Viral Post: ‘मेरा घर 24 घंटे का क्लिनिक नहीं…’ रात में घर से बुलाए गए डॉक्टर ने लिखी ऐसी बात कि सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले डॉक्टर का एक मैसेज सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। डॉक्टर ने सोसाइटी के लोगों से अपील की है कि मेडिकल इमरजेंसी होने पर उन्हें घर से बुलाने के बजाय सीधे अस्पताल या एम्बुलेंस की मदद लें। उन्होंने बताया कि, एक रात सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें नींद से जगाया और दूसरे टावर में एक व्यक्ति की तबीयत खराब होने पर मदद के लिए बुलाया। इसके बाद डॉक्टर ने लोगों को अपनी स्थिति और इमरजेंसी में सही मदद लेने को लेकर यह संदेश जारी किया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

मेरा घर इमरजेंसी वार्ड नहीं 

डॉक्टर ने ये नोट इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया, जिसमें डॉक्टर ने सोसाइटी के लोगों को बताया, “मैं यह कल रात 11:06 बजे हुई एक गंभीर घटना के बारे में बताने के लिए लिख रहा हूं। उस समय टावर की सिक्योरिटी मुझे मेरे अपार्टमेंट से जगाने के लिए आई थी, क्योंकि दूसरे टावर में एक मेडिकल इमरजेंसी हुई थी।” डॉक्टर ने कहा कि इमरजेंसी में घर पर इलाज की कोशिश करने से जरूरी समय बर्बाद हो सकता है। उन्होंने कहा, “मैं अपनी सोसाइटी में सभी की सुरक्षा के लिए एक जरूरी बात साफ करना चाहता हूं। मेरा घर एक निजी घर है, 24/7 क्लिनिक या इमरजेंसी वार्ड नहीं है। मेरे घर पर इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाले जरूरी उपकरण, मॉनिटर, ऑक्सीजन या इमरजेंसी इंजेक्शन मौजूद नहीं हैं।”

हॉस्पिटल से एम्बुलेंस बुलाएं

डॉक्टर ने सोसाइटी के लोगों से अपील की कि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में पड़ोसियों या सिक्योरिटी स्टाफ के जरिए डॉक्टर को घर पर बुलाने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि, ऐसी स्थिति में तुरंत एम्बुलेंस या पर्सनल अस्पताल की एम्बुलेंस को बुलाना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब कोई मेडिकल क्राइसिस होती है, तो हर एक सेकंड मायने रखता है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी स्थिति में तुरंत स्टैंडर्ड एम्बुलेंस (102/112) या किसी प्राइवेट हॉस्पिटल की एम्बुलेंस बुलाएं और मरीज को नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी रूम में ले जाएं।

उन्होंने आगे कहा, “सीधे सबसे पास के हॉस्पिटल के इमरजेंसी रूम (ER) में जाएं, जहां सही इक्विपमेंट और ऑन-ड्यूटी स्टाफ मौजूद हों। मैं मैनेजमेंट से रिक्वेस्ट करता हूं कि वे सभी सिक्योरिटी वालों को सख्त निर्देश दें कि वे कभी भी मेडिकल इमरजेंसी के लिए लोगों को किसी के घर न भेजें।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

डॉक्टर के इस संदेश के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने डॉक्टर का समर्थन करते हुए कहा कि सोसाइटी में रहने वाला डॉक्टर हर समय इमरजेंसी के लिए उपलब्ध नहीं होता। गंभीर हालत में मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। एक यूजर ने कहा, “बिल्कुल सही। इमरजेंसी सिचुएशन को घर पर डॉक्टर भी मैनेज नहीं कर सकते। आम दिक्कतों के लिए OPD कंसल्टेशन लेना चाहिए। इमरजेंसी में एक मिनट भी बहुत कीमती होता है और इसे पड़ोस के डॉक्टर को ढूंढने में बर्बाद नहीं करना चाहिए।”

दूसरे यूजर ने कहा, “पूरी तरह सहमत हूं। मेरे साथ पहले भी कई बार ऐसा हुआ है। 170 HR वाले मरीज को मेरे पास यह सोचकर भेज दिया गया कि मैं कोई मिनी कैजुअल्टी चला रहा हूं। यह बहुत परेशान करने वाला है। इसी वजह से ज्यादातर डॉक्टर सोसाइटी फ्लैट्स में अपनी पहचान नहीं बताते।”

सांप काटने के तुरंत बाद पड़ सकती है ये गलती भारी, जानिए क्या नहीं करें सांप के काटने पर!

बरसात का मौसम शुरू होते ही सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे गांव के इलाकों में स्नेकबाइट के मामले भी तेजी से सामने आते हैं। ऐसे समय में सही जानकारी और समय पर इलाज किसी की जान बचा सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि सांप काटने के बाद घबराने या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना जरूरी है। आइए जानते हैं स्नेकबाइट से बचाव और फर्स्ट एड से जुड़ी जरूरी बातें:

बारिश में बढ़ जाते हैं स्नेकबाइट के केस

Snake Facts: बारिश में दिखने वाले ये 5 सांप नहीं होते जहरीले, काट भी लें तो नहीं होगी मौत, जानें कैसे करें पहचान - News18 हिंदी

बरसात के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, इसलिए वे सेफ और सूखी जगह की तलाश में घरों, खेतों, खलिहानों और पशुशालाओं की ओर निकल आते हैं। इसी वजह से इस मौसम में लोगों का सांपों से सामना ज्यादा होता है और स्नेकबाइट की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

हर सांप जहरीला नहीं होता

बारिश का साइड इफेक्ट! घरों और दफ्तरों में घुस रहे बिन बुलाए मेहमान, मानसून में बढ़ा स्नेकबाइट का खतरा! - jungle news monsoon brings snakes closer to homes as flooded ...

एक्सपर्ट कहते है ज्यादातर सांप में जहरीले नहीं होते हैं और पानी में रहने वाले कई सांप भी जहरीले नहीं होते। हालांकि, यदि यह पता न हो कि काटने वाला सांप जहरीला था या नहीं, तो किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

सांप काटने पर मरीज को शांत रखें

सांप काटने पर यह दें प्राथमिक उपचार, भूलकर भी न लगाएं चीरा, जानें एक्सपर्ट की राय

स्नेकबाइट के बाद मरीज को घबराने न दें और उसे आराम से लिटाकर रखें। बिना कारण चलने-फिरने से बचाएं, क्योंकि इससे यदि जहर मौजूद हो तो वह शरीर में तेजी से फैल सकता है।

चीरा लगाना और कसकर बांधना है खतरनाक

Snake:इन चीजों से सांपों की कांपती है रूह, गंध से भागते हैं दूर, जानिए इनमें आखिर क्या है ऐसा - Effective And Safe Methods To Repel Snakes Without Harming Them - Amar

एक्सपर्ट के मुताबिक, सांप काटने वाली जगह पर ब्लेड या किसी धारदार चीज से चीरा नहीं लगाना चाहिए। इसी तरह रस्सी, कपड़ा या तार कसकर बांधना भी नुकसानदायक हो सकता है और इन्फेक्शन या कम्प्लीकेशन का रिस्क बढ़ सकता है।

बिना देर किए हॉस्पिटल पहुंचाएं

Madhepura Sadar Hospital OPD: बुधवार को सदर अस्पताल मधेपुरा में मिलेगी विभिन्न विभागों की ओपीडी सेवा, जानिए कौन से डॉक्टर रहेंगे उपलब्ध

स्नेकबाइट की कंडीशन में मरीज को तुरंत पास के किसी सरकारी अस्पताल या हेल्थ सेंटर ले जाना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

झाड़-फूंक नहीं, डॉक्टर का इलाज जरूरी

289,500+ Doctor Advice Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

एक्सपर्ट का कहना है कि झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट लेनी चाहिए। हॉस्पिटल में अवेलेबल एंटी-स्नेक वेनम से समय पर ट्रीटमेंट मिलने पर ज्यादातर मरीज ठीक हो जाते हैं।

इस तरह स्नेकबाइट की कंडीशन में सही जानकारी और समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है। छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर साबित हो सकती है, इसलिए हर सिचुएशन में डॉक्टर की एडवाइस और हॉस्पिटल का ट्रीटमेंट ही अपनाएं।

Video: हार्ट अटैक के बाद एम्बुलेंस वालों ने मांगे 15 हजार रुपये, फिर Blinkit ने किया ऐसा काम

मेडिकल इमरजेंसी में सबसे बड़ी जरूरत होती है समय पर इलाज और अस्पताल तक जल्दी पहुंचना। लेकिन कई बार एम्बुलेंस की उपलब्धता और उसका भारी किराया मरीज के परिवार के लिए नई परेशानी खड़ी कर देता है। हाल ही में गुरुग्राम की एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपना ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने हजारों लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि एक आपात स्थिति के दौरान उन्हें ऐसी सेवा मिली, जिसने न सिर्फ समय बचाया बल्कि आर्थिक बोझ भी कम कर दिया। उनका वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और लोग इस पहल की जमकर तारीफ करने लगे।

कई यूजर्स ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समय पर मिली मदद ने मुश्किल घड़ी में बड़ी राहत दी। इस घटना ने एक बार फिर इमरजेंसी सेवाओं की अहमियत और उनकी पहुंच को लेकर नई चर्चा छेड़ दी।

एम्बुलेंस के लिए मांगे गए 10 से 15 हजार रुपये

कंटेंट क्रिएटर कोमल खंडेलवाल के मुताबिक, बुजुर्ग महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाना जरूरी था। लेकिन जब उन्होंने अलग-अलग एम्बुलेंस सेवाओं से संपर्क किया तो 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का किराया बताया गया।

ऐसे मुश्किल समय में परिवार के सामने इलाज के साथ-साथ एम्बुलेंस का खर्च भी बड़ी चिंता बन गया।

तभी सामने आया Blinkit का फ्री एम्बुलेंस विकल्प

इसी दौरान किसी ने सुझाव दिया कि Blinkit के जरिए एम्बुलेंस बुक की जा सकती है। परिवार ने तुरंत इस सेवा का इस्तेमाल किया और कुछ ही समय में एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई।

कोमल ने बताया कि इस सेवा के लिए उनसे कोई शुल्क नहीं लिया गया, जिससे समय पर मरीज को अस्पताल पहुंचाने में मदद मिली।

यह किसी फाइव स्टार एम्बुलेंस से कम नहीं थी’

वीडियो में कोमल ने एम्बुलेंस की सुविधाओं की भी तारीफ की। उनके मुताबिक इसमें मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर, व्हीलचेयर, जरूरी मेडिकल उपकरण, दवाइयां और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद था।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में इसे “फाइव स्टार एम्बुलेंस” तक कह दिया।

Blinkit से की खास अपील

कोमल ने वीडियो में Blinkit का धन्यवाद करते हुए कहा कि कंपनी को यह सेवा हमेशा मुफ्त रखनी चाहिए।

उनका कहना था कि हर व्यक्ति के पास अचानक मेडिकल इमरजेंसी में हजारों रुपये खर्च करने की क्षमता नहीं होती। अगर किसी के पास पैसे न हों, तो सिर्फ इसी वजह से उसकी जान खतरे में नहीं पड़नी चाहिए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ

वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए।

एक यूजर ने लिखा कि Blinkit की यह पहल शानदार है और जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है।

एक अन्य यूजर ने बताया कि उन्होंने सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति के लिए Blinkit से एम्बुलेंस बुक की थी, जो बिना किसी शुल्क के बहुत जल्दी पहुंच गई।

वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि सुबह 5 बजे दवा ऑर्डर करने के बाद Blinkit की ओर से डॉक्टर का कॉल आया, जिसने उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली। इस पहल को भी लोगों ने काफी सराहा।

कुछ लोगों ने सरकार से भी उठाए सवाल

जहां बड़ी संख्या में लोगों ने Blinkit की तारीफ की, वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि ऐसी बुनियादी सुविधाएं निजी कंपनियों के बजाय सरकार की ओर से आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए।

उनका कहना था कि इमरजेंसी एम्बुलेंस जैसी सेवाएं हर नागरिक तक सुलभ और किफायती होना जरूरी है।

Blinkit ने भी दिया जवाब

वीडियो पर मिली तारीफ के बाद Blinkit ने भी कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रिया दी और दिल वाले इमोजी के साथ यूजर्स का आभार जताया।

इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि सही समय पर मिली मदद किसी की जिंदगी बचाने में कितनी अहम भूमिका निभा सकती है।

13 हजार डॉलर में ‘बॉडी काउंट रीसेट’? वायरल दावे की सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान