न कॉलेज डिग्री, न अंग्रेजी! अरबपति बिजनेसमैन कैसे बने वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल?

वेदांता ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल देश के जाने-माने बिजनेसमैन हैं।  पटना से शुरू हुआ उनका सफर एक बड़ी ग्लोबल नेचुरल रिसोर्स कंपनी के प्रमुख बनने तक पहुंचा। उनका जीवन एक कारोबारी के रूप में मेहनत और मजबूत इरादे की मिसाल माना जाता है। खास बात यह है कि अनिल अग्रवाल ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं की थी।

‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ के मुताबिक, अनिल अग्रवाल ने बिहार की राजधानी पटना के मिलर हाई स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने किसी विश्वविद्यालय में पढ़ाई नहीं की और उनके पास कॉलेज की डिग्री भी नहीं है। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी या आगे की पढ़ाई करने के बजाय अपने पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल के कारोबार में शामिल होने का फैसला किया। उनके पिता एल्युमीनियम के कंडक्टर बनाने का काम करते थे। यहीं से अनिल अग्रवाल के कारोबारी सफर की शुरुआत हुई। आगे चलकर उन्होंने अपने कारोबार को बड़ा किया और वेदांता समूह को एक बड़ी कंपनी के रूप में स्थापित किया।

19 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे अनिल अग्रवाल

बिजनेस के नए मौके तलाशने के लिए अनिल अग्रवाल ने 19 साल की उम्र में पटना छोड़कर मुंबई जाने का फैसला किया। वेदांता की ओर से उनके सफर के बारे में दी गई जानकारी के मुताबिक, जब वह मुंबई पहुंचे, तब उनके पास साधन सीमित थे। हालांकि, एक सफल कारोबारी बनने का उनका इरादा मजबूत था। मुंबई पहुंचने के बाद शुरुआती दौर में उन्होंने कई तरह के कारोबार में हाथ आजमाया। कई कोशिशों के बाद आखिरकार उन्हें धातु और खनन के क्षेत्र में सफलता मिली।

साल 1976 में अनिल अग्रवाल ने उस कारोबार की नींव रखनी शुरू की, जो आगे चलकर वेदांता समूह बना। समय के साथ उनका कारोबार लगातार बढ़ता गया और एल्युमीनियम, जिंक, कॉपर, लौह अयस्क, तेल और गैस समेत कई नेचुरल रिसोर्स के क्षेत्रों तक फैल गया। इस तरह पटना से शुरू हुआ अनिल अग्रवाल का सफर धीरे-धीरे एक बड़े कारोबारी समूह के निर्माण तक पहुंच गया।

2003 में बदली कारोबार की तस्वीर

अनिल अग्रवाल के कारोबारी सफर में साल 2003 एक बड़ा पड़ाव साबित हुआ। इसी साल वेदांता रिसोर्सेज लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुई। यह लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी। इस लिस्टिंग के बाद अनिल अग्रवाल के कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिली। कॉलेज की डिग्री न होने के बावजूद अनिल अग्रवाल ने अपने व्यावहारिक अनुभव, जोखिम लेने की हिम्मत और कारोबार की समझ के दम पर एक बड़ा कारोबारी समूह खड़ा किया। पटना में स्कूल की पढ़ाई पूरी करने से लेकर वेदांता समूह का नेतृत्व करने तक का उनका सफर बताता है कि किसी कारोबारी की सफलता में सिर्फ डिग्री ही नहीं, बल्कि अनुभव, मेहनत और मजबूत इरादा भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनकी कहानी यह भी दिखाती है कि सीमित साधनों के बावजूद सही मौके पहचानकर और लगातार कोशिश करते हुए एक बड़ा कारोबार खड़ा किया जा सकता है।

Gold Outlook: सोने में अगली तेजी में Gen Z का होगा बड़ा हाथ, जानिए WGC की रिपोर्ट क्या कहती है

Gold Outlook: गोल्ड के साथ रिश्ता बदल रहा है। इसमें जेनजी का बड़ा हाथ है। इस बारे में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की नई रिपोर्ट में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि इंडिया में गोल्ड में अगली बड़ी तेजी में सिर्फ ज्वेलरी की खरीदारी नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी, डिजिटल फाइनेंस और न्यू-एज इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स का हाथ होगा।

गोल्ड में निवेश के तरीके में आ रहा है बदलाव

WGC की स्वर्णिम उड़ान 20247 में कई दिलचस्प बातें बताई गई हैं। यह रिपोर्ट तब आई है, जब सोने की कीमतों में पिछले कुछ सालों में बड़ी तेजी से लोगों की खरीदारी की आदत में बदलाव आ रहा है। हालांकि, अब भी भारत में लोग ज्वेलरी पर काफी पैसे खर्च कर रहे हैं।

भारत में लोगों के पास 31000 टन सोना

इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लोगों के पास 31,000 टन सोना है। इसकी कीमत करीब 315 लाख करोड़ रुपये (3.4 ट्रिलियन डॉलर) है। इसमें से ज्यादातर सोना घरों में बेकार पड़ा है। इस वजह से भारत में यह सबसे ज्यादा अंडरयूटिलाइज्ड एसेट है। हालांकि, इसके पीछे सोने को लेकर लोगों की पारंपरिक सोच है।

Gen Z गोल्ड को अलग नजरिए से देख रहे

WGC के मुताबिक, 1997 से 2012 के बीच जन्म लेने वाले लोग सोने को सिर्फ विरासत में मिले एसेट के रूप में नहीं देखते हैं। उनका जोर सोने की लिक्विडिटी और डिजिटल एक्सेस जैसी चीजों पर भी है। यही वजह है कि सिर्फ फिजिकल ज्वेलरी के बजाय वे डिजिटल गोल्ड और टेक्नोलॉजी आधारित इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

ज्वेलर्स युवा खरीदारों को अट्रैक्ट करने के तरीके तलाश रहे

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि युवा इनवेस्टर्स गोल्ड में निवेश करने से पहले ऑनलाइन रिसर्च करते हैं। इस वजह से ज्वेलर्स इन नए कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने के तरीके तलाश रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 2035 तक जेनजी की कंज्यूमर स्पेंडिंग करीब 2 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच सकती है। इसका असर भविष्य में इंडिया के गोल्ड मार्केट पर दिखेगा।

फाइनेंशियल ईकोसिस्टम का हिस्सा बना रहा गोल्ड

डब्ल्यूजीसी के मुताबिक, इंडिया में गोल्ड की डिमांड अब सिर्फ ज्वेलरी तक सीमित रहने वाली नहीं है। गोल्ड अब फाइनेंशियल ईकोसिस्टम का हिस्सा बन रहा है। इसमें गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम, रिसाइक्लिंग नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स, डिजिटल गोल्ड और बुलियन बैंकिंग का बड़ा हाथ हो सकता है। इस इंटिग्रेशन से घरों में पड़ा सोना भी इकोनॉमी का हिस्सा बन सकता है।

कल का मौसम 9 अगस्त: आसमान से आफत की बारिश! दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में IMD ने दी चेतावनी

देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग के 8 अगस्त शाम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अगस्त को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। खास तौर पर छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR में बारिश का दौर रहेगा जारी

दिल्ली और आसपास के इलाकों में 9 अगस्त को भी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। पिछले 24 घंटे में भी दिल्ली और हरियाणा के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण दिल्ली के कुछ इलाकों में 16 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई, जबकि रोहतक, झज्जर,फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश हुई।

उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश

9 अगस्त को उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों के लिए खास चेतावनी जारी की है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क पर मलबा आने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी स्थिति बन सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भी बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश का दौर रह सकता है। आगे 10 और 11 अगस्त को भी कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट

मध्य प्रदेश में 9 अगस्त को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 9 अगस्त को भी राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ में 8-9 अगस्त के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रहने का अनुमान है। इसके कारण निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश

बिहार में 9 अगस्त को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ओडिशा में 9 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि राज्य में 8 अगस्त को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।

दक्षिण भारत में भी तेज बारिश के आसार

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्री इलाकों में भी तेज हवाओं के कारण स्थिति खराब हो सकती है।

बारिश के दौरान सावधानी जरूरी

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज बारिश के कारण जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति, भूस्खलन और सड़क व रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। तेज हवाओं से पेड़ और कमजोर ढांचे भी नुकसान की चपेट में आ सकते हैं। लोगों को मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित जगह जाने और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पानी और बिजली से जुड़ी चीजों से दूर रहना बेहतर होगा।

हैमस्ट्रिंग चोट के कारण The Hundred से बाहर हुई जेमिमाह रॉड्रिग्स

Jemima Rodrigues

भारतीय बल्लेबाज़ जेमिमाह रॉड्रिग्स हैमस्ट्रिंग चोट के कारण द हंड्रेड से बाहर हो गई हैं।सदर्न ब्रेव ने उन्हें लगभग 76 लाख रूपए में अपनी टीम में अनुबंधित किया था और वह इस सीज़न में टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक रही हैं। जेमिमाह ने छह पारियों में 143 रन बनाए हैं, जिसकी बदौलत ब्रेव महिला प्रतियोगिता में 20 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर मौजूद ट्रेंट रॉकेट्स की बराबरी पर है। बेहतर नेट रन रेट के कारण रॉकेट्स पहले स्थान पर हैं। 25 वर्षीय जेमिमाह को इस दौरान दो बार प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार भी मिला।

उनका बाहर होना ब्रेव के लिए बड़ा झटका है। जेमिमाह इस टूर्नामेंट की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में से एक हैं। ब्रेव के पास सीधे फ़ाइनल में जगह बनाने के लिए अभी दो मैच बाक़ी हैं। उन्हें अपने आख़िरी लीग मुकाबले मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और ट्रेंट रॉकेट्स के ख़िलाफ़ खेलने हैं।

यह भारत के लिए भी चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि इस महीने के अंत में UAE में महिला एशिया कप शुरू होना है। जेमिमाह की हैमस्ट्रिंग चोट कितनी गंभीर है, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। संभव है कि उनके चोट को बढ़ने से रोकने के लिए यह एहतियाती फ़ैसला लिया गया हो। भारत का अभियान 30 अगस्त को दुबई में थाईलैंड के ख़िलाफ़ मैच से शुरू होगा, जो अब 22 दिन दूर है।

ब्रेव ने जेमिमाह की जगह ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर चार्ली नॉट को टीम में शामिल किया है। नॉट इससे पहले 2024 संस्करण में भी ब्रेव के लिए खेल चुकी हैं। इंग्लैंड में इस T20 सीज़न में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने द ब्लेज़ के लिए वाइटैलिटी ब्लास्ट विजेता अभियान में 404 रन बनाए और 27 विकेट लिए, जो टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा थे।

Delhi-NCR Heavy Rain: दिल्ली-NCR के लिए अगले 24 घंटे भारी! होगी भारी बारिश… IMD ने जारी किया अलर्ट

Delhi-NCR Weather: दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत के कई राज्यों में पिछले कुछ दिन से बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार, 7 अगस्त को दिल्ली और आसपास के इलाकों में हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। कई सड़कों पर पानी भर गया और ट्रैफिक धीमा हो गया। इसके चलते लोगों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा। दिल्ली-NCR में शनिवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। वहीं दिल्ली के लोगों को बारिश से अभी कोई राहत नहीं मिलने वाली है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

10 अगस्त तक होगी तेज बारिश

मौसम विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए 9 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। ऐसे में रविवार को भी राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। लेकिन, 10 अगस्त के बाद दिल्ली के लिए भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी नहीं है, जिससे माना जा रहा है कि सोमवार से बारिश का असर कुछ कम हो सकता है। 10 अगस्त से दिल्ली में बारिश की रफ्तार कम होने की संभावना है।

24 घंटों तक हुई बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 10 अगस्त तक दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और दोपहर या शाम के समय कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। 14 अगस्त तक रुक-रुककर हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, लेकिन 9 अगस्त के बाद भारी बारिश का अलर्ट नहीं रहेगा। राजधानी में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में सफदरजंग में 98.7 मिमी बारिश हुई। वहीं, पालम में 104.6 मिमी और आया नगर में 115 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

लोगों को सावधान रहने को कहा गया

रविवार के बाद दिल्ली में बारिश का असर कम होने की उम्मीद है। बारिश के दौरान दिल्ली में लोगों को सफर करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने बताया है कि तेज बारिश से ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है और सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति जांचने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।

IPL 2027 में नहीं भाग लेंगे प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी, कोच ने दिए संकेत

ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया है कि अगले साल IPL 2027 में टीम के टेस्ट खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं, क्योंकि शेड्यूल बहुत व्यस्त है और एशेज़ से पहले तेज़ गेंदबाजों का मैनेजमेंट खास तौर पर अहम है।

ऑस्ट्रेलिया गुरुवार को डार्विन और मैके में बांग्लादेश के खिलाफ़ मैच के साथ 12 महीनों में 20 टेस्ट और 14 व्हाइट-बॉल गेम का सिलसिला शुरू करेगा। इस दौरान ज़िम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका में छह वनडे, दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट, घर पर इंग्लैंड के खिलाफ़ आठ व्हाइट-बॉल गेम, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ चार घरेलू टेस्ट, भारत का पांच-टेस्ट का दौरा, मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ़ 150वीं वर्षगांठ का एक घरेलू टेस्ट और फिर जून और जुलाई में इंग्लैंड का पांच-टेस्ट का दौरा शामिल है।

इस लिस्ट में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी जुड़ सकता है। इसके बाद अगस्त के आखिर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज़ होने की संभावना है, जिसके बाद अक्टूबर और नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप होगा।

ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा पहली पसंद के टेस्ट और वनडे खिलाड़ियों में से पांच – पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हेज़लवुड, कैमरन ग्रीन और ट्रैविस हेड – आईपीएल लिस्ट में हैं, लेकिन रिटेंशन की समय-सीमा और इस साल के आखिर में होने वाली नीलामी के बाद यह बदल सकता है। वनडे विकेटकीपर और टेस्ट बैक-अप जोश इंग्लिस भी लखनऊ की मौजूदा टीम का हिस्सा हैं।

मैकडोनाल्ड ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट से कहा, “मुझे पता है कि लोग आईपीएल और उस समय का इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस बारे में बात करेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि आईपीएल हमारे कई खिलाड़ियों के लिए हमारे मैनेजमेंट प्लान का हिस्सा है। टी20 क्रिकेट के लिहाज़ से सबसे अच्छे कॉम्पिटिशन में अपने सबसे अच्छे खिलाड़ियों को खेलने का मौका देने से उनके परफॉर्मेंस में भी फ़ायदा होता है। बस आपको इसमें बैलेंस बनाना होता है।”

उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव

भारत और ऑस्ट्रेलिया में आईपीएल के लिए उन खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव रहा है। पिछले सीज़न में दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद तब निराश हुए थे जब स्टार्क, हेज़लवुड और कमिंस टूर्नामेंट में देर से पहुंचे थे, क्योंकि वे सीए की देखरेख में चोट की समस्याओं से निपट रहे थे।

ऑस्ट्रेलिया में तब हैरानी हुई थी जब नेशनल सेलेक्टर्स ने इन तीनों और हेड को पाकिस्तान और बांग्लादेश के दो व्हाइट-बॉल टूर से बाहर रखने का फ़ैसला किया, जबकि उन्हें आईपीएल खेलने की इजाज़त दी गई थी, ताकि वे आराम कर सकें और आगे के मुश्किल शेड्यूल के लिए तैयारी कर सकें।

IPL 2027 के दौरान आराम करने की योजना

ऑस्ट्रेलिया के उम्रदराज़ तेज़ गेंदबाज़ों के लिए बिना खेले, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग के लिए शेड्यूल में आठ हफ़्ते का ब्रेक मिलना उनकी फ़िटनेस और 30 के दशक के बीच तक लंबे समय तक सफलता के लिए बहुत ज़रूरी रहा है। 2027 में आईपीएल का समय – जो जून में डब्ल्यूटीसी फ़ाइनल से पहले मार्च के बीच से मई के अंत तक चलने की संभावना है – एकमात्र ऐसा ब्लॉक है जब ऑस्ट्रेलिया के पास अभी से 2027 के अंत तक कोई इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं होगा। आईपीएल ने उन विदेशी खिलाड़ियों के लिए दो साल का बैन लगाया है जो ऑक्शन के दौरान साइन करते हैं और फिर बिना किसी चोट के बाद में हट जाते हैं।

मैकडोनाल्ड ने कहा, “मुझे पता है कि लोग देश बनाम फ्रेंचाइज़ी और ऐसी बातें करते हैं, लेकिन इस समय का अहम हिस्सा यह है कि हम अपने तेज़ गेंदबाज़ों को अपने शरीर को रीसेट करने और सब कुछ ठीक करने का मौका दे रहे हैं, ताकि वे उन 20 या 21 मैचों में अपना बेस्ट दे सकें जिनकी हर कोई बात करता है।”

ऋषभ पंत का एक पोस्ट और सोशल मीडिया पर मचा बवाल! लोगों ने दिया मजेदार रिएक्शन

भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत का उत्तराखंड में जमीन खरीदने को लेकर किया गया सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गया। भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत उत्तराखंड में अपना घर बनाने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जमीन तलाशने में मदद मांगी है। ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होना चाहते हैं और काफी समय से वहां जमीन खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में मदद करने और सही प्रक्रिया बताने की अपील की है।

वहीं पंत का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इस पोस्ट पर तरह-तरह से कमेंट कर रहे हैं। वहीं कुछ का कहना है कि पंत का अकाउंट किसी ने हैक कर लिया है।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

ऋषभ पंत ने अपनी इच्छा जाहिर की है कि वह उत्तराखंड में रहकर अपने राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी से घर बनाने के लिए सही जमीन तलाशने में मदद मांगी है। पंत ने कहा कि उत्तराखंड से उनका खास जुड़ाव है और वह अपनी जन्मभूमि के लिए कुछ करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार उन्हें जमीन गिफ्ट में देती है तो उन्हें खुशी होगी, लेकिन वह सरकार की तय कीमत पर जमीन खरीदने के लिए भी तैयार हैं। पंत ने बताया कि, उन्हें जमीन खरीदने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए वह मुख्यमंत्री से इस मामले में मदद और सही जानकारी चाहते हैं।

लोगों ने किया कमेंट

पंत की इस अपील के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग रिएक्शन देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि, अच्छी कमाई करने वाले एक इंटरनेशनल क्रिकेटर को जमीन गिफ्ट में लेने की बात क्यों करनी चाहिए।

एक यूजर ने पंत की आईपीएल से होने वाली कमाई का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की मांग से लोगों के बीच गलत संदेश जा सकता है। यूजर ने ये भी कहा कि जब आम लोग ऐसे ही फायदे मांगते हैं तो अक्सर उनकी बुराई की जाती है।

पोस्ट पर लोगों ने किया कमेंट

कुछ यूजर्स ने कहा कि, “भारत में जमीन खरीदने और घर बनाने में पेपरवर्क, देरी और दूसरी दिक्कतें आ सकती हैं। उन्हें लगा कि अगर कोई हाई-प्रोफाइल क्रिकेटर प्रोसेस को समझने में स्ट्रगल कर रहा है, तो आम लोगों के लिए यह अनुभव और भी मुश्किल हो सकता है।” पंत के पोस्ट की टाइमिंग भी चर्चा का विषय बन गई। एक यूजर ने मजाक करते हुए कहा कि, जब पंत श्रीलंका में थे और भारत को वहां टेस्ट सीरीज खेलनी है, उसी दौरान उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से जमीन को लेकर मदद मांगी।

कश्मीरी पंडितों को फिर आतंकी धमकी! LeT से जुड़े टेरर ग्रुप ने जारी की हिट लिस्ट, घाटी के बाहर भी हमले की चेतावनी

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक आतंकी संगठन ने कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों को धमकी दी है। सीएनएन-न्यूज18 के मनोज गुप्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन ने एक नया धमकी भरा नोट जारी किया है, जिसमें कुछ कर्मचारियों की निजी जानकारी साझा की गई है। साथ ही, कश्मीर घाटी और जम्मू में उन्हें निशाना बनाकर हमले करने की चेतावनी दी गई है। यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल यानी यूएलसी को भारतीय खुफिया एजेंसियां लश्कर-ए-तैयबा का एक छद्म संगठन मानती हैं। यूएलसी ने कश्मीरी पंडित अधिकारियों की एक कथित ‘हिट लिस्ट’ जारी की है। इसमें छह सरकारी कर्मचारियों के नाम और फोन नंबर शामिल हैं।

यह धमकी खास तौर पर उन कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को दी गई है, जो सरकारी रोजगार योजनाओं के तहत काम कर रहे हैं। संगठन ने यह भी धमकी दी है कि अगर आतंकियों और उनके समर्थकों की संपत्तियों को जब्त या कुर्क किया गया, तो सुरक्षा बलों और प्रशासन के खिलाफ कड़ी जवाबी कार्रवाई की जाएगी।

‘हिट लिस्ट’ में कश्मीरी पंडित कर्मचारी

धमकी भरे नोट में दावा किया गया है कि संगठन सरकारी विभागों पर नजर रख रहा है। इनमें खास तौर पर राजस्व विभाग शामिल है, जहां सरकारी पैकेज के तहत कई कश्मीरी पंडित कर्मचारी तैनात हैं। नोट में छह कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों के नाम और फोन नंबर भी दिए गए हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस तरह निजी जानकारी सार्वजनिक करने का मकसद कर्मचारियों में डर पैदा करना और उन्हें संभावित टारगेट के रूप में पहचानना हो सकता है। हालांकि, सीएनएन-न्यूज18 ने सुरक्षा कारणों से धमकी में शामिल कर्मचारियों के नाम और उनके संपर्क नंबर सार्वजनिक नहीं किए हैं।

घाटी से जम्मू जाने पर भी हमले की धमकी

संगठन ने कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि अगर वे कश्मीर घाटी से जम्मू चले भी जाते हैं, तो वे पूरी तरह सुरक्षित नहीं होंगे। धमकी में कहा गया है कि उन्हें कश्मीर के बाहर भी निशाना बनाया जा सकता है। संगठन ने प्रवासी कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के लिए दी जा रही प्रशासनिक सुविधाओं का भी विरोध किया है। इनमें घर से काम करने और दूर रहकर काम करने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। संगठन ने ऐसी सुविधाएं जारी रखने पर भी धमकी दी है।

एलजी, डीजीपी और केंद्र को खुली चेतावनी

धमकी भरे नोट में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी), पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और दिल्ली में मौजूद अधिकारियों को भी चेतावनी दी गई है। संगठन ने दावा किया है कि भविष्य में होने वाले हमलों के दौरान वह लोगों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं करेगा। नोट के एक अन्य हिस्से में स्थानीय पुलिस को लेकर भी धमकी दी गई है। इसमें दावा किया गया है कि 90 प्रतिशत से ज्यादा स्थानीय पुलिसकर्मी स्थानीय इलाकों में ही रहते और आते-जाते हैं। संगठन ने इसी आधार पर पुलिसकर्मियों पर कहीं भी और कभी भी हमले का खतरा बताया है।

लश्कर ‘शैडो फ्रंट’ के जरिए करता है काम: खुफिया सूत्र

भारत के वरिष्ठ खुफिया सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन कई बार अलग-अलग नामों से बने ‘शैडो फ्रंट’ के जरिए काम करते हैं। इनमें द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (यूएलसी) और पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (पीएएफएफ) जैसे नाम शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन संगठनों का इस्तेमाल खास तौर पर आम लोगों और धार्मिक समुदायों के खिलाफ होने वाले हमलों की जिम्मेदारी लेने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य इन हमलों को पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के बजाय किसी स्थानीय और धर्मनिरपेक्ष प्रतिरोध के रूप में पेश करना हो सकता है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि ऐसे प्रॉक्सी संगठनों के जरिए आतंकी संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली जांच और आतंकवाद के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों से बचने की कोशिश भी करते हैं। इनमें फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की निगरानी और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध शामिल हैं।

कर्मचारियों का डेटा जारी करना सोची-समझी साजिश

खुफिया जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज के तहत भर्ती किए गए कर्मचारियों के नाम, फोन नंबर और उनकी तैनाती की जगहों की जानकारी सार्वजनिक करना एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस जानकारी का इस्तेमाल इन कर्मचारियों को डराने या उन्हें निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी पाया है कि ‘हाइब्रिड आतंकियों’ द्वारा की जाने वाली लक्षित हत्याओं में छोटे और आसानी से छिपाए जा सकने वाले हथियारों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इनमें पिस्तौल और रिवॉल्वर जैसे हथियार शामिल हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, हाइब्रिड आतंकी ऐसे लोग होते हैं जो सामान्य नागरिकों की तरह अपनी नौकरी और रोजमर्रा की जिंदगी जीते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। ऐसे लोगों का इस्तेमाल खास लोगों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।

सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाई गई

सरकारी कर्मचारियों को मिल रही धमकियों और आतंकवादियों की मदद करने वालों की संपत्ति जब्त किए जाने के बाद सामने आई धमकियों को देखते हुए सुरक्षा बलों ने प्रवासी कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ा दी है। उनके रहने की जगहों के आसपास निगरानी भी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां कर्मचारियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सुरक्षित रास्ते तय कर रही हैं। इसके साथ ही, कर्मचारियों की निजी जानकारी ऑनलाइन साझा करने वाले आतंकी गुटों के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान भी तेज किए गए हैं। इन अभियानों का मकसद ऐसे आतंकी नेटवर्क और उनके मददगारों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना है।

India vs Sri Lanka: श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका, जसप्रीत बुमराह के बाद ये खिलाड़ी हुआ बाहर

भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। चोट की वजह से बाएं हाथ के बल्लेबाज बी साई सुदर्शन इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट लगी है और वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं। श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है। बीसीसीआई ने साई सुदर्शन के रिप्लेसमेंट प्लेयर का ऐलान नहीं किया है। वहीं इससे पहले जसप्रीत बुमराह चोट की वजह से श्रीलंका सीरीज से बाहर हो गए हैं।

साई सुदर्शन ने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट की पहली पारी में 81 रन की महत्वपूर्ण पारी भी खेली थी। साई को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम में जगह दी गई थी। लेकिन टीम में उनका शामिल होना पूरी तरह फिट होने और फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर था।

साई नहीं पहुंचे कोलंबो

साई सुदर्शन 4 अगस्त को भारतीय टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथ श्रीलंका रवाना नहीं हुए थे और उनके 8 अगस्त को कोलंबो में टीम से जुड़ने की उम्मीद थी। लेकिन, अब सामने आई जानकारी के मुताबिक चोट के कारण वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। सुदर्शन का बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि वह शानदार फॉर्म में चल रहे थे। हाल ही में जून-जुलाई में इंडिया ए की ओर से श्रीलंका ए के खिलाफ खेले गए दो अनऑफिशियल टेस्ट मैचों में उन्होंने दोनों मुकाबलों की पहली पारी में शतक लगाया था।

ये खिलाड़ी ले सकता है जगह

साई सुदर्शन के बाहर होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड जल्द ही उनके विकल्प के नाम का ऐलान कर सकता है। सुदर्शन की जगह देवदत्त पडिक्कल को पहले टेस्ट में नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका मिल सकता है। भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गाले में खेला जाना है। पडिक्कल भी इस समय अच्छी लय में हैं और उन्होंने कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ खेले जा रहे तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच की पहली पारी में शानदार शतक लगाया है। पडिक्कल ने नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों में 103 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने केएल राहुल और रवींद्र जडेजा के साथ अहम साझेदारियां भी कीं।

ये खिलाड़ी भी लिस्ट में

साई सुदर्शन के बाहर होने के बाद बीसीसीआई उनकी जगह लेने के लिए सरफराज खान, रजत पाटीदार और ऋतुराज गायकवाड़ में से किसी एक को टीम में शामिल कर सकता है। सरफराज भारत के लिए 6 टेस्ट खेल चुके हैं, जबकि पाटीदार 3 टेस्ट मैचों में टीम का हिस्सा रहे हैं। वहीं, ऋतुराज ने 47 फर्स्ट क्लास मैचों में 3,294 रन बनाए हैं। वह भारत के लिए वनडे और टी20 मैच खेल चुके हैं, लेकिन अभी तक टेस्ट डेब्यू नहीं किया है।

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Weather Update: इन 4 इलाकों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का तांडव! IMD ने बताया दिल्ली-राजस्थान से यूपी-बिहार तक कैसा रहेगा मौसम

India Mausam ki Jankari: देशभर में मानसूनी हवाओं और मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों की वजह से बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 8 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस पूरे सप्ताह देश के चार प्रमुख इलाकों पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।

देश में बने कई मौसमी सिस्टम और पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसूनी ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है। दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पछुआ हवाओं के साथ सक्रिय है। पूर्वोत्तर असम पर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

इन मजबूत प्रणालियों के प्रभाव से बीते 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, असम और नागालैंड में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज हुई।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान का मौसम पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां व्यापक रहने वाली हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 8 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि 8 और 9 अगस्त के दौरान इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी राजस्थान में 8 से 13 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, जिसमें 8 और 9 अगस्त तथा 12 व 13 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है। 10 और 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में बेहद भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 अगस्त को तथा 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि 9 और 10 अगस्त को गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश की स्थिति

उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 8 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को व्यापक बारिश की संभावना है, जहां 9 और 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

बिहार के मौसम की बात करें तो 8 से 12 अगस्त के दौरान राज्य में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी। हालांकि 13 और 14 अगस्त को बिहार में अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा होगी। मौसम विभाग ने बिहार में 9 अगस्त और 13 व 14 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके साथ ही 8 से 14 अगस्त के दौरान राज्य में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों और मध्य भारत का हाल

पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 8 से 14 अगस्त तक पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड में 9 और 10 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 8 अगस्त और 11 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली चमकने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 10 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश के आसार हैं।

मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 8 और 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 10 से 14 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होती रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 और 12 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत का मौसम

पूर्वी भारत के ओडिशा, झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 से 14 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। ओडिशा में 8, 9 और 12 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय में 13 और 14 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह भारी बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तटीय इलाकों में भी इस दौरान तेज सतही हवाएं और आंधी-तूफान आने का पूर्वानुमान है।