिस में कम्प्लेन करने के बाद अपने देश के पास के इंडियन एम्बेसी (Embassy) या वाणिज्य दूतावास (Consulate) से कांटेक्ट करें। वहां के ऑफिसर आपको पूरी प्रोसेस समझाएंगे और बताएंगे कि आगे क्या करना है। अगर आपके पास आइडेंटिटी डॉक्यूमेंट या उनकी कॉपी हैं, तो उन्हें साथ रखें। इससे आपकी आइडेंटिटी जल्दी चेक हो जाती है और नया डॉक्यूमेंट बनवाने में आसानी होती है।

जरूरी डॉक्यूमेंट रखें तैयार 

जब भी आप ट्रिप पर निकले तो पहले पासपोर्ट, वीजा और दूसरे जरूरी आइडेंटिटी कार्ड की डिजिटल और प्रिंट कॉपी अपने पास जरूर रखें। ओरिजिनल पासपोर्ट खो जाए, तो यही कॉपियां आपके काम आ सकती हैं। नया पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस रिपोर्ट, पहचान का प्रमाण, जन्मतिथि का प्रमाण, पते का प्रमाण और पासपोर्ट खोने का एफिडेबिट डॉक्यूमेंट लिए जा सकते हैं। पहले से तैयारी होने पर परेशानी कम होती है।

नया पासपोर्ट या इमरजेंसी सर्टिफिकेट

अगर आपकी ट्रिप अभी बाकी है, तो आप नया पासपोर्ट बनवाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसमें कुछ दिन या करीब एक हफ्ते लग सकते है। लेकिन अगर आपको सिर्फ भारत वापस लौटना है, तो एम्बेसी आपको इमरजेंसी सर्टिफिकेट या टेम्परेरी ट्रैवल डॉक्यूमेंट है। इससे आप अपने देश वापस आ सकते हैं। यह फैसिलिटी ट्रैवल के बेस पर दी जाती है।

वीजा और इंश्योरेंस का रखें ध्यान 

पुराने पासपोर्ट में किसी देश का वैलिड वीजा होने पर उसके लिए भी अलग से प्रोसेस पूरी करनी पड़ सकती है। ऐसे में उस देश के एम्बेसी से कांटेक्ट करें और नया वीजा बनाने की प्रोसेस जाने। साथ ही अपनी एयरलाइन, होटल और ट्रैवल इंश्योरेंस कंपनी को भी पासपोर्ट खोने के बारे में बताये। कई ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसीस इस केस में ज्यादा रहने, आने-जाने और जरूरी डॉक्यूमेंट बनवाने का खर्च भी कवर करती हैं।

आगे के लिए रखें ये सावधानी 

पासपोर्ट खोने जैसी परेशानी से पूरी तरह बचना मुश्किल है, लेकिन थोड़ी तैयारी आपका काफी टाइम और स्ट्रेस बचा सकती है। टॉवल से पहले पासपोर्ट और वीजा की स्कैन कॉपी क्लाउड स्टोरेज में सेव करें, एक कॉपी ईमेल में रखें और एक प्रिंट अपने सामान से अलग रखें। किसी भरोसेमंद फैमिली मेंबर के पास भी इसकी कॉपी होना अच्छा रहता है। यह तैयारी मुश्किल समय में आपकी ट्रिप को एक बड़ी मदद कर सकती है।