एक बूंद जहर ले सकता है कई लोगों की जान! जानिए कहां पाया जाता है दुनिया का सबसे जहरीला सांप

दुनियाभर में कई ऐसे जहरीले सांप हैं, जो एक बार अगल इंसान को काट लें तो कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो जाती है। दुनिया के सबसे जहरीले सांप का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे जहरीला सांप कौन सा होता है और वो कहां पर पाया जाता है। ऑस्ट्रेलिया के दूरदराज इलाकों में रहने वाला सांप ‘इनलैंड ताइपन’ (ऑक्सीयूरेनस माइक्रोलेपिडोटस) को दुनिया का सबसे जहरीला सांप कहा जाता है। ऑस्ट्रेलिया के दूरदराज इलाकों में रहने वाला यह सांप बेहद शक्तिशाली जहर रखने के बावजूद इंसानों से दूर रहते हैं और बहुत कम दिखाई देते हैं। इसकी सबसे खास बात ये है कि मौसम बदलने पर इसका रंग भी बदल जाता है।

ये सांप बेहद गर्म रेगिस्तानी इलाकों में पाया जाता है, जहां भीषण गर्मी और लंबे समय तक सूखे जैसी कठिन परिस्थितियां रहती हैं। कम दिखाई देने वाला ये सांप अपनी ताकतवर विष के कारण पूरी दुनिया में मशहूर है और इसे सबसे खतरनाक सांपों में गिना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी एक बूंद जहर कई इंसानों की जान ले सकती है।

इंसानों से दूर रहते हैं ये सांप

इनलैंड ताइपन को दुनिया का सबसे जहरीला सांप माना जाता है। अपनी खतरनाक पहचान के बावजूद ये सांप इंसानों से दूर रहना पसंद करता है और बहुत कम दिखाई देता है। यह बेहद शर्मीला और एकांत में रहने वाला सांप है, इसलिए इसके दिखने की घटनाएं भी बहुत कम होती हैं। अब तक इसके काटने से किसी इंसान की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। इनलैंड ताइपन मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य के दूरदराज इलाकों और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। ये सांप बाढ़ वाले मैदानों और काली मिट्टी वाले क्षेत्रों में रहता है, जहां लंबे सूखे के बाद बारिश होने पर नमी बढ़ जाती है। ऐसे कठिन वातावरण में भी यह आसानी से खुद को ढाल लेता है और जीवित रहता है।

मौसम के हिसाब से बदलता है रंग

इनलैंड ताइपन भीषण गर्मी से बचने के लिए जमीन की गहरी दरारों, जानवरों के खाली बिलों और मिट्टी के नीचे बनी प्राकृतिक सुरंगों में छिपकर रहते हैं। दिन की तेज धूफ में ये सांप बाहर नहीं निकलते हैं। आमतौर पर सुबह या शाम के ठंडे समय में ही यह भोजन की तलाश में अपने ठिकाने से बाहर आते हैं। ये मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तानी इलाकों में पाए जाने वाले लंबे बालों वाले चूहों का शिकार करता है। इनलैंड ताइपन मौसम के हिसाब से अपना रंग बदलता है। सर्दियों में इसका रंग गहरा और गर्मियों में हल्का हो जाता है। ये बदलाव इसे मौसम के अनुसार खुद को ढालने में मदद करता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, इनलैंड ताइपन का जहर बहुत तेजी से असर करता है, इसलिए यह शिकार को पकड़कर ही रखता है। इसका मुख्य भोजन लंबे बालों वाले चूहे हैं। बारिश के समय इन्हें भरपूर खाना मिल जाता है, लेकिन सूखे में चूहों की संख्या कम होने से इसे भोजन की कमी का सामना करना पड़ता है।

सांप काटने के तुरंत बाद पड़ सकती है ये गलती भारी, जानिए क्या नहीं करें सांप के काटने पर!

बरसात का मौसम शुरू होते ही सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे गांव के इलाकों में स्नेकबाइट के मामले भी तेजी से सामने आते हैं। ऐसे समय में सही जानकारी और समय पर इलाज किसी की जान बचा सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि सांप काटने के बाद घबराने या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना जरूरी है। आइए जानते हैं स्नेकबाइट से बचाव और फर्स्ट एड से जुड़ी जरूरी बातें:

बारिश में बढ़ जाते हैं स्नेकबाइट के केस

Snake Facts: बारिश में दिखने वाले ये 5 सांप नहीं होते जहरीले, काट भी लें तो नहीं होगी मौत, जानें कैसे करें पहचान - News18 हिंदी

बरसात के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, इसलिए वे सेफ और सूखी जगह की तलाश में घरों, खेतों, खलिहानों और पशुशालाओं की ओर निकल आते हैं। इसी वजह से इस मौसम में लोगों का सांपों से सामना ज्यादा होता है और स्नेकबाइट की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

हर सांप जहरीला नहीं होता

बारिश का साइड इफेक्ट! घरों और दफ्तरों में घुस रहे बिन बुलाए मेहमान, मानसून में बढ़ा स्नेकबाइट का खतरा! - jungle news monsoon brings snakes closer to homes as flooded ...

एक्सपर्ट कहते है ज्यादातर सांप में जहरीले नहीं होते हैं और पानी में रहने वाले कई सांप भी जहरीले नहीं होते। हालांकि, यदि यह पता न हो कि काटने वाला सांप जहरीला था या नहीं, तो किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

सांप काटने पर मरीज को शांत रखें

सांप काटने पर यह दें प्राथमिक उपचार, भूलकर भी न लगाएं चीरा, जानें एक्सपर्ट की राय

स्नेकबाइट के बाद मरीज को घबराने न दें और उसे आराम से लिटाकर रखें। बिना कारण चलने-फिरने से बचाएं, क्योंकि इससे यदि जहर मौजूद हो तो वह शरीर में तेजी से फैल सकता है।

चीरा लगाना और कसकर बांधना है खतरनाक

Snake:इन चीजों से सांपों की कांपती है रूह, गंध से भागते हैं दूर, जानिए इनमें आखिर क्या है ऐसा - Effective And Safe Methods To Repel Snakes Without Harming Them - Amar

एक्सपर्ट के मुताबिक, सांप काटने वाली जगह पर ब्लेड या किसी धारदार चीज से चीरा नहीं लगाना चाहिए। इसी तरह रस्सी, कपड़ा या तार कसकर बांधना भी नुकसानदायक हो सकता है और इन्फेक्शन या कम्प्लीकेशन का रिस्क बढ़ सकता है।

बिना देर किए हॉस्पिटल पहुंचाएं

Madhepura Sadar Hospital OPD: बुधवार को सदर अस्पताल मधेपुरा में मिलेगी विभिन्न विभागों की ओपीडी सेवा, जानिए कौन से डॉक्टर रहेंगे उपलब्ध

स्नेकबाइट की कंडीशन में मरीज को तुरंत पास के किसी सरकारी अस्पताल या हेल्थ सेंटर ले जाना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

झाड़-फूंक नहीं, डॉक्टर का इलाज जरूरी

289,500+ Doctor Advice Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

एक्सपर्ट का कहना है कि झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट लेनी चाहिए। हॉस्पिटल में अवेलेबल एंटी-स्नेक वेनम से समय पर ट्रीटमेंट मिलने पर ज्यादातर मरीज ठीक हो जाते हैं।

इस तरह स्नेकबाइट की कंडीशन में सही जानकारी और समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है। छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर साबित हो सकती है, इसलिए हर सिचुएशन में डॉक्टर की एडवाइस और हॉस्पिटल का ट्रीटमेंट ही अपनाएं।