RBI MPC Meet: 5 अगस्त के फैसले से क्या आपकी FD पर बढ़ेगा ब्याज? जानिए क्या है एक्सपर्ट्स की उम्मीदें

RBI Monetary Policy Repo Rate Update: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) 5 अगस्त 2026 को अपनी अहम पॉलिसी का ऐलान करने वाली है। इस घोषणा से पहले फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले निवेशक टकटकी लगाए बैठे हैं कि क्या बैंक अब उन्हें एफडी पर ज्यादा ब्याज देंगे?

यह सवाल इसलिए भी अहम हो गया है क्योंकि जून में रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.38% हो गई है, जो पिछले 17 महीनों में पहली बार RBI के 4% के लक्ष्य से ऊपर निकली है। हालांकि, महंगाई अभी भी RBI के 2% – 6% के दायरे में है, लेकिन कोर इन्फ्लेशन भी 4% के करीब बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि कीमतों का दबाव अभी पूरी तरह कम नहीं हुआ है।

तो क्या इस पॉलिसी के बाद FD निवेशकों को ज्यादा रिटर्न मिलेगा? आइए समझते हैं पूरा सिनेरियो।

क्या RBI रेपो रेट में करेगा बदलाव?

अर्थशास्त्रियों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि RBI फिलहाल रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और इसे 5.25% पर ही बरकरार रखेगा। आर्थिक विकास और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक फिलहाल ‘वेट-एंड-वॉच’ की नीति अपना सकता है।

पीएल कैपिटल की लीड इकोनॉमिस्ट प्राची केले का कहना है, ‘हमें उम्मीद है कि मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच MPC सतर्क रुख अपनाएगी। भविष्य की नीतियों के लिए वह डेटा-आधारित अप्रोच रखेगी। अगस्त की बैठक में हम रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रहने की उम्मीद कर रहे हैं।’

अगर रेपो रेट नहीं बढ़ा, तो क्या FD रेट्स बढ़ेंगे?

अगर RBI रेपो रेट में बढ़ोतरी नहीं करता है, तो निवेशकों को तत्काल कोई बड़ी खुशखबरी नहीं मिलेगी, लेकिन इसका एक फायदा यह भी है कि बैंक फिलहाल डिपॉजिट रेट्स में कटौती भी नहीं करेंगे। FD की ब्याज दरें सिर्फ रेपो रेट पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि इन 3 प्रमुख कारकों पर भी तय होती हैं:

लिक्विडिटी: बैंकों के पास नकदी की स्थिति कैसी है।

लोन की डिमांड: अगर बाजार में कर्ज की मांग ज्यादा है और बैंकों को अतिरिक्त फंड की जरूरत है, तो वे बिना रेपो रेट बढ़े भी FD पर ब्याज बढ़ा सकते हैं।

प्रतिस्पर्धा: ग्राहकों के डिपॉजिट को आकर्षित करने के लिए बैंकों के बीच की आपसी प्रतिस्पर्धा।

बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, ‘वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद उम्मीद है कि RBI अपना रुख जस का तस रखेगा। अगर ऐसा होता है, तो FD निवेशकों को इस स्थिर ब्याज दर वाले माहौल का फायदा मिलता रहेगा और रिटर्न पहले की तरह अनुमानित रहेगा।’

सीनियर सिटीजन्स के लिए कैसा है माहौल?

वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी पर अभी भी शानदार मौके हैं। कई बैंक वरिष्ठ नागरिकों को चुनिंदा अवधियों पर आम जमाकर्ताओं के मुकाबले 0.50% से ज्यादा का प्रीमियम दे रहे हैं, जिससे उनका कुल ब्याज 8% से भी ऊपर चला जाता है। हालांकि, यह दरें बैंक-दर-बैंक अलग होती हैं।

FD निवेशकों को क्या करना चाहिए?

महंगाई दर और वैश्विक हालात को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि ब्याज दरें फिलहाल ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी। हालांकि, FD रेट्स में कोई भी बड़ी बढ़ोतरी केवल एक पॉलिसी पर नहीं, बल्कि बैंकों की फंडिंग जरूरतों पर निर्भर करेगी। वैसे अगर आप निवेश करने का प्लान बना रहे हैं, तो लंबी अवधि की एफडी लॉक करने से पहले बैंकों के अलग-अलग रेट्स की तुलना जरूर कर लें।