Meerut Viral Video: सामान डिलीवरी में 5 मिनट की हुई देरी तो भड़क गया शख्स, फ्लैट में बंद कर एजेंट की पिटाई

मेरठ के एक अपार्टमेंट में ऑर्डर पहुंचाने में सिर्फ पांच मिनट की देरी को लेकर ब्लिंकइट के डिलीवरी एजेंट और एक दंपति के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि डिलीवरी एजेंट के साथ मारपीट की गई। घटना के सीसीटीवी फुटेज में डिलीवरी एजेंट को खींचकर फ्लैट के अंदर ले जाते और उसके साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है।

मेरठ की है घटना

यह घटना 14 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के गंगानगर स्थित गंगा हाइट्स अपार्टमेंट में हुई। जानकारी के मुताबिक, अमित नाम का डिलीवरी एजेंट ऑर्डर पहुंचाने के लिए अपार्टमेंट आया था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसे रोक लिया। दोनों के बीच पहले बहस हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि उस व्यक्ति ने अमित का मोबाइल फोन छीन लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

CCTV वीडियो आया सामने 

सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आरोपी व्यक्ति डिलीवरी एजेंट को फ्लैट के अंदर ले जाने से पहले उसे थप्पड़ मारता और लात मारता है। अमित इस दौरान अपना मोबाइल फोन वापस मांगता हुआ भी नजर आता है, लेकिन आरोप है कि व्यक्ति ने उसका फोन लौटाने से इनकार कर दिया। घटना के दौरान एक महिला भी फ्लैट से बाहर आती हुई दिखाई देती है। फुटेज में मारपीट जारी रहती है और डिलीवरी एजेंट परिसर के अंदर ही मौजूद रहता है।

आरोपी दंपति के खिलाफ FIR दर्ज

घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस को मामले की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने घटना में शामिल लोगों की पहचान की और डिलीवरी एजेंट की शिकायत दर्ज की। सदर देहात के क्षेत्राधिकारी सुधीर सिंह ने बताया कि डिलीवरी एजेंट की लिखित शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ऑर्डर पहुंचाने में करीब पांच मिनट की देरी को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी वजह से डिलीवरी एजेंट के साथ मारपीट की गई।

16 अगस्त से खुल रहा है राष्ट्रपति भवन का खूबसूरत अमृत उद्यान! बिल्कुल फ्री मिलेगी एंट्री, ऐसे करें ऑनलाइन बुकिंग!

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 14 अगस्त अमृत उद्यान समर एनुअल्स एडिशन, 2026 का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित यह विश्व प्रसिद्ध और बेहद खूबसूरत उद्यान 16 अगस्त से आम जनता के दर्शन के लिए खोला जा रहा है। अगर आप भी प्राकृतिक सुंदरता, मौसमी फूलों और ऐतिहासिक स्थापत्य कला का आनंद लेना चाहते हैं तो 15 सितंबर 2026 तक अमृत उद्यान घूमने जा सकते हैं। खास बात यह है कि यहां एंट्री बिल्कुल फ्री है। आइए आपको यहां जाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताते हैं-

जानिए कब और किस समय मिलेगी एंट्री

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी समय सारणी के मुताबिक अमृत उद्यान 16 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक जनता के लिए खुला रहेगा। उद्यान सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुलेगा। दर्शकों को शाम 5 बजे तक ही अंतिम प्रवेश दिया जाएगा। रखरखाव के लिए सारे सोमवार को अमृत उद्यान आम जनता के लिए बंद रहेगा। यहां आने वाले लोगों की एंट्री और एग्जिट नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास स्थित गेट नंबर 35 से होगा।

फ्री में मिलेगी एंट्री, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग है अनिवार्य

अमृत उद्यान में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क है। हालांकि यहां आने वाले दर्शकों के लिए अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग कराना अनिवार्य किया गया है। दर्शकों को राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर जाकर अपना स्लॉट पहले से बुक करना होगा। किसी खास दिन के भ्रमण के लिए स्लॉट की बुकिंग उस दिन से ठीक एक दिन पहले सुबह 10:00 बजे बंद हो जाएगी। ध्यान रहे कि ऑन द स्पॉट कोई भी बुकिंग सुविधा यहां उपलब्ध नहीं है, इसलिए बिना ऑनलाइन स्लॉट बुक किए न जाएं।

अमृत उद्यान की खास बनावट के बारे में जानिए

राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत से सटा 15 एकड़ में फैला अमृत उद्यान वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। इस उद्यान को तीन टेरेस के रूप में डिजाइन किया गया है:

1- आयताकार उद्यान

मुख्य इमारत से सटे इस हिस्से में उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाली दो-दो समानांतर जल नहरें इसे वर्गाकार ग्रिड में बांटती हैं। नहरों के क्रॉसिंग पर बने कमल के पत्तों के आकार के तीन-स्तरीय बलुआ पत्थरों के फव्वारों से पानी बहता है। दिन के एक खास समय में इन जल नहरों में राष्ट्रपति भवन की भव्य इमारत और खिलते फूलों का प्रतिबिंब दिखाई देता है। यह हिस्सा मौलसिरी, सरू, चाइना ऑरेंज और गार्डेनिया से सदाबहार दिखता है।

2- लंबा उद्यान

मुख्य उद्यान के पश्चिम में मौजूद यह लंबा उद्यान उस केंद्रीय मार्ग के दोनों ओर फैला है जो सर्कुलर गार्डन की ओर जाता है। यह करीब 12 फीट ऊंची दीवारों से घिरा हुआ है, जिसमें छोटी झाड़ियों से सजी गुलाब की क्यारियां हैं। दीवारों पर चाइना ऑरेंज के सजावटी फल लगे हैं जो पत्तियों से भी अधिक संख्या में दिखते हैं।

3- वृत्ताकार उद्यान

इसे पर्ल, बटरफ्लाई या सनकेन गार्डन भी कहा जाता है। यह सबसे पश्चिमी हिस्से में स्थित है और यहां सुगंधित किस्म के फूल लगाए गए हैं। इसके चारों ओर ऊंची दीवारें हैं और एम्फीथिएटर की तरह उतरती हुई सीढ़ियां हैं। इसके केंद्र में एक जल कुंड और फव्वारे मौजूद हैं।

अमृत उद्यान की तीनों छते और पूरे परिसर के अन्य उद्यान इस समय गर्मियों के मौसमी फूलों, झाड़ियों, लताओं और पुष्पित वृक्षों के शानदार रंगों से सजे हुए हैं। देशी पेड़-पौधे, फव्वारे और पानी की नहरें वातावरण में शीतलता बढ़ाती हैं। शाम के समय मोर यहां आराम से टहलते हुए देखे जा सकते हैं।

गाँव की लड़की ने YouTube से बदली किस्मत | Poonam Kushwaha | Desi Food Creator | Madhya Pradesh

गाँव की लड़की ने YouTube से बदली किस्मत | Poonam Kushwaha | Desi Food Creator | Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश के एक छोटे से गाँव शिवपुरी की रहने वाली पूनम कुशवाहा ने YouTube और Instagram पर देसी खाना बनाकर अपनी किस्मत बदल दी।
200 वीडियो तक सिर्फ 1000 views मिलने के बाद भी हार नहीं मानी और एक दिन 35 Million views के साथ Viral हो गई।
आज वीडियो पर व्यूज भी आते है और लोगों का प्यार भी। इस सफर में उनका साथ दिया उनके छोटे भाई नरेंद्र ने जिन्होंने हर मुश्किल वक्त पर भी बहन का साथ नहीं छोड़ा।

@poonamk.official

Desi Food Vlogger, Brother Sister Bond, Small Village Success Story

गाँव की लड़की ने YouTube से बदली किस्मत | Poonam Kushwaha | Desi Food Creator | Madhya Pradesh। #thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

Viral Post: साल में 1 करोड़ से ज्यादा कमाने के बाद भी नहीं मिल रही खुशी! टेक प्रोफेशनल ने बताया क्यों

एक टेक प्रोफेशनल का सैलरी को लेकर किया गया पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा में है। 14 साल के करियर में 14,300 रुपये की शुरुआती सैलरी से 1.05 करोड़ रुपये सालाना कमाने तक टेक प्रोफेशनल ने अपनी कमाई में बड़ा बदलाव देखा। दिलचस्प बात ये है कि करोड़ों की कमाई के बावजूद वह अपनी सबसे खुशहाल सैलरी 20 हजार रुपये महीना मानते हैं। टेक प्रोफेशनल ने बताया कि, टियर-3 कॉलेज से पढ़ाई के बाद पहली नौकरी पाना आसान नहीं था। उनकी सैलरी जब 14,300 रुपये से बढ़कर 20,000 रुपये महीना हुई, तो उन्हें जितनी खुशी मिली, उतनी बाद में मिलने वाली बड़ी सैलरी बढ़ोतरी से भी नहीं मिली। सोशल मीडिया पर ये काफी वायरल हो रहा है।

14,300 रुपये थी शुरुआती सैलरी

Reddit पर शेयर की गई पोस्ट में टेक प्रोफेशनल ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद किया। 2012 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद इस टेक प्रोफेशनल को पहली नौकरी पाने में करीब छह महीने लग गए। उनकी शुरुआती मासिक सैलरी 14,300 रुपये थी, जो पहले बढ़कर 20,000 रुपये, फिर 32,000 रुपये और 60,000 रुपये हो गई। बेंगलुरु जाने के बाद उनकी सालाना सैलरी 13 लाख रुपये पहुंची और धीरे-धीरे बढ़कर 25 लाख, 40 लाख, 60 लाख, 80 लाख और आखिर में 1.05 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने बताया कि उनके पास 50 लाख रुपये से ज्यादा के ESOPs भी हैं, लेकिन उनका मानना है कि जब तक उन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, तब तक उन्हें संपत्ति नहीं माना जा सकता।

ज्यादा खुशी 20 हजार सैलरी में थी

आज उनकी कमाई 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है, लेकिन उनके लिए सबसे खास सैलरी 20 हजार रुपये महीना रही। उन्होंने बताया कि 14,300 रुपये से बढ़कर 20,000 रुपये होने पर उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। इस बढ़ोतरी के बाद उन्होंने पब्लिक बस से सफर करना छोड़ दिया और अपनी पसंद की “ड्रीम बाइक” खरीदी। उन्होंने ये भी बताया कि अपने 13 साल के करियर में उन्हें सिर्फ एक बार प्रमोशन मिला। उनके मुताबिक, ज्यादा सैलरी बढ़ने के साथ उनकी लाइफस्टाइल में भी बदलाव आया। अपने अनुभव के आधार पर इस टेक प्रोफेशनल ने कहा, “प्रमोशन के लिए किसी कंपनी के साथ मत रहो, यह इसके लायक नहीं है।”

निवेश करने में होती है मदद

उनका मानना है कि एक तय स्तर तक पहुंचने के बाद सैलरी बढ़ने का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर कम पड़ता है। उन्होंने कहा, “जब आपकी सालाना कमाई करीब 25-30 लाख रुपये से ज्यादा हो जाती है, तो इसके बाद मिलने वाली हर अतिरिक्त बढ़ोतरी आपकी लाइफस्टाइल से ज्यादा आपके निवेश को बेहतर बनाने में मदद करती है। कम से कम, मेरे मामले में ऐसा ही हुआ है।” उन्होंने कहा, “मानसिक तनाव सच है, लेकिन ज्यादा सैलरी मिलने से यह कुछ कम हो जाता है।”

खुद का कुछ करना चाहते हैं

इस टेक प्रोफेशनल ने माना कि, अच्छी कमाई के बावजूद वह अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने लिखा, “मुझे एहसास हुआ है कि अब मैं ज्यादा सैलरी के पीछे नहीं भाग रहा हूं। मैं आजादी के पीछे भाग रहा हूं।” उनका कहना है कि किसी दूसरी कंपनी में ज्यादा सैलरी के लिए काम करने के बजाय वह खुद की बनाई किसी चीज से हर महीने 1 लाख रुपये कमाना पसंद करेंगे। अच्छी कमाई के बावजूद यह टेक प्रोफेशनल सादा जीवन जीते हैं। वह 10 साल पुरानी कार चलाते हैं और बेंगलुरु में अपार्टमेंट के बजाय विला कम्युनिटी में प्लॉट खरीदा है। उनकी कमाई रियल एस्टेट, शेयर, म्यूचुअल फंड, क्रिप्टो और कमर्शियल प्रॉपर्टी में लगी है।

इस टेक प्रोफेशनल के फाइनेंशियल सफर में नुकसान भी शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि क्रिप्टो ट्रेडिंग में उन्हें करीब 20-25 लाख रुपये का नुकसान हुआ। उनके लिए अब मकसद सिर्फ ज्यादा पैसा कमाना नहीं है। उन्होंने कहा, “ऐसा इसलिए नहीं है कि मुझे पैसे से नफरत है, बल्कि इसलिए कि मैं 60 साल की उम्र में पीछे मुड़कर यह नहीं सोचना चाहता कि अगर मैंने सच में कोशिश की होती तो क्या होता।”

नौकरी के साथ-साथ उन्होंने छोटे प्रोडक्ट और माइक्रो-SaaS प्रोजेक्ट्स पर भी काम शुरू किया है। फिलहाल उनके प्रोजेक्ट्स के कोई यूजर नहीं हैं, लेकिन वह मार्केटिंग सीख रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि आगे चलकर इनसे हर महीने 1,000-2,000 डॉलर की कमाई हो सकेगी। अगर ऐसा होता है, तो वह नौकरी छोड़ने या कुछ महीनों का ब्रेक लेने पर विचार कर सकते हैं।

Viral Post: ‘मेंटल पीस के लिए बिना ऑफर के छोड़ दी नौकरी’, वायरल हुआ इंजीनियर का पोस्ट

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट इंजीनियर का पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में इंजीनियर ने बताया कि उसने बिना किसी नई नौकरी के पुरानी नौकरी छोड़ने के फैसला किआ। इस फैसले को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग के मुताबिक नौकरी और करियर से ज्यादा जरूरी मानसिक सुकून है, वहीं कुछ ने कहा कि, मौजूदा नौकरी के माहौल में बिना किसी दूसरे ऑप्शन के इस्तीफा देना जोखिम भरा हो सकता है। इसी वजह से यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

सॉफ्टवेयर इंजीनियर गौरव शरण ने X पर एक छोटा सा पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “बिना किसी ऑफर के इस्तीफा दे दिया। किसी भी चीज से ज्यादा मेंटल पीस जरूरी है।” अपने इस पोस्ट के जरिए उन्होंने बताया कि उन्होंने दूसरी नौकरी या ऑफर तय किए बिना ही मौजूदा नौकरी छोड़ने का फैसला किया। गौरव शरण का ये पोस्ट देखते ही देखते सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। लोग इस पोस्ट पर कई कमेंट किए।

 

लोगों ने किए कमेंट

एक यूजर ने बताया कि, “उसने 2025 में बिना किसी नई नौकरी के ऑफर के इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद नई नौकरी मिलने में उसे करीब दो महीने का समय लगा। इस दौरान उसे कई ऑफर मिले, लेकिन कोई भी उसकी घर से काम करने की पसंद के मुताबिक नहीं था।” एक और यूजर ने कहा, “नौकरी छोड़ने से पहले कम से कम एक नया ऑफर अपने हाथ में होना बेहतर है, ताकि बाद में परेशानी का सामना न करना पड़े।” यूजर ने कहा कि, “मौजूदा नौकरी छोड़ने से पहले कम से कम एक नया ऑफर अपने पास होना चाहिए, क्योंकि जॉब मार्केट की वास्तविक स्थिति उम्मीद से काफी अलग हो सकती है।”

एक यूजर ने बताया कि, “कई कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं, जो तुरंत काम शुरू कर सकते हैं और 60 दिन तक इंतजार नहीं करना चाहतीं। ऐसे में पहले इस्तीफा देने वाले उम्मीदवार रिक्रूटर्स को ज्यादा आसानी से उपलब्ध लग सकते हैं और उन्हें नौकरी के बेहतर मौके मिल सकते हैं।”

Viral Post: ‘मेरा घर 24 घंटे का क्लिनिक नहीं…’ रात में घर से बुलाए गए डॉक्टर ने लिखी ऐसी बात कि सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले डॉक्टर का एक मैसेज सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। डॉक्टर ने सोसाइटी के लोगों से अपील की है कि मेडिकल इमरजेंसी होने पर उन्हें घर से बुलाने के बजाय सीधे अस्पताल या एम्बुलेंस की मदद लें। उन्होंने बताया कि, एक रात सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें नींद से जगाया और दूसरे टावर में एक व्यक्ति की तबीयत खराब होने पर मदद के लिए बुलाया। इसके बाद डॉक्टर ने लोगों को अपनी स्थिति और इमरजेंसी में सही मदद लेने को लेकर यह संदेश जारी किया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

मेरा घर इमरजेंसी वार्ड नहीं 

डॉक्टर ने ये नोट इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया, जिसमें डॉक्टर ने सोसाइटी के लोगों को बताया, “मैं यह कल रात 11:06 बजे हुई एक गंभीर घटना के बारे में बताने के लिए लिख रहा हूं। उस समय टावर की सिक्योरिटी मुझे मेरे अपार्टमेंट से जगाने के लिए आई थी, क्योंकि दूसरे टावर में एक मेडिकल इमरजेंसी हुई थी।” डॉक्टर ने कहा कि इमरजेंसी में घर पर इलाज की कोशिश करने से जरूरी समय बर्बाद हो सकता है। उन्होंने कहा, “मैं अपनी सोसाइटी में सभी की सुरक्षा के लिए एक जरूरी बात साफ करना चाहता हूं। मेरा घर एक निजी घर है, 24/7 क्लिनिक या इमरजेंसी वार्ड नहीं है। मेरे घर पर इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाले जरूरी उपकरण, मॉनिटर, ऑक्सीजन या इमरजेंसी इंजेक्शन मौजूद नहीं हैं।”

हॉस्पिटल से एम्बुलेंस बुलाएं

डॉक्टर ने सोसाइटी के लोगों से अपील की कि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में पड़ोसियों या सिक्योरिटी स्टाफ के जरिए डॉक्टर को घर पर बुलाने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि, ऐसी स्थिति में तुरंत एम्बुलेंस या पर्सनल अस्पताल की एम्बुलेंस को बुलाना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब कोई मेडिकल क्राइसिस होती है, तो हर एक सेकंड मायने रखता है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी स्थिति में तुरंत स्टैंडर्ड एम्बुलेंस (102/112) या किसी प्राइवेट हॉस्पिटल की एम्बुलेंस बुलाएं और मरीज को नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी रूम में ले जाएं।

उन्होंने आगे कहा, “सीधे सबसे पास के हॉस्पिटल के इमरजेंसी रूम (ER) में जाएं, जहां सही इक्विपमेंट और ऑन-ड्यूटी स्टाफ मौजूद हों। मैं मैनेजमेंट से रिक्वेस्ट करता हूं कि वे सभी सिक्योरिटी वालों को सख्त निर्देश दें कि वे कभी भी मेडिकल इमरजेंसी के लिए लोगों को किसी के घर न भेजें।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

डॉक्टर के इस संदेश के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने डॉक्टर का समर्थन करते हुए कहा कि सोसाइटी में रहने वाला डॉक्टर हर समय इमरजेंसी के लिए उपलब्ध नहीं होता। गंभीर हालत में मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। एक यूजर ने कहा, “बिल्कुल सही। इमरजेंसी सिचुएशन को घर पर डॉक्टर भी मैनेज नहीं कर सकते। आम दिक्कतों के लिए OPD कंसल्टेशन लेना चाहिए। इमरजेंसी में एक मिनट भी बहुत कीमती होता है और इसे पड़ोस के डॉक्टर को ढूंढने में बर्बाद नहीं करना चाहिए।”

दूसरे यूजर ने कहा, “पूरी तरह सहमत हूं। मेरे साथ पहले भी कई बार ऐसा हुआ है। 170 HR वाले मरीज को मेरे पास यह सोचकर भेज दिया गया कि मैं कोई मिनी कैजुअल्टी चला रहा हूं। यह बहुत परेशान करने वाला है। इसी वजह से ज्यादातर डॉक्टर सोसाइटी फ्लैट्स में अपनी पहचान नहीं बताते।”

Viral Post: RAC टिकट वाली महिला ने सीट खाली करने से किया मना, दर्ज की शिकायत, फिर..

भारतीय रेलवे से हर दिन करोड़ों लोग सफर करते हैं। वहीं सफर के लिए हर यात्री को टिकट लेना जरूरी होता है। इसके बावजूद कई यात्री अक्सर बिना टिकट ट्रेन में सफर करते पकड़े जाते हैं। वहीं हाल ही में एक यात्री ने ट्रेन में सफर के दौरान हुई परेशानी का एक्सपीरिएंश शेयर किया। जहां एक महिला किसी दूसरे यात्री की आरक्षित सीट पर बैठी नजर आई। यात्री के मुताबिक, महिला के पास RAC टिकट था, लेकिन उसने उसकी कन्फर्म सीट पर बैठकर उसे खाली करने से इनकार कर दिया। यात्री ने महिला को बताया कि सीट उसके नाम पर रिजर्व है, फिर भी महिला अपनी जगह से नहीं हटी। इस वजह से दोनों के बीच असहज स्थिति बन गई और यात्री काफी परेशान हो गया।

महिला ने सीट छोड़ने से किया मना

X पर अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए संजू चौधरी ने इस स्थिति को “इंडियन रेलवे का पीक” बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई दूसरा यात्री कन्फर्म सीट पर कब्जा कर ले और वहां से हटने से मना कर दे, तो कन्फर्म टिकट बुक करने का क्या फायदा है। उन्होंने कहा, “मेरी रिजर्व सीट पर बैठी एक महिला के पास RAC टिकट है, लेकिन वह मुझे उस सीट पर बैठने से मना कर रही है जो असल में मुझे अलॉट की गई है।”

2.5 घंटे तक नहीं हुआ सामाधान

मामले को और मुश्किल बताते हुए यात्री ने कहा कि उसने पहले ही रेलवे अधिकारियों से शिकायत कर दी थी, लेकिन करीब ढाई घंटे बीतने के बाद भी उसकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। उसने कहा, “2.5 घंटे पहले कंप्लेंट की गई थी। अभी भी कोई सॉल्यूशन नहीं।” यात्री ने आगे सवाल उठाते हुए कहा, “तो कन्फर्म सीट बुक करने का क्या मतलब है अगर RAC टिकट वाला कोई व्यक्ति बस उस पर कब्जा कर सकता है और हिलने से मना कर सकता है?” पैसेंजर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “बेसिक सॉल्यूशन के लिए 2.5 घंटे इंतजार करना पड़ा। बिल्कुल बेकार” और इस मामले में संबंधित अधिकारियों को भी टैग किया।

रेलवे ने दिया ध्यान

इसके बाद रेलवे सेवा ने मामले का संज्ञान लिया और यात्री से जरूरी जानकारी शेयर करने को कहा, ताकि शिकायत की जांच की जा सके। लेकिन, चौधरी ने जवाब देते हुए कहा, “आपका TTE आया और कहा कि मुझे उस व्यक्ति से कॉम्प्रोमाइज करना होगा क्योंकि RAC दो सदस्यों को अलॉट किया गया है और मुझे अपनी पूरी यात्रा सोकर करनी होगी।” इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चा होने लगी।

लोगों ने किया कमेंट

कई यूजर्स ने रेलवे अधिकारियों से ऐसे मामलों में तुरंत दखल देने और उचित कार्रवाई करने की मांग की। एक यूजर ने नाराजगी जताते हुए कहा, “बहुत बेकार, आप लोग कोई एक्शन क्यों नहीं ले रहे हैं? रिजर्वेशन नॉन-रिजर्वेशन हो गया है??” एक अन्य यूजर ने लिखा, “भाई बिल्कुल फ्रस्ट्रेट होने वाली बात है। पैसे देकर कन्फर्म टिकट लिया और फिर भी यह नाटक। रेलवे को इस पर सीरियस एक्शन लेना चाहिए।” एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “सीरियसली, यह खुद के पैसे/टिकट पे मज़ाकिया है। आखिर में सॉल्यूशन यह होगा कि एडजस्ट कर लो, वो लोग दो लोग हैं।”

UP News: यूपी के BJP विधायक का आरोप, समधी ने धोखाधड़ी कर 25 महिलाओं से की शादी, करोड़ों की ठगी के दावे

UP Viral News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बॉलीवुड फिल्म ‘Ladies V/S Ricky Bahl’ की कहानी की याद दिला दी है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां मामला फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक के परिवार से जुड़ा गंभीर आरोप है। सीतापुर जिले की सेवता विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक ज्ञान तिवारी ने अपने समधी अनुज त्रिवेदी के खिलाफ धोखाधड़ी और तथ्य छिपाने के आरोप में रेउसा थाने में FIR दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार, विधायक की बेटी प्रज्ञा तिवारी की शादी वर्ष 2024 में मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रवाल निवासी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर त्रिवेदी से हुई थी। विधायक द्वारा दर्ज कराई गई FIR के मुताबिक, शादी के समय आरोपी पक्ष ने खुद को मुंबई में बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। स्थानीय स्तर पर जांच एवं प्रतिष्ठित लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद यह रिश्ता तय किया गया था।

कैसे हुआ खुलासा?

यूपी पुलिस के अनुसार, शादी के करीब दो साल बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अनुज त्रिवेदी के खिलाफ लगाए गए कथित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए। पुलिस ने बताया कि जांच में उसके खिलाफ महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में महिलाओं को कथित रूप से प्रेम जाल में फंसाकर उनसे धोखाधड़ी करने के आरोप सामने आए। पुलिस के मुताबिक, अनुज त्रिवेदी पर फर्जी पहचान के आधार पर करीब 25 शादियां करने और धोखाधड़ी करने के आरोप हैं।

बाप-बेटा गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि इन आरोपों और पीड़ित महिलाओं की शिकायतों के आधार पर अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया। विधायक ज्ञान तिवारी ने अनुज त्रिवेदी और उसके परिवार से सभी संबंध खत्म करने की घोषणा की है। रेउसा थाने में दी गई शिकायत में विधायक ने आरोप लगाया कि अनुज त्रिवेदी ने अपना आपराधिक इतिहास और पूर्व के मुकदमों की जानकारी छिपाकर उनके परिवार को धोखे में रखा। इसी आधार पर शादी का रिश्ता तय हुआ।

उन्होंने बताया कि इस घटना से उनके परिवार को गहरा सदमा और एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है। रेउसा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अनुज त्रिवेदी के खिलाफ मामला दर्ज कर किया गया है।

2024 में हुई थी विधायक की बेटी की शादी

शिकायत के अनुसार, विधायक ज्ञान तिवारी की बेटी प्रज्ञा की शादी वर्ष 2024 में प्रखर त्रिवेदी के साथ हुई थी। विधायक का आरोप है कि शादी के समय प्रखर के पिता अनुज त्रिवेदी ने खुद को मुंबई का एक प्रतिष्ठित और स्थापित रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। परिवार की ओर से स्थानीय स्तर पर जानकारी भी जुटाई गई थी। कुछ प्रभावशाली लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद रिश्ता तय किया गया।

उस समय परिवार को कथित तौर पर ऐसी किसी जानकारी का पता नहीं था, जिसे अब शिकायत में गंभीर आरोपों के रूप में सामने रखा गया है। विधायक के मुताबिक, शादी के करीब ढाई साल बाद परिवार को सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से प्रखर त्रिवेदी की कथित गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने लगी। आरोप लगाया गया कि प्रखर ने अलग-अलग राज्यों में कई महिलाओं के साथ कथित तौर पर फर्जी पहचान के आधार पर संबंध बनाए और उनसे बड़ी रकम हासिल की।

विधायक ने बेटी को वापस घर बुलाया

जब विधायक के परिवार को कथित गतिविधियों की जानकारी मिली, तो ज्ञान तिवारी ने कहा कि उन्होंने आरोपी परिवार से संबंध खत्म कर लिए और अपनी बेटी को वापस घर ले आए। विधायक ने इस पूरे घटनाक्रम से परिवार को हुए मानसिक और भावनात्मक नुकसान की भी बात कही। उन्होंने दावा किया कि इस मामले का असर उनकी सार्वजनिक छवि पर भी पड़ा है।

सोशल मीडिया वीडियो में ने खोला राज

ज्ञान तिवारी ने 6 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मामले को सार्वजनिक किया। वीडियो में वह अपनी बेटी के साथ नजर आए। उन्होंने आरोपी परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि अगर उनके दामाद के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में साबित होते हैं, तो कानून के तहत उसे भी कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। विधायक ने अपने बयान में अनुज त्रिवेदी के लिए तो मौत की सजा तक की मांग की।

आगे की जांच जारी

अब जांच एजेंसियां आरोपों से जुड़े दस्तावेज, कथित पहचान, पूर्व संबंधों, आर्थिक लेन-देन और अन्य महिलाओं से जुड़े दावों की पड़ताल कर सकती हैं। बॉलीवुड फिल्म में फर्जी पहचान के जरिए महिलाओं को कथित तौर पर धोखा देने वाले किरदार की कहानी दर्शकों के सामने आई थी। उत्तर प्रदेश का यह मामला भी पहली नजर में उसी तरह की कहानी जैसा दिखाई दे रहा है। लेकिन यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 25 शादियों और महिलाओं से ठगी के आरोप अभी आरोप ही हैं। इनकी वास्तविकता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

ये भी पढ़ें- ट्रेन टिकट बुकिंग में होने वाला है ऐतिहासिक बदलाव! अब चंद सेकंड में यात्रियों को मिलेगा टिकट, रेलवे का नया PRS सिस्टम मचाएगा तहलका

फिलहाल इस मामले ने इसलिए सनसनी मचा दी है क्योंकि शिकायतकर्ता कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक BJP विधायक हैं। आरोप सीधे उनके अपने परिवार में हुई शादी से जुड़े हैं। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह वास्तव में कई महिलाओं को फर्जी पहचान के जरिए कथित तौर पर फंसाने का मामला है, या आरोपों के पीछे कोई अलग कहानी है? पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही से ही इसका अंतिम सच सामने आएगा।

99.9% निवेशक यहां करते हैं गलती! 2 करोड़ से 10 करोड़ का सफर कैसे होगा आसान, जानें एक्सपर्ट की रणनीति

हर निवेशक चाहता है कि उसका पैसा समय के साथ तेजी से बढ़े। आम धारणा है कि नियमित निवेश करते रहें, बाजार में टिके रहें और कंपाउंडिंग को अपना काम करने दें। लेकिन जैसे-जैसे पोर्टफोलियो बड़ा होता है, कहानी बदलने लगती है। फाइनेंशियल एडवाइजर कपिल जैन ने 45 साल के एक ऐसे निवेशक का उदाहरण दिया, जिसके पास 2 करोड़ रुपये हैं और वह 10 साल में इसे 10 करोड़ करना चाहता है। उनके मुताबिक, लक्ष्य हासिल करना संभव है, लेकिन रास्ते में निवेश की रणनीति बदलना बेहद जरूरी है।

शुरुआत में SIP बनाती है रफ्तार

जैन के अनुसार, शुरुआती दौर में नियमित निवेश और बाजार की ग्रोथ से पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ सकता है। लेकिन जब रकम करोड़ों में पहुंचने लगती है, तब बाजार की छोटी गिरावट भी बड़ा नुकसान दिखाने लगती है। यही वजह है कि शुरुआत में काम करने वाली रणनीति को पूरी यात्रा में जारी रखना समझदारी नहीं हो सकती।

5 करोड़ पर 25% गिरावट का मतलब?

मान लीजिए पोर्टफोलियो 5 करोड़ रुपये का है और बाजार 25 फीसदी गिर जाता है। रकम के हिसाब से करीब 1.25 करोड़ रुपये की गिरावट आ सकती है। यानी अब नुकसान की भरपाई सिर्फ कुछ महीनों की SIP से नहीं होगी। बड़े कॉर्पस के साथ बाजार का हर उतार-चढ़ाव ज्यादा बड़ा असर डालता है।

10 करोड़ के करीब पहुंचते ही असली चुनौती

अगर पोर्टफोलियो 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और बाजार 25 फीसदी गिरा, तो करीब 2.5 करोड़ रुपये की वैल्यू कम हो सकती है। इसीलिए जैन का कहना है कि बड़े पोर्टफोलियो के साथ सिर्फ रिटर्न के पीछे भागना सही रणनीति नहीं है। इस चरण में कमाए हुए पैसे को बचाना भी उतना ही जरूरी है।

‘एक ही रणनीति हमेशा काम नहीं करती’

कपिल जैन के मुताबिक निवेशक अक्सर सबसे बड़ी गलती यही करते हैं कि पोर्टफोलियो छोटा हो या बड़ा, रणनीति वही रखते हैं। उनका सुझाव है कि समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा, रीबैलेंसिंग और सही एसेट एलोकेशन पर ध्यान देना चाहिए। आखिरकार, 2 करोड़ से 10 करोड़ तक पहुंचना सिर्फ कंपाउंडिंग का खेल नहीं है; जैसे-जैसे पैसा बढ़ता है, उसे संभालने का तरीका भी बदलना पड़ता है।

Dog Surgery Viral Video: 26 साल के करोड़पति ने ‘कुत्ता’ बनने के लिए उड़ाए 220 करोड़? वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

Dog Surgery Viral Video: 26 साल के करोड़पति ने ‘कुत्ता’ बनने के लिए उड़ाए 220 करोड़? वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो चर्चा में है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि जापान के 26 वर्षीय करोड़पति जासो ने खुद को कुत्ते जैसा दिखाने के लिए करीब 220 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने कई सर्जरी करवाईं और अब उनका हाव-भाव और रहन-सहन कुत्ते जैसा है। हालांकि, इस दावे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा

वायरल पोस्ट में कहा गया है कि जासो ने अपनी शक्ल और शरीर को कुत्ते जैसा बनाने के लिए बड़ी रकम खर्च की। दावा यह भी है कि सर्जरी के बाद वह कुत्ते की तरह चलने-फिरने और रहने की कोशिश करते हैं। वीडियो के साथ शेयर किया गया यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और देखते ही देखते लोग इस असामान्य कहानी पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे।

करोड़पति ने चुना ऐसा अजीब शौक?

वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि अगर किसी व्यक्ति के पास करोड़ों रुपये हैं तो वह उन्हें अपनी पसंद के मुताबिक खर्च कर सकता है, लेकिन 220 करोड़ रुपये खर्च कर खुद को कुत्ते जैसा बनाने का दावा लोगों को असामान्य लगा। कुछ यूजर्स ने इस पर मजेदार टिप्पणियां कीं, जबकि कुछ ने इसे इंसान के अनोखे शौक की मिसाल बताया।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

पोस्ट के कमेंट सेक्शन में लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग रहीं। कुछ लोगों ने मजाक करते हुए कहा कि आमतौर पर करोड़पति महंगी कार, बंगला या लग्जरी लाइफस्टाइल पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन यहां मामला बिल्कुल अलग है। वहीं, कुछ यूजर्स ने वीडियो को लेकर हैरानी जताई और कहा कि अगर यह दावा सही है तो इतनी बड़ी रकम खर्च करने का फैसला वाकई चौंकाने वाला है।

कुछ लोगों ने वीडियो पर ही उठाए सवाल

हर कोई वायरल दावे को सच मानने के लिए तैयार नहीं है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति आखिर कौन है और क्या वाकई उसने इतनी बड़ी रकम सर्जरी पर खर्च की है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरों और वीडियो के साथ कई बार अधूरी या गलत जानकारी जोड़ दी जाती है। ऐसे में केवल पोस्ट या वीडियो के आधार पर किसी बड़े दावे को सच मानना सही नहीं होगा।

अभी तक दावे की पुष्टि नहीं

फिलहाल जासो के बारे में किए जा रहे इन दावों की किसी विश्वसनीय आधिकारिक स्रोत से पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए 220 करोड़ रुपये खर्च करने, कई सर्जरी कराने या कुत्ते जैसा जीवन जीने की बात को फिलहाल सोशल मीडिया का दावा ही माना जाना चाहिए। वीडियो जरूर तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन इसके पीछे की वास्तविक कहानी क्या है, यह आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

Gen Z की अनोखी नौकरी वाली मांग ने छेड़ी बहस, IITian फाउंडर ने बताया क्यों कैंडिडेट को किया सिलेक्ट