Gold Price Today: सोना हुआ और सस्ता, नवरात्रि के 7वें दिन नीचे आया भाव; 10 बड़े शहरों में इतना है रेट

देश में सोने की कीमत और नीचे आ गई है। 17 अक्टूबर की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 147580 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई में भाव 147430 रुपये प्रति 10 ग्राम है। हाजिर बाजार में इस सप्ताह सोने की कीमतों में 4,500 रुपये या 3 प्रतिशत की गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,165.12 डॉलर प्रति औंस पर है। इस सप्ताह सोने का वैश्विक भाव ​0.7 प्रतिशत कमजोर हुआ। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 147580 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135290 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 135140 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 147430 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 147430 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135140 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 147430 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 135140 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली135290147580
मुंबई135140147430
अहमदाबाद135190147480
चेन्नई135140147430
कोलकाता135140147430
हैदराबाद135140147430
जयपुर135290147580
भोपाल135190147480
लखनऊ135290147580
चंडीगढ़135290147580

FD Calculator: 5 लाख रुपये का बैंक एफडी 5 साल के लिए करने पर पैसा कितना बढ़कर मिलेगा?

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट कायम है। 17 अक्टूबर की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। हाजिर बाजार में इस सप्ताह चांदी के दाम में 13,500 रुपये या 6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.05 डॉलर प्रति औंस है।

सोने का आयात लगातार दूसरे महीने घटा

भारत में सोने के आयात में लगातार दूसरे महीने गिरावट दर्ज की गई है। सितंबर में सोने का आयात 81.27 प्रतिशत घटकर 1.8 अरब डॉलर का रह गया। कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क में भारी बढ़ोतरी के कारण आयात में यह गिरावट आई। चांदी का आयात भी सितंबर में लगातार दूसरे महीने घटा। यह 49.11 प्रतिशत गिरकर 66.50 करोड़ डॉलर का रह गया। सरकार ने 13 मई 2026 से सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। अप्रैल-सितंबर 2026 की अवधि के दौरान सोने का आयात 27.32 प्रतिशत घटकर 19.27 अरब डॉलर रह गया। वहीं, चांदी का आयात 25.17 प्रतिशत गिरकर 2.4 अरब डॉलर का रह गया।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में इस हफ्ते सोना 3% गिरा, चांदी 13500 रुपये फिसली

Gold Silver Prices Today: यह हफ्ता सोने और चांदी की कीमतों के लिए अच्छा नहीं रहा। दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। हालांकि, हफ्ते के अंतिम दिन यानी शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में दिल्ली सर्राफा बाजार में बदलाव नहीं हुआ। सोना की कीमत बगैर किसी बदलाव के 1,49,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बनी रही।

चांदी 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में भी बदलाव नहीं हुआ। यह 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी देखने को मिली। सोना 0.13 फीसदी चढ़कर 4,176 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 0.30 फीसदी के उछाल के साथ 57.58 डॉलर प्रति औंस थी।

इस हफ्ते दिल्ली में चांदी 13500 रुपये हुई सस्ती

इस हफ्ते सोना दिल्ली सर्राफा बाजार में 3 फीसदी यानी 4,500 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। चांदी में ज्यादा गिरावट देखने को मिली। यह इस हफ्ते 13,500 रुपये यानी 6 फीसदी फिसल गई। हालांकि, त्योहारों के दौरान सोने और चांदी में गिरावट ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। भारत में त्योहारों के दौरान सोने और चांदी खरीदने की परंपरा रही है।

रुपये में तेजी से सोने में रिकवरी पर लगी लगाम

डिजिटल एसेट ट्रेडिंग फर्म जियोटस डॉट कॉम के सीईओ विक्मर शुभराज ने कहा कि शुक्रवार को रुपये में डॉलर के मुकाबले छटे दिन तेजी आई। यह 7 पैसे चढ़कर 94.92 के लेवल पर पहुंच गया। रुपये में मजबूती से सोने में रिकवरी पर ब्रेक लगा है। रुपये में मजबूती से गोल्ड की इंपोर्ट कॉस्ट कम हो जाती है। इसका असर इसकी कीमतों पर पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में रिकवरी 

ऑगमोन्ट में चीफ रिसर्च अफसर रेनिशा चैनानी ने कहा कि डॉलर इंडेक्स में नरमी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी दिखी। इससे पहले यह गिरकर 18 महीने के निचले स्तर पर आ गया था। चांदी में भी तेज गिरावट देखने को मिली थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतें शॉर्ट टर्म में सीमित दायरे में रह सकती हैं।

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बुलियन मार्केट की नजरें फेड की पॉलिसी पर 

बुलियन मार्केट की नजरें इस महीने के अंत में आने वाली फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर लगी हैं। हालांकि, शुक्रवार को थाईलेंड में आईएमएफ की सालाना बैठक में फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने 28 अक्टूबर की पॉलिसी के फैसलों के बारे में किसी तरह का संकेत देने से इनकार कर दिया। लेकिन, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन कह चुके हैं कि उनका फोकस फिलहाल कीमतों को बढ़ने से रोकने पर होगा।

FD Calculator: 5 लाख रुपये का बैंक एफडी 5 साल के लिए करने पर पैसा कितना बढ़कर मिलेगा?

बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में एक बार फिर से लोगों की दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है। इसकी वजह आरबीआई का इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला है। केंद्रीय बैंक ने 7 अक्टूबर को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.5 फीसदी कर दिया। इसके बाद बैंक भी एफडी पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाएंगे।

अगर अभी आपको 5 लाख रुपये का एफडी 5 साल के लिए करना हो तो उस बैंक में करना ठीक रहेगा, जिसका इंटरेस्ट रेट ज्यादा है। इसके लिए स्मॉल फाइनेंस बैंक, सरकारी बैंक और प्राइवेट बैंकों के एफडी के इंटरेस्ट रेट के बारे में जान लेना जरूरी है। इससे फैसला लेना आसान हो जाएगा।

स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) के FD पर इंटरेस्ट रेट्स

fd table 5

सरकारी बैंकों के एफडी पर इंटरेस्ट रेट्स

fd table 6

प्राइवेट बैंकों के एफडी पर इंटरेस्ट रेट्स

एसबीएम बैंक इंडिया 7.65%
DCB बैंक7.50%
यस बैंक7.25%
कोटक महिंद्रा बैंक 6.65%
IDFC First Bank7.10%
IDBI Bank 6.55%
एक्सिस बैंक 6.50%
HDFC Bank 6.50%
ICICI Bank 6.50%

एक्सपर्ट का कहना है कि स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं। आप सूर्योंदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में 8.25 फीसदी सालाना इंटरेस्ट रेट पर 5 लाख रुपये का एफडी 5 साल के लिए कर सकते हैं। 5 साल बाद आपको कुल 7,52,132 रुपये मिलेंगे। इसमें इंटरेस्ट के 2,52,132 रुपये शामिल हैं।

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एफडी 5 लाख से ज्यादा तो अलग-अलग बैंक में करने में फायदा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग 5 लाख से ज्यादा रुपये का एफडी करना चाहते हैं, उन्हें एक बैंक में नहीं कर अलग-अलग बैंकों में करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि बैंक में एफडी पर मैक्सिम इंश्योरेंस कवर 5 लाख रुपये है। इसका मतलब है कि किसी अनहोनी की स्थिति में बैंक डिपॉजिटर्स को मैक्सिमम 5 लाख रुपये तक वापस करता है। अगर किसी डिपॉजिटर के एफडी में 10 लाख हैं तो भी उसे 5 लाख का ही बीमा का पैसा मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

आईटी कंपनियों में लिवाली से बाजार में तेजी

आईटी कंपनियों में लिवाली के दम पर घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को एक बार फिर अच्छी तेजी देखी गई और टेक महिंद्रा का शेयर करीब साढ़े आठ प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 413.66 अंक (0.56 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 74,729.27 अंक पर पहुंच गया। हल्की बढ़त में खुलने के बाद कुछ देर के लिए यह लाल निशान में जरूर गया था, लेकिन एक बार वापसी करने के पूरे दिन तेजी बनी रही।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 148.80 अंक चढ़कर 23,146.15 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों का 23 सितंबर के बाद का उच्चतम स्तर है।

अच्छे तिमाही परिणाम और बोनस शेयर की घोषणा के बाद टेक महिंद्रा के शेयर में आज उछाल देखा गया। कंपनी के गुरुवार को जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में उसका मुनाफा सालाना आधार पर 32.7 प्रतिशत बढ़कर 1,586 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। राजस्व में 15.6 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 16,180 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने प्रत्येक शेयर पर एक बोनस शेयर जारी करने की घोषणा की है। साथ ही प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 15 रुपये के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है।

वृहत बाजार में मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांक गिरावट में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.06 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.01 प्रतिशत नीचे रहा।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी आईटी सूचकांक में 3.92 प्रतिशत का उछाल रहा। मीडिया समूह का सूचकांक 1.92 फीसदी, धातु का 0.95 प्रतिशत और ऑटो का 0.75 प्रतिशत मजबूत हुआ। एफएमसीजी, रियल्टी, फार्मा, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों में गिरावट रही।

एनएसई में जिन 3,669 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,131 के शेयर ऊपर और 1,422 के नीचे बंद हुए। अन्य 116 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 18 के शेयरों मजबूती में रहे। टेक महिंद्रा की 8.45 प्रतिशत क तेजी के बाद टीसीएस का शेयर 4.61 फीसदी और इंफोसिस का 4.55 फीसदी ऊपर रह। भारती एयरटेल में 2.86 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.38 फीसदी की बढ़त रही।

बजाज फाइनेंस का शेयर 1.38 प्रतिशत और एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 1.08 प्रतिशत ऊपर रहा। एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, पावरग्रिड, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट के शेयर भी हरे निशान में रहे।

विमान सेवा कंपनी इंडिगो में 2.23 फीसदी की गिरावट रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.09 प्रतिशत और एशियन पेंट्स का एक प्रतिशत टूट गया। बीईएल, आईटीसी, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स भी नुकसान में रहे।

वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 1.39 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.52 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.24 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.95 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.04 प्रतिशत ऊपर था।

Pic Credit : UNI

Technical View: अगले हफ्ते ‘गिरावट पर खरीदारी’और ‘उछाल पर बिकवाली’की रणनीति करेगी काम, इंडेक्स में इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Technical View : 16 अक्टूबर को निफ्टी में 0.65 प्रतिशत की तेजी आई। यह तेजी औसत से अधिक वॉल्यूम के साथ दर्ज की गई और लगातार दूसरे सत्र में बाजार में बढ़त देखने को मिली। बाजार पर बुल्स की पकड़ बनी रही। इंडेक्स ने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन के ऊपर अपनी पोजीशन बनाए रखी। इसके अलावा,इसके 10-डे और 20-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) ऊपर की ओर बढ़ते रहे,जो एक मजबूत होते शॉर्ट टर्म स्ट्रक्चर का संकेत हैं। हालांकि,बड़ा रुझान अभी भी मंदड़ियों के पक्ष में झुका हुआ है, क्योंकि इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज (जिसमें 50-डे और 200-डे EMA शामिल हैं) के नीचे ही कारोबार कर रहा है।

आगे चलकर,निफ्टी 50 को अपनी रिकवरी को जारी रखने के लिए अगले हफ्ते भी खरीदारी का सिलसिला बनाए रखना होगा और 23,300–23,350 के जोन को मजबूती से फिर से हासिल करना होगा। यह रेंज 50-डे EMA और 24 सितंबर को बने ‘बेयरिश गैप’ के ऊपरी हिस्से से मेल खाती है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिका रहता है तो यह 23,600–23,700 के स्तर तक और तेजी आने का रास्ता खोल सकता है।

अक्टूबर के निचले स्तर 22,180 से लगभग 1,000 अंकों की अच्छी तेजी के बाद,सपोर्ट बेस ऊपर खिसककर 22,800–22,900 के स्तर पर आ गया है। बाजार जानकारों का कहना है कि 22,550–22,600 का दायरा निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है।

अच्छी शुरुआत के बाद पहले घंटे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन निफ्टी 50 मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 23,000 के स्तर के ऊपर बना रहा और 23,146 पर बंद हुआ। यह 23 सितंबर के बाद का इसका सबसे ऊंचा क्लोजिंग लेवल है। इंडेक्स में 149 अंकों यानी 0.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

डेली चार्ट पर, इंडेक्स ने एक लॉन्ग लोअर शैडो वाली बुलिश कैंडल बनाई है,जो एक पॉजिटिव रुझान और निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी आने का संकेत है। इसके अलावा, 24,774 और 22,180 के बीच आई गिरावट के आधार पर गणना करने पर, यह 23,173 के 38.2 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर के करीब पहुंच गया है।

मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी और सुधार देखने को मिला। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 50 के स्तर से ऊपर बढ़कर 52.81 पर पहुंच गया और इसके साथ ही एक पॉजिटिव क्रॉसओवर भी हुआ। वहीं, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) ने अपना बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा और यह जीरो लाइन के और करीब आ गया,जबकि हरे हिस्टोग्राम बार लगातार तीसरे सेशन में और बड़े हो गए।

इस हफ्ते निफ्टी में 2.78 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो अप्रैल 2026 के बाद से इसकी सबसे मजबूत वीकली तेजी है। इस इंडेक्स ने ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ के छह हफ्तों के क्रम को भी तोड़ दिया है। वीकली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनी है, जिसके निचले हिस्से में एक ‘विक’ (wick) है। यह बाजार में नई खरीदारी आने का संकेत है।

कोटक नियो में टेक्निकल रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ट्रेडर्स के लिए ‘गिरावट पर खरीदारी’और ‘तेजी पर बिकवाली’की रणनीति अपनाना सही रहेगा।

नीचे की तरफ, 23,000 और 22,800 के आसपास का 20-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) अहम सपोर्ट लेवल का काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऊपर की तरफ, 23,300 और 23,500 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस ज़ोन हो सकते हैं। अठावले ने आगे कहा कि 22,800 के नीचे जाने पर मार्केट का सेंटिमेंट बदल सकता है, ऐसे में ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलने पर विचार कर सकते हैं।

बैंक निफ्टी

बैंक निफ्टी में लगातार दूसरे सत्र में भी बढ़त देखने को मिली, लेकिन यह पिछले दिन के 56,050–56,100 के उच्च स्तर को पार करने में विफल रहा। यह दायरा 50-दिवसीय EMA के स्तर के साथ भी मेल खाता है। आगे 56,500–56,700 और उसके बाद 57,000 के स्तर तक पहुंचने के लिए, इस दायरे के ऊपर एक स्पष्ट बढ़त दर्ज करना बहुत जरूरी है। 57,000 का स्तर तेजी के रुख को और मजबूत करने के लिए एक अहम बाधा बना हुआ है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि पोजीशनल स्तर पर कंसोलिडेशन जारी है और अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत है।

शाह के अनुसार, 55,200–55,300 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस रेंज के नीचे जाता है, तो इसमें फिर से बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है, जिससे यह 54,800 के स्तर तक गिर सकता है।

ऊपर की तरफ, 56,300–56,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर इस रेंज के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट आता है, तो इससे नई खरीदारी आ सकती है और बैंक निफ्टी 56,700–57,000 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

Market Outlook: बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 19 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

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हेल्थ पॉलिसी के बावजूद हॉस्पिटल का 3 लाख बिल जेब से भरना है, FD तोड़े या किसी से उधार लें?

हेल्थ पॉलिसी होने के बावजूद कई बार हॉस्पिटल के बिल का कुछ हिस्सा जेब से भरना पड़ता है। अगर हॉस्पिटल के बिल में से 3 लाख रुपये जेब से भरना हो तो फिर क्या करना चाहिए? क्या सेविंग्स के पैसा का इस्तेमाल करना चाहिए, बैंक एफडी को तोड़ देना चाहिए या पीएफ से पैसे निकालने चाहिए? मनीकंट्रोल ने यह सवाल एक्सपर्ट से पूछा।

बीमारी को ध्यान में रखकर लेने होंगे फैसले

आरोग्य फाइनेंस के को-फाउंडर और सीईओ जोस पीटर ने कहा कि इस सवाल का जवाब कई बातों पर निर्भर है। इसमें बीमारी कौन सी है, बीमारी के इलाज में कितना समय लगेगा और कितने पैसे खर्च होंगे शामिल हैं। कई बार बीमारी का इलाज एक सर्जरी से हो जाता है, जबकि कुछ बीमारी में बार-बार हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है।

हॉस्पिटल बिल और इंश्योरेंस सेटलमेंट स्टेंटमेंट को चेक करें

उन्होंने कहा कि अगर हॉस्पिटल का बिल 5 लाख आने पर हेल्थ पॉलिसी के बावजूद 3 लाख जेब से चुकाना हो तो बड़ी समस्या हो जाती है। खासकर तब जब परिवार को दवाइयां भी खरीदनी हो और आगे भी डॉक्टर से दिखाना हो। ऐसे में परिवार को हॉस्पिटल के बिल को ध्यान से देखना जरूरी है। इंश्योरेंस कंपनी के सेटलमेंट स्टेटमेंट को भी देखना होगा। इससे पता चलेगा कि कौन-कौन से चार्ज इंश्योरेंस में कवर नहीं हुआ है।

कई हॉस्पिटल इंटरेस्ट-फ्री मेडिकल EMI ऑफर करते हैं

सबसे पहले हॉस्पिटल से यह पूछा जा सकता है कि क्या वह इंटरेस्ट-फ्री मेडिकल EMI ऑफर करता है। इसमें इंटरेस्ट का बोझ हॉस्पिटल उठाता है। अगर हॉस्पिटल यह सुविधा ऑफर करता है तो परिवार के लिए इसका इस्तेमाल करना सबसे अच्छा रहेगा। परिवार मंथली किस्त चुकाने के लिए अपने गैरजरूरी खर्चों में कटौती कर सकता है। अगर यह सुविधा हॉस्पिटल ऑफर नहीं करता है तो ही बैंक एफडी तोड़ने या दूसरे विकल्प का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ेगी।

बैंक एफडी तोड़ने से पहले इन बातों को ध्यान में रखें 

अगर बैंक एफडी तोड़ना जरूरी हो तो पहले यह देखना होगा कि इंटरेस्ट के मामले में कितना लॉस होगा और तय समय से पहले एफडी तोड़ने पर कितनी पेनाल्टी चुकानी होगी। एफडी पर लोन लेना अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन, अगर एफडी अगर लंबी अवधि का है तो उसे तोड़ना सस्ता पड़ेगा। परिवार दोनों विकल्पों पर विचार करने के बाद फैसला ले सकता है।

ईपीएफ में जमा पैसा निकालने का भी विकल्प

तीसरा विकल्प ईपीएफ से पैसे निकालना है। लेकिन, यह ध्यान में रखना जरूरी है कि ईपीएफ से पैसे निकालने का असर आपकी रिटायरमेंट सेविंग्स पर पड़ता है। इस प्रोसेस में समय भी लगता है। यह विकल्प तब काम नहीं करेगा, जब पेशेंट हॉस्पिटल में है और उसे हॉस्पिटल से घर लाने से पहले बिल चुकाना जरूरी हो। ऐसी स्थिति में ईपीएफ से पैसे निकलने का इंतजार नहीं किया जा सकता।

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जरूरत के हिसाब से कुछ विकल्पों का किया जा सकता है इस्तेमाल

उपर्युक्त विकल्पों पर विचार करने के बाद सबसे अच्छा यह होगा कि हॉस्पिटल का बिल चुकाने के लिए सेविंग्स के कुछ पैसे का इस्तेमाल किया जाए और बाकी पैसा का इंतजाम दूसरे स्रोतों से किया जाए। इससे अचानक हाथ खाली नहीं होगा और हॉस्पिटल से पेशेंट के डिस्चार्ज के बाद भी उसकी देखभाल के लिए पैसे बचे रहेंगे।

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अल्बानिया में महंगी शिक्षा के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतरे:सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाई; अभी 11 देशों में छात्र आंदोलन चल रहा

अल्बानिया की राजधानी तिराना में महंगी शिक्षा और खराब सुविधाओं के खिलाफ अब छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। छात्र प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय, सरकारी इमारतों और कई बैंकों की शाखाओं में आग लगा दी। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी का इस्तेमाल किया। इस दौरान दर्जनों पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। अल्बानिया में जारी यह विरोध ऐसे समय हो रहा है, जब भारत, फ्रांस, जर्मनी समेत दुनिया के कुल 11 देशों में छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अल्बानिया में प्रदर्शन से जुड़ी 5 तस्वीरें… कई महीनों से नाराज थे छात्र, सरकार पर अनदेखी का आरोप अल्बानिया में छात्रों की नाराजगी अचानक नहीं बढ़ी है। वे कई महीनों से पढ़ाई के बढ़ते खर्च और डिग्री लेने के बाद नौकरी मिलने की कम संभावनाओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षा महंगी होती जा रही है, जबकि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार के पर्याप्त मौके नहीं मिल रहे हैं। अल्बानिया के पत्रकार आर्लिस अलिकाज ने अल जजीरा से कहा कि मौजूदा प्रदर्शन कई महीनों से दबे गुस्से का नतीजा हैं। तिराना के इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिटिकल स्टडीज के प्रोफेसर और शोधकर्ता अफ्रिम क्रास्निकी के मुताबिक, छात्र और युवा करीब तीन महीने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहे, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि सरकार ने बातचीत करने के बजाय कई बार छात्रों की छवि खराब करने की कोशिश की। अब लोगों का गुस्सा सिर्फ सरकार के खिलाफ नहीं है। सरकारी संस्थानों की जवाबदेही की कमी और लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से भी नाराजगी बढ़ी है। ट्रम्प के दामाद के लग्जरी रिसॉर्ट बनाने का भी विरोध एदी रामा 2013 से अल्बानिया के प्रधानमंत्री हैं। पिछले साल मई में वे चौथी बार इस पद पर चुने गए थे। हालांकि, इसके बाद उनकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी है। मौजूदा प्रदर्शन रामा के लिए अब तक के सबसे गंभीर जन विरोध में से एक माने जा रहे हैं। सरकार के खिलाफ विरोध कुछ महीने पहले ही शुरू हो गया था। इसकी एक वजह देश के दक्षिणी तट पर लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना भी है। इस परियोजना से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर जुड़े हैं। गुरुवार को रॉयटर्स से बातचीत में रामा ने इस्तीफे की मांग खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि सरकारें लोकतांत्रिक चुनावों से बदलती हैं। पिछले साल देश में चुनाव हुए थे, क्रांति नहीं। 2018 में भी शिक्षा के खर्च पर बड़ा आंदोलन हुआ था —————————- यह खबर भी पढ़ें… फ्रांस में शिक्षकों की कमी को लेकर आंदोलन हिंसक हुआ:धमाके में 15 साल के छात्र का हाथ उड़ा; 5 हजार गिरफ्तार, 87% गिरफ्तार नाबालिग फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र सड़कों पर उतर गए हैं। सितंबर में शुरू हुआ यह आंदोलन अब पूरे देश में फैल गया है। छात्र स्कूलों में बढ़ती भीड़, जर्जर इमारतों और शिक्षकों की कमी का विरोध कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Google Pixel 11 पर ₹26,000 तक की बचत, Pixel 11 Pro और Fold पर भी ऑफर, जानें पूरी डिटेल

भारत में नवरात्रि 2026 के जश्न के बीच Google ने दिवाली से पहले ही अपनी सेल शुरू कर दी है। अगर आप Google के नए Pixel 11 स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है। Google Store पर यह सेल शुरू हो चुकी है और 8 नवंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान ग्राहकों को फोन की कीमत में छूट, बैंक से तुरंत कैशबैक, पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर अतिरिक्त छूट और चुनिंदा खरीदारी पर बिना ब्याज वाली EMI जैसे फायदे मिल सकते हैं।

Google Store की जानकारी के मुताबिक, Pixel 11 के 512GB मॉडल पर कुल ₹26,000 तक के ऑफर मिल रहे हैं। इसके अलावा, Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL, Pixel 11 Pro Fold और पुराने Pixel स्मार्टफोन पर भी छूट दी जा रही है। Google की यह सेल ऐसे समय में आई है, जब भारत में Amazon और Flipkart की फेस्टिव सेल भी जारी है।

Google Pixel 11 दिवाली सेल: जानें ऑफर्स और डिस्काउंट

भारत में Google Pixel 11 की शुरुआती कीमत ₹89,999 है। दिवाली सेल के दौरान ग्राहक इसके 512GB वेरिएंट पर Google Store से ₹10,000 की छूट पा सकते हैं। इसके अलावा, चुनिंदा पुराने फोन एक्सचेंज करने पर ₹9,000 का अतिरिक्त बोनस भी मिल सकता है। Google Pixel 9 को एक्सचेंज करने पर ₹34,000 तक की कीमत मिल सकती है।

वहीं, HDFC Bank और ICICI Bank के क्रेडिट कार्ड से चुनिंदा EMI ट्रांजैक्शन करने पर ₹7,000 तक का इंस्टेंट कैशबैक मिल सकता है।

दिए गए ऑफर्स के मुताबिक, सभी लागू छूट और कैशबैक को मिलाकर Pixel 11 के 512GB वेरिएंट पर कुल ₹26,000 तक की बचत हो सकती है। इससे फोन की प्रभावी कीमत ₹70,000 से कम हो सकती है। हालांकि, इसका फायदा ग्राहकों की पात्रता और ऑफर की शर्तों पर निर्भर करेगा।

Google Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold पर ऑफर्स

Google की दिवाली सेल में कंपनी के प्रीमियम स्मार्टफोन पर भी छूट मिल रही है। ग्राहक चुनिंदा बैंक क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर ₹10,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट पा सकते हैं। इसके अलावा, चुनिंदा पुराने फोन एक्सचेंज करने पर ₹9,000 का अतिरिक्त बोनस भी मिल सकता है।

Google के मुताबिक, Pixel 9 को एक्सचेंज करने वाले ग्राहकों को अलग-अलग ऑफर्स मिलाकर कुल ₹46,000 तक की बचत हो सकती है। Google Store की वेबसाइट पर बिना ब्याज वाली EMI का विकल्प भी दिया जा रहा है। हालांकि, ये सभी फायदे ऑफर की शर्तों पर निर्भर करेंगे।

कीमत की बात करें तो Google Pixel 11 Pro की कीमत ₹1,19,999 और Pixel 11 Pro XL की कीमत ₹1,34,999 है। वहीं, Google Store India की वेबसाइट पर Pixel 11 Pro Fold को ₹1,86,999 में लिस्ट किया गया है।

ग्राहकों को फोन कितने में पड़ेगा, यह उनके चुने गए मॉडल, भुगतान के तरीके और पुराने फोन की एक्सचेंज वैल्यू पर निर्भर करेगा।

Google दिवाली सेल: Pixel 10 और Pixel 10a पर छूट

जो ग्राहक Google के पुराने स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, उनके लिए भी दिवाली सेल में अच्छे ऑफर्स मिल रहे हैं। Google Pixel 10 को ₹64,000 से कम और Pixel 10a को ₹46,000 से कम कीमत में खरीदा जा सकता है। इन कीमतों का फायदा Google Store की छूट, बैंक से मिलने वाले इंस्टेंट कैशबैक और पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर मिलने वाले बोनस के साथ मिल सकता है।

हालांकि, कितनी बचत होगी, यह फोन के मॉडल, उपलब्ध ऑफर्स और ग्राहक की पात्रता पर निर्भर करेगा। इसलिए ऑर्डर करने से पहले Google Store के चेकआउट पेज पर दिखाई देने वाली अंतिम कीमत जरूर देख लें।

Google की इस दिवाली सेल में Pixel स्मार्टवॉच पर भी छूट मिल रही है। ग्राहक Pixel Watch 5 पर ₹2,500 तक और Pixel Watch 4 पर ₹1,500 तक का बैंक डिस्काउंट पा सकते हैं। Google Store India की वेबसाइट पर Pixel Watch 5 की कीमत ₹42,900 और Pixel Watch 4 की कीमत ₹39,900 है।

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Market Outlook: बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 19 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook: 16 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 23,100 के स्तर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 413.66 अंक या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,729.27 पर और निफ्टी 148.80 अंक या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इस दौरान लगभग 2221 शेयरों में तेजी आई, 1791 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, टीसीएस, इंफोसिस, भारती एयरटेल और एमएंडएम (M&M) शामिल रहे, जबकि इंटरग्लोब एविएशन, बीएसई लिमिटेड, मैक्स हेल्थकेयर, टाटा कंज्यूमर और जियो फाइनेंशियल के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

FMCG, ऑयल एंड गैस और फार्मा को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। इनमें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मेटल, PSU बैंक और इंफ्रा सेक्टर में 1-2 प्रतिशत की तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक बिना किसी बड़े बदलाव के (फ्लैट) बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय इक्विटी बाजार में रिकवरी का सिलसिला जारी रहा। इसमें IT शेयरों में लगातार हुई खरीदारी का अहम योगदान रहा। मजबूत तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की अच्छी टिप्पणियों ने इस सेक्टर की कमाई के आउटलुक को लेकर भरोसा बढ़ाया है।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती ने भी बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दिया। हालांकि,इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण दूसरी तिमाही (Q2) में मार्जिन घटने की चिंताओं के चलते FMCG शेयरों पर दबाव बना रहा। अलग-अलग सेक्टरों में दिख रहा यह अंतर बताता है कि लगातार बने लागत के दबाव के बीच निवेशक ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके अर्निंग आउटलुक अच्छे नजर आ रहे हैं। रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भले ही नियर टर्म में कुछ सपोर्ट मिले,लेकिन ग्लोबल महंगाई बढ़ने और भू-राजनीतिक जोखिमों को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। इस रिकवरी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि IT के अलावा अन्य सेक्टरों में भी अर्निंग मजबूत हो। इसके लिए घरेलू मांग में सुधार और मार्जिन पर दबाव का कम होना जरूरी है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि शुक्रवार को बाजार में लगातार दूसरे दिन रिकवरी देखने को मिली। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद,बेंचमार्क इंडेक्स ऊंचे स्तर पर कारोबार करते नजर आए। बाजार की शुरुआत सपाट रही,लेकिन बाद में कुछ खास शेयरों,खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को मजबूती मिली। इसके बाद बाजार एक रेंज में आ गया,लेकिन इसने अपनी अधिकांश बढ़त बनाए रखी। अंत में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही अपने दिन के उच्चतम स्तरों के करीब बंद हुए।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो,IT शेयरों ने लगातार चौथे सत्र में बढ़त को लीड किया। तिमाही नतीजों से मिले मोमेंटम के कारण इनमें करीब 4% की तेजी आई। मेटल और ऑटो शेयरों ने भी बाजार की तेजी में योगदान दिया। हालांकि, कुछ FMCG, रियल्टी और एनर्जी शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सीमित रही। ब्रॉडर मार्केट के इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में सुस्त रहे और मिडकैप तथा स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए।

तिमाही नतीजों के बाद IT शेयरों में आई तेजी,बाजार की रिकवरी की मुख्य वजह रही है, जबकि दूसरे सेक्टरों ने भी इसमें सहायक भूमिका निभाई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ, जिससे घरेलू बाजार को कुछ राहत मिली। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रही। इसके अलावा, लगातार बनी हुई महंगाई और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंताएं अभी भी हैं,जिसके चलते सतर्क रहने की जरूरत है।

आगे की बात करें तो सोमवार को शुरुआती कारोबार में बाजार बड़े बैंकों जैसे HDFC बैंक, एक्सिस बैंक और ICICI बैंक के तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा। इसके साथ ही वीकेंड के दौरान ग्लोबल स्तर पर होने वाली घटनाओं का भी बाजार पर असर पड़ सकता है। तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी 23,300 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। अगर यह मजबूती से इस स्तर के ऊपर निकलता है तो रिकवरी 23,500–23,700 के स्तर तक बढ़ सकती है। वहीं,गिरावट की स्थिति में 22,700–22,900 का दायरा सपोर्ट का काम कर सकता है। मिले-जुले संकेतों और तिमाही नतीजों के मौसम को देखते हुए, बाजार पर रुख पॉजिटिव लेकिन सतर्क है। हमें चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और अनुशासित तरीके से ट्रेड मैनेज करने पर जोर देना चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी तेजी जारी रखी और 0.65% की बढ़त के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक ऐसी कैंडल बनाई है जिसमें नीचे की तरफ एक ‘विक’ (wick) है। यह शुरुआती प्रॉफिट बुकिंग के बाद पूरे सत्र में लगातार बनी रही खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है। लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद निफ्टी ने लगातार दूसरे हफ्ते भी बढ़त के साथ क्लोजिंग जो निचले स्तरों पर फिर से खरीदारी लौटने का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-डे EMA के ऊपर कारोबार करता रहा। RSI निचले स्तरों से ऊपर की ओर बढ़ता रहा, जबकि पॉजिटिव MACD क्रॉसओवर और बढ़ता हुआ हिस्टोग्राम बेहतर होते मोमेंटम और दिशा में धीरे-धीरे हो रहे बदलाव का संकेत देते हैं। हालांकि,चालू रिकवरी को मजबूत करने के लिए,तत्काल रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर लगातार खरीदारी होना जरूरी होगा।

आगे 25-डे EMA के पास मौजूद 22980–23000 का जोन, तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी इस रेंज के नीचे टूटता है तो 22850 के स्तर तक शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है। ऊपर की तरफ, 50-डे EMA के पास वाला 23300–23320 का जोन एक रुकावट का काम कर सकता है। अगर इस रेंज के ऊपर तेजी बनी रहती है तो मौजूदा रिकवरी और तेज हो सकती है और भाव और ऊंचे स्तरों तक जा सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी एक दायरे में बना रहा,हालांकि प्राइस एक्शन में धीरे-धीरे ऊपर की ओर झुकाव बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत देता है। इंडेक्स ने नीचे की तरफ एक विक (wick) के साथ छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई और लगभग फ्लैट बंद हुआ। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी तो है, लेकिन किसी स्पष्ट दिशा को लेकर अभी भी पक्का भरोसा नहीं है। पोजीशनल नजरिए से देखें तो कंसोलिडेशन जारी है। अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत होगी। RSI अभी भी न्यूट्रल दायरे में है, जबकि फ्लैट ADX यह बताता है कि किसी खास दिशा में कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है।

55200–55300 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस रेंज के नीचे जाता है तो इसमें फिर से बिकवाली का दबाव आ सकता है और यह 54800 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 56300–56400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर निकलता है तो नई खरीदारी आ सकती है और बैंक निफ्टी 56900 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

Interglobe Aviation Share : त्योहारी सीजन में मनमाने तरीके से एयरफेयर बढ़ाने पर जल्द लगेगी रोक, 2% टूटे इंडिगो के शेयर

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₹82 हजार करोड़ की बारिश, 25 सितंबर के बाद Nifty आज 23100 के पार बंद, लगातार दूसरे दिन Sensex ग्रीन

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और आईटी सेक्टर में खरीदारी के दम पर शुरुआती उठा-पटक से उबरते हुए सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर से शानदार रिकवरी की। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 766 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा तो निफ्टी भी 23100 के पार पहुंच गया। इससे पहले निफ्टी ने आखिरी बार 25 सितंबर को 23100 का लेवल छुआ था और इसी के पार बंद भी हुआ था। हालांकि ब्रोडर लेवल की रिकवरी फेल हो गई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हुए और फिर लाल हो गए और रेड जोन में ही बंद हुए। इस मिले-जुले माहौल में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज ₹82 हजार करोड़ से अधिक बढ़ गई।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला, जिसका निफ्टी इंडेक्स करीब 4% मजबूत हुआ। साथ ही बैंकिंग शेयरों ने भी शानदार वापसी की और मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी पीएसयू बैंक शुरुआती गिरावट से उबरते हुए आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ और निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी बढ़त रही। निफ्टी मेटल तो करीब 1% मजबूत हुआ। वहीं दूसरी तरफ एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल बंद हुए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 16 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 413.66 प्वाइंट्स यानी 0.56% की बढ़त के साथ 74,729.27 और निफ्टी भी 148.80 प्वाइंट्स यानी 0.65% की मजबूती के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 765.79 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,778.78 और निफ्टी दिन के निचले स्तर से 236.05 प्वाइंट्स उबरते हुए 23,149.85 तक पहुंच गया। इससे पहले सेंसेक्स 302.62 प्वाइंट्स गिरकर 74,012.99 और निफ्टी 83.55 प्वाइंट्स फिसलकर 22,913.80 तक आया था।

₹82 हजार करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 15 अक्टूबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,71,83,561.46 करोड़ था। आज यानी 16 अक्टूबर 2026 को यह बढ़कर ₹4,72,66,122.04 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹82,560.57 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।

Sensex के 18 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 18 आज ग्रीन रहे। सबसे अधिक तेजी आज टेक महिंद्रा, टीसीएस और इंफोसिस में रही तो दूसरी तरफ इंडिगो में आज सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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126 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4616 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2404 शेयर आज मजबूत हुए तो 1962 में गिरावट रही जबकि 250 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 126 शेयर एक साल के हाई और 127 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 40 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज सेंसेक्स-निफ्टी में हुई तेज रिकवरी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।