Share Market Rally: IT Stocks का दबाव फेल, 300 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, इन 4 वजह से Nifty मजबूत

Share Market Rally: वैश्विक मार्केट की रौनक के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में भी खरीदारी का माहौल दिखा। एफएमसीजी और मेटल स्टॉक्स के दम पर सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा और निफ्टी चढ़कर 23400 के पार पहुंच गया। ब्रोडरल लेवल पर भी मार्केट में रौनक अच्छी दिख रही है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी की बढ़त है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 12:12 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 209.21 प्वाइंट्स यानी 0.28% की गिरावट के साथ 74,649.78 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 53.70 प्वाइंट्स यानी 0.23% की फिसलन के साथ 23,360.60 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 306.19 प्वाइंट्स उछलकर 74,835.27 और निफ्टी 50 भी 95.00 प्वाइंट्स चढ़कर 23,424.0 तक पहुंच गया।

Share Market Rally: ये है वजह

वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत

घरेलू मार्केट को आज वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत पर सपोर्ट मिला। टेक शेयरों के दम पर एशियाई मार्केट में लगातार छठे दिन रौनक रही तो अमेरिकी मार्केट में नैस्डैक मंगलवार को एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। इससे घरेलू मार्केट को भी सपोर्ट मिला।

कच्चे तेल में गिरावट

सऊदी अरब ने एक अहम पाइपलाइन से सप्लाई फिर से शुरू की तो कच्चा तेल नरम पड़ा और ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड टूटकर प्रति बैरल $100 के नीचे आ गया। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।

FMCG-Metal Stocks से मजबूत सपोर्ट

मार्केट को आज एफएमसीजी और मेटल शेयरों से शानदार सपोर्ट मिला है और रियल्टी सेक्टर ने भी इसमें काफी साथ दिया है। इनके निफ्टी इंडेक्स में फिलहाल 1-1% से अधिक की तेजी है। वहीं सरकारी और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में भी आधे-आधे फीसदी से अधिक बढ़त है। वहीं आईटी सेक्टर मार्केट पर दबाव बनाने की कोशिश में है, जिसका निफ्टी इंडेक्स आधा फीसदी कमजोर हुआ है। आईटी सेक्टर पर यह दबाव सीएलएसए और गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट से बना है, जिसमें जिक्र है कि डिमांड में सुस्ती से मीडियम-टर्म में आईटी कंपनियों की कमाई के आउटलुक पर असर पड़ सकता है। सीएलएसए का कहना है कि जियो-पॉलिटिक्स, ऊंची ब्याज दरों और महंगाई के चलते मैक्रो फंडामेंटल्स की कमजोरी से आईटी कंपनियों की कमाई फिसल सकती है।

India VIX में गिरावट

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 5.36% की फिसलन के साथ 10.36 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्रूड, बॉन्ड यील्ड की डबल राहत से क्या होगी आज निफ्टी वीकली एक्सपायरी परफेक्ट, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी एक पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एशियाई बाजारों में टेक्नोलॉजी-आधारित तेजी और वॉल स्ट्रीट पर रात भर हुई जबरदस्त बढ़त से बाजार का मूड बेहतर हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत में प्रगति की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी हालिया ऊंचे स्तरों से भारी गिरावट आई है, हालांकि ब्रेंट क्रूड अभी भी $100 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 23,499 पर ट्रेड कर रहा था, जो 59 अंक या 0.25 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। भारतीय बाज़ार लगातार चौथे दिन रिकवरी जारी रखने के बाद मंगलवार के सेशन में प्रवेश कर रहे हैं। सोमवार को सेंसेक्स 564.03 अंक या 0.76 प्रतिशत बढ़कर 74,858.99 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 67.90 अंक या 0.29 प्रतिशत बढ़कर 23,414.30 पर पहुंच गया।

ग्लोबल माहौल में भी सुधार हुआ है; अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में ज़बरदस्त तेज़ी आई है, ट्रेजरी यील्ड हालिया ऊंचे स्तरों से नीचे आई है और कच्चे तेल की कीमतें इस महीने की शुरुआत में देखे गए स्तरों से काफी नीचे हैं।

सोमवार को कैसी रही सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

सोमवार को बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए।  सेंसेक्स में 564 अंकों की बढ़त हुई और निफ्टी ने लगातार चौथे सेशन में अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखा। इस तेज़ी को कच्चे तेल की कीमतों में कमी, विदेशी फंड के नए इनफ्लो और ग्लोबल इक्विटी बाज़ारों में बढ़त का समर्थन मिला।

30-शेयर वाला BSE सेंसेक्स 564.03 अंक या 0.76% बढ़कर 74,858.99 पर बंद हुआ, जो एक हफ़्ते से ज़्यादा समय में इसका सबसे ऊंचा स्तर है। सेशन के दौरान, इंडेक्स 692.44 अंक या 0.93% तक चढ़कर 74,987.40 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया।

50-शेयर वाला NSE निफ्टी भी लगातार चौथे सेशन में बढ़ा और 67.90 अंक या 0.29% की बढ़त के साथ 23,414.30 पर बंद हुआ।

एशियाई बाज़ारों में तेज़ी, टेक शेयरों ने बढ़त को आगे बढ़ाया

मंगलवार को एशियाई शेयरों में तेज़ी आई, जिसमें टेक्नोलॉजी शेयरों ने मुख्य भूमिका निभाई। तेल की कम कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। एशिया में टेक्नोलॉजी शेयरों में यह तेज़ी, अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में रात भर हुई ज़बरदस्त खरीदारी के बाद देखी गई।

शुरुआती कारोबार में जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज़्यादा चढ़ा। दक्षिण कोरिया का टेक-हैवी बाज़ार लगभग 2 प्रतिशत उछला, जबकि ताइवान के शेयरों में 1.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। चीन का ब्लू-चिप इंडेक्स 0.75 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.4 प्रतिशत बढ़ा। छुट्टी के कारण जापानी बाज़ार बंद रहे।

ब्रेंट क्रूड $100 के करीब

कई दिनों की गिरावट के बाद मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़त हुई, लेकिन यह अपने हालिया उच्चतम स्तर से काफी नीचे बना रहा। निवेशक इस हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत से जुड़ी गतिविधियों का इंतज़ार कर रहे थे। नवंबर के लिए ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 0.22 प्रतिशत बढ़कर $100.57 प्रति बैरल हो गया, जबकि WTI का नवंबर कॉन्ट्रैक्ट 0.14 प्रतिशत बढ़कर $92.49 पर पहुंच गया।

इंडेक्स पर क्या होगी रणनीति

सेंसेक्स के आउटलुक पर बात करते हुए चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड में टेक्निकल रिसर्च के VP सचिन गुप्ता ने कहा, “सेंसेक्स के साइडवेज रहने की संभावना है, जिसमें 74,000–74,450 का लेवल मुख्य सपोर्ट ज़ोन और 75,000–75,500 का लेवल मुख्य रेजिस्टेंस एरिया होगा। 75,000 के ऊपर लगातार खरीदारी से शॉर्ट-टर्म प्राइस स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है, जबकि 74,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ट्रेडर्स को मुख्य OI लेवल पर नज़र रखनी चाहिए और नई डायरेक्शनल पोजीशन लेने से पहले किसी निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन का इंतजार करना चाहिए।”

चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के अनुसार, डेली कैंडल एक बुलिश कैंडल बनी है, जिसमें नीचे की तरफ छोटी शैडो और ऊपर की तरफ औसत शैडो है। यह पूरे सेशन के दौरान लगातार खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है, हालांकि दिन के हाई के पास कुछ प्रॉफिट बुकिंग भी देखी गई।

टेलर ने आगे कहा, “टेक्निकल नज़रिए से देखें तो रिकवरी से शॉर्ट-टर्म स्टेबिलिटी बनी हुई है और निफ्टी 23,250–23,320 के इमीडिएट सपोर्ट ज़ोन के ऊपर बना हुआ है। RSI सुधरकर 37.54 हो गया है, जबकि RSI एवरेज 32.54 है, जो ओवरसोल्ड लेवल से मोमेंटम में सुधार का संकेत देता है, हालांकि इंडिकेटर अभी भी 50 के मार्क से नीचे है। 23,000 का लेवल बड़े स्ट्रक्चर के लिए अहम/निर्णायक लेवल बना हुआ है। इमीडिएट रेजिस्टेंस 23,480–23,550 पर है। ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि पुट OI का कंसंट्रेशन 23,300–23,400 के आसपास है, जबकि कॉल OI का कंसंट्रेशन 23,400–23,500 के आसपास है। 0.94 का PCR एक तरह से बैलेंस्ड ऑप्शन सेटअप का संकेत देता है, जबकि इंडिया VIX गिरकर 11.22 हो गया है, जो कम वोलैटिलिटी को दिखाता है।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, यूएस, एशिया बाजारों में तेजी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर्स दे रहे मंदी के कमजोर पड़ने के संकेत, 23600 के ऊपर टिकने पर निफ्टी में आ सकती है और तेजी

Trade setup for today : 21 सितंबर को निफ्टी ने 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ हफ्ते की शुरुआत की और लगातार चौथे सेशन में भी तेजी बनाए रखी। इसे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी सुधार दिखा और मंदी का रुझान कम हुआ। हालांकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा,जो इसके कमजोर स्ट्रक्चर का संकेत है। मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि आगे निफ्टी को 23,500-23,600 के दायरे में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है,जबकि 23,600 के ऊपर मजबूती दिखाने पर और बढ़त की गुंजाइश बन सकती है। बाजार जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ 23,300 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है और उसके बाद 23,000 का लेवल अहम सपोर्ट का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,414) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,457, 23,493 और 23,551

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,341, 23,305 और 23,247

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाई,लेकिन यह 15 सितंबर की लंबी रेड कैंडल के दायरे में ही रही। यह सीमित दायरे में हो रही ट्रेडिंग के बीच पॉजिटिव संकेत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट से लेकर लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा। हालांकि मोमेंटम इंडिकेटर्स ने बेयरिश मोमेंटम में कमी दिखाई। RSI बढ़कर 37.54 पर पहुंच गया और अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर बना रहा। MACD ऊपर तो गया लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा,जबकि हिस्टोग्राम की कमजोरी लगातार चौथे सेशन में कम हुई। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है।

बैंक निफ्टी (56,471) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,622, 56,716 और 56,868

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,317, 56,223 और 56,071

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने ऊपरी शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनाई,लेकिन यह 15 सितंबर की लंबी रेड कैंडल के दायरे में ही रही। इससे पता चलता है कि रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच ऊंचे लेवल पर दबाव होने के बावजूद इसमें पॉजिटिव रुझान बना हुआ है। बैंक निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा,जबकि पॉजिटिव क्रॉसओवर के बाद RSI बढ़कर 44.62 पर पहुंच गया,हालांकि यह अभी भी 50 के लेवल से नीचे ही है। लाल हिस्टोग्राम बार लगातार चौथे सेशन में भी घटता रहा, जबकि MACD लाइन सिग्नल लाइन के नीचे बनी रही। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है,हालांकि बड़ा ट्रेंड अभी भी सावधानी वाला बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

21 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹576 करोड़ के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान ₹2,800 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

वोलैटिलिटी इंडेक्स,India VIX कल लगातार चौथे सेशन में गिरा और एक और अपने शॉर्ट-टू-मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो बुल्स के लिए राहत का संकेत है। सोमवार को वोलैटिलिटी इंडेक्स 1.43 प्रतिशत गिरकर 11.22 पर आ गया। 12 के जोन से नीचे बने रहने से बुल्स को राहत मिल सकती है और मार्केट को स्थिर रहने में मदद मिल सकती है।

Market Technicals: मंदी का रुझान धीरे-धीरे हो रहा कम, निफ्टी में खुल सकता है 24000 की तरफ रैली का रास्ता

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 21 सितंबर को बढ़कर 1.2 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.06 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Top Stock Picks : बाजार में क्रूड को देख कर ही करें ट्रेड, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Top Stock Picks : शुक्रवार दोपहर के कारोबारी सेशन में भारतीय शेयर बाज़ार में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।। दोपहर करीब 1 बजे सेंसेक्स 192 अंक यानी 0.26% बढ़कर 74,507 पर और निफ्टी 56 अंक यानी 0.24% बढ़कर 23,327 पर दिख रहा था। सेक्टर के हिसाब से देखें तो सर्विसेज़,कैपिटल गुड्स और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज़्यादा तेज़ी नजर आ रही है। जिनमें से हर एक में 1.4% से ज़्यादा की बढ़त हुई है। वहीं ऑयल एंड गैस सेक्टर में लगभग 1% की बढ़त दर्ज की गई है। IT सेक्टर दबाव में है। इसमें 1.39% की गिरावट आई है। स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया और इनमें 1.11% की बढ़त दिख रही है। मिडकैप शेयरों में 0.54% की तेज़ी आई है। इंडिया VIX में 5% से ज़्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है।

मार्केट टेक्निकल्स

मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि अब ट्रेंड साफ तौर पर निफ्टी बनाम क्रूड ऑयल का हो गया है। क्रूड ऑयल में थोड़ी नरमी जरूर देखने को मिली है। अगर क्रूड 100 $ के नीचे आ जाता है तो अभी 23100 के लेवल के आसपास सपोर्ट ले रहे निफ्टी में दो दिन से दिख रहा बाउंस बैक 23,800 तक जा सकता है। इसका मतलब यह है कि निफ्टी में यहां से तकरीबन 500 पॉइंट तक का बाउंस बैक देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर कहें तो हमें क्रूड ऑयल को देखकर ही ट्रेड करना चाहिए। अगर ग्लोबल सेटअप की बात करें तो अगर यूएस के 10 ईयर बॉन्ड ईल्ड्स में नरमी आती है तो इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट पॉजिटिव होता हुआ दिखाई देगा। ओवरऑल अभी भी मार्केट रेंज बाउंड है।

डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा में अच्छा ट्रैक्शन

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि बाजार में स्टॉक स्पेसिफिक एक्टिविटी जारी है। ऐसे जब तक क्रूड ऑयल में नरमी नहीं आती है तब तक फार्मा पर फोकस करें। एक डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा में हमें अच्छा ट्रैक्शन देखने को मिल सकता है। इस सेक्टर में लॉरेस लैब्स का शेयर काफी अच्छा लग रहा है। राहुल शर्मा ने डिस्क्लेमर के तौर पर बताया कि उन्होंने अपने क्लाइंट्स को भी यह शेयर रेकमेंड किया है। उनके मुताबिक लॉरेस लैब्स में बहुत ही अच्छा हायर हाई हायर लो सेटअप है। गिरते बाजार में भी फार्मा सेक्टर काफी अच्छे से डटा हुआ है। अगर मार्केट थोड़े और समय ऐसा ही रहता है तो फार्मा में मोमेंटम कंटिन्यू रहेगा। लॉरेस लैब्स में तकरीबन 2050-2080 रुपए तक के टारगेट आते हुए दिख सकते हैं। इसमें इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। 1920 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा।

बैंक और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे पहले आएगा मोमेंटम

राहुल शर्मा ने आगे कहा कि अगर क्रूड ऑयल में नरमी आती है तो बैंक और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे पहले मोमेंटम देखने को मिलेगा। इसमें पीएसयू बैंक से PNB बैंक सबसे बेहतर पिक है। यह शेयर अपने 20 दिन के मूविंग एवरेज के आसपास लगातार कंसोलीडेट हो रहा है। गिरते बाजार में भी इसमें कमजोरी नहीं आई है। क्रूड ऑयल में नरमी आते ही इस शेयर में ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है। शॉर्ट टर्म में इस शेयर में 130 रुपए तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं। इसमें 112 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी करें

 

Tata Group Stocks : टाटा संस के चेयरमैन के नियुक्ति पर मचे घमासान से बाजार नाखुश, टाटा ग्रुप के शेयरों में तेज गिरावट

 

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Market View : इंडेक्स में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, इस फार्मा शेयर में नजर आ रहा दम

Market View : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले। सुबह करीब 9:30 बजे सेंसेक्स 150 अंक यानी 0.20% बढ़कर 74,465 पर और निफ्टी 41 अंक यानी 0.18% बढ़कर 23,311 पर पहुंच गया। सेक्टर के हिसाब से रियल्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त दिख रही है। साथ ही फार्मा,मेटल,एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर भी ऊपर चढ़े हैं। हालांकि,IT शेयरों में बाज़ार के आम रुख के विपरीत गिरावट दिख रही है और निफ्टी IT इंडेक्स लगभग 1.8% नीचे आ गया है। मिडकैप में 0.47% और स्मॉलकैप में 0.77% की बढ़त हुई है। जबकि इंडिया VIX में 1.06% की गिरावट दर्ज की गई है।

निफ्टी पर राय

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़ ने कहा कि मार्केट पर लगातार दबाव तो बना हुआ है लेकिन कल थोड़ा रिलीफ पॉइंट भी देखने मिला लेकिन दिक्कत ये रही कि बैंक निफ्टी लाल निशान में बंद होते हुए नजर आया। हालांकि निफ्टी में उछाल देखने मिला। ऐसा लगता है कि निफ्टी में एक उछाल आएगा। लेकिन इस उछाल में सेल ऑन द राइज़ ही सबसे बेहतर स्ट्रेटेजी होगी। चुनिंदा स्टॉक्स में एक्शन देखने को मिल सकता है। यह इंडेक्स स्पेसिफिक मार्केट नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक निफ्टी फ्यूचर्स 23,200 के ऊपर है तब तक घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, अगर निफ्टी 23,200 के लेवल को बचाने में कामयाब नहीं रहता तो इसमें 23,000 और 22,900 तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।

बैंक निफ्टी पर राय

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके लिए 56,000 के लेवल पर सपोर्ट देखने को मिलेगा। अगर यह लेवल कायम नहीं रह पाता तो बैंक निफ्टी में गिरावट बढ़ सकती है और यह 300 अंक तक टूट सकता। वहीं, ऊपर की तरफ इसके लिए 56550 पर रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर जाने पर बैंक निफ्टी 53,200 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की जा सकती।

पंकज रांदड़ की टॉप पिक

अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए पंकज रांदड़ ने कहा कि कल दिन भर डॉक्टर रेड्डीज का शेयर काफी सुर्खियों में रहा और 3 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुआ। इसके फ्यूचर्स में खरीदारी की सलाह रहेगी। इसका चार्ट काफी अच्छा दिख रहा है। लोअर टाइम फ्रेम पर स्टॉक सारे मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। आरएसआई पॉजिटिव डायवर्जन दिखा रहा है। इसमें 1170-1172 रुपए की रेंज में खरीदारी की सलाह रहेगी। 1150 का एक स्टॉप लॉस मेंटेन करना होगा। ऊपरी लेवल पर टारगेट 1215 रुपए हो सकता है।

Trading Plan : बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग की उम्मीद, निफ्टी-बैंक निफ्टी फिर से छू सकते हैं गुरुवार का हाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : टेक्निकल इंडिकेटर्स दे रहे मंदी के ट्रेंड का संकेत, शॉर्ट टर्म में 23000-23600 के दायरे में रह सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 17 सितंबर को बाज़ार में खरीदारी देखने को मिली और बेंचमार्क इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। सीमित दायरे में कारोबार के साथ निफ्टी में 0.23 प्रतिशत की बढ़त हुई,लेकिन खराब टेक्निकल इंडिकेटर्स और तेल की ऊंची कीमतों के कारण बाजार में मोमेंटम कमजोर रहा। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी को 23,300-23,400 के दायरे में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है,अगर यह इस दायरे से ऊपर जाता है तो इंडेक्स 23,500-23,600 के स्तर तक जा सकता है। वहीं,नीचे की तरफ 23,100-23,000 के दायरे में अहम सपोर्ट मौजूद है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो तो घबराहट में बिकवाली शुरू हो सकती है। कुल मिलाकर,शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,000-23,600 के दायरे में ही घूमता दिख सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,271) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,341, 23,381 और 23,446

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,211, 23,171 और 23,106

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई, जिसमें ऊपर की तरफ एक साफ शैडो (upper shadow) दिखी। इससे पता चलता है कि ऊपरी लेवल पर दबाव है। निफ्टी कल के सेशन में भी मंगलवार की बड़ी ट्रेडिंग रेंज के अंदर ही बना रहा। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर बढ़ते रहे और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बने रहे। RSI बढ़कर 29.95 पर आ गया,लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD नीचे की ओर बढ़ता रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए हल्का होता गया। इससे पता चलता है कि नीचे की ओर जाने की रफ़्तार धीरे-धीरे कम हो रही है। कुल मिलाकर,टेक्निकल इंडिकेटर मंदी का ट्रेंड दिखाते रहे,साथ ही नीचे की ओर जाने की रफ्तार में कुछ कमी के संकेत भी मिले।

बैंक निफ्टी (56,056) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,425, 56,550 और 56,753

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,018, 55,893 और 55,690

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

गुरुवार को बैंक निफ्टी ने इंट्राडे में अपने 10-डे EMA को टेस्ट किया और 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। बैंकिंग इंडेक्स ने डेली टाइमफ्रेम पर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी शैडो लंबी रही। यह ऊपरी स्तरों पर भारी दबाव का संकेत है। साथ ही यह इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में भी मंगलवार की बड़ी ट्रेडिंग रेंज के अंदर ही ट्रेड करता रहा। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। साथ ही शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके हुए थे। RSI 38.49 पर अपनी सिग्नल लाइन से नीचे रहा। MACD में गिरावट का ट्रेंड बना रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार कल के सेशन में भी छोटा होता गया,जिससे गिरावट की रफ्तार में कुछ कमी का संकेत मिला। कुल मिलाकर,टेक्निकल इंडिकेटर्स मंदी के ट्रेंड का संकेत देते रहे हैं। हालांकि MACD हिस्टोग्राम में आई कमी से पता चला कि गिरावट की रफ्तार धीरे-धीरे कम हो रही थी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

फीयर इंडेक्स,इंडिया VIX लगातार दूसरे सेशन में भी नीचे की ओर गिरा और 6.66 प्रतिशत गिरकर 12.29 पर आ गया। इससे बुल्स को कुछ राहत मिली। अगर यह 12 के लेवल से नीचे जाकर टिका रहता है,तो बुल्स को और राहत मिल सकती है और मार्केट में ज्यादा स्थिरता आ सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 17 सितंबर को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.96 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : मिलेजुले रुख के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 18 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : गुरुवार को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। जबकि निफ्टी ने अपनी बढ़त बनाए रखी। दोपहर 3:30 बजे CAS के बाद बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 21.86 अंक या 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,314.59 पर था, जबकि निफ्टी 53 अंक या 0.23 प्रतिशत बढ़कर 23,270.60 पर पहुंच गया।

रियल्टी और फार्मा सेक्टर में 1.5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई। जबकि मीडिया में 1.35 प्रतिशत और ऑटो व मेटल सेक्टर में लगभग 1-1 प्रतिशत की तेजी आई। बैंकिंग इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। छोटे-मझोले शेयरों (ब्रॉडर मार्केट) का प्रदर्शन बेहतर रहा। इसके चलते मिडकैप 0.92 प्रतिशत और स्मॉलकैप 0.71 प्रतिशत ऊपर बंद हुए। मार्केट ब्रेथ पॉजिटिव रहा। आज 1,487 शेयरों में गिरावट के मुकाबले 2,480 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। जबकि इंडिया VIX में लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि उम्मीद के मुताबिक यूएस फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और बॉन्ड यील्ड में कमी से ग्लोबल इक्विटी मार्केट को कुछ समय के लिए सहारा मिला और महंगाई के धीरे-धीरे कम होने की उम्मीदें भी मजबूत हुईं। इसके बावजूद,घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। लेकिन हालिया गिरावट के बाद ‘वैल्यू बाइंग’के चलते बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और US टैरिफ के जोखिम के कारण ब्याज दरें और बढ़ाने के दौर की आशंका बनी हुई है, जिससे निवेशकों का रुख सतर्क रहने की संभावना है।

उन्होंने आगे कहा कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर बना रहा क्योंकि निवेशकों ने उन कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं जिनकी कमाई की संभावना मजबूत है,जिनके पास अच्छे ऑर्डर हैं और जिनकी बैलेंस शीट मजबूत है। इनमें खासकर कैपिटल गुड्स,इंडस्ट्रियल,डिफेंस,पावर और हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनियां शामिल रहीं।

HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा कि निफ्टी 23,300 के रेजिस्टेंस लेवल के करीब पहुंच रहा है। अगर यह मजबूती से इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो रिकवरी 23,500 तक जा सकती है,जबकि इसके लिए सपोर्ट लेवल 23,200 और 23,000 पर बना हुआ है। जब तक निफ्टी 23,300 के लेवल को साफ तौर पर पार नहीं कर लेता,तब तक बाजार के कंसोलिडेशन मोड में रहने की संभावना है।

ग्लोब कैपिटल मार्केट में AVP-रिसर्च,विपिन कुमार ने कहा कि निफ्टी इंडेक्स में रिकवरी की रैली जारी रही और यह मामूली बढ़त के साथ फ्लैट-टू-पॉज़िटिव बंद हुआ। हालांकि,उन्होंने कहा कि पोज़िशनल चार्ट का स्ट्रक्चर अभी भी नेगेटिव बना हुआ है,जिसमें 23,450–23,600 के दायरे में कई रेजिस्टेंस लेवल हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक इंडेक्स इस रेजिस्टेंस ज़ोन के नीचे ट्रेड करता है तब तक उछाल पर बिकवाली की ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी अपनाने की सलाह होगी। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 23,100–23,000 का दायरा तत्काल सपोर्ट जोन का काम करेगा।

टेक्निकल व्यू

एनालिस्ट्स का कहना है कि मार्केट में तेजी लौटने के लिए निफ्टी को 23,300 के स्तर को मजबूती से पार करना होगा। बजाज ब्रोकिंग में रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पवित्रो मुखर्जी ने कहा कि निफ्टी ने अभी तक ‘हायर हाई-हायर लो’ का स्ट्रक्चर नहीं बनाया है,जिससे बाज़ार का मूड अभी भी सतर्क बना हुआ है। मंगलवार के हाई के पास स्थित 23,600 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर निफ्टी 23,600 के ऊपर टिकता है,तो इससे मौजूदा गिरावट के थमने का संकेत मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि नीचे की तरफ 23,116 (मंगलवार और बुधवार का लो) का जोन अभी भी तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर यह स्तर टूटता है तो आने वाले सेशन में गिरावट का दौर 23,000 और 22,800 के स्तर तक बढ़ सकता है।

एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पलविया ने कहा कि टेक्निकल नज़रिए से देखें तो 23,350 के नीचे निफ्टी का रुख सावधानी के साथ मंदी (बेयरिश) वाला बना हुआ है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,100 पर है। अगर यह इस लेवल के नीचे टूटता है तो इंडेक्स 22,800 की ओर जा सकता है। ऊपर की तरफ, 23,350 और 23,500 अहम रेजिस्टेंस लेवल बने हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में और कमी या फेड का रुख कम सख्त होने से रिकवरी को सपोर्ट मिल सकता है और निकट भविष्य के सेंटीमेंट में सुधार हो सकता है।

HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड देवर्स वकील ने कहा कि अगर निफ्टी 23,100 के पास स्थित हाल के स्विंग लो से ऊपर बना रहता है तो यह 23,500 के रेजिस्टेंस ज़ोन की ओर वापसी कर सकता है। हालांकि,23,100 के नीचे जाने पर निफ्टी 22,700 के पोजीशनल सपोर्ट तक गिर सकता है।

 

NSE IPO : लिस्टिंग के बाद NSE के निफ्टी में शामिल होने पर SEBI से अभी कोई चर्चा नहीं-एनएसई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

डे-लो से 500 प्वाइंट्स ऊपर भागा Sensex, चार वजहों से Nifty फिर 23350 के पार

Share Market Rally: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें महंगी की लेकिन चूंकि घरेलू मार्केट को पहले से ही इसकी उम्मीद थी तो इसका कोई खास असर नहीं दिखा। कच्चे तेल की नरमी पर सेंसेक्स और निफ्टी ने रेड जोन से शानदार वापसी की और सेंसेक्स इंट्रा-डे के निचले स्तर से 500 प्वाइंट्स से अधिक रिकवरी को तो निफ्टी भी 23200 के नीचे से रिकवर होकर 23350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की बढ़त है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 12:46 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 280.73 प्वाइंट्स यानी 0.38% की बढ़त के साथ 74,617.18 और निफ्टी 130.35 प्वाइंट्स यानी 0.56% के उछाल के साथ 23,347.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 172.50 प्वाइंट्स टूटकर 74,163.95 तक आया था जिससे यह 513.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,677.56 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 23.95 प्वाइंट्स गिरकर 23,193.65 तक आया था जिससे यह 169.90 प्वाइंट्स चढ़कर 23,363.55 तक पहुंचा था।

Stock Market Rally: ये है वजह

कच्चे तेल में नरमी

सऊदी अरब ने ओमान के जरिए अतिरिक्त कार्गो की पेशकश की, जिससे सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कुछ कम हुईं। इससे कच्चा तेल नरम पड़ा और ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 2% से अधिक टूटकर $104 के नीचे आ गया। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

ऑटो-फार्मा सेक्टर से शानदार सपोर्ट

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी, फार्मा और रियल्टी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। इनके निफ्टी इंडेक्स में डेढ़-डेढ़ फीसदी की मजबूती आई है। निफ्टी मेटल भी करीब 1% ऊपर चढ़ा है तो निफ्टी एफएमसीजी में आधे फीसदी की तेजी है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 6.47% की गिरावट के साथ 12.32 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

वैल्यू बाइंग

हाल-फिलहाल मार्केट की तेज गिरावट के चलते कई स्टॉक्स आकर्षक वैल्यूएशन पर आ गए तो निवेशक ताबड़तोड़ खरीदारी करने लगे जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला। एलकेपी सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी और सेंसेक्स ओवरसोल्ड जोन में आ चुके हैं तो मौजूदा लेवल पर टेक्निकल बाउंस दिख सकता है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 17 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 16 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर और निफ्टी 99.00 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 1913 शेयरों में बढ़त हुई, 2241 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,HDFC लाइफ,ITC,एक्सिस बैंक और SBI शामिल रहे। वहीं TCS,विप्रो,इंफोसिस,टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व में गिरावट देखी गई।

IT और फार्मा को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली गिरावट आई।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाजार आज बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद इसमें रिकवरी हुई। सेंसेक्स लगभग 74,336 पर बंद हुआ और इसमें करीब 333 अंकों की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी भी बढ़त के साथ 99 अंक ऊपर बंद हुआ। US में कच्चे तेल का स्टॉक बढ़ने से सप्लाई से जुड़ी कुछ चिंताएं कम हुईं,जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

FMCG शेयरों में सबसे ज़्यादा तेजी रही और चार दिन से जारी इनकी गिरावट का सिलसिला थम गया। आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए निवेशकों के रुझान के कारण HUL,ITC,डाबर इंडिया,इमामी,गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और P&G हाइजीन के शेयरों में 2-4% की बढ़त हुई।

सरकार ने 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR लागू किया है, जिसमें 75,000 रुपये और उससे ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए अधिकतम शुल्क 300 रुपये तय किया गया है। ये नए शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होंगे। इससे 2020 में शुरू किया गया ज़ीरो MDR सिस्टम खत्म हो जाएगा। जिन छोटे व्यापारियों का मासिक UPI QR कलेक्शन 1 लाख रुपये तक है,उन्हें इससे छूट मिलेगी। P2P ट्रांज़ैक्शन पहले की तरह मुफ़्त रहेंगे। इस बदलाव से बैंकों,पेमेंट एग्रीगेटर्स और फिनटेक कंपनियों को अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकता है।

PhonePe के CEO समीर निगम ने कहा है कि नए MDR फ्रेमवर्क से कंपनी के IPO प्लान को मदद मिल सकती है और चालू वित्त वर्ष में इसकी लिस्टिंग हो सकती है। उम्मीद है कि यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ होगा।

SEMICON India 2026 का आयोजन 17-19 सितंबर के बीच नई दिल्ली में किया जाएगा। इसमें 600 से ज्यादा एग्ज़िबिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है,जिससे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शेयरों पर सबकी नजर रहेगी। सरकार ने 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिनमें से तीन में पहले से ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।

NSE का IPO कल खुलने वाला है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहने की संभावना है। सेक्टर-स्पेसिफिक डेवलपमेंट,कच्चे तेल की कीमतो और विदेशी निवेश इसके मुख्य कारण होंगे। NSE का यह बड़ा IPO प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी का भी एक बड़ा टेस्ट होगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी और US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद (जिसका असर बाजार पहले ही पचा चुका है) से निवेशकों का भरोसा बढ़ा,जिससे भारतीय इक्विटी बाजार में भी तेजी आई। बैंक ऑफ जापान के पॉलिसी फैसले से पहले जापानी बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से भी पॉजिटिव माहौल को और मजबूती मिली,जिससे पूरे एशिया में जोखिम लेने की इच्छा को सपोर्ट मिला।

घरेलू स्तर बाजार में बैंकिंग,FMCG और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी के कारण लार्ज-कैप शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त रही,जबकि IT सेक्टर में हालिया शानदार प्रदर्शन के बाद कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफा वसूली दिखी।

निवेशक अब भविष्य में ब्याज दरों की चाल के बारे में और जानकारी पाने के लिए फेड चेयरमैन के बयान का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस गाइडेंस का असर ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,कैपिटल फ़्लो और फ़ाइनेंशियल मार्केट की निकट भविष्य की दिशा पर पड़ेगा।

HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि मंगलवार को आई भारी गिरावट के बाद बुधवार को बैंकिंग शेयरों और कुछ बड़े शेयरों में वैल्यू बाइंग के चलते भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी देखने को नजर आई।

इस रिकवरी में बैंक निफ्टी सबसे आगे रहा। इसने 56,000 का स्तर फिर से हासिल किया और बेंचमार्क इंडेक्स को सपोर्ट दिया। हालांकि, रिकवरी में बहुत अधिक तेजी नहीं थी क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें $107-$108 प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रहीं और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी घोषणा से पहले अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी यील्ड 5% के आसपास रही।

ग्लोबल मार्केट में निवेशकों का रुख सावधानी के साथ पॉजिटिव रहा। बाजार फेड के फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। इंडिया VIX घटकर 13.15 पर आ गया,जो बताता है कि निकट भविष्य की चिंता में थोड़ी कमी आई है,हालांकि उतार-चढ़ाव हाल के स्तरों से ऊपर बना हुआ है।

तकनीकी स्थिति में मामूली सुधार हुआ है लेकिन यह अभी भी कमजोर है। निफ्टी 23,200 के ऊपर बंद हुआ। लेकिन 23,300-23,500 के दायरे में उसे अभी भी रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,000 पर है और उसके बाद 22,800 पर अहम सपोर्ट है।

बैंक निफ्टी को 56,500-56,800 की ओर रिकवरी जारी रखने के लिए 56,000 के स्तर से ऊपर बने रहना होगा। अगर यह फिर से 56,000 के नीचे जाता है तो 55,500 का स्तर फिर से फोकस में आ सकता है।

फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला और उसके साथ दी जाने वाली पॉलिसी गाइडेंस ही बाजार की अगली चाल तय करेगी। फेड की संतुलित कमेंट्री से रिकवरी में मदद मिल सकती है,जबकि सख्त रुख (हॉकिश आउटलुक),बॉन्ड यील्ड में फिर से तेजी या ब्रेंट क्रूड का $110 की ओर बढ़ना बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ा सकता है और बाजार की रिकवरी को सीमित कर सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले से पहले बनी अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में सावधानी का माहौल बने रहने की संभावना है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि आज भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव वाला दिन रहा। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,रुपये में कमजोरी और FII की लगातार बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें,करेंसी में उतार-चढ़ाव और US फेड की पॉलिसी को लेकर उम्मीदें बाजार की दिशा तय करेंगी।

 

Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

Trading Plan : आज दरों पर US फेड के फैसले से पहले बाजार में शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी निचले स्तरों से करीब 100 अंक सुधरा है और 23200 के ऊपर आ गया है। बैंक निफ्टी भी 56200 के अहम लेवल के ऊपर है। मिड और स्मॉलकैप ने भी यूटर्न मारा है। इधर INDIA VIX 3 फीसदी फिसला है। 2:35 बजे के आसपास सेंसेक्स 311.82 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 74,315.64 पर और निफ्टी 115.90 अंक या 0.50 प्रतिशत बढ़कर 23,234.50 पर दिख रहा था। FMCG सेक्टर में सबसे ज़्यादा,लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंक, रियल्टी और मीडिया सेक्टर में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी दिख रही है।

हालांकि IT शेयरों में गिरावट दिख रही और इसका सेक्टर इंडेक्स 1.59 प्रतिशत गिर गया है । बेंचमार्क में बढ़त के बावजूद मार्केट ब्रेड्थ नेगेटिव है। 1,727 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,176 शेयरों में गिरावट आई है। मिडकैप शेयरों में हल्की बढ़त दिख रही है। स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट है।

बैंकों और ग्रुप लाइफ कंपनियों के कमीशन पर कैंची चलाने की तैयारी है। इंडिविजुल एजेंट्स को राहत मिल सकी है। इस जल्द IRDAI का कंसल्टेशन पेपर जारी होगा। CNBC-TV की इस एक्सक्लूसिव खबर के बाद PB फिनटेक 5 फीसदी ऊपर भागा है। सिगरेट महंगी होने से ITC में उछाल आया है।चुनिंदा ब्रांड्स के दाम 9-13% बढ़े हैं। यह शेयर 2% चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। गॉडफ्रे फिलिप्स भी 2.5% उछला है।

नए MDR फ्रेमवर्क से PAYTM में जोश है और ये करीब 2.5 फीसदी चढ़कर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंच गया है। उधर यस बैंक में भी खरीदारी कायम है। हालांकि ऊपरी स्तरों से दोनों शेयर हल्के हुए हैं।

बाजार: रिकवरी का दिन

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिट अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी आई है। बाजार ने एक शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दी। पहले शॉर्ट ट्रेड ने काम किया और फिर लॉन्ग ट्रेड ने और अब फैसले की घड़ी से पहले का सेशन बाकी है। आज शाम को आएगा US फेड का फैसला। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में अच्छी रिकवरी आई है। दोनों में ठीक सपोर्ट लेवल से रिकवरी आई। निफ्टी में 23,100 और बैंक निफ्टी में 55,800 से रिकवरी आई। मिडकैप, स्मॉलकैप में भी निचले स्तरों से शानदार रिकवरी हुई। बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार अब दरों में कटौती को पचा चुका है?

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में शॉर्ट साइड के सारे टारगेट हिट हुए हैं और इसीलिए हमने शॉर्ट समेटने का नजरिया लिया है। कोई भी ट्रेड आज 3:40 तक निपटा कर जाएं। कल का अभी अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। आज फेड चीफ क्या कहेंगे कोई नहीं कह सकता। मगर बाजार बहुत कुछ निगेटिव पचा चुका है। यहां से और गिरने के लिए फेड का एक्ट्रीम हॉकिस होना जरूरी है और अगर ज्यादा हॉकिस नहीं हुए तो रिकवरी भी संभव है। जो भी है अब मंदी 23,100 के नीचे बंद होने पर ही होगी। अभी भी बाजार ने पोजीशनल लॉन्ग का संकेत नहीं दिया है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,100-23,150 पर सपोर्ट और 23,400-23,450 पर रेजिस्टेंस है। निफ्टी बैंक के लिए 55,800-56,000 पर सपोर्ट और 56,500-56,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

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