अमेरिका-कनाडा में 2 पंजाबी गैंगस्टर पर कार्रवाई:ढांडा की ₹61 करोड़ की प्रापर्टी होगी सीज, नितिश कौशल मोस्ट वांटेड की लिस्ट में

पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के कनाडा स्थित राइट हैंड नितिश कौशल के खिलाफ FBI ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरदासपुर निवासी नितिश कौशल को जग्गू गैंग को कनाडा में ऑपरेट करने के आरोपों के चलते मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया गया है। वहीं, ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत पंजाबी मूल के गैंगस्टर रविंदर सिंह ढांडा की करीब 6.4 मिलियन डॉलर (61.60 करोड़ रुपए ) की संपत्ति सीज करने के आदेश जारी किए गए हैं। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश 15 जुलाई को दिए गए। ढांडा पर ड्रग ट्रैफिकिंग ऑर्गनाइजेशन चलाने का आरोप FBI ने ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत भारत आधारित अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट्स पर कार्रवाई तेज कर दी है। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सक्रिय रविंदर सिंह ढांडा पर ड्रग ट्रैफिकिंग ऑर्गनाइजेशन चलाने का आरोप है। उस पर अमेरिका-कनाडा सीमा के जरिए सैकड़ों किलो कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चल रही है ढांडा को 7 जुलाई 2026 को ब्रिटिश कोलंबिया में गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चल रही है। वहीं, ब्रिटिश कोलंबिया सरकार उसकी करोड़ों रुपए की संपत्तियों को सिविल फॉरफीचर के तहत जब्त करने की तैयारी कर रही है। भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नितिश पर हत्या सहित कई केस बता दें कि ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत FBI ने भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नितिश कौशल के खिलाफ भी कार्रवाई की है। उसे गिरफ्तारी वारंट जारी कर मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया गया है। कौशल पर आरोप है कि वह भारतीय जेल में बंद जग्गू भगवानपुरिया के सिंडिकेट को कनाडा से ऑपरेट करता है। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, रंगदारी, हथियारों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। FBI ने उसे खतरनाक अपराधी बताते हुए उसके बारे में जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा भी की है। ढांडा और जग्गू की गैंग पर भी कार्रवाई FBI ने ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत कुल 37 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसमें गैंगस्टर लॉरेंस, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा के नेटवर्क से जुड़े लोग भी शामिल हैं। अब तक 24 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 10 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। गैंग भारतीय समुदाय को निशाना बना रहे यह कार्रवाई अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से की गई थी। इस दौरान 1 हजार किलो से अधिक ड्रग्स, हथियार और नकदी बरामद की गई। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि जेलों से संचालित हो रहे ये गैंग भारतीय समुदाय को निशाना बना रहे थे।

मसूरी होमस्टे में नग्न अवस्था में मिला दिल्ली की महिला का शव, एक महीने बाद पति गिरफ्तार

Mussoorie woman death case: उत्तराखंड के देहरादून जिले में मसूरी-धनौल्टी मार्ग स्थित एक होमस्टे में पिछले महीने संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली महिला के पति को पुलिस ने नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोमयाजुला चरण को मसूरी न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से गैर-जमानती वारंट हासिल करने के बाद पूर्वी दिल्ली के मधु विहार इलाके से गिरफ्तार किया गया। यह घटना 15 जून को मसूरी क्षेत्र के ‘कियाना होमस्टे’ में हुई थी।

पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान पारुपुडी राधा गायत्री (27) के रूप में हुई थी। वह दिल्ली के किदवई नगर निवासी अपने पति के साथ ‘होमस्टे’ में ठहरी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद मृतका के परिजनों ने उसके पति पर संदेह जताते हुए मसूरी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी।

इसके बाद पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता सामने आने के बाद उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट प्राप्त किया गया। फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

14 दिन की न्यायिक हिरासत

गिरफ्तारी के बाद आरोपी पति को मसूरी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अधिकारियों ने बताया कि तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जन्मदिन मनाने गए थे मसूरी

मसूरी में जन्मदिन मनाने पहुंचे कपल की यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। दिल्ली की 27 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल पी. राधा गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के लगभग एक महीने बाद पुलिस ने उनके पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि जांच में पति की कथित संलिप्तता के संकेत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार, पी. राधा गायत्री अपने पति के साथ मसूरी-धनोल्टी रोड स्थित एक होमस्टे में ठहरी थीं। दोनों पति के जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए मसूरी आए थे। 15 जून को होमस्टे के कमरे में गायत्री मृत अवस्था में मिली थीं।

आरोपी पति आईटी सेक्टर में ही कार्यरत है। उसको दिल्ली के पूर्वी इलाके मधु विहार से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से पहले मसूरी की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कराया गया था।

कमरे में मिले खून के निशान और शराब की खाली बोतलें

पुलिस जांच में सामने आया कि गायत्री का शव कमरे के फर्श पर निर्वस्त्र अवस्था में पड़ा मिला। कमरे की बेडशीट पर खून के धब्बे मिले। जबकि मौके से शराब की दो खाली बोतलें और खाने-पीने का सामान भी बरामद किया गया।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच के दौरान पति ने बताया कि 15 जून की तड़के करीब 3:30 बजे तक दोनों ने शराब पी थी। इसके बाद सो गए। उसका दावा था कि सुबह उठने पर उसने पत्नी को मृत पाया।

पिता की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

गायत्री की मौत पर उसके पिता पी. सुधाकर ने संदेह जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही परिवार ने भी पति की भूमिका पर सवाल उठाए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

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जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने पति की कथित संलिप्तता की आशंका जताई। इसके बाद गैर-जमानती वारंट हासिल कर दिल्ली से उसकी गिरफ्तारी की गई। पुलिस के अनुसार, गायत्री और उनके पति की शादी 8 नवंबर 2025 को हुई थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

शेख हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का किया ऐलान, वहां क्या-क्या हो सकता है उनके साथ?

Sheikh Hasina: साल 2024 में छात्र आंदोलन के बाद अपना देश छोड़कर भारत में शरण लेने वाली बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पहली बार अपने भविष्य को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। शेख हसीना ने कहा है कि वह और उनके सहयोगी संभवतः इसी साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगे। रॉयटर्स को दिए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने यह सनसनीखेज जानकारी सार्वजिनिक की है। शेख हसीना ने इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि बांग्लादेश लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या उनकी हत्या भी की जा सकती है लेकिन इसके बावजूद उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें अभी भी जाना होगा और वह खुद सरेंडर करेंगी।

आइए समझते हैं कि अगर शेख हसीना दिसंबर में बांग्लादेश लौटती हैं तो वहां उनके साथ कानूनी रूप से क्या-क्या हो सकता है और उनकी सुरक्षा को लेकर क्या बड़े खतरे हैं।

बांग्लादेश में एंट्री करते ही तुरंत होंगी गिरफ्तार

शेख हसीना जैसे ही बांग्लादेश की धरती पर कदम रखेंगी उनका सामना बेहद सख्त कानूनी प्रक्रिया से होगा। हवाई, जमीनी या समुद्री मार्ग किसी भी जरिए से बांग्लादेश में एंट्री की की कोशिश करते ही उन्हें वहां के इमिग्रेशन या सीमा अधिकारियों द्वारा तुरंत हिरासत में ले लिया जाएगा। हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद उन्हें संबंधित अदालतों के समक्ष पेश किया जाएगा। एक बार गिरफ्तार होने के बाद शेख हसीना को हिरासत में ही रहना होगा। वे जेल में रहकर ही अपने खिलाफ लंबित कई आपराधिक मामलों और अपीलों का सामना करेंगी।

कोर्ट सुना चुका है मौत की सजा, अपील की समयसीमा भी खत्म

बांग्लादेश लौटने पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भविष्य बेहद अंधकारमय नजर आ रहा है क्योंकि उनके खिलाफ पहले ही देश की एक बड़ी अदालत का फैसला आ चुका है। बांग्लादेश की युद्ध अपराध अदालत ने उनकी गैर-मौजूदगी में पिछले साल नवंबर में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। उन पर छात्र आंदोलन के दौरान जानलेवा कार्रवाई का आदेश देने का आरोप है। बांग्लादेशी कानून के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को उसकी गैर-मौजूदगी में दोषी ठहराया जाता है तो उसे फैसले के 30 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करना होता है और अपील दायर करनी होती है। शेख हसीना के मामले में यह 30 दिनों की समयसीमा पहले ही खत्म हो चुकी है। इस सजा को अदालत में चुनौती देना कानूनी रूप से अब और अधिक जटिल हो गया है।

अगर यह सजा बरकरार रहती है और अदालत द्वारा उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा जाता है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें या तो लंबी जेल काटनी होगी या फिर फांसी दी जा सकती है बशर्ते न्यायिक प्रक्रिया के जरिए सजा को पलटा या बदला न जाए। इस फैसले से अलग शेख हसीना के खिलाफ देश में जमीन से जुड़े अपराधों और अन्य आरोपों सहित कई अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट भी एक्टिव हैं। हालांकि शेख हसीना ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है।

जान का खतरा और राजनीतिक अस्थिरता

कानूनी पेचीदगियों से इतर शेख हसीना के बांग्लादेश लौटने पर उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है। बांग्लादेश के भारी पोलराइज्ड राजनीतिक माहौल के बीच उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भारी चिंताएं हैं। उनपर हमले का भी खतरे का मंडरा रहा है। शेख हसीना ने रॉयटर्स से कहा है कि मेरे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर जबरदस्त अत्याचार किया जा रहा है। अगर मौत आती है तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी मातृभूमि पर आए, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।

‘अदालत को तमाशा साबित करना चाहती हूं’

इन तमाम जानलेवा जोखिमों के बावजूद शेख हसीना ने कहा कि वह निर्वासन में रहने के बजाय बांग्लादेश में मामलों का सामना करना चाहती हैं। उन्होंने रॉयटर्स से कहा कि ‘मैं न्याय में विश्वास करती हूं और मुझे लगता है कि एक बार कार्यवाही शुरू होने के बाद लोगों को स्पष्ट हो जाएगा कि यह अदालत कितनी बकवास है। मैं यही साबित करना चाहती हूं।’ उन्होंने आगे कहा कि हो सकता है कि उन्होंने मुझे दोषी ठहरा दिया हो और मैं शायद चुनाव न लड़ पाऊं। लेकिन वे अवामी लीग को क्यों निलंबित कर रहे हैं? अगर हमने बुरा किया है तो जनता को फैसला करने दें।

गौरतलब है कि कई कार्यकालों में दो दशकों तक बांग्लादेश पर राज करने वाली शेख हसीना को साल 2024 में हुए भारी जन-आंदोलन के बाद देश छोड़कर भागना पड़ा था। वर्तमान में ढाका प्रशासन लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। इसपर भारत ने कहा है रि वह मौजूदा न्यायिक और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत इस अनुरोध की जांच कर रहा है। हालांकि अब हसीना ने कहा है कि वह प्रत्यर्पण का इंतजार करने के बजाय खुद स्वेच्छा से वापस जाकर सरेंडर करेंगी।

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E20 Petrol: एथेनॉल मिक्स्ड पेट्रोल क‍ितना सही? केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने द‍िया जवाब, बताई सच्‍चाई

देशभर में 20 फीसदी इथेनॉल मिले पेट्रोल (E20) को लागू करने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सरकार की इस योजना को लेकर उठ रहे हर सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि E20 पेट्रोल से जुड़ी इंजन खराब होने और लोगों के विरोध जैसी बातें सही नहीं हैं। एक खास बातचीत में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार का ग्रीन फ्यूल अभियान पर्यावरण को बेहतर बनाने और देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उन्होंने खास तौर पर पुरानी गाड़ियों के इंजन पर पड़ने वाले असर को लेकर फैली चिंताओं को भी खारिज किया। मंत्री ने कहा कि ऑटोमोबाइल सर्विस सेक्टर के उपलब्ध आंकड़ों में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल की वजह से बड़े पैमाने पर वाहनों में मैकेनिकल खराबी हो रही है।

E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान नहीं

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मारुति सुजुकी ने अब तक करीब 1.5 करोड़ गाड़ियों की सर्विस की है, लेकिन E20 पेट्रोल की वजह से इंजन खराब होने का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि वाहन बनाने वाली कंपनियों और मैकेनिकों, दोनों को ही कोई बड़ी तकनीकी समस्या नहीं मिली है। मंत्री ने यह भी बताया कि शुरुआत में वारंटी और बीमा को लेकर लोगों के बीच कई तरह की अफवाहें फैली थीं, जिससे वाहन मालिकों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, अब ये सभी समस्याएं दूर कर ली गई हैं।

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पहले कुछ बीमा कंपनियों के बारे में कहा जा रहा था कि वे E20 पेट्रोल से होने वाले नुकसान का दावा स्वीकार नहीं करेंगी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह साफ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वाहन मालिकों को वारंटी और बीमा से जुड़ी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

सरकार का दावा: E20 पेट्रोल से इंजन की परफॉर्मेंस बेहतर

सरकार का कहना है कि सामान्य पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल मिले पेट्रोल (E20) से माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है, क्योंकि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता (कैलोरीफिक वैल्यू) कम होती है। लेकिन सरकार का मानना है कि केवल माइलेज देखकर इस ईंधन का आकलन करना सही नहीं है।

  • बेहतर पिकअप: इथेनॉल की वजह से गाड़ी का पिकअप और एक्सेलरेशन बेहतर होता है। साथ ही इंजन का रिस्पॉन्स भी तेज मिलता है।
  • इंजन की बेहतर सुरक्षा: E20 पेट्रोल का ऑक्टेन स्तर ज्यादा होता है, जिससे इंजन में नॉकिंग (असामान्य आवाज) की संभावना कम होती है और इंजन बेहतर तरीके से काम करता है।
  • लंबे समय तक सुरक्षित: सरकार का कहना है कि कई परीक्षणों में यह पाया गया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन के अंदरूनी हिस्सों को लंबे समय में कोई नुकसान नहीं होता।

‘E20 पेट्रोल पर्यावरण के लिए बेहतर कदम…’,

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि E20 पेट्रोल का आकलन केवल माइलेज के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी नई तकनीक को उसके सभी फायदे और लंबे समय के असर को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इथेनॉल मिला पेट्रोल पर्यावरण के लिए बेहतर ईंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका कहना है कि नई तकनीक का उद्देश्य हमेशा ऐसी व्यवस्था अपनाना होता है, जो पहले से ज्यादा टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल हो। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि E20 पेट्रोल इसी बदलाव का हिस्सा है और इसका मकसद देश को स्वच्छ ईंधन अपनाने के साथ-साथ भविष्य के लिए अधिक टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था की ओर ले जाना है।

E85 पेट्रोल लाने की तैयारी

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सरकार जल्द ही E85 ईंधन लाने की तैयारी कर रही है। इस ईंधन में 85 प्रतिशत तक इथेनॉल मिला होगा। इसकी कीमत E20 पेट्रोल से करीब 20 रुपये प्रति लीटर कम हो सकती है। हालांकि, इसका इस्तेमाल केवल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (FFV) में ही किया जा सकेगा। मंत्री ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल योजना से देश की अर्थव्यवस्था और किसानों, दोनों को फायदा हो रहा है। उनके अनुसार, अगर यह योजना नहीं होती तो भारत को ज्यादा कच्चा तेल आयात करना पड़ता और पेट्रोल-डीजल की कीमतें आज के मुकाबले अधिक होतीं।

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इथेनॉल मिश्रण से विदेशों से कच्चे तेल पर निर्भरता कम हो रही है। इससे देश को वैश्विक तेल बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव का कम असर झेलना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना से विदेशों में तेल खरीदने पर होने वाला खर्च घटता है और इसका लाभ देश के किसानों और कृषि क्षेत्र तक पहुंचता है। इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती मिल रही है।

EV और बायोफ्यूल दोनों को मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि E25 पेट्रोल को लेकर लोगों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल E25 केवल परीक्षण (ट्रायल) के चरण में है और इसे अभी आम लोगों के लिए लागू नहीं किया गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य में ईंधन से जुड़ा कोई भी बदलाव जल्दबाजी में नहीं करेगी। सभी फैसले वैज्ञानिक परीक्षण और चरणबद्ध तरीके से ही लागू किए जाएंगे। हरदीप सिंह पुरी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार सिर्फ बायोफ्यूल ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को भी बराबर बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य स्वच्छ और हरित परिवहन का है, इसलिए बायोफ्यूल और इलेक्ट्रिक वाहन दोनों साथ-साथ आगे बढ़ेंगे।

अमेरिकी एजेंसियों के आगे कैसे खुला SHO नागरा का राज:पंजाब में समधी पर मर्डर की FIR, फिर उसी केस में 4 लाख डॉलर की फिरौती; जानें पूरा मामला

अमेरिका में 4 लाख डॉलर यानी करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए की फिरौती के मामले में पंजाब पुलिस के टांडा थाने के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को कुर्सी गंवानी पड़ी। होशियारपुर के SSP संदीप मलिक ने नागरा को लाइनहाजिर कर दिया। अब उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। जांच की निगरानी जालंधर रेंज के DIG डॉ. नवीन सिंगला करेंगे। हालांकि पंजाब में पुलिस के 153 थानों में से टांडा थाने के SHO का कथित कारनामे का अमेरिका में कैसे खुलासा हुआ?। अमेरिकी जांच एजेंसियों को इसका पता कैसे चला?, वह केस क्या है, जिसमें SHO नागरा पर मोटी फिरौती मांगने के आरोप लगे हैं, यह सवाल अभी भी बने हुए हैं। इन सब सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए, SHO के नाम का खुलासा कैसे हुआ
अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने जॉइंट तरीके से अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गैंगस्टर नेटवर्क की जांच की। इसी दौरान जब कैलिफोर्निया में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच के दौरान भारतीय पुलिस अधिकारी के नाम का जिक्र सामने आया। अमेरिकी एजेंसियों ने आरोप लगाया कि पंजाब के एक SHO ने गैंग नेटवर्क के साथ मिलकर एक अमेरिकी परिवार से 4 लाख डॉलर की कथित फिरौती मांगने की कोशिश की। जिसका नाम गुरिंदरजीत सिंह नागरा है। उसकी फोटो भी गैंगस्टरों के साथ जारी की गई। वह टांडा हत्याकांड, जिससे SHO के तार जोड़े जा रहे
15 जनवरी 2026 की शाम करीब 4 बजे होशियारपुर के टांडा के गांव मियाणी में तीन बाइक सवार हमलावरों ने AAP वर्कर और हार्डवेयर कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। टांडा पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। वारदात के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें इंस्टाग्राम अकाउंट gurlal_rudiana307 और jashal_gill0046 को टैग करते हुए हत्या की जिम्मेदारी ली गई। पोस्ट में लिखा गया कि बलविंदर सिंह की हत्या की जिम्मेदारी जशल गिल और गुरलाल रुदियाना लेते हैं। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर स्वराज उर्फ अभि और गुरमुख सिंह की पहचान की। दोनों उस समय पट्टी जेल में बंद थे। उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने कहा कि हत्या का अमेरिका से कनेक्शन है?
24 मई 2026 को तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पूछताछ में सामने आया है कि हत्या पारिवारिक रंजिश में करवाई गई। पुलिस के मुताबिक, अमेरिका में रह रहे रिटायर्ड ASI और मृतक के समधी चरनजीत सिंह ने अपनी बेटी के तलाक के मामले की रंजिश में शूटरों को सुपारी दिलवाई। पुलिस ने दावा किया कि जांच और पूछताछ में शूटरों के खातों में 1.80 लाख रुपए ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। इसके बाद चरनजीत सिंह, उनके बेटे गुरप्रीत सिंह और बेटी को भी हत्या के मामले में नामजद कर लिया गया। फिर SHO नागरा विवाद में कैसे आए?
यहीं से मामले ने नया मोड़ लिया। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए चरनजीत सिंह और उनके परिवार को बाद में इसी केस में फंसाए रखने और राहत दिलाने के नाम पर 4 लाख डॉलर की कथित मांग की गई। आरोप है कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अमेरिका में रह रहे परिवार की जानकारी जुटाकर भारत में अपने कॉन्टैक्ट तक पहुंचाई और फिर इस केस का दबाव बनाकर पैसे मांगने की कोशिश की। अमेरिकी अटॉर्नी बिलाल ए. एसायली ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में भारत के कुछ पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका थी। आरोपों में तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम भी शामिल है। आरोप- प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले दिन मांगे गए पैसे
अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि 24 मई 2026 को SHO नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चरनजीत सिंह और उनके परिवार को हत्या की साजिश का आरोपी बताया। इसके अगले दिन कथित तौर पर परिवार के एक सदस्य से संपर्क कर 4 लाख डॉलर की मांग की गई। आरोप है कि रकम देने पर हत्या के मामले में राहत दिलाने का भरोसा दिया गया। गैंगस्टर नेटवर्क की क्या भूमिका बताई गई?
अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि गैंगस्टर नेटवर्क के सदस्य गुरलाल सिंह ने अमेरिका में रह रहे परिवार की जानकारी भारत भेजी। जिसे SHO गुरिंदरजीत तक पहुंचाया गया ताकि परिवार को फंसाया जा सके। इसके बाद भारत में मौजूद उनके रिश्तेदारों पर हत्या के केस में कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे मांगने की कोशिश की गई। इसी कथित साजिश के आधार पर अमेरिका में केस दर्ज किया गया। पंजाब पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
अमेरिका में लगे आरोप सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को लाइनहाजिर कर दिया। उनके खिलाफ एसपी (इन्वेस्टिगेशन) को विभागीय जांच सौंप दी गई है, जो अपनी रिपोर्ट डीआईजी जालंधर रेंज डॉ. नवीन सिंगला को सौंपेंगे। ये खबरें भी पढ़ें… गैंगस्टर लॉरेंस पर अमेरिका में हत्या का केस, चार्जशीट दायर:गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर इनाम कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर अमेरिका ने पहली बार चार्जशीट दाखिल की है। इसमें दावा है कि हत्या का आदेश भारतीय जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और फरार चल रहे गोल्डी बराड़ ने दिया था। अमेरिकी सरकार के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई भारतीय जेल में रहते हुए भी अपने अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क चला रहा था। (पढ़ें पूरी खबर) अमेरिका के खुलासे के बाद होशियारपुर SHO हटाया, अटॉर्नी जनरल ने कहा था- 4 लाख डॉलर फिरौती मांगी होशियारपुर के पुलिस थाना टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को 4 लाख डॉलर की फिरौती केस में लाइन हाजिर कर दिया गया है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागरा का नाम लिया था। जनरल ने फिरौती के मामले में कई खुलासे किए। (पढ़ें पूरी खबर)

मारुति कारों पर जुलाई में मिल रही महा-छूट! Invicto, Grand Vitara, Swift और Brezza पर मिल रहा 2 लाख तक का डिस्काउंट

मारुति सुजुकी इंडिया ने जुलाई 2026 के लिए अपने एरिना और नेक्सा शोरूम पर कई कारों पर शानदार छूट का ऐलान किया है। इस महीने ग्राहकों को चुनिंदा हैचबैक, एसयूवी और एमपीवी मॉडल पर 2.10 लाख रुपये तक का फायदा मिलेगा। इन ऑफर्स में कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, लॉयल्टी बोनस, स्क्रैपेज बेनिफिट और कॉर्पोरेट डिस्काउंट शामिल हैं। इस ऑफर का लाभ वैगनआर, स्विफ्ट, ब्रेज़ा, बलेनो, ग्रैंड विटारा और इनविक्टो जैसी लोकप्रिय कारों पर मिलेगा।

मारुति कारों पर जुलाई में मिल रही महा-छूट! 

मारुति की सभी कारों में सबसे ज्यादा फायदा इनविक्टो एमपीवी पर दिया जा रहा है। इस मॉडल पर ग्राहक अलग-अलग ऑफर्स को मिलाकर कुल 2.10 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं। वहीं, ग्रैंड विटारा एसयूवी पर भी आकर्षक ऑफर मिल रहे हैं। इसके पेट्रोल वेरिएंट पर 95,000 रुपये तक और CNG वेरिएंट पर 90,000 रुपये तक का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड मॉडल खरीदने पर, जहां यह सुविधा लागू है, वहां जीरो रोड टैक्स, एक्सचेंज और लॉयल्टी बोनस के साथ 5 साल की मुफ्त एक्सटेंडेड वारंटी भी दी जा रही है।

2 लाख तक का डिस्काउंट

मारुति सुजुकी के एरिना पोर्टफोलियो में इस महीने सबसे बड़ा ऑफर ग्रैंड विटारा एसयूवी पर दिया जा रहा है। इसके स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट पर ग्राहकों को 90,000 रुपये तक का फायदा मिलेगा। वहीं, CNG मॉडल पर 80,000 रुपये तक और पेट्रोल वेरिएंट पर 60,000 रुपये तक की छूट और अन्य लाभ दिए जा रहे हैं। इसके अलावा ब्रेज़ा एसयूवी पर भी ग्राहकों को 55,000 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। आकर्षक ऑफर्स की वजह से ब्रेज़ा इस महीने मारुति सुजुकी की सबसे ज्यादा छूट पाने वाली लोकप्रिय कारों में शामिल है।

वैगनआर पर  भी छूट

मारुति सुजुकी की सबसे ज्यादा बिकने वाली हैचबैक कारों में शामिल वैगनआर पर इस महीने ग्राहकों को 52,500 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। यही ऑफर चुनिंदा ऑल्टो K10 वेरिएंट पर भी उपलब्ध है। अगर आप नई स्विफ्ट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो AGS (ऑटोमैटिक) वेरिएंट पर 45,000 रुपये तक और मैनुअल पेट्रोल व CNG वेरिएंट पर 40,000 रुपये तक की छूट और अन्य लाभ मिल सकते हैं। इसके अलावा सेलेरियो, एस-प्रेसो और ईको वैन के चुनिंदा वेरिएंट पर भी 37,500 रुपये तक के ऑफर दिए जा रहे हैं। हालांकि, मिलने वाले फायदे कार के वेरिएंट और ग्राहक की पात्रता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

मारुति सुजुकी ने जुलाई 2026 में अपनी नेक्सा रेंज की कारों पर भी शानदार ऑफर पेश किए हैं। बलेनो हैचबैक पर ग्राहकों को 40,000 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। फ्रॉन्क्स एसयूवी के टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट पर 25,000 रुपये तक, जबकि सामान्य (नेचुरली एस्पिरेटेड) पेट्रोल वेरिएंट पर 15,000 रुपये तक की छूट और अन्य लाभ दिए जा रहे हैं। वहीं, XL6 एमपीवी के पेट्रोल और CNG दोनों वेरिएंट पर 45,000 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा जिम्नी एसयूवी खरीदने पर भी ग्राहकों को 45,000 रुपये तक के ऑफर का लाभ मिल सकता है।

मारुति सुजुकी के जुलाई 2026 ऑफर की खास बात यह है कि 16 जुलाई से नेक्सा रेंज की कई कारों पर मिलने वाला कस्टमर डिस्काउंट कम हो जाएगा। कंपनी की आंतरिक ऑफर सूची के अनुसार, महीने के दूसरे हिस्से में बलेनो, फ्रॉन्क्स, ग्रैंड विटारा और XL6 पर मिलने वाली सीधी छूट घटा दी जाएगी। ऐसे में जो ग्राहक इन कारों को खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए 15 जुलाई से पहले खरीदारी करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, जिम्नी एसयूवी और इनविक्टो एमपीवी पर पूरे महीने मौजूदा ऑफर जारी रहेंगे।

कंपनी ने यह भी बताया है कि अंतिम छूट ग्राहक की पात्रता पर निर्भर करेगी। एक्सचेंज बोनस, स्क्रैपेज बेनिफिट, लॉयल्टी बोनस और कॉर्पोरेट डिस्काउंट जैसी सुविधाएं तय नियमों के अनुसार मिलेंगी। ज्यादातर मामलों में ग्राहक एक्सचेंज बोनस या स्क्रैपेज बेनिफिट में से किसी एक का ही लाभ ले सकेंगे, जबकि लॉयल्टी बोनस केवल कुछ विशेष शर्तों को पूरा करने पर मिलेगा।

घर से निकला 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और 1.6 करोड़ कैश! यूपी में इस रिटायर ARTO के यहां छापा पड़ा तो हर कोई चौंका

उत्तर प्रदेश विजिलेंस विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में आगरा में तैनात रहे पूर्व असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान अधिकारियों को 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले। आधिकारिक बयान के अनुसार, अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने मंगलवार और बुधवार को ललित कुमार के घर की तलाशी ली।

जांच में पहले ही सामने आया था कि ललित कुमार ने अपनी वैध आय से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाई है। इसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया गया था। राज्य सरकार के निर्देश पर इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट की लखनऊ सेक्टर टीम कर रही है।

घर में मिला 13 किलो सोना 

लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में ललित कुमार के घर की तलाशी के दौरान जांच अधिकारियों को घर के अलग-अलग हिस्सों में पैकेटों में छिपाकर रखे गए करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद मिले। इसके अलावा टीम ने करीब 13 किलो सोना और 9 किलो चांदी भी बरामद की। सोना बार और गहनों के रूप में मिला, जबकि चांदी बार, बिस्कुट और गहनों के रूप में मिली। सरकार की ओर से अधिकृत वैल्यूअर ने बरामद सोने, चांदी और गहनों की कुल कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी है।

कई जगह घर 

तलाशी के दौरान अधिकारियों को कई चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले। इनमें लखनऊ में कई मकान और प्लॉट, लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली में कृषि भूमि, साथ ही लखनऊ और नोएडा में फ्लैट बुकिंग के कागजात शामिल हैं। इन अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच टीम को बैंक जमा, डाकघर की योजनाओं, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में 1 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले।

इसके अलावा घर से एक टोयोटा इनोवा, एक हुंडई i20 कार और एक रिवॉल्वर भी बरामद हुई। अधिकारियों ने जांच के दौरान घर में मौजूद महंगे फर्नीचर और अन्य कीमती सामान की भी सूची तैयार की है।

35 करोड़ की संपत्ति

उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट के मुताबिक, छापेमारी के दौरान बरामद नकदी, सोना-चांदी, गहने, चल-अचल संपत्तियां और निवेश को मिलाकर कुल संपत्ति की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये आंकी गई है। विभाग ने बताया कि तलाशी में मिली संदिग्ध और बेहिसाब संपत्ति की जांच की जा रही है। इसे चल रही जांच का हिस्सा बनाया गया है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बयान के अनुसार, इस सफल छापेमारी को अंजाम देने वाली लखनऊ सेक्टर की विजिलेंस टीम को उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट के पुलिस महानिदेशक (DGP) और निदेशक ने 1 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

लारेंस-गोल्डी गैंग पर FBI का पहली बार बड़ा एक्शन:अमेरिका-कनाडा समेत कई देशों में 50 जगह रेड, 24 अरेस्ट, ड्रग-आर्म्स बरामद

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने पहली बार गैंगस्टर लॉरेंस, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया पर बड़ा एक्शन लिया है। मंगलवार को अमेरिका, कनाडा और यूरोप में संयुक्त एक्शन के दौरान भारत से जुड़े गैंगस्टर्स के 24 साथियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि 37 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, गैंगस्टर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ को खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड का आरोपी बनाया गया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर साजिश रची थी। दावा है कि आरोपियों में रोहित गोदारा और अन्य सहयोगियों के नाम भी शामिल है। आरोप पत्र में बताया गया कि लॉरेंस भारत में जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क को चलाता है और उसके सहयोगी भारत अमेरिका, कनाडा तथा यूरोप में टारगेट किलिंग और ड्रग तस्करी को अंजाम देते हैं। यूएस फेडरल सरकार के अधिकारियों ने कहा कि वो जल्द ही भारतीय सरकार से लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और एक्टिव पुलिस चीफ पुंदरप्रीत सिंह के औपचारिक प्रत्यर्पण की मांग करेंगे। इसके अलावा एफबीआई ने गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित किया है। FBI ने और क्या खुलासे किए…. 50 जगह रेड, ड्रग्स-हथियार सीज अमेरिकी फेडरल अथॉरिटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अहम खुलासे किए। बताया कि वे इंडिया बेस्ड ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप के खिलाफ कई सालों से इंटरकॉन्टिनेंटल जांच कर रहे थे। इसके तहत उन्होंने कम से कम 2 दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां यूएस, कनाडा और यूरोप में हुई हैं। आरोपियों के खिलाफ कम से कम 50 सर्च वारंट लागू किए गए थे, जिसके बाद हजार किलो नारकोटिक्स ड्रग्स और दर्जनों हथियार सीज किए गए हैं। गैंगस्टर लॉरेंस जेल से चला रहा गैंग यूएस फेडरल सरकार और लॉस एंजेल्स के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी जनरल के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस पूरे इंडियन बेस्ड क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन नेटवर्क को इंडिया की जेल में बैठा गैंगस्टर लॉरेंस हेड कर रहा है। नॉर्थ अमेरिका में इसके ऑपरेशन गोल्डी बराड़ लीड कर रहा था और यूरोप में सारा काम रोहित गोदारा द्वारा संभाला जा रहा था। माना जाता है कि इन तीनों गैंग लीडरों के बीच अब फूट पड़ गई है और ये एक-दूसरे के विरोधी बन चुके हैं, लेकिन यूएस अथॉरिटीज का कहना है कि ये तीनों अब तक मिलकर काम करते आए हैं।

New Tractor: महिंद्रा ने भारत में लॉन्च किया नया ट्रैक्टर, इस साल अभी 7 और नए लॉन्च की तैयारी

भारत के टॉप ट्रैक्टर ब्रांड में से एक महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने घरेलू कृषि बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने सोमवार को अपने बहुउद्देशीय ट्रैक्टर YuvoTech+ 585 DI V1 को देशव्यापी स्तर पर लॉन्च करने की घोषणा की है। इसी के साथ महिंद्रा ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए भारतीय किसानों के लिए एक बड़ा रोडमैप पेश करते हुए 7 नए ट्रैक्टर और 12 नए फीचर्स लॉन्च करने का भी एलान किया है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के इस बड़े प्लान में महिंद्रा की न्यू ट्रैक्टर रेंज और स्वराज प्रोटेक के नए प्रोडक्ट्स भी शामिल होंगे जो खेती-किसानी को अधिक आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाएंगे।

सफल टेस्टिंग के बाद पूरे भारत में मिला बाजार, मिलेगी 6 साल की वारंटी

महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने इस दमदार ट्रैक्टर को चुनिंदा बाजारों में मिली बड़ी सफलता और बेहतरीन प्रतिक्रिया के बाद अब पूरे देश में उतारने का फैसला किया है। महिंद्रा ट्रैक्टर्स के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) हर्ष राय ने लॉन्चिंग के मौके पर कहा कि चुनिंदा बाजारों में सफल शुरुआत के बाद अब हम YuvoTech+ 585 DI V1 को पूरे भारत में लॉन्च कर रहे हैं। हमारे तेजी से बढ़ते हुए YuvoTech प्लेटफॉर्म पर निर्मित यह ट्रैक्टर उन्नत तकनीक, दमदार प्रदर्शन और व्यावहारिक फीचर्स का एक बेहतरीन संयोजन है।

किसानों के भरोसे को दोगुना करने के लिए कंपनी ने इस नए ट्रैक्टर के साथ 6 साल की इंडस्ट्री-लीडिंग वारंटी देने की घोषणा की है। यह ट्रैक्टर देश भर में महिंद्रा के सभी डीलरशिप पर बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगा।

जून में महिंद्रा की ट्रैक्टर बिक्री में 12.38% का शानदार उछाल

यह मेगा लॉन्चिंग ऐसे समय में हुई है जब भारतीय ट्रैक्टर सेगमेंट की स्थिति लगातार मजबूत बनी हुई है। हाल ही में जून महीने के आए बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण और कृषि बाजारों में ट्रैक्टरों की मांग काफी तेज है। जून महीने में महिंद्रा की ट्रैक्टर बिक्री में सालाना आधार पर (YoY) 12.38% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और कंपनी ने कुल 58177 यूनिट ट्रैक्टर बेचे। इसी सेगमेंट की दूसरी बड़ी कंपनी एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इसकी बिक्री सालाना आधार पर 19.78% बढ़कर 13172 यूनिट तक पहुंच गई।

El Nino की चिंता के बीच सरकारी नीतियां बनेंगी किसानों का ढाल

खेती-किसानी के लिए मौसम और अल नीनो (El Nino) की स्थिति हमेशा एक बड़ी चिंता रहती है। इस पर बात करते हुए महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के प्रेसिडेंट वीजय नाकरा ने बीते दिन कहा था कि हालांकि, अभी El Nino के असर का पूरा आकलन करना जल्दबाजी होगा लेकिन सरकार की मजबूत नीतियां जैसे लगातार खाद सब्सिडी और स्थानीय स्तर पर दी जा रही सहायता किसानों के जोखिम को कम करने में काफी मदद कर सकती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि सरकार के इन सकारात्मक कदमों से खरीफ सीजन पर पड़ने वाले किसी भी विपरीत असर को भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है, जिससे कृषि क्षेत्र की ग्रोथ और ट्रैक्टरों की मांग बाजार में बनी रहेगी।

E20 Petrol : भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल ठुकराया? वायरल दावों पर केंद्र सरकार ने जारी किया फैक्ट चेक

E20 Petrol : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल खरीदने से इनकार कर दिया है। मंत्रालय ने साफ किया कि भारत की तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का कोई प्रस्ताव दिया ही नहीं था। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल भूटान को E20 पेट्रोल भेजने की कोई योजना भी नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में लोगों से अपील की कि इस तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल पेट्रोलियम मंत्रालय तथा तेल विपणन कंपनियों की आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।

कांग्रेस ने लगाया था ये आरोप

यह सफाई ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भूटान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका ने भारत का E20 ईंधन लेने से इनकार कर दिया है। वहीं, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भी E20 ईंधन को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। मंत्रालय ने कहा कि E20 पेट्रोल को बाजार में लाने से पहले देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में इसकी प्रयोगशाला, वाहनों और वास्तविक परिस्थितियों में व्यापक जांच की गई थी। इन सभी परीक्षणों में यह ईंधन भरोसेमंद और बेहतर प्रदर्शन करने वाला पाया गया।

इंजन और वारंटी को लेकर भी आया  ये जवाब

सरकार ने साफ किया है कि वाहन बनाने वाली कंपनियां अपने मॉडल तय एथेनॉल मिश्रण मानकों के अनुसार तैयार कर रही हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) के मुताबिक, अगर वाहन में स्वीकृत E20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जाता है, तो सिर्फ इसी वजह से गाड़ी की कंपनी की वारंटी खत्म नहीं होती। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन वैज्ञानिक आधार पर तैयार किया गया है और दुनिया के कई देशों में इसका सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रहा है। भारत भी अपने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम के तहत इसी मानक को अपना रहा है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि E20 एक तय क्वालिटी वाला मानक ईंधन है, इसे पेट्रोल में मिलावट नहीं माना जा सकता।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने बताया कि ARAI, इंडियन ऑयल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP) द्वारा किए गए विस्तृत परीक्षणों में पुराने वाहनों पर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन की मजबूती या प्रदर्शन पर कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई। मंत्रालय ने यह भी कहा कि 1 अप्रैल 2025 से पूरे देश में E20 पेट्रोल लागू होने के बाद से लाखों वाहन इस ईंधन पर चल रहे हैं। अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि E20 पेट्रोल की वजह से किसी वाहन का इंजन खराब हुआ हो।