रामलला से धोखा! चेन्नई की महिला ने 4 करोड़ का दिया था चेक, खाते में सिर्फ 3 रुपए

रामलला से धोखा! चेन्नई की महिला ने 4 करोड़ का दिया था चेक, खाते में सिर्फ 3 रुपए

Ayodhya Ram Mandir fraud: तमिलनाडु के चेन्नई की एक महिला श्रद्धालु ने हाल ही में अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 4 करोड़ रुपए का चेक सौंपा था। महिला की इच्छा थी कि इस राशि का उपयोग विशेष रूप से मंदिर परिसर में तैनात कर्मचारियों की सुविधाओं पर ही किया जाए। इसके लिए उन्होंने ट्रस्ट से एक लिखित आश्वासन की भी मांग की थी। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया था। इसके अलावा महिला ने राम मंदिर के लिए 10 हजार रुपए का अलग से भी दान दिया था।

​खाते में राशि न होने से चेक बाउंस

जब ट्रस्ट ने 4 करोड़ रुपए का यह चेक बैंक में जमा कराया, तो बैंक जांच में महिला के खाते में केवल 3 रुपए ही जमा पाए गए। पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। अब नियमानुसार बैंक महिला को नोटिस भेजकर इतनी बड़ी रकम का फर्जी/अनादरित चेक जारी करने पर जवाब तलब करेगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी संभव है।

 

​क्या है पूरा मामला?

  • चेन्नई की महिला श्रद्धालु ने राम मंदिर कर्मियों के लिए 4 करोड़ रुपए का चेक दिया था। 
  • ​क्लियरिंग के दौरान उसके खाते में महज 3 रुपए की राशि पाई गई।
  • महिला ने राशि को केवल कर्मचारी कल्याण में खर्च करने का लिखित आश्वासन मांगा था।
  • बैंक नोटिस की तैयारी में है, वहीं ट्रस्ट भी बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहा है।

​इससे पहले भी बाउंस हुए हैं चेक

2020 के निधि समर्पण अभियान के दौरान भी लगभग 100 करोड़ रुपए के चेक बाउंस हुए थे, जिनमें से अधिकांश की बाद में रिकवरी कर ली गई थी। गौरतलब है कि रामलला मंदिर को हर महीने नकद, चेक और ऑनलाइन माध्यमों से करीब 3 से 4 करोड़ रुपये का दान प्राप्त होता है, जिसमें से लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपए सिर्फ चेक के जरिए आते हैं। 4 करोड़ रुपए के इस चेक बाउंस मामले के बाद अब ट्रस्ट और बैंक प्रशासन बड़ी रकम वाले चेक स्वीकार करने और उनकी क्लियरिंग प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरतने की तैयारी कर रहे हैं।

टनल में फंसे लोगों का रेस्क्यू करने पहुंची स्पेशल टीम, जानिए नेपाल की मदद में भारत ने कैसे झोंकी ताकत

Nepal Flood: चीन-नेपाल बॉर्डर के पास ग्लेशियर टूटने से आई भयानक बाढ़ के बाद भारत ने नेपाल में बड़े पैमाने पर मानवीय और तकनीकी बचाव अभियान शुरू कर दिया है। इस ऑपरेशन में सुरंग से बचाव करने वाली खास टीमें, मेडिकल टीमें और फोरेंसिक एक्सपर्ट शामिल हैं, जो पीड़ितों की DNA-आधारित पहचान करने का काम कर रहे हैं। बता दें कि बाढ़ में 903 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं।

हिमालय में अचानक ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा-नुवाकोट-लांगटांग इलाके में पड़ा। बाढ़ की चपेट में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारी, तीर्थयात्री और पर्यटक भी आ गए। कई लोग सुरंगों के अंदर फंस गए, जबकि सड़कें और पुल बह जाने से कई इलाकों का संपर्क भी टूट गया।

भारत ने रेस्क्यू और फोरेंसिक टीमें भेजीं

भारत ने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों (खासकर त्रिशूली, चिलिमे और लांगटांग के पास) में फंसे कर्मचारियों को खोजने और बचाने में मदद के लिए डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और सुरंग-बचाव विशेषज्ञों की 11 सदस्यों वाली एक खास टीम भेजी है।

नेपाल में कई फोरेंसिक टीमें भी भेजी गई हैं। शुरुआत में छह टीमें भेजी गई थीं, लेकिन बाद में 19 सदस्यों वाले एक खास फोरेंसिक ग्रुप के बारे में जानकारी मिली, जिसमें गांधीनगर की नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) की 10 सदस्यों वाली DNA प्रोफाइलिंग यूनिट भी शामिल थी।

फोरेंसिक टीम ने रविवार को काठमांडू में अपना काम शुरू दिया। नेपाल में भारत के राजदूत ने टीम से मुलाकात की और उन्हें जानकारी दी। इसके बाद टीम ने नेपाल पुलिस की सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल के फोरेंसिक विभाग के अधिकारियों के साथ तकनीकी बातचीत की।

भारत ने लगभग 68.5 टन राहत सामग्री भी हवाई मार्ग से पहुंचाई है, जिसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं।

हाइड्रोपावर साइट्स पर तलाशी जारी

भारत की टनल-रेस्क्यू टीम, चिलिमे और लांगटांग में क्षतिग्रस्त हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइट्स पर नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रही है।

खराब मौसम के बावजूद, टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास एक स्ट्रक्चर में दाखिल हुई और एक व्यक्ति के शव को बाहर निकाला। हालांकि तलाशी और बचाव अभियान जारी हैं।

नुवाकोट के त्रिशूली-चिलिमे हाइड्रोपावर बेल्ट में, भारतीय टेक्निकल कर्मचारियों ने उन सुरंगों का जायजा लिया है जहां मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। रसुवा का लांगटांग और चीन से सटा सीमा क्षेत्र भी बचाव अभियान के लिए प्राथमिकता वाले इलाकों में शामिल है।

हालांकि, खराब मौसम, अस्थिर जमीन और झील के पानी से अचानक दोबारा बाढ़ आने के खतरे के कारण हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू और जमीन के रास्ते प्रभावित इलाकों तक पहुंचना काफी मुश्किल हो रहा है।

पीड़ितों की DNA से पहचान

नेपाल के जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे पहचान न हो पाने वाले पीड़ितों को सामूहिक रूप से दफनाने से पहले उनके DNA सैंपल सुरक्षित रखें। हर शव पर एक खास पहचान नंबर और जगह की जानकारी के साथ टैग किया जाएगा।

भारतीय फोरेंसिक टीमें बरामद शवों/अवशेषों से DNA और रिश्तेदारों से रेफरेंस सैंपल लेकर ‘डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन’ (आपदा पीड़ितों की पहचान) का काम कर रही हैं। पहचान पक्की करने और परिवारों को शव सौंपने में मदद के लिए इन प्रोफाइलों का मिलान किया जाएगा।

वहीं, लापता नेपाली और विदेशी नागरिकों के बरामद शवों या शरीर के अंगों की पहचान के लिए DNA टेस्ट की सुविधा दी जा रही है।

नेपाल में मौजूद लापता व्यक्ति के करीबी रिश्तेदारों (पिता, माता, बेटा या बेटी) से अनुरोध किया गया है कि वे DNA प्रोफाइलिंग के लिए ताजा ब्लड सैंपल और पासपोर्ट साइज की दो फोटो पैथोलॉजी लैब, नेपाल पुलिस हॉस्पिटल, महाराजगंज, काठमांडू या नजदीकी जिला पुलिस ऑफिस में जमा करें।

इसके अलावा, विदेश में रहने वाले करीबी रिश्तेदारों (पिता, माता, बेटा या बेटी) से अनुरोध है कि वे अपने देश की किसी अधिकृत लैब में DNA प्रोफाइलिंग करवाएं और तुलना के लिए DNA प्रोफाइल की सॉफ्ट कॉपी नेपाल पुलिस के आधिकारिक ईमेल पते dnacodis@nepalpolice.gov.np पर भेजें।

रिश्तेदार तय अस्पतालों में DNA सैंपल जमा कर सकते हैं।

वहीं, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में, लापता रिश्तेदारों के बारे में जानकारी पाने के लिए परेशान परिवारों का आना जारी है। अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि 56 घायल मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें से तीन इंटेंसिव केयर में हैं और एक मरीज की मौत हो गई है। अस्पताल में 59 शव भी लाए गए थे, जिनमें से आठ की पहचान कर ली गई और अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।

भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू जारी, और लोग मदद के इंतजार में

भारत ने 160-170 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को बचाने की जानकारी दी है, जबकि 29-30 अगस्त तक लगभग 287-290 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था।

विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि 149 भारतीयों को बचाया गया है। बाद में पुष्टि की गई कि 403 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से चीन से नेपाल पहुंच गए हैं, जबकि चीनी तरफ मौजूद 500 और भारतीयों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है।

काठमांडू में भारतीय दूतावास ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर – +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 और +977 981 032 6117 – और ईमेल eoikathmandufloodsupport@gmail.com शुरू किए हैं।

सीमा के दोनों तरफ फंसे भारतीयों को निकालने के लिए नेपाली अधिकारियों और जरूरत पड़ने पर चीनी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाने का काम जारी है।

बचाव कार्यों में बड़ी रुकावटें

नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, लापता 933 लोग आसपास के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारी थे। वहीं, 592 विदेशी नागरिक और 127 नेपाली नागरिक भी लापता लोगों में शामिल हैं, जो विदेशी समूहों के साथ यात्रा कर रहे थे।

बचाव अभियान के लिए करीब 20,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अब तक जमीन के रास्ते 8,730 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। वहीं, हेलीकॉप्टरों ने 363 उड़ानें भरी हैं और 3,081 लोगों को एयरलिफ्ट किया है। इनमें 236 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा, बाढ़ में फंसे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों से 279 लोगों को सीधे बचाया गया है।

रविवार को धादिंग के कृष्णभीर इलाके में भूस्खलन और सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने के बाद पृथ्वी हाईवे का संपर्क टूट गया। तेज बहाव वाली त्रिशूली नदी ने सड़क की सुरक्षा दीवार और उसकी नींव को भी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद प्रशासन ने इस रास्ते पर वाहनों और पैदल लोगों की आवाजाही रोक दी।

वहीं, काठमांडू से राहत सामग्री प्रभावित और संपर्क से कटे इलाकों तक भेजी जा रही है। 50 ट्रांसपोर्ट वाहनों और 8 हेलीकॉप्टर उड़ानों के जरिए खाने-पीने की चीजें, संचार उपकरण और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। राहत और बचाव अभियान लंबे समय तक जारी रखने के लिए ईंधन का भंडार भी सुरक्षित रखा जा रहा है।

इस बीच, नेपाल पुलिस ने बताया कि कृषि विकास बैंक की त्रिशूली ढुंगे शाखा से करीब 1.5 करोड़ नेपाली रुपये नकद, अनुमानित 50 करोड़ रुपये का सोना और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है।

वहीं, नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए आपातकालीन फंड भी जारी किया है। इसके तहत रसुवा और नुवाकोट को 1-1 करोड़ नेपाली रुपये, धादिंग को 50 लाख नेपाली रुपये और 15 स्थानीय निकायों को कुल 6.75 करोड़ नेपाली रुपये दिए गए हैं।

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Gold Silver Prices Today: सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

दिल्ली सर्राफा बाजार में 31 अगस्त को सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट देखने को मिली। यह 1,500 रुपये गिरकर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट का असर घरेलू बाजार में इसकी कीमतों पर पड़ा। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ।

बीते हफ्तों में अच्छी तेजी के बाद मुनाफावसूली

ट्रेडर्स ने बताया कि बीते कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में अच्छी तेजी दिखी थी। अब लगातार मुनाफावसूली हो रही है, जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है। ट्रेडर्स सोने में इस लिए भी पोजीशन घटा रहे हैं, क्योंकि सोने में तेजी का ट्रेंड लंबे समय तक जारी रहने में नाकाम रहा। चांदी की कीमतें 31 अगस्त को 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रही।

केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने पर दबाव

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। उन्होंने 28 अगस्त को जैक्सन होल में अपनी स्पीच में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दिए। इससे सितंबर में फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है।”

बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी असर

उन्होंने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ा। डॉलर में मजबूती का सोने की कीमतों पर खराब असर पड़ता है, क्योंकि इससे दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी दिखी। यह 0.35 फीसदी गिरकर 4,436 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, चांदी हल्की मजबूती के साथ 66.97 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुलियन मार्केट्स पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का भी असर पड़ा, क्योंकि इससे क्रूड की कीमतें एक बार फिर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रही हैं।

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क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बने रहने पर बढ़ सकती है महंगाई

ब्रेंट क्रूड का भाव अगर 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है तो इससे अमेरिकी सहित दुनियाभर में महंगाई बढ़ेगी। महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंकों पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का दबाव बढ़ जाएगा। फेडरल रिजर्व सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर इसकी शुरुआत कर सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने वाले माहौल में सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

Indus Waters Treaty: भारत ने सिंधु के पानी पर पाकिस्तान को फिर दिया बड़ा झटका! ये बोल खारिज किया कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का फैसला

Indus Waters Treaty Update: सिंधु जल संधि को लेकर भारत ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। भारत ने सोमवार को तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CoA) द्वारा अंतरिम उपायों और सिंधु जल संधि की स्थिति को लेकर जारी किए गए फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन को ही गैर-कानूनी रूप से गठित बताते हुए साफ कहा है कि इस मंच का भारत पर कोई क्षेत्राधिकार नहीं है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि वर्ल्ड बैंक द्वारा इस कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का गठन सिंधु जल संधि की शर्तों का प्रत्यक्ष उल्लंघन करके किया गया था। भारत ने इस निकाय द्वारा जारी हालिया फैसले के साथ-साथ इसके सभी पिछले बयानों और आदेशों को भी स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

गैर-कानूनी निकाय को भारत ने कभी मान्यता नहीं दी- विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में दोहराया कि भारत ने कानूनी रूप से इस गैर-कानूनी और तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के अस्तित्व को कभी स्वीकार नहीं किया है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस मध्यस्थता निकाय की स्थापना स्वयं सिंधु जल संधि का एक गंभीर उल्लंघन है। भारत ने साफ किया कि वह इस निकाय के समक्ष कभी भी पेश नहीं हुआ है और उसने इसके किसी भी पिछले फैसलों या घोषणाओं का संज्ञान लेने से भी हमेशा इनकार किया है।

भारत की संप्रभुता और परियोजनाओं पर नहीं पड़ेगा कोई असर

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के पास भारत के संप्रभु निर्णयों पर फैसला सुनाने का कोई क्षेत्राधिकार नहीं है। भारत द्वारा शुरू की जा रही या चलाई जा रही परियोजनाओं से जुड़े कदमों पर इस निकाय के वर्तमान या भविष्य के किसी भी फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही भारत सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का उसका फैसला पूरी तरह से लागू रहेगा और प्रभाव में बना रहेगा।

आपको बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता को स्थगित करने का फैसला किया था। इसके बाद ही पाकिस्तान लगातार इसे लेकर धमकी देने के साथ तमाम तरह के पैंतरे दिखा रहा है। इसी क्रम में अब इसे लेकर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले और खुद कोर्ट को ही खारिज कर भारत ने पाकिस्तान को एक और तगड़ा झटका दे दिया है।

नोमुरा ने दी इस दिग्गज ऑटो कंपनी के शेयर खरीदने की सलाह, एक साल में 29% चढ़ा स्टॉक

इस शेयर ने बीते एक साल में निवेशकों का करीब 29 फीसदी रिटर्न दिया है। इस दौरान शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी का रिटर्न निगेटिव रहा है। हम बात कर रहे हैं दोपहिया बनाने वाली दिग्गज कंपनी टीवीएस मोटर की। यह कंपनी स्कूटी, मोटरसाइकिल और थ्री-व्हीलर्स बनाती है। यह इलेक्ट्रिक दो-पहिया और थ्री-व्हीलर्स भी बनाती है।

विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने TVS Motor के शेयरों को खरीदने की अपनी सलाह बनाए रखी है। उसने पेमन कारगर की डायरेक्टर एवं सीईओ पद पर नियुक्ति के बाद शेयर पर अपनी बाय रेटिंग बनाए रखी है। कारगर की नियुक्ति 27 जनवरी, 2027 से प्रभावी होगी। वह केएन राधाकृष्णन की जगह लेंगे, जो जनवरी के आखिर तक अपने पद पर बने रहेंगे। उसके बाद वह जुलाई 2027 में कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) तक कंपनी के नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर रहेंगे।

केएन राधाकृष्णन ने 2004 में टीवीएस मोटर में नौकरी शुरू की थी। वह 2008 में कंपनी के प्रेसिडेंट बन गए। वह 2018 में डायरेक्टर और सीईओ बने। उनके कार्यकाल में टीवीएस मोटर का रेवेन्यू सीएजीआर 16 फीसदी और टैक्स बाद प्रॉफिट का सीएजीआर 30 फीसदी रहा। FY08 में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 8.3 अरब रुपये था। यह 28 अगस्त को बढ़कर 2.05 लाख करोड़ रुपये हो गया।

कारगर ने टीवीएस मोटर में बतौर प्रेसिडेंट (इंटरनेशनल बिजनेस) अप्रैल 2025 में नौकरी शुरू की थी। उन्हें दुनिया के कई देशों में ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में काम करने का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। इनमें यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट शामिल हैं। टीवीएस मोटर में आने से पहले वह Infiniti के ग्लोबल चेयरमैन एवं प्रेसिडेंट थे। यह निसान का लग्जरी ब्रांड है।

ब्रोकरेज फर्म ने बताया है कि नॉर्टन की जल्द लॉन्चिंग से प्रीमियम सेगमेंट में एग्जिक्यूशन पर नजरें होंगी। उसने कहा है कि नए सीईओ के तहत कंपनी के प्रीमियम और ग्लोबल सेगमेंट पर ज्यादा फोकस होगा। इसकी वजह यह हहै कि कारगर को लग्जरी और ग्लोबल ब्रांड्स का व्यापक अनुभव है।

TVS Motor का शेयर 31 अगस्त को 0.41 फीसदी चढ़कर 4,322 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर बाजारों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.39 फीसदी यानी 95 अंक गिरकर 24,080 पर रहा। सेंसेक्स 0.40 फीसदी यानी 307 अंक गिरकर 76,957 पर क्लोज हुआ। हांलांकि, बैंक निफ्टी हरे निशान में बंद हुआ।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 1 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : नीचे से सुधार आने के बावजूद भारतीय बाजार आज सोमवार 31 अगस्त को गिरावट लेकर बंद हुए। निफ्टी 95 अंक गिरकर 24080.40 पर और सेंसेक्स 307 अंक गिरकर 76957.27 पर आ गया,जिससे सेशन की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। सर्विसेज सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 8.88% की बढ़त देखी गई,जबकि इंजीनियरिंग सर्विसेज सेक्टर को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ और इसमें 3.12% की गिरावट आई। यूटिलिटीज़ और कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव रहा,जिससे इंडस्ट्रियल सेक्टर को लेकर सेंटीमेंट कमज़ोर रहा।

ईरान के साथ अमेरिका के बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं,जबकि निवेशक MSCI इंडेक्स में बदलाव और CAS से संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क नजर आए। इसका असर बाजार पर दिखा। अलग-अलग सेक्टरों का मूड काफी कमजोर रहा और बाजार के ज्यादातर हिस्सों में बिकवाली का दबाव दिखा। मेटल और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। जबकि टेक्नोलॉजी,रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर पर भी काफी दबाव रहा। फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर में भी गिरावट आई। सिर्फ प्राइवेट बैंकों ने ही कुछ हद तक मजबूती दिखाई।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद बैंक निफ्टी में बड़ा बदलाव देखा गया और यह दोपहर 3:15 बजे के प्री-CAS लेवल से 600 अंक से ज्यादा ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स दोपहर 3:15 बजे के करीब 57,397 से बढ़कर CAS के बाद 58,025 पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाज़ार पर दबाव के बावजूद निफ्टी 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और 24,080.40 पर बंद हुआ।

MSCI में बदलाव के चलते अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। अदाणी एंटरप्राइजेज़ के शेयरों में भारी गिरावट आई, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर करीब 7 प्रतिशत गिरे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में जबरदस्त तेज़ी देखी गई और यह लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा मिला।

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल का कहना है कि 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट बना हुआ है। इसे डेली गैप एरिया,बढ़ती ट्रेंडलाइन और 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट का सपोर्ट मिल रहा है।

जिगर एस पटेल गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि 24,100–24,000 का जोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन है। उनका मानना ​​है कि जब तक क्लोजिंग बेसिस पर 23,600 का स्तर बना रहता है,तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा।

ऊपर की तरफ,24,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। पटेल ने कहा कि अगर इस स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होता है तो निफ्टी के लिएृ 24,600–24,750 और उसके बाद 25,000 के सबसे नजदीकी टारेगट की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

निफ्टी बैंक के लिए, 58,200 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से नई तेज़ी आ सकती है,जबकि 57,000 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। पटेल ने कहा कि हमारा उनका नजरिया तेजी का है। ऐसे में 57,000 के ऊपर टिके रहने तक गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह होगी।

 

Sugar Stocks : बलरामपुर चीनी 12% तक भागा, दूसरे शुगर शेयरों को भी लगे पंख, जानिए वजह

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5000 अमेरिकी सैनिकों की एंट्री से पहले थाईलैंड के पटाया में हड़कंप! जानिए प्रॉस्टिट्यूशन पर पुलिस ने क्यों शुरू किया बड़ा क्रैकडाउन

US Military in Thailand: अमेरिकी नौसेना का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) इस सप्ताह थाईलैंड पहुंचने वाला है। उसके आगमन से पटाया सिटी के पर्यटन और मनोरंजन कारोबार को कुछ समय के लिए बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। लेकिन इसके साथ ही शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। खास तौर पर सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से प्रॉस्टिट्यूशन के लिए ग्राहकों को आकर्षित करने और अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर पुलिस की नजर है।

न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में लंबे समय तक तैनात रहने के बाद, अमेरिकी नौसेना का यह एयरक्राफ्ट कैरियर इस हफ्ते थाईलैंड के रिजॉर्ट शहर पटाया (Thailand’s ‌resort city of Pattaya) में रुकेगा। इससे आर्थिक फायदे की उम्मीदें जगी हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने सेक्स-टूरिज्म वाले इलाकों पर सख्ती भी की है।

USS Abraham Lincoln के 2 सितंबर को पटाया के पास लाम चाबांग पोर्ट पहुंचने का शेड्यूल है। यह पोत 6 सितंबर तक थाईलैंड में रहेगा। इसके साथ अमेरिकी नौसेना के दो अन्य जहाज भी होंगे। करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन के तट पर आने की उम्मीद है। ये जवान 200 दिनों से ज्यादा समय समुद्र में रहने के बाद शोर लीव पर शहर में जा सकेंगे।

पटाया में क्यों बढ़ाई गई पुलिस की निगरानी?

अमेरिकी सैनिकों के बड़ी संख्या में पटाया पहुंचने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियां बढ़ा दी हैं। पटाया बीच, सेकंड रोड और प्रमुख नाइटलाइफ इलाकों में अतिरिक्त गश्त और जांच की जा रही है। 29 अगस्त को पटाया सिटी पुलिस, टूरिस्ट पुलिस, इमिग्रेशन और सामाजिक विकास से जुड़ी एजेंसियों के 20 से ज्यादा अधिकारियों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया।

25 को हिरासत में लिया गया

रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर वेश्यावृत्ति के संदेह में 25 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें 18 थाई नागरिक, 5 लाओस के नागरिक और 2 युगांडा के नागरिक बताए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी नौसैनिकों के आने के दौरान भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। पुलिस बच्चों और युवाओं की सुरक्षा, भीख मांगने तथा सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े दूसरे मामलों पर भी नजर रखेगी।

थाईलैंड में वेश्यावृत्ति गैरकानूनी, फिर भी पटाया में नहीं है कोई रोक

थाईलैंड में वेश्यावृत्ति कानूनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पटाया शहर जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों और बैंकॉक के कुछ इलाकों में सेक्स इंडस्ट्री लंबे समय से काफी दिखाई देती रही है। पटाया पुलिस प्रमुख अनेक श्रीथोंगयू ने सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को ग्राहकों को आकर्षित करने से रोकने की मुश्किल को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है। लेकिन इस गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगाना आसान नहीं है।

अधिकारियों ने बताया कि इसके आने से पहले, पुलिस पटाया के मुख्य बीच-फ्रंट और नाइटलाइफ वाले इलाके में अतिरिक्त गश्त की तैयारी कर रही है। पटाया का स्थानीय कारोबार अमेरिकी नौसैनिकों के आने को कम पर्यटन वाले दौर में एक बड़े अवसर के तौर पर देख रहा है।

पटाया के मेयर पोरामासे नगामपिचेस के मुताबिक, एक अमेरिकी सैन्यकर्मी शहर में अपनी यात्रा के दौरान प्रतिदिन करीब 1,000 से 3,000 Thai Baht (लगभग 30 से 91 डॉलर) खर्च कर सकता है। हालांकि. करीब 5,000 जवान एक साथ शहर में नहीं आएंगे। उनकी शोर लीव अलग-अलग समय पर होगी। फिर भी होटल, रेस्तरां, दुकानों और मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को उम्मीद है कि अमेरिकी जहाजों का यह दौरा शहर में ग्राहकों और पर्यटकों की संख्या बढ़ाएगा।

200 दिनों से ज्यादा लंबी तैनाती के बाद पहुंच रहा है विमानवाहक पोत

USS Abraham Lincoln की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब जहाज के चालक दल ने लंबे समय तक समुद्र में तैनाती पूरी की है। पोत नवंबर में सैन डिएगो से रवाना हुआ था। बाद में उसे मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों के समर्थन के लिए भेजा गया। इसकी तैनाती 200 दिनों से अधिक लगातार चली है। अमेरिकी सांसदों ने इतनी लंबी तैनाती को असामान्य बताया है। अगस्त में सैन्य मामलों पर नजर रखने वाले मीडिया में जहाज पर कर्मियों के मनोबल में गिरावट और आत्महत्या के प्रयासों को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई थीं।

सुरक्षा और पर्यटन के बीच संतुलन की चुनौती

अब पटाया प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ अमेरिकी नौसैनिकों की मौजूदगी से पर्यटन और स्थानीय कारोबार को फायदा पहुंचाना। वहीं. दूसरी तरफ शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना। अमेरिकी पोत और उसके साथ आने वाले जहाजों के मद्देनजर पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। खास तौर पर सार्वजनिक स्थानों पर अवैध गतिविधियों, बच्चों की सुरक्षा और पर्यटकों से जुड़े अपराधों पर नजर रखने की तैयारी की गई है।

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रक्षाबंधन के बाद Sensex लाल, 24100 के नीचे बंद Nifty, निवेशकों के ₹3.79 लाख करोड़ साफ

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचा तो कच्चा तेल उबल पड़ा। इसकी आंच में एशियाई मार्केट झुलस गया और घरेलू मार्केट में भी बिकवाली की आंधी चलने लगी। इस दबाव में सेंसेक्स 513 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव तेज रहा लेकिन मिडकैप में रिकवरी दिखी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 शुरुआती कारोबार में करीब आधे फीसदी की गिरावट से उबरते हुए अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए लेकिन निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी से अधिक टूट गया।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज प्राइवेट बैंकों और फार्मा कंपनियों ने संभालने की काफी कोशिश की लेकिन मेटल और एफएमसीजी का दबाव अधिक भारी पड़ गया। आईटी सेक्टर ने रिकवरी की काफी कोशिश की लेकिन 1% से अधिक गिरावट से उबरते हुए इसकी गिरावट आधे फीसदी से थोड़ी कम रह ही गई। वहीं निफ्टी प्राइवेट में करीब 1% तो निफ्टी फार्मा में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त रही तो निफ्टी मेटल करीब ढाई फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक नीचे आ गया। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 31 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 307.24 प्वाइंट्स यानी 0.40% की फिसलन के साथ 76,957.27 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.25 प्वाइंट्स यानी 0.39% की कमजोरी के साथ 24,080.40 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 513.19 प्वाइंट्स फिसलकर 76,751.32 और निफ्टी 182.05 प्वाइंट्स गिरकर 23,993.60 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹3.79 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 28 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,94,12,415.27 करोड़ था। आज यानी 31 अगस्त 2026 को यह घटकर ₹4,90,33,359.29 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹379,055.98 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 10 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ 10 ही आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ अदाणी पोर्ट्स, आईटीसी और एयरटेल में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

 

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इन चार वजहों से आज मार्केट में कोहराम

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

1 सितंबर से बदल जाएंगे आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े ये नियम, LPG से लेकर विदेश यात्रा तक जानें क्या बदलेगा

1 सितंबर से बदल जाएंगे आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े ये नियम, LPG से लेकर विदेश यात्रा तक जानें क्या बदलेगा

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अगस्त का आज आखिरी दिन है। सितंबर की शुरुआत के साथ ही आम लोगों के जीवन, खर्च और बचत से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। बैंकिंग, गैस सिलेंडर, टैक्स, यात्रा और क्रेडिट कार्ड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के ये बदलाव आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकते हैं। इनमें से कुछ बदलावों के कारण आपको अधिक पैसे चुकाने पड़ सकते हैं, तो वहीं कुछ नियमों से आपको बड़ी राहत मिलने की संभावना है। किसी भी परेशानी या अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए, नए नियमों के बारे में जानना बेहद जरूरी है।

 

विदेश यात्रा करने वालों के लिए बड़ी राहत

1 सितंबर से भारत से अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। इमिग्रेशन काउंटर पर अब यात्रियों के बोर्डिंग पास पर भौतिक (फिजिकल) मुहर नहीं लगाई जाएगी। इमिग्रेशन ब्यूरो ने प्रक्रिया को सुगम और तेज बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस नए नियम के अनुसार, यात्री अपने मोबाइल फोन पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर आसानी से अपनी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी और अस्पष्ट मुहरों जैसी पुरानी तकनीकी समस्याएं हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी।

 

LPG सिलेंडर

31 अगस्त को एलपीजी कनेक्शन के लिए ई-केवाईसी या बायोमेट्रिक सत्यापन आखिरी दिन है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया 1 सितंबर को बंद हो जाएगी। यदि आपने इस अवधि में यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो आप घरेलू सब्सिडीयुक्त सिलेंडर प्राप्त करने से वंचित हो सकते हैं। इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल जैसी प्रमुख तेल कंपनियां ग्राहकों को इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने की सलाह देते हुए लगातार संदेश भेज रही हैं। 1 सितंबर से एलपीजी या पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव हो सकता है। 

 

बैंकिंग नियमों में बड़े बदलाव

बैंकों में बड़ी सावधि जमा (एफडी) करने वालों के लिए भी नियमों में पारदर्शिता लाई जा रही है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की बड़ी जमा राशि पर दिए जाने वाले ब्याज दर रोजाना सुबह 10:10 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, बैंक की अलग-अलग शाखाएं एक ही दिन जमा की गई एक ही राशि पर अलग-अलग ब्याज दरें नहीं दे सकेंगी। हालांकि, इस नियम का आम नागरिकों की छोटी एफडी पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा। ध्यान दें कि एफडी पारदर्शिता के ये नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। 1 सितंबर से एटीएम से जुड़े चार्जेस में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में ज्यादा ट्रांजैक्शन करने पर बैंक आपसे मोटी फीस वसूल सकता है।

 

ईटीएफ पर नए नियम

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी (SEBI) ने ईटीएफ (ETF) कारोबार को लेकर 1 सितंबर से नए नियम लागू करने का फैसला किया है। नए नियमों के हिसाब से ईटीएफ की कीमत की सीमा तय के लिए पिछले कारोबारी दिन के आखिरी 30 मिनट की ट्रेडिंग वॉल्यूम की औसत कीमत को आधार बनाया जाएगा। इससे ईटीएफ की कीमत बाजार की ताजा स्थिति के आसपास बनी रहेगी।

 

विदेश यात्रा से जुड़ा बड़ा बदलाव

1 सितंबर 2026 से विदेश यात्रा से जुड़ा एक बड़ा बदलाव होने वाला है। भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर अब बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगवाने की जरूरत नहीं होगी. यात्री मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रोसेस पूरा कर सकेंगे। इस नए नियम से हवाई यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।