नई कार पर 4 और बाइक पर 6 साल का इंश्योरेंस जरूरी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने गाड़ियों के इंश्योरेंस बड़ा फैसला सुनाया है। अब नई प्राइवेट कार खरीदने पर 4 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना होगा। नई बाइक खरीदने पर 6 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य होगा। पहले यह अवधि एक साल कम थी। कोर्ट ने कहा कि इससे सड़क हादसों के पीड़ितों को जल्दी मुआवजा मिलेगा।

यह आदेश जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने दिया। कोर्ट ने कहा कि देश में अब भी बड़ी संख्या में गाड़ियां बिना इंश्योरेंस के चल रही हैं। इसे रोकना जरूरी है।

2018 के बाद भी नहीं बदले हालात

सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में नई कार के लिए 3 साल और नई बाइक के लिए 5 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य किया था। लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। कोर्ट ने कहा कि अब अवधि एक साल और बढ़ाई जा रही है।

IRDAI और जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। लेकिन कोर्ट ने सड़क सुरक्षा को ज्यादा अहम माना।

हर दूसरी गाड़ी के पास इंश्योरेंस नहीं

कोर्ट ने कहा कि देश में करीब 56% गाड़ियां बिना वैध इंश्योरेंस के चल रही हैं। संसदीय समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, 30.48 करोड़ रजिस्टर्ड गाड़ियों में से 16.54 करोड़ के पास वैध इंश्योरेंस नहीं है।

कोर्ट ने कहा कि थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का मकसद सिर्फ मुआवजा देना नहीं है। इसका मकसद पीड़ितों को लंबी कानूनी लड़ाई से बचाना भी है।

बिना इंश्योरेंस गाड़ी पर ई-चालान

कोर्ट ने कहा कि ANPR कैमरों को VAHAN पोर्टल और Insurance Information Bureau से जोड़ा जाए। इससे बिना इंश्योरेंस चल रही गाड़ियों की पहचान हो सकेगी। फिर उन्हें अपने आप ई-चालान जारी होगा।

राज्य पुलिस को भी ऐसे मोबाइल ऐप और डिवाइस दिए जाएंगे। इससे मौके पर ही इंश्योरेंस चेक किया जा सकेगा।

बिना इंश्योरेंस पेट्रोल भी नहीं

कोर्ट ने IRDAI और सड़क परिवहन मंत्रालय से पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने को कहा है। इसके तहत बिना वैध इंश्योरेंस वाली गाड़ियों को पेट्रोल देने पर रोक लगाने की योजना बनाई जाएगी।

कोर्ट ने यह भी कहा कि लोग किसी भी गाड़ी का इंश्योरेंस स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकें। इसके लिए भी व्यवस्था बनाई जाए।

इंश्योरेंस खरीदने से पहले पूरी जानकारी

कोर्ट ने IRDAI को चार-स्तरीय इंश्योरेंस व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया। इसमें थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के साथ पर्सनल एक्सीडेंट कवर, पिलियन या यात्रियों का कवर और ओन डैमेज कवर का विकल्प भी होगा। हर ग्राहक को बीमा खरीदने से पहले आसान भाषा में पूरी जानकारी भी देनी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को 14 अगस्त 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

CIBIL Score: पुराना बैंक अकाउंट या क्रेडिट कार्ड बंद कर रहे? जानिए सिबिल स्कोर पर क्या असर पड़ेगा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Flipkart Freedom Sale: iPhone 17 Pro पर 13,000 तक की छूट, जानिए किस मॉडल पर कितना ऑफर

फ्लिपकार्ट ने अपनी फ्रीडम सेल 2026 शुरू होने से पहले कई बड़े ऑफर्स की जानकारी दे दी है। इस बार कंपनी ने सिर्फ बड़े-बड़े दावे करने के बजाय कई प्रोडक्ट्स की असली सेल कीमत भी बता दी है। खासकर एप्पल के प्रोडक्ट्स पर मिलने वाली छूट अब साफ हो गई है। फ्रीडम सेल सभी ग्राहकों के लिए 8 अगस्त से शुरू होगी। वहीं, फ्लिपकार्ट प्लस, फ्लिपकार्ट ब्लैक मेंबर और फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड रखने वाले ग्राहक 7 अगस्त से ही सेल का फायदा उठा सकेंगे।

iPhone 17 Pro पर मिलेगा शानदार ऑफर

इस सेल में iPhone 17 Pro पर भी अच्छी छूट मिलेगी। इसकी लॉन्च कीमत 1,34,900 रुपये थी, लेकिन सेल के दौरान यह 1,26,900 रुपये में मिलेगा। यह सीधी छूट है और इसके लिए किसी बैंक कार्ड की जरूरत नहीं होगी। यानी ग्राहकों को सीधे 8,000 रुपये की बचत होगी। अगर ग्राहक एसबीआई बैंक या फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते हैं, तो उन्हें 5,000 रुपये की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी। इस तरह सभी ऑफर्स के बाद iPhone 17 Pro की प्रभावी कीमत 1,21,900 रुपये रह जाएगी, जो इसकी लॉन्च कीमत से 13,000 रुपये कम है।

iPhone 17 Pro Max पर भी फ्लिपकार्ट फ्रीडम सेल में अच्छी छूट मिलेगी। इस फोन की कीमत सेल के दौरान 1,41,900 रुपये होगी। वहीं, एसबीआई बैंक और फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक के पात्र क्रेडिट कार्ड धारक इसे 1,32,900 रुपये की प्रभावी कीमत पर खरीद सकेंगे। सीधी छूट के अलावा, फ्लिपकार्ट कुछ चुनिंदा बैंक कार्ड पर अतिरिक्त कैशबैक और नो-कॉस्ट ईएमआई का भी फायदा देगा। हालांकि, इन ऑफर्स के साथ कुछ नियम और शर्तें लागू होंगी। इसलिए खरीदारी करने से पहले ऑफर की सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ लेना बेहतर रहेगा।

सिर्फ iPhone ही नहीं, एंड्रॉयड फोन पर भी मिलेंगे शानदार ऑफर्स

फ्लिपकार्ट ने सिर्फ आईफोन ही नहीं, बल्कि कई एंड्रॉयड स्मार्टफोन की सेल कीमतों का भी खुलासा कर दिया है। इससे ग्राहकों को अलग-अलग कंपनियों के फोन की कीमत और ऑफर्स की तुलना करने में आसानी होगी। गूगल पिक्सल 10 सीरीज की कीमतें भी सामने आ गई हैं। पिक्सल 10 की कीमत 62,999 रुपये, पिक्सल 10ए की 50,999 रुपये, पिक्सल 10 प्रो की 99,999 रुपये और पिक्सल 10 प्रो एक्सएल की कीमत 1,14,999 रुपये होगी।

वहीं, सैमसंग गैलेक्सी S26 अल्ट्रा और गैलेक्सी S26 प्लस पर भी छूट मिलेगी। हालांकि, इन दोनों फोन की अंतिम सेल कीमत का अभी ऐलान नहीं किया गया है। अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह अच्छा मौका हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल मेमोरी चिप समेत कई मोबाइल पार्ट्स की कीमतें बढ़ी हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में स्मार्टफोन की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एप्पल जल्द ही आईफोन 17 सीरीज की कीमत बढ़ा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो फ्लिपकार्ट फ्रीडम सेल में मिल रही मौजूदा कीमतें ग्राहकों के लिए बेहतर सौदा साबित हो सकती हैं। इसलिए जो लोग आईफोन 17 सीरीज खरीदने का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए यह सेल अच्छा अवसर हो सकती है।

अगर आप पहले से ही नया आईफोन खरीदने या अपना पुराना फोन बदलने की योजना बना रहे हैं, तो फ्लिपकार्ट फ्रीडम सेल आपके लिए अच्छा मौका हो सकती है। इस बार कंपनी ने सिर्फ ऑफर्स का प्रचार नहीं किया है, बल्कि कई आईफोन की वास्तविक सेल कीमत भी पहले ही बता दी है। iPhone 17 Pro की प्रभावी कीमत 1,21,900 रुपये तक पहुंच सकती है, जबकि इसकी लॉन्च कीमत 1,34,900 रुपये थी। यानी ग्राहकों को अच्छी-खासी बचत का मौका मिलेगा।

इसके अलावा, आईफोन 15 जैसे पुराने मॉडल, जिसकी शुरुआती कीमत 55,900 रुपये से शुरू होगी, से लेकर iPhone 17 Pro मैक्स तक कई मॉडलों पर आकर्षक छूट दी जा रही है। ऐसे में लगभग हर बजट के ग्राहकों के लिए इस सेल में खरीदारी का अच्छा मौका होगा। फ्लिपकार्ट फ्रीडम सेल सभी ग्राहकों के लिए 8 अगस्त से शुरू होगी। वहीं, फ्लिपकार्ट प्लस और फ्लिपकार्ट ब्लैक मेंबर एक दिन पहले यानी 7 अगस्त से ही इन ऑफर्स का लाभ उठा सकेंगे।

MP-CG में Jio का जलवा! ब्रॉडबैंड ग्राहक 21 लाख के पार, नए सस्ते Wi-Fi और TV कॉम्बो प्लान लॉन्च

jio

मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ टेलीकॉम सर्किल में रिलायंस जियो ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जियो के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 21 लाख के पार पहुंच गई है।भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की जून 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, MP-CG सर्किल में जियोफाइबर और FWA आधारित जियोएयरफाइबर सेवाओं से 46 हजार से अधिक नए ब्रॉडबैंड ग्राहक जुड़े हैं। इसी अवधि में एयरटेल के करीब 14 हजार नए ब्रॉडबैंड ग्राहक जुड़े।
 

रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में सभी टेलीकॉम कंपनियों के कुल ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 35 लाख से अधिक हो चुकी है। इनमें अकेले जियो के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 21 लाख से ज्यादा है। वहीं, मोबाइल सेवाओं में भी जियो का मजबूत प्रदर्शन जारी है और कंपनी के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 5.05 करोड़ से अधिक हो चुकी है।

 

इस उपलब्धि के साथ जियोहोम ने डिजिटल मनोरंजन और हाई-स्पीड इंटरनेट को हर घर तक पहुंचाने के लिए नए और बेहद किफायती सर्विस पैक पेश किए हैं। कंपनी ने विशेष रूप से टीवी मनोरंजन पसंद करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए ‘टीवी-ओनली’ पैक लॉन्च किया है।
 

‘टीवी-ओनली’ पैक

इस पैक के तहत ग्राहक प्रभावी रूप से मात्र 400 रुपये प्रति माह की लागत पर टीवी मनोरंजन का लाभ ले सकते हैं। यह पैक 2 महीने और 5 महीने की अवधि के विकल्पों में उपलब्ध है। इसके माध्यम से ग्राहक 1,000 से अधिक लाइव टीवी चैनलों का आनंद ले सकते हैं। इनमें 200 से अधिक HD चैनल और 15 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं के चैनल शामिल हैं।

‘वाई-फाई-ओनली’ पैक

इसी तरह, केवल इंटरनेट की सुविधा चाहने वाले ग्राहकों के लिए ‘वाई-फाई-ओनली’ पैक भी उपलब्ध हैं। 30 Mbps स्पीड वाला पैक 2,200 रुपये में 5 महीने के लिए उपलब्ध है, जिसकी प्रभावी मासिक लागत 450 रुपये प्रति माह है। वहीं, 100 Mbps स्पीड वाला पैक 3,000 रुपये में 5 महीने के लिए उपलब्ध है, जिसकी प्रभावी मासिक लागत 600 रुपये प्रति माह है।

 

ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जियोहोम ने ऑल-इन-वन  विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं। 3-इन-1 कॉम्बो पैक में 30 Mbps की इंटरनेट स्पीड, 1,000  लाइव टीवी चैनल और 12 OTT ऐप्स की सुविधा उपलब्ध है। यह पैक 2,222 रुपये में 4 महीने के लिए लिया जा सकता है, जिसकी प्रभावी मासिक लागत 555 रुपये प्रति माह है।वहीं, 100 Mbps स्पीड वाला कॉम्बो पैक 2,122 रुपये में 3 महीने के लिए उपलब्ध है। इसकी प्रभावी मासिक लागत 707 रुपये प्रति माह है।

 

इन नए पैक्स के माध्यम से जियोहोम ग्राहकों को उनकी जरूरतों और बजट के अनुरूप टीवी, मनोरंजन और हाई-स्पीड इंटरनेट के किफायती तथा सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध करा रहा है।

HDFC Bank AGM: नए चेयरमैन, डिविडेंड से लेकर फंड जुटाने तक, 5 अगस्त की AGM में कई बड़े फैसले होंगे

HDFC Bank AGM: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank की 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) बुधवार,5 अगस्त को होगी। इस बार की AGM कई वजहों से खास मानी जा रही है। हाल ही में नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था। वहीं, बैंक को जल्द नया CEO भी चुनना है।

मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल तीन महीने से भी कम बचा है। RBI के नियम कहते हैं कि नए CEO के नाम की सिफारिश छह महीने पहले भेजनी चाहिए। लेकिन बैंक ने अभी तक इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की है।

डिविडेंड, फंड जुटाने का प्लान

AGM में सबसे पहले वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों और डिविडेंड पर मंजूरी ली जाएगी।

इसके अलावा बैंक फंड जुटाने की भी तैयारी में है। इसके लिए वह AT-1 बॉन्ड, Tier-II बॉन्ड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए लॉन्ग-टर्म बॉन्ड जारी करने की मंजूरी मांगेगा। ये सभी बॉन्ड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

नए चेयरमैन पर भी लगेगी मुहर

बैंक ने राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव रखा है। AGM में शेयरधारक इस पर वोट करेंगे।

अगर मंजूरी मिलती है, तो उन्हें RBI की अनुमति के अनुसार ₹50 लाख सालाना तय पारिश्रमिक मिलेगा। इसके अलावा बोर्ड और कमेटी की बैठकों में शामिल होने पर सिटिंग फीस भी मिलेगी। बैंक की कार का इस्तेमाल भी आधिकारिक और निजी दोनों कामों के लिए कर सकेंगे।

पहले चेयरमैन को कितना मिला था?

राजीव कुमार से पहले अतनु चक्रवर्ती इस पद पर थे। वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें ₹59 लाख सिटिंग फीस और ₹48.25 लाख तय पारिश्रमिक मिला था। यानी कुल मिलाकर उन्हें ₹1.07 करोड़ का भुगतान हुआ।

उन्होंने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दिया था। इसलिए उन्हें पूरे साल की बजाय जितने समय तक पद पर रहे, उसी हिसाब से भुगतान किया गया।

एक और प्रस्ताव भी आएगा

AGM में वी. श्रीनिवास रंगन को फिर से निदेशक बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वह रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे हैं और बैंक उन्हें दोबारा बोर्ड में शामिल करना चाहता है।

HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 1.86% की गिरावट के साथ 739 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 साल में स्टॉक 25.80% टूट चुका है।

Bharti Airtel Q1 Results: नेट प्रॉफिट 37% बढ़कर 8,167 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 18% बढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Commonwealth Games में भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने जीते 16 पदक (Video)

Neeraj Chopra

भारतीय सेना ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में अपने खिलाड़ियों के ‘शानदार प्रदर्शन’ की मंगलवार को तारीफ की और कहा कि यह अलग-अलग खेलों में उनके जोश और लगन का सबूत है।सेना ने बताया कि उसके खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में 16 पदक जीते और इस बात पर जोर दिया कि ये उपलब्धियां विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को तैयार करने और देश की खेल से जुड़ी उम्मीदों को आगे बढ़ाने के लिए उसकी प्रतिबद्धता को फिर से साबित करती हैं।

सेना ने कहा, ‘‘हर काम, देश के नाम, जनरल धीरज सेठ, सीओएएस और भारतीय सेना में सभी पद के लोग राष्ट्रमंडल खेले ग्लास्गो 2026 में शानदार प्रदर्शन के लिए भारतीय सेना के खिलाड़ियों को दिल से बधाई देते हैं।’’ सेना ने बताया कि उसके खिलाड़ियों ने जूडो, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, पैरा-एथलेटिक्स और भारोत्तोलन में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने जीत के पलों की झलक दिखाने वाली एक वीडियो क्लिप भी साझा की।

सेना ने कहा, ‘‘भारतीय सेना के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन उनके जोश और लगन का सबूत है। ये उपलब्धियां विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को तैयार करने और मिशन ओलंपिक 2036 के जरिए देश की खेल से जुड़ी उम्मीदों को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को फिर से साबित करती हैं।’’

तीन अगस्त को संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 39 पदक जीते जिसमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल हैं। भारत चौथे स्थान पर रहा। गुजरात का अहमदाबाद 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा जिससे दो दशक बाद इस प्रतियोगिता की भारत में वापसी होगी।भारत ने पिछली बार 2010 में नयी दिल्ली में इन खेलों की मेजबानी की थी।

Delhi Free JEE-NEET Coaching: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए दिल्ली सरकार ने शुरू की खास सुविधा, प्रवेश परीक्षा से चुने जाएंगे छात्र

Delhi Free JEE-NEET Coaching: दिल्ली सरकर ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए खास पहल की है। देश के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों को दिल्ली सरकार की ओर से मुफ्त कोचिंग कराई जाएगी। दिल्ली सरकार की इस विशेष पहल के तहत एक साल का मुफ्त आवासीय कोचिंग प्रोग्राम घोषित किया गया है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने एक सर्कुलर जारी कर इस पहल की जानकारी दी है। फ्री कोचिंग प्रोग्राम पुणे की गैर लाभकारी संस्था दक्षिणा फाउंडेशन की स्पॉन्सर्ड स्कॉलरशिप के तहत दिया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों में कक्षा 12 में पढ़ने वाले जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) और नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के छात्रों के लिए एक साल का फ्री रेजिडेंशियल कोचिंग प्रोग्राम अनाउंस किया है। दिल्ली सरकार और सरकारी मदद वाले स्कूलों में मौजूद शैक्षिक सत्र के दौरान कक्षा 12 (साइंस) में एनरोल छात्र इस पहल का लाभ ले सकते हैं। डीओई ने सभी सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों को इस पहल के बारे में सूचित किया है।

निदेशालय की ओर से योग्य छात्रों से चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने को कहा गया है। छात्रों का चयन जॉइंट दक्षिणा सिलेक्शन टेस्ट (JSDT) 2027 के जरिए होगा, जो दिसंबर 2026 में होगी। प्रवेश परीक्षा में सफल छात्रों को महाराष्ट्र के पुणे जिले के कडूस गांव में मौजूद फाउंडेशन के कैंपस दक्षिणा वैली में एक साल के लिए फ्री रेजिडेंशियल कोचिंग दी जाएगी।

डीओई ने कहा कि स्कॉलरशिप की राशि से कार्यक्रम का पूरा खर्च मैनेज हो जाएगा। स्कॉलरशिप में जेईई और नीट के लिए फ्री कोचिंग, एक साल के कोर्स के पूरे समय के लिए हॉस्टल में रहने की जगह और खाना शामिल है। दिल्ली सरकार और दक्षिणा फाउंडेशन की ये पहल खासतौर से ईडब्लूएस वर्ग के उन छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगी, जो इंजीनियरिंग और मेडिसिन में करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन महंगे कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं अफोर्ड कर सकते हैं।

इस प्रोग्राम का मकसद देश भर के बड़े इंजीनियरिंग और मेडिकल इंस्टिट्यूट में सरकारी स्कूल के छात्रों की उपस्थिति को बेहतर बनाना है। दिल्ली सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे योग्य छात्रों के बीच स्कॉलरशिप के बारे में जागरूकता फैलाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र इस मौके का फायदा उठा सकें। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब सरकारें टारगेटेड स्कॉलरशिप प्रोग्राम और शैक्षिक संस्थानों के साथ पार्टनरशिप के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक पहुंच को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही हैं।

Direct Admission to DU Without CUET: डीयू के दो कॉलेज छात्रों को 12वीं के नंबरों के आधार पर दे रहे प्रवेश, सीयूईटी का स्कोर जरूरी नहीं

Tata की इलेक्ट्रिक कारों पर मिल रहा बड़ा डिस्काउंट, Curvv EV पर 3 लाख से ज्यादा का फायदा

tata currv ev

Tata EV Discounts August 2026: अगर आप अगस्त 2026 में नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो Tata Motors की डीलरशिप पर इस महीने कई आकर्षक ऑफर्स मिल रहे हैं। कंपनी चुनिंदा EV मॉडल और वेरिएंट पर कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज ऑफर, स्क्रैपेज बेनिफिट और लॉयल्टी इंसेंटिव दे रही है। 

हालांकि, सभी इलेक्ट्रिक कारों पर एक जैसे फायदे नहीं मिलेंगे। अगस्त 2026 के ऑफर्स में Tigor EV और Sierra EV को शामिल नहीं किया गया है। वहीं, Tata Nexon EV पर इस महीने सबसे कम बेनिफिट मिल रहा है। कंपनी के ये ऑफर्स 31 अगस्त 2026 तक लागू रहेंगे। Tata Motors के अगस्त 2026 के ये ऑफर्स 31 अगस्त 2026 तक वैध हैं।

ALSO READ: iPhone 16 पर बड़ी डील, 67,900 रुपए वाला फोन 40,612 रुपए में खरीदने का मौका, ऐसे मिलेगा डिस्काउंट

Curvv EV पर सबसे ज्यादा फायदा

ALSO READ: सस्ते Electric Scooters की होने वाली है इंट्री, Ather से Honda तक मचेगी हलचल

अगस्त 2026 में Tata Motors की इलेक्ट्रिक कारों में Curvv EV पर सबसे ज्यादा डिस्काउंट मिल रहा है। इसके कुछ वेरिएंट पर ग्राहकों को अधिकतम 3.35 रुपए लाख तक के बेनिफिट मिल सकते हैं। Tata Curvv EV के चुनिंदा वेरिएंट पर 30,000 रुपए का एक्सचेंज बेनिफिट या 35,000 रुपए का स्क्रैपेज इंसेंटिव दिया जा रहा है।

इसके अलावा, मौजूदा Tata ग्राहक अगर अपनी पुरानी Tata ICE (पेट्रोल/डीजल) या EV को बदलकर नई Curvv X Series खरीदते हैं, तो उन्हें 30,000 रुपए का लॉयल्टी बेनिफिट भी मिल सकता है। इस तरह Curvv EV के X वेरिएंट पर ग्राहक अधिकतम 65,000 रुपए तक के लाभ का फायदा उठा सकते हैं।

 

Non-X Curvv EV पर 3.35 लाख रुपए तक की बचत

अगर ग्राहक Tata Curvv EV का Non-X वेरिएंट खरीदते हैं, तो अधिकतम बेनिफिट 3.35 रुपए लाख तक पहुंच सकता है। इसमें:3 लाख रुपए कैश डिस्काउंट। 35,000 स्क्रैपेज इंसेंटिव शामिल हैं।  Curvv EV Creative वेरिएंट पर 2.50 रुपए लाख का कैश डिस्काउंट दिया जा रहा है। अगर इसमें 35,000 रुपए का स्क्रैपेज इंसेंटिव शामिल किया जाए, तो कुल फायदा 2.85 लाख रुपए तक हो सकता है।

ALSO READ: Honda QC3 vs Honda Activa e: जानिए दोनों इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में क्या है बड़ा अंतर, कौन है ज्यादा प्रैक्टिकल?

Tata EV पर ऑफर्स की पूरी जानकारी

ALSO READ: EV Home Charging Safety Tips: घर पर Electric Scooter चार्ज करने से पहले जरूर रखें इन बातों का ध्यान, वरना हो सकता है बड़ा हादसा

अगस्त 2026 में Tata Motors के EV ग्राहकों के लिए ऑफर्स मॉडल और वेरिएंट के आधार पर अलग-अलग हैं। कंपनी कैश डिस्काउंट के अलावा पुराने वाहन को एक्सचेंज करने, स्क्रैप करने और मौजूदा Tata ग्राहकों को लॉयल्टी बेनिफिट देने जैसे विकल्प दे रही है।

ध्यान रखें

इन ऑफर्स की वास्तविक राशि शहर, डीलरशिप, मॉडल, वेरिएंट और उपलब्ध स्टॉक के आधार पर अलग हो सकती है। इसलिए इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले अपने नजदीकी Tata Motors डीलर से ऑफर की अंतिम राशि और नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।

अनुपूरक बजट में समाज कल्याण विभाग को 1655 करोड़ की सौगात

UP Supplementary Budget: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के सामाजिक एवं शैक्षिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए अनुपूरक बजट में समाज कल्याण विभाग के लिए 1,655 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया है। सरकार का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाते हुए जरूरतमंदों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाना है। मंगलवार को सदन में पेश हुए अनुपूरक बजट 2026-27 में सबसे बड़ा प्रावधान राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए किया गया है। इसमें 1,500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है, जिससे पात्र बुजुर्गों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

डॉ. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपए

योगी सरकार ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की स्मृतियों के संरक्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। सामान्य वर्ग दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति योजना के लिए 155 करोड़ रुपए तथा मुख्यमंत्री मेधावी अनुसूचित जाति एवं जनजाति उच्च शिक्षा सहायता योजना के लिए 2 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इन प्रावधानों से एक ओर बुजुर्गों को आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी। सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समावेशी विकास पर केंद्रित ये प्रावधान योगी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को और मजबूती देने वाले माने जा रहे हैं।

अनुपूरक बजट से सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समावेशी विकास को मिलेगी गति

अनुपूरक बजट में किए गए इन अतिरिक्त प्रावधानों से प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध होने से पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता मिलेगी। वहीं छात्रवृत्ति एवं उच्च शिक्षा सहायता योजनाओं के लिए बढ़ाए गए बजट से आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों की पढ़ाई को निरंतर समर्थन मिलेगा। डॉ. भीमराव आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए किए गए प्रावधान से सामाजिक समरसता और महापुरुषों की विरासत के संरक्षण से जुड़े कार्यों को भी गति मिलेगी। कुल मिलाकर अनुपूरक बजट 2026-27 सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समावेशी विकास की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

भूजल जागरूकता के लिए 1.475 करोड़ रुपये का प्रावधान

योगी सरकार ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक बजट पेश किया है। इसमें नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। विभाग के अनुपूरक बजट में करीब 1.475 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित की गई है। यह धनराशि लघु सिंचाई विभाग के भू-जल जन जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार योजना के लिए रखी गई है। इसके तहत लोगों को भू-जल के महत्व, संरक्षण और इसके बेहतर उपयोग के प्रति जागरूक करने से जुड़े कार्य किए जाएंगे। 

 

जागरूकता से भूजल संरक्षण की योजना : योगी सरकार का यह प्रावधान प्रदेश में भू-जल संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जागरूकता अभियानों के जरिए लोगों को भूजल के संरक्षण और उसके विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति प्रेरित किया जाएगा।

RBI MPC Meet: 5 अगस्त के फैसले से क्या आपकी FD पर बढ़ेगा ब्याज? जानिए क्या है एक्सपर्ट्स की उम्मीदें

RBI Monetary Policy Repo Rate Update: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) 5 अगस्त 2026 को अपनी अहम पॉलिसी का ऐलान करने वाली है। इस घोषणा से पहले फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले निवेशक टकटकी लगाए बैठे हैं कि क्या बैंक अब उन्हें एफडी पर ज्यादा ब्याज देंगे?

यह सवाल इसलिए भी अहम हो गया है क्योंकि जून में रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.38% हो गई है, जो पिछले 17 महीनों में पहली बार RBI के 4% के लक्ष्य से ऊपर निकली है। हालांकि, महंगाई अभी भी RBI के 2% – 6% के दायरे में है, लेकिन कोर इन्फ्लेशन भी 4% के करीब बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि कीमतों का दबाव अभी पूरी तरह कम नहीं हुआ है।

तो क्या इस पॉलिसी के बाद FD निवेशकों को ज्यादा रिटर्न मिलेगा? आइए समझते हैं पूरा सिनेरियो।

क्या RBI रेपो रेट में करेगा बदलाव?

अर्थशास्त्रियों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि RBI फिलहाल रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और इसे 5.25% पर ही बरकरार रखेगा। आर्थिक विकास और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक फिलहाल ‘वेट-एंड-वॉच’ की नीति अपना सकता है।

पीएल कैपिटल की लीड इकोनॉमिस्ट प्राची केले का कहना है, ‘हमें उम्मीद है कि मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच MPC सतर्क रुख अपनाएगी। भविष्य की नीतियों के लिए वह डेटा-आधारित अप्रोच रखेगी। अगस्त की बैठक में हम रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रहने की उम्मीद कर रहे हैं।’

अगर रेपो रेट नहीं बढ़ा, तो क्या FD रेट्स बढ़ेंगे?

अगर RBI रेपो रेट में बढ़ोतरी नहीं करता है, तो निवेशकों को तत्काल कोई बड़ी खुशखबरी नहीं मिलेगी, लेकिन इसका एक फायदा यह भी है कि बैंक फिलहाल डिपॉजिट रेट्स में कटौती भी नहीं करेंगे। FD की ब्याज दरें सिर्फ रेपो रेट पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि इन 3 प्रमुख कारकों पर भी तय होती हैं:

लिक्विडिटी: बैंकों के पास नकदी की स्थिति कैसी है।

लोन की डिमांड: अगर बाजार में कर्ज की मांग ज्यादा है और बैंकों को अतिरिक्त फंड की जरूरत है, तो वे बिना रेपो रेट बढ़े भी FD पर ब्याज बढ़ा सकते हैं।

प्रतिस्पर्धा: ग्राहकों के डिपॉजिट को आकर्षित करने के लिए बैंकों के बीच की आपसी प्रतिस्पर्धा।

बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, ‘वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद उम्मीद है कि RBI अपना रुख जस का तस रखेगा। अगर ऐसा होता है, तो FD निवेशकों को इस स्थिर ब्याज दर वाले माहौल का फायदा मिलता रहेगा और रिटर्न पहले की तरह अनुमानित रहेगा।’

सीनियर सिटीजन्स के लिए कैसा है माहौल?

वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी पर अभी भी शानदार मौके हैं। कई बैंक वरिष्ठ नागरिकों को चुनिंदा अवधियों पर आम जमाकर्ताओं के मुकाबले 0.50% से ज्यादा का प्रीमियम दे रहे हैं, जिससे उनका कुल ब्याज 8% से भी ऊपर चला जाता है। हालांकि, यह दरें बैंक-दर-बैंक अलग होती हैं।

FD निवेशकों को क्या करना चाहिए?

महंगाई दर और वैश्विक हालात को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि ब्याज दरें फिलहाल ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी। हालांकि, FD रेट्स में कोई भी बड़ी बढ़ोतरी केवल एक पॉलिसी पर नहीं, बल्कि बैंकों की फंडिंग जरूरतों पर निर्भर करेगी। वैसे अगर आप निवेश करने का प्लान बना रहे हैं, तो लंबी अवधि की एफडी लॉक करने से पहले बैंकों के अलग-अलग रेट्स की तुलना जरूर कर लें।

किसानों पर मेहरबान योगी सरकार, अनुपूरक बजट में खेती-किसानी की प्रगति को दी गई रफ्तार

Yogi Government Supplementary Budget: योगी सरकार ने अनुपूरक बजट 2026-27 में किसानों पर विशेष मेहरबान रही। लोककल्याण संकल्प पत्र-2022 में समृद्ध कृषि व्यवस्था के तहत 1000 करोड़ का भामाशाह भाव स्थिरता कोष बनाकर किसानों को आलू, टमाटर एवं प्याज जैसी फसलों का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित करने का वादा किया था। अनुपूरक बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। अन्नदाता किसान की समृद्ध के लिए संकल्पित योगी सरकार किसानों से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की है।

 

विधानसभा में मंगलवार को प्रस्तुत अनुपूरक बजट में मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना, फलदार पौधों के रोपण, भामाशाह राव स्थिरता कोष, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, सरदार वल्लभ भाई पटेल एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर योजना, नंदबाबा मिशन, मैकेनिकल गन्ना कटाई यंत्र की खरीब, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 को लेकर मांगों के अनुरूप अनुपूरक बजट में अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की गई है। 

खाद्य व रसद विभाग के लिए 254.88 करोड़ प्रस्तावित

योगी सरकार ने खाद्य व रसद विभाग के लिए 254.88 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं। इसके तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए 181 करोड़ व खाद्यान्न आपूर्ति व वितरण व्यवस्था के लिए 32.40 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसके माध्यम से प्रदेश सरकार का उद्देश्य वंचित और निम्न तबके तक खाद्य आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा का वितरण सुनिश्चित करना है। 

भामाशाह भाव स्थिरता कोष के लिए 100 करोड़  

अनुपूरक बजट में उद्यान विभाग को 245.24 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये हैं। इसमें भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है। अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र आगरा के संपर्क मार्ग के लिए भूमि क्रय व निर्माण के लिए भी 9.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के लिए 14 करोड़ रुपये दिए गये। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये। सरदार वल्लभ भाई पटेल एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। 

पशुधन और दुग्धशालाओं पर विशेष जोर 

इसी तरह, गोवंश संरक्षण के लिए भी विशेष प्रावधान किए गये हैं। दुग्धशाला विकास विभाग के लिए 211.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नंद बाबा दुग्ध मिशन के लिए 150 करोड़, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के लिए 25 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये हैं। दूसरी तरफ, पशुधन विभाग के लिए 78.62 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये हैं। गो आश्रय केंद्रों के स्वावलंबन योजना के लिए 31.25 करोड़ रुपये दिए गए। 

किसान कल्याण के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान

प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र प्रदर्शन और बीजवर्धन प्रक्षेत्र योजना के लिए 10 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। प्रमाणित बीजों पर अनुदान योजना के तहत 20 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए। किसानों को रियायत दर पर वर्मी कम्पोस्ट/कम्पोस्ट/जैव उर्वरक को अनुदान पर उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक बजट में 50 करोड़ रुपये दिए गये। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए दो करोड़ रुपये जारी किए गए। केंद्र पुरोनिधानित नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (ऑयल शीड्स) योजना के लिए 19.32 लाख अतिरिक्त दिए गए। उर्वरक नियंत्रण आदेश, बीज एवं कीटनाशक अधिनियमों के अंतर्गत लिए गए नमूनों के विशेषण हेतु प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 18.44 लाख की अतिरिक्त व्यवस्था।

 

सरदार वल्लभ भाई पटेल एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अन्तर्गत विपणन तथा गुणवत्ता सुविधाओं की स्थापना के लिए 50 करोड़ दिए गए। खाद्यान्न दलहन तिलहन बीज की लागत और प्रासंगिक व्यय योजना हेतु स्पये 150 करोड़, कृषि विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों/उपकरणों/साज-सज्जा के लिए भी सरकार ने बजट में धन आवंटित किया है। इसके लिए 9 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता के अनुरूप पैसा दिया गया है। मैकेनिकल गन्ना कटाई यंत्र की खरीद के लिए 10.40 करोड़ तथा उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर को पूंजी परिसंपत्तियों के सृजन के लिए सहायता हेतु 4.71 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।