Tecno ने लॉन्च किया दमदार Spark Go 3 Pro, पानी, धूल और गिरने से नहीं होगा आसानी से खराब

Tecno ने भारत में Spark Go 3 Pro लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह इस सेगमेंट का पहला स्मार्टफोन है जिसे IP69 ड्यूरेबिलिटी रेटिंग मिली है। बता दें कि यह नया बजट स्मार्टफोन उन यूजर्स के लिए बनाया गया है जिन्हें ऐसे डिवाइस की जरूरत है जो मुश्किल हालात झेल सके और तेज प्रेशर वाले पानी के जेट, धूल और गलती से गिरने जैसी स्थितियों से सुरक्षित रह सके।

कंपनी के मुताबिक, Spark Go 3 Pro को डिलीवरी एग्जीक्यूटिव, किसानों, छात्रों और प्रोफेशनल्स जैसे यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिन्हें रोजाना इस्तेमाल के लिए एक मजबूत स्मार्टफोन चाहिए, जिसमें जरूरी फीचर्स से कोई समझौता न करना पड़े।

कीमत और उपलब्धता

Tecno Spark Go 3 Pro भारत में 4 सितंबर, 2026 से रिटेल स्टोर, Amazon और Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इसके 4GB RAM + 64GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत ₹15,999 है, जबकि 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत ₹16,999 है।

स्पेसिफिकेशन्स

Tecno Spark Go 3 Pro की सबसे बड़ी खासियत इसकी IP69-रेटेड बनावट है। कंपनी का कहना है कि यह तेज दबाव वाले पानी के जेट, धूल और गलती से गिरने पर सुरक्षा देती है, जिससे यह मुश्किल आउटडोर स्थितियों में काम करने वाले यूजर्स के लिए सही है।

इस स्मार्टफोन में 120Hz का डिस्प्ले है, जो आम 60Hz पैनल के मुकाबले ज्यादा स्मूद स्क्रॉलिंग, गेमिंग और एनिमेशन का अनुभव देता है। डिवाइस को पावर देने के लिए इसमें 5,200mAh की बैटरी है। Tecno का कहना है कि इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि एक बार चार्ज करने पर यह पूरे दिन चल सके।

इसके अलावा, क्लियर वॉइस कॉल के लिए फोन में AI वॉइसप्रिंट नॉइज कैंसिलेशन फीचर दिया गया है, जो बातचीत के दौरान बैकग्राउंड के शोर को कम करता है। इस डिवाइस में IR ब्लास्टर भी है, जिससे यूजर्स टेलीविजन और एयर कंडीशनर जैसे कम्पैटिबल घरेलू उपकरणों को सीधे स्मार्टफोन से कंट्रोल कर सकते हैं।

Tecno का कहना है कि Spark Go 3 Pro को मजबूती और भरोसे को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह उन ग्राहकों के लिए है जो किफायती कीमत पर मजबूत स्मार्टफोन का अनुभव चाहते हैं, साथ ही रोजाना के कामों और मनोरंजन के लिए मॉडर्न फीचर्स भी चाहते हैं।

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UP News: रक्षाबंधन पर सीएम योगी का बेटियों को तोहफा! बताया कब मिलेगी 50,000 छात्राओं को फ्री स्कूटी

UP News: रक्षाबंधन पर उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अक्टूबर-नवंबर में यूपी की 50,000 महिला अंडरग्रेजुएट छात्राओं को स्कूटी दिए जाएंगे। सीएम योगी शुक्रवार (28 अगस्त) को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में यह ऐलान किया। सीएम योगी ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई तक और आगे भी सरकार हमेशा उसके साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा, “हमने एक और व्यवस्था की है। हमारे लिए पहले ये काम बड़ा था कि रक्षाबंधन पर इस कार्यक्रम को करेंगे, अभी हम अक्टूबर या नवंबर में प्रदेश की 50,000 बेटियों को जो स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं, एक स्कूटी उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। 50,000 बेटियों को हम स्कूटी भी प्रदान करने जा रहे हैं…।”

सीएम योगी ने आगे कहा, “यूपी में पहले पहचान का संकट था आधी आबादी को न सुरक्षा थी, न सम्मान था, न स्वावलंबन था, तो हमारी आर्थिक स्थिति बदहाल होनी ही होनी थी। यूपी उस दौर को जब याद करता है, तो रोंगटे खड़े होते हैं। कहीं दंगे, कहीं कर्फ्यू, कहीं असुरक्षा, कहीं उपद्रव, हर योजना में बेईमानी और भ्रष्टाचार, लेकिन धर्म चक्र बदलता है। अगर उस समय उपद्रव था, तो पीएम मोदी के नेतृत्व में जब डबल इंजन की सरकार यूपी में आई, तो उपद्रव को उत्सव में बदल दिया गया है, कर्फ्यू और दंगा से मुक्त करके यूपी को चंगा बना दिया गया है।”

‘योजना का केंद्र बिंदु बेटी’

मुख्यमंत्री ने कहा, “अब हर योजना का केंद्र बिंदु बेटी है, आधी आबादी है। हमारा पहला संकल्प था उत्तर प्रदेश की बेटी को भयमुक्त वातावरण देंगे। उसे अपने विश्वास के दम पर खड़ा होने का पूरा अवसर देंगे और मुझे खुशी है कि हमने जो कहा था, बेटी को सुरक्षा की गारंटी देंगे, यह केवल एक फिजिकल सिक्योरिटी नहीं थी, यह मेंटल सिक्योरिटी भी थी, हेल्थ सिक्योरिटी भी थी। प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ महिलाएं हैं। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व की यात्रा में भागीदार है। हमारी नीति है कि हर बेटी, बहन और मां को आत्मनिर्भर महसूस होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार ने बेटी की यात्रा को जन्म से शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार, आय और उसके सपनों की उड़ान तक एक इकोसिस्टम से जोड़ा है। महिलाएं चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक पहुंच रही हैं। 2017 में प्रदेश में महिला पुलिसकर्मी करीब 10 हजार थीं, अब 45 हजार हो गई हैं। पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की गई है। 32 हजार पदों पर भर्ती चल रही है, जिसके बाद यह संख्या 50 हजार हो जाएगी।”

बुजुर्गों के लिए बस फ्री

सीएम योगीने कहा कि इसके बाद 60 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। योगी ने कहा कि महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात होने पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का नाम श्रद्धा से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई साहस और स्वाभिमान की प्रतीक थीं, इसलिए योजना का नाम उनके नाम पर रखा गया है। एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन एवं नेतृत्व की यात्रा में सहभागी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सीएम ने कहा कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी सभी जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के मुफ्त रहने की व्यवस्था रहेगी।

महिला बीट पुलिस की तैनाती

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती हुई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 में 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, अब यह संख्या 45,000 हो गई है। योगी ने कहा कि सम्मान तब आता है, जब महिला के घर में शौचालय, बिजली, रसोई में धुआंमुक्त ईंधन, नल में जल और खाते में सीधे पैसा पहुंचे और विपत्ति में सरकार साथ खड़ी हो।

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उन्होंने आगे कहा, “हर घर शौचालय माताओं, बहनों की गरिमा का आधार था। ‘उज्ज्वला’ ने केवल धुएं से राहत नहीं दी। बल्कि फेफड़े खराब होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति दी। पक्के घरों ने परिवारों को सुरक्षा दी तो जल जीवन मिशन ने समय व श्रम की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। डीबीटी ने बिचौलियों को हटाकर सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा देना शुरू किया।”

कंधे पर रखकर दागो और दुश्मन खत्म! भारत आ रही है दुनिया की सबसे खतरनाक एंटी-टैंक मिसाइल Javelin, जानिए इसमें क्या है खास

भारत अपनी मिलिट्री ताकत और डिफेंस कैपिसिटी को और अधिक मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। भारत जल्द ही अमेरिका में बनी हुई दुनिया की सबसे खतरनाक और मॉडर्न एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम जैवेलिन (Javelin) को खरीदने की योजना बना रहा है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोरे ने शुक्रवार को इस बहुप्रतीक्षित सौदे की पुष्टि करते हुए कहा कि यह योजना भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। यह सौदा न सिर्फ भारतीय सेना की इंफेंट्री की मारक क्षमता को बढ़ाएगा बल्कि दोनों देशों के बीच डिफेंस इंडस्ट्रियल को-प्रोडक्शन के नए दरवाजे भी खोलेगा।

$4.57 करोड़ का सौदा: पैकेज में 100 मिसाइल राउंड और 25 लॉन्च यूनिट्स शामिल

हमारी सहयोगी वेबसाइट सीएनबीसी टीवी 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और भारत के बीच इस महत्वाकांक्षी रक्षा सौदे की प्रक्रिया पहले ही आगे बढ़ चुकी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने नवंबर 2025 में विदेशी सैन्य बिक्री कार्यक्रम के तहत भारत को जैवेलिन मिसाइल प्रणाली और उससे जुड़े उपकरणों की संभावित बिक्री को मंजूरी दे दी थी। इस प्रस्तावित रक्षा सौदे का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 4.57 करोड़ डॉलर है।

इस सौदे में शामिल पैकेज के तहत भारत को 100 एफजीएम-148 जैवेलिन मिसाइल राउंड, एक फ्लाई-टू-बाय मिसाइल और 25 जैवेलिन लाइटवेट कमांड लॉन्च यूनिट्स या ब्लॉक 1 कमांड लॉन्च यूनिट्स मिलेंगी। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोरे के मुताबिक इस शुरुआती खरीद के बाद भविष्य में भारत और अमेरिका दोनों देशों में इस घातक मिसाइल प्रणाली के को-प्रोडक्शन की संभावनाओं पर भी काम कर सकते हैं। इससे भारत के स्वदेशी रक्षा निर्माण को भी बल मिलेगा।

क्या है दागो और भूल जाओ तकनीक? जानिए जैवेलिन मिसाइल की खासियतें

जैवेलिन दुनिया की सबसे भरोसेमंद और घातक मध्यम दूरी की, कंधे से रखकर दागी जाने वाली एंटी-टैंक मिसाइल प्रणाली है। इसे मुख्य रूप से पैदल सेना, स्काउट्स और कॉम्बैट इंजीनियर्स के इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह फायर एंड फॉरगेट यानी दागो और भूल जाओ तकनीक पर काम करती है। इसका मतलब है कि एक बार जब सैनिक मिसाइल को अपने लक्ष्य पर लॉक करके दाग देता है तो मिसाइल खुद-ब-खुद अपने टारगेट को ढूंढकर उसे तबाह कर देती है और सैनिक को तुरंत अपनी लोकेशन बदलने का समय मिल जाता है।

यह मिसाइल दुश्मन के भारी बख्तरबंद टैंकों और बंकरों को आसानी से नेस्तनाबूद करने में सक्षम है। कंधे से दागे जाने के अलावा इस आधुनिक सिस्टम को जरूरत के मुताबिक सैन्य वाहनों, विमानों और पानी के जहाजों और नौकाओं पर भी तैनात और माउंट किया जा सकता है।

किन कंपनियों ने बनाया है यह सिस्टम और भारत के लिए क्यों है अहम

जैवेलिन मिसाइल सिस्टम को जैवेलिन जॉइंट वेंचर ने बनाया है। ये अमेरिका की दो प्रमुख रक्षा क्षेत्र की दिग्गजों आरटीएक्स और लॉकहीड मार्टिन के बीच एक साझेदारी है। अमेरिका सेना और दुनिया के कई और दूसरे देश लंबे समय से इस मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं।

भारत और अमेरिका जिस तरह से अपने रक्षा-औद्योगिक सहयोग का विस्तार कर रहे हैं, उस दिशा में यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। सीमावर्ती इलाकों और दुर्गम पहाड़ियों पर पैदल सेना को बख्तरबंद खतरों से निपटने के लिए एक त्वरित और अचूक हथियार की जरूरत रहती है। ऐसे में जैवेलिन का भारतीय सेना में शामिल होना न सिर्फ सेना की जमीनी मारक क्षमता में काफी इजाफा करेगा बल्कि भारत-अमेरिका रक्षा रणनीतिक संबंधों को भी एक नया आयाम देगा।

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹258 करोड़ के नए ऑर्डर, सोलर और रेलवे सेक्टर से मिला बड़ा कारोबार

Stock in Focus: इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की KP Green Engineering को कुल ₹258.02 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर सोलर, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, प्री इंजीनियर्ड बिल्डिंग और पावर ट्रांसमिशन कारोबार से जुड़े हैं। कंपनी ने शुक्रवार, 28 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी।

सोलर से मिले ₹114.53 करोड़ के ऑर्डर

नए ऑर्डर्स में सबसे बड़ा हिस्सा सोलर का है। कंपनी को ₹114.53 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इनमें फिक्स्ड टिल्ट मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर शामिल हैं। ट्रैकर टाइप मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर भी हैं। इसके अलावा दूसरे स्ट्रक्चरल कंपोनेंट्स की सप्लाई भी होगी।

रेलवे के लिए ₹92.38 करोड़ का काम

कंपनी को ₹92.38 करोड़ के क्रैश बैरियर के ऑर्डर मिले हैं। इनमें रेलवे ट्रैक फेंसिंग से जुड़े काम भी शामिल हैं।

सोलर और क्रैश बैरियर के ऑर्डर मिलाकर करीब ₹207 करोड़ के हैं। यानी नए ऑर्डर्स का करीब 80% कारोबार इन्हीं दो सेगमेंट से आया है।

बिल्डिंग और पावर ट्रांसमिशन से भी ऑर्डर

KP Green Engineering को ₹33.76 करोड़ के प्री इंजीनियर्ड बिल्डिंग स्ट्रक्चर के ऑर्डर मिले हैं। पावर ट्रांसमिशन कारोबार से कंपनी को ₹15.42 करोड़ के ऑर्डर मिले।

इसके अलावा पोल और हाईमास्ट प्रोडक्ट्स के लिए ₹0.97 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। 220 kV, 66 kV और 33 kV नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले आइसोलेटर्स के लिए ₹0.96 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

FY27 में अब तक ₹497.64 करोड़ के ऑर्डर

नए ऑर्डर के बाद चालू वित्त वर्ष में कंपनी का कुल कन्फर्म्ड ऑर्डर इनटेक ₹497.64 करोड़ हो गया है।

कंपनी के मुताबिक, इन ऑर्डर्स से कैपेसिटी का इस्तेमाल बढ़ेगा। इससे आने वाले समय के रेवेन्यू की विजिबिलिटी भी बेहतर होगी। हालांकि, कंपनी ने अलग-अलग ऑर्डर के ग्राहकों और उन्हें पूरा करने की समयसीमा नहीं बताई है।

KP Green के शेयरों का हाल

KP Green Engineering का शेयर शुक्रवार को 0.33% गिरकर ₹260.05 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 20.67% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 53% क्रैश हो चुका है। कंपनी का मार्केट कैप

1.31 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Reforms in Public Examinations: सरकार ने शुरू की सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, जनता से मांगा सुझाव

Reforms in Public Examinations: हाल के महीनों में आयोजित बड़ी और प्रमुख परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों के बीच सरकार देश की सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में व्यापक पैमाने पर बदलाव की तैयारी कर रही है। इसके तहत सरकार ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। देश की परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर आम जनता 13 सितंबर 2026 तक सुझाव दे सकती है। इसके लिए पहले ही नंदन नीलकेणी की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स (HPTF) बनाई गई है। यह फोर्स नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षा समेत उसके आयोजन, सुरक्षा, डिजाइन और गवर्नेंस में बड़े सुधारों की जांच करेगी और सुझाव देगी।

टास्क फोर्स संस्थागत व्यवस्था और प्रक्रिया को मजबूत करने, परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा में सुधार करने, सही तकनीक का इस्तेमाल करने और एग्जामिनेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के तरीकों की जांच कर रही है। यह परीक्षा प्रक्रिया के दौरान सुगमता और समावेश को बढ़ावा देने और छात्रों की सुरक्षा के तरीकों पर भी गौर कर रही है। इसका मकसद एक ऐसी सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था बनाना है जो मजबूत, सुरक्षित, पारदर्शी, बराबर और भविष्य के लिए तैयार हो।

कौन सुझाव दे सकता है?

एचपीटीएफ ने छात्रों और उम्मीदवारों, अभिभावकों, शिक्षकों और शैक्षिक संस्थानों, परीक्षा आयोजित करने वाली और टेस्ट इंडेंट करने वाली संस्थाओं, विषय विशेषज्ञों, तकनीकी पेशेवरों, औद्योगिक संस्थानों और सिविल सोसाइटी संस्थानों सहित कई स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं। दूसरे इच्छुक स्टेकहोल्डर भी अपने इनपुट दे सकते हैं।

इन मुख्य बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है

सुझावों में सार्वजनिक परीक्षा का आयोजन और सुरक्षा, परीक्षा तंत्र का प्रारूप और मूल्यांकन का तरीका, गवर्नेंस और जवाबदेही, और संस्थागत व्यवस्था शामिल हो सकते हैं।स्टेकहोल्डर परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने, उनका पता लगाने और उन्हें ठीक करने के साथ-साथ सुरक्षित कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग सहित टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर भी इनपुट दे सकते हैं।

टास्क फोर्स परीक्षा व्यवस्था का ढांचा बनाने और उसे बढ़ाने और सोशल, इकोनॉमिक, रीजनल और भाषाई ग्रुप्स तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए एक समावेशी परीक्षा फ्रेमवर्क विकसित करने पर भी सुझाव मांग रही है। दूसरे बिंदुओं में पारदर्शिता, शिकायत का समाधान, स्टेकहोल्डर कम्युनिकेशन और परीक्षा प्रक्रिया के दौरान छात्रों की भलाई को बढ़ावा देने के उपाय शामिल हैं। स्टेकहोल्डर कोई और उपाय भी सुझा सकते हैं जो परीक्षा व्यवस्था में वैल्यू ऐड कर सके।

सुझाव देने की आखिरी तारीख

एचपीटीएफ ने स्टेकहोल्डर्स से 13 सितंबर, 2026 तक अपने सुझाव देने को कहा है। सुझाव आधिकारिक वेबसाइट, फोन, WhatsApp या ईमेल से इंग्लिश, हिंदी और दूसरी रीजनल भाषाओं में दिए जा सकते हैं।

वेबसाइट: examreforms-taskforce.dopt.gov.in

फोन: 1800-180-4747

WhatsApp: “hptf” लिखकर +91 78270 42830 पर भेजें।

ईमेल: ExamReformsTaskforce@dopt.gov.in

GATE Registration 2027: नहीं शुरू हुआ गेट पंजीकरण, आईआईटी मद्रास ने रजिस्ट्रेशन शेड्यूल में किया बदलाव

कल का मौसम: यूपी-बिहार समेत पूर्वी भारत में फिर तेज बारिश, 29 अगस्त को इन राज्यों में Heavy Rain का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून का असर लगातार देखा जा रहा है और कई क्षेत्रों में बारिश एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अगस्तके लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए पूर्वी भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा में जहां मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, वहीं बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है।

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ओडिशा में अति भारी बारिश का अलर्ट, बिहार, झारखंड और बंगाल में भी बिगड़ेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में 29 अगस्त को बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

उत्तर भारत का मिजाज: उत्तराखंड में भारी बारिश, जम्मू-कश्मीर में आंधी-बिजली की चेतावनी

उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी मानसूनी हवाओं का असर बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 29 अगस्त को उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड में अलग अलग जगहों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के क्षेत्रों में अलग अलग जगहों पर तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान जताया गया है। पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को भूस्खलन व खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

मध्य भारत और पूर्वोत्तर का हाल: एमपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के सातों राज्यों में बरसेगी आफत

मध्य भारत में भी मानसूनी बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 29 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूरे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग अलग इलाकों में गरज के साथ बिजली कड़कने और गिरने का जोखिम बना रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां बेहद तेज रहने वाली हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। पूर्वोत्तर के इन सभी सातों राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली चमकने का अनुमान जताया गया है।

दक्षिण भारत में तेज हवाओं का जोर, अंडमान में तूफानी अंधड़ की आशंका

दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश से ज्यादा तेज तूफानी हवाओं का असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से अंधड़ आ सकता है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

द्वीपीय क्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मौसम बेहद तूफानी बना रहेगा। यहां पृथक स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं (Thundersquall) का अलर्ट जारी किया गया है।

समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए अलर्ट

तटीय और समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के पास, पश्चिम-मध्य अरब सागर के बड़े हिस्से, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर तथा उत्तरी व पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक के झोंके आने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन क्षेत्रों में गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

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Gold-silver Price : कमोडिटी में मजबूत रैली कायम रहने की उम्मीद, सोने-चांदी में अभी भी 10% तेजी की गुंजाइश

Gold-silver Price : 360 ONE के प्रेसिडेंट और हेड-ब्रोकरेज,विरल शाह का कहना है कि अगर US बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है तो अगले 6 से 8 महीनों में सोना और चांदी में मौजूदा स्तरों से 10% तक की तेजी आ सकती है। उनका मानना ​​है कि जियोपॉलिटिकल घटनाओं और हाई बॉन्ड यील्ड को लेकर US का रुख कीमती धातुओं को सपोर्ट करता रहेगा।

कमजोर डॉलर,US में कमजोर जॉब आंकड़ों और US ट्रेजरी विभाग की बॉन्ड-खरीद की घोषणा की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में पहले ही जबरदस्त तेजी आ चुकी है। हालांकि,विरल शाह को लगता है कि सोने में 4,700–4,800 डॉलर और चांदी में 70–72 डॉलर के आस-पास कुछ टेक्निकल सेलिंग देखने को मिल सकती है। उन्हें उम्मीद है कि जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व का बयान निकट भविष्य में के लिए एक अहम ट्रिगर साबित होगा।

डॉलर में कमजोरी से कमोडिटी को मिलेगा सपोर्ट

उन्होंने आगे कहा कि अगर डॉलर और कमजोर होता है तो कमोडिटीज को और फायदा मिल सकता है। डॉलर इंडेक्स के लिए 100-101 के आस-पास रेजिस्टेंस दिख रहा है। उनका मानना ​​है कि डॉलर इंडेक्स के 97 की तरफ जाने से सोने,चांदी और बेस मेटल्स को सपोर्ट मिल सकता है।

कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत

प्रेशियस मेटल के अलावा,विरल शाह कॉपर और जिंक को लेकर भी पॉज़िटिव हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर्स और ग्लोबल इलेक्ट्रिफिकेशन की वजह से कॉपर में लगभग एक साल से स्ट्रक्चरल बुल ट्रेंड बना हुआ है। उन्हें कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत दिख रहे हैं। हालांकि उनका मानना ​​है कि कॉपर में अब तक की जोरदार बढ़त के बाद आगे और बढ़त का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है।

जिंक और कॉपर को सप्लाई में तंगी से मिल रहा फायदा

जिंक पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि सप्लाई से जुड़ी चिंताओं,खासकर चीन में बाढ़ के कारण कम उत्पादन होने से जिंक को सपोर्ट मिल रहा है। इसके चलते लंदन मेटल एक्सचेंज पर इन्वेंट्री कम हो रही है और सप्लाई तंग है,जबकि इसकी मांग मज़बूत बनी हुई है। शाह को उम्मीद है कि जब तक सप्लाई मांग के बराबर नहीं हो जाती,तब तक कॉपर और जिंक दोनों को सपोर्ट मिलता रहेगा।

क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट मुमकिन

कच्चे तेल पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की सप्लाई बेहतर होती है और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है,तो क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट आ सकती है। हालांकि,उन्हें नहीं लगता कि यह लंबे समय तक बनी रहने वाली गिरावट होगी,क्योंकि तमाम देशों को आखिरकार अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को फिर से भरना ही होगा।

 

 

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चीन में 5.1 तीव्रता के भूकंप के बाद नेपाल में फिर हाई अलर्ट, तिब्बत में टूटा डैम, त्रिशूली से फिर भाग रहे लोग

Nepal Flood: नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को देश में बाढ़ को लेकर एक नया अलर्ट जारी किया है। साथ ही त्रिशूली से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि बुधवार को आई भयानक भोटेकोशी बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 475 हो गई है।

पुलिस के एक अधिकारी ने ANI को बताया कि इलाके में सड़कों के पुनर्निर्माण समेत सभी तरह के काम रोक दिए गए हैं।

नेपाल पुलिस के अधिकारी पी. चौधरी ने कहा, “पानी का स्तर बढ़ने वाला है, इसलिए सभी को रोका जा रहा है। ऑपरेशन में लगी सभी गाड़ियां वापस लौट रही हैं। वे सभी वापस आ रहे हैं। वहां से सभी लोगों को निकालकर सुरक्षित जगह पर ले जाया जा रहा है। सारा काम रोक दिया गया है। अभी और भी भयानक बाढ़ आने की आशंका है। इसीलिए सभी को अलर्ट पर रखा जा रहा है।”

चीन के सिचुआन में आया भूकंप

वहीं, आज चीन के सिचुआन में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके बाद नेपाल में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया। नेपाल पुलिस ने बताया कि नेपाल के त्रिशूली इलाके से लोगों को फिर से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया, क्योंकि ऊपर से पानी के तेज बहाव के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

CGTN की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर ने बताया कि भूकंप के झटके दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत के लॉन्गचांग शहर में महसूस किए गए।

अलर्ट जारी करते हुए नेपाल पुलिस ने कहा कि तिब्बत की तरफ एक बांध फिर से टूट गया है।

नेपाल पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए दी जानकारी

नेपाल पुलिस ने X पर पोस्ट कर बताया, “सूचना मिली है कि तिब्बत की तरफ पानी का बांध फिर से टूट गया है। इसलिए सभी सुरक्षा कर्मियों, राहत और बचाव कार्य में लगे लोगों और आम जनता से तुरंत सतर्क रहने और सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की जाती है। साथ ही, आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी दें।”

नेपाल के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में विपक्ष के नेता भीष्म राज आंगदेम्बे ने कहा कि भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद नेपाल की सेना बचाव कार्य जारी रखे हुए है।

उन्होंने त्रिशूली में पत्रकारों से कहा, “यहां की भौगोलिक बनावट के कारण मौसम की स्थिति बचाव कार्यों के लिए अनुकूल नहीं है, फिर भी हमारी सेना और हमारी सभी हेलीकॉप्टर टीमें इस काम में पूरी तरह से जुटी हुई हैं। ऊपरी इलाकों की स्थिति को देखते हुए हम तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं – संघीय, प्रांतीय और स्थानीय सरकारें सभी मिलकर काम कर रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, इस ऑपरेशन में सेना के दो हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। हम अपने पास मौजूद हर संसाधन का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम सभी को जानकारी दे रहे हैं और हमारी सुरक्षा एजेंसियां ​​लोगों से सुरक्षित रहने की अपील करते हुए एडवाइजरी जारी कर रही हैं।

बता दें कि त्रिशूली से रासुका तक बन रही सड़क का काम कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। सभी JCB मशीनों को वापस बुला लिया गया है और सड़क बनाने का सारा काम बंद कर दिया गया है।

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Jio Platforms IPO: सेबी ने जियो के आईपीओ को मंजूरी दी, 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms की शेयर बाजार में एंट्री अब और करीब आ गई है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी के IPO प्लान को मंजूरी दे दी है। Jio Platforms ने 19 जून को DRHP दाखिल किया था। अब IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

यह IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। कंपनी इस इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इससे करीब 2.93% हिस्सेदारी कम होगी। IPO से मिलने वाली रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ लोन चुकाने में लगाए जाएंगे।

Jio Platforms में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

Jio Platforms में Reliance Industries यानी RIL सबसे बड़ी शेयरधारक है। उसके पास 66.43% हिस्सेदारी है। Meta Platforms के पास 9.98% और Google के पास 7.73% हिस्सेदारी है।

सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड के पास 2.31% हिस्सेदारी है। KKR के पास भी 2.31% और Vista Equity Partners के पास 2.31% हिस्सेदारी है। Silver Lake के पास 1.88% हिस्सेदारी है।

इसके अलावा Mubadala के पास 1.85%, General Atlantic Singapore के पास 1.34%, Abu Dhabi Investment Authority के पास 1.16% और TPG Capital के पास 0.93% हिस्सेदारी है।

जून तिमाही में रेवेन्यू 12% बढ़ा

Jio Platforms का कारोबार भी अच्छी रफ्तार से बढ़ रहा है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹45,961 करोड़ रहा।

ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹39,173 करोड़ रहा। EBITDA 15% बढ़कर ₹20,865 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 52% से बढ़कर 53% हो गया। कंपनी का मुनाफा 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़ रहा।

53.33 करोड़ पहुंचा सब्सक्राइबर बेस

जून तिमाही के अंत में Jio Platforms का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह 52.44 करोड़ था। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था।

कंपनी के 5G सब्सक्राइबर की संख्या 28.5 करोड़ पहुंच गई। डेटा इस्तेमाल भी बढ़ा है। जून तिमाही में कुल डेटा ट्रैफिक सालाना आधार पर 26.9% बढ़कर 69.4 अरब GB रहा। प्रति व्यक्ति औसत मासिक डेटा इस्तेमाल 43.7 GB रहा।

इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी

SEBI ने Bharat PET, Sadbhav Futuretech, MK Sons Fine Jewels, Pushp Brand India और Paras Healthcare के IPO को भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा Paramotor Digital Technology के प्री फाइलिंग प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।

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भारत ने जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम के लिए किया करार,खुलेगा डिफेंस सेक्टर में को-प्रोडक्शन का रास्ता

अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय सेना ने अमेरिका की फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) प्रक्रिया के जरिए अमेरिका में बनी जैवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए लेटर ऑफ़ ऑफर एंड एक्सेप्टेंस (LOA) पर साइन किया है। इस बात की जानकारी अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने की। उन्होंने भारत के इस फैसले को दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने वाला एक बड़ा कदम बताया है।

X पर लिखें अपने एक पोस्ट में गोर ने कहा “बड़ी खबर! भारत युद्ध में परखा हुआ जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम खरीदने की योजना बना रहा है।” उन्होंने इसे “अमेरिका-भारत रक्षा संबंधों में एक बड़ा कदम” बताया और कहा कि इस घटना से “संयुक्त उत्पादन (को-प्रोडक्शन)की संभावनाओं के रास्ते खुलते हैं।” गोर ने आगे कहा,”दोनों देशों के बीच सहयोग का स्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर है!”

अमेरिकी दूतावास ने LOA पर हस्ताक्षर किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह अहम कदम “अमेरिका और भारतीय सशस्त्र बलों के बीच मजबूत साझेदारी को दिखाता है और अमेरिका तथा भारत के रक्षा उद्योगों के बीच भविष्य में सहयोग के रास्ते खोलता है।”

अमेरिकी दूतावास ने कहा कि LOA पर हस्ताक्षर होने से आपसी फायदे वाले को-प्रोडक्शन और भारत तथा अमेरिका के रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने के मकसद से अन्य मौकों पर बातचीत का रास्ता भी खुलेगा।

LOA पर यह हस्ताक्षर नवंबर 2025 में अमेरिका द्वारा भारत को जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम और एक्सकैलिबर गाइडेड आर्टिलरी म्यूनिशन की प्रस्तावित बिक्री को मंजूरी दिए जाने के बाद हुआ है।

क्या है जैवलिन सिस्टम ?

जैवलिन सिस्टम को ‘जैवलिन जॉइंट वेंचर’ने बनाया है,जो RTX और लॉकहीड मार्टिन के बीच एक पार्टनरशिप है। यह एक एडवांस्ड,मीडियम-रेंज फायर-एंड-फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम है। इसे बख्तरबंद गाड़ियों और मज़बूत ठिकानों समेत कई तरह के टारगेट को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। फायर-एंड-फॉरगेट खूबी की वजह से मिसाइल लॉन्च होने के बाद खुद ही अपने टारगेट की ओर बढ़ सकती है। इससे ऑपरेटर को मिसाइल को लगातार गाइड करने के बजाय अपनी जगह बदलने या सुरक्षित कवर लेने का मौका मिल जाता है।

जैवलिन की एक बड़ी विशेषता इसकी टॉप-अटैक’क्षमता है,जिससे मिसाइल बख्तरबंद गाड़ी पर ऊपर से हमला कर सकती है। जहां आमतौर पर आर्मर प्रोटेक्शन कमजोर होता है। इस सिस्टम का इस्तेमाल कुछ खास लक्ष्यों के खिलाफ सीधे हमले में भी किया जा सकता है। इस हथियार का इस्तेमाल अमेरिकी सेना,अमेरिकी मरीन कॉर्प्स और कई दूसरे देशों की सेनाएं भी करती हैं।

 

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