सांप काटने के तुरंत बाद पड़ सकती है ये गलती भारी, जानिए क्या नहीं करें सांप के काटने पर!

बरसात का मौसम शुरू होते ही सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे गांव के इलाकों में स्नेकबाइट के मामले भी तेजी से सामने आते हैं। ऐसे समय में सही जानकारी और समय पर इलाज किसी की जान बचा सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि सांप काटने के बाद घबराने या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना जरूरी है। आइए जानते हैं स्नेकबाइट से बचाव और फर्स्ट एड से जुड़ी जरूरी बातें:

बारिश में बढ़ जाते हैं स्नेकबाइट के केस

Snake Facts: बारिश में दिखने वाले ये 5 सांप नहीं होते जहरीले, काट भी लें तो नहीं होगी मौत, जानें कैसे करें पहचान - News18 हिंदी

बरसात के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, इसलिए वे सेफ और सूखी जगह की तलाश में घरों, खेतों, खलिहानों और पशुशालाओं की ओर निकल आते हैं। इसी वजह से इस मौसम में लोगों का सांपों से सामना ज्यादा होता है और स्नेकबाइट की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

हर सांप जहरीला नहीं होता

बारिश का साइड इफेक्ट! घरों और दफ्तरों में घुस रहे बिन बुलाए मेहमान, मानसून में बढ़ा स्नेकबाइट का खतरा! - jungle news monsoon brings snakes closer to homes as flooded ...

एक्सपर्ट कहते है ज्यादातर सांप में जहरीले नहीं होते हैं और पानी में रहने वाले कई सांप भी जहरीले नहीं होते। हालांकि, यदि यह पता न हो कि काटने वाला सांप जहरीला था या नहीं, तो किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

सांप काटने पर मरीज को शांत रखें

सांप काटने पर यह दें प्राथमिक उपचार, भूलकर भी न लगाएं चीरा, जानें एक्सपर्ट की राय

स्नेकबाइट के बाद मरीज को घबराने न दें और उसे आराम से लिटाकर रखें। बिना कारण चलने-फिरने से बचाएं, क्योंकि इससे यदि जहर मौजूद हो तो वह शरीर में तेजी से फैल सकता है।

चीरा लगाना और कसकर बांधना है खतरनाक

Snake:इन चीजों से सांपों की कांपती है रूह, गंध से भागते हैं दूर, जानिए इनमें आखिर क्या है ऐसा - Effective And Safe Methods To Repel Snakes Without Harming Them - Amar

एक्सपर्ट के मुताबिक, सांप काटने वाली जगह पर ब्लेड या किसी धारदार चीज से चीरा नहीं लगाना चाहिए। इसी तरह रस्सी, कपड़ा या तार कसकर बांधना भी नुकसानदायक हो सकता है और इन्फेक्शन या कम्प्लीकेशन का रिस्क बढ़ सकता है।

बिना देर किए हॉस्पिटल पहुंचाएं

Madhepura Sadar Hospital OPD: बुधवार को सदर अस्पताल मधेपुरा में मिलेगी विभिन्न विभागों की ओपीडी सेवा, जानिए कौन से डॉक्टर रहेंगे उपलब्ध

स्नेकबाइट की कंडीशन में मरीज को तुरंत पास के किसी सरकारी अस्पताल या हेल्थ सेंटर ले जाना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

झाड़-फूंक नहीं, डॉक्टर का इलाज जरूरी

289,500+ Doctor Advice Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

एक्सपर्ट का कहना है कि झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट लेनी चाहिए। हॉस्पिटल में अवेलेबल एंटी-स्नेक वेनम से समय पर ट्रीटमेंट मिलने पर ज्यादातर मरीज ठीक हो जाते हैं।

इस तरह स्नेकबाइट की कंडीशन में सही जानकारी और समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है। छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर साबित हो सकती है, इसलिए हर सिचुएशन में डॉक्टर की एडवाइस और हॉस्पिटल का ट्रीटमेंट ही अपनाएं।

जगह ऐसी की जन्नत से कम नहीं लगेगी, लेकिन मानसून में भूलकर भी न जाएं इन 5 डेस्टिनेशन पर!

मानसून भारत की कई जगहों को बेहद खूबसूरत बना देता है, लेकिन कुछ पहाड़ी और ज्यादा बारिश वाले इलाकों में यही मौसम ट्रिप के दौरान परेशानी भी खड़ी कर सकता है। भारी बारिश, लैंडस्लाइड, अचानक बाढ़, सड़क बंद होने और खराब मौसम के कारण ट्रिप इफेक्ट हो सकती है। अगर आप मानसून में इन जगहों की ट्रिप करने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो ये बातें जरूर ध्यान रखे:

1. चेरापूंजी और मौसिनराम, मेघालय

Meghalaya Monsoon Travel: झरनों, धुंध और बारिश में बिताएं छुट्टियां! मेघालय की ये 5 जगहें कराएंगी आपको जन्नत की सैर - News18 हिंदी

चेरापूंजी और मौसिनराम दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश वाली जगहों में शामिल हैं। मानसून के दौरान यहां लगातार बारिश होने से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और कई बार छोटे-बड़े लैंडस्लाइड की सिचुएशन बन जाती है। पहाड़ी रास्तों पर ट्रैवल करते समय वाहन चलाना मुश्किल हो सकता है और कुछ जगहों पर रास्ते टेम्परेरी बंद भी हो सकते हैं।

घूमने की जगहें: लिविंग रूट ब्रिज, नोहकलिकाई फॉल्स, मावसमाई गुफाएं और डबल डेकर रूट ब्रिज यहां के मेन अट्रैक्शन हैं।

सावधानी रखें: ट्रैवल से पहले मौसम और रोड कंडीशन जरूर चेक करे। बारिश के दौरान नदी, झरने या तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें। अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें और जरूरी दवाइयां व रेन गियर साथ रखें।

 

2. दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल

Darjeeling in Monsoon: Best Travel Guide, Places & Tips

दार्जिलिंग मानसून में हरे-भरे पहाड़ों और धुंध के कारण बेहद खूबसूरत लगता है, लेकिन भारी बारिश के समय यहां लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ जाता है। पहाड़ी सड़कों पर पत्थर गिरने और रास्ते बंद होने की समस्या आ सकती है।

घूमने की जगहें: टाइगर हिल, बतासिया लूप, चाय के बागान, हिमालयन रेलवे और शांति स्तूप यहां के मेन अट्रैक्शन हैं।

सावधानी रखें: बारिश के मौसम में ट्रैवल प्लान फ्लेक्सिबल रखें। लोकल अथॉरिटी की सलाह मानें और रात के समय पहाड़ी रास्तों पर ट्रैवल करने से बचें। होटल बुकिंग ऐसी जगह करें जहां जरूरत पड़ने पर ज्यादा दिन रुक सकें।

3. मुन्नार और पश्चिमी घाट, केरल

1,400+ The Western Ghats Around Munnar India Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

केरल के पश्चिमी घाट मानसून में हरियाली से भर जाते हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण यहां लैंडस्लाइड, पानी भरने और सड़क खराब होने की समस्या हो सकती है। पहाड़ी एरिया में अचानक मौसम बदल सकता है।

घूमने की जगहें: चाय के बागान, एराविकुलम नेशनल पार्क, मट्टुपेट्टी डैम, टॉप स्टेशन और झरने यहां देखने लायक हैं।

सावधानी रखें: तेज बारिश के दौरान ट्रेकिंग और जंगल क्षेत्रों में जाने से बचें। नदी और झरनों के पास सेफ्टी गाइडलाइन का पालन करें। ट्रैवल से पहले लोकल वेदर अपडेट जरूर देखें।

4. केदारनाथ, उत्तराखंड

उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, केदारनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक, तीन दिन के लिए स्थगित

केदारनाथ हिमालय क्षेत्र में एक पॉपुलर धार्मिक स्थल है, लेकिन मानसून के दौरान यहां मौसम तेजी से बदल सकता है। भारी बारिश के कारण रास्तों पर लैंडस्लैड, पत्थर गिरने और ट्रिप रोड इफेक्ट होने की संभावना रहती है।

घूमने की जगहें: केदारनाथ मंदिर, भैरवनाथ मंदिर, मंदाकिनी नदी और आसपास के हिमालयी सीन अट्रेक्टिव हैं।

सावधानी रखें: ट्रैवल से पहले मौसम और रोड की कंडीशन जरूर चेक करे। बारिश में पैदल ट्रैवल करते समय सावधानी रखें, खराब मौसम में ट्रिप रोकना बेहतर होता है।

 

5. चार धाम हाईवे, उत्तराखंड

Char Dham Yatra Route Map, Distance And Road Condition

उत्तराखंड के चार धाम मार्ग पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरते हैं, इसलिए मानसून में यहां लैंडस्लाइड और सड़क बाधित होने की संभावना रहती है। बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा गिर सकता है और कई बार ट्रैफिक रुक जाता है।

घूमने वाले प्रमुख स्थान: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ यहां के मुख्य धार्मिक स्थल हैं।

सावधानी रखें: यात्रा से पहले रोड कंडीशन और मौसम की जानकारी लें। रात में ड्राइविंग से बचें और जरूरी सामान साथ रखें।

6. मनाली-लेह और श्रीनगर-लेह हाईवे

मनाली-लेह हाईवे : क्यों बेसब्री से इसके खुलने का इंतजार कर रहे थे पर्यटक, जाने वजह! | Leh-Manali Highway: Why tourists were eagerly waiting for its opening, know reason - Hindi Nativeplanet

लद्दाख जाने वाले ये हाईवे अपने शानदार पहाड़ी नजारों के लिए पॉपुलर हैं, लेकिन मानसून और खराब मौसम में कई जगहों पर भूस्खलन, सड़क टूटने और अचानक मौसम बदलाव की समस्या आ सकती है।

घूमने की जगहें: मनाली, रोहतांग क्षेत्र, जोजिला पास, कारगिल, लेह, पैंगोंग झील और नुब्रा वैली बहुत सुंदर हैं।

सावधानी रखें: ट्रैवल से पहले सड़क खुली है या नहीं, इसकी जानकारी जरूर लें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में धीरे-धीरे ट्रैवल करें और शरीर को मौसम से ढलने का समय दें। जरूरी दवाइयां, गर्म कपड़े, पानी और स्नैक्स साथ रखें।

मानसून में पहाड़ी इलाकों की ट्रिप के लिए जरूरी टिप्स

First Rain On Earth:जब धरती पर पड़ा भयानक सूखा और फिर 20 लाख साल तक होती रही बारिश, जानिए आखिर क्या थी वजह - First Rain On Earth: Rain On Earth For

मानसून में ट्रैवल करते समय सेफ्टी का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। भारी बारिश के दिनों में ट्रेकिंग, नदी किनारे जाने और जोखिम वाली जगहों पर जाने से बचें। अपने साथ वाटरप्रूफ बैग, रेनकोट, अच्छे जूते और जरूरी दवाइयां जरूर रखें। पहाड़ी इलाकों में रात के समय ड्राइविंग करने से बचें और होटल व ट्रांसपोर्ट की बुकिंग में बदलाव की सुविधा रखें। स्थानीय लोगों और प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें और इमरजेंसी के लिए पावर बैंक, जरूरी दस्तावेज और कुछ नकद पैसे हमेशा साथ रखें।