Prayagraj Housing Scheme: सिर्फ ₹2.50 लाख देकर बुक करें 2BHK फ्लैट! अतीक अहमद की पुरानी कोठी के पास बनेगा 700 फ्लैटों का बड़ा प्रोजेक्ट

Prayagraj Housing Scheme: प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) शहर में एक बड़े ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रहा है। खास बात यह है कि यह परियोजना माफिया डॉन अतीक अहमद के पुराने कोठी के पास स्थित उस जमीन पर विकसित की जाएगी, जिस पर पहले अवैध कब्जा था। कसारी-मसारी आवास योजना के तहत यहां करीब 700 दो बेडरूम (2BHK) फ्लैट बनाए जाएंगे, जिनकी कीमत ₹25 लाख प्रति फ्लैट तय की गई है।

सिर्फ ₹2.50 लाख जमा कर करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना का भूमि पूजन अक्टूबर में दीपावली से पहले किया जाएगा। इसके बाद दिसंबर से फ्लैटों की बुकिंग (रजिस्ट्रेशन) शुरू होगी। फ्लैट खरीदने के इच्छुक लोगों को रजिस्ट्रेशन के समय कुल कीमत का 10 प्रतिशत यानी 2.50 लाख रुपये जमा करना होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की भुगतान व्यवस्था की जाएगी।

RERA से मांगी गई मंजूरी

प्राधिकरण ने इस परियोजना के निर्माण के लिए रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) से अनुमति लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन पहले ही भेजा जा चुका है। PDA का कहना है कि जिस लगभग 9,000 वर्गमीटर जमीन पर यह प्रोजेक्ट विकसित किया जाएगा, उस पर पहले अतीक अहमद का अवैध कब्जा था। प्राधिकरण ने कार्रवाई कर जमीन को अपने कब्जे में लिया और अब वहां आवासीय परियोजना विकसित करने का फैसला किया है।

तीन साल में पूरा होगा निर्माण

PDA का लक्ष्य इस पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण तीन साल में पूरा करने का है। फ्लैटों का आवंटन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।

कम आय वर्ग के लोगों को मिलेगा फायदा

PDA के जोनल अधिकारी सूरज पटेल के अनुसार, यह परियोजना विशेष रूप से कम आय वर्ग (LIG) के लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इच्छुक लोग आवेदन कर सकेंगे।

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इस परियोजना के शुरू होने से प्रयागराज में किफायती आवास की तलाश कर रहे लोगों को नया विकल्प मिलेगा। वहीं अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन का उपयोग अब सार्वजनिक हित के लिए किया जाएगा। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) अक्सर शहर में विभिन्न आय वर्गों (EWS, LIG, MIG और HIG) के लिए कई आवासीय योजनाएं और प्लॉट/फ्लैट नीलामी योजनाएं चलाता रहता है।

धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की हुई थी आखिरी कोशिश! शिक्षा मंत्रालय बदलने का ऑफर ठुकराया, इस्तीफे पर अड़ा रहा CJP

Dharmendra Pradhan Resignation: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले केंद्र सरकार ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की थी। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने उन्हें शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। संगठन का साफ कहना था कि धर्मेंद्र प्रधान का सिर्फ मंत्रालय बदलना नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा ही स्वीकार होगा।

बताया गया है कि 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले पिछले कई सप्ताह से NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर के अभियान में बदल गया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधान के पद छोड़ने से पहले केंद्र ने एक समझौता करने की कोशिश की थी, लेकिन सरकार CJP के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को मनाने में नाकाम रही।

सरकार ने निकाला था बीच का रास्ता

The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने विवाद को शांत करने के लिए एक समझौते का रास्ता तलाशने की कोशिश की। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की थी कि यदि धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्रालय लेकर उन्हें किसी अन्य मंत्रालय में भेज दिया जाए तो क्या आंदोलन समाप्त किया जा सकता है।

हालांकि आंदोलनकारी नेताओं ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी मुख्य मांग धर्मेंद्र प्रधान का पूर्ण इस्तीफा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच प्रभावी संवाद समय पर स्थापित नहीं हो सका, जिससे दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर और अधिक अड़ गए। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार बातचीत का जरिया न बन पाने की वजह से गतिरोध बना रहा। फिर दोनों पक्षों का रुख और कड़ा हो गया।

NEET विवाद से शुरू हुआ था आंदोलन

यह आंदोलन NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के बाद शुरू हुआ था। बाद में यह सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहा। बल्कि भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग को लेकर व्यापक अभियान बन गया। CJP नेताओं ने इसे केवल एक मंत्री के खिलाफ विरोध नहीं। बल्कि परीक्षा प्रणाली में कथित खामियों और जवाबदेही की कमी के खिलाफ आंदोलन बताया।

बीजेपी के भीतर भी बढ़ी थी चिंता

रिपोर्ट के मुताबिक, इस्तीफे से करीब 48 घंटे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सरकार के भीतर भी यह महसूस किया जाने लगा था कि बढ़ते जनाक्रोश और संसद में लगातार हो रहे हंगामे के बीच धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्री बने रहना राजनीतिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है। सरकार ने बैक-चैनल बातचीत के जरिए संकट टालने की कोशिश की। लेकिन जंतर-मंतर पर बैठे आंदोलनकारी किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हुए।

खबरों के मुताबिक, सरकार ने पर्दे के पीछे से बातचीत करके और प्रधान को कैबिनेट से हटाने के बजाय कुछ रियायतें देकर संकट को कम करने की कोशिश की थी। हालांकि, CJP का कहना था कि आंदोलन की मुख्य मांग तभी पूरी होगी जब वे इस्तीफा देंगे। सोशल मीडिया पर मजबूत लामबंदी और पहली बार वोट देने वालों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के बीच अपील के कारण इस विरोध प्रदर्शन को असामान्य राजनीतिक महत्व भी मिला।

आखिरकार देना पड़ा इस्तीफा

करीब पांच सप्ताह तक चले आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद CJP ने इसे छात्रों की जीत बताते हुए अपना आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। ओडिशा के वरिष्ठ BJP नेता प्रधान ने पेट्रोलियम, स्टील और शिक्षा जैसे कई अहम मंत्रालय संभाले थे। लेकिन लगभग पांच सप्ताह के विरोध प्रदर्शन के बाद उन्हें अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी।

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NEET Protest: प्रदर्शनकारी छात्रों की कानूनी लड़ाई के लिए आगे आए कपिल सिब्बल, CJP लीगल फंड में दिए ₹1 करोड़

Kapil Sibal: राज्यसभा सांसद और सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के लीगल एड फंड में 1 करोड़ रुपये का योगदान देने की घोषणा की। यह फंड NEET से जुड़े हालिया विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस केस का सामना कर रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए बनाया गया है।

सिब्बल ने कहा कि यह फंड अलग-अलग राज्यों में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज कानूनी मामलों पर नजर रखने और वकीलों के नेटवर्क के जरिए कानूनी मदद मुहैया कराने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि बिहार, असम, बंगाल और महाराष्ट्र जैसी जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और उनके खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की मांग की।

वहीं, दूसरी तरफ CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि केंद्र के आश्वासन के बावजूद, देश भर में छात्रों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बताया कि CJP सुप्रीम कोर्ट के वकील के संपर्क में है ताकि पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए गए छात्रों के लिए कानूनी मदद ली जा सके।

कपिल सिब्बल ने दी आर्थिक मदद

दास के साथ बैठे कपिल सिब्बल ने CJP को आर्थिक मदद के अपने फैसले पर सहमति जताई।

उन्होंने कहा, “मैंने कहा है कि भारत में जहां भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हुए हैं – चाहे वह बिहार, असम, बंगाल या महाराष्ट्र हो – और जहां छात्रों या प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया है, वहां सरकारों द्वारा दर्ज किए गए कानूनी मामलों पर नजर रखने के लिए हमने एक सिस्टम बनाने का फैसला किया है, ताकि हमारे वकील कानूनी मदद दे सकें। हमने मांग की है कि कोई FIR दर्ज नहीं होनी चाहिए, और अगर दर्ज की गई हैं, तो उन्हें वापस लिया जाना चाहिए।”

सिब्बल ने कहा कि CJP एक वेबसाइट बनाएगी जिसमें FIR का सामना कर रहे छात्रों की जानकारी होगी और जो वकील मुफ्त (प्रो बोनो) या अन्य कानूनी मदद देने के इच्छुक हैं, वे इस पहल से जुड़ सकेंगे।

उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपनी तरफ से 1 करोड़ रुपये का योगदान दिया है, और मैं पूरे भारत के वकीलों से अपील करता हूं कि वे इस फंड में योगदान देकर मदद करें ताकि हम प्रभावित लोगों की मदद कर सकें। हमारे वकील उन लोगों के साथ खड़े हैं, जो कानून के दुरुपयोग से प्रभावित हुए हैं।”

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बैंक में 100 करोड़ रुपये, सिलिकॉन वैली में करोड़ों की कंपनी… फिर भी गांव में क्यों रह रहा है ये करोड़पति

सफलता को अक्सर पैसा, बड़ा बिजनेस और शानदार जीवनशैली से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन कई बार जिंदगी में ऐसे मोड़ आते हैं, जहां आर्थिक मजबूती भी परेशानियों को कम नहीं कर पाती। एक उद्यमी द्वारा साझा की गई कहानी ने इसी सोच को सामने रखा है। इसमें एक ऐसे व्यक्ति का जिक्र है, जिसने अपनी मेहनत से विदेश में बड़ी कामयाबी हासिल की, करोड़ों की संपत्ति बनाई और खुद को सफल साबित किया। हालांकि, निजी जिंदगी की चुनौतियों ने उसकी राह बदल दी।

परिवार से जुड़े विवाद, मानसिक तनाव और बदलते हालातों के बीच उसने अपनी जिंदगी को एक नई दिशा देने का फैसला किया। यह कहानी सिर्फ सफलता और असफलता की नहीं, बल्कि मानसिक शांति, रिश्तों और जीवन में संतुलन की अहमियत को भी उजागर करती है।

सिलिकॉन वैली में बनाई अपनी पहचान

विनीथ के अनुसार, उनके कॉलेज साथी ने अपनी मेहनत के दम पर अमेरिका में एक सफल कंपनी बनाई और खुद को डॉलर मिलियनेयर बनाया। करियर में सफलता, आर्थिक मजबूती और एक शानदार भविष्य उसके साथ था। लेकिन कुछ समय बाद जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।

परिवारिक विवादों ने बदली पूरी जिंदगी

विनीथ ने बताया कि उनके साथी को पत्नी, ससुराल पक्ष और परिवार से जुड़े विवादों का सामना करना पड़ा। इसके बाद कानूनी मामलों और मानसिक तनाव ने उनकी जिंदगी को काफी प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि इन परिस्थितियों के बीच वह डिप्रेशन से भी गुजरे और अपने बच्चे से दूरी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। आखिरकार उन्होंने अमेरिका छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया।

₹100 करोड़ से ज्यादा संपत्ति, लेकिन जिंदगी गांव में

विनीथ के मुताबिक, आज उनके पूर्व साथी के पास बैंक में ₹100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, लेकिन वह अब शहरों की चमक-दमक से दूर एक छोटे गांव में रहते हैं। वह अपना समय आध्यात्मिक गतिविधियों में बिताते हैं और मानसिक शांति, उपचार और जीवन के अनुभवों से जुड़े वीडियो साझा करते हैं।

पैसे से ज्यादा जरूरी है मन की शांति

विनीथ ने इस कहानी के जरिए मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां आर्थिक सफलता के बावजूद लोग मानसिक परेशानियों से जूझते हैं। उनका संदेश था कि जिस तरह लोग अपनी संपत्ति की सुरक्षा करते हैं, उसी तरह अपने मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने साझा किए अपने अनुभव

विनीथ की पोस्ट पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी और माना कि जिंदगी में मानसिक शांति और अच्छे रिश्तों की अहमियत को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। एक यूजर ने लिखा कि अच्छी नींद और मन की शांति को लोग कम आंकते हैं। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि कई बार हालात इंसान के नियंत्रण में नहीं होते और मुश्किल समय का सामना करना ही एकमात्र रास्ता रह जाता है।

दौलत बड़ी है, लेकिन सुकून उससे भी ज्यादा जरूरी

इस कहानी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि असली सफलता सिर्फ पैसा कमाने में है या फिर एक संतुलित और शांत जीवन जीने में। करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद अगर मन अशांत हो, तो जिंदगी की खुशियां अधूरी रह सकती हैं।

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Viral Post: ‘सर्जरी के लिए नहीं थे पैसे… फिर मालिक ने चुकाए 4.25 लाख रुपये’ सोशल मीडिया पर छाई ये कहानी

Viral Post: सोशल मीडिया पर एक कार्डियक सर्जन की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में सर्जन ने बताया कि एक कंपनी के मालिक ने अपने कई सालों से साथ काम कर रहे ड्राइवर की बाईपास सर्जरी का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया। सोशल मीडिया पर इस इंसानियत भरे कदम की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। वहीं कुछ इसे अपने कर्मचारियों के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान की मिसाल बताया जा रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ये पोस्ट कार्डियक सर्जन डॉ. प्रशांत मिश्रा ने शेयर किया है। उन्होंने बताया कि एक मरीज के मालिक ने अपने कर्मचारी को सिर्फ काम करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार जैसा मानते हुए उसके इलाज की जिम्मेदारी उठाई।

बाईपास सर्जरी के लिए आया ड्राइवर

डॉ. प्रशांत मिश्रा ने बताया कि उनके पास एक ड्राइवर बाईपास सर्जरी के लिए आया था। प्राइवेट हॉस्पिटल में ऑपरेशन का खर्च करीब 4.25 लाख रुपये होने की वजह से उन्होंने मरीज को सलाह दी कि अगर चाहें तो बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के सरकारी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं, जहां सरकारी ल्थकेयर स्कीम के तहत ये सर्जरी बिना खर्च के हो सकती है। लेकिन उसी दिन शाम को मरीज के बेटे ने डॉक्टर से दोबारा बात की और आग्रह किया कि ऑपरेशन निजी अस्पताल में ही किया जाए।

सफल रही बाईपास सर्जरी

मरीज के बेटे ने डॉक्टर से कहा, “डॉक्टर साहब, हम चाहते हैं कि पिताजी की बाईपास सर्जरी थुंगा हॉस्पिटल में ही हो। कृपया जितना हो सके खर्च कम कराने में हमारी मदद करें।” इस पर डॉ. प्रशांत मिश्रा ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे इलाज का खर्च कम कराने के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश करेंगे। अगले ही दिन मरीज के एम्प्लॉयर ने RTGS के जरिए सर्जरी के लिए जरूरी रकम सीधे अस्पताल के खाते में भेज दी, जिससे बिना किसी देरी के ऑपरेशन हो सका। सर्जरी सफल रहने के बाद डॉ. प्रशांत मिश्रा ने एम्प्लॉयर को फोन कर जानकारी दी और कहा, “आपके सहयोग के लिए धन्यवाद। मिस्टर शुक्ला की बाईपास सर्जरी सफल रही है।”

हैरान रह गए डॉक्टर

एम्प्लॉयर की बात सुनकर डॉ. प्रशांत मिश्रा हैरान रह गए। उन्होंने कहा, “मेरे कलीग की इतनी अच्छी देखभाल करने के लिए धन्यवाद, डॉक्टर।” इस पर डॉक्टर ने पूछा, “कलीग? लेकिन उन्होंने तो बताया था कि वह आपके ड्राइवर हैं।”

जवाब में एम्प्लॉयर ने कहा, “वह पिछले 15 साल से मेरे साथ काम कर रहे हैं। मैं उन्हें सिर्फ अपना ड्राइवर नहीं मानता। मैं अपना काम करता हूं और वह अपना काम करते हैं। हमारे काम अलग हो सकते हैं, लेकिन हम एक ही टीम का हिस्सा हैं, इसलिए वह मेरे सहयोगी हैं।” डॉ. मिश्रा ने कहा कि एम्प्लॉयर की यह सोच और अपने कर्मचारी के प्रति सम्मान देखकर वह काफी प्रभावित हुए।

नौकर ना समझे

इस घटना को शेयर करते हुए डॉ. प्रशांत मिश्रा ने कहा कि घरों और दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों, घरेलू सहायकों और सपोर्ट स्टाफ का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा, “अपने घर या कार्यस्थल पर काम करने वाले लोगों को कभी सिर्फ नौकर या कर्मचारी समझकर न देखें। वे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं और उतने ही सम्मान और आदर के हकदार हैं, जितने कोई और।”

पोस्ट पर लोगों ने किए कमेंट

ये कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और बड़ी संख्या में लोगों ने एम्प्लॉयर की सोच और अपने कर्मचारी के प्रति सम्मान की जमकर सराहना की। एक यूजर ने लिखा, “बिल्कुल सही डॉक्टर, हमारे समाज में आज भी कई लोग हर काम की बराबर इज्जत करना नहीं सीख पाए हैं।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “थोड़ा सम्मान, धन्यवाद और इंसानियत किसी की जिंदगी बदल सकती है।” एक अन्य यूजर ने अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने अपने घरेलू काम करने वालों के लिए SIP शुरू की है, ताकि कई साल बाद उनके काम छोड़ने पर उन्हें रिटायरमेंट की तरह एक अच्छी रकम दी जा सके।

Viral Video: ‘पुल से नीचे फेंकी कांच की बोतल चलती कार पर गिरी’ लोनावला में लापरवाही का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक शख्स की लापरवाही का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति पुल के ऊपर से कांच की शराब की बोतल सड़क पर फेंकता हुआ दिखाई देता है। कांच की शराब की बोतल नीचे एक चलती कार पर जाकर गिरती है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद से लोगों ने व्यक्तिन की हरकत की कड़ी आलोचना की है। वहीं कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया, “यह घटना लोनावला की है। अच्छी बात यह रही कि इस वजह से कोई हादसा नहीं हुआ और न ही किसी को चोट आई। कृपया इस तरह की लापरवाही न करें। सुरक्षित रहें।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

ये घटना लोनावला के पास हुई बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति अपनी कार से कांच की शराब की बोतल निकालकर बिना आसपास की परवाह किए उसे पुल से नीचे फेंक देता है। कुछ ही पल बाद वह बोतल नीचे से गुजर रही एक चलती कार की छत पर जा गिरी। इस घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में जब पुल पर मौजूद एक व्यक्ति ने उसे बताया कि उसकी फेंकी हुई कांच की बोतल नीचे जा रही एक कार पर गिर गई है, तो उसने सफाई देते हुए कहा कि उसे लगा था सड़क खाली है। इसके बाद वह पुल से नीचे झांककर ये देखने की कोशिश करता नजर आया कि बोतल आखिर कहां गिरी।

 

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किसी को नहीं लगी चोट

इस घटना में किसी को चोट नहीं लगी, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। कई यूजर्स के मुताबिक, अगर कांच की बोतल किसी बाइक सवार या पैदल जा रहे व्यक्ति पर गिरती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने इस हरकत को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। इस वीडियो पर लोगों ने काफी रिएक्शन दे रहे हैं।

लोगों ने दिया रिएक्शन

वीडियो पर लोगों ने जमकर रिएक्शन दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ये बेहद गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। अगर उसी समय वहां से कोई बाइक सवार गुजर रहा होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों को समझना चाहिए कि सड़कें उनका निजी कूड़ेदान नहीं हैं।” एक अन्य यूजर ने कहा, “अच्छी बात है कि बोतल किसी दोपहिया वाहन पर नहीं गिरी। अगर ऐसा होता, तो गंभीर चोट लग सकती थी। इस तरह कचरा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

एक अन्य यूजर ने सवाल किया, “क्या अधिकारियों ने उस व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की? अगर नहीं, तो दूसरों के लिए उदाहरण पेश करने के लिए उसे सजा मिलनी चाहिए।” एक और शख्स ने टिप्पणी की, “कभी-कभी उम्र नहीं, बल्कि गलत हरकत देखनी चाहिए। ऐसे मामलों में सख्त सबक मिलना जरूरी है।”

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Viral Video: ‘वह बहुत केयरिंग हैं…’ केतन अग्रवाल की सगाई का पुराना वीडियो वायरल, सिया का बयान बना चर्चा का विषय

Viral Video: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्याकांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इसी बीच केतन की सगाई का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में उनकी मंगेतर सिया गोयल, केतन की तारीफ करते हुए उन्हें बेहद ख्याल रखने वाला और अच्छा इंसान बताती नजर आती हैं। घटना के बाद यह वीडियो दोबारा वायरल होने से लोगों के बीच इसकी काफी चर्चा हो रही है।

बता दें 18 जून को केतन अग्रवाल की पुणे के लोहगढ़ किले में मौत हो गई थी। वहीं केतन की हत्या का आरोप उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन पर है। आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को लोहगढ़ किले से 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था। केतन की मौके पर ही मौत हो गई थी।

वायरल हो रहा वीडियो

वायरल हो रहे इस पुराने वीडियो में केतन अग्रवाल और सिया गोयल अपनी सगाई के समारोह में मंच पर साथ नजर आते हैं। कार्यक्रम के दौरान एंकर दोनों से बातचीत करती है और सिया से पूछती है कि उन्हें केतन की कौन-सी बात सबसे ज्यादा पसंद है और आखिर वह उनके लिए इतने खास क्यों हैं। कार्यक्रम के दौरान एंकर ने सिया से पूछा, “एक होने वाले पति के तौर पर केतन की ऐसी कौन-सी बात है, जिसकी वजह से वह आपके लिए ‘हीरो नंबर 1’ हैं?”

इस पर सिया ने बिना झिझक मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “वह बहुत केयरिंग और दयालु हैं।” सिया की यह बात सुनकर केतन भी मुस्कुराते नजर आए। इसके बाद होस्ट ने इसे “ओह मोमेंट” बताया, जिस पर समारोह में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर दोनों का अभिवादन किया।

लोगों ने किया कमेंट

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने लिखा, “और बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जाता है… सिया गोयल को। क्या एक्सप्रेशन्स, क्या मुस्कान। इस वीडियो को देखकर कोई यकीन नहीं करेगा कि वह केतन अग्रवाल से सगाई या शादी नहीं करना चाहती थीं। केतन और उनके परिवार के लिए दुख है।” एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “इसने तो एक्टिंग के मामले में बॉलीवुड की अभिनेत्रियों को भी पीछे छोड़ दिया।” एक और यूजर ने लिखा, “मुझे लगता है कि सब कुछ पहले से इस तरह प्लान किया गया था कि केतन की मौत एक हादसा लगे और किसी को शक न हो।” लोगों ने इस वीडियो पर अपने रिएक्शन दे रहे हैं।

VIDEO: ‘बैग छुआ, मेरी ड्रेस खींची’ कपल के लिए बुरा सपना बना सर्बिया ट्रिप, कैमरे में कैद हुई पूरी घटना

Viral Video: सर्बिया घूमने गए एक भारतीय कपल के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सर्बिया में जब कपल व्लॉग बना रहे थे उसी समय कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है और कई यूजर्स दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं कुछ ने कपल के शांत रवैये की भी तारीफ की है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है पूरी घटना

भारतीय कपल अपर्णा मालू और अजमल कोलंबिल सर्बिया पहुंचने के बाद अपना ट्रैवल व्लॉग शूट कर रहे थे। इसी दौरान तीन लोग उनके पास आ गए और कथित तौर पर उनसे अभद्र व्यवहार करने लगे। वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि जब दोनों सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे, तभी पीछे से आए तीन लोगों में से एक शख्स महिला के बेहद करीब पहुंचा और उसके बैग को खींचने की कोशिश करता हुआ नजर आया। अपर्णा और अजमल को शुरुआत में ये समझ नहीं आया कि उनके साथ क्या हो रहा है, इसलिए वे आगे बढ़ते रहे।

कैमरे में रिकॉर्ड हुई पूरी घटना

लेकिन जब एक शख्स ने दोबारा अपर्णा का बैग खींचा, तब उन्होंने पीछे मुड़कर उन लोगों का सामना किया। कपल ने उनसे पूछा, “क्या आप महिलाओं के साथ ऐसा ही बर्ताव करते हैं? आपकी प्रॉब्लम क्या है?” इस पर उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने इशारा करते हुए कहा कि बैग खींचने वाले शख्स की दिमागी दिक्कतें है। इस पर अपर्णा के पति ने जवाब दिया, “अगर उसे कोई दिक्कत है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह ऐसा करे। यह बिल्कुल गलत है। हम दूसरे देश से आए हैं।” जैसे ही उन लोगों को पता चला कि उनकी हरकत कैमरे में रिकॉर्ड हो रही है, वे वहां से गालियां देते हुए चले गए।

बैग से कुछ निकाल रहा था

घटना के बारे में अपर्णा ने अपने पोस्ट में लिखा, “जब हम व्लॉग बना रहे थे, तभी ये तीन लोग हमारे पीछे आ गए। पहले उन्होंने मेरे बैग से कुछ निकालने की कोशिश की, लेकिन मुझे तुरंत इसका एहसास नहीं हुआ। थोड़ी देर बाद महसूस हुआ कि कोई मेरे बैग को छू रहा है, इसलिए मैंने बैग आगे कर लिया। तभी उनमें से एक ने मेरी ड्रेस खींच दी।” वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि उनके पति ने उन लोगों का सामना क्यों नहीं किया।

 

एक्शन फिल्म नहीं चल रही थी

इस पर अपर्णा ने जवाब देते हुए कहा, “मैं आपकी चिंता समझती हूं, लेकिन ये भी याद रखिए कि हमें उस देश में पहुंचे मुश्किल से दो घंटे ही हुए थे। उस समय हम सिर्फ शाम की सैर पर निकले थे। ऐसी स्थिति में हमारे दिमाग में सबसे पहले लड़ाई करने का विचार नहीं आया।” उन्होंने आगे लिखा, “असल जिंदगी किसी एक्शन फिल्म जैसी नहीं होती। मेरे पति न तो ‘रॉकी भाई’ हैं और न ही विजय। कोई भी अकेला व्यक्ति तीन लोगों से लड़कर हीरो की तरह बाहर नहीं निकलता। उस समय हमारी पहली प्राथमिकता अपनी सेफ्टी थी, न कि किसी को कुछ साबित करना।”

लोगों ने दिए रिएक्शन

अपर्णा ने ये भी बताया कि उन्होंने इस घटना की शिकायत स्थानीय अधिकारियों से की है और उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, “यह बेहद शर्मनाक व्यवहार है। उम्मीद है कि आप दोनों सुरक्षित होंगे।” दूसरे यूजर ने कहा,”आपको उसी समय मौके पर ही पुलिस को फोन कर देना चाहिए था।” एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “सबसे पहले अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। अपना ख्याल रखें और मजबूत बने रहें।”

Viral Post: ‘न घर, न कार, न बड़ा बैंक बैलेंस’ 35 साल के इस शख्स ने बताई अपनी सबसे बड़ी दौलत

सोशल मीडिया पर इस समय एक शख्स की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में व्यक्ति ने लोगों से संपत्ति जोड़ने की बजाय अपनी सेहत को प्राथमिकता देने की बात कही है। शख्स के मुताबिक लाइफ में सबसे बड़ा निवेश अच्छी सेहत है, इसलिए घर और गाड़ी जैसी पारंपरिक उपलब्धियों से पहले स्वास्थ्य पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। व्यक्ति का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं लोगों ने इस पर कई कमेंट किए हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरी कहानी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आशीष जैन ने ये पोस्ट किया है। इस पोस्ट में आशीष जैन ने कहा कि उन्होंने भविष्य की जरूरत से ज्यादा चिंता करना छोड़ दिया और अपनी सेहत को सबसे ऊपर रखना शुरू किया। इसी सोच के साथ उन्होंने करीब एक साल पहले धूम्रपान छोड़ दिया और जंक फूड का सेवन भी काफी कम कर दिया।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

आशीष जैन ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैं 35 साल का हूं। मेरे पास न अपना घर है, न कार, न बड़ा बैंक बैलेंस, न स्टॉक्स या म्यूचुअल फंड्स का बड़ा पोर्टफोलियो और न ही कोई शानदार नौकरी। लेकिन मैं एक अच्छे किराए के घर में रहता हूं, जरूरत पड़ने पर Uber से सफर कर लेता हूं और मुझ पर कोई कर्ज नहीं है। पिछले साल के मुकाबले मेरी सेहत बेहतर हुई है, मानसिक रूप से भी मैं पहले से ज्यादा मजबूत महसूस करता हूं।” आशीष जैन ने अपनी पोस्ट में बताया कि पिछले एक साल के दौरान उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पहले से काफी बेहतर हुई है।

 

तनाव लेना कम कर दिया

उनका कहना है कि उन्होंने उन छोटी-छोटी बातों की चिंता करना छोड़ दिया है, जिनका भविष्य में कोई खास महत्व नहीं रहेगा। पोस्ट में आशीष ने आगे लिखा, “मैंने उन छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेना छोड़ दिया, जिनका एक साल बाद कोई मतलब नहीं रहेगा। मैंने खुद पर घर या कार खरीदने का दबाव डालना बंद कर दिया और भविष्य की जरूरत से ज्यादा चिंता भी छोड़ दी है। अब मेरा पूरा ध्यान अपने शरीर और दिमाग को बेहतर बनाने पर है। एक साल से ज्यादा समय हो गया है, मैंने स्मोकिंग छोड़ दी है और जंक फूड भी काफी कम कर दिया है। हर चीज जानना या हर लक्ष्य हासिल करना जरूरी नहीं है। जिंदगी जैसे चल रही है, उसे स्वीकार करें और सबसे पहले खुद पर ध्यान दें।” सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

लोगों ने किया कमेंट

पोस्ट पर कई यूजर्स ने आशीष जैन की सोच का समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा, “जीरो कर्ज, भविष्य की जीरो टेंशन, स्मोकिंग छोड़ना और दूसरों से तुलना न करना… यह उन कई 35 साल के लोगों से कहीं बेहतर बैलेंस शीट है जिन्हें मैं जानता हूं।” एक अन्य यूजर ने कहा, “मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं। यही जिंदगी जीने का सबसे व्यावहारिक तरीका है। हमेशा आभार के साथ जिएं और यह समझें कि असली मुकाबला खुद से होता है, किसी और की इंस्टाग्राम लाइफस्टाइल से नहीं।” वहीं, एक तीसरे यूजर ने लिखा, “दूसरों से तुलना करने पर मंजिल हमेशा दूर होती जाती है, लेकिन मन की शांति नहीं मिलती। पहले अंदर से मजबूत बनिए, उसके बाद बाकी चीजें हासिल करना आसान हो जाएगा।”

Viral Video: ’74 लाख खर्च हुए, फिर भी…’ IIM से पढ़ाई करने के लिए युवक ने छोड़ी सरकारी नौकरी, कहानी हुई वायरल

भारत में सरकारी नौकरी को सबसे सुरक्षित और सम्मानजनक करियर माना जाता है। वहीं एक बार सरकारी नौकरी मिलने के बाद बहुत कम लोग इसे अपनी इच्छा से छोड़ने का फैसला करते हैं। इसी बीच एक युवक का पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक युवक ने बेहतर भविष्य और नए अवसरों की तलाश में सरकारी नौकरी छोड़कर आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई करने का रास्ता चुना। उसके मुताबिक ये फैसला उनके करियर को नई दिशा देगा और आगे चलकर अधिक बड़े मौके हासिल करने में मदद करेगा।

क्यों छोड़ी नौकरी

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए पोस्ट में अमित सोनी ने बताया कि, आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए करने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, सरकारी नौकरी छोड़ने और पढ़ाई पूरी करने तक इस फैसले की कुल लागत करीब 74 लाख रुपये रही। उन्होंने बताया कि ये रकम कैसे बनी, लेकिन उनका मुताबिक, उन्हें अपने इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है और वह इसे अपने करियर के लिए सही मानते हैं। अमित सोनी पहले भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात थे

बताया पूरा खर्च

अमित सोनी ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, “करीब 74 लाख रुपये। सरकारी नौकरी छोड़ने का फैसला मेरे लिए इतना महंगा पड़ा। जिस दिन मुझे आईआईएम अहमदाबाद में दाखिला मिला, उसी दिन मैंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया।” उन्होंने बताया कि इस रकम में एमबीए की पढ़ाई पर होने वाला खर्च भी शामिल है और वह आय भी, जिसे उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ने के कारण हासिल नहीं किया।

 

सोनी के अनुसार, आईआईएम अहमदाबाद के एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम फॉर एग्जीक्यूटिव्स (PGPX) की ट्यूशन फीस 37.10 लाख रुपये है। इसके अलावा, इंटरनेशनल इमर्शन प्रोग्राम पर करीब 4.5 लाख रुपये और पढ़ाई के दौरान रहने-खाने सहित अन्य खर्चों पर लगभग 2.5 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद उन्हें 9.80 लाख रुपये रिजाइन बॉन्ड के रूप में जमा करने पड़े।

20 लाख का हुआ नुकसान

इसके अलावा, सोनी ने सरकारी नौकरी छोड़ने से होने वाले ऑपर्च्युनिटी कॉस्ट का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई के दौरान एक साल तक नौकरी नहीं करने की वजह से उन्हें वेतन और अन्य नौकरी से मिलने वाले लाभों के रूप में करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद सोनी का कहना है कि उन्हें अपने फैसले पर कभी पछतावा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नौकरी छोड़ते समय उनके पास कोई बैकअप प्लान नहीं था, सिर्फ अपने फैसले पर पूरा भरोसा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “सिर्फ विश्वास।” वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या ये फैसला सही था, तो उन्होंने जवाब दिया, “बिल्कुल, यह पूरी तरह इसके लायक था।”

क्यों लिया ये फैसला

सोनी ने कहा कि वह अपने इस फैसले को केवल पैसों के नजरिए से नहीं देखते। उनके मुताबिक, कुछ फैसलों की असली कीमत रुपये में नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले अनुभव और भविष्य में होने वाले बदलाव से तय होती है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “कुछ निवेश की कीमत लाखों रुपये से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि आप आगे चलकर क्या बनते हैं। यूनिफॉर्म से बोर्डरूम तक का यह सफर मेरे जीवन का दूसरा चैप्टर है।” इससे पहले एक इंस्टाग्राम वीडियो में भी उन्होंने बताया था कि सरकारी नौकरी छोड़कर दोबारा पढ़ाई करने का फैसला उन्होंने आरामदायक जीवन नहीं, बल्कि अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए लिया था।

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