मानसून में सिर्फ मच्छर ही नहीं, सांपों से भी रहें सतर्क! अपनाएं ये उपाय

मानसून के बाद सांप काटने के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक, पिछले दिनों में जहरीले सांप के काटने के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के कारण सांप अपने बिल छोड़कर रिहायशी इलाकों की ओर आ रहे हैं और कई बार घरों, भूसे के ढेर, गोहालों या झाड़ियों में छिप जाते हैं, ऐसे में आप मानसून के दौरान सांपों से बचाव के लिए यहां दिए गए आसान और जरूरी उपाय अपना सकते है:

घर के आसपास सफाई रखें (Maintain Regular Cleanliness)

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मानसून में सांप अक्सर ऐसी जगहों पर छिपते हैं जहां झाड़ियां, लंबी घास, लकड़ी, ईंट, भूसा या कबाड़ जमा हो। इसलिए घर के आसपास की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। समय-समय पर झाड़ियों की कटाई करें और बेकार सामान हटाते रहें, ताकि सांपों को छिपने की जगह न मिले।

दीवारों की दरारें बंद करें (Seal Cracks and Gaps)

अगर घर की दीवार, फर्श, आंगन या स्टोर रूम में कहीं बिल, दरार या छेद दिखाई दे, तो उसे सीमेंट, मिट्टी या मटेरियल से बंद कर दें। इससे सांपों के घर के अंदर आने की संभावना काफी कम हो जाती है। खासकर बरसात के मौसम में घर की रेगुलर इंस्पेक्शन करना जरूरी है।

रात में टॉर्च का इस्तेमाल करें (Use a Torch at Night)

बारिश के मौसम में सांप रात के समय ज्यादा एक्टिव रहते हैं। इसलिए अंधेरे में बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च का यूज करें। खेत, बगीचे, गोहाल या घर के आसपास कभी भी नंगे पैर न चलें। मजबूत जूते और पूरी लंबाई वाले कपड़े पहनने से सांप के काटने का खतरा कम हो सकता है।

सांप से सुरक्षित दूरी रखें (Safe Distance from Snakes)

अगर घर या आसपास सांप दिखाई दे, तो घबराएं नहीं और उसे मारने या पकड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें। सही दूरी बनाए रखें और तुरंत वन विभाग , स्थानीय प्रशासन या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें। ऐसा करने से आपकी और सांप दोनों की सेफ्टी बनी रहती है।

 परिवार को जागरूक रखें (Family Awareness)

मानसून के दौरान बच्चों और परिवार के सभी मेंबर को सांपों से जुड़ी जरूरी सावधानियों के बारे में बताएं। उन्हें समझाएं कि झाड़ियों, लकड़ी या भूसे के ढेर में हाथ डालने से पहले सावधानी बरतें और सांप दिखाई देने पर उससे दूर रहें। साथ ही यह भी याद रखें कि अगर किसी को सांप काट ले, तो घरेलू नुस्खों पर भरोसा करने की बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें, क्योंकि समय पर इलाज ही जान बचाने का सबसे सेफ तरीका है।

खिड़कियां और दरवाजें बंद (Secure Doors and Windows)

मानसून के दौरान रात में सांप खुले दरवाजों, खिड़कियों या नालियों के रास्ते घर में घुस सकते हैं। इसलिए दरवाजे हमेशा बंद रखें, खिड़कियों पर जाली लगवाएं और पानी निकासी वाली नालियों को भी सुरक्षित रखें। इससे सांपों के घर में आने का खतरा कम हो सकता है।

खाने-पीने की चीजें और कचरा (Keep Food and Garbage Covered)

घर के आसपास कचरा, बचा हुआ खाना या अनाज खुला रखने से चूहे आने लगते हैं, और जहां चूहे होते हैं वहां सांपों के आने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए कूड़ेदान को ढककर रखें, अनाज को बंद डिब्बों में रखें और घर के आसपास सफाई बनाए रखें, ताकि सांपों को अट्रैक्ट करने वाली कंडीशन न बनें।

एक बूंद जहर ले सकता है कई लोगों की जान! जानिए कहां पाया जाता है दुनिया का सबसे जहरीला सांप

दुनियाभर में कई ऐसे जहरीले सांप हैं, जो एक बार अगल इंसान को काट लें तो कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो जाती है। दुनिया के सबसे जहरीले सांप का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे जहरीला सांप कौन सा होता है और वो कहां पर पाया जाता है। ऑस्ट्रेलिया के दूरदराज इलाकों में रहने वाला सांप ‘इनलैंड ताइपन’ (ऑक्सीयूरेनस माइक्रोलेपिडोटस) को दुनिया का सबसे जहरीला सांप कहा जाता है। ऑस्ट्रेलिया के दूरदराज इलाकों में रहने वाला यह सांप बेहद शक्तिशाली जहर रखने के बावजूद इंसानों से दूर रहते हैं और बहुत कम दिखाई देते हैं। इसकी सबसे खास बात ये है कि मौसम बदलने पर इसका रंग भी बदल जाता है।

ये सांप बेहद गर्म रेगिस्तानी इलाकों में पाया जाता है, जहां भीषण गर्मी और लंबे समय तक सूखे जैसी कठिन परिस्थितियां रहती हैं। कम दिखाई देने वाला ये सांप अपनी ताकतवर विष के कारण पूरी दुनिया में मशहूर है और इसे सबसे खतरनाक सांपों में गिना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी एक बूंद जहर कई इंसानों की जान ले सकती है।

इंसानों से दूर रहते हैं ये सांप

इनलैंड ताइपन को दुनिया का सबसे जहरीला सांप माना जाता है। अपनी खतरनाक पहचान के बावजूद ये सांप इंसानों से दूर रहना पसंद करता है और बहुत कम दिखाई देता है। यह बेहद शर्मीला और एकांत में रहने वाला सांप है, इसलिए इसके दिखने की घटनाएं भी बहुत कम होती हैं। अब तक इसके काटने से किसी इंसान की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। इनलैंड ताइपन मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य के दूरदराज इलाकों और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। ये सांप बाढ़ वाले मैदानों और काली मिट्टी वाले क्षेत्रों में रहता है, जहां लंबे सूखे के बाद बारिश होने पर नमी बढ़ जाती है। ऐसे कठिन वातावरण में भी यह आसानी से खुद को ढाल लेता है और जीवित रहता है।

मौसम के हिसाब से बदलता है रंग

इनलैंड ताइपन भीषण गर्मी से बचने के लिए जमीन की गहरी दरारों, जानवरों के खाली बिलों और मिट्टी के नीचे बनी प्राकृतिक सुरंगों में छिपकर रहते हैं। दिन की तेज धूफ में ये सांप बाहर नहीं निकलते हैं। आमतौर पर सुबह या शाम के ठंडे समय में ही यह भोजन की तलाश में अपने ठिकाने से बाहर आते हैं। ये मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तानी इलाकों में पाए जाने वाले लंबे बालों वाले चूहों का शिकार करता है। इनलैंड ताइपन मौसम के हिसाब से अपना रंग बदलता है। सर्दियों में इसका रंग गहरा और गर्मियों में हल्का हो जाता है। ये बदलाव इसे मौसम के अनुसार खुद को ढालने में मदद करता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, इनलैंड ताइपन का जहर बहुत तेजी से असर करता है, इसलिए यह शिकार को पकड़कर ही रखता है। इसका मुख्य भोजन लंबे बालों वाले चूहे हैं। बारिश के समय इन्हें भरपूर खाना मिल जाता है, लेकिन सूखे में चूहों की संख्या कम होने से इसे भोजन की कमी का सामना करना पड़ता है।