Viral Video: उत्तरी इटली के फोर्ली एयरपोर्ट पर 21 अगस्त को तेज तूफानी हवाओं ने रनवे पर खड़े छोटे विमानों को बुरी तरह हिला दिया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हल्के प्रोपेलर विमान गीले रनवे पर धीरे-धीरे खिसकते, घूमते और झुकते नजर आ रहे हैं।
Bengaluru Viral News: हैंडसम सैलरी और अच्छा करियर होने के बावजूद खराब फाइनेंशियल मैनेजमेंट किसी को भी कर्ज के जाल में फंसा सकता है। बेंगलुरु के रहने वाले 29 वर्षीय एक शादीशुदा युवक की कहानी इसी बात का लेटेस्ट उदाहरण बनी है। टैक्स कटने के बाद हर महीने ₹2.5 लाख की कुल कमाई करने के बावजूद यह युवक शादी और घर के रिनोवेशन पर बड़ा खर्च करने की वजह से कई लोन और कर्ज के भारी बोझ तले दब गया है। युवक ने सोशल मीडिया पर अपने फाइनेंशियल स्टेटस को शेयर करते हुए लोगों से सलाह मांगी है।
95 फीसदी सेविंग्स खत्म, शादी और घर के रेनोवेशन ने बिगाड़ा बजट
युवक ने अपनी आपबीती बताते हुए लिखा है कि ‘मैं हाल ही में एक ऐसे कर्ज के जाल में फंस गया, जिसमें मैं कभी नहीं फंसना चाहता था। मैंने हाल ही में दो बड़े खर्च किए एक मेरी शादी और दूसरा घर का रेनोवेशन, जिसने मेरी 95 प्रतिशत बचत को खत्म कर दिया।’
रेडिट पर की गई युवक की इस पोस्ट के मुताबिक उसके माता-पिता ने उसे अपने पैतृक घर पर एक और मंजिल बनाने के लिए जोर दिया ताकि उसे किराए पर दिया जा सके। इस घर के रेनोवेशन में कुल 35 लाख रुपये खर्च हुए। उसने अपनी सेविंग्स में से ₹15 लाख दिए और बाकी के ₹20 लाख लोन लिए। उसकी शादी का खर्च ₹30 लाख से अधिक हो गया। शादी के खर्चों के लिए उसने अपने स्टॉक्स (शेयर) बेचे लेकिन आखिरी समय में कैश की कमी होने की वजह से उसे 9.1 फीसदी के इंट्रेस्ट पर 5 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेना पड़ा। उसने बताया कि आखिरी समय में इस अमाउंट के कैश का बंदोबस्त करने के लिए उसके पास दूसरा कोई ऑप्शन नहीं था।
EMI और क्रेडिट कार्ड का भारी-भरकम बोझ
घर के रेनोवेशन और शादी के अलावा युवक पर कार लोन भी है। इसपर अभी 3 लाख रुपये बचे हुए हैं। उसके माता-पिता फाईनेंशियली से उसी पर निर्भर हैं और राशन-पानी व अन्य घरेलू खर्चों के लिए उसी के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। हर महीने युवक को होम लोन में 35000, पर्सनल लोन ईएमआई 16000, कार लोन पर 15000, किराए और बिल पर 37000, क्रेडिट कार्ड के बिल पर 70 हजार, राशन के मद में 15 हजार, आउटिंग और मूवी पर करीब 6000 खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा 1500 रुपये SIP इन्वेंस्टमेंट में जाते हैं।
युवक के पास फिलहाल स्टॉक्स में 3 लाख रुपये और एफडी में 1 लाख रुपये जमा हैं। इसके अलावा उसके पास 50 सॉवरेन सोना है, जिसे वह बेचना या इस्तेमाल करना नहीं चाहता। युवक ने बताया है कि ‘हम पार्टियां नहीं करते, न ही मैं अक्सर बाहर खाता हूं। मैं अपने कैश फ्लो को सुधारने के लिए नौकरी बदलने की योजना बना रहा हूं, लेकिन इसमें अभी समय लग रहा है।’ अब वह किसी भी तरह अपने कर्जों को जल्द चुकता करने, क्रेडिट कार्ड के खर्चों पर लगाम लगाने और मासिक बचत बढ़ाने के तरीके तलाश रहा है।
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इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि, ‘यह पति-पत्नी दोनों की मिलाकर कमाई है। अगर पति अपनी पत्नी की कमाई का इस्तेमाल अपने माता-पिता द्वारा इस्तेमाल किए गए क्रेडिट कार्ड का बिल भरने के लिए करेगा, तो नई-नवेली पत्नी नाराज हो सकती है और लड़ाई शुरू हो सकती है। इसके अलावा युवक ने पत्नी के पक्ष के खर्चों का जिक्र नहीं किया है, यकीनन पत्नी भी अपने माता-पिता को कुछ पैसे भेज रही होगी या शादी के लिए लिए गए किसी लोन की भरपाई कर रही होगी।’
नौकरी की तलाश के दौरान बार-बार आने वाले रिजेक्शन ईमेल उम्मीदवारों का हौसला तोड़ सकते हैं। कई बार लोग ऐसे मेल पढ़कर निराश हो जाते हैं, लेकिन एक शख्स ने इसका बिल्कुल उल्टा तरीका अपनाया। कंपनी की ओर से मिले रिजेक्शन के बाद उसने निराश होने के बजाय ऐसा मजेदार जवाब भेज दिया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उसने कंपनी के फैसले को चुपचाप स्वीकार करने के बजाय मजाकिया अंदाज में उसी रिजेक्शन को वापस कंपनी की ओर मोड़ दिया। उसका जवाब सोशल मीडिया पर शेयर होते ही तेजी से वायरल होने लगा।
खास बात यह रही कि इस मजेदार अंदाज ने उन लोगों को भी खूब हंसाया, जो लंबे समय से नौकरी की तलाश में हैं और लगातार रिजेक्शन का सामना कर रहे हैं। पोस्ट पर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और कई यूजर्स ने इस अंदाज को आत्मविश्वास से भरा बताया। वहीं, कुछ लोगों ने इसे नौकरी के रिजेक्शन से निपटने का मजेदार तरीका माना।
‘आपने मुझे रिजेक्ट किया, लेकिन मैं इसे स्वीकार नहीं करता’
X पर @DeepStarts नाम के यूजर ने इस मजेदार जवाब का स्क्रीनशॉट शेयर किया। कैप्शन था, “Bro rejected the rejection email” यानी भाई ने रिजेक्शन वाले ईमेल को ही रिजेक्ट कर दिया। स्क्रीनशॉट में Keane नाम के शख्स का जवाब दिखता है। उसने कंपनी को धन्यवाद देते हुए लिखा कि उसने उम्मीदवार को रिजेक्ट करने में जो दिलचस्पी दिखाई, वह काबिले-तारीफ है। इसके बाद उसने कंपनी के फैसले की तारीफ करते हुए पूरा मामला ही उलट दिया।
रिजेक्शन स्वीकार करने से कर दिया इनकार
Keane ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि उसे इस साल कई रिजेक्शन ईमेल मिल चुके हैं। इसलिए काफी सोच-विचार के बाद उसने इस बार कंपनी के रिजेक्शन को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है। उसने कंपनी को उसे रिजेक्ट करने के लिए धन्यवाद भी दिया और आखिर में ऐसी लाइन लिख दी जिसने पूरे ईमेल को और मजेदार बना दिया। उसने कहा कि वह जल्द ही कंपनी की टीम में शामिल होने की उम्मीद करता है।
सोशल मीडिया पर लोगों को खूब पसंद आया अंदाज
इस पोस्ट ने उन लोगों का खास ध्यान खींचा, जो नौकरी के लिए लगातार आवेदन करने और बार-बार रिजेक्शन झेलने का अनुभव रखते हैं। पोस्ट को लाखों व्यूज और हजारों लाइक्स मिले। एक यूजर ने कहा कि अब जब भी उसे नौकरी के लिए रिजेक्शन मिलेगा, वह भी यही तरीका अपनाएगा। एक अन्य यूजर ने लिखा कि Keane ने भर्ती प्रक्रिया के पूरे खेल को ही पलट दिया।
Bro rejected the rejection mail pic.twitter.com/O4UH2fa43q
— Deep (@DeepStarts) August 21, 2026
किसी ने हंसी, किसी ने कहा- इसे सच में आजमाएंगे
कई लोगों को यह जवाब इतना मजेदार लगा कि वे अपनी हंसी नहीं रोक पाए। कुछ यूजर्स ने Keane के आत्मविश्वास की भी तारीफ की और कहा कि वह ‘ना’ सुनकर रुकने वालों में से नहीं है। हालांकि, कुछ लोगों के लिए यह सिर्फ मजाक नहीं था। एक यूजर ने साफ कहा कि लोग भले ही इस पर हंस रहे हों, लेकिन वह खुद भी इस तरीके को आजमाने के बारे में गंभीरता से सोच रहा है। यानी नौकरी का एक सामान्य रिजेक्शन ईमेल, Keane के जवाब की वजह से ऐसा वायरल हुआ कि लोगों को रिजेक्शन मिलने के बाद भी मुस्कुराने की एक वजह मिल गई।
छुट्टी पर जाते ही कर्मचारी ने भेजा मजेदार मेल, किसी ने तारीफ की तो किसी ने बताया दिखावा
Saba Pataudi: सबा पटौदी अपनी भाभी करीना कपूर खान के सपोर्ट में सामने आई हैं। करीना का एक वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह तीसरी बार मां बनने वाली हैं। सबा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इन अटकलों पर बात करते हुए कहा कि ‘कुछ बातें निजी होनी चाहिए’।
जिम सेशन के बाद करीना की एक तस्वीर शेयर करते हुए, सबा ने लोगों से कहा कि वे किसी की पर्सनल जिंदगी के बारे में अंदाजा न लगाएं। उन्होंने लिखा- “एक बुरा एंगल… या बालों का बुरा दिन! हर कोई इतनी बड़ी बात कैसे सोच सकता है!! वह एयरपोर्ट से बहुत स्टाइलिश और स्लिम लग रही थीं और आज जिम से भी वैसी ही लग रही हैं! बस यही बात है!!”
उन्होंने यह भी बताया कि वह अपनी बहन सोहा अली खान को दूसरा बच्चा करने के लिए मनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ। “मैं अपनी बहन को दूसरा बच्चा करने के लिए मना रही हूं… काश यह सच होता! यह बात कहने पर वह मेरी जान ले लेंगी!”
उन्होंने लोगों से दूसरों की ज़िंदगी में दखल न देने को कहा और लिखा, “खुद भी जियो और दूसरों को भी जीने दो। कुछ बातें पर्सनल ही रहनी चाहिए। कोई अंदाज़ा लगाने की ज़रूरत नहीं है। प्यार और सम्मान के साथ।” सबा का यह पोस्ट करीना के एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आया है, जिसमें लोग उनके लुक को देखकर अंदाज़ा लगा रहे थे कि क्या वह प्रेग्नेंट हैं।
वीडियो क्लिप में करीना जिम सेशन के बाद अपनी कार की ओर जाती हुई दिख रही हैं, जबकि उनकी टीम का एक सदस्य उनके सामने छाता पकड़े हुए है, जिससे पैपराज़ी का नज़ारा कुछ हद तक छिप जाता है। इस वीडियो के बाद ऑनलाइन चर्चा शुरू हो गई कि क्या वह प्रेग्नेंट हैं (बेबी बंप की चर्चा)। जानकारी के लिए बता दें कि करीना और सैफ अली खान, जिनकी शादी अक्टूबर 2012 में हुई थी, के दो बेटे हैं – तैमूर अली खान (जन्म 2016) और जहांगीर अली खान (जिन्हें ‘जेह’ के नाम से भी जाना जाता है, जन्म 2021)।
दिल्ली स्थित कंपनी Hiring Insider के संस्थापक और पूर्व टैलेंट एक्विजिशन लीडर हर्षित श्रीवास्तव की एक LinkedIn पोस्ट ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है। उन्होंने एक नए कर्मचारी से जुड़ा ऐसा किस्सा साझा किया, जिसने भर्ती प्रक्रिया और नौकरी की वास्तविकता के बीच के अंतर पर सवाल खड़े कर दिए। खास बात यह रही कि कर्मचारी ने कंपनी जॉइन करने के महज छह घंटे बाद ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया। इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों को नौकरी की पूरी और सच्ची तस्वीर दिखाई जाती है?
अक्सर कंपनियां किसी पद को आकर्षक तरीके से पेश करती हैं, लेकिन असली जिम्मेदारियां, काम का दबाव और टीम का माहौल जॉइन करने के बाद सामने आता है। हर्षित की पोस्ट ने इसी अंतर को बेहद दिलचस्प तरीके से उजागर किया, जिसके बाद LinkedIn पर लोगों के बीच पारदर्शिता और ईमानदार hiring को लेकर सवाल उठा दिए हैं।
पुराने कर्मचारी ने ही नए कर्मचारी को ट्रेनिंग दी
कहानी के मुताबिक, एक कर्मचारी पहले ही इस्तीफा दे चुका था। मैनेजर ने उससे कहा कि जाने से पहले वो अपनी जगह किसी नए व्यक्ति को हायर करे और उसे काम समझाकर जाए। उस कर्मचारी ने उम्मीदवार का इंटरव्यू लिया, उसे चुना और जॉइनिंग के पहले दिन उसे काम की पूरी जानकारी दी।
इंटरव्यू से अलग थी असलियत
नए कर्मचारी को सिर्फ सामान्य काम नहीं बताया गया। उसे कंपनी की पॉलिसी, टीम स्ट्रक्चर, स्टेकहोल्डर्स, काम का दबाव, डेडलाइन और एस्केलेशन कल्चर तक सब कुछ साफ-साफ समझाया गया। सबसे खास बात यह थी कि पुराने कर्मचारी ने कुछ छिपाया नहीं और न ही बातों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया। नतीजा? दिन खत्म होते-होते नए कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया।
मैनेजर ने पूछा “तुमने उसे क्या बताया?”
नए कर्मचारी के इस्तीफे से मैनेजर हैरान और नाराज था। उसने पुराने कर्मचारी से पूछा कि आखिर उसने नए व्यक्ति को ऐसा क्या बता दिया कि उसने कुछ ही घंटों में नौकरी छोड़ दी। जवाब मिला “वही सब, जो आपने मुझे उसे सिखाने के लिए कहा था।” यानी नए कर्मचारी को पहली बार नौकरी की असली तस्वीर दिखाई गई थी। कंपनी ने नौकरी बेची, कर्मचारी ने काम की सच्चाई दिखाई
श्रीवास्तव ने इस घटना को एक दिलचस्प लाइन में समझाया कंपनी ने उसे नौकरी का सपना दिखाया था, जबकि पुराने कर्मचारी ने उसे उस नौकरी की हकीकत दिखा दी। उनका कहना था कि कई बार नौकरी के विज्ञापन और इंटरव्यू में भूमिका जितनी आकर्षक दिखाई जाती है, असल में काम उससे काफी अलग होता है।
ईमानदारी से हो सकती है बेहतर भर्ती
इस कहानी के बाद LinkedIn पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि भर्ती के दौरान सैलरी और पद के साथ-साथ काम की असली चुनौतियां भी बतानी चाहिए। अगर कंपनी शुरुआत में ही काम का दबाव, जिम्मेदारियां, टीम कल्चर और वास्तविक उम्मीदें साफ कर दे, तो बाद में कर्मचारी के निराश होकर छोड़ने की संभावना कम हो सकती है।
अच्छी hiring सिर्फ कंपनी को पसंद आने वाला उम्मीदवार ढूंढना नहीं है। यह भी देखना है कि उम्मीदवार को कंपनी और नौकरी की सच्ची तस्वीर पहले से पता हो और फिर भी वह वहां काम करना चाहे।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।
Credit Card Bill Viral News: क्रेडिट कार्ड बिल का पेमेंट करते समय अगर आप एक रुपये से भी कम की चूक करते हैं, तो यह आपको कितना भारी पड़ सकता है? इसका एक ताजा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक शख्स ने अपने क्रेडिट कार्ड बिल में से महज 46 पैसे कम चुकाए, जिसके बदले बैंक ने उस पर ₹1200 से अधिक का जुर्माना और अन्य फीस लगा दी।
पीड़ित ग्राहक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए एचडीएफसी बैंक के कस्टमर केयर अधिकारियों को ‘अज्ञानी और घमंडी’ तक कह दिया। यह पोस्ट देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गई और लोग बैंक के इस रवैये पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देने लगे।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित ग्राहक को बैंक की तरफ से ₹10,649.46 का क्रेडिट कार्ड बिल मिला था। भुगतान करते समय गलती से ग्राहक ने दशमलव के बाद के पैसे छोड़ दिए और सिर्फ ₹10,649 का ही पेमेंट किया। यानी कुल बिल में से महज 46 पैसे बकाया रह गए। इस 46 पैसे के मामूली शॉर्टफॉल की वजह से बैंक ने ग्राहक पर ₹1200 से ज्यादा का लेट पेमेंट चार्ज और पेनल्टी ठोक दी।
इस पर ग्राहक ने X पर HDFC Bank को टैग करते हुए लिखा, ‘प्रिय HDFC बैंक, आपने मुझे ₹10,649.46 का क्रेडिट कार्ड बिल भेजा था। गलती से मैंने ₹10,649.00 का भुगतान किया, 46 पैसे छूट गए और आपने 46 पैसे की इस चूक के लिए मुझ पर ₹1200 से ज्यादा का लेट पेमेंट चार्ज लगा दिया? क्या आप इसे जल्द से जल्द रिवर्स करेंगे?
Dear HDFC Bank. @HDFC_Bank
You sent me a credit card bill for INR 10,649 – 46 (paise)
By error – I paid INR 10,649/-00 (missing out 46 paise)
And you have slapped me with over INR 1200/- late payment charges etc for miss of 46 PAISE??
And your customer service people are as…
— Dr Samir Kagalkar (@SamirKagalkar) August 18, 2026
यूजर बैंक के कस्टमर सपोर्ट पर भी भड़ास निकाली और लिखा कि वहां के प्रतिनिधि जितने अज्ञानी हैं, उतने ही घमंडी भी हैं।
सोशल मीडिया पर भड़के लोग, मिली तरह-तरह की सलाह
यह पोस्ट सामने आते ही यूजर्स बैंक के इस एक्शन की आलोचना करने लगे और अपने पुराने अनुभव शेयर करने लगे। एक यूजर ने लिखा, ‘क्रेडिट कार्ड कैंसल करो, उसके 4 टुकड़े करके कचरे के डिब्बे में फेंक दो। उन्हें कोर्ट में साबित करने दो कि 0.46 रुपये का ब्याज ₹1200 कैसे बन गया।’
एक अन्य यूजर ने सुझाव दिया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, ₹10,649.46 जैसे आंकड़े को राउंड ऑफ करके ₹10,649 किया जाना चाहिए, क्योंकि 50 पैसे से कम की किसी भी भिन्न को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
कुछ यूजर्स ने HDFC बैंक के साथ अपने बुरे अनुभवों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भी बैंक के खराब व्यवहार के कारण अपने अकाउंट्स और एफडी बंद करवा दिए थे।
हालांकि, एक वर्ग ऐसा भी था जिसने ग्राहक को ही जिम्मेदार ठहराया। एक यूजर ने लिखा, ‘यह आपकी गलती है, भाई। इसे बैंक पर मत डालो। यह उन लोगों के लिए एक बहुत अच्छा सबक है जो हर चीज को हल्के में लेते हैं।’
क्रेडिट कार्ड पेनल्टी और भारी-भरकम चार्ज से कैसे बचें?
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए इन बातों का खास ध्यान रखें:
Auto-Debit ऑन रखें: अपने बैंक अकाउंट से क्रेडिट कार्ड बिल का ‘Total Amount Due’ ऑटो-डेबिट मोड पर सेट करें, ताकि दशमलव के पैसे भी अपने आप सही समय पर कट जाएं।
राउंड ऑफ न करें: जब भी खुद से मैनुअल पेमेंट करें, बिल में लिखी दशमलव वाली सटीक रकम ही ट्रांसफर करें, खुद से कोई आंकड़ा न घटाएं।
गलती होने पर तुरंत नोडल अधिकारी से संपर्क करें: अगर गलती से ऐसा लेट चार्ज लग भी जाए, तो कस्टमर केयर के अलावा बैंक के Grievance Redressal Officer / Nodal Officer को ईमेल करें और चार्जेस रिवर्स करने की रिक्वेस्ट करें।
RBI Ombudsman में शिकायत करें: अगर बैंक आपकी जायज बात नहीं सुनता है और पैसे वापस नहीं करता है, तो आप आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
डिजिटल दौर में ऑटोमेटेड बैंकिंग सिस्टम बिल का पूरा भुगतान न होने पर अपने आप लेट फीस और पेनल्टी जनरेट कर देते हैं, फिर चाहे बकाया राशि 1 रुपये से भी कम क्यों न हो। ऐसे में समझदारी इसी में है कि बिल की पाई-पाई का भुगतान करें ताकि बैंकों के इन कड़े पेनल्टी रूल्स से बचा जा सके।
Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया (X) पर वायरल यूजर पोस्ट पर आधारित है। यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। मनीकंट्रोल इसकी पुष्टि नहीं करता है।
Viral Story: इस कंसल्टेंट ने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में उन्होंने करीब ₹6.5 करोड़ की बचत की है। इस शानदार बचत को जोड़कर उनकी कुल संपत्ति अब लगभग ₹7.5 करोड़ हो गई है।
बिजनेसमैन अंकुर वारिकू की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भारत में टैलेंट और सफलता को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। उन्होंने इंदौर के एक डिजाइनर नमन की कहानी साझा की, जो दो बार JEE में सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बिना किसी प्रतिष्ठित कॉलेज की डिग्री के अपने दम पर प्रोडक्ट डिजाइन सीखना शुरू किया। YouTube से सीखते हुए नमन ने धीरे-धीरे अपने कौशल को निखारा और फ्रीलांसिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज उनकी कमाई करीब 2 लाख रुपये प्रति माह बताई गई है।
नमन की कहानी साझा करते हुए वारिकू ने कहा कि भारत में टैलेंट की कमी नहीं है, बल्कि लोगों को पहचानने का नजरिया सीमित है। उनका मानना है कि किसी व्यक्ति की काबिलियत केवल कॉलेज, डिग्री या नौकरी के नाम से तय नहीं होनी चाहिए। उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि सफलता के लिए डिग्री जरूरी है या असली हुनर।
‘भारत में टैलेंट की नहीं, लेबल की समस्या है’
अंकुर वारिकू ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “India does not have a talent problem. It has a label problem.” उनका कहना है कि भारत में लोगों की काबिलियत को अक्सर उनके कॉलेज, डिग्री और नौकरी के नाम से आंका जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार बेहतरीन टैलेंट सिर्फ इसलिए सामने नहीं आ पाता, क्योंकि उसके पास किसी बड़े कॉलेज की डिग्री या मशहूर कंपनी का अनुभव नहीं होता।
JEE में दो बार फेल, फिर YouTube से सीखा डिजाइन
वारिकू ने इंदौर के डिजाइनर नमन का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, नमन दो बार JEE में सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने रात में YouTube की मदद से खुद प्रोडक्ट डिजाइन सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने अपना पोर्टफोलियो तैयार किया और फ्रीलांस काम शुरू किया। वारिकू के अनुसार, आज नमन हर महीने करीब 2 लाख रुपये कमाते हैं।
‘डिग्री यह नहीं बता सकती कि आप कितनी दूर जाएंगे’
वारिकू ने अपनी पोस्ट में कहा कि किसी व्यक्ति की डिग्री या पुराने अनुभव से यह तय नहीं किया जा सकता कि वह भविष्य में कितना सफल होगा। उनके मुताबिक, क्रेडेंशियल्स बताते हैं कि कोई व्यक्ति अब तक कहां पहुंचा है, लेकिन यह नहीं बताते कि वह आगे कितनी दूर जा सकता है।
सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय
वारिकू की पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी मिली-जुली रहीं। कुछ यूजर्स ने नमन की सफलता को प्रेरणादायक बताया, लेकिन कुछ लोगों का कहना था कि ऐसी कहानियां अपवाद हो सकती हैं। एक यूजर ने कहा कि कई IIT ग्रेजुएट भी कम उम्र में 2 लाख रुपये महीने नहीं कमा पाते। वहीं, दूसरे यूजर ने IIT से तुलना पर सवाल उठाते हुए कहा कि JEE जैसी कठिन परीक्षा पास करना भी किसी व्यक्ति की समस्या सुलझाने की क्षमता दिखाता है।
Viral Video: मुरथल में इंसान नहीं रोबोट परोस रहे पराठे, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मुरथल अपने पराठों और ढाबों के लिए जाना जाता है। वहीं हाल ही में मुरथल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। लेकिन इस बार अपने पराठों की वजह से नहीं बल्कि रोबोट वेटर की वजह से। मुरथल के रेशम ढाबा में रोबोट वेटर ग्राहकों की टेबल तक खाना पहुंचा रहा है। रोबोट को खाना सर्व करते देखकर लोग काफी एक्साईटेड हैं और उसका वीडियो भी बना रहे हैं। इस नई पहल ने पारंपरिक ढाबे के माहौल में आधुनिक तकनीक का नया रंग जोड़ दिया है।
कैसे करता है सर्व
रेस्टोरेंट में रोबोट वेटर लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जैसे ही रोबोट खाना लेकर टेबल तक पहुंचता है, कस्टमर उसका वीडियो बनाने लगते हैं और सेल्फी भी लेते हैं। बच्चों को ये रोबोट खास तौर पर पसंद आ रहा है। अब यहां लोगों को स्वादिष्ट खाना खाने के साथ रोबोट को देखना भी एक नया और मजेदार अनुभव मिल रहा है। रेस्टोरेंट में रोबोट के जरिए खाना पहुंचाने की प्रक्रिया भी काफी सरल है। ऑर्डर तैयार होने के बाद कर्मचारी खाने की ट्रे रोबोट पर रख देते हैं।
इसके बाद रोबोट अपने सिस्टम की मदद से सही रास्ते से ग्राहक की टेबल तक पहुंच जाता है। इसे सॉफ्टवेयर के साथ रिमोट से भी कन्ट्रोल किया जा सकता है, इसलिए जरूरत पड़ने पर रेस्टोरेंट का स्टाफ तुरंत इसकी मदद कर सकता है।
एक बार चार्ज पर दो घंटे चलता है रोबोट
रेस्टोरेंट में इस्तेमाल हो रहा यह रोबोट देखने में काफी आधुनिक है। इसका शरीर फाइबर से तैयार किया गया है और इसमें एलईडी लाइट्स लगी हैं, जो इसे अलग लुक देती हैं। इसकी आंखों में लगी लाल रोशनी लोगों का ध्यान खास तौर पर खींचती है। रेस्टोरेंट के अनुसार, एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद रोबोट करीब दो घंटे तक काम कर सकता है। खास बात यह है कि ग्राहकों से रोबोट के जरिए खाना पहुंचाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।
Murthal, Haryana: Resham Dhaba has introduced a robot waiter to serve food to customers. The new technology has attracted attention, with customers taking videos and selfies of the robot serving at their tables pic.twitter.com/RKJmHtp56a
— IANS (@ians_india) August 17, 2026
मैनेजर ने क्या कहा
रेशम ढाबा के मैनेजर संजय के मुताबिक, रेस्टोरेंट ग्राहकों को खाने के साथ कुछ नया और मनोरंजक अनुभव देना चाहता था। उन्होंने IANS से कहा, “यह एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जिसमें रोबोट और ट्रेन दोनों शामिल हैं और मुरथल में यह अपने आप में नया है। यहां सभी ढाबे अच्छा खाना परोसने की कोशिश करते हैं, इसलिए हमने सोचा कि ग्राहकों के लिए कुछ अलग किया जाए। इसी सोच के साथ हमने खाने के साथ मनोरंजन जोड़ने के लिए रोबोट और ट्रेन का कॉन्सेप्ट शुरू किया।” सोशल मीडिया पर ये काफी वायरल हो रहा है।
इंजीनियरिंग की डिग्री या बड़े कॉलेज से पढ़ाई किए बिना भी अच्छी नौकरी और सैलरी हासिल की जा सकती है। सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में यूजर ने अपनी नौकरी और कमाई से जुड़ी कहानी शेयर की है। यूजर ने बताया कि उसने करीब नौ साल के करियर में अपनी सालाना कमाई ₹1.84 लाख से बढ़ाकर ₹75 लाख कर ली। अपनी कहानी से यूजर ने बताया कि सही स्किल और लगातार मेहनत के दम पर बिना बड़े कॉलेज बैकग्राउंड के भी करियर में अच्छी ग्रोथ हासिल की जा सकती है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।
Reddit के r/IndianWorkplace सबरेडिट पर इस प्रोफेशनल ने अपनी करियर जर्नी शेयर किया है। रेडिट पर शेयर किए गए इस पोस्ट को X पर एक यूजर ने शेयर किया है। यूजर ने कहा कि, उसने यह कहानी उन लोगों का हौसला बढ़ाने के लिए शेयर की है, जो नौकरी जाने या B.Tech डिग्री न होने से परेशान हैं। उसके मुताबिक, मेहनत और बेहतर स्किल्स से करियर में सफलता हासिल की जा सकती है।
₹1.84 लाख सालाना से शुरू किया करियर
पोस्ट के अनुसार, इस प्रोफेशनल ने एक Tier-3 कॉलेज से कंप्यूटर एप्लीकेशन के साथ मैथ में B.Sc. की पढ़ाई की। इसके बाद उसे WITCH कंपनी में कैंपस प्लेसमेंट के जरिए पहली नौकरी मिली। उसने अपने करियर की शुरुआत महज ₹1.84 लाख सालाना सैलरी से की थी, जो टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करने वाले कई लोगों को काफी कम लग सकती है। करियर के शुरुआती चार सालों में उसकी सैलरी में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई।
From 1.84LPA to 75LPA in 9 years.
No BTech. Passed out from a Tier-3 college.
This is how he achieved it: pic.twitter.com/pJjQQGcfaA
— Swapna Kumar Panda (@swapnakpanda) August 16, 2026
कोविड के बाद बढ़ी सैलरी
कोविड-19 के दौर तक उसकी सालाना कमाई करीब ₹4.5 लाख पहुंची थी। इसके बाद नौकरी के बाजार में आए बदलाव के बीच उसे एक बड़ी कंपनी में काम करने का मौका मिला, जहां उसका सालाना पैकेज ₹8 लाख हो गया। इस तरह उसकी सैलरी में एक साथ करीब 78 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और उसके करियर को आगे बढ़ने का नया रास्ता मिला। इसके करीब एक साल बाद उसकी कमाई में एक और बड़ा बदलाव आया। मौजूदा नौकरी से संतुष्ट न होने के कारण उसने दूसरी कंपनियों में अवसर तलाशने शुरू किए।
कुछ ही सालों में सालाना सैलरी ₹42.2 लाख हो गई
इस दौरान उसे कई नौकरी के ऑफर मिले और बेहतर विकल्प मिलने के बाद उसने ₹17.4 लाख सालाना पैकेज पर नई नौकरी तय की। यह उसकी पिछली ₹8 लाख सालाना सैलरी से दोगुने से भी ज्यादा थी। अगले तीन सालों में उसने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम जारी रखा और कई चुनौतियों के बावजूद अपनी कमाई बढ़ाता रहा। समय-समय पर मिलने वाली सैलरी बढ़ोतरी के चलते उसका सालाना पैकेज करीब ₹30 लाख तक पहुंच गया। इसके बाद उसने बेहतर कमाई और काम का अच्छा माहौल पाने के लिए एक स्टार्टअप का रुख किया। यह फैसला उसके लिए फायदेमंद रहा और उसकी सालाना सैलरी बढ़कर ₹42.2 लाख हो गई।
नौकरी से निकाला भी गया
करियर में सबसे बड़ा बदलाव उस समय आया, जब स्टार्टअप में काम करने के करीब एक साल बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। हालांकि, उसने इसे अपने करियर का अंत मानने के बजाय इस समय का इस्तेमाल आगे की नौकरी की तैयारी में किया। इसके बाद उसे एक दूसरे स्टार्टअप में काम करने का मौका मिला, जहां उसका सालाना पैकेज बढ़कर ₹75 लाख हो गया। यह उसकी पिछली ₹42.2 लाख की सैलरी से करीब 77 फीसदी ज्यादा थी। यूजर के मुताबिक, करियर में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि स्किल्स, लगातार सीखना और सही फैसले ज्यादा जरूरी हैं। समस्या हल करने की क्षमता भी सफलता में अहम भूमिका निभाती है।
सैलरी को लेकर करे नेगोशिएशन
Reddit यूजर ने अपनी कहानी में बताया कि नौकरी बदलते समय सैलरी पर बातचीत करना कितना जरूरी है। उन्होंने पहला ऑफर तुरंत स्वीकार करने के बजाय बेहतर पैकेज के लिए बातचीत की, जिससे उनकी सालाना सैलरी ₹8 लाख से बढ़कर ₹17.4 लाख हो गई। उन्होंने ये भी बताया कि नौकरी जाना हमेशा करियर के लिए नुकसान नहीं होता। उनके मामले में ₹42 लाख सालाना पैकेज वाली नौकरी छूटने के बाद उन्हें ऐसा मौका मिला, जहां उनकी कमाई बढ़कर ₹75 लाख सालाना हो गई।

