अमेरिका में भारतीय प्रोफेशनल्स की लाइफलाइन माने जाने वाले H-1B वीजा पर नया संकट मंडरा रहा है। अमेरिका में चल रही छंटनी के बीच इस साल की पहली छमाही में करीब 10 हजार भारतीय प्रोफेशनल्स को नौकरी जाने के बाद अमेरिका छोड़कर भारत लौटना पड़ा। इन्हें 60 दिन के ग्रेस पीरियड में नई नौकरी नहीं मिल पाई। अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेस (USCIS) के इस साल की पहली छमाही के आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। इसकी तुलना में पूरे 2025 में करीब 5,100 भारतीय प्रोफेशनल्स को अमेरिका छोड़ना पड़ा था। यानी इस साल सिर्फ छह महीने में यह संख्या पिछले पूरे साल के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गई। नौकरी जाने पर अभी 60 दिन का समय H-1B वीजा पर काम कर रहे किसी प्रोफेशनल की नौकरी चली जाती है तो मौजूदा नियमों के तहत उसे अधिकतम 60 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है। इस दौरान वह नया एम्प्लॉयर तलाश सकता है और अपना H-1B स्टेटस बनाए रखने की कोशिश कर सकता है। अगर इस अवधि में नई नौकरी नहीं मिलती तो उसे अमेरिका में रहने का वैध आधार खत्म होने से पहले देश छोड़ना पड़ सकता है। तय अवधि खत्म होने के बाद भी अमेरिका में रुके रहना ओवरस्टे माना जा सकता है। ऐसे मामले में इमिग्रेशन अधिकारियों की कार्रवाई हो सकती है। इसमें रिमूवल प्रोसीडिंग्स यानी देश से निकाले जाने की कार्रवाई और कुछ परिस्थितियों में अमेरिका में दोबारा प्रवेश पर रोक भी शामिल हो सकती है। ट्रम्प 60 दिन की मोहलत खत्म करने पर अड़े राष्ट्रपति ट्रम्प H-1B वीजा को लेकर सख्त रुख अपना रहे हैं। अब 60 दिन के ग्रेस पीरियड को खत्म करने की कोशिश भी इसी नीति का हिस्सा बताई जा रही है। ट्रम्प प्रशासन की ओर से इस प्रावधान को खत्म करने वाले बिल को मंजूरी दी गई है। अगर यह कानून बनता है तो H-1B धारकों के लिए नौकरी जाने के बाद नई नौकरी तलाशने की मौजूदा 60 दिन की सुविधा खत्म हो सकती है। बिल पर आगे क्या होगा? बिल को अमेरिकी कांग्रेस में रखा जाएगा। वहां इसे पास कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। रिपब्लिकन पार्टी के पास कांग्रेस में बहुमत है, लेकिन बिल को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय हो सकती है। ट्रम्प के कट्टर समर्थक H-1B व्यवस्था को और सख्त करने और प्रवासियों की संख्या कम करने की मांग करते रहे हैं। बिल पास होने के बाद ही यह साफ होगा कि मौजूदा 60 दिन की व्यवस्था पूरी तरह खत्म होगी या इसमें कोई बदलाव किया जाएगा। कोर्ट में चुनौती संभव अगर ग्रेस पीरियड खत्म करने वाला कानून या उससे जुड़ा सरकारी आदेश लागू होता है तो उसे अदालत में चुनौती दी जा सकती है। ट्रम्प प्रशासन के इमिग्रेशन से जुड़े कई फैसले पहले भी अदालतों तक पहुंचे हैं। जन्मजात नागरिकता समेत कुछ आदेशों को लेकर सरकार को कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ा है। हालांकि H-1B के 60 दिन वाले प्रावधान को खत्म करने वाले किसी नए कानून को अदालत किस आधार पर और किस हद तक रोक सकती है, यह उसके अंतिम स्वरूप और कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगा। कनाडा-जर्मनी जैसे देशों का रुख कर रहे भारतीय H-1B को लेकर बढ़ती सख्ती के बीच भारतीय प्रोफेशनल्स दूसरे देशों के विकल्प भी तलाश रहे हैं। कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में प्रोफेशनल्स के लिए अलग-अलग वीजा और इमिग्रेशन प्रोग्राम मौजूद हैं। अगर अमेरिका में नौकरी जाने के बाद H-1B धारकों के रुकने की मौजूदा सुविधा खत्म होती है, तो इन देशों का आकर्षण भारतीय टेक प्रोफेशनल्स और दूसरे हाई-स्किल्ड वर्कर्स के लिए बढ़ सकता है। इसका असर सिर्फ उन लोगों पर नहीं पड़ेगा, जो अभी अमेरिका में काम कर रहे हैं। अमेरिका में नौकरी करने की तैयारी कर रहे हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स को भी अपना करियर प्लान बदलना पड़ सकता है। ————————– अमेरिका में 2 लाख विदेशियों के वीजा रद्द होंगे: इतिहास में पहली बार एक साथ इतने वीजा कैंसिल होंगे अमेरिकी सरकार 2 लाख विदेशी नागरिकों के बिजनेस (B1) और टूरिस्ट वीजा (B2) रद्द करने की तैयारी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…
Bike Taxi Update: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्राइवेट टू-व्हीलर का इस्तेमाल सवारी ढोने यानी बाइक टैक्सी के रूप में करने की वकालत की है। उन्होंने राज्यों से अपील की है कि वे निजी मोटरसाइकिल और स्कूटर मालिकों को यात्रियों को ले जाने की अनुमति दें। गडकरी का तर्क है कि अगर ऐसा हुआ तो ग्रामीण इलाकों में करीब 8 करोड़ लोगों के लिए कमाई के नए मौके पैदा हो सकते हैं। वैसे आपको बता दें कि केंद्र सरकार भले ऐसा चाह ले लेकिन इसक बावजूद यह पूरी तरह से राज्यों पर निर्भर करता है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में बाइक टैक्सी चलाने की इजाजत देते हैं या नहीं।
राज्यों के पास क्यों है अंतिम फैसला?
महाराष्ट्र में सरकार के ‘सुरक्षा’ पायलट प्रोग्राम के शुभारंभ के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि, ‘हमने इसकी अनुमति दे दी है, लेकिन कुछ राज्य ऐसा नहीं कर रहे हैं। ट्रांसपोर्ट स्टेट सब्जेक्ट है। मैं उनसे ऐसा करने का आग्रह करूंगा क्योंकि इससे कई लोगों को आजीविका का साधन मिलेगा।’ Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 एक ऐसा फ्रेमवर्क देती है जिससे एग्रीगेटरों को पैसेंजर जर्नी के लिए नॉन-ट्रांसपोर्ट मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकते हैं।
क्या आपकी अपनी बाइक बन सकती है टैक्सी?
हर जगह खुद ब खुद किसी प्राइवेट बाइक का इस्तेमाल टैक्सी के रूप में नहीं किया जा सकता है। अलग-अलग राज्यों में इसे लेकर अलग-अलग रूल हैं। इसे कर्नाटक और महाराष्ट्र के हिसाब से समझा जा सकता है। इस साल जनवरी में कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा था कि मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट गाड़ियों के रूप में किया जा सकता है और अधिकारियों को पीले रंग की प्लेट रजिस्ट्रेशन और कॉन्ट्रैक्ट पैसेंजर्स कैरियर्स के रूप में काम करने के लिए परमिट मांगने वाले मालिकों के आवेदनों पर विचार करने का निर्देश दिया था। हालांकि राज्य सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा, इंश्योरेंस, महिलाओं की सेफ्टी और बाइक टैक्सियों के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क की कमी से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी।
दूसरी ओर महाराष्ट्र ने 2025 में अपने बाइक-टैक्सी नियमों को नोटिफाइड कर दिया था। इसमें एग्रीगेटर्स, परमिट और ऑपरेटिंग कंडिशन को कवर करने वाले प्रावधान शामिल हैं। इस फ्रेमवर्क में ई-बाइक और स्कूटर भी शामिल हैं।
ट्रैफिक नियमों के लिए ‘नेगेटिव पॉइंट सिस्टम’ और ‘सुरक्षा’ कार्यक्रम
बाइक टैक्सी पर बात करने के साथ ही गडकरी ने भारत के सड़क सुरक्षा नियमों में एक और प्रस्तावित बदलाव की जानकारी दी है। मंत्रालय ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए एक नेगेटिव पॉइंट सिस्टम पेश करने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्तावित सिस्टम के तहत बार-बार नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों के नेगेटिव पॉइंट जमा होंगे और दोबारा उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इस कदम का उद्देश्य जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार को बढ़ावा देना है।
आपको बता दें कि सुरक्षा नाम के पायलट कार्यक्रम का उद्देश्य राजमार्गों और खनन कार्यों में शामिल ड्राइवरों और श्रमिकों को मुफ्त चिकित्सा जांच, परामर्श देना है। यह पायलट प्रोजेक्ट एनएच 44 पर नागपुर से काम्टी तक 150 किलोमीटर के हिस्से और चंद्रपुर के खनन क्षेत्र को कवर करेगा। इसमें शुरुआती चरण में 10000 लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
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बांग्लादेश भारत से मिलने वाली सस्ती बिजली के बावजूद चीन से महंगी बिजली खरीद रहा है। ढाका के पास अमीनबाजार में लग रहे वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट से 42 MW बिजली 25 टका यानी करीब 19.25 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाएगी। इसके लिए 25 साल का करार हुआ है। भारत से बांग्लादेश को करीब 11 टका यानी 8.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। चीन से मिलने वाली बिजली की कीमत भारत से दोगुने से भी ज्यादा है। 2 सितंबर को बीजिंग में हुए इस समझौते का बांग्लादेश में विरोध हो रहा है। बांग्लादेश ने भारत के 1 पैसे के चार्ज पर आपत्ति जताई थी भारत के केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) ने सीमा-पार बिजली लेनदेन और ग्रिड से जुड़े खर्च के लिए 1 पैसे प्रति यूनिट शुल्क प्रस्तावित किया था। बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) ने इसका विरोध किया। इसके बाद भारत ने शुल्क को घटाकर आधा पैसा प्रति यूनिट करने की बात कही। चीन के प्रोजेक्ट से कचरे की समस्या भी होगी कम अमीनबाजार का प्रोजेक्ट सिर्फ बिजली बनाने के लिए नहीं है। इसमें ढाका के कचरे का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। करीब 2.3 करोड़ आबादी वाले ढाका में रोजाना 8 हजार मीट्रिक टन कचरा निकलता है। वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से कचरे की समस्या कम करने के साथ बिजली भी पैदा होगी। बांग्लादेश इस समय बिजली की कमी और पावर कट की समस्या से जूझ रहा है। देश के सामने विदेशी मुद्रा का संकट भी है। बांग्लादेश के पावर सेक्टर में चीन का दखल बढ़ रहा चीन बांग्लादेश के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है। वह तीस्ता नदी पर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समेत बिजली से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अमीनबाजार का वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट भी इसी बढ़ती भागीदारी का हिस्सा है। चीन की योजना बांग्लादेश के रास्ते म्यांमार तक भी ऊर्जा पहुंच बढ़ाने की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक ढाका के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से म्यांमार को बिजली सप्लाई करने की तैयारी है। इस तरह अमीनबाजार प्रोजेक्ट का इस्तेमाल बांग्लादेश की बिजली जरूरत के साथ क्षेत्रीय ऊर्जा कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा। ———————– ये खबर भी पढ़ें… रूस-यूक्रेन ने ब्लैक सी में 300 जहाजों पर हमले किए:दुनिया में गेहूं-मक्का महंगा होने का खतरा; रूस का अनाज निर्यात 71% घटा रूस-यूक्रेन युद्ध में ब्लैक सी अब जंग का बड़ा मोर्चा बन गया है। पिछले करीब डेढ़ महीने में दोनों देशों ने 300 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया है। पूरी खबर पढ़ें…
अगर आप 4 सितंबर यानी शुक्रवार के दिन बैंक में कोई काम कराने के बारे में सोच रहे हैं तो पहले यह जान लें कि उस दिन बैंक खुला है या बंद है। शुक्रवार को जन्माष्टमी का त्योहार है। इस मौके पर कई राज्यों में बैंकों में छुट्टी है। इस वजह से इन बैंकों की शाखाओं में कोई कामकाज नहीं होगा।
बैंकों में आरबीआई की गाइडलाइंस के हिसाब से होती है छुट्टी
बैंकों को छुट्टी के लिए आरबीआई की गाइडलाइंस का पालन करना पड़ता है। आरबीआई की गाइडलाइंस में क्षेत्र के हिसाब से छुट्टी का प्रावधान है। इसका मतलब है कि उत्तर भारत में मनाए जाने वाले त्योहार के मौके पर उत्तर भारत में बैंकों की शाखाएं बंद रहती हैं। इसी तरह दक्षिण भारत में मनाए जाने वाले त्योहार के मौके पर दक्षिण भारत में बैंकों की शाखाएं बंद रहती हैं।
इन राज्यों और शहरों में जन्माष्टमी पर बंद रहेंगे बैंक
आरबीआई की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक, 4 सितंबर यानी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे। इसका मतलब है कि लखनऊ, कानपुर, नोएडा, देहरादून, भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। छोटे शहरों में ग्रामीण इलाकों में भी बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी। जयपुर, अहमदाबाद, कोलकाता और रांची में भी जन्माष्टमी की छुट्टी बैंकों में रहेंगी। हालांकि, 5 सितंबर यानी शनिवार के बैंक की शाखाएं खुली रहेंगी। 6 सितंबर को रविवार के दिन बैंकों में छुट्टी रहेगी।
अभी बैंकों में हर रविवार और महीने में दो शनिवार छुट्टी रहती है
बैंकों में हर महीने रविवार को अवकाश रहता है। इस दिन बैंकों में कोई कामकाज नहीं होता है। हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को भी बैंक बंद रहते हैं। इसका मतलब है कि दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में कोई कामकाज नहीं होता है। बैंक एंप्लॉयीज यूनियंस बैंकों में भी फाइव डे वर्किंग लागू करने की लंबे समय से मांग कर रहे हैं।
सितंबर में त्योहार और दूसरी वजह से 14 दिन बंद रहेंगे बैंक
सितंबर में बैंक करीब 14 दिन बंद रहेंगे। इसमें छह सप्ताहांत में होने वाली रेगुलर छुट्टियां हैं। बाकी 8 दिन की छुट्टी अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से त्योहारों और लोकल इवेंट्स की वजह से होगी। 14 सितंबर यानी सोमवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर कई राज्यों और क्षेत्रों में बैंकों में छुट्टी रहेगी। इनमें बेलापुर, भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, नागपुर, पणजी और विजयवाड़ा शामिल है।
इन राज्यों और स्थानों में सितंबर में खास दिन बंद रहेंगे बैंक
15 सितंबर यानी मंगलवार को भी अहमदाबाद, भुवनेश्वर और पणजी में संवत्सरी, नुआखाई और गणेश चतुर्थी की छुट्टी रहेगी। 21 सितंबर को श्रीमंता शंकरदेव के जन्मोत्सव और श्री नारायण गुरु समाधि के मौके पर गुवाहाटी, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में छुट्टी रहेगी। 22 सितंबर को कर्मा पूजा के मौके पर रांची में बैंकों में छुट्टी रहेगी। 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह जी के जन्मोत्सव पर जम्मू में बैंक बंद रहेंगे। 25 सितंबर को इंद्राजात्रा के मौके पर गंगटोक में बैंकों में छुट्टी रहेगी।
इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम सुविधाएं छुट्टियों के दौरान भी काम करेंगी
बैंकों की इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं छुट्टियों के दौरान भी काम करती रहेंगी। इसके अलावा बैंकों के एटीएम भी खुले रहेंगे। इससे ग्राहकों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। आजकल बैंकों की ज्यादातर सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो गई हैं।


SBI ATM Rule Change from 1st Oct: देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है। बैंक ने दूसरे बैंकों के एटीएम से मुफ्त पैसे निकालने और दूसरी सर्विसेज के इस्तेमाल की लिमिट को घटाने का फैसला किया है। ये नया नियम 1 अक्टूबर से लागू होगा।
फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन 10 से घटाकर किए गए 5
मौजूदा नियमों के मुताबिक एसबीआई के सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स भारत भर के सभी केंद्रों पर दूसरे बैंकों के एटीएम और ऑटोमेटेड डिपॉजिट एंड विड्रॉल मशीन से हर महीने 10 फ्री ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। 1 अक्टूबर से इस लिमिट को हटाकर सिर्फ 5 ट्रांजैक्शन कर दिया जाएगा। बैंक ने स्पष्ट किया है कि महीने में मिलने वाले इन 5 फ्री ट्रांजैक्शन में फाइनेंशियल और नॉन फाइनेंशियल दोनों ही तरह के लेनदेन शामिल होंगे। इसका मतलब है कि कैश विड्रॉल के साथ-साथ एटीएम से जुड़ी दूसरी नॉन फाइनेंशियल सर्विस भी इसी 5 ट्रांजैक्शन की लिमिट में शामिल रहेंगी।
फ्री लिमिट खत्म होने के बाद कितना लगेगा चार्ज?
मुफ्त सीमा घटने के बावजूद एसबीआई ने फ्री लिमिट समाप्त होने के बाद लगने वाले सर्विस चार्ज में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। दूसरे बैंक के एटीएम से तय फ्री लिमिट खत्म होने के बाद हर कैश विड्रॉल पर एसबीआई पहले की तरह 23 रुपये + जीएसटी (GST) का चार्ज लगाता रहेगा। लिमिट खत्म होने के बाद हर नॉन फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर 11 रुपये + जीएसटी का चार्ज देना होगा।
दूसरे अकाउंट होल्डर्स के लिए कोई बदलाव नहीं
एसबीआई ने अपनी पब्लिक नोटिस में साफ किया है कि यह नया नियम खासकर सैलरी पैकेज अकाउंट्स के लिए है। इसके अलावा दूसरे तरह के अकाउंट्स के लिए लागू मंथली फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या और सर्विस चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अगरल एसबीआई के डेबिट कार्ड होल्डर्स एसबीआई के अपने ही एटीएम या एडीडब्ल्यूएम का इस्तेमाल करते हैं तो उनके लिए भी फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट या सर्विस चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कार्डलेस कैश विड्रॉल रहेगा पूरी तरह मुफ्त
एसबीआई ने अलग से स्पष्ट किया है कि एसबीआई के एटीएम/एडीडब्ल्यूएम या दूसरे बैंकों के एटीएम/एडीडब्ल्यूएम से कार्डलेस कैश विड्रॉल ट्रांजैक्शन पर नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बैंक के मुताबिक अगले आदेश तक असीमित मुफ्त कार्डलेस कैश विड्रॉल की सुविधा जारी रहेगी।
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नीम करौली बाबा का नाम आते ही महावीर हनुमान का खयाल दिल को छू जाता हैं, ऐसे में उनकी कहानी देश में लोगों को प्रभावित करने के बाद अब विदेशों तक पहुंच रही है। बता दें कि नीम करौली बाबा वही हैं, जिनके आध्यात्मिक प्रभाव ने स्टीव जॉब्स, मार्क जकरबर्ग और जूलिया रॉबर्ट्स जैसी बड़े नामों को भी प्रभावित किया है।
भारतीय सिनेमाघरों में शानदार परफॉर्मेंस के बाद, हिंदी डिवोशनल ड्रामा फ़िल्म ‘हनुमान अंश’ अब इंटरनेशनल दर्शकों तक पहुंचने के लिए तैयार है। ऐसे में इसकी इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन की कमान होम्बले फ़िल्म्स संभाल रही है। बता दें कि यह फ़िल्म 11 सितंबर, 2026 को ग्लोबल लेवल पर रिलीज़ होने के लिए तैयार है।
हनुमान अंश की कहानी नीम करोली बाबा की ज़िंदगी पर आधारित, जिसे विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखा और डायरेक्ट किया गया है। भक्तों द्वारा भगवान हनुमान के अवतार माने जाने वाले बाबा को लोग महाराज-जी के नाम से भी जानते हैं। बाबा को उनकी भक्ति के साथ साथ भक्त उनके प्यार और सेवा की अपनी शिक्षाओं के लिए भी जानते हैं। यह जानकर आपको हैरानी होगी कि बाबा का प्रभाव भारत से ज्यादा पश्चिमी देशों में देखा गया है, खासकर 1960 और 1970 के दशक में जब ज्यादातर साधक देश में उनके दर्शन के लिए आए थे।
हनुमान अंश फिल्म थिएटर्स में अच्छा परफॉर्मेंस कर रही है। रिपोर्ट की माने तो फिल्म ने महज 10 लाख की ओपनिंग करने के बाद अच्छी रफ्तार पकड़ी है और देखते ही देखते बॉक्स ऑफिस पर 26वें दिन तक ₹63.82 करोड़ का आंकड़ा अपने नाम कर लिया है। फिल्म की अच्छी कहानी को ज़बरदस्त वर्ड-ऑफ़-माउथ का फायदा मिला है, जिसकी वजह से लोगों की फिल्म देखने को लेकर दिलचस्पी बढ़ते हुए देखने मिल रही है।
बाबा के देश से लेकर विदेश में तक भक्त हैं। भक्तों की बात करें तो इसमें दुनिया के कुछ सबसे प्रभावशाली हस्तियों का नाम शामिल है, जैसे कि स्टीव जॉब्स, मार्क ज़करबर्ग और जूलिया रॉबर्ट्स। वहीं, भारत में भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा भी कैंची धाम बाबा का आशीर्वाद लेने आ चुके हैं।
साल 1974 में स्टीव जॉब्स ने महाराज-जी को ढूंढने के लिए भारत का रुख किया था। इसके बाद स्टीव जॉब्स की बात मानते हुए एक कठिन समय में मार्क ज़करबर्ग ने भी कैंची धाम की यात्रा की थी। इसके अलावा जूलिया रॉबर्ट्स ने भी अपनी आध्यात्मिक यात्रा के बारे में खुलकर बात करते हुए नीम करोली बाबा के नाम और उनके प्रभाव का जिक्र किया था।
होम्बले फिल्म्स हनुमान अंश फिल्म की कहानी को न सिर्फ ग्लोबल मार्केट में ला रहा है बल्कि एक ऐसे संत की कहानी को विदेशों में पहुंचाने का काम करने जा रहा है जिसका असर सरहदों से भी आगे था। कहना होगा कि यह फिल्म सभी के लिए एक अलग अनुभव होने वाली है और इसके साथ और भी दुनिया भर के दर्शक भक्त के रूप में जुड़ने वाले हैं। इस भक्तिमय फिल्म के साथ कैंची धाम से लेकर दुनिया भर के दर्शकों तक, महाराज जी की कहानी अब देश से लेकर विदेश तक के दर्शकों तक पहुंचने के लिए तैयार है।
क्विक फोरेंसिक सॉल्यूशंस के IPO में पैसा लगाने वालों की चांदी हो गई है। 3 सितंबर को कंपनी के शेयर BSE SME पर 66.66 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़त के साथ 150 रुपये पर लिस्ट हुए। तुरंत ही शेयर ने 5 प्रतिशत का उछाल देखा और 157.50 रुपये पर अपर सर्किट लग गया। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 90 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का 50.77 करोड़ का पब्लिक इश्यू 289 गुना भरा था।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 224.32 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 318.53 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 313.18 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 14.43 करोड़ रुपये जुटाए थे।
क्विक फोरेंसिक सॉल्यूशंस पूरे भारत में फोरेंसिक साइंस, सबूतों के मैनेजमेंट, साइबर और डिजिटल फोरेंसिक्स, DNA फोरेंसिक्स और लॉ इनफोर्समेंट सॉल्यूशंस मुहैया कराने का काम करती है। कंपनी फोरेंसिक प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के एक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो की पेशकश करती है। इनमें फिंगरप्रिंट और फिजिकल एविडेंस किट, एविडेंस कलेक्शन किट्स, मोबाइल क्राइम सीन इनवेस्टिगेशन व्हीकल्स, डिजिटल फोरेंसिक टूलस, DNA फोरेंसिक सॉल्यूशंस, हैंडहेल्ड फोरेंसिक डिवाइसेज और फोरेंसिक उपकरणों को किराए पर देने जैसी सर्विसेज शामिल हैं। यह प्रोडक्ट का डेमो, ऑपरेटिंग ट्रेनिंग, इंस्टॉलेशन और डिलीवरी के बाद टेक्निकल सपोर्ट भी देती है।
Lumino Industries IPO Listing: EPC कंपनी की धांसू शुरुआत, 34% तक बढ़त में लिस्ट
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Janmashtami Krishna photo Vastu: हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का पर्व विशेष उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान विष्णु ने देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। भगवान विष्णु के सभी अवतारों में श्रीकृष्ण अवतार सर्वाधिक प्रिय माना जाता है। भगवान कृष्ण के भक्त भारत ही नहीं दुनिया के कोने-कोने में हैं। इतना ही नहीं, कान्हा के मंदिर भी दुनिया के कई देशों में हैं।
हमारे देश में श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिरों से लेकर घरों में तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रौनक रहती है। लोग उपवास करते हैं, घरों में कृष्ण जन्म और बाल कृष्ण की लीलाओं की झांकियां सजाते हैं। घरों को रोशनी और भगवान कृष्ण की तस्वीरों से सुशोभित करते हैं। माना जाता है कि जन्माष्टमी के मौर पर भगवान कृष्ण की तस्वीर घर में लगाने से सकारात्मकता बढ़ती है, समृद्धि आती है और दरिद्रता दूर होती है। लेकिन भगवान कृष्ण की तस्वीर को सही दिशा में लगाना भी बहुत जरूरी है, अन्यथा यह कंगाली का कारण भी बन सकती है। इसलिए तस्वीर घर में लाने पहले, वास्तु अनुसार उसे लगाने के नियम जानना जरूरी होता है।
कैसी तस्वीर लगानी चाहिए?
वैवाहिक जीवन में खुशहाली के लिए- धार्मिक मान्यता के अनुसार, घर में राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाने से वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है और पति-पत्नी का रिश्ता मजबूत होता है।
संतान प्राप्ति के लिए- अगर आप संतान की प्राप्ति चाहते हैं, तो जन्माष्टमी के दिन घर में बाल गोपाल की तस्वीर लगाएं।
धन-धान्य में वृद्धि के लिए- समृद्धि के लिए भगवान श्रीकृष्ण की गायों के साथ वाली तस्वीर लगाएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसी तस्वीर लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिसका शुभ प्रभाव परिवार के सदस्यों पर पड़ता है।
सुख-शांति के लिए- जो लोग घर में सुख, शांति और सकारात्मक संचार चाहते हैं, तो वे लोग घर में श्रीकृष्ण की मुस्कुराती हुई तस्वीर लगाएं। मान्यता है कि प्रभु के इस स्वरूप की तस्वीर लगाने से व्यक्ति को शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।
तस्वीर लगाने की सही और शुभ दिशा
वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर लगाने के लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा को सबसे सर्वोत्तम माना गया है, क्योंकि इस दिशा में ईश्वर और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इसके अलावा पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार भी तस्वीर लगाने के लिए उपयुक्त रहती है। तस्वीर को दीवार पर इतनी ऊंचाई पर लगाएं कि वह देखने वाले की आंखों की सीध में रहे, इसे बहुत ज्यादा ऊपर या बिल्कुल नीचे फर्श के पास न टांगें।
बेडरूम में राधा-कृष्ण की तस्वीर का नियम
बेडरूम में राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाने के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा की दीवार सबसे बेहतर होती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि तस्वीर बिल्कुल बिस्तर के सिरहाने या पैरों की तरफ न लगी हो। साथ ही, दर्पण के ठीक सामने तस्वीर लगाने से बचना चाहिए।
इस दिशा में भूलकर भी न लगाएं तस्वीर
वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना गया है। इसलिए इस दिशा में भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है।
यहां भी श्रीकृष्ण की तस्वीर लागने से बचें
इसके अलावा, शौचालय, रसोई के ठीक ऊपर या बहुत निचले स्थानों पर भी ईश्वर का चित्र न लगाएं।
भारतीय बाजारों ने तीन दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया है। सुबह 10 बजे, सेंसेक्स 295.68 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 76,866.03 पर और निफ्टी 86.50 अंक या 0.36 प्रतिशत बढ़कर 24,000.95 पर दिख रहा था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में अडानी पोर्ट्स,पावर ग्रिड कॉर्प, एक्सिस बैंक, HDFC बैंक और SBI शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा,नेस्ले,बजाज ऑटो,इंफोसिस और सिप्ला शामिल हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT इंडेक्स 1% नीचे दिख रहा। जबकि बैंक,रियल्टी और मेटल इंडेक्स में 1-1% की बढ़त है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स सपाट कारोबार कर रहा है,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.7% ऊपर है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि US बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी के कारण आज मार्केट का मूड बेहतर रहने की उम्मीद है। रुपये के नज़रिए से एक बड़ी अच्छी बात यह है कि कंसेशनल स्वैप सुविधा के तहत 136 अरब डॉलर की भारी रकम जुटाई गई है। FCNR(B) स्कीम के तहत जुटाए गए 127 अरब डॉलर की रकम अनुमान से कहीं ज़्यादा है। मार्केट के नज़रिए से इसका मतलब यह है कि रुपया स्थिर होगा,जिससे FIIs का भरोसा बढ़ेगा। ग्रोथ और कमाई की बेहतर संभावनाओं के कारण, US बॉन्ड यील्ड ज़्यादा होने के बावजूद FIIs के भारत में खरीदारी जारी रखने की उम्मीद है। साथ ही,बैंकों द्वारा भारी मात्रा में FCNR(B) फंड जुटाने से उनके NIMs को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह बैंकिंग स्टॉक्स के लिए अच्छी बात है।
कल बाज़ार में आई गिरावट की एक दिलचस्प बात यह है कि निफ़्टी में 141 अंकों की गिरावट के बावजूद इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने ₹9,500 करोड़ की खरीदारी की। इसमें FII की खरीदारी ₹6,688 करोड़ और DII की खरीदारी ₹2,812 करोड़ रही। साफ है कि ज़्यादातर बिकवाली रिटेल इन्वेस्टर्स,प्रोप्राइटरी ट्रेडर्स और ‘बेयर्स'(बाज़ार गिरने की उम्मीद करने वालों) की तरफ से हुई,जिन्होंने बाज़ार की कमज़ोरी का फ़ायदा उठाकर शेयरों की कीमतों को नीचे गिराया। आज इसमें बदलाव की संभावना है।
चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि वॉल स्ट्रीट के बढ़त के साथ बंद होने से ग्लोबल संकेत बेहतर हुए हैं। वहीं एशियाई बाज़ारों में राहत की रैली देखी जा रही है और US ट्रेज़री यील्ड में कमी आई है। हालांकि, US-ईरान के बीच तनाव और $95 के आस-पास कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय बाजारों के लिए बड़ जोखिम बनी हुई हैं।
निफ्टी पर रणनीति
सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 23951-24013 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24078-24121/24173 पर है। इसके लिए पहला बेस 23781-23841 पर और बड़ा बेस 23733-23767 पर है।
बैंक निफ्टी पर रणनीति
वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस- 57281-57341 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 57640-57780/57910 पर है। इसके लिए पहला बेस 56830-57010 पर और बड़ा बेस 56530-56680 पर है।
चकाचक चार्ट वाले शेयर
चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनकी अदाणी पोर्ट्स फ्यूचर्स में 1675 रुपए के आसपास, 1658 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 1715 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। मुथूट फाइनेंस फ्यूचर्स में भी इनकी 2941 रुपए के ऊपर, 2941 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ,3003 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

1. चंडीगढ़, पंजाब-हरियाणा
वीकेंड में कम समय में घूमने के लिए चंडीगढ़ एक अच्छा ऑप्शन है। दिल्ली से चंडीगढ़ की वीकेंड ट्रिप के लिए 22447 वंदे भारत एक्सप्रेस सुविधाजनक ऑप्शन है। ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 5:50 बजे चलकर करीब 2 घंटे 48 मिनट में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन (CDG) सुबह 8:38 बजे पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹855 और Executive Chair Car का करीब ₹1,585 है। एक दिन की ट्रिप में सुबह रॉक गार्डन और रोज गार्डन घूमने के बाद सुखना झील घूम सकते हैं। शाम को झील के आसपास समय बिताने के बाद सेक्टर-17 मार्केट में शॉपिंग और लोकल फूड का आनंद लिया जा सकता है। अगर 2 दिन का समय है, तो दूसरे दिन कैपिटल कॉम्प्लेक्स और शहर के आसपास की जगहें देख सकते हैं।
2. देहरादून, उत्तराखंड
पहाड़ों और हरियाली के बीच छोटा-सा ब्रेक लेना चाहते हैं तो देहरादून का प्लान बनाया जा सकता है। देहरादून जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस 22457 दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) से शाम 5:50 बजे चलती है और करीब 4 घंटे 45 मिनट में रात 10:35 बजे देहरादून (DDN) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,075 और Executive Chair Car का करीब ₹1,900 है। शहर में एक दिन हो तो रॉबर्स केव, सहस्त्रधारा और फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट आसानी से घूमे जा सकते हैं। शाम को किसी लोकल कैफे में बैठकर देहरादून का माहौल एंजॉय करें। दो दिन मिल रहे हों तो अगले दिन मसूरी की ओर निकलना बेहतर रहेगा।
3. अजमेर, राजस्थान
अगर वीकेंड पर धार्मिक स्थलों के साथ राजस्थान की संस्कृति देखना चाहते हैं, तो अजमेर को चुन सकते हैं। दिल्ली से अजमेर जाने के लिए वंदे भारत का रूट जयपुर होते हुए अजमेर तक जाता है। इस यात्रा में करीब 5 घंटे 15 मिनट लगते हैं और AC Chair Car का किराया लगभग ₹1,150 से शुरू होने की जानकारी अवेलेबल है। स्टेशन पहुंचने के बाद अजमेर शरीफ दरगाह से घूमने की शुरुआत करें और फिर अढ़ाई दिन का झोपड़ा देखा जा सकता है। दिन के दूसरे हिस्से में आना सागर झील के आसपास वक्त बिताएं और शाम को स्थानीय बाजार में राजस्थानी मिठाइयों और खाने का स्वाद लें। दो दिन का प्लान है तो अगले दिन अजमेर से पुष्कर जाकर पुष्कर झील और ब्रह्मा मंदिर घूम सकते हैं।
4. वाराणसी, उत्तर प्रदेश
वाराणसी की यात्रा बाकी जगहों से थोड़ी लंबी है, लेकिन धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव के लिए यह खास डेस्टिनेशन है। वाराणसी के लिए 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 6:00 बजे चलती है और करीब 8 घंटे में दोपहर 2:00 बजे वाराणसी जंक्शन (BSB) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,835 और Executive Chair Car का करीब ₹3,385 है। यहां एक दिन का समय हो तो काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाट को प्राथमिकता दें। शाम होते ही दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देखना न भूलें। पुरानी गलियों में घूमकर बनारसी खान-पान का स्वाद भी लिया जा सकता है।
5. जयपुर, राजस्थान
शाही महलों, किलों और बाजारों से भरी जयपुर की यात्रा दिल्ली से वीकेंड पर आसानी से की जा सकती है। जयपुर के लिए दिल्ली से वंदे भारत की ट्रिप करीब 3 घंटे 37 मिनट से 3 घंटे 50 मिनट में पूरी हो सकती है। मौजूदा शेड्यूल में एक वंदे भारत दिल्ली कैंट (DEC) से दोपहर 3:10 बजे चलकर शाम 7:00 बजे जयपुर जंक्शन (JP) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹835 और Executive Chair Car का करीब ₹1,610 है। दूसरी वंदे भारत दिल्ली कैंट से शाम 6:28 बजे चलकर रात 10:05 बजे जयपुर पहुंचती है। एक दिन में आमेर किला, सिटी पैलेस, हवा महल और जंतर-मंतर को कवर किया जा सकता है। घूमने के बाद शाम का समय जौहरी बाजार या बापू बाजार में शॉपिंग के लिए रखें और दाल बाटी चूरमा, प्याज कचौरी जैसे स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लें।

