LIVE: भारत पर फिर खतरा, लगेगा 100 प्रतिशत टैरिफ, बिल पर मुहर, देशभर में बारिश, चारधाम यात्रा पर रोक

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अमेरिका की सीनेट ने एक ऐसे बिल पर चर्चा की मंजूरी दे दी है जिसका भारत पर बड़ा असर हो सकता है। अमेरिकी संसद के इस उच्च सदन ने मंगलवार, 28 जुलाई को रूस की तेल और गैस बेचने से होने वाली कमाई को निशाना बनाने वाले बड़े प्रतिबंध (सैंक्शन) वाले बिल को आगे बढ़ा दिया। बिल पास करने की ओर पहला कदम उठा लिया गया है। अगर अब यह बिल निचले सदन से भी पास हो जाता है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह पावर मिल जाएगा कि वह रूस से तेल खरीदने वाले भारत जैसे देशों पर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगा सकते हैं। जब सीनेट में इस बिल पर वोटिंग हो रही थी तब यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की सीनेट गैलरी से देख रहे थे। रूस से जंग के बीच जेलेंस्की वॉशिंगटन पहुंचे थे, उन्होंने ट्रंप से मुलाकात की है और रूस के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की मांग की है।

बारिश का कहर, तीर्थयात्रा पर रोक : इसके असर को देखते हुए IMD ने अगले 4-5 दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से ज्यादा और अगले 5-6 दिनों में पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी दी है। गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ से देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनियों में से एक टाटा मोटर्स भी प्रभावित है। कंपनी के साणंद प्लांट और आसपास मौजूद कई सप्लायर की यूनिट पानी भरने के कारण बंद करानी पड़ीं। इधर, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से तीर्थयात्रा के रास्ते बंद हो गए। खराब मौसम के चलते चारधाम यात्रा 2 दिनों के लिए रोक दी गई है। चंपावत, बागेश्वर और टिहरी में क्लास 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।

Stocks to Watch: एक्सपायरीज की बाढ़ में एक लिस्टिंग; Meesho-Indigo से लेकर आज Tata Chemicals तक इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 67.00 प्वाइंट्स यानी 0.28% की गिरावट के साथ 23,975.00 पर है। चूंकि आज निफ्टी और बैंक निफ्टी समेत एनएसई के इंडेक्सेज और स्टॉक्स के एफएंडओ कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में आज तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 27 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 776.01 प्वाइंट्स यानी 1.02% की बढ़त के साथ 76,835.78 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 228.50 प्वाइंट्स यानी 0.96% के उछाल के साथ 23,995.95 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL), अंबुजा सीमेंट्स, टाटा कैपिटल, चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी, सिटी यूनियन बैंक, डीसीएम श्रीराम, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, फाइजर, फीनिक्स मिल्स, पाइन लैब्स, रैडिको खेतान, सुप्रीम इंडस्ट्रीज, सुजलॉन एनर्जी, वरुण बेवरेजेज और वीएसटी इंडस्ट्रीज आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के रिजल्ट पेश

Coal India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कोल इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 0.6% बढ़कर ₹8,852.1 करोड़ और रेवेन्यू 7.8% उछलकर ₹46,254.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Power Company Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा पावर कंपनी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 11% बढ़कर ₹1,401 करोड़ और रेवेन्यू 5.6% उछलकर ₹19,051.3 करोड़ पर पहुंच गया।

Happiest Minds Technologies Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 18.3% बढ़कर ₹67.6 करोड़ और रेवेन्यू 14.3% उछलकर ₹628.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Bharat Electronics Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 8.7% बढ़कर ₹1,054.3 करोड़ और रेवेन्यू 25% उछलकर ₹5,547 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Chemicals Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर टाटा केमिकल्स कंसालिडेटेड लेवल पर ₹252 करोड़ के मुनाफे से ₹17 करोड़ के घाटे में आ गई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 14.4% बढ़कर ₹4,255 करोड़ पर पहुंच गया।

Godfrey Phillips India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर गॉडफ्रे फिलिप्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 44.3% गिरकर ₹198.4 करोड़ और रेवेन्यू 18.9% फिसलकर ₹1,205.5 करोड़ पर आ गया।

Wheels India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर व्हील्स इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 28.2% बढ़कर ₹38.3 करोड़ और रेवेन्यू 17.8% उछलकर ₹1,491 करोड़ पर पहुंच गया।

Northern Arc Capital Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नॉर्दर्न आर्क कैपिटल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 17.6% बढ़कर ₹121.8 करोड़ और ब्याज से नेट इनकम (NII) 44.2% उछलकर ₹496.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Usha Martin Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ऊषा मार्टिन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 40.7% बढ़कर ₹142 करोड़ और रेवेन्यू 16.4% उछलकर ₹1,033 करोड़ पर पहुंच गया।

CCL Products India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सीसीएल प्रोडक्ट्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 61.3% बढ़कर ₹116.9 करोड़ और रेवेन्यू 13.7% उछलकर ₹1,200.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Gravita India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ग्रेविटा इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 14.1% बढ़कर ₹106.4 करोड़ और रेवेन्यू 41.8% उछलकर ₹1,475.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Meesho

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक एलिवेशन कैपिटल (Elevation Capital) ब्लॉक डील के जरिए मीशो में ₹1,200 करोड़ के शेयर बेच सकती है। जून 2026 तक कंपनी में एलिवेशन कैपिटल की हिस्सेदारी 12.04% थी।

InterGlobe Aviation (Indigo)

इंडिगो के बोर्ड ने गौरव नेगी को 27 जुलाई से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर की जगह एमडी का सलाहकार बना दिया। गौरव की जगह बोर्ड ने डिप्टी सीएफओ किरण थडिमरी को 28 जुलाई से कंपनी का सीएफओ बनाने को भी मंजूरी दी है।

Adani Energy Solutions

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने 27 जुलाई को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) इश्यू लॉन्च किया, जिसमें फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,698.15 तय किया गया है जिस पर कंपनी 5% तक की छूट भी दे सकती है।

Tata Motors Passenger Vehicles

गुजरात के साणंद में टियागो, टिगोन, नेक्सन और सिएरा बनाने वाली टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स के प्लांट में भारी बारिश के चलते बाढ़ से काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा गुजरात और उसके आस-पास सप्लायर्स की फैसिलिटीज में भी काम प्रभावित हुआ है। पिछले कुछ दिनों से सप्लायर्स की फैसिलिटीज और कंपनी के प्लांट में प्राथमिकता के आधार पर प्रोडक्शन फिर से शुरू करने की कोशिशें चल रही हैं। कंपनी को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे।

TVS Motor Company

टीवीएस मोटर कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज में लुकास-टीवीएस (Lucas-TVS) से 1.13 करोड़ इक्विटी शेयर (4.39% हिस्सेदारी) ₹711 करोड़ में खरीद ली। इसके बाद टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज में कंपनी की हिस्सेदारी 80.76% से बढ़कर 85.15% हो गई।

Pfizer

अमित अग्रवाल ने कंपनी के बाहर नए मौके को लेकर फाइजर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर – फाइनेंस और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर पद से इस्तीफ़ा दे दिया है, जो 8 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।

Zaggle Prepaid Ocean Services

जैगल प्रीपेड ने डेमलर इंडिया कमर्शियल वेईकल्स (Daimler India Commercial Vehicles-DICV) के साथ तीन साल का एग्रीमेंट किया है, जिसके तहत यह DICV को उसके फ्लीट पार्टनर्स के लिए जैगल जैटिक्स (Zaggle Zatix) और कॉरपोरेट क्रेडिट कार्ड प्रोग्राम मुहैया कराएगी।

लिस्टिंग

मेटलिक टेक्नोफॉर्ज के शेयर आज एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डेट

गोदरेज प्रॉपर्टीज, ग्रीव्स कॉटन, डॉलर इंडस्ट्रीज, ईआईएच एसोसिएटेड होटल्स, जीएमएम फॉडलर, मेनन पिस्टन्स, परमानेंट मैग्नेट्स, रेजोनेंस स्पेशलिटीज, सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया और एसआरएफ के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो आईआरबी इनविट फंड के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन और हार्डविन इंडिया के बोनस की भी आज एक्स-डेट है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 28 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 28 जुलाई को कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने तिमाही नतीजे जारी किए हैं। कुछ ने बड़े ऑर्डर, मैनेजमेंट में बदलाव और फंड जुटाने जैसे अहम ऐलान किए हैं। वहीं, कुछ कंपनियां कल अपने जून तिमाही के नतीजे पेश करेंगी। ऐसे में इन 15 शेयरों में कारोबार के दौरान हलचल देखने को मिल सकती है।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी मीशो में निवेशक Elevation Capital करीब ₹1,200 करोड़ का ब्लॉक डील कर अपनी हिस्सेदारी बेच सकता है। सूत्रों के मुताबिक फर्म के पास जून 2026 तक कंपनी में 12.04% हिस्सेदारी थी। इस डील के जरिए वह अपने निवेश का एक हिस्सा भुनाने की तैयारी में है।

Coal India

महारत्न सरकारी कंपनी कोल इंडिया का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.69% बढ़कर ₹8,852 करोड़ रहा। कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन EBITDA और मार्जिन में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने ₹5.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

IndiGo

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपने मैनेजमेंट में बदलाव किया है। कंपनी ने गौरव नेगी को 27 जुलाई 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर का सलाहकार नियुक्त किया है। वहीं, किरण थदिमरी 28 जुलाई 2026 से कंपनी के नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) का पद संभालेंगे।

TVS Motor

दोपहिया और तिपहिया गाड़ी बनाने वाली कंपनी TVS मोटर ने अपनी सब्सिडियरी TVS Credit Services में 4.4% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने यह सौदा ₹711 करोड़ में किया है। इस निवेश के बाद TVS Credit Services में उसकी हिस्सेदारी और बढ़ जाएगी।

Vodafone Idea

टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) छह टेलीकॉम सर्किलों में खत्म हो रही स्पेक्ट्रम वैधता का नवीनीकरण नहीं करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इन सर्किलों में स्पेक्ट्रम की वैधता 5 दिसंबर 2026 को खत्म होगी। फिलहाल कंपनी का इन लाइसेंसों को रिन्यू कराने का इरादा नहीं है।

Tata Chemicals

केमिकल कंपनी टाटा केमिकल्स को जून तिमाही में घाटा हुआ है। कंपनी को ₹17 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में ₹252 करोड़ का मुनाफा हुआ था। कंपनी ने बताया कि कम कीमत मिलने, दूसरे स्रोतों से कम आय और जॉइंट वेंचर से कम कमाई की वजह से उसके नतीजों पर दबाव पड़ा।

Godfrey Phillips

सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने जून तिमाही में कमजोर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों पिछले साल की तुलना में घटे हैं। कंपनी के मार्जिन पर जनवरी में बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी का असर देखने को मिला।

Tata Power

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा पावर ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 11% बढ़कर ₹1,401 करोड़ रहा। रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और जनरेशन कारोबार की मजबूत ग्रोथ ने कंपनी के नतीजों को सहारा दिया। हालांकि मार्जिन पर दबाव बना रहा।

Tata Motors

ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने कहा है कि गुजरात में आई भारी बाढ़ की वजह से उसके सानंद प्लांट और सप्लायर यूनिट्स का कामकाज अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है। इसका असर कंपनी की कई प्रमुख पैसेंजर व्हीकल्स के प्रोडक्शन पर पड़ा है।

HDFC Bank

निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) डिपॉजिट मामले की आंतरिक जांच पूरी कर ली है। बैंक के बोर्ड ने कहा कि इसमें शामिल कर्मचारियों का मामला कारोबारी सीमा से आगे बढ़ने का था। हालांकि, किसी तरह की गलत मंशा, निजी फायदा या अनुचित इरादे के सबूत नहीं मिले।

Northern Arc Capital

एनबीएफसी कंपनी नॉर्दर्न आर्क कैपिटल का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 17.6% बढ़कर ₹121.8 करोड़ रहा। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 44.2% बढ़ी, जबकि कुल रेवेन्यू 30% बढ़कर ₹767.5 करोड़ पहुंच गया।

Gravita India

रीसाइक्लिंग कंपनी ग्रेविटा इंडिया का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 14.1% बढ़कर ₹106.4 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹93.3 करोड़ था। इससे साफ है कि कंपनी ने लगातार मुनाफे की ग्रोथ बनाए रखी है।

Bharat Electronics

सरकारी रक्षा कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) ने जून तिमाही में बाजार के अनुमान के मुतबाकि नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन उम्मीद से कमजोर रहा। कंपनी ने अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

Welspun Corp

स्टील पाइप बनाने वाली कंपनी वेलस्पन कॉर्प को अमेरिका से करीब ₹960 करोड़ का नया ऑर्डर मिला है। इसके बाद कंपनी की ग्लोबल ऑर्डर बुक ₹25,750 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। यह ऑर्डर अमेरिका के लिटिल रॉक प्लांट से पूरा किया जाएगा।

Adani Energy Solutions

बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी की QIP समिति ने इश्यू खोलने के साथ ₹1,698.15 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। यह कीमत SEBI के नियमों के तहत तय किए गए प्राइसिंग फॉर्मूले के आधार पर निर्धारित की गई है।

तिमाही नतीजे जारी करेंगी ये कंपनियां

कई कंपनियां मंगलवार को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Ambuja Cements, Cholamandalam Investment and Finance Company, City Union Bank समेत कई कंपनियां शामिल हैं। निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों के साथ-साथ कंपनियों के मैनेजमेंट की भविष्य की रणनीति पर भी रहेगी।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Magnus Steel Q1 Results: प्रॉफिट और रेवेन्यू में तगड़ा उछाल, अब स्टील और इंफ्रा सेक्टर के नए मौकों पर फोकस

Magnus Steel & Infra ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 273.7% बढ़कर 7.30 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1.95 करोड़ रुपये था।

कंपनी का नेट प्रॉफिट 490.6% बढ़कर 2.41 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 41 लाख रुपये था। टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) भी 2.41 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 41 लाख रुपये से करीब पांच गुना ज्यादा है।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 400.7% बढ़कर 2.41 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 48 लाख रुपये था। वहीं अर्निंग्स पर शेयर (EPS) बढ़कर 7.13 रुपये हो गई, जो एक साल पहले 1.21 रुपये थी। कंपनी ने कहा कि बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन और लागत पर नियंत्रण की वजह से मुनाफे में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।

टाटा मोटर्स प्रोजेक्ट से मिला बड़ा मौका

कंपनी ने बताया कि उसे गुजरात और महाराष्ट्र में Tata Motors के प्रस्तावित ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरशुदा स्टील सप्लायर के रूप में शामिल किया गया है। प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्टर RIECO Industries के जरिए कंपनी ने स्टील की सप्लाई भी शुरू कर दी है और कई खरीद ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी का दावा है कि इससे उसकी ऑर्डर बुक मजबूत होगी और आने वाले समय में ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

Magnus Steel के चेयरमैन और डायरेक्टर कैरॉन नरेश बजाज ने कहा कि पहली तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की मजबूत रणनीति और ऑपरेशनल क्षमता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कंपनी स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में नए अवसरों का फायदा उठाकर शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में बेहतर मूल्य सृजित करने पर फोकस कर रही है।

FY26 में भी रहा अच्छा प्रदर्शन

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 22.58 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 4.51 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस दौरान कंपनी का EPS 13.33 रुपये प्रति शेयर रहा।

SRF Share Price : कमजोर गाइडेंस के बाद वायदा के टॉप लूजर में शामिल हुआ शेयर, जानिए अब क्या हो निवेश रणनीति

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 15 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,100 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ। लगभग 1422 शेयरों में बढ़त हुई,2632 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में शामिल शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,श्रीराम फाइनेंस,HDFC लाइफ,टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। जबकि, भारती एयरटेल,अपोलो हॉस्पिटल्स,सन फार्मा,TCS और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरा (2%),इसके बाद निफ्टी PSU बैंक (-1.8%),निफ्टी ऑटो (-1.6%),निफ्टी बैंक (-1.1%) और निफ्टी IT (-1%) रहे। अन्य सेक्टरों में,निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.8%,निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.6%,निफ्टी FMCG 0.6%,निफ्टी मीडिया 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.3% गिरे।

वहीं, दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा ने 1% की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया,इसके बाद निफ्टी मेटल रहा,जिसमें 0.60% की बढ़त हुई। छोटे-मझोले शेयर भी दबाव में रहे। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.4% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1% गिरे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं हैं,जिससे घरेलू इक्विटी पर फिर से दबाव आ गया। इससे यह डर भी पैदा हो गया कि क्या ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट भारत की कॉर्पोरेट कमाई में सुधार को और धीमा कर देगी। रुपये के डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार करने से मुश्किलें और बढ़ गईं। इससे इंपोर्टेड महंगाई की चिंता बढ़ी और अलग-अलग इंडस्ट्रीज में इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर पैदा हो गया।

इसका सबसे ज्यादा असर महंगाई और कॉस्ट-सेंसिटिव सेक्टर पर दिखा। ऑटो,फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर में गिरावट के कारण बाजार नीचे आया। जबकि फार्मा सेक्टर ने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने’डिफेंसिव’शेयरों का सहारा लिया। इससे फार्मा सेक्टर को फायदा हुआ। विदेशी फंड की लगातार निकासी ने भी बाजार में सावधानी का माहौल बनाए रखा और सेंटीमेंट को कमजोर किया। अब सबकी नजरें US फेड चेयर पर हैं,जिनके आने वाले बयान ग्लोबल ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं। इस बीच,Q1 अर्निंग्स सीजन तो अच्छा चल रहा है,लेकिन जियोपॉलिटिकल रिस्क में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट को कुछ हद तक कमजोर कर दिया है।

इक्विरस वेल्थ में MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों,कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू करेंसी में भारी गिरावट के कारण बैंकिंग,IT,ऑटोमोबाइल और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली हुई,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स गिर गए।

US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। FIIs की ओर से घरेलू इक्विटी में नई बिकवाली के चलते निवेशक इक्विटी में निवेश करते समय सावधानी बरतेंगे और चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाएंगे।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि NSE के वीकली ऑप्शन की एक्सपायरी के कारण गैप-डाउन के साथ खुलने के बाद इंडेक्स एक दायरे में ही बना रहा। इसने पिछले दिन के निचले स्तर के आसपास सपोर्ट लिया और गिरती हुई ट्रेंडलाइन के ऊपर बना रहा। इंडेक्स 50 EMA के ऊपर भी बना रहा, जो इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

शॉर्ट टर्म में,जब तक इंडेक्स 23,950 के ऊपर रहता है,तब तक आउटलुक पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ यह 24,250–24,300 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,950 के नीचे बड़ी गिरावट मौजूदा तेजी वाले सेटअप को कमजोर कर सकती है और कंसोलिडेशन का दौर शुरू कर सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में US-ईरान युद्धे से जुड़ी घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और Q1FY27 के अर्निंग्स सीजन की अहम भूमिका होगी। कंपनियों के मज़बूत नतीजों से बाजार को सहारा मिल सकता है,लेकिन जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और तेल की बढ़ती कीमतें निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकती हैं।

ISM 2.0 : सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का रास्ता साफ, चिप मैन्युफैक्चरिंग,डिजाइन और स्किल डेवलपमेंट पर होगा फोकस

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया है,जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इंडेक्स अपने 200 डे के मूविंग एवरेज के पास भी बंद हुआ है,इसलिए इस सपोर्ट जोन पर नजर रखना ज़रूरी है। इसके अलावा,RSI ने’लोअर टॉप’बनाया है जो ऊपर की ओर बढ़ने की रफ्तार (मोमेंटम) में कमी का संकेत है।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी बैंक के लिए सपोर्ट 56,800–56,900 के जोनन में है। जबकि, तत्काल रेजिस्टेंस 58,200 के आसपास दिख रहा है। मोमेंटम कमजोर होने को देखते हुए,ट्रेडर्स को थोड़ा सतर्क रहना चाहिए और नई पोजीशन लेने से पहले किसी साफ चाल(डिसाइसिव मूव)का इंतजार करना चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tata Motors PV Share Price: टाटा की कंपनी पर मैक्वेरी बुलिश, टारगेट प्राइस बढ़ाया; जानिए कितनी तेजी आने की उम्मीद

Tata Motors PV Share Price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles के शेयरों को लेकर विदेशी ब्रोकरेज Macquarie ने पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज ने सोमवार को शेयर की रेटिंग ‘Neutral’ से बढ़ाकर ‘Outperform’ कर दी। साथ ही टारगेट प्राइस ₹367 से बढ़ाकर ₹381 कर दिया है। मौजूदा स्तर के मुकाबले इसमें करीब 13% तक की तेजी की संभावना जताई गई है।

क्यों बढ़ी उम्मीद?

Macquarie का मानना है कि टाटा मोटर्स के लिए आने वाला समय बेहतर रह सकता है। कंपनी के नए SUV मॉडल्स लॉन्च होने वाले हैं, जिससे पैसेंजर व्हीकल कारोबार को फायदा मिल सकता है।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि Jaguar Land Rover (JLR) का मार्जिन आने वाली तिमाहियों में धीरे-धीरे सुधर सकता है। इसके अलावा मौजूदा वैल्यूएशन भी आकर्षक है, जिससे शेयर में गिरावट का जोखिम सीमित दिखता है।

भारत के कारोबार से भी उम्मीद

Macquarie के मुताबिक, भारत में टाटा मोटर्स का पैसेंजर व्हीकल बिजनेस भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। नए मॉडल्स की वजह से कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने और कमाई में सुधार आने की उम्मीद है।

जून तिमाही में बढ़ा प्रोडक्शन

हाल ही में SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में Punch और Nexon जैसे मॉडल्स का उत्पादन और घरेलू बिक्री बढ़ी है। इससे साफ है कि कंपनी की लोकप्रिय SUV की मांग बनी हुई है।

FY31 तक बड़े लक्ष्य

हाल ही में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी की AGM में कहा था कि FY31 तक 6 नई कारें और 20 से ज्यादा प्रोडक्ट अपग्रेड लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का लक्ष्य FY31 तक सालाना 12 लाख से ज्यादा गाड़ी बेचना है। इसके साथ ही 20% मार्केट शेयर और डबल डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

Tata Motors Passenger Vehicles को कवर करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 13 ने Buy की रेटिंग दी है। वहीं 10 ने Hold और 9 ने Sell की रेटिंग दी है।

टाटा मोटर्स का शेयर सोमवार को 1.64% बढ़कर 343.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, 1 साल में स्टॉक 15.87% गिरा है।

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Tata Motors PV Q1 Update: तीन गुना बढ़ी Curvv, Sierra की बिक्री; पंच, नेक्सॉन ने भी दिखाया दम

Tata Motors PV Q1 Update: टाटा ग्रुप की दिग्गज ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd के लिए अप्रैल-जून 2026 तिमाही शानदार रही है। कंपनी की ज्यादातर पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री और प्रोडक्शन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने ये आंकड़े सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) को सौंपे हैं।

Punch और Nexon की बिक्री 52% बढ़ी

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में Punch और Nexon का प्रोडक्शन बढ़कर 1,17,711 यूनिट हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 80,001 यूनिट था। घरेलू बिक्री भी जोरदार बढ़ी। यह 76,230 यूनिट से बढ़कर 1,15,882 यूनिट पहुंच गई। यानी करीब 52% की बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, निर्यात लगभग स्थिर रहा। इस बार 317 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल यह आंकड़ा 320 यूनिट था।

Curvv और Sierra की बिक्री तीन गुना के करीब

Curvv और Sierra की डिमांड भी तेजी से बढ़ी। इन दोनों मॉडलों का प्रोडक्शन 9,135 यूनिट से बढ़कर 25,790 यूनिट हो गया। घरेलू बिक्री 8,272 यूनिट से बढ़कर 25,150 यूनिट पहुंच गई। यानी लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, निर्यात में गिरावट आई। इस तिमाही में 23 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल यह आंकड़ा 101 यूनिट था।

Safari, Harrier और Sumo की भी अच्छी डिमांड

Safari, Harrier और Sumo की बिक्री भी मजबूत रही। इन मॉडलों का प्रोडक्शन 6,488 यूनिट से बढ़कर 11,976 यूनिट हो गया। घरेलू बिक्री 6,536 यूनिट से बढ़कर 12,117 यूनिट पहुंच गई।

निर्यात में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। इस बार 30 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल सिर्फ 1 यूनिट विदेश भेजी गई थी।

Tiago, Tigor और Altroz की बिक्री घटी

हर मॉडल की कहानी अच्छी नहीं रही। Tiago, Tigor, Altroz, Zest और Bolt की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। इनका प्रोडक्शन 35,496 यूनिट से घटकर 30,163 यूनिट रह गया। घरेलू बिक्री भी 32,801 यूनिट से घटकर 27,017 यूनिट पर आ गई।

हालांकि, एक अच्छी बात भी रही। इन मॉडलों का निर्यात 548 यूनिट से बढ़कर 2,038 यूनिट हो गया।

Nano और Hexa अब भी लाइन से बाहर

इस तिमाही में भी Nano और Hexa का न तो प्रोडक्शन हुआ और न ही घरेलू बिक्री या निर्यात। कंपनी ने साफ किया है कि ये शुरुआती आंकड़े हैं। इनका अभी ऑडिट नहीं हुआ है। ऑडिट के बाद अंतिम आंकड़ों में थोड़ा बदलाव हो सकता है।

Tata Motors पर Citi की क्या राय?

पिछले हफ्ते ब्रोकरेज फर्म Citi ने Tata Motors Passenger Vehicles पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखी थी। हालांकि, नई Sierra EV की तारीफ भी की। ब्रोकरेज के मुताबिक, Sierra EV में 63 kWh और 75 kWh बैटरी पैक का विकल्प मिलेगा। बड़ा बैटरी पैक एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज देगा।

इसकी शुरुआती कीमत 18.8 लाख रुपये रखी गई है। टॉप वेरिएंट की कीमत 24.8 लाख रुपये तक जाती है। इसका मुकाबला Mahindra BE 6, Mahindra XEV 9E और Maruti e-Vitara से होगा।

Citi का कहना है कि Hyundai Creta Electric और MG ZS EV के मुकाबले Sierra EV की कीमत प्रतिस्पर्धी है। खासकर एंट्री-लेवल वेरिएंट की कीमत ऐसी रखी गई है, जिससे ग्राहक ऊंचे वेरिएंट खरीदने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।

टाटा मोटर्स के शेयरों का हाल

Tata Motors Passenger Vehicles Ltd का शेयर सोमवार को 0.81% की बढ़त के साथ 346.95 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 10.72% टूटा है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें करीब 16% की गिरावट आई है।

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Top 10 Selling Cars in June: टॉप 10 कारों में Tata दबदबा, Punch और Nexon SUV लिस्ट में सबसे ऊपर, Maruti के 6 मॉडल भी शामिल

Top 10 Selling Cars in June:  जून,2026 में भारत के कार मार्केट में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) सबसे ज्यादा बढ़त हासिल करने वाली कंपनी रही। इस दौरान कंपनी की Punch SUV और Nexon SUV ने देश की टॉप 10 बिकने वाली कारों की सूची में पहला और दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं, इस मजबूत प्रदर्शन के साथ कंपनी की घरेलू बिक्री में साल-दर-साल (y-o-y) 69% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इसके अलावा, Maruti Suzuki ने भी मार्केट में पकड़ बनाए रखते हुए लिस्ट में 6 मॉडल शामिल किए। जबकि Hyundai Motor India की Creta SUV प्रोडक्शन में कुछ समय की रुकावट के कारण लिस्ट से बाहर हो गई।

बता दें कि Tata Motors ने जून में घरेलू पैसेंजर व्हीकल (PV) की 63,083 यूनिट्स (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स या EVs सहित) बेचीं, जो पिछले साल इसी महीने में 37,237 यूनिट्स थीं। कंपनी ने कहा कि Punch और Tiago के नए वर्जन्स को ‘बहुत जबरदस्त’ रिस्पॉन्स मिला है और सभी तरह के पावरट्रेन में बुकिंग तेजी से बढ़ी है, जबकि इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री इस महीने रिकॉर्ड 14,800 यूनिट्स तक पहुंच गई।

पहले Punch SUV की बात करें तो, यह जून में भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली पैसेंजर व्हीकल बनी, जिसकी 21,006 यूनिट्स की बिक्री हुई। दूसरे नंबर पर Nexon रही, जिसकी 18,335 यूनिट्स बिकीं। तीसरे स्थान पर Maruti Suzuki की Dzire रही, जिसने 17,899 यूनिट्स की बिक्री के साथ देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली सेडान का दर्जा बनाए रखा।

चौथे स्थान पर 16,952 यूनिट्स के साथ ‘Wagon R’ हैचबैक रही, जबकि ‘Ertiga’ MPV ने 16,111 यूनिट्स बेचकर टॉप पांच में जगह बनाई। Maruti Suzuki की ‘Swift’ हैचबैक 15,215 यूनिट्स के साथ छठे स्थान पर रही, और उसके बाद Mahindra ‘Scorpio’ SUV 14,097 यूनिट्स के साथ सातवें स्थान पर रही।

Maruti Suzuki की ‘Fronx’ SUV 13,135 यूनिट्स की बिक्री के साथ 8वें स्थान पर रही, जो ‘Baleno’ हैचबैक (12,488 यूनिट्स) से आगे रही। इसके अलावा, Hyundai की ‘Venue’ SUV 10,776 यूनिट्स की बिक्री के साथ टॉप 10 की लिस्ट में शामिल रही।

हालांकि टाटा मोटर्स ने टॉप 2 स्थान हासिल किए, लेकिन मारुति सुजुकी इस रैंकिंग में सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व करने वाली कंपनी रही, जिसके 6 मॉडल-Dzire, WagonR, Ertiga, Swift, Fronx और Baleno-टॉप 10 में शामिल रहे। इन मॉडल्स की कुल बिक्री 91,780 यूनिट रही, जो जून में टॉप 10 कारों की कुल बिक्री का 57% से ज्यादा है। इससे हैचबैक, सेडान, MPV और SUV सेगमेंट में कंपनी की मजबूत मौजूदगी का पता चलता है।

बता दें कि यह परफॉर्मेंस तब देखने को मिली जब जून में मारुति सुजुकी ने अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में एक हफ्ते के लिए मेंटेनेंस के कारण काम बंद रखा था, जिस दौरान कोई गाड़ी नहीं बनी थी।

रैंकिंग में Hyundai Creta का नाम नहीं

जून की रैंकिंग में एक खास नाम जो गायब था, वह है Hyundai Creta; यह कार देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में हमेशा शामिल रही है। इसके रैंकिंग में शामिल न होने के पिछे एक सप्लायर प्लांट में आग लगने की वजह रही है, जिससे प्रोडक्शन में कुछ समय के लिए रुकावट आई और होलसेल बिक्री पर असर पड़ा। इसी कारण यह SUV टॉप 10 की लिस्ट से बाहर हो गई।

एक और खास नाम जो लिस्ट में नहीं था, वह है Maruti Suzuki Brezza SUV। इस महीने के आखिर में इसके अपडेटेड वर्जन के लॉन्च से पहले इसकी सप्लाई पर असर पड़ा था।

जून की रैंकिंग से भारतीय खरीदारों के बीच SUV की लगातार लोकप्रियता का भी पता चला। टॉप 10 में पांच SUV – पंच, नेक्सॉन, स्कॉर्पियो, फ्रॉन्क्स और वेन्यू – शामिल थीं। वहीं, डिजायर ने SUV के ट्रेंड से अलग अपनी जगह बनाए रखी और भारत की सबसे ज़्यादा बिकने वाली सेडान बनी रही।

जून की रैंकिंग से यह भी साफ हुआ कि भारतीय बाजार में SUV की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। टॉप 10 में कुल 5 SUV-Punch, Nexon, Scorpio, Fronx और Venue-शामिल रहीं। वहीं Dzire ने SUV ट्रेंड से अलग अपनी जगह बनाए रखी और देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली सेडान बनी रही।

जून में सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 10 कारें

रैंककार मॉडलबिक्री (यूनिट्स)
1टाटा पंच21,006
2टाटा नेक्सॉन18,335
3मारुति सुजुकी डिजायर17,899
4मारुति सुजुकी वैगनआर16,952
5मारुति सुजुकी अर्टिगा16,111
6मारुति सुजुकी स्विफ्ट15,215
7महिंद्रा स्कॉर्पियो14,097
8मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स13,135
9मारुति सुजुकी बलेनो12,488
10हुंडई वेन्यू10,776

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 3 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 2 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,150 के ऊपर रहा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर और निफ्टी 169.85 अंक या 0.71 प्रतिशत बढ़कर 24,175.70 पर बंद हुआ। लगभग 2436 शेयरों में बढ़त हुई, 1663 शेयरों में गिरावट आई और 165 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में इन्फोसिस,टीसीएस,टेक महिंद्रा,एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,एलएंडटी,नेस्ले,एक्सिस बैंक और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो,आईटी इंडेक्स में लगभग 5% की तेजी आई,जिससे इसका लगातार 4 दिनों का गिरावट का सिलसिला टूट गया। ऑटो,रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर,कैपिटल गुड्स,पावर,टेलीकॉम और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.4-0.7% की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के आस-पास तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें गिरीं,जबकि फेड चेयर के नरम रुख वाले बयानों से महंगाई कम होने और ग्लोबल स्तर पर ब्याज दरों के अनुकूल माहौल की उम्मीदें मजबूत हुईं।

भारत-जापान समिट को लेकर बनी उम्मीदों से भी बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों को व्यापार,रक्षा,सेमीकंडक्टर,AI सहयोग,प्रस्तावित रुपया-येन सेटलमेंट फ्रेमवर्क और दोनों देशों के बीच बढ़ते कैपिटल फ्लो पर समझौतों की उम्मीद है।

सेक्टर के हिसाब से IT सेक्टर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इस सेक्टर को शॉर्ट कवरिंग का सपोर्ट मिला। यह भी माना जा रहा है कि भारतीय IT कंपनियां एंटरप्राइज AI को अपनाने में अहम भूमिका निभाती रहेंगी। इसके चलते इस सेक्टर में तेजीआई। आगे चलकर,बाजार की दिशा तय करने में US नॉन-फार्म पेरोल डेटा,भारत-जापान समिट से जुड़ी खबरों और Q1FY27 के आने वाले नतीजों की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि निफ्टी ने हाल के कंसोलिडेशन से बाहर निकलकर बढ़त दिखाई है,जो मार्केट के बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत है। इसके अलावा,इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड को और मजबूती मिल रही है। मोमेंटम ऑसिलेटर RSI भी अपनी गिरती ट्रेंडलाइन से ऊपर निकल गया है,जो मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है।

आने वाले समय में ट्रेंड के पॉजिटिव रहने की उम्मीद है और इंडेक्स के 24,300–24,500 के लेवल तक जाने की संभावना है। नीचे की तरफ,24,000 पर तत्काल सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स वापस कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक, वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी एक तय दायरे में बना हुआ है और साथ ही इसमें तेजी का रुख भी दिख रहा है। सपोर्ट लेवल का धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ना इसकी मजबूती को दिखाता है,हालांकि अपट्रेंड के अगले चरण की पुष्टि के लिए 58,600 के स्तर से ऊपर मजबूत ब्रेकआउट की जरूरत है। तब तक,इंडेक्स में एक सीमित दायरे में ही कारोबार होने की संभावना है।

RSI पॉजिटिव जोन में सपाट हो गया है,जो तेजी का रुख बनाए रखते हुए मोमेंटम में ठहराव का संकेत देता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 57,500 और 57,200 पर है। जबकि रेजिस्टेंस 58,600 पर दिख रहा है। गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफ़िट बुकिंग की रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा।

 

 

HCCB IPO : अब आपके पोर्टफोलियो में कोका-कोला का शेयर भी हो सकता है शामिल, IPO लाने की तैयारी में HCCB

 

 

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665KM रेंज, 5.8 सेकंड में 100kmph की रफ्तार! Tata Sierra EV हुई लॉन्च, जानें कीमत, फीचर्स और बैटरी की पूरी डिटेल

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने भारत में अपनी नई Tata Sierra EV लॉन्च कर दी है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 18.79 लाख रुपये रखी गई है। इसके साथ ही टाटा की सबसे लोकप्रिय एसयूवी में से एक सिएरा अब पूरी तरह इलेक्ट्रिक रूप में भारतीय बाजार में लौट आई है। नई Tata Sierra EV कुल पांच वेरिएंट में उपलब्ध है। इसमें दो बैटरी पैक का विकल्प मिलता है। कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर 665 किलोमीटर तक (एमआईडीसी प्रमाणित) की ड्राइविंग रेंज देती है। इसके अलावा इसमें ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) का विकल्प और बैटरी पर लाइफटाइम वारंटी भी दी गई है।

यह टाटा मोटर्स की सातवीं इलेक्ट्रिक कार है। इससे पहले कंपनी टियागो ईवी, टिगोर ईवी, पंच ईवी, नेक्सॉन ईवी, कर्व ईवी और हैरियर ईवी को बाजार में उतार चुकी है। Tata Sierra EV की बुकिंग आज से शुरू हो गई है, जबकि इसकी डिलीवरी 15 जुलाई से शुरू होगी। ग्राहक चाहें तो 49,000 रुपये अतिरिक्त देकर 7.2 किलोवॉट एसी फास्ट चार्जर का विकल्प भी ले सकते हैं।

Tata Sierra EV: कीमत और वेरिएंट

Tata Sierra EV को कंपनी ने पांच वेरिएंट में लॉन्च किया है। इनमें प्योर, प्योर एस, एडवेंचर, एम्पावर्ड और एम्पावर्ड ए शामिल हैं। इस इलेक्ट्रिक एसयूवी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 18.79 लाख रुपये है। वहीं, इसका सबसे टॉप मॉडल एम्पावर्ड ए (QWD) 25.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) में उपलब्ध है। यह वेरिएंट सबसे ज्यादा फीचर्स और बेहतर परफॉर्मेंस के साथ आता है।

Tata Sierra EV: बैटरी, रेंज और चार्जिंग

Tata Sierra EV में दो बैटरी विकल्प दिए गए हैं। पहला 63 kWh और दूसरा 75 kWh बैटरी पैक है। कंपनी के मुताबिक, 75 kWh बैटरी एक बार फुल चार्ज होने पर 665 किलोमीटर तक (एमआईडीसी प्रमाणित) चल सकती है। वहीं, 63 kWh बैटरी की रेंज 565 किलोमीटर बताई गई है।

टाटा मोटर्स का कहना है कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में 75 kWh बैटरी वाली सिएरा ईवी करीब 510 से 530 किलोमीटर तक चल सकती है। वहीं, 63 kWh बैटरी वाला मॉडल 440 से 460 किलोमीटर तक की वास्तविक ड्राइविंग रेंज देगा। इसके अलावा 75 kWh बैटरी के साथ आने वाला क्वाड-व्हील ड्राइव (QWD) मॉडल एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज देने का दावा करता है।

चार्जिंग की बात करें तो इसमें 120 kW डीसी फास्ट चार्जिंग, 7.2 kW एसी चार्जिंग और 3.3 kW एसी चार्जिंग का विकल्प मिलता है। 120 kW डीसी फास्ट चार्जर की मदद से बैटरी को सिर्फ 26 मिनट में 20% से 80% तक चार्ज किया जा सकता है। वहीं, कंपनी का दावा है कि 15 मिनट की फास्ट चार्जिंग में यह इलेक्ट्रिक एसयूवी 250 किलोमीटर से ज्यादा की ड्राइविंग रेंज दे सकती है।

इसके अलावा Tata Sierra EV में व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) और व्हीकल-टू-लोड (V2L) जैसी आधुनिक सुविधाएं भी दी गई हैं। इनकी मदद से जरूरत पड़ने पर कार से दूसरे इलेक्ट्रिक वाहन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी बिजली दी जा सकती है।

Tata Sierra EV: पावर और परफॉर्मेंस

Tata Sierra EV को कंपनी ने दो इलेक्ट्रिक मोटर विकल्पों के साथ पेश किया है। इसके रियर-व्हील ड्राइव (RWD) मॉडल में 175 kW की इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है, जो 340 Nm का टॉर्क पैदा करती है। वहीं, इसके टॉप वेरिएंट में 103 kW की फ्रंट मोटर भी मिलती है। दोनों मोटरों के साथ यह एसयूवी ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) सिस्टम से लैस हो जाती है, जिससे इसकी पकड़ और प्रदर्शन बेहतर हो जाता है। टाटा मोटर्स का दावा है कि सिएरा ईवी महज 5.8 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। कंपनी के अनुसार, यह अब तक भारत में लॉन्च हुई सबसे तेज इलेक्ट्रिक एसयूवी है।

Tata Sierra EV: डिजाइन और फीचर्स

Tata Sierra EV का डिजाइन काफी हद तक सिएरा के पेट्रोल-डीजल (आईसीई) मॉडल जैसा है, लेकिन इसे इलेक्ट्रिक एसयूवी का आधुनिक लुक देने के लिए कई खास बदलाव किए गए हैं। इसमें आगे की तरफ पारंपरिक ग्रिल की जगह बंद फ्रंट पैनल दिया गया है, जो आज की ज्यादातर इलेक्ट्रिक कारों की पहचान बन चुका है। इसके अलावा कार के फ्रंट बंपर को भी नया डिजाइन दिया गया है, जिससे इसका लुक और ज्यादा आकर्षक दिखाई देता है। वहीं, पीछे की तरफ कार के डिजाइन में ज्यादा बदलाव नहीं किए गए हैं। इसका रियर लुक पेट्रोल-डीजल मॉडल जैसा ही रखा गया है, जिससे सिएरा की पहचान बरकरार रहती है।