Market Outlook : 23150 के नीचे बंद हुआ निफ्टी, जानिए 16 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 15 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,150 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 777.94 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 74,003.82 पर और निफ्टी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत गिरकर 23,118.60 पर बंद हुआ। लगभग 1132 शेयरों में बढ़त हुई, 3154 शेयरों में गिरावट आई और 163 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, श्रीराम फाइनेंस, अडानी एंटरप्राइजेज, इंटरग्लोब एविएशन और ग्रासिम इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, TCS, टेक महिंद्रा और विप्रो शामिल रहे।

IT को छोड़कर, बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। रियल्टी इंडेक्स में 4% की गिरावट आई,जबकि ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी, मेटल, मीडिया और PSU बैंक इंडेक्स में 2-2% की गिरावट दर्ज की गई।

ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमज़ोर रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई।

इक्विरस वेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर पुंज का कहना है कि आज बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मज़बूत शुरुआत के बाद बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेजी ने आज ज़्यादातर समय बाज़ार का मूड कमजोर बनाए रखा।

बढ़ते इंपोर्ट बिल को लेकर बनी चिंताएं घरेलू करेंसी पर भारी पड़ रही हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 96 रुपए प्रति-डॉलर के स्तर को तोड़ने के करीब पहुंच गया। इससे इक्विटी बाजार पर और दबाव पड़ा। टेक्नोलॉजी शेयरों को छोड़कर,बैंकिंग,रियल्टी, टेलीकॉम और ऑटो शेयरों में बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट देखी गई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि आज घरेलू बाजार दबाव में रहे और उनमें गिरावट जारी रही। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट पर असर डाला। इस हफ़्ते होने वाली बड़े सेंट्रल बैंकों की बैठकों से पहले निवेशक सतर्क दिखे। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा पॉलिसी को और सख्त करने की उम्मीदें बढ़ रही हैं। लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के माहौल को लेकर बनी चिंताओं ने ट्रेजरी यील्ड को कई सालों के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के चलते उभरते बाज़ारों के सेंटीमेंट कमजोर हुए

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। ज़्यादातर सेक्टर में भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। हालांकि,IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया क्योंकि AI के धीमे विकास के संकेतों ने पारंपरिक IT सेवाओं में तेजी से बदलाव की चिंताओं को कम किया।

निकट भविष्य में,तेल की ऊंची कीमतें और ऊंची बॉन्ड यील्ड जोखिम लेने की इच्छा पर दबाव डाल सकती हैं। हालांकि मज़बूत घरेलू फंडामेंटल और घरेलू निवेशकों द्वारा वैल्यू बाइंग से गिरावट के जोखिम को सीमित करने में मदद मिल सकती है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का बाजार के सेंटीमेंट पर बुरा असर पड़ा। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, जबकि US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% के स्तर को पार कर गई, जिससे लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीदें और मजबूत हुईं हैं।

FII की लगातार बिकवाली ने दबाव और बढ़ा दिया,हालांकि IT शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया और HDFC बैंक के CEO पद के उत्तराधिकार से जुड़ी खबरों के बाद बैंक के शेयरों में बढ़त देखी गई। आगे बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल,ग्लोबल यील्ड,FII निवेश और US फेड के फैसले की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। निफ्टी 280 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 778 अंकों की गिरावट आई। टेक्निकल तौर पर गैप-अप ओपनिंग के बाद मार्केट को लगातार ऊपरी लेवल पर बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा। दिन के उच्चतम स्तर से निफ्टी 450 अंक से ज़्यादा नीचे आया। इसके अलावा,डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी है और इंट्राडे चार्ट पर अभी भी लोअर टॉप फॉर्मेशन बना हुआ है। यह मौजूदा लेवल से और कमज़ोरी आने का संकेत है।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 23,250 के लेवल से नीचे ट्रेड कर रहा है,तब तक करेक्शन जारी रहने की संभावना है। नीचे की तरफ यह 23,000 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है,जिससे इंडेक्स 22,900-22,850 तक फिसल सकता है। दूसरी ओर 23,250 के ऊपर जाने पर, पुलबैक मूवमेंट 23,400-23,450 तक बढ़ सकता है। मौजूदा मार्केट का मिज़ाज उतार-चढ़ाव वाला है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सुदीप शाह का कहना है कि मंगलवार को निफ्टी में गैपअप के साथ शुरुआत हुई,लेकिन यह ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया और दिन के हाई से लगभग 500 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो लगातार बने बिकवाली के दबाव का संकेत है।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी अपने 200-डे EMA से लगभग 5% और 100-डे EMA से 4% नीचे ट्रेड कर रहा है जो कमज़ोर मार्केट स्ट्रक्चर को दिखाता है। डेली RSI 22.23 पर है और गिरावट के ट्रेंड में बना हुआ है,जो मज़बूत बेयरिश मोमेंटम को दर्शाता है। इसके अलावा,MACD हिस्टोग्राम नीचे की ओर मोमेंटम में तेज़ी का संकेत देता है। मार्केट में उतार-चढ़ाव भी बढ़ गया है। आज इंडिया VIX 9% से ज़्यादा उछल गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ते डर का संकेत है।

आगे 3250-23280 का ज़ोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। जब तक निफ्टी 23280 के स्तर से नीचे रहता है,तब तक निकट भविष्य में बाजार का रुख कमज़ोर रहने की संभावना है। आगे इंडेक्स पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है और यह 22950 की ओर खिसक सकता है। इसके बाद शॉर्ट टर्म में 22800 का स्तर भी देखने को मिल सकता है। मौजूदा मंदी के माहौल से निकलने और रिकवरी की संभावना को बेहतर बनाने के लिए निफ्टी के 23280 के ऊपर जा कर टिकने की जरूरत है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी भी ऊपर की ओर गैप के साथ खुला लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया,जिसके कारण सेशन के दौरान इसमें भारी प्रॉफिट बुकिंग हुई। इसके बाद इंडेक्स में इंट्राडे हाई से 1200 अंकों से ज़्यादा की गिराव देखी गई और अंततः यह 55800 पर बंद हुआ। आज इसमें 1.43% की गिरावट। डेली चार्ट पर, इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई, जो ऊपरी स्तरों पर लगातार बने बिकवाली के दबाव को दर्शाती है।

तकनीकी नज़रिए से बैंक निफ्टी अभी अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो निकट भविष्य में कमजोर ट्रेंड का संकेत है। डेली RSI 33.23 पर है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम हावी है।

आगे इसके लिए 55400-55300 का ज़ोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। 55300 के स्तर से नीचे जाने पर गिरावट का दबाव बढ़ सकता है,जिससे 54800 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 54300 की ओर गिरावट का रास्ता खुल सकता है। ऊपर की ओर 56300-56400 का ज़ोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। किसी भी अच्छी रिकवरी का संकेत देने के लिए इंडेक्स को इस बाधा से ऊपर जा कर टिके रहने की जरूरत है।

 

Market Trend : बाजार पर हावी हुआ क्रूड, बॉन्ड यील्ड और दरें बढ़ने का ट्रिपल टेंशन, इंट्राडे में शॉर्ट करें लेकिन मुनाफा समेट कर जाएं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : 23200–23000 का सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में आ सकती है बड़ी गिरावट, 23600 के ऊपर टिकने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : 11 सितंबर को निफ्टी में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई,लेकिन निचले स्तरों से खरीदारी आने के बाद यह दिन के निचले स्तर से ऊपर बंद हुआ। हालांकि,बाजार का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है और सभी मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें (जो $110 प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं) और FOMC की बैठक से पहले US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड का 5 प्रतिशत के स्तर के करीब पहुंचना भी बाजार के सेंटीमेंट पर भारी पड़ा।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 23,600 के लेवल के ऊपर टिककर बंद नहीं होता,तब तक किसी भी रिकवरी में बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। निफ्टी के लिए 23,200–23,000 के दायरे में एक अहम सपोर्ट है। अगर यह 23,000 के नीचे जाता है तो इसमें बड़ी गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ, 23,500–23,600 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,398) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,442, 23,493 और 23,576

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,276, 23,225 और 23,143

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन: गैप-डाउन ओपनिंग के बाद रिकवरी करते हुए निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई। हालांकि। इसमें लोअर-हाई और लोअर-लो का स्ट्रक्चर अभी भी बना हुआ है। इसलिए, एक अच्छी रिकवरी की पुष्टि के लिए लगातार खरीदारी बने रहने की जरूरत है। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर ही रहे,जबकि इंडेक्स 22,182 से 24,774 तक की रैली के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के करीब पहुंच गया है। डेली RSI 30 के लेवल से नीचे 27.22 पर बना रहा,जबकि MACD का डाउनट्रेंड जारी रहा और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार पांचवें सेशन में भी चौड़ा होता गया। कुल मिलाकर,ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि हालिया रिकवरी के बावजूद बेयरिश ट्रेंड बना हुआ है।

बैंक निफ्टी (56,607) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,679, 56,902 और 57,264

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,956, 55,732 और 55,371

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन : शुक्रवार को बैंक निफ्टी में बड़ी गिरावट (गैप-डाउन ओपनिंग) के बाद रिकवरी आई और यह 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह रिकवरी खास तौर पर मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के पास सपोर्ट मिलने के बाद हुई। चूंकि इंडेक्स पिछले दिन के उच्चतम स्तर से ऊपर बंद हुआ है,इसलिए आगे और रिकवरी के लिए लगातार और टिकाऊ तेजी की जरूरत है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है और शॉर्ट-टर्म व मीडियम-टर्म एवरेज दोनों ही नीचे की ओर जा रहे हैं। इसके अलावा,RSI थोड़ा बढ़कर 41.05 पर पहुंच गया लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा,जबकि MACD ज़ीरो लाइन से काफी नीचे बना रहा,भले ही लगातार आठ सेशन तक रेड बार बढ़ने के बाद हिस्टोग्राम की कमजोरी कम हो गई। ये सभी बातें बताती हैं कि सपोर्ट जोन से रिकवरी के बावजूद,मीडियम-टर्म का बड़ा डाउनट्रेंड अभी भी बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

FIIs लगातार चौथे सेशन में भी नेट सेलर बने रहे और 11 सितंबर को ₹930 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,968 करोड़ से ज़्यादा के शेयर खरीदे, जिससे बाज़ार को सहारा मिला।

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इंडिया VIX

बाज़ार में उतार-चढ़ाव का इंडीकेटर India VIX, 4.15% बढ़कर 12.285 पर पहुंच गया और अपने 50-दिन के EMA के ऊपर चला गया,जो बाज़ार में तेजड़ियों के बीच बढ़ती सावधानी का संकेत है। अगर यह 13–14 के ज़ोन के ऊपर जाता है तो बुल्स के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 11 सितंबर को बढ़कर 1.01 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.77 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

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Market Insight : अनुज सिंघल से जाने कहां तक गिर सकता है निफ्टी, NSE के IPO में क्या करें

Market Insight : बढ़ती US बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की आग में बाजार झुलसता दिख रहा है। निफ्टी ने इंट्राडे में आज 23250 का अहम लेवल भी तोड़ दिया तो बैंक निफ्टी 1 फीसदी टूटकर 56000 के नीचे चला गया। मिड और स्मॉलकैप में भी भारी बिकवाली आई है। क्रूड 108 डॉलर के पार चला गया है। उधर इंडिया VIX 6 फीसदी उछला है। US में दरे बढ़ने की आशंका से रेट सेंसटिव शेयरों के सेंटिमेंट बिगड़ गए हैं। रियल्टी,ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल रहा है। रियल्टी इंडेक्स करीब 4 फीसदी नीचे है। गोदरेज और प्रेस्टीज 5 फीसदी तक गिरे हैं। हालांकि IT शेयर संभलने की कोशिश कर रहे हैं।

US में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5 फीसदी के करीब पहुंचने से मेटल और गोल्ड फाइनेंस कंपनियों पर प्रेशर है। मेटल इंडेक्स करीब 2.5 फीसदी टूटा है। HINDALCO, HIND ZINC, हिंद कॉपर, NALCO 5 फीसदी तक नीचे आए हैं। सोने में गिरावट से मुथूट और मणप्पुरम भी टूटे हैं।

क्या आज होगा टोटल ब्रेक डाउन ?

बाजार पर बात करते हुए CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि उनका लगातार इंडेक्स पर शॉर्ट रहने का नजरिया रहा है। बाजार इस समय एक बड़े मैक्रो दिक्कत में है। इसीलिए निफ्टी और बैंक निफ्टी में बड़ी गिरावट आ रही है। लेकिन ऐसा नहीं है कि बाजार खराब है। मिडकैप,स्मॉलकैप और IPOs में पैसा बन रहा है। आज सुबह-सुबह बॉन्ड बाजार और कच्चे तेल से डराने वाले संकेत मिले हैं। आज शाम को US रिटेल महंगाई डाटा भी आना है। ऐसे में बड़ा सवाल ये कि बाजार दरों में बढ़ोतरी को कितना पचा चुका है और अगर वाकई US में दरों में बढ़ोतरी हुई तो क्या हम और गिरेंगे या ये भाव में शामिल हो चुका है?

निफ्टी: कहां तक गिर सकते हैं हम?

निफ्टी में इस साल 2 बड़े बॉटम बने थे। युद्ध के तुरंत बाद 22,331 और मई में 23,123 (क्लोजिंग लेवल)। क्लोजिंग आधार पर हम 24,774 तक चले थे। मई के स्तर से जो रैली हुई उसका हम 81% गिर चुके हैं। ऐसे में वापस 23,100-23,200 जाने का रिस्क होगा। युद्ध के बाद वाले लो की रैली का भी हम 55% रिट्रेस हो चुके हैं और उसका 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल आएगा करीब 23,264 पर। यानी कि कुल मिला कर 23,100-23,300 पत्थर की लकीर है। अगर 23,100-23,300 टूटा तो 22,300 भी रिस्क पर होगा।

बाजार: आज का दांव

आज बैंक और IT दोनों के गिरने के संकेत हैं। निफ्टी IT पर हमने एकदम सही समय पर Bullish नजरिया खत्म किया। इस महीने निफ्टी IT 7% से ज्यादा गिर चुका है और वापस निफ्टी IT में अब पैसा बेच कर बन रहा है। बैंक और NBFCs में आज कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड की दोहरी मार है। HDFC बैंक अब इस साल 30% गिर चुका है। अब तो HDFC बैंक के पक्के निवेशक भी उम्मीद छोड़ रहे हैं। दिक्कत यह है कि ICICI बैंक और SBI भी साथ नहीं दे रहे हैं। आज मेटल की रैली भी बुरी तरह से फेल हो सकती है। गोल्ड फाइनेंस कंपनियों में फिर बड़ी गिरावट का रिस्क रहेगा। हिंद जिंक पर कल हमने इंट्राडे में मुनाफावसूली का नजरिया रखा था। आज बाकी मेटल शेयरों में भी तेज गिरावट आ सकती है। छुपने की जगह इस समय सिर्फ फार्मा और हेल्थकेयर में है। इसके अलावा आज NSE के IPO पर नजर रहेगी।

NSE IPO डिटेल्स

NSE IPO 17-21 सितंबर के बीच खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपए और इश्यू साइज 22,569 करोड़ (पूरी तरह OFS) तय किया गया है। कंपनी का मार्केट कैप 4.42 लाख करोड़ रुपए है। NSE के वैल्युएशन की बात करें तो 1,785 रुपए प्रति शेयर पर वैल्युएशन करीब 42.9x Trailing FY26 P/E होता है। SE का मौजूदा P/E करीब 54x FY26 EPS पर है। NSE के फाइनेंशियल पर नजर डालें तो FY26 में इसकी आय 16,601 करोड़ रुपए, EBITDA मार्जिन 76% और मुनाफा 10,302 करोड़ रुपए रहा।

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NSE में क्या करें?

NSE कैपिटल मार्केट सेक्टर का सबसे बड़ा शेयर है। ध्यान रहे इसमें लगभग 6 महीने तक फ्लोटिंग स्टॉक काफी सीमित रहेगा। प्री-IPO निवेशकों के लिए 6 महीने का Lock In है और 4.5% इश्यू में से करीब 1.5% एंकर निवेशकों का होगा। एंकर निवेशक भी 1 महीने तक नहीं बेच पाएंगे। NSE का असली टेस्ट लिस्टिंग के 6 महीने बाद होगा। NSE का सबसे बड़ा रिस्क है F&O वॉल्यूम का तेजी से नीचे आना और यही कारण है कि BSE अपने हाई से काफी गिर चुका है। NSE भी Unlisted मार्केट में 2200 रुपए तक गया था और वहां से गिरा है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 10 सितंबर को निफ्टी ने लगातार तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया और 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि,इस मामूली रिकवरी के लंबे समय तक टिके रहने की उम्मीद नहीं है। इसके पीछे कई कारण हैं। खराब होते टेक्निकल इंडिकेटर,वेस्ट एशिया में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से महंगाई की बढ़ती चिंताएं,और US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे फैक्टर बाजार का मूड खराब कर सकते है। ये सभी संकेत इक्विटी मार्केट में मंदी का दौर जारी रहने की ओर इशारा कर रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे जा सकता है और 23,300 के स्तर तक गिर सकता है। अगर इंडेक्स 23,300 के स्तर से नीचे जाता है,तो जून के निचले स्तर 23,070 तक और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ,23,500-23,600 की रेंज इंडेक्स के लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकती है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,478) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,495, 23,522 और 23,566

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,407, 23,380 और 23,336

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने कल एक बुलिश कैंडल बनाई जिसमें नीचे की तरफ एक साफ विक दिखी। यह निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है, लेकिन यह पिछले दिन के हाई से ऊपर नहीं जा पाया। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर ही बने रहे। RSI 28.94 पर था जबकि पिछले सेशन में यह 26.44 था। लेकिन यह अभी भी ओवरसोल्ड जोन और अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना हुआ है। MACD में और गिरावट आई और लगातार चौथे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार का साइज बढ़ा। ये सभी इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बना हुआ है।

बैंक निफ्टी (56,472) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,557, 56,638 और 56,769

पिवट पॉइंट के आधार पर सपोर्ट: 56,295, 56,214 और 56,083

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,655, 57,049

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,024, 55,675

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी में भी रिकवरी दिखी,लेकिन यह पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद नहीं हो पाया और लोअर हाई-लोअर लो का पैटर्न बनाता रहा। बैंकिंग इंडेक्स में 0.31% की बढ़त हुई और डेली चार्ट पर ऊपरी शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनी,जो खरीदारी आने का संकेत है, हालांकि ऊपरी लेवल पर बिकवाली का दबाव बना रहा। 10, 20, 50 और 100-डे EMA नीचे की ओर झुके रहे,जबकि RSI में थोड़ी बढ़त हुई लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन के नीचे 38.83 पर बना रहा। MACD ज़ीरो लाइन के नीचे और गिर गया और लाल हिस्टोग्राम बार लगातार आठवें सेशन में भी बढ़ता रहा। ये सभी इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि कल आई रिकवरी के बावजूद मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

हाल ही में उछाल के बाद मार्केट के डर को मापने वाले इंडेक्स इंडिया VIX में गिरावट आई और यह 1.05 प्रतिशत गिरकर 11.795 पर आ गया। VIX का 12 के लेवल से नीचे बने रहना तेजड़ियों के लिए कुछ राहत की बात है। हालांकि,अगर VIX 12 के जोन से ऊपर जाता है तो बुल्स को सावधान रहने की जरूरत होगी।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 सितंबर को बढ़कर 0.77 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.75 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

विदेशी निवेशकों की बेरुखी जल्दी दूर होने की उम्मीद नहीं, अगले 2-3 महीने बाजार के लिए काफी मुश्किल -अभय अग्रवाल

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : सभी इंडीकेटर्स दे रहे कमजोर संकेत, बाजार में उछाल पर बिकवाली की मिल रही सलाह

Trade setup for today : टेक्निकल और मोमेंटम इंडिकेटर्स में और कमजोरी आने के साथ ही 9 सितंबर को निफ्टी में 0.86 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली और यह लगातार तीसरे सेशन में भी नीचे की ओर रुख किए रहा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी (जो $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गईं) और US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड का कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंचना भी बाजार पर भारी पड़ा। इन बातों को ध्यान में रखते हुए बाजार जानकारों का मानना ​​है कि निफ्टी की गिरावट 23,300 और फिर 23,070 के लेवल तक बढ़ सकती है, जो एक अहम सपोर्ट लेवल का काम कर सकता है। हालांकि,अगर निफ्टी में उछाल आता है तो 23,500–23,600 का जोन शॉर्ट टर्म में सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। ऐसे में बाजार में सेल-ऑन-राइज की रणनीति अपनाने की सलाह होगी।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी (23,432)के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,532, 23,565 और 23,618

पिवट पॉइंट पर आधारित सपोर्ट : 23,425, 23,392 और 23,338

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी में गैप-डाउन ओपनिंग के बाद ऊपरी शैडो वाली एक रेड कैंडल बनी जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाती है। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके हुए हैं,जबकि RSI गिरकर 26.44 पर आ गया है,जो ओवरसोल्ड जोन में है। MACD लाइन में गिरावट जारी रही और लगातार तीसरे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार बढ़ा। ये इंडिकेटर आगे और कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (56,296) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,616, 56,721 और 56,892

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,274, 56,168 और 55,997

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,655, 57,049

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,024, 55,675

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी भी मंदी के दौर में आ गया है। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे गिर गया है और डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’बनी है जिसमें ऊपर की तरफ एक साफ ‘शैडो’दिख रहा है। यह ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इसके शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुकते रहे। RSI गिरकर 35.90 पर आ गया, जबकि MACD ज़ीरो लाइन से नीचे और गिर गया और लगातार सातवें सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार बढ़ता रहा। कुल मिलाकर, टेक्निकल संकेत बताते हैं कि इसमें नियर टर्म में कमजोरी बनी रहेगी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

वोलैटिलिटी इंडेक्स, India VIX, 6.81 प्रतिशत बढ़कर 11.92 पर पहुंच गया है। यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया है और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के करीब पहुंच रहा है। इस उछाल से तेजड़ियों के लिए थोड़ी सावधानी बरतने का संकेत मिल रहा है। इसके लगातार 12-13 के ऊपर बने रहने पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 9 सितंबर को गिरकर 0.75 पर आ गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.83 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

IPO मार्केट की अंधी दौड़ पहुंचा सकती है नुकसान, IPO के लिए अप्लाई करते समय समझदारी से लें फैसला-वी के विजयकुमार

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: बंधन बैंक

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: इनॉक्स विंड, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Share Market Crash: 5 सेकंड में ₹3 लाख करोड़ साफ, Sensex 600 प्वाइंट्स कमजोर, 4 वजहों से Nifty आया 23500 के नीचे

Share Market Crash: अमेरिका ने ईरान के तेल टैंकरों पर हमला किया तो ईरान ने भी जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर 20 मिसाइलें दागी तो खलबली मच गई। इसकी आंच में घरेलू मार्केट भी झुलस गया और आज शुरुआती कारोबार में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब ₹3 लाख करोड़ गिर गया यानी निवेशकों की दौलत इतनी कम हो गई। पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव पर सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23500 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का तगड़ा दबाव है लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में थोड़ी कम। निफ्टी मिडकैप 100 में फिलहाल करीब आधे फीसदी की गिरावट है तो दूसरी तरफ निफ्टी स्मॉलकैप 100 में गिरावट थोड़ी कम है।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:38 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 461.33 प्वाइंट्स यानी 0.61% की गिरावट के साथ 75,116.25 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 109.40 प्वाइंट्स यानी 0.46% की फिसलन के साथ 23,525.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 608.59 प्वाइंट्स टूटकर 74,968.99 और निफ्टी 157.55 प्वाइंट्स गिरकर 23,477.55 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

Iran-US War

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। ईरान की IRGC ने इसे अमेरिकी हमलों के जवाब में ‘सजा देने वाला ऑपरेशन’ बताया। इसने दुनिया भर में फिर जियो-पॉलिटिकल टेंशन को और बढ़ा दिया।

कच्चे तेल में उछाल

पश्चिची एशिया में बढ़ते तनाव पर कच्चा तेल उबल गया, जिसकी आंच में मार्केट झुलस रहा है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 2% उछलकर प्रति बैरल $100 के करीब पहुंच गया।

आईटी सेक्टर ने बनाया भारी दबाव

मार्केट पर आज आईटी सेक्टर ने भारी दबाव बनाया है। मेटल और फार्मा में हल्की-फुल्की रौनक को छोड़ लगभग हर सेक्टर में बिकवाली का दबाव है लेकिन किसी भी अहम सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% या इससे अधिक की गिरावट नहीं है लेकिन निफ्टी आईटी 3% से अधिक टूट गया है।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव पड़ा। फिलहाल यह 3.31% की बढ़त के साथ 11.61 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

ईरान का अमेरिका पर बड़ा पलटवार! 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : सभी इंडीकेटर मंदी का रुझान मजबूत होने का दे रहे संकेत, 23300 की तरफ बढ़ सकती है गिरावट

Trade setup for today : निफ्टी में कल लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही। 8 सितंबर को इसमें 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई। तेल की बढ़ती कीमतों के बीच यह जुलाई के निचले स्तर 23,606 के करीब पहुंच गया। टेक्निकल और मोमेंटम इंडिकेटर्स के साथ-साथ ऑसिलेटर्स भी संकेत दे रहे हैं कि बाजार पर मंदड़ियों की पकड़ मजबूत हो रही है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि अगर निफ्टी मंगलवार के 23,635 के निचले स्तर को साफ़ तौर पर तोड़ देता है तो 23,300 के सपोर्ट लेवल तक और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ़,23,750-23,800 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकता है और उसके बाद 24,000 का स्तर अहम होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23635) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,620, 23,588 और 23,537

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,724, 23,756 और 23,808

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने लगातार दूसरे सेशन में एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई,जो बढ़ती कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे रहा,जो अब नीचे की ओर झुक रहे हैं। यह बढ़ते सेलिंग प्रेशर का संकेत है। RSI 30.88 पर 30 लेवल के करीब पहुंच गया, जबकि MACD और नीचे गिरा। साथ ही लाल हिस्टोग्राम बार में भी बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा,इंडेक्स निचले बोलिंगर बैंड के नीचे बंद हुआ। ये सभी संकेत मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम) के मजबूत होने की ओर इशारा कर रहे हैं और बताते हैं कि इंडेक्स पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है।

बैंक निफ्टी (56,778) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,971, 57,047 और 57,171

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,724, 56,647 और 56,524

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,049, 57,367

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,493, 56,024

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी में कल एक और सेशन में कमजोरी का दौर जारी रहा। यह 0.54 प्रतिशत गिरा और डेली टाइमफ्रेम पर एक’बेयरिश कैंडल’बनाई,जो बढ़ते सेलिंग प्रेशर का संकेत है। इंडेक्स ‘लोअर बोलिंगर बैंड’के नीचे बंद हुआ। इंट्राडे में यह अपने 200-डे EMA के नीचे चला गया था,हालांकि यह अहम मूविंग एवरेज के थोड़ा ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। यह 10-, 20-, 50- और 100-दिन के EMA के नीचे बना रहा,जबकि इसके शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुकते रहे। RSI गिरकर 40.87 पर आ गया। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे अपने गिरावट के ट्रेंड को जारी रखे हुए है और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार छठे सेशन में बढ़ रहा है। ये टेक्निकल इंडिकेटर मंदी के बढ़ते ट्रेंड की ओर इशारा करते हैं और संकेत दे रहे हैं कि इंडेक्स पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

इंडिया VIX

बाज़ार में उतार-चढ़ाव का पैमाना,इंडिया VIX, 11.16 पर बिना किसी बदलाव के बंद हुआ और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इससे पता चलता है कि निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव कम रहेगा और निवेशकों की चिंता भी सीमित रहेगी।

Trading Ideas : बाजार की स्ट्रक्चर अभी भी उछाल पर बिकवाली का, ये दो शेयर कमजोर बाजार में भी करा सकते हैं अच्छी कमाई

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 8 सितंबर को बढ़कर 0.83 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.69 पर था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: मनप्पुरम फाइनेंस

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: इनॉक्स विंड, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर हुए और कमजोर, शॉर्ट टर्म में निफ्टी के 23606 की ओर गिरने का डर

Trade setup for today : 7 सितंबर को निफ्टी 50 में 0.50 फीसदी की गिरावट आई,जिससे हफ़्ते की शुरुआत कमजोर रही। इंडेक्स के पिछले हफ्ते के निचले स्तर से नीचे जाने के कारण मंदी का माहौल और मजबूत हुआ, जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज 50 और 100 डे EMA से नीचे बने रहे और मोमेंटम इंडिकेटर और कमज़ोर हो गए। इसलिए, बाजार जानकारों का मानना ​​है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 50 के 23,606 (जुलाई के निचले स्तर) से नीचे जाने की काफी संभावना है और इसके बाद 23,500 का स्तर भी आ सकता है। ये दोनों ही अहम सपोर्ट लेवल हैं। ऊपर की तरफ,23,900–24,000 का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23779) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,744, 23,708 और 23,650

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,860, 23,896 और 23,954

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल बनाई,जो कमजोरी का संकेत है। 10, 20, 50 और 100 डे EMA नीचे की ओर झुके हुए थे,जबकि 10 और 20 डे के EMA, 50 और 100 डे EMA से नीचे बने रहे। RSI गिरकर 34.72 पर आ गया,जबकि MACD और नीचे गिर गया और ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों से नीचे रहा, साथ ही रेड हिस्टोग्राम बार भी बढ़ रहे थे। ये सभी संकेत बताते हैं कि अंडरलाइंग मोमेंटम कमजोर बना हुआ है और बेयरिश ट्रेंड मजबूत हो रहा है।

बैंक निफ्टी (57088) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,335, 57,435 और 57,597

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,011, 56,911 और 56,749

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,367, 57,684

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,870, 56,493

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर एक लॉन्ग रेड कैंडल बनाई और अपने 50 डे EMA के नीचे आ गया,जिससे पता चलता है कि बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही इंडेक्स अब अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है,जो निकट भविष्य में कमजोरी का संकेत है। RSI गिरकर 44.56 पर आ गया, जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे बना रहा और लगातार पांचवें सेशन में लाल हिस्टोग्राम बार बढ़ते रहे। ये सभी बातें बताती हैं कि मंदी का रुझान मज़बूत हो रहा है और निकट भविष्य के लिए नजरिया कमजोर बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

कुछ दिनों की गिरावट के बाद फीयर इंडेक्स ‘इंडिया VIX’ 4.49% बढ़कर 11.16 पर आ गया,लेकिन यह अभी भी चिंताजनक स्तर से काफी नीचे है। असल में यह इंडेक्स अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है,जो बताता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी काफी कम है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शा ने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 7 सितंबर को गिरकर 0.69 पर आ गया (जो 1 जून, 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है),जबकि पिछले सेशन में यह 0.92 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: इनॉक्स विंड,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया,एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस,सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

Experts Views : बाजार के सेंटीमेंट में कमजोरी कायम, 23680 को नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हुआ हावी, जानिए कल के लिए ट्रेडिंग प्लान

Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हावी हो गया है। निफ्टी 23750 के मेक या ब्रेक लेवल पर पहुंच गया है। एडवांस्ड-डिक्लाइन रेशियो भी कमजोर है। क्रूड 98 डॉलर के करीब है। इंडिया VIX 5 फीसदी ऊपर चला गया है। IT, मेटल, रियल्टी और बैंकों ने बनाया आज सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, विप्रो और HCL टेक वायदा के टॉप लूजर्स में शुमार हैं। हलांकि डिफेंस फार्मा और हेल्थकेयर से सपोर्ट मिल रहा है।

कमजोर बाजार में भी आज EMS सेक्टर कमाल कर रहा है। AVALON 8 परसेंट ऊपर है। नए JV और नोमुरा की बुलिश रिपोर्ट के बाद इसका जोश हाई है। साथ ही सिरमा SGS 10% उछलकर आज का हीरो बना है। KAYNES में भी खरीदारी आई है। NSE के IPO को मंजूरी से कैपिटल मार्केट स्पेस में भी मोमेंटम है। एंजेल वन करीब 2 परसेंट चढ़कर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही MCX और BSE में भी खरीदारी आई है।

बाजार की कड़वाहट के बीच पूरे शुगर स्पेस में मिठास है। डालमिया भारत शुगर, श्री रेणुका और बलरामपुर चीनी 3-4 परसेंट उछले हैं साथ ही अवध शुगर, त्रिवेणी एंजीनियरिंग, द्वारिकेश शुगर्स में भी अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है।

Vodafone Idea को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। GST विभाग की 360 करोड़ की डिमांड याचिका खारिज कर दी गई है। यह शेयर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंचा है। इसमें 1 महीने में 20 परसेंट का उछाल दिखा है। साथ ही इंडस टावर्स में भी करीब 1 परसेंट की मजबूती है।

बाजार: नाजुक स्तरों पर

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी 23,750 के अहम मेक ऑर ब्रेक स्तर पर है। आज निफ्टी IT और बैंक्स दोनों में गिरावट है। मेटल शेयरों में भी मुनाफावसूली आई है। फेड का रेट हाइक फीयर फैक्टर बाजार पर हावी है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज भी बिकवाली है । ADVANCE/DECLINE भी कमजोर है। INDIA VIX में आज बहुत दिनों बाद तेजी देखने को मिली है। कच्चा तेल अभी भी $97 के ऊपर ही है। तेजी वाले सेक्टर्स ढूंढना बड़ा मुश्किल है। EMS और कैपिटल मार्केट जैसे कुछ ही सेक्टर्स में तेजी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या हम 23,750 के नीचे बंद होंगे?

बाजार: अब क्या?

बाजार पर हमारा निगेटिव नजरिया रहा है और अब 23,750 का सबसे अहम स्तर है। अगर इसके नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बड़ा निगेटिव होगा। बाजार में पैसा रैलियां फेल होने पर बेच कर बन रहा है। दिक्कत ये है कि बाजार के पास चलने का ट्रिगर नहीं है और US में दरें बढ़ने का डर अब सही में है। बाजार की दूसरी बड़ी दिक्कत है रिकॉर्ड संख्या में IPOs हैं। IPOs में पैसा बन रहा है और वो लिक्विडिटी खींच रहे हैं। इस हफ्ते 7000 करोड़ के IPOs खुल रहे हैं। दिक्कत ये कि वो 7 लाख करोड़ रुपए की लिक्विडिटी खींच लेंगे।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,750 पर सपोर्ट है। इसके नीचे 23,500-23,600 तक सपोर्ट नहीं है। इसके लिए रेजिस्टेंस 23,850-23,900 पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,800-57,000 पर सपोर्ट और 57,300-57,500 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी में अब पूरी तरह मंदड़ियों के कंट्रोल में हैं। वही रैलियों के फेल होने पर शॉर्ट करने की रणनीति अपनाएं। अगर 23,750 के नीचे बंद हों तो शॉर्ट्स को और जोड़ भी सकते हैं।

 

PVR Inox Share Price: PVR के शेयर में बायबैक की रिकॉर्ड डेट के बाद तेज गिरावट, जानिए स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।