Video: कीचड़ और घुटनों तक पानी में भी नहीं थमी हाथी की रफ्तार, टॉर्च दिखाकर भगाने की कोशिश पर लोगों की ओर दौड़ा गजराज

सोशल मीडिया पर जंगली हाथी का एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कीचड़ से भरे धान के खेत में लोगों के बीच अचानक आक्रामक होता नजर आ रहा है। घुटनों तक पानी और दलदल के बावजूद हाथी जिस तेजी से आगे बढ़ता है, उसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच जाती है। वीडियो में कुछ लोग हाथी को खेत से दूर भगाने के लिए टॉर्च की रोशनी का इस्तेमाल करते दिखाई देते हैं। शुरुआत में हाथी उनके बीच से आगे बढ़ता नजर आता है, लेकिन कुछ ही देर में वह अचानक लोगों की तरफ दौड़ पड़ता है।

हाथी को अपनी ओर आता देख वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगते हैं। इस दौरान कुछ लोग गिरते हुए भी नजर आते हैं। वीडियो ने जंगली हाथियों के बेहद शक्तिशाली और तेज होने के साथ-साथ उनके करीब जाने या उन्हें डराने के खतरे को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।

टॉर्च की रोशनी दिखाते ही दौड़ा हाथी

वीडियो में हाथी पानी और कीचड़ से भरे खेत में बेहद तेजी से आगे बढ़ता दिखता है। मुश्किल जमीन के बावजूद उसकी रफ्तार देखकर लोग भी हैरान रह गए। कुछ लोग लगातार टॉर्च लहराकर हाथी को डराने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान हाथी अचानक लोगों की तरफ तेजी से बढ़ा। हाथी को अपनी ओर आता देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे जान बचाकर भागने लगे। इस भगदड़ में कुछ लोग जमीन पर गिरते हुए भी दिखाई दिए।

उत्तराखंड के अधिकारी ने बताया हाथी की रफ्तार का राज

यह वीडियो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पीएम धकाते ने X पर साझा किया। उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए बताया कि हाथी को धीमा समझना बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर कीचड़ भरे इलाके में।

उन्होंने समझाया कि हाथियों के चौड़े पंजे उनका वजन बड़े क्षेत्र में बांट देते हैं। इसी वजह से वे ऐसे दलदली और कीचड़ वाले इलाकों में भी उम्मीद से कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।

हाथी को डराने की कोशिश पड़ सकती है भारी

डॉ. धकाते ने चेतावनी दी कि हाथी को डराने या घेरने की कोशिश स्थिति को और खतरनाक बना सकती है। अगर हाथी खुद को खतरे में या चारों तरफ से घिरा हुआ महसूस करता है, तो वह पीछे हटने के बजाय हमला कर सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि जंगल में हाथी दिखाई देने पर उससे पर्याप्त दूरी बनाए रखें और उसे डराने के लिए चिल्लाने, टॉर्च लहराने या पटाखे चलाने जैसी हरकतों से बचें।

‘हाथी को निकलने का रास्ता दें’

अधिकारी ने लोगों को खास तौर पर हाथी का रास्ता रोकने या उसे चारों ओर से घेरने से बचने की सलाह दी। उनके मुताबिक, जंगली हाथी को हमेशा पीछे हटने और सुरक्षित दिशा में जाने के लिए खुला रास्ता मिलना चाहिए। वीडियो को श्याम उरांव और संतोष लकड़ा के नाम से क्रेडिट किया गया है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि जंगली हाथियों को करीब से भगाने या डराने की कोशिश कितनी जोखिम भरी हो सकती है। ऐसे मामलों में दूरी बनाए रखना और हाथी को शांतिपूर्वक निकलने देना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

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सांप काटने के तुरंत बाद पड़ सकती है ये गलती भारी, जानिए क्या नहीं करें सांप के काटने पर!

बरसात का मौसम शुरू होते ही सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे गांव के इलाकों में स्नेकबाइट के मामले भी तेजी से सामने आते हैं। ऐसे समय में सही जानकारी और समय पर इलाज किसी की जान बचा सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि सांप काटने के बाद घबराने या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना जरूरी है। आइए जानते हैं स्नेकबाइट से बचाव और फर्स्ट एड से जुड़ी जरूरी बातें:

बारिश में बढ़ जाते हैं स्नेकबाइट के केस

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बरसात के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, इसलिए वे सेफ और सूखी जगह की तलाश में घरों, खेतों, खलिहानों और पशुशालाओं की ओर निकल आते हैं। इसी वजह से इस मौसम में लोगों का सांपों से सामना ज्यादा होता है और स्नेकबाइट की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

हर सांप जहरीला नहीं होता

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एक्सपर्ट कहते है ज्यादातर सांप में जहरीले नहीं होते हैं और पानी में रहने वाले कई सांप भी जहरीले नहीं होते। हालांकि, यदि यह पता न हो कि काटने वाला सांप जहरीला था या नहीं, तो किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

सांप काटने पर मरीज को शांत रखें

सांप काटने पर यह दें प्राथमिक उपचार, भूलकर भी न लगाएं चीरा, जानें एक्सपर्ट की राय

स्नेकबाइट के बाद मरीज को घबराने न दें और उसे आराम से लिटाकर रखें। बिना कारण चलने-फिरने से बचाएं, क्योंकि इससे यदि जहर मौजूद हो तो वह शरीर में तेजी से फैल सकता है।

चीरा लगाना और कसकर बांधना है खतरनाक

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एक्सपर्ट के मुताबिक, सांप काटने वाली जगह पर ब्लेड या किसी धारदार चीज से चीरा नहीं लगाना चाहिए। इसी तरह रस्सी, कपड़ा या तार कसकर बांधना भी नुकसानदायक हो सकता है और इन्फेक्शन या कम्प्लीकेशन का रिस्क बढ़ सकता है।

बिना देर किए हॉस्पिटल पहुंचाएं

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स्नेकबाइट की कंडीशन में मरीज को तुरंत पास के किसी सरकारी अस्पताल या हेल्थ सेंटर ले जाना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

झाड़-फूंक नहीं, डॉक्टर का इलाज जरूरी

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एक्सपर्ट का कहना है कि झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट लेनी चाहिए। हॉस्पिटल में अवेलेबल एंटी-स्नेक वेनम से समय पर ट्रीटमेंट मिलने पर ज्यादातर मरीज ठीक हो जाते हैं।

इस तरह स्नेकबाइट की कंडीशन में सही जानकारी और समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है। छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर साबित हो सकती है, इसलिए हर सिचुएशन में डॉक्टर की एडवाइस और हॉस्पिटल का ट्रीटमेंट ही अपनाएं।