Renault Kiger discounts go up to Rs 68,000 in August 2026

2026 Renault Kwid showroom shot

Renault has announced various discount schemes for customers in August 2026, including cash offers, exchange or scrappage incentives, and corporate benefits. All Renault models (except the Duster) are available this month with a discount. The benefits mentioned here are applicable for bookings made between August 1 and August 31, 2026.

  • Kiger gets highest discounts; Kwid gets the lowest
  • Kiger and Triber offered with loyalty and corporate benefits

Disclaimer: Offers/benefits may vary by city and are subject to stock availability. Buyers are advised to check with their local dealer for exact figures.

Renault Kiger offers in August 2026

Benefits up to Rs 68,000

Renault Kiger front quarter

Depending on the trim level, the 2026 Renault Kiger is being offered with benefits of up to Rs 68,000 across India (except Kerala and Gujarat). This includes a cash discount of Rs 20,000, exchange or scrappage benefits of up to Rs 25,000 and loyalty incentives worth up to Rs 18,000. There’s also a corporate discount of Rs 5,000.

For those residing in Kerala and Gujarat, the loyalty benefit and corporate discount remain the same but cash offers and exchange incentives can now be up to Rs 50,000 each. The price of the Renault Kiger is between Rs 5.81 lakh and Rs 10.40 lakh.

Renault Triber offers in August 2026

Benefits up to Rs 60,000

Apart from Kerala and Gujarat, the 2026 Renault Triber MPV is available with benefits amounting to Rs 60,000. Buyers will be offered a cash discount of Rs 15,000, scrappage incentives worth up to Rs 25,000 or an exchange offer of Rs 15,000, and a corporate discount of Rs 5,000.

Renault Triber front quarter

While the scrappage and corporate offers are unchanged, residents of Kerala and Gujarat get cash discounts of up to Rs 30,000 and exchange benefits worth up to Rs 30,000. The 2026 Renault Triber is priced from Rs 5.81 lakh to Rs 8.53 lakh.

Renault Kwid offers in August 2026

Benefits up to Rs 40,000

Renault Kwid rear quarter

The 2026 Renault Kwid is being offered with a cash discount of up to Rs 15,000 and a scrappage incentive worth up to Rs 25,000 in most states in India. However, this offer is not applicable for buyers in Kerala, Assam, Karnataka, Odisha, Uttarakhand, Telangana, Chhattisgarh, Arunachal Pradesh and Andhra Pradesh. Buyers here can get the Kwid with cash discounts amounting to up to Rs 30,000, while the scrappage benefit remains unchanged. The 2026 Renault Kwid is priced between Rs 4.53 lakh and Rs 5.61 lakh.

All prices are ex-showroom, India.

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SCOOP! BYD to bring its Denza luxury brand to India with launch of D9 MPV

BYD Denza D9

BYD, the world’s largest electric vehicle maker, is in the final stages of bringing its luxury brand Denza to India, with the D9 executive MPV likely to lead the rollout, we have learned. The Chinese carmaker is targeting its first launch around Diwali 2026. However, the launch could move to the Bharat Mobility Global Expo in February 2027 if there is a delay.

It is studying a portfolio of two to three Denza models for India, largely positioned in the Rs 80 lakh-Rs 1 crore price bracket within the first year itself. If the D9 arrives around Diwali, BYD is likely to use the mobility show for a broader showcase of the Denza brand and its proposed India portfolio.

D9 to lead India rollout

The D9 will compete directly with the electric MG M9 and occupy the space below the Toyota Vellfire and Lexus LM. The Toyota Vellfire is priced between Rs 1.20 crore and Rs 1.30 crore, while the Lexus LM ranges from Rs 2.15 crore to Rs 2.69 crore. This leaves room for BYD to position the D9 as an executive electric MPV in the Rs 80 lakh-Rs 1 crore bracket.

BYD Denza D9
International-spec BYD Denza D9 electric MPV shown for representative purposes only.

The D9 is available globally with electric and plug-in hybrid powertrains. BYD is likely to give priority to the electric version in India. Plug-in hybrids face a significant tax disadvantage over pure electric vehicles, which are subject to 5 percent GST, making the PHEV harder to price competitively. The plug-in hybrid version could be considered at a later stage.

D9 could be sold via dedicated Denza outlets

Initially, the Denza models are expected to be imported as completely built units (CBUs). This will allow BYD to enter the market quickly and assess demand before taking a call on its longer-term India plans. BYD may also set up dedicated Denza outlets rather than sell the models through its existing retail network. This would separate Denza from BYD’s current line-up, which comprises the Atto 3, Seal, Sealion 7 and eMax 7.

MG M9
MG M9 electric MPV.

The D9 will arrive at a time when the executive MPV segment is seeing fresh activity. The MG M9 has brought an electric alternative to the segment, while the Vellfire and Lexus LM operate at significantly higher price points. BYD is likely to position the D9 above the MG M9 but below the two Toyota group models, targeting buyers seeking a chauffeur-driven alternative to a luxury SUV.

Denza will take BYD into a price bracket dominated by established luxury brands. The challenge will not be limited to the product. BYD will also have to convince buyers that its retail and after-sales experience can meet expectations in the Rs 80 lakh-Rs 1 crore segment.

With inputs from Uday Singh.

देश में सुस्त पड़ी गोल्ड की डिमांड लेकिन, खर्च ₹1.98 लाख करोड़ के रिकॉर्ड हाई पर

Gold Report: गोल्ड की बढ़ती चमक ने इसकी मांग सुस्त की लेकिन बिक्री वैल्यू रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई। इसका खुलासा वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों से हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council- WGC) की भारत पर बनी ताजा रिपोर्ट के अनुसार इस साल 2026 की दूसरी तिमाही अप्रैल-जून 2026 में भारतीयों ने वॉल्यूम के हिसाब से कम सोना खरीदा लेकिन रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के कारण सोने पर अब तक का सबसे अधिक खर्च किया। जून 2026 तिमाही में देश में गोल्ड की मांग सालाना आधार पर 6% घटकर 131 टन रह गई, जो हालिया वर्षों में साल की सबसे कमजोर जून तिमाही में से एक रही।। हालांकि जितनी भी डिमांड रही, उसकी वैल्यू 50% बढ़कर रिकॉर्ड ₹1.98 लाख करोड़ पर पहुंच गई, क्योंकि घरेलू बाजार में गोल्ड के भाव इस दौरान करीब 59% मजबूत हुए।

इस कारण कमजोर हुई गोल्ड की मांग

गोल्ड के सेल्स वॉल्यूम में गिरावट की मुख्य वजह इसके भाव में दो साल में ताबड़तोड़ तेजी रही। इसके अलावा मई के मध्य में आयात शुल्क में बढ़ोतरी, रुपये की कमजोरी और खरीदारी के लिए शुभ नहीं समझे जाने वाले महीने ने भी दबाव बनाया। इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमतें कुछ नरम हुईं लेकिन आयात शुल्क और रुपये की कमजोरी के कारण भारत में इसके भाव ऊंचे बने रहे। हालांकि मार्च तिमाही की तुलना में जून तिमाही में अक्षय तृतीया और शादी-ब्याह के मौसम की खरीदारी के चलते ज्वेलरी की मांग 14% बढ़कर 75 टन हो गई लेकिन फिर भी सालाना आधार पर यह 15% कम रही और साल 2000 के बाद दूसरी सबसे कमजोर जून तिमाही रही।

बदला खरीदारी का तरीका

ऊंची कीमतों के बावजूद लोगों ने सोना खरीदना बंद नहीं किया, बल्कि अपनी खरीदारी का तरीका बदल दिया। ज्वेलर्स के मुताबिक हल्के वजन, कम कैरेट और स्टडेड (रत्न जड़ी) ज्वेलरी की मांग बढ़ी। पुराने गहने बदलकर नए खरीदने का चलन भी तेज हुआ और कुछ ज्वेलर्स के मुताबिक उनकी कुल बिक्री का 70% तक हिस्सा इसी के जरिए आया और जून तिमाही में इसमें 10–20% की तेजी आई। जून तिमाही में ज्वेलरी की खरीदारी वॉल्यूम के हिसाब से भले ही कम हुई लेकिन वैल्यू 34% बढ़कर ₹1.13 लाख करोड़ हो गई। इस दौरान भारत दुनिया का सबसे बड़ा ज्वेलरी मार्केट बना रहा और ग्लोबल ज्वेलरी डिमांड में उसकी हिस्सेदारी 27% रही।

बार, कॉइन्स और गोल्ड ईटीएफ मिलाकर इंवेस्टमेंट डिमांड तीन धमाकेदार तिमाही के बाद जून तिमाही में कमजोर हुई। निवेश की मांग घटकर 54 टन रह गई जबकि इससे पहले की तीन तिमाहियों में औसतन मांग 100 टन की थी। हालांकि जून तिमाही में मांग घटने के बावजूद यह लॉन्ग टर्म एवरेज से ऊपर बनी रही।

बार और सिक्कों की खरीदारी मार्च तिमाही की तुलना में 19% घटकर जून तिमाही में 50 टन रह गई, क्योंकि कीमतों में तेज उछाल के बाद निवेशकों ने कुछ समय के लिए इंतजार करना उचित समझा। फिर भी सालाना आधार पर यह 9% अधिक रहा और इस साल की पहली छमाही में बार और सिक्कों की खरीद 13 साल के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई।

गोल्ड ईटीएफ की बात करें तो मार्च तिमाही में रिकॉर्ड निवेश के बाद जून तिमाही में इसकी मांग घटकर लगभग 4 टन रह गई। इसके बावजूद भारत उन देशों में शुमार रहा, जहां गोल्ड ईटीएफ में निवेश आया, जबकि अमेरिका और चीन जैसे देशों में निवेशकों ने पैसे निकाले। जून के अंत तक भारत में गोल्ड ईटीएफ की कुल होल्डिंग 119 टन और AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) ₹1.7 लाख करोड़ तक पहुंच गईं।

सप्लाई की बात करें तो देश में गोल्ड की उपलब्धता घटकर 120 टन रह गई, जो पिछले छह साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इसकी मुख्य वजह आयात शुल्क बढ़ने के बाद सोने के आयात में भारी गिरावट रही। तिमाही आधार पर इसमें 53% और सालाना आधार पर 22% की गिरावट आई। हालांकि वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि घरेलू बाजार में गोल्ड की कोई कमी नहीं थी। पहले से मौजूद स्टॉक और रिसाइकल्ड गोल्ड मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त रहा।

रिपोर्ट के मुताबिक ऊंची कीमतों के बावजूद लोगों ने पुराने गहने बेचने की बजाय उन्हें गिरवी रखकर कर्ज लेना अधिक पसंद किया। बैंकों में बकाया गोल्ड लोन सालाना आधार पर दोगुना होकर ₹5.1 लाख करोड़ पहुंच गया, जबकि एनबीएफसी कंपनियों का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 70% बढ़कर यह ₹3.3 लाख करोड़ तक पहुंच गया।

EPF Account: रिटायरमेंट के तुरंत बाद PF का पूरा पैसा निकालना बड़ी भूल!

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जहरीले कॉरपोरेट जॉब की तरह बन गई थी लखनऊ, राहुल ने खोला गुबार (Video)

दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज केएल राहुल कुछ समय पहले लखनऊ सुपर जाएंट्स के कप्तान थे। लखनऊ सुपर जाएंट्स के  मालिक संजीव गोयनका ने साल 2024 के बाद केएल राहुल को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मिली हार पर मैदान में ही खूब खरी खोटी सुनाई थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुआ था।उस दौर की कहानी केएल राहुल ने एक पॉडकॉस्ट में बयान की है।

केएल राहुल ने कहा “IPL कप्तान के तौर पर मुझे सबसे मुश्किल काम लगा—मालिकाना स्तर पर होने वाली ढेर सारी बैठक, रिव्यू और सफाइयां देना। यह मानसिक रूप से बहुत थका देने वाला था। IPL सीज़न के आखिर तक, मैं 10 महीने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के मुकाबले कहीं ज़्यादा मानसिक और शारीरिक रूप से थका हुआ महसूस करता था। आपसे लगातार पूछा जाता है कि आपने कुछ खास फैसले क्यों लिए, किसी खिलाड़ी को क्यों चुना, या टीम का प्रदर्शन खराब क्यों रहा।

उन्होंने आगे कहा “अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में, आपको कोच और चयनकर्ता को जवाब देना होता है जो खेल की बारीकियों को समझते हैं। आप चाहे कुछ भी करें या कितनी भी ज़रूरी चीज़ें पूरी कर लें, खेल में जीत की कोई गारंटी नहीं होती। गैर-खेल पृष्ठभूमि वाले लोगों को यह बात समझाना सबसे मुश्किल होता है, क्योंकि वे अक्सर हर फैसले का पक्का नतीजा चाहते हैं।”

राहुल की कप्तानी में एलएसजी 2022 और 2023 सत्र में प्ले ऑफ में पहुंच गया था। हालांकि 2024 सत्र में लखनऊ की टीम सातवें स्थान पर रही थी। पिछले साल एलएसजी के मालिक संजीव गोयनका (Sanjiv Goenka) के साथ राहुल के रिश्ते भी खराब हो गए थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में गोयनका को हार के बाद लखनऊ के पूर्व कप्तान को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाते देखा गया था। कुछ महीने बाद 33 वर्षीय खिलाड़ी को बड़ी नीलामी से पहले फ्रेंचाइजी ने रिलीज (अपने साथ बरकरार नहीं रखना) कर दिया था।


Kia Sorento to launch on September 4

kia sorento

The Kia Sorento three-row SUV will go on sale in India on September 4, 2026. It will be positioned above the Seltos as Kia India’s flagship ICE SUV, and will also be the carmaker’s first hybrid model for the Indian market. Official bookings for the Sorento opened very recently too.

Kia Sorento India price estimate and rivals

US-spec Kia Sorento. Image used for representation only.

Since the Sorento is anticipated to be locally assembled, expect pricing to start at around Rs 40 lakh (ex-showroom). At that price point, the Sorento will rival premium three-row SUVs like the Volkswagen Tayron, MG Majestor, Skoda Kodiaq, Toyota Fortuner, and Jeep Meridian.

Kia Sorento powertrain options

Kia will offer the Sorento with hybrid and diesel powertrains in India. If the international-spec Sorento is anything to go by, the India-spec model could feature a 1.6-litre 4-cylinder turbo-petrol hybrid setup developing 238hp and 380Nm, along with a 2.2-litre diesel engine outputting 202hp and 441Nm – this mill is used in the Kia Carnival too. Both Sorento engines are likely to be paired with automatic transmissions. Though the global-spec Sorento can be had in FWD and AWD guises, it remains to be seen whether the latter drive layout will be available for Indian buyers.

Kia Sorento exterior and interior

The Sorento sports a subtly aggressive design, with highlights like vertically oriented LED headlamps and tail-lamps, T-shaped amber-coloured DRLs, a wide ‘Tiger Nose’ grille, dual-tone alloy wheels, mildly flared wheel arches, and muscular bumpers. In terms of dimensions, the global-spec Sorento measures 4,815mm in length, 1,900mm in width, and 1,700mm in height, along with a wheelbase of 2,815mm. Should these hold true for the India-spec model, the Sorento will be larger than most of its rivals.

Inside, the India-spec Sorento is likely to be offered with 6-seat and 7-seat configurations. Boot space is rated at 179 litres with all three rows up, extendable to a cavernous 1,996 litres. Notable elements on the premium-looking dashboard include dual 12.3-inch displays, a four-spoke steering wheel with an offset Kia logo, large vertical AC vents on both extremities, a touch-capacitive panel on the centre console, and a rotary drive selector.

The Sorento is expected to pack creature comforts like ventilated front seats, dual-zone climate control, wireless Apple CarPlay and Android Auto, a powered driver’s seat, a panoramic sunroof, Level 2 ADAS, a heads-up display, an electronic parking brake, ambient lighting, a wireless charging pad, and more.
 

बलूचिस्तान ने 11 अगस्त को किया स्वतंत्रता दिवस का ऐलान, पाकिस्तान से आजादी और अब फहराएगा नया झंडा!

Republic of Balochistan: पाकिस्तान से आजादी का ऐलान करने के कुछ ही हफ्तों बाद खुद को रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान घोषित करने वाले समूह ने 11 अगस्त को अपना राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस मनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही बलूच समुदाय ने दुनिया के दूसरे देशों, ग्लोबल कम्युनिटी से एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में बलूचिस्तान को औपचारिक मान्यता देने की अपील फिर से की है।

CNN-न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने एक बयान जारी कर ऐलान किया है कि 11 अगस्त को बलूचिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। दुनिया भर में रहने वाले बलूच समुदाय से इस खास मौके पर राष्ट्रव्यापी और वैश्विक स्तर पर जश्न मनाने की अपील की गई है।

नया झंडा फहराने और जश्न मनाने का आह्वान

बलूच स्वतंत्रता संग्राम के नेता मीर यार बलूच ने लोगों से अपने घरों, मोहल्लों, बाजारों, दुकानों, शैक्षणिक संस्थानों और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर स्वतंत्र बलूचिस्तान का नया राष्ट्रीय ध्वज फहराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य इस दिन के महत्व को बनाए रखना और इसके ऐतिहासिक संदर्भ को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान 11 अगस्त को ही अपना वास्तविक स्वतंत्रता दिवस मानता है और अब से यह दिन हर साल इसी तरह मनाया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए नए सिरे से अपील

रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक संप्रभु राज्य के रूप में बलूचिस्तान को औपचारिक रूप से मान्यता देने और उनके रुख का समर्थन करने का नया आह्वान किया है। उनका मानना है कि जब तक पाकिस्तान अपने मौजूदा स्वरूप में कायम रहेगा तब तक इस क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और समृद्धि हासिल नहीं की जा सकती। बयान में यह दावा भी किया गया है कि रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान और उसके लगभग 6 करोड़ बलूच लोग खुद को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र मानते हैं।

स्वतंत्रता दिवस के लिए 11 अगस्त की तारीख ही क्यों?

बयान के मुताबिक 11 अगस्त 1947 वह ऐतिहासिक दिन था जब भारतीय उपमहाद्वीप से अंग्रेजों की वापसी के दौरान बलूचिस्तान ने सबसे पहले अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी। बयान में दावा किया गया है कि इस स्वतंत्रता की घोषणा को द न्यूयॉर्क टाइम्स सहित अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने कवर किया था और ऑल इंडिया रेडियो ने भी इसका प्रसारण किया था। इसी ऐतिहासिक आधार पर बलूच राष्ट्र लगातार 11 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मानता आया है और भविष्य में भी इसी तारीख को यह दिवस मनाता रहेगा।

पाकिस्तान के इतिहास और भूमिका की कड़ी आलोचना

रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने अपने बयान में भारतीय उपमहाद्वीप के विभाजन के बाद के घटनाक्रमों और पाकिस्तान के रिकॉर्ड की जमकर आलोचना की है। बयान में कहा गया है कि विभाजन के बाद पूरे क्षेत्र में दशकों तक संघर्ष, अशांति, आतंकवाद, आर्थिक अस्थिरता और राजनीतिक संकट का दौर बना रहा। यह भी आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान की नीतियों ने न केवल दक्षिण एशिया बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित किया है।

कई ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र किया गया है। इनमें कश्मीर विवाद, मार्च 1948 में बलूचिस्तान में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई, 1971 का संघर्ष जिसके बाद बांग्लादेश का निर्माण हुआ, जॉर्डन में फिलिस्तीनियों से जुड़ी सैन्य कार्रवाइयां, सोवियत-अफगान युद्ध, चागाई जिले में 1998 में पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण और अमेरिका में 9/11 के हमलों के बाद के घटनाक्रम शामिल हैं। बयान के मुताबिक, इन सभी वजहों से पूरे क्षेत्र में लंबे समय तक अस्थिरता, संघर्ष और खून-खराबा बढ़ा है।

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गौरतलब है कि बलूचिस्तान की ओर से 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने का यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है, वहीं भारत 15 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाएगा।

NEET UG 2026 Merit List: नीट यूजी चॉइस फिलिंग और रजिस्ट्रेशन कल, पुडुचेरी ने जारी की राज्यवार मेरिट लिस्ट

NEET UG 2026 Merit List: चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्र अब नीट यूजी काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के जरिए स्नातक स्तरीय (UG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा के बाद अब काउंसलिंग प्रक्रिया 5 अगस्त से शुरू होने वाली है। इसके तहत अलग-अलग राज्यों के लिए नीट यूजी 2026 मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई है। पुडुचेरी के हेल्थ और फैमिली वेलफेयर सर्विसेज विभाग ने भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट health.py.gov.in पर स्टेट मेरिट लिस्ट जारी कर दी है।

पुडुचेरी मेरिट लिस्ट में एक अनोखी बात सामने आई है जिसने कैंडिडेट्स का ध्यान खींचा है। सबसे ज़्यादा रैंक वाले कैंडिडेट को 670 मार्क्स मिले हैं, लेकिन लिस्ट में ऐसे कैंडिडेट्स भी शामिल हैं जिन्हें -1 से -23 मार्क्स मिले हैं। इन कैंडिडेट्स के शामिल होने से छात्रों में उत्सुकता बढ़ गई है, भले ही मेरिट लिस्ट में उनके नाम होने से एमबीबीएस सीट की गारंटी नहीं है।

कुल 10 छात्रों को नीट यूजी परीक्षा में नेगेटिव मार्क्स मिले हैं। नेगेटिव मार्क्स में -1, -3, -6, -7, -9, -11, -14, -15, -16 और -23 शामिल हैं। इन कैंडिडेट्स की रैंक 4707 और 4716 के बीच है। कृष्णाथ अभिनव एम 670 अंक और एआईआर 553 के साथ राज्य की मेरिट लिस्ट में टॉप पर हैं। दूसरे नंबर पर प्रवीण ए हैं, जिन्होंने 646 अंक और ओवरऑल रैंक 1721 हासिल की है, और लिस्ट में तीसरे नंबर पर रामानीश्वर ए हैं, जिन्होंने 646 मार्क्स और ओवरऑल रैंक 1756 हासिल की है।

जिन छात्रों को जारी मेरिट लिस्ट पर आपत्ति है, वे 5 अगस्त, 2026 तक ऑब्जेक्शन दर्ज करा सकते हैं। वे अपने ऑब्जेक्शन DMS@PY.GOV.IN पर ईमेल के जरिए भेज सकते हैं।

नीट यूजी 2026 मेरिट लिस्ट: रैंक लिस्ट कैसे चेक करें

  • मेरिट लिस्ट चेक करने के लिए, कैंडिडेट्स नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं।
  • ऑफिशियल वेबसाइट health.py.gov.in पर जाएं।
  • होम पेज पर मौजूद NEET UG 2026 मेरिट लिस्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • एक नया पेज खुलेगा जहां कैंडिडेट अपनी रैंक चेक कर सकते हैं।
  • आगे इस्तेमाल के लिए फाइल डाउनलोड करें।

नीट यूजी काउंसलिंग पंजीकरण कल, 5 अगस्त, 2026 से शुरू होगा। आवेदन करने की आखिरी तारीख 12 अगस्त, 2026 है। चॉइस फिलिंग 6 अगस्त से शुरू होगी और 13 अगस्त, 2026 को बंद हो जाएगी। सीट आवंटन रिजल्ट 17 अगस्त को घोषित किया जाएगा। जिन छात्रों को सीट आवंटित होगी, वे 18 अगस्त से 22 अगस्त, 2026 तक इंस्टीट्यूट में रिपोर्ट कर सकते हैं।

बता दें, नीट यूजी री-एग्जाम रिजल्ट 16 जुलाई, 2026 को अनाउंस किया गया था। एग्जाम 21 जून, 2026 को हुआ था। स्टेट मेरिट लिस्ट से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए, कैंडिडेट डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर सर्विसेज, पुडुचेरी की ऑफिशियल वेबसाइट देख सकते हैं।

CLAT 2027: देश की लॉ यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में प्रवेश के लिए शुरू हुई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, 31 अक्टूबर तक दाखिले के लिए भरें फॉर्म

Udhayanidhi Stalin arrest: तमिलनाडु में DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को चेन्नई पुलिस ने किया गिरफ्तार, एक्ट्रेस तृषा को लेकर विवादित बयान पर विवादों में घिरे

Udhayanidhi Stalin arrest: तमिलनाडु में विपक्ष के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को तंजावुर में DMK की एक रैली के दौरान एक्ट्रेस तृषा के बारे में विवादित टिप्पणी करने के आरोप में चेन्नई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना से विपक्षी DMK और सत्ताधारी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ गया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब तंजावुर ईस्ट पुलिस ने एक विरोध सभा के दौरान DMK नेता की टिप्पणियों को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।

इसके बाद पुलिस उदयनिधि स्टालिन के घर पहुंची और उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। इसके बाद उनके घर के बाहर DMK कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। DMK ने सरकार पर उदयनिधि स्टालिन को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाया। मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद उन्हें विधानसभा के चल रहे सत्र में हिस्सा लेने से रोकना था।

तमिलनाडु में सत्ताधारी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को राष्ट्रीय महिला आयोग में DMK यूथ विंग के सेक्रेटरी और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत 3 अगस्त को तंजावुर में DMK के एक प्रदर्शन के दौरान उनके द्वारा कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर की गई है। इसे फिल्म एक्ट्रेस पर निशाना साधकर कही गई बात माना जा रहा है।

विवादित बयान पर बवाल

तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन सोमवार को अभिनेत्री तृषा को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गए। उदयनिधि ने कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की उदासीनता के कारण तमिलनाडु को कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं मिला। रैली के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने ‘तृषा, तृषा’ के नारे लगाए।

पीटीआई के मुताबिक, उदयनिधि ने इस पर अपना भाषण रोककर मुस्कुराते हुए कथित तौर पर ‘द्विअर्थी’ आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद उनका राजनीतिक विरोध शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में FIR दर्ज होने के बाद चेन्नई पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है।

BJP ने बताया शर्मनाक बयान

तमिलनाडु की BJP इकाई के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने X पर कहा कि उदयनिधि की कथित द्विअर्थी टिप्पणी घृणित, अश्लील, आपत्तिजनक और शर्मनाक है। BJP नेता ने कहा, “सचमुच, कोई बदमाश या चोर भी, जिसकी मां, पत्नी या बेटी हो, इतनी अभद्र भाषा में बात नहीं करेगा। कोई भी मां, पत्नी या बेटी ऐसी टिप्पणी करने वालों को माफ नहीं करेगी।”

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उन्होंने कहा कि इस टिप्पणी के लिए उदयनिधि को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए। तिरुपति ने कहा, “इस तरह की निम्नस्तरीय भाषा के लिए उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार कर जेल भेजना तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के लिए मार्कंडेयन (DMK विधायक) की गिरफ्तारी से अधिक श्रेयस्कर होगा। अब देखना होगा कि अदालतें इस टिप्पणी के लिए सजा देती हैं या जमानत मंजूर करती हैं।”

CLAT 2027: देश की लॉ यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में प्रवेश के लिए शुरू हुई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, 31 अक्टूबर तक दाखिले के लिए भरें फॉर्म

CLAT 2027: कानून के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक देश के युवाओं के लिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs) के कंसोर्टियम ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन लिंक एक्टिवेट कर दिया है। क्लैट 2026 के जरिए छात्र देशभर में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट लॉ पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश के इच्छुक छात्र अब आधिकारिक प्रवेश पोर्टल के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।

पंजीकरण विंडो 31 अक्टूबर, 2026 तक खुली रहेगी। क्लैट 2027 परीक्षा 6 दिसंबर, 2026 को दोपहर 2.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक होनी है। कंसोर्टियम ने स्पष्ट किया है कि आने वाले प्रवेश चक्र के लिए परीक्षा के सिलेबस या स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्लैट 2027: जरूरी तारीखें

इवेंट तारीख

रजिस्ट्रेशन शुरू : 3 अगस्त, 2026 (सुबह 10.00 बजे IST)

अप्लाई करने की आखिरी तारीख : 31 अक्टूबर, 2026

क्लैट 2027 परीक्षा : 6 दिसंबर, 2026 (दोपहर 2.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक)

क्लैट 2027 के लिए कैसे करने आवेदन

रजिस्टर करें : एक वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस का इस्तेमाल करके अकाउंट बनाएं।

एप्लीकेशन फॉर्म भरें : पर्सनल, एकेडमिक और कॉन्टैक्ट डिटेल्स डालें।

प्राथमिकता चुनें : पसंदीदा परीक्षा शहर चुनें और एनएलयू प्राथमिकता बताएं।

डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें : पासपोर्ट साइज का फोटो, सिग्नेचर और कैटेगरी सर्टिफिकेट, अगर लागू हो, अपलोड करें।

आवेदन शुल्क का भुगतान करें : ऑनलाइन पेमेंट पूरा करें और एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें।

योग्यता और परीक्षा पैटर्न

अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रम के लिए आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों को कम से कम 45% अंकों के साथ कक्षा 12 या उसके बराबर की परीक्षा पास करनी होगी। एससी और एसटी परीक्षार्थियों के लिए न्यूनतम योग्यता अंक 40% हैं। फरवरी 2027 में अपना क्वालिफाइंग एग्जाम देने वाले छात्र भी आवेदन करने के योग्य हैं।

पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम के लिए, आवेदकों के पास कम से कम 50% अंकों के साथ एलएलबी डिग्री या उसके बराबर की योग्यता होनी चाहिए। एससी और एसटी उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग रिक्वायरमेंट 45% है।

क्लैट परीक्षा इस साल भी मौजूदा ऑफलाइन फॉर्मेट में जारी रहेगी। इसमें कॉम्प्रिहेंशन-बेस्ड मल्टीपल-चॉइस सवाल होंगे। अंडरग्रेजुएट पेपर में इंग्लिश लैंग्वेज, जनरल नॉलेज सहित करंट अफेयर्स, लीगल रीजनिंग, लॉजिकल रीजनिंग और क्वांटिटेटिव टेक्नीक शामिल होंगे।

क्लैट 2027 में हिस्सा लेंगी 27 एनएलयू

क्लैट 2027 में देश की 27 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी हिस्सा लेंगी। अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में लगभग 3,952 से 4,100 सीटें हैं, जबकि पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए लगभग 1,590 सीटें हैं। आवेदक पूल में 57% महिला परीक्षार्थी हैं, जबकि अंडरग्रेजुएट कैंडिडेट कुल रजिस्ट्रेशन में 80% से ज्यादा हिस्सा लेते हैं। कुल चयन दर 6% से कम रहने के कारण, सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा रहने की उम्मीद है।

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Poojaa Precision IPO Listing: 56% प्रीमियम पर ₹301 का शेयर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 278 गुना बोली

Poojaa Precision IPO Listing: पूजा प्रिसिजन के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 278 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹301 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹470.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 56.15% का लिस्टिंग गेन (Poojaa Precision Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹488.00 (Poojaa Precision Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 62.13% मुनाफे में हैं।

Poojaa Precision IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

पूजा प्रिसिजन का ₹160 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 278.83 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 206.46 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 463.43 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 247.58 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.33 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 53.10 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹106.34 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹30.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Poojaa Precision Engg. के बारे में

पूजा प्रिसिजन इंजीनियरिंग एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी है जो एलुमिनियम डाई-कास्टिंग और प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स बनाती है। इनका इस्तेमाल इंजन, ड्राइवरट्रेन, ईवी पावरट्रेन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में होता है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल ऑटोमोटिव (कमर्शियल गाड़ियां, पैसेंजर गाड़ियां, दो-पहिया गाड़ियां, इलेक्ट्रिक गाड़ियां), खेती, डिफेंस, एनर्जी, हेल्थकेयर, एयरोस्पेस और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे इंडस्ट्रीज में होता है। इसके ग्राहक भारत से लेकर जर्मनी, अमेरिका, इटली और स्विटजरलैंड तक हैं। हाल ही में अप्रूव्ड वेंडर पार्टनरशिप्स के जरिए एयरोस्पेस सेक्टर तक अपना दायरा फैलाया है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 38% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹30.90 करोड़ और टोटल इनकम 30% के सीएजीआर से ₹295.20 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹41.16 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹118.53 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।