सांप के डसने से मौत समझ रहे थे लोग, लेकिन जांच में सामने आई ऐसी साजिश जिसने पूरे मेरठ को हिला दिया

मेरठ में एक स्कूल संचालक की मौत का मामला अब साधारण हादसे से कहीं आगे बढ़कर सनसनीखेज आपराधिक जांच का रूप ले चुका है। शुरुआती तौर पर इसे सांप के डसने से हुई मौत माना गया था, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आए दावों ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि पहली नजर में यह प्राकृतिक हादसा लगे और किसी को शक न हो। मामले में मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और दो सपेरों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस का कहना है कि हत्या के लिए बेहद जहरीले करैत सांप का इस्तेमाल किया गया और पूरी साजिश पहले से तैयार की गई थी। इस खुलासे के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर होगी।

सांप के डसने की कहानी निकली हत्या की साजिश

उत्तर प्रदेश के मेरठ में पहले जिस मौत को सामान्य सांप के डसने का मामला माना जा रहा था, वही अब एक चौंकाने वाली हत्या की जांच में बदल गई है। पुलिस का आरोप है कि 32 साल से स्कूल चला रहे अतुल कुमार पंवार की हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई।

पत्नी और प्रेमी पर रची साजिश का आरोप

पुलिस के अनुसार, अतुल की पत्नी दामिनी ने स्कूल में बस चालक के रूप में काम करने वाले तुषार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि पहले अतुल को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई गईं, ताकि वह गहरी नींद में चला जाए।

करैत सांप बना कथित ‘मर्डर वेपन’

जांच में सामने आया कि अतुल के बेहोश होने के बाद बिस्तर पर एक बेहद जहरीला करैत सांप छोड़ दिया गया। सांप के डसने से उसकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि इस साजिश में दो सपेरे सोनू और उदय कुमार की भी मदद ली गई, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला

यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे “Calculated, Cold, Cruel” बताते हुए हैरानी जताई। कुछ लोगों ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की, जबकि कई ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।

जांच जारी, पुलिस जुटा रही सबूत

पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। अदालत में पेश होने वाले सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।

सांप के डसने से मौत समझ रहे थे लोग, लेकिन जांच में सामने आई ऐसी साजिश जिसने पूरे मेरठ को हिला दिया

मेरठ में एक स्कूल संचालक की मौत का मामला अब साधारण हादसे से कहीं आगे बढ़कर सनसनीखेज आपराधिक जांच का रूप ले चुका है। शुरुआती तौर पर इसे सांप के डसने से हुई मौत माना गया था, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आए दावों ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि पहली नजर में यह प्राकृतिक हादसा लगे और किसी को शक न हो। मामले में मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और दो सपेरों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस का कहना है कि हत्या के लिए बेहद जहरीले करैत सांप का इस्तेमाल किया गया और पूरी साजिश पहले से तैयार की गई थी। इस खुलासे के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर होगी।

सांप के डसने की कहानी निकली हत्या की साजिश

उत्तर प्रदेश के मेरठ में पहले जिस मौत को सामान्य सांप के डसने का मामला माना जा रहा था, वही अब एक चौंकाने वाली हत्या की जांच में बदल गई है। पुलिस का आरोप है कि 32 साल से स्कूल चला रहे अतुल कुमार पंवार की हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई।

पत्नी और प्रेमी पर रची साजिश का आरोप

पुलिस के अनुसार, अतुल की पत्नी दामिनी ने स्कूल में बस चालक के रूप में काम करने वाले तुषार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि पहले अतुल को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई गईं, ताकि वह गहरी नींद में चला जाए।

करैत सांप बना कथित ‘मर्डर वेपन’

जांच में सामने आया कि अतुल के बेहोश होने के बाद बिस्तर पर एक बेहद जहरीला करैत सांप छोड़ दिया गया। सांप के डसने से उसकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि इस साजिश में दो सपेरे सोनू और उदय कुमार की भी मदद ली गई, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला

यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे “Calculated, Cold, Cruel” बताते हुए हैरानी जताई। कुछ लोगों ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की, जबकि कई ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।

जांच जारी, पुलिस जुटा रही सबूत

पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। अदालत में पेश होने वाले सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।

सांप काटने के तुरंत बाद पड़ सकती है ये गलती भारी, जानिए क्या नहीं करें सांप के काटने पर!

बरसात का मौसम शुरू होते ही सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे गांव के इलाकों में स्नेकबाइट के मामले भी तेजी से सामने आते हैं। ऐसे समय में सही जानकारी और समय पर इलाज किसी की जान बचा सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि सांप काटने के बाद घबराने या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना जरूरी है। आइए जानते हैं स्नेकबाइट से बचाव और फर्स्ट एड से जुड़ी जरूरी बातें:

बारिश में बढ़ जाते हैं स्नेकबाइट के केस

Snake Facts: बारिश में दिखने वाले ये 5 सांप नहीं होते जहरीले, काट भी लें तो नहीं होगी मौत, जानें कैसे करें पहचान - News18 हिंदी

बरसात के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, इसलिए वे सेफ और सूखी जगह की तलाश में घरों, खेतों, खलिहानों और पशुशालाओं की ओर निकल आते हैं। इसी वजह से इस मौसम में लोगों का सांपों से सामना ज्यादा होता है और स्नेकबाइट की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

हर सांप जहरीला नहीं होता

बारिश का साइड इफेक्ट! घरों और दफ्तरों में घुस रहे बिन बुलाए मेहमान, मानसून में बढ़ा स्नेकबाइट का खतरा! - jungle news monsoon brings snakes closer to homes as flooded ...

एक्सपर्ट कहते है ज्यादातर सांप में जहरीले नहीं होते हैं और पानी में रहने वाले कई सांप भी जहरीले नहीं होते। हालांकि, यदि यह पता न हो कि काटने वाला सांप जहरीला था या नहीं, तो किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

सांप काटने पर मरीज को शांत रखें

सांप काटने पर यह दें प्राथमिक उपचार, भूलकर भी न लगाएं चीरा, जानें एक्सपर्ट की राय

स्नेकबाइट के बाद मरीज को घबराने न दें और उसे आराम से लिटाकर रखें। बिना कारण चलने-फिरने से बचाएं, क्योंकि इससे यदि जहर मौजूद हो तो वह शरीर में तेजी से फैल सकता है।

चीरा लगाना और कसकर बांधना है खतरनाक

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एक्सपर्ट के मुताबिक, सांप काटने वाली जगह पर ब्लेड या किसी धारदार चीज से चीरा नहीं लगाना चाहिए। इसी तरह रस्सी, कपड़ा या तार कसकर बांधना भी नुकसानदायक हो सकता है और इन्फेक्शन या कम्प्लीकेशन का रिस्क बढ़ सकता है।

बिना देर किए हॉस्पिटल पहुंचाएं

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स्नेकबाइट की कंडीशन में मरीज को तुरंत पास के किसी सरकारी अस्पताल या हेल्थ सेंटर ले जाना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

झाड़-फूंक नहीं, डॉक्टर का इलाज जरूरी

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एक्सपर्ट का कहना है कि झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट लेनी चाहिए। हॉस्पिटल में अवेलेबल एंटी-स्नेक वेनम से समय पर ट्रीटमेंट मिलने पर ज्यादातर मरीज ठीक हो जाते हैं।

इस तरह स्नेकबाइट की कंडीशन में सही जानकारी और समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है। छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर साबित हो सकती है, इसलिए हर सिचुएशन में डॉक्टर की एडवाइस और हॉस्पिटल का ट्रीटमेंट ही अपनाएं।