PNB की करेंसी चेस्ट से निकले 17 करोड़ के जाली नोट, असली नोट गायब कर ऐसे हुआ खेल

PNB की करेंसी चेस्ट से निकले 17 करोड़ के जाली नोट, असली नोट गायब कर ऐसे हुआ खेल

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PNB Fake Note Scam: सहारनपुर के सोफिया मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान 17 करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं। 500-500 रुपये के नए नोटों वाले 340 बंडलों में मिले इन नकली नोटों ने बैंक अधिकारियों से लेकर सुरक्षा और जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। ALSO READ: Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

 

प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से आई नई करेंसी की फोटोकॉपी या प्रिंट निकालकर असली नोटों को चेस्ट से पार कर दिया गया और उनकी जगह इन नकली नोटों को खपा दिया गया।

 

23 मशीनों से हुई नोटों की गिनती और सीरियल नंबर की जांच

बैंक अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए सभी 340 बंडल 500 रुपये के नए नोटों के हैं। इतनी भारी मात्रा में मिले नकली नोटों की सटीकता से जांच और गिनती के लिए कुल 23 मशीनों को लगाया गया था। हर एक नोट को मशीन से गुजारने के साथ उसके सीरियल नंबर की भी बारीकी से पड़ताल की गई है।

बैंक के एक पार्टटाइम हाउसकीपर से जुड़े चोरी के मामले की जांच के दौरान इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसके बाद करेंसी चेस्ट के भीतर रखे नोटों की विस्तृत जांच शुरू की गई। ALSO READ: सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान केस में बड़ा मोड़, बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच की जिम्मेदारी

 

तीन बैंक अधिकारी गिरफ्तार, जल्द खुलेगा राज

इस मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ मंडल प्रबंधक कार्यालय के रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार और जगाधरी के करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि इन आरोपियों से पूछताछ के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि 17 करोड़ रुपये के असली नोट बैंक से कब और कैसे बाहर निकाले गए और उनकी जगह यह नकली खेप किसने और कैसे पहुंचाई।

Salary vs EMI: सैलरी आते ही EMI से खाली हो जाता है अकाउंट? कर्ज के जाल से निकलने के लिए अपनाएं ये 3 आसान स्टेप्स

Debt Management Tips: महीने की पहली तारीख को सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज आता है और कुछ ही घंटों में EMIs कटने के बाद अकाउंट खाली लगने लगता है। अगर आपकी सैलरी का भी एक बड़ा हिस्सा पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड बिल और होम लोन की किश्तों में जा रहा है, तो बचत करना तो दूर, रोजमर्रा के खर्चे संभालना भी चुनौती बन जाता है।

ऐसी स्थिति में अक्सर लोग किसी इमरजेंसी खर्च से निपटने के लिए एक और नया लोन या क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर लेते हैं, जो उन्हें एक गंभीर ‘डेट ट्रैप’ यानी कर्ज के जाल में फंसा देता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी अपने वित्तीय साक्षरता अभियानों में बार-बार आगाह करता है कि पुराना कर्ज चुकाने के लिए नया लोन लेना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आप भी EMI के दबाव से परेशान हैं, तो इन 3 आसान स्टेप्स के जरिए अपनी वित्तीय स्थिति पर दोबारा नियंत्रण पा सकते हैं।

कर्ज के दबाव को कम करने का 3-स्टेप फॉर्मूला

स्टेप 1: जानिए पैसा कहां जा रहा है और महंगे कर्ज पहले खत्म कीजिए

कोई भी रणनीति बनाने से पहले आपको अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति की पूरी तस्वीर साफ देखनी होगी। अपनी हर EMI, क्रेडिट कार्ड का कुल बकाया, यूटिलिटी बिल्स और राशन/किराए जैसे फिक्स्ड खर्चों को एक कागज पर लिखें। क्रेडिट कार्ड बकाया और पर्सनल लोन पर ब्याज दरें बहुत ज्यादा होती हैं, जबकि होम लोन या कार लोन तुलनात्मक रूप से सस्ते होते हैं।

सभी कर्जों को एक साथ भरने के बजाय सबसे महंगे कर्ज (हाई-इंटरेस्ट लोन) को पहले चुकाने का लक्ष्य बनाएं। बाकी कर्जों की सिर्फ मिनिमम EMI देते रहें और जितनी भी एक्स्ट्रा बचत हो, उसे सबसे महंगे लोन को बंद करने में लगाएं।

स्टेप 2: एक छोटा कैश बफर जरूर तैयार करें

जब बजट पहले से टाइट हो, तो महीने के ₹1,000 या ₹2,000 बचाना भी मुश्किल लगता है। लेकिन यही छोटी बचत आपकी ढाल बनती है। अगर अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी या गाड़ी की खराबी आ जाए, तो इमरजेंसी फंड न होने पर आपको दोबारा क्रेडिट कार्ड का सहारा लेना पड़ता है।

रिजर्व बैंक का मानना है कि हर परिवार के पास एक छोटा कैश बफर होना चाहिए ताकि आपात स्थिति में नया कर्ज न लेना पड़े। शुरुआत में ₹5,000 से ₹10,000 का छोटा बफर बनाएं, फिर धीरे-धीरे इसे 3-6 महीने के आवश्यक खर्चों के बराबर ले जाएं।

स्टेप 3: सैलरी इंक्रीमेंट या बोनस का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करें

साल में जब भी सैलरी बढ़े, बोनस मिले या कोई टैक्स रिफंड आए, तो उस पूरे पैसे को नए शौक या लाइफस्टाइल पर खर्च करने की गलती न करें। मिली हुई एक्स्ट्रा राशि का कम से कम 50% से 70% हिस्सा अपने सबसे महंगे लोन के प्रिंसिपल को चुकाने में लगाएं। इससे आपका आने वाला ब्याज काफी घट जाता है।

लोन की प्री-पेमेंट करने से पहले अपने बैंक के नियमों और प्री-पेमेंट चार्जेस की जांच जरूर कर लें। RBI के नियमों के अनुसार बैंकों को लोन की शर्तों में प्री-पेमेंट चार्जेस का पारदर्शी खुलासा करना अनिवार्य है।

पुराने लोन को चुकाने के लिए कभी न लें नया लोन!

कई बार लोग EMI कम करने के लिए लोन कंसोलिडेशन या री-फाइनेंसिंग का सहारा लेते हैं। जब बैंक किसी नए लोन में कम EMI दिखाता है, तो लोग आकर्षित हो जाते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि EMI इसलिए कम दिखती है क्योंकि लोन की अवधि बढ़ा दी जाती है।

लोन की अवधि बढ़ाने से आपकी महीने की किस्त तो छोटी हो सकती है, लेकिन बैंक को जाने वाला कुल ब्याज बहुत बढ़ जाता है। इसके अलावा, देर से भुगतान करने पर आपको न केवल लेट फीस और अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा, बल्कि आपका CIBIL स्कोर भी खराब होगा, जिससे भविष्य में इमरजेंसी लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा।

क्या हो लोन रीपेमेंट की बेस्ट स्ट्रेटजी

कर्ज के जाल से बाहर निकलने का रास्ता किसी जादुई फॉर्मले से नहीं, बल्कि सही वित्तीय अनुशासन से निकलता है। जब धीरे-धीरे आपकी एक-एक EMI खत्म होगी, तो उससे बचने वाला पैसा ही आपकी भविष्य की बचत और निवेश की नींव बनेगा। पहला लक्ष्य स्थिति को बिगड़ने से रोकना है, और दूसरा लक्ष्य हर एक्स्ट्रा रुपये को किसी नए कर्ज में फंसाने के बजाय उससे निकलने का जरिया बनाना है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Janmashtami Bank Holiday: 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर बैंक बंद रहेंगे या खुलेंगे? देखिए RBI की पूरी बैंक हॉलिडे लिस्ट

Janmashtami Bank Holiday 2026: देशभर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल 4 सितंबर, शुक्रवार को जन्माष्टमी के पावन अवसर पर देश के कई राज्यों में बैंकों की छुट्टी रहने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की गई आधिकारिक बैंक हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, कई सर्किलों में सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के बैंकों की शाखाओं में कामकाज नहीं होगा।

अगर आपको इस हफ्ते बैंक जाकर चेक क्लियरिंग, कैश डिपॉजिट या अन्य जरूरी काम निपटाने हैं, तो अपने शहर की हॉलिडे लिस्ट चेक करके ही घर से निकलें।

4 सितंबर को किन-किन राज्यों में बंद रहेंगे बैंक?

RBI की ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ के तहत 4 सितंबर को देश के प्रमुख शहरों और सर्किलों में बैंक बंद रहेंगे:

  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, देहरादून और नोएडा।
  • राजस्थान और मध्य प्रदेश: जयपुर, भोपाल और इंदौर।
  • गुजरात और महाराष्ट्र: अहमदाबाद और मुंबई (कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मान्यताओं के अनुसार)।
  • पूर्वी भारत: कोलकाता, पटना, गंगटोक और रांची।
  • दक्षिण भारत: चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु (चुनिंदा सर्किल)।

(नोट: जिन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में जन्माष्टमी का आधिकारिक अवकाश अधिसूचित नहीं है, वहां बैंक शाखाएं अपने सामान्य समय के अनुसार खुली रहेंगी।)

सितंबर 2026: बैंकों की छुट्टियों का कैलेंडर

4 सितंबर, शुक्रवार: श्री कृष्ण जन्माष्टमी- उत्तर प्रदेश, राजस्थान, एमपी, दिल्ली NCR आदि

12 सितंबर, शनिवार: दूसरा शनिवार- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

13 सितंबर, रविवार: साप्ताहिक अवकाश- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

26 सितंबर, शनिवार: चौथा शनिवार- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को वित्तीय लेनदेन में कोई परेशानी नहीं होगी। आप घर बैठे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। Google Pay, PhonePe, Paytm और भीम ऐप से पैसों का लेनदेन 24 घंटे चालू रहेगा। कैश निकालने और जमा करने के लिए एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी। NEFT और RTGS के जरिए ऑनलाइन फंड ट्रांसफर आसानी से किया जा सकेगा।

Market Trend : बैंक, NBFCs, ऑटो और रियल एस्टेट पर दबाव बने रहने की उम्मीद, चुनिंदा IT शेयर कर सकते हैं आउटपरफॉर्म

Market Trend : US-ईरान टेंशन,कच्चे तेल में उछाल और बढ़ती बॉन्ड यील्ड से बाजार डर गया है। निफ्टी करीब दो सौ प्वाइंट टूटकर 23850 के नीचे है। मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का ज्यादा प्रेशर है। हालांकि बैंक निफ्टी की रिकवरी की कोशिश हो रही है। इधर क्रूड 96 डॉलर के ऊपर है तो इंडिया VIX 4 परसेंट उछला है। आज ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आई है। ऑटो इंडेक्स 2 परसेंट से ज्यादा नीचे आया है। आयशर, बजाज ऑटो निफ्टी के टॉप लूजर हैं। वहीं रियल्टी, IT, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और डिफेंस में भी कमजोरी है। लेकिन चुनिंदा PSU बैंकों में खरीदारी दिख रही है।

बाजार: आज कहां हो नजर

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज रेट सेंसिटिव सेक्टर्स पर काफी दबाव हो सकता है। बैंक, NBFCs, ऑटो और रियल एस्टेट पर दबाव दिख सकता है। सबसे ज्यादा दबाव गोल्ड फाइनेंस शेयरों पर रह सकता है। पिछले 2-3 दिनों से आवाज़ पर मणप्पुरम, मुथूट फाइनेंस पर निगेटिव नजरिया रहा है। हालांकि निवेशकों के लिए खरीदारी के मौके भी हैं। हिंद जिंक और बाकी मेटल शेयरों में भी काफी दबाव दिख सकता है। श्रीराम फाइनेंस, चोला फाइनेंस जैसे ऑटो फाइनेंस शेयर भी गिर सकते हैं। रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस शेयरों में भी दबाव संभव है।

चुनिंदा IT शेयर आज Outperform कर सकते हैं। कल IT शेयरों ने अच्छी रिकवरी दिखाई है। डॉलर और कच्चे तेल का ऊपर आना और कोस्पी का नीचे आना IT के लिए एल्गो पॉजिटिव है। आखिर में, India VIX अपनी Complacency से बाहर आ रहा है। गिरते बाजार में VIX का ना बढ़ना ठीक संकेत नहीं था।

FIIs लगातार शॉर्टिंग कर रहे हैं और उनका ट्रैक रिकॉर्ड बढ़िया है। इस तरह की शॉर्टिंग वो आमतौर पर 500-1000 अंकों के लिए करते हैं। 24,600 से हम पहले ही 24,000 तक आ चुके हैं। 23,950 नहीं बचा तो 23,600-23,800 भी संभव है। 24,200 के ऊपर निकले तभी कोई शॉर्ट कवरिंग संभव है।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट 23,950-24,000 पर है। इसके नीचे फिसले तो अगला बड़ा सपोर्ट सिर्फ 23,800 पर होगा। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,100-24,150 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,200-24,250 पर है। 24,000-24,050 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। सख्त SL 24,100 पर रखें। खरीदारी तभी करें जब 23,900-23,950 को बचाए,सख्त SL 23,875 पर होना चाहिए।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि बैंक निफ्टी कल ठीक 200 DMA पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में अब तक 57,000-58,000 की रेंज रही है। आज 57,000 टूटने का रिस्क रहेगा। 57,400-57,500 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें,SL 57,600 पर रखें। खरीदारी तभी करें जब बैंक निफ्टी 57,900-58,000 को बचाए, SL 57,800 पर सेट करें।

 

Trading Picks : इंडेक्स में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Picks : इंडेक्स में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Trading Picks : बाजार पर बात करते हुए चॉइस ब्रोकिंग में VP टेक्निकल रिसर्च, सचिन गुप्ता का कहना है कि निफ्टी कल क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान 24,000 के स्तर से ऊपर आ गया, लेकिन 1 सितंबर को थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे निकट भविष्य के लिए बाजार का रुख सतर्क और कंसोलिडेशन वाला बना हुआ है।

टेक्निकल सेटअप नियर टर्म में निगेटिव रुझान के साथ सतर्क और रेंज-बाउंड बाजार का संकेत दे रहा है। निफ्टी में 23,800–24,200 की रेंज में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। इसके लिए 23,950–24,000 मेन सपोर्ट जोन और 24,200 तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा।

अगर निफ्टी 24,200 के स्तर से ऊपर बना रहता है तो 24,400 तक जाने का रास्ता खुल सकता है,जबकि 23,950 से नीचे की गिरावट आने पर यह 23,800 और 23,600 तक गिर सकता है।

थिंक्रेडब्लू (Thincredblu) को फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि निफ्टी अभी एक अहम टेक्निकल लेवल पर है,जहां 23,900–24,000 का दायरा तत्काल सपोर्ट जोनन का काम कर रहा है। निफ्टी के लिए इस रेंज को बनाए रखना ज़रूरी होगा। अगर यह लगातार 23,900 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और गिरावट और गहरी हो सकती है।

ऊपर की तरफ,24,200–24,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस रेंज बना हुआ है। जब तक कि जबरदस्त खरीदारी न हो इन लेवल्स की ओर किसी भी रिकवरी में बिकवाली का दबाव दिख सकता है। हाल की अस्थिरता को देखते हुए,ट्रेडर्स को सावधान रहना चाहिए और आक्रामक पोजीशन लेने से बचना चाहिए। फ़लहाल,कोई भी दिशा तय करने से पहले इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि निफ्टी 23,900–24,000 के सपोर्ट जोन के आसपास कैसा व्यवहार करता है।

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24160-24222 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24266-24289/24331 पर है। इसके लिए पहला बेस 23977-23909 पर और बड़ा बेस 23869-23834/23809 पर है। टेक्निकली 24000 टूटा है। क्लोजिंग में सिर्फ CAS क्लोजिंग ने बचाया। ब्रेंट,बॉन्ड यील्ड और US मार्केट तीनों के संकेत निगेटिव हैं। FIIs की इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स में भारी बिकवाली हुई है। FIIs के नेट शॉर्ट बढ़कर 2.22 लाख पर पहुंचे हैं। अब कॉल राइटर्स की पकड़ मजबूत है, 23500 पुट में भारी OI है। 23977 के नीचे बेस-1 और बेस-2 में से कोई भी टेस्ट कर सकता है। रजिस्टेंस-1 के नीचे कमजोर रहेगी, SELL ON RISE बेहतर रणनीति होगी। 24160-24222 के ऊपर मजबूती आई तो शॉर्ट कवरिंग दिख सकती है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57531-57678 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57841-58040 पर है। इसके लिए पहला बेस 57189-56931 पर और बड़ा बेस 56745-56561/56414 पर है। टेक्निकली 50 DEMA पर क्लोजिंग हुई है,लेकिन कच्चे तेल में तेजी से चिंता है। 57189-56931 बेस को बहुत सम्मान दें। 57500-57800-58000 पर कॉल राइटर्स की मजबूत पकड़ है। बेस-1 के नीचे टिकने पर 56561 के जोन तक दबाव संभव है। लेकिन सावधानी जरूरी है,बैंक निफ्टी अचानक सरप्राइज दे सकता है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनकी इंफोसिस में 1140 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 1170 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। ONGC में भी इनकी 235 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 241 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

 

निफ्टी 23,900 के नीचे, सेंसेक्स 460 अंक टूटा, कोल इंडिया, TBZ, HDFC बैंक सबसे ज्यादा एक्टिव शेयर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIDC प्लॉट धारकों के लिए बड़ी राहत: राज्य सरकार ने घोषित की ‘GIDC एम्नेस्टी स्कीम’

GIDC प्लॉट धारकों के लिए बड़ी राहत: राज्य सरकार ने घोषित की 'GIDC एम्नेस्टी स्कीम'

Bhupendra Patel

उद्योगपतियों को राहत देने, सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने के दृष्टिकोण के साथ राज्य सरकार उद्योग क्षेत्र के लिए पारदर्शी और विकासोन्मुख प्रशासन प्रदान करने के लिए लगातार कार्यरत है। GIDC के प्लॉट धारकों द्वारा औद्योगिक प्लॉट या शेड के हस्तांतरण (ट्रांसफर) के समय पंजीकृत लीज डीड करने के बजाय केवल अलॉटमेंट लेटर या सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट दिए जाते थे। इसके कारण पूर्व प्लॉट धारकों द्वारा अधिकांश मामलों में स्टांप ड्यूटी का भुगतान नहीं किया गया था। ALSO READ: गुजरात विधानसभा का 3 दिवसीय मानसून सत्र 9 सितंबर से: पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि के बाद शुरू होगी कार्यवाही

 

गुजरात स्टांप अधिनियम में संशोधन और जुर्माना के प्रावधान

राज्य सरकार ने दिनांक 02/04/2025 से गुजरात स्टांप अधिनियम, 1958 में समेकित संशोधन किए हैं। इसके तहत धारा-39(1)(ख) के अनुसार, यदि कोई पक्षकार स्वेच्छा से मूल दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो हस्ताक्षर की तिथि से प्रति माह 2% साधारण ब्याज के साथ बकाया स्टांप ड्यूटी के 4 गुना से अधिक न हो उतना जुर्माना वसूला जाएगा। यदि सरकारी तंत्र द्वारा जांच के दौरान दस्तावेज जब्त किया जाता है, तो प्रति माह 3% साधारण ब्याज के साथ 6 गुना से अधिक न हो उतना जुर्माना वसूलने का प्रावधान 10/04/2025 से लागू हुआ है। 

 

वर्तमान मालिकों पर वित्तीय बोझ

इन कानूनी प्रावधानों के परिणामस्वरूप जब वर्तमान मालिक को बैंक लोन या किसी अन्य सरकारी आवश्यकता के लिए पंजीकृत लीज डीड करानी होती है, तब पिछले सभी अनरजिस्टर्ड सौदों की बकाया स्टांप ड्यूटी, भारी जुर्माना और ब्याज के साथ भरने का अत्यधिक वित्तीय बोझ उन पर आ पड़ता है। ALSO READ: Gen Z के मुद्दों पर विपक्ष को जवाब देंगे पीएम मोदी: 11 साल बाद वडोदरा में युवाओं के बीच भरेंगे हुंकार

 

GIDC एम्नेस्टी स्कीम की घोषणा

इस संदर्भ में राज्य के उद्योगपतियों और GIDC एसोसिएशंस की ओर से मिले ज्ञापनों पर संवेदनशीलता से प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने GIDC प्लॉटों के पिछले हस्तांतरण सौदों में बकाया स्टांप ड्यूटी और पेनल्टी के बोझ से पात्र MSME उद्योगों को राहत देने के लिए 'GIDC एम्नेस्टी स्कीम' लागू करने का निर्णय लिया है।
 

GIDC एम्नेस्टी स्कीम क्या है?

अतीत में प्लॉट या शेड के आवंटन के समय पंजीकृत दस्तावेज के बजाय केवल अलॉटमेंट लेटर या सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट किए जाने के कारण स्टांप ड्यूटी का भुगतान नहीं हो सका था। वर्तमान मालिकों को नए दस्तावेज के पंजीकरण के समय खड़े होने वाले भारी जुर्माने के प्रश्न का व्यावहारिक समाधान प्रदान करने के लिए यह एम्नेस्टी योजना शुरू की गई है। 

 

MSME उद्योगपतियों को 80% तक स्टांप ड्यूटी में राहत

इस योजना के तहत पात्र मामलों में लागू स्टांप ड्यूटी में से 80% तक की राशि माफ करके केवल 20% स्टांप ड्यूटी और लागू पेनल्टी वसूल की जाएगी। हालांकि, जिन मामलों में 20% स्टांप ड्यूटी और पेनल्टी की कुल राशि मूल स्टांप ड्यूटी से कम होती है, वहां मूल स्टांप ड्यूटी के बराबर राशि वसूल कर राहत का लाभ दिया जाएगा। 

 

योजना के लिए पात्रता मानदंड (किसे मिलेगा लाभ?)

इस स्कीम का लाभ मुख्य रूप से वैध उद्यम प्रमाणपत्र (Udyam Certificate) रखने वाली MSME इकाइयों को मिलेगा। इस योजना के तहत दिनांक 30 जून, 2025 तक हुए पात्र अलॉटमेंट लेटर, शेयर ट्रांसफर, लीज/सब-लीज और संपत्ति हस्तांतरण से संबंधित सौदों को शामिल किया जाएगा। ALSO READ: किसानों के लिए बड़ी राहत, गुजरात सरकार ने बढ़ाई कृषि उपकरण खरीद की समय सीमा, अब 15 दिन का और मौका

 

दस्तावेज का पंजीकरण और अपील/कोर्ट मामलों में राहत

राहत का लाभ उठाने वाले वर्तमान आवंटी को निर्धारित 20% ड्यूटी और पेनल्टी का भुगतान करके संबंधित संपत्ति का कानूनी पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, जहां सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील की गई हो और 25% राशि जमा की गई हो या कोर्ट में याचिका लंबित हो, वहां याचिका वापस लेने की शर्त पर निर्धारित नियमों के अधीन योजना का लाभ मिलेगा। 

 

01 जनवरी, 2018 से पहले और बाद के सौदों के लिए राहत

दिनांक 01/01/2018 से पहले हुए हस्तांतरणों के मामलों में अंतिम हस्तांतरण के दस्तावेज के बाजार मूल्य के आधार पर निर्धारित स्टांप ड्यूटी में 80% की राहत देकर 20% ड्यूटी और लागू पेनल्टी वसूल की जाएगी। इसके अलावा, दिनांक 01/01/2018 को या उसके बाद हुए उन सभी हस्तांतरणों में जहां स्टांप ड्यूटी देय बनती है, वहां भी 80% राहत देकर 20% ड्यूटी और लागू पेनल्टी वसूलने का प्रस्ताव है।

अमीर बनने का फॉर्मूला बताते-बताते खुद ₹10000 करोड़ के कर्ज में डूबे रिच डैड पुअर डैड वाले रॉबर्ट कियोसाकी! रिपोर्ट ने किया ये दावा

Robert Kiyosaki Debt News: पूरी दुनिया को गरीबी के दुचक्र से निकलने, नौकरी छोड़कर बिजनेस करने और रातों-रात अमीर बनने का ‘फॉर्मूला’ बताने वाले रॉबर्ट कियोसाकी आज खुद $1.2 बिलियन यानी करीब ₹10,000 करोड़ से ज्यादा के भारी-भरकम कर्ज के पहाड़ तले दबे हुए हैं।

‘रिच डैड पुअर डैड’ (Rich Dad Poor Dad) बेस्ट-सेलिंग किताब लिखकर दुनिया भर के करोड़ों युवाओं को फाइनेंशियल फ्रीडम की पाठ पढ़ाने वाले इस सेल्फ-हेल्प गुरु का खुद का क्या हाल हो गया है, इसका खुलासा न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में हुआ है। दुनिया को यह सिखाने वाले कि ‘पैसा कैसे काम करता है’, खुद कर्ज के खेल में इस कदर उलझे हुए हैं कि आंकड़े देखकर किसी का भी दिमाग चकरा जाए।

‘हां, मैं 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज में हूं!’- कियोसाकी का बेबाक कुबूलनामा

79 वर्षीय कियोसाकी को इस 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज पर न तो कोई शर्मिंदगी है और न ही कोई मलाल। उल्टा, वह खुलेआम पॉडकास्ट में अपनी इस ‘कर्जदार शख्सियत’ का ढोल पीट रहे हैं। ‘गेट रिच एजुकेशन’ पॉडकास्ट में उन्होंने बड़े गर्व से कहा, ‘तो क्या हुआ, मैं 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज में हूं।’

इसके साथ ही उन्होंने तंजिया लहजे में यह भी जोड़ दिया, ‘लोगों को वो नहीं करना चाहिए जो मैं करता हूं, समझे? अगर आप कर्ज का इस्तेमाल करना सीखना चाहते हैं, तो पहले आपको पढ़ाई करनी होगी।’ यानी गुरुजी खुद अरबों के कर्ज में डूबकर भी ज्ञान बांटने की अपनी पुरानी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।

क्या है कियोसाकी का ‘अमीर बनने और टैक्स बचाने’ का खेल?

न्यूयॉर्क पोस्ट ने वैनिटी फेयर की रिपोर्ट के हवाले से कियोस्की के इस ‘कर्ज साम्राज्य’ की परतें खोली हैं। कियोसाकी रियल एस्टेट में भारी कर्ज लेकर अपार्टमेंट और संपत्तियां खरीदते हैं। जब इन प्रॉपर्टीज की कीमतें बढ़ती हैं, तो वे बढ़े हुए मूल्य के बदले बैंकों से और नया कर्ज ले लेते हैं। चूंकि बैंक से लिया गया लोन कानूनी रूप से ‘इनकम’ नहीं माना जाता, इसलिए कियोसाकी इस कर्ज के पैसे को टैक्स-फ्री कैश की तरह खर्च करते हैं।

कियोसाकी अपनी हर प्रॉपर्टी को अलग-अलग लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी (LLC) के तहत रखते हैं। वैनिटी फेयर के मुताबिक, अगर उनकी कोई एक प्रॉपर्टी डूब भी जाए, तो वे बाकी संपत्तियों को कानूनी फायरवॉल से बचा लेते हैं। कियोसाकी कहते हैं, ‘अगर सब कुछ बर्बाद हो जाए, तो जाकर मेरे वकील से बात करो। अमीर लोग ऐसे ही गेम खेलते हैं।’

पूर्व पत्नी ने ही खोल दिया धागा

कियोसाकी की पूर्व पत्नी और बिजनेस पार्टनर किम कियोसाकी ने वैनिटी फेयर को बताया कि लोग 1.2 बिलियन डॉलर के इस आंकड़े को गलत समझ रहे हैं। किम के अनुसार, यह $1.2 बिलियन का कुल कर्ज उनकी पार्टनरशिप वाली 1,500 से अधिक अपार्टमेंट यूनिट्स से जुड़ा है। इसमें कियोसाकी का व्यक्तिगत हिस्सा मात्र 30 मिलियन से 60 मिलियन डॉलर के बीच ही है।

किम ने खुलासा किया, ‘रॉबर्ट को ऐसी बातें कहना पसंद है जिससे लोग हैरान रह जाएं। वे लोगों का ध्यान खींचने के लिए 1 बिलियन डॉलर के कर्ज की बात करते हैं ताकि बाद में समझा सकें कि गुड डेट क्या होता है।’

‘रिच डैड’ का खेल, आम निवेशक को बना देगा ‘पुअर डैड’!

फाइनेंशियल कंसल्टेंसी JPTD पार्टनर्स के संस्थापक जॉन पूले (John Poole) ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बात करते हुए कियोसाकी की इस खतरनाक रणनीति को आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा, ‘बाजार में तेजी रहने तक लेवरेज बहुत खूबसूरती से काम करता है। लेकिन जैसे ही बाजार नीचे आता है, यही कर्ज आपकी गर्दन पर चलती हुई आरी बन जाता है। कियोसाकी भले ही इसे ‘रिच डैड का कर्ज’ कहें, लेकिन अगर किसी आम निवेशक ने उनकी नकल करने की कोशिश की, तो वह बहुत जल्द ‘पुअर डैड’ बनकर कंगाल हो जाएगा।’

4.4 करोड़ किताबें बेचीं, पर खुद बने कर्ज के बादशाह!

1997 में खुद प्रकाशित की गई किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ की अब तक दुनिया भर में 4.4 करोड़ से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं। इस किताब में कियोसाकी ने अपने असली पिता सरकारी नौकरी वाले ‘पुअर डैड’ और अपने दोस्त के बिजनेसमैन पिता ‘रिच डैड’ के विचारों की तुलना करके दुनिया को संपत्ति और देनदारी का अंतर सिखाया हुआ है।

लेकिन आज विडंबना देखिए जिस इंसान ने पूरी दुनिया को ‘लायबिलिटी से दूर रहने और एसेट बनाने’ की सीख दी, वह खुद 1.2 बिलियन डॉलर की भयंकर लायबिलिटी के ऊपर बैठा हुआ है। अब इसे कियोसाकी की मास्टरमाइंड फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी कहें या दुनिया को ज्ञान बांटने वाले गुरु का सबसे बड़ा विरोधाभास।

Trading Ideas: निफ्टी में अभी और गिरावट मुमकिन, कमजोर बाजार में भी इन दो शेयरों में हो सकती है कमाई

Trading Ideas : खराब ग्लोबल संकेतों के चलते कल 1 सितंबर को बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि बाजार निचले स्तरों से सुधरकर बंद हुआ। निफ्टी और सेंसेक्स की फ्लैट क्लोजिंग हुई। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली रही। निफ्टी 25 प्वाइंट गिरकर 24,056 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 13 प्वाइंट गिरकर 76,944 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 615 प्वाइंट गिरकर 57,410 पर बंद हुआ। मिडकैप 890 प्वाइंट गिरकर 63,335 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 30 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में बिकवाली दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में बिकवाली रही। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे मजबूत होकर 94.95 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

आज के लिए बाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए manasjaiswal.com के मानस जायसवाल ने कहा कि कल निफ्टी ने नॉर्मल ट्रेडिंग आवर्स में 24,000 के लेवल को तो ब्रेक किया था। क्लोजिंग बेसिस पर यह 24050 के आसपास बंद हुआ। अगर हम निफ्टी फ्यूचर्स की बात करें तो चार्ट्स पर एक फ्रेश ब्रेकडाउन दिखता है। ऐसे में लगता है कि निफ्टी में और गिरावट हो सकती है। निफ्टी में हमें 23860 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। इस गिरावट पर खरीदारी ना करें। कभी कोई उछाल मिले तो लॉन्ग पोजीशन से निकलना ही बेहतर रहेगा। अब आपको फ्रेश खरीदारी तभी करनी है जब निफ्टी 24,250 के ऊपर निकले और उसके ऊपर सस्टेन करना शुरू करें। उससे पहले सेल ऑन रैलीज़ का मार्केट बना रहेगा।

बैंक निफ्टी में भी 57,200 पर सपोर्ट है। अगर बैंक निफ्टी 57,200 के नीचे ट्रेड करने लगेगा तो गिरावट बढ़ेगी। ऐसी स्थिति में 56,800 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में यहां भी सतर्क रहने की जरूरत है। खरीदारी तभी करें जब बैंक निफ्टी 58,000 के ऊपर सस्टेन होना शुरू करे।

मानस जायसवाल के टॉप पिक्स

आज के लिए उनकी एक बाय और एक सेल की रेमेंडेशन है। उनको आईटी स्पेस बढ़िया लगता है। आईटी स्पेस में काफी स्टॉक्स ऐसे हैं जहां पर फ्रेश ब्रेकआउट देखने को मिला है। HCLT जिसने अपने 200 डे मूविंग एवरेज को रिगेन कर लिया है, इसमें उनकी लॉन्ग साइड में ट्रेड लेने की सलाह है। इस शेयर में 1329 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 1390 रुपए तक के टारगेट्स के लिए खरीदारी की सलाह है।

वहीं, SBI में बिकवाली की सलाह है। अगर आप SBI के चार्ट्स देखें तो इस स्टॉक ने 100 डे मूविंग एवरेज के सपोर्ट को तोड़ दिया है। यह 100 डे मूविंग एवरेज के नीचे फिसला है। स्टॉक अब 200 डे मूविंग एवरेज को टेस्ट कर सकता है। इसलिए SBI में बिकवाली करेंगे। इसके लिए 1041 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1010 रुपए तक के टारगेट रखें।

 

Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

 

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Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में आई रिकवरी की वजह से कल निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,000 के लेवल से ऊपर वापस आ गया। हालांकि 1 सितंबर को इंडेक्स में थोड़ी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी उथल-पुथल के बीच टेक्निकल इंडिकेटर नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने का संकेत दे रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर निफ्टी 24,000-23,950 के सपोर्ट जोन के नीचे टूटता है और वहां बना रहता है,तो यह 23,800 और फिर 23,600 की तरफ गिर सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस जोन के ऊपर बना रहता है तो 24,200-24,400 की तरफं ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है। वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,500-24,500 की बड़ी रेंज में ट्रेड करता नजर आ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24056) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,978, 23,933 और 23,860

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,123, 24,168 और 24,241

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर ‘हाई-वेव कैंडलस्टिक पैटर्न’ बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज काफी हद तक सपाट रहे,जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। 10-डे EMA भी 50-डे और 100-डे EMA से नीचे आ गया। RSI गिरकर 42.86 पर आ गया,जबकि MACD जीरो लाइन के नीचे अपना डाउनट्रेंड जारी रखे हुए है और रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए बढ़ रहा है। ये सभी इंडिकेटर निकट भविष्य में कमजोरी और मार्केट में सतर्क नज़रिए की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (57410) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,677, 57,823 और 58,058

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,207, 57,062 और 56,827

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई जो उतार-चढ़ाव के बीच कमजोर का संकेत है। इसने पिछले दिन की सारी बढ़त गंवा दी और 1.06 फीसदी नीचे बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है,जो सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉज़िटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अभी भी अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI और MACD कई सेशन से ज्यादातर एक ही दायरे में बने हुए हैं,जिससे पता चलता है कि कोई मज़बूत दिशात्मक मोमेंटम नहीं है। कुल मिलाकर,टेक्निकल सेटअप से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में सावधानी के साथ कंसोलिडेशन हो सकता है। जब तक कि यह रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर या मुख्य सपोर्ट लेवल से नीचे नहीं जाता, इंडेक्स के एक दायरे में ही बने रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) का अनुमान लगाने वाला India VIX कल 9.25-12.12 के बड़े दायरे में घूमने के बाद बिना किसी बदलवा के 11.19 पर बंद हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे और निचले दायरे में बना रहा। इससे पता चलता है कि मार्केट में चिंता कम है। कुल मिलाकर,हालात बताते हैं कि निकट भविष्य में वोलैटिलिटी के सीमित रहने की संभावना है,हालांकि इंडेक्स में अचानक बड़ी हलचल से वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।

Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 सितंबर को गिरकर 0.89 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

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