घर बनेगा थिएटर! ₹34,999 में आया Lumio Arc 7, 120 इंच स्क्रीन और Google TV का मजा

अगर आप घर पर ही बड़ी स्क्रीन पर फिल्में और वेब सीरीज देखने का मजा लेना चाहते हैं, तो Lumio Arc 7 (2026) आपके लिए दिलचस्प विकल्प हो सकता है। कंपनी ने भारत में अपना नया Google TV प्रोजेक्टर लॉन्च किया है, जिसमें पहले के मुकाबले ज्यादा ब्राइटनेस, ज्यादा स्टोरेज और बड़ी स्क्रीन पर प्रोजेक्शन की सुविधा दी गई है।

Lumio Arc 7 (2026) की कीमत

Lumio ने भारत में Arc 7 (2026) को ₹34,999 की कीमत पर लॉन्च किया है। यह प्रोजेक्टर 8 अक्टूबर से बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। ग्राहक इसे कंपनी के ऑनलाइन स्टोर के अलावा Amazon India और Flipkart से भी खरीद सकेंगे।

इस प्रोजेक्टर के साथ एक साल की कॉम्प्रिहेंसिव वारंटी मिलती है और इसे Lumio के देश भर में फैले 300 से ज्यादा सेंटर्स वाले सर्विस नेटवर्क का सपोर्ट भी मिलता है।

 

Lumio Arc 7 (2026) के फीचर्स

Lumio Arc 7 (2026) में कंपनी का Arc Light Engine 2 दिया गया है। इसे सील्ड डिजाइन के साथ बनाया गया है, जिससे प्रोजेक्टर के अंदर मौजूद जरूरी हिस्सों को धूल से बचाने में मदद मिलती है। कंपनी के मुताबिक, नया मॉडल 500 ANSI ल्यूमेंस की ब्राइटनेस देता है, जो पिछले मॉडल की तुलना में 25% ज्यादा है।

प्रोजेक्टर के कॉन्ट्रास्ट रेशियो को भी 15% बढ़ाकर 1700:1 कर दिया गया है। वहीं, DCI-P3 कलर कवरेज में 10% सुधार किया गया है। कंपनी का कहना है कि इन अपग्रेड का मकसद स्क्रीन पर ज्यादा ब्राइट तस्वीर, बेहतर कलर और अच्छा कॉन्ट्रास्ट देना है।

120 इंच तक बड़ी स्क्रीन

नया Arc 7 (2026) 120 इंच तक की स्क्रीन पर तस्वीर प्रोजेक्ट कर सकता है। पिछले मॉडल में 100 इंच तक की स्क्रीन के लिए इसे इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी। यानी नए मॉडल के साथ बड़ी स्क्रीन पर फिल्में और दूसरे वीडियो देखने का अनुभव लिया जा सकता है।

प्रोजेक्टर में STR8 ऑटो-कीस्टोन करेक्शन, TOF ऑटोफोकस और ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस जैसे फीचर्स भी मिलते हैं। ये फीचर्स स्क्रीन को सही तरीके से सेट करने और प्रोजेक्शन के दौरान सामने आने वाली रुकावटों से बचने में मदद करते हैं।

ऑडियो के लिए, प्रोजेक्टर में डॉल्बी ऑडियो सपोर्ट वाले डुअल 8W स्टीरियो स्पीकर दिए गए हैं। इसके साथ मिलने वाले ‘मिनियन नॉयर’ रिमोट में गूगल असिस्टेंट का सपोर्ट भी है।

सॉफ्टवेयर और स्टोरेज

नए Lumio प्रोजेक्टर में 32GB की इंटरनल स्टोरेज है, जो पिछले Arc 7 की क्षमता से दोगुनी है। यह Android 14 पर आधारित Google TV पर चलता है और Google TV व Netflix सर्टिफाइड है।

Lumio का कहना है कि प्रोजेक्टर में Google TV पर लेटेस्ट Gemini एक्सपीरियंस भी पहले से ही मिलता है, जिससे यूजर्स को स्ट्रीमिंग और दूसरे स्मार्ट TV फंक्शंस के साथ-साथ Google के AI-पावर्ड फीचर्स का भी एक्सेस मिलता है। Arc 7 (2026) भारत में बना है और इसे धूल, तापमान में बदलाव और पावर में उतार-चढ़ाव जैसी स्थितियों के लिए टेस्ट किया गया है। यह भारत में ₹34,999 में उपलब्ध है।

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Skoda Slavia Facelift की कीमतों का ऐलान, ₹9.99 लाख से शुरू; 8-स्पीड AT और नए फीचर्स ने खींचा ध्यान

Skoda Slavia Facelift: Skoda ने इस साल अगस्त में नई Slavia को पेश करने के बाद अब आखिरकार इसकी कीमतों का ऐलान कर दिया है। नई Slavia को कंपनी ने 6 वेरिएंट- Classic, Classic+, Signature, Sportline, Prestige और Monte Carlo में लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹9.99 लाख है, जबकि टॉप मॉडल की कीमत ₹18.84 लाख (दोनों एक्स-शोरूम) तक जाती है। नई Slavia में सिर्फ डिजाइन में बदलाव ही नहीं किए गए हैं, बल्कि इसमें कई नए फीचर्स भी जोड़े गए हैं। सबसे बड़ा अपडेट छोटे 1.0 TSI इंजन के साथ मिलने वाला नया 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स है। कंपनी अगले हफ्ते से ग्राहकों को नई Slavia की डिलीवरी शुरू करेगी।

नई Slavia में MQB-A0-IN प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल जारी रखा गया है और इसमें पहले वाले इंजन विकल्प भी मिलते रहेंगे। आइए जानते हैं 2026 Skoda Slavia Facelift की कीमत और इसमें किए गए सभी बड़े बदलावों के बारे में।

Skoda Slavia Facelift की कीमतें

भारत में नई Skoda Slavia Facelift की कीमत Classic 1.0 TSI MT वेरिएंट के लिए ₹9.99 लाख से शुरू होती है। वहीं, टॉप मॉडल Monte Carlo 1.5 TSI DSG की कीमत ₹18.84 लाख तक जाती है। Classic+ वेरिएंट की शुरुआती कीमत ₹10.99 लाख है। इसके अलावा Signature की कीमत ₹13.94 लाख, Sportline की ₹14.34 लाख और Prestige की ₹15.89 लाख से शुरू होती है। ये सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं।

वेरिएंट1.0 TSI MT1.0 TSI AT1.5 TSI DSG
Classic₹9.99 लाख——
Classic+₹10.99 लाख₹12.49 लाख—
Signature₹13.94 लाख₹14.94 लाख—
Sportline₹14.34 लाख₹15.34 लाख—
Prestige₹15.89 लाख₹16.89 लाख₹18.59 लाख
Monte Carlo—₹17.29 लाख₹18.84 लाख

Skoda Slavia Facelift का इंजन

नई Slavia में मौजूदा 1.0-लीटर और 1.5-लीटर TSI टर्बो-पेट्रोल इंजन ही दिए जाएंगे। हालांकि, छोटे 1.0 TSI इंजन के ट्रांसमिशन में बड़ा अपग्रेड किया गया है। अब इसे नए आठ-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा जा सकता है। इसमें छह-स्पीड मैनुअल का ऑप्शन भी मिलता है।

Skoda का दावा है कि यह इस सेगमेंट में मिलने वाला पहला आठ-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक है। वहीं, बड़ा 1.5 TSI इंजन सात-स्पीड DSG ऑटोमैटिक के साथ आता रहेगा। यह Prestige और Monte Carlo में भी मिलता है, जबकि 1.0 TSI इंजन रेंज के कई और वर्जन्स में उपलब्ध है।

Skoda Slavia Facelift का एक्सटीरियर और इंटीरियर

अपने अपडेटेड अवतार में, स्लाविया में नए डिजाइन वाला लाइटिंग सेटअप दिया गया है। उदाहरण के लिए, LED हेडलैम्प्स और टेललैम्प्स, साथ ही पीछे की तरफ सीक्वेंशियल टर्न इंडिकेटर्स, सभी नए हैं। सेडान में ग्रिल का नया डिजाइन, अपडेटेड फ्रंट और रियर एलिमेंट्स और नए अलॉय व्हील डिजाइन भी शामिल हैं।

इसके इंटीरियर में नई थीम और ऊंचे वेरिएंट्स में ज्यादा फीचर्स दिए गए हैं। टॉप वर्जन में 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर है, जबकि इंफोटेनमेंट सिस्टम में 10.1-इंच की टचस्क्रीन दी गई है। इस सेगमेंट में पहली बार, सेडान में रियर-सीट मसाज फंक्शन भी मिलता है, जो Prestige और Monte Carlo वेरिएंट्स में उपलब्ध है। अन्य सुविधाओं में 360-डिग्री कैमरा और फ्रंट व रियर पार्किंग सेंसर के साथ पार्क पायलट शामिल हैं।

Skoda Slavia Facelift के सेफ्टी फीचर्स और अन्य खूबियां

नई Skoda Slavia Facelift में Google Cloud टेक्नोलॉजी पर आधारित AI वॉयस असिस्टेंट दिया गया है। इसकी मदद से ड्राइवर वॉयस कमांड के जरिए म्यूजिक, कॉल और क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स को कंट्रोल कर सकता है। कार में Wireless Android Auto और Apple CarPlay का सपोर्ट भी मिलता है।

सेफ्टी की बात करें तो नई Slavia में स्टैंडर्ड तौर पर 25 से ज्यादा एक्टिव और पैसिव सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा कार में 6 एयरबैग भी मिलते हैं।

कंपनी नई Slavia के साथ Skoda Super Care पैकेज भी दे रही है। इसमें 4 साल या 1 लाख किलोमीटर की वारंटी, 4 साल की रोडसाइड असिस्टेंस और 4 फ्री लेबर सर्विस शामिल हैं।

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चीन के लिए जासूसी के शक में अमेरिकी महिला गिरफ्तार:छिपकर ताइवान राष्ट्रपति के परिवार का वीडियो बनाया, चीनी अधिकारी ने काम दिया था

अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट से एक महिला को रविवार को गिरफ्तार किया। उस पर चीन सरकार के लिए काम करने का आरोप है। FBI के अनुसार महिला ने छिपकर ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के परिवार का वाडियो बनाया। उसे ये काम एक चीनी अधिकारी ने दिया था। महिला की गिरफ्तारी उस समय हुई, जब वह लॉस एंजिल्स से शंघाई जाने वाली फ्लाइट में सवार होने वाली थी। कैलिफोर्निया में रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर काम करती थी गिरफ्तार महिला की पहचान वैनयिंग हीदर झांग (34) के रूप में हुई है। वह कैलिफोर्निया के इरविन में रियल एस्टेट एजेंट है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, झांग ने सितंबर 2025 में एक साथी के साथ सिएटल जाकर ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के बेटे टिंग-यू लाई के घर की निगरानी की और वहां की तस्वीरें और वीडियो बनाए। चीनी अधिकारी को वीचैट पर मैसेज भेजकर जानकारी दी FBI की ओर से 3 अक्टूबर को दाखिल की गई शिकायत के मुताबिक, झांग और एक अन्य व्यक्ति 1 सितंबर 2025 को लास वेगास से सिएटल पहुंचे थे। उन्होंने वहां एक काली निसान रोग गाड़ी किराए पर ली और राष्ट्रपति के बेटे के घर के पास पहुंचे। पड़ोसी के सुरक्षा कैमरे की तस्वीरों में दोनों को वीडियो बनाते देखा गया। FBI के मुताबिक, झांग ने चीन के एक कथित सरकारी अधिकारी को वीचैट पर मैसेज भेजकर बताया था कि उसने टिंग-यू को देख लिया है। झांग के आईक्लाउड अकाउंट की तलाशी के लिए मिले वारंट के जरिए FBI ने ये मैसेज हासिल किए। उसने यह भी लिखा कि वह वीडियो रिकॉर्ड कर रही है और दो गाड़ियों के नंबर भेजे। FBI एजेंट केविन होल्ट ने शिकायत में लिखा कि झांग कम से कम दो ऐसे लोगों के संपर्क में थी, जो चीन सरकार के लिए काम करते हैं। जून में चीनी अधिकारी से मिलने चांगशा गई थी महिला FBI की शिकायत के अनुसार, झांग को जून 2025 में उसकी पुरानी यूनिवर्सिटी के एक क्लासमेट ने चीन के एक सरकारी अधिकारी से मिलवाया था। झांग ने जून में चीन के चांगशा शहर में एक निजी कमरा बुक किया था, जहां उसकी कथित तौर पर उस अधिकारी से मुलाकात हुई। शिकायत के मुताबिक, अधिकारी ने उसे निगरानी से जुड़ा काम दिया था। इसके बाद झांग ने मैसेज में कहा था कि वह यह काम संभाल लेगी। FBI ने बताया- राष्ट्रपति पर दबाव बनाने में इस्तेमाल हो सकती थीं तस्वीरें FBI एजेंट होल्ट ने शिकायत में कहा कि अगर चीन किसी संभावित संघर्ष के दौरान ताइवान के राष्ट्रपति पर दबाव बनाना चाहता है, तो उनके करीबी रिश्तेदारों की लोकेशन, घर और गाड़ियों की तस्वीरें उसके लिए उपयोगी हो सकती हैं। झांग के पति एड्रिक डिंग, जो उसी रियल एस्टेट कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्हें अभी मामले के बारे में जानकारी नहीं है। ताइवान के राष्ट्रपति के बेटे डच कंपनी फिलिप्स में काम करते हैं टिंग-यू लाई इंजीनियर हैं और अमेरिका में पढ़ाई कर चुके हैं। उन्होंने 2012 में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी से बायोइंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री और यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन से पीएचडी की। टिंग-यू अब नीदरलैंड की बहुराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी फिलिप्स में काम करते हैं। ताइवान की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी पत्नी भी ताइवानी हैं। दोनों की शादी 2018 में हुई थी और उनका बच्चा 2020 में अमेरिका में पैदा हुआ। अमेरिका में पहले भी चीन से जुड़े जासूसी के मामले सामने आ चुके हैं 2024: शुजुन वांग नाम के 75 वर्षीय व्यक्ति को चीन के लिए जासूसी करने का दोषी पाया गया था। उस पर न्यूयॉर्क में चीन समर्थक जानकारी जुटाकर 17 साल तक बीजिंग भेजने का आरोप था। 2023: न्यूयॉर्क में चल रहे एक कथित चीनी “पुलिस स्टेशन” से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि इसका इस्तेमाल चीन के आलोचकों पर नजर रखने के लिए किया जाता था। 2026: कैलिफोर्निया की पूर्व मेयर ईलीन वांग पर चीन के लिए एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगा। अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने चीन समर्थक प्रचार के बदले पैसे लिए थे। ताइवान को लेकर अमेरिका-चीन में तनाव क्यों है? ताइवान खुद को अलग और लोकतांत्रिक सरकार वाला क्षेत्र मानता है, जबकि चीन उसे अपना हिस्सा बताता है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग से भी उसे अपने नियंत्रण में लेने की बात कह चुका है। इसी वजह से ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। ताइवान सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि तकनीक के लिहाज से भी बेहद अहम है। दुनिया के सबसे उन्नत कंप्यूटर और AI चिप्स का बड़ा हिस्सा ताइवान में बनता है। दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी TSMC भी यहीं की है। कई अमेरिकी टेक कंपनियां ताइवान में बने चिप्स पर निर्भर हैं। ————————- यह खबर भी पढ़ें… सर्वे- ट्रम्प के कामकाज से 70% अमेरिकी संतुष्ट नहीं: मिडटर्म में हार का खतरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी में बगावत के संकेत दिखने लगे हैं। ट्रम्प की लोकप्रियता घट रही है। पूरी खबर पढ़ें…

Jio IPO: इसी महीने आ सकता है जियो का आईपीओ, विदेशी निवेशकों से मिला मजबूत रिस्पॉन्स

Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल होल्डिंग कंपनी Jio Platforms अपने बहुप्रतीक्षित IPO की तैयारी कर रही है। कंपनी की अंदरूनी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों से भी कंपनी को काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।

IPO 21 से 23 अक्टूबर के बीच खुल सकता है। एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलने की उम्मीद है। वहीं, शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को हो सकती है। हालांकि, बाजार की स्थिति को देखते हुए तारीखों में बदलाव भी हो सकता है।

IPO लॉन्च के काफी करीब Jio

मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, Jio IPO लॉन्च करने के काफी करीब है। हालांकि, बाजार की स्थिति और दुनियाभर में होने वाले घटनाक्रम पर भी नजर रखी जा रही है। सूत्र ने बताया कि SEBI से जुड़ी रेग्युलेटरी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जरूरी मंजूरियां भी मिल गई हैं।

Jio ने विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs के साथ इन्वेस्टर मीटिंग की है। इन बैठकों में निवेशकों का रिस्पॉन्स काफी अच्छा रहा। घरेलू निवेशकों की दिलचस्पी भी उम्मीद से ज्यादा बताई जा रही है।

बाजार की स्थिति पर रोज नजर

हाल में शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे में Jio की टीम बाजार की स्थिति पर रोज नजर रख रही है।

एक अन्य सूत्र ने कहा कि बाजार अभी कुछ अस्थिर है। इसके बावजूद निवेशकों ने संकेत दिया है कि इससे IPO में उनकी दिलचस्पी पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। यानी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद IPO में भाग लेने की उनकी इच्छा बनी हुई है।

SEBI से मिल चुकी है मंजूरी

Jio Platforms ने जून में SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी DRHP दाखिल किया था। इसके बाद SEBI ने 28 अगस्त को अपने फाइनल ऑब्जर्वेशन जारी किए।

इसके साथ ही IPO के लिए जरूरी रेग्युलेटरी प्रक्रिया काफी हद तक पूरी हो गई। अब कंपनी लॉन्च की तैयारी में है।

IPO से कर्ज चुकाएगी कंपनी

Jio Platforms का IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। यानी इसमें नए शेयर जारी किए जाएंगे। IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा Reliance Jio Infocomm के कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल होगा।

कंपनी करीब ₹27,500 करोड़ के बकाया कर्ज को पूरी तरह या कुछ हिस्से में चुकाने या पहले से भुगतान करने की योजना बना रही है। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

IPO की कीमत और वैल्यूएशन अभी तय नहीं

Jio IPO का फाइनल प्राइस और कंपनी का वैल्यूएशन अभी तय नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, निवेशकों की प्रतिक्रिया और बाजार की स्थिति को देखकर अगले हफ्ते प्राइसिंग पर फैसला हो सकता है।

सूत्र ने बताया कि कंपनी का मकसद यह है कि IPO में आने वाले शेयरधारकों के लिए शुरुआत से ही वैल्यू बने। साथ ही, लंबे समय में भी उन्हें कंपनी की ग्रोथ का फायदा मिले।

रिटेल और HNI के लिए 50% हिस्सा

प्रस्तावित इश्यू स्ट्रक्चर के मुताबिक, IPO का 50% हिस्सा रिटेल और HNI निवेशकों के लिए रखा जाएगा। बाकी 50% हिस्सा संस्थागत निवेशकों के लिए होगा।

रिटेल और HNI वाले हिस्से में 35% हिस्सा उन रिटेल निवेशकों के लिए होगा, जो ₹2 लाख तक के शेयरों के लिए आवेदन करेंगे। बाकी 15% हिस्सा दो कैटेगरी में बांटा जाएगा।

इसमें ₹10 लाख से ज्यादा निवेश करने वाले निवेशक और ₹2 लाख से ₹10 लाख के बीच निवेश करने वाले निवेशक शामिल होंगे। संस्थागत निवेशकों के हिस्से में एंकर बुक और मुख्य इंस्टीट्यूशनल बुक शामिल होगी।

मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, Jio Platforms का मैनेजमेंट चाहता है कि रिटेल निवेशक IPO में अच्छी भागीदारी करें। कंपनी चाहती है कि रिटेल निवेशकों को लंबे समय में बनने वाली वैल्यू का भी फायदा मिले।

Jio को सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं मान रहे निवेशक

निवेशक अब Jio को सिर्फ टेलीकॉम कंपनी के तौर पर नहीं देख रहे हैं। कंपनी का डिजिटल बिजनेस काफी बड़ा है। इसमें मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और इंटरनेशनल सर्विसेज भी शामिल हैं।

Jio Platforms की टेलीकॉम यूनिट Reliance Jio Infocomm के पास 31 मार्च तक 52.44 करोड़ ग्राहक थे। सब्सक्राइबर की संख्या के हिसाब से यह भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इनमें 26.85 करोड़ 5G ग्राहक थे। कंपनी के मुताबिक, चीन को छोड़कर दुनिया में Jio सबसे बड़ा 5G स्टैंडअलोन ऑपरेटर था।

FWA में भी बड़ा कारोबार

Jio फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस यानी FWA में भी बड़ा खिलाड़ी है। मार्च तक कंपनी के पास करीब 1.5 करोड़ FWA ग्राहक थे। कंपनी के मुताबिक, चीन को छोड़कर दुनिया में Jio सबसे बड़ा FWA प्रोवाइडर था। इसके ग्राहकों की संख्या अमेरिका की T-Mobile की FWA ग्राहक संख्या से करीब 1.5 गुना थी।

Jio Platforms ने शुक्रवार शाम भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया।

Bajaj Finance: ₹17500 करोड़ जुटाएगी कंपनी, QIP और वारंट इश्यू के लिए बोर्ड की मंजूरी मिली

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Bajaj Finance: ₹17500 करोड़ जुटाएगी कंपनी, QIP और वारंट इश्यू के लिए बोर्ड की मंजूरी मिली

दिग्गज फाइनेंस कंपनी Bajaj Finance के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कंपनी के लिए ₹17,500 करोड़ तक की रकम जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी यह पैसा QIP और प्रेफरेंशियल वारंट इश्यू के जरिए जुटाएगी।

बोर्ड ने गुरुवार को हुई बैठक में दोनों प्रस्तावों को मंजूरी दी। हालांकि, इसके लिए रेग्युलेटरी मंजूरियां लेनी होंगी। इसमें कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी भी शामिल है।

QIP से ₹11,700 करोड़ जुटाएगी कंपनी

Bajaj Finance QIP यानी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट के जरिए ₹11,700 करोड़ तक जुटा सकती है। QIP में लिस्टेड कंपनी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स को नए इक्विटी शेयर जारी करके पैसा जुटाती है।

कंपनी ने बताया कि QIP में ₹1 फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। यह इश्यू SEBI के ICDR Regulations 2018, Companies Act 2013 और लागू दूसरे नियमों के तहत किया जाएगा।

वारंट इश्यू से ₹5,800 करोड़

बजाज फाइनेंस ₹5,800 करोड़ तक के प्रेफरेंशियल वारंट भी जारी करेगी। ये वारंट रखने वाले निवेशकों को तय नियमों और शर्तों के तहत उन्हें उतनी ही संख्या के इक्विटी शेयरों में कन्वर्ट करने का अधिकार मिलेगा।

इस तरह QIP से ₹11,700 करोड़ और वारंट इश्यू से ₹5,800 करोड़ जुटाने पर Bajaj Finance कुल ₹17,500 करोड़ तक की रकम जुटा सकती है।

शेयरधारकों से भी लेनी होगी मंजूरी

दोनों प्रस्तावों के लिए कंपनी शेयरधारकों की मंजूरी लेगी। इसके लिए EGM बुलाई जाएगी।

कंपनी ने कहा है कि फंड जुटाने की पूरी प्रक्रिया जरूरी रेग्युलेटरी और वैधानिक मंजूरियों के अधीन होगी। इसमें SEBI, संबंधित नियमों और शेयरधारकों से मिलने वाली मंजूरी शामिल है।

बजाज फाइनेंस का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1.20% की गिरावट के साथ 947.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 14.64% का रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj Finance Shares: ₹17500 जुटाने का प्लान, दो रास्ते से आएगा बजाज फाइनेंस में झमाझम पैसा, लेकिन एक में है पेच

Bajaj Finance Shares: बजाज ग्रुप की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस के बोर्ड ने ₹5800 करोड़ के कंवर्टिबल वारंट जारी करने की मंजूरी दे दी है। ये वारंट इसकी प्रमोटर और होल्डिंग कंपनी बजाज फिनसर्व को जारी होंगे और इसे बाद में इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। इसके अलावा बोर्ड ने इसे QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) के जरिए ₹11700 करोड़ जुटाने की मंजूरी दी है। इस प्रकार एनबीएफसी की योजना दो तरीकों से कुल मिलाकर ₹17500 करोड़ जुटाने की है। कंपनी ने 1 अक्टूबर की देर रात एक्सचेंज फाइलिंग में इनकी जानकारी दी।

अब इसका असर 5 अक्टूबर को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 1 अक्टूबर को बीएसई पर 1.24% की गिरावट के साथ ₹949.35 पर बद हुआ था।

वारंट को लेकर क्या है Bajaj Finance का प्लान

बजाज फाइनेंस के बोर्ड ने प्रमोटर और होल्डिंग कंपनी बजाज फिनसर्व को कंवर्टिबल वारंट जारी कर ₹5800 करोड़ जुटाने की मंजूरी दी है। ये वारंट ₹1 की फेस वैल्यू वाले शेयरों में बदले जा सकेंगे। इसका पेमेंट दो चरणों में होगा। 25% पैसा वारंट एलॉट होने के समय कंपनी को मिलेगा तो बाकी 75% पैसा इसे शेयरों में बदलने के समय। इसका इश्यू प्राइस अभी तय नहीं हुआ है।

QIP को लेकर क्या है प्लान

बजाज फाइनेंस की योजना QIP इश्यू के जरिए ₹11700 करोड़ जुटाने की है। इसके तहत म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों को ₹1 की फेस वैल्यू इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

बजाज फाइनेंस के शेयरों ने इस साल जियो-पॉलिटिकल लेवल पर अस्थिरता और टैरिफ की आंच के बीच निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। 23 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹788.40 पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से ₹5 ही महीने में यह 49.37% चढ़कर 3 अगस्त 2026 को ₹1,177.60 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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Stocks to Watch: सात हफ्ते टूटकर संभलेगा मार्केट! आज 3 लिस्टिंग्स और Fortis समेत 11 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज 28 सितंबर को घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 76.00 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 23,112.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 25 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 315.20 प्वाइंट्स यानी 0.43% की बढ़त के साथ 73,895.74 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 77.40 प्वाइंट्स यानी 0.34% की तेजी के साथ 23,140.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Clean Max Enviro Energy Solutions

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक ऑगमेंट इंडिया I होल्डिंग्स एलएलसी क्लीन मैक्स एंवायरों एनर्जी सॉल्यूशंस के 85 लाख शेयर (7.25% हिस्सेदारी) बेच सकती है। इस ऑफर का साइज ₹1,062.8 करोड़ और फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,250 तय किया गया है। जून 2026 तक कंपनी में ऑगमेंट इंडिया की हिस्सेदारी 9.5% थी।

Unichem Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने यूनिकेम लैब की गोवा के पिलर्ने में स्थित फॉर्म्यूलेशन फैसिलिटी की 21-26 सितंबर, 2026 के बीच जांच की, जिसके बाद पांच ऑब्जर्वेशन जारी हुए।

Zydus Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने अमेरिका के न्यू जर्सी में जाइडस लाइफसाइंसेज के ऑफिस में फार्माकोविजिलेंस और पोस्ट-मार्केटिंग सर्विलांस सिस्टम का ऑन-साइट इंस्पेक्शन किया। यह इंस्पेक्शन 22 से 25 सितंबर, 2026 के बीच हुआ और इसमें कोई ऑब्जर्वेशन नहीं मिला

Wheels India

व्हील्स इंडिया ने 25 सितंबर को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) इश्यू बंद किया और प्रति शेयर ₹2,088 के भाव पर 11.97 लाख शेयरों के अलॉटमेंट को मंजूरी दी। इश्यू प्राइस प्रति शेयर ₹2,197.10 के फ्लोर प्राइस से ₹109.10 डिस्काउंट पर है। इस इश्यू के तहत आदिक्य बिड़ला सनलाइफ एएमसी, एसबीआई म्यूचुअल फंड, व्हाइटओक कैपिटल और अशोक इंडिया इक्विटी इंवेस्टमेंट ट्रस्ट जैसे निवेशकों ने पैसे डाले।

Aequs

एक्वस के बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप के सदस्य मेलवुड ट्रस्टी सर्विसेज को 2.8 करोड़ तक के वारंट के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग ₹650 करोड़ है। इसमें से ₹325 करोड़ तो वारंट के अलॉटमेंट के समय तुरंत चुकाने होंगे, जो इश्यू साइज का 50% और रेगुलेटरी मिनिमम का दोगुना है। बाकी रकम वारंट के इस्तेमाल यानी एक्सरसाइज के समय चुकानी होगी।

Signatureglobal (India)

सिग्नेचरग्लोबल ने गुरुग्राम के फर्रुखनगर में लगभग 194.22 एकड़ जमीन हासिल की। इससे उसके डेवलपमेंट पाइपलाइन में लगभग 67.7 करोड़ स्क्वेयर फुट का डेवलप करने लायक एरिया जुड़ गया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) लगभग ₹5,500-₹6,000 करोड़ है।

Prestige Estates Projects

प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स की सब्सिडियरी प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स (PHVL) ने रणनीतिक कारणों और मार्केट की अनिश्चित स्थितियों का हवाला देते हुए अपने आईपीओ का ड्राफ्ट यानी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) वापस लेने का फैसला किया है। बाद में यह फिर आईपीओ के लिए सेबी के पास नया ड्राफ्ट दाखिल करने पर विचार कर सकती है।

Fortis Healthcare

फोर्टिस हेल्थकेयर ने दाइची सैंक्यो और सिंह ब्रदर्स के बीच चल रहे कानूनी विवाद में अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि वह इस विवाद से पूरी तरह अनजान थी और पुराने प्रमोटरों की हिस्सेदारी कम होने के मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। फोर्टिस के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर के अपने आदेश में कंपनी की स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) का निपटारा कर दिया और स्वतंत्र रूप से फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है।

लिस्टिंग

आज एफएक्स मल्टीटेक, रोबोकिड्ज एडुवेंचर्स और विवेकानंद कॉटस्पिन के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: दीपा ज्वैलर्स, रेज ऑफ बिलीफ, प्रसोल केमिकल्स

एक्स-बोनस: आस्था स्पिंटेक्स

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आज का एक्सप्लेनर:तिहाड़ जेल से अमेरिका गया ‘भाड़े का सैनिक’ मैथ्यू; आतंकी साजिश के आरोप थे, फिर कैसे छूटा, क्या अब भारत लौटेगा

24 सितंबर को तिहाड़ जेल से निकला मैथ्यू वैनडाइक अमेरिका की उड़ान भर चुका है। वही भाड़े का सैनिक मैथ्यू, जिसे 6 महीने पहले भारत की सबसे सख्त आतंकवाद-रोधी एजेंसी NIA ने पकड़ा था और UAPA जैसा कड़ा कानून लगाया था। आखिर कौन है मैथ्यू, UAPA लगने के बावजूद भारत से जाने क्यों दिया गया और क्या वापस लौटेगा; 3 चैप्टर्स में पूरी कहानी… मैथ्यू वैनडाइक 1981 में अमेरिका के बाल्टीमोर में पैदा हुआ। वो खुद को मर्सिनरी बताता है, यानी भाड़े का सैनिक, जो पैसों के बदले किसी भी देश या संगठन के लिए लड़ सकता है। मैथ्यू की वेबसाइट के मुताबिक, वो ‘Sons of Liberty International’ (SOLI) नाम की प्राइवेट मिलिट्री का फाउंडर, जंग कवर करने वाला पत्रकार, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर है। वह सीरिया और इराक जैसे देशों में युद्धबंदी भी रहा है। पिछले दो दशकों में उसने दुनियाभर में कई ऑपरेशन किए… तो मैथ्यू भारत में क्या कर रहा था? गिरफ्तारी के वक्त NIA ने आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, यानी UAPA की धारा 18 लगाई, जो आतंकी साजिश, कोशिश, समर्थन, उकसाने या मदद करने से जुड़ी है। UAPA के तहत जांच पूरी करके 180 दिनों में चार्जशीट दायर करनी होती है, जो मैथ्यू के मामले में 8 सितंबर 2026 को खत्म हो रही थी। NIA ने 8 सितंबर को चार्जशीट दाखिल तो कर दी, लेकिन UAPA की धाराओं के बजाय इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 21 और 23 लगाईं। धारा 21 वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज के बिना भारत में दाखिल होने से जुड़ी है, जबकि धारा 23 वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में रुकने या वीजा नियमों को तोड़ने से जुड़ी है। NIA का तर्क था कि जांच अब भी जारी है और UAPA के तहत अपराध की पुष्टि करने के लिए अभी और वक्त चाहिए। यहीं से कानूनी छूट का एक मौका बना… कोर्ट छूट के साथ कुछ शर्तें भी लगाईं… इसके बाद 24 सितंबर की रात मैथ्यू और बाकी 6 आरोपी तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। इस पर कई विपक्षी नेता सवाल खड़े कर रहे हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 23-26 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री के सामने मैथ्यू का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी दबाव ने यह नतीजा तय किया, लेकिन भारत को बदले में क्या मिला? इससे भी अहम है कि इन विदेशी संदिग्धों को वीजा कैसे मिला और इन्हें भारत के रास्ते म्यांमार जाने की इजाजत कैसे मिली? AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘UAPA के तहत किसके खिलाफ चार्जशीट दायर की जानी चाहिए, यह सर्जियो गोर तय करते हैं। भारतीय नागरिक UAPA के तहत 9 से 10 साल तक जेल में सड़ सकते हैं, क्योंकि उनके पास सर्जियो गोर नहीं हैं।’ स्ट्रैटजिक अफेयर्स एक्सपर्ट डॉ. ब्रह्मा चेलानी मानते हैं कि भारत ने बार-बार कूटनीतिक या रणनीतिक दबाव के तहत विदेशी नागरिकों या संस्थाओं के खिलाफ हाई-प्रोफाइल आपराधिक कार्यवाहियों को कमजोर कर दिया गया, छोड़ दिया गया या बेअसर कर दिया गया। कोर्ट ने साफ कहा है कि एक महीने बाद मैथ्यू और बाकी 6 आरोपियों को भारत लौटना होगा और लौटने के 72 घंटों के भीतर कोर्ट को बताना होगा। वहीं NIA की UAPA को लेकर जांच जारी है। अगर एजेंसी को सबूत मिले और अपराधों की पुष्टि हुई, तो वह सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर सकती है। ऐसा हुआ तो मैथ्यू पर फिर से UAPA के तहत आतंकी गतिविधियों के आरोप फिर से लग सकते हैं और केस चल सकता है। हालांकि मैथ्यू की वापसी पर संशय बना हुआ है। ज्यादातर मामलों में विदेशी आरोपियों के लौटने की गारंटी लेने वाला कोई नहीं होता। पहले भी ऐसा हो चुका है कि जब विदेशी आरोपी एक बार छूटने के बाद वापस लौटे ही नहीं। 3 चर्चित मामले… ऐसे में अगर मैथ्यू तय समय पर नहीं लौटता, तो भारत के पास 2 विकल्प हैं- जमानत रद्द कर गैर-जमानती वारंट जारी करना या भारत-अमेरिका की प्रत्यर्पण संधि (1997) के तहत औपचारिक प्रत्यर्पण की मांग करना। ————— ये भी खबर पढ़िए…. मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम रख पाकिस्तान कैसे करोड़ों जुटाएगा; ये मोस्ट वॉन्टेड आतंकी आखिर छिपा कहां है जैश-ए-मोहम्मद के सरगना आतंकी मसूद अजहर के सिर पर पाकिस्तान ने 70 लाख रुपए का इनाम रखा है। पाकिस्तान 2021 से दावा करता आ रहा है कि मसूद अफगानिस्तान भाग चुका है, जबकि भारतीय एजेंसियों का मानना है कि वो पाकिस्तान में ही छिपा है। पूरी खबर पढ़िए…

नेतन्याहू Vs ममदानी: इजरायली PM और न्यूयॉर्क मेयर के बीच हो गई जबर्दस्त भिड़ंत, Genocide वाले बयान से मचा बवाल

Netanyahu vs Mamdani: न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में दिए भाषण को लेकर निशाना साधा है। ममदानी ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू ने अपने भाषण में फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई को सही ठहराने के लिए “बेबुनियाद झूठ” दोहराए। इससे गाजा में इजरायल के युद्ध और नेतन्याहू की न्यूयॉर्क यात्रा को लेकर दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक टकराव और बढ़ गया है।

जोहान ममदानी ने कहा, “प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने भाषण का इस्तेमाल फिलिस्तीनियों के नरसंहार को सही ठहराने के लिए बेबुनियाद झूठ दोहराने में किया। फिर भी, कोई भी झूठ इस सच्चाई को नहीं बदल सकता कि वह अभी भी इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे हैं, जिसमें उन पर युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों का आरोप है।”

बता दें कि जोहरान ममदानी की ये बातें नेतन्याहू के UNGA भाषण में न्यूयॉर्क के मेयर पर सीधे हमले के कुछ घंटों बाद आईं। नेतन्याहू ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने ऐसे हालात बनाने में भूमिका निभाई है, जिनमें न्यूयॉर्क में रहने वाले यहूदी अब सुरक्षित महसूस नहीं करते।

नेतन्याहू ने कहा, “मिस्टर ममदानी, जब से आप इस शहर के मेयर चुने गए हैं, न्यूयॉर्क में कई यहूदी अब सुरक्षित महसूस नहीं करते।” उन्होंने आगे कहा कि लोगों ने उनसे कहा है, “यह वह शहर नहीं है जिसे हम जानते थे। यह बहुत तेजी से बदल गया है।”

नेतन्याहू ने जोहरान ममदानी पर हमास का समर्थन करने का आरोप लगाया

नेतन्याहू ने जोहरान ममदानी पर ऐसे लोगों के साथ जुड़े होने का भी आरोप लगाया, जिन्हें उन्होंने हमास का समर्थक और इजरायल व यहूदी समुदायों का विरोधी बताया।

नेतन्याहू ने कहा, “आप हमास का समर्थन करने के दोषी अपराधियों की तारीफ करते हैं। आप हसन पिकर जैसे लोगों को अपना दोस्त मानते हैं, जिन्होंने कहा था कि अमेरिका 9/11 का हकदार था।” उन्होंने एक फिलिस्तीनी पत्रकार का भी जिक्र किया जिसे जोहरान ममदानी ने अपने घर बुलाया था। नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि उस पत्रकार ने हमास द्वारा इजरायली बंधकों की पिटाई और उन पर अत्याचार का वीडियो बनाया था, लेकिन बाद में उस फुटेज को पब्लिश करने से इनकार कर दिया।

नेतन्याहू ने जोहरान ममदानी की पत्नी की सोशल मीडिया गतिविधियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने उन पोस्ट को “लाइक” किया था जिनमें 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास के हमले की तारीफ की गई थी और एक ऐसी पोस्ट भी जिसमें कहा गया था कि तेल अवीव का अस्तित्व नहीं होना चाहिए। हालांकि, जोहान ममदानी ने हमास का समर्थन करने के आरोपों को खारिज किया है।

वहीं, नेतन्याहू ने भी इजरायल पर नरसंहार करने के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने जोहरान ममदानी से कहा, “आप इजरायल पर बार-बार नरसंहार का झूठा आरोप लगाते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा, “इजरायल ने नरसंहार नहीं किया, इजरायल ने नरसंहार को रोका।”

जोहरान ममदानी और नेतन्याहू के बीच टकराव

यह टकराव जोहरान ममदानी की उस पुरानी मांग के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नेतन्याहू को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के वारंट के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। ICC ने नवंबर 2024 में नेतन्याहू और उस समय के इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। इन पर गाजा पट्टी में कथित तौर पर युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप था। हालांकि, इजरायल इन आरोपों को खारिज दिया है और उसने कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी है।

जोहरान ममदानी ने इससे पहले अमेरिकी फेडरल सरकार से नेतन्याहू के खिलाफ ICC वारंट को लागू करने की मांग की थी और कहा था कि न्यूयॉर्क में इजरायली प्रधानमंत्री का “स्वागत नहीं” है। मेयर पद के लिए अपने चुनाव प्रचार के दौरान, जोहरान ममदानी ने यह भी वादा किया था कि अगर नेतन्याहू न्यूयॉर्क आते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

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